
लखनऊ : उरई (जालौन) जनपद के कालपी क्षेत्र की पारंपरिक हस्तनिर्मित कागज कला को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान मिल रही है। उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रदर्शनी 2026 में ‘कागज सखी’ अपने हस्तनिर्मित एवं पर्यावरण अनुकूल उत्पादों का प्रदर्शन कर रही है। इस अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंच पर कागज सखी जनपद जालौन की स्थानीय कला, महिला उद्यमिता और आजीविका की संभावनाओं को प्रस्तुत कर रही है यूपीआईटीएस में कागज सखी का प्रतिनिधित्व जनपद जालौन के विकासखंड कदौरा के ग्राम नाका की रहने वाली वंदना द्वारा किया जा रहा है।
वंदना ने अनुरागिनी संस्था के माध्यम से हस्तनिर्मित कागज उत्पाद निर्माण का प्रशिक्षण प्राप्त किया है और अब वह यूपीआईटीएस जैसे अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंच पर कागज सखी तथा जालौन की महिला कारीगरों के उत्पादों को प्रस्तुत कर रही हैं। यह जानकारी देते हुए संस्था के समन्वयक श्याम करन प्रजापति ने बताया कि अनुरागिनी संस्था वर्ष 1996 से ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण, आजीविका, शिक्षा, स्वास्थ्य, जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत है।
संस्था का उद्देश्य महिलाओं और युवाओं को स्वावलंबी बनाना तथा स्थानीय संसाधनों एवं पारंपरिक कौशल को स्थायी आजीविका के अवसरों से जोड़ना है।अनुरागिनी संस्था द्वारा इंफोसिस फाउंडेशन एवं सक्षम – द चेंज मेकर्स ट्रस्ट के सहयोग से संचालित कागज सखी पहल का उद्देश्य कालपी क्षेत्र की महिला कारीगरों को हस्तनिर्मित कागज उत्पादों के निर्माण, कौशल विकास, उद्यमिता और बाजार से जोड़ना है।इस पहल के अंतर्गत मार्च माह में अनुरागिनी संस्था द्वारा 50 महिलाओं को हस्तनिर्मित कागज से विभिन्न उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण दिया गया था। प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाओं को उत्पाद निर्माण के साथ-साथ डिजाइन, गुणवत्ता और बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप उत्पाद तैयार करने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया।
कागज सखी के उत्पादों की डिजाइन एवं उनमें नवीन तकनीकों के समावेश के लिए आईआईटी कानपुर के रंजीत सिंह रोज़गार शिक्षण केंद्र द्वारा अनुरागिनी संस्था को तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया गया। इस मार्गदर्शन से पारंपरिक हस्तनिर्मित कागज कला को आधुनिक डिजाइन, उपयोगिता और नवीन तकनीकों के साथ जोड़ने में सहायता मिली, जिससे तैयार उत्पाद बाजार की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप बनाए जा सकें।उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रदर्शनी 2026 में कागज सखी के स्टॉल पर हस्तनिर्मित कागज से तैयार बैग, डायरी, लिफाफे, लैम्प, पेन स्टैंड, उपहार पैक, स्टेशनरी एवं अन्य उपयोगी उत्पादों का प्रदर्शन किया जा रहा है।
इन उत्पादों में कालपी की पारंपरिक हस्तकला के साथ आधुनिक डिजाइन, उपयोगिता और पर्यावरण-अनुकूलता का समावेश किया गया है।इस प्रदर्शनी के माध्यम से कागज सखी के उत्पादों को देशभर के खरीदारों, कॉर्पोरेट संस्थानों, आगंतुकों एवं संभावित बाजारों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। विशेष रूप से कॉर्पोरेट उपहार, थोक ऑर्डर और नए बाजारों से जुड़ने के अवसर तलाशे जा रहे हैं।कागज सखी से जुड़ी महिला कारीगरों के लिए उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रदर्शनी 2026 में भागीदारी उनके उत्पादों को व्यापक बाजार तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।
कालपी की महिलाओं के हाथों से तैयार ये हस्तनिर्मित कागज उत्पाद अब उत्तर प्रदेश के साथ-साथ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।कागज सखी का स्टॉल उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रदर्शनी 2026 में आगंतुकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, जहां कालपी की पारंपरिक कला, आधुनिक डिजाइन, महिला उद्यमिता और स्थानीय आजीविका की कहानी एक साथ देखने को मिल रही है।

































