पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में लंबे समय से जारी विरोध-प्रदर्शन के बीच चुनाव से ठीक पहले तनाव और बढ़ गया है। रविवार शाम बाग और हवेली जिलों में प्रदर्शन कर रहे लोगों पर सुरक्षा बलों की ओर से फायरिंग और आंसू गैस के इस्तेमाल की खबर सामने आई है। घटना में हवेली जिले में दो लोगों की मौत की पुष्टि किए जाने का दावा किया गया है, जबकि 13 से अधिक लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।
PoK में पिछले दो महीनों से अधिक समय से विरोध-प्रदर्शन जारी हैं। इस दौरान कई क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाएं प्रभावित रहने की बात भी सामने आई है। सोमवार, 10 अगस्त को बाग और हवेली जिलों की चार विधानसभा सीटों पर मतदान होना है। मतदान से कुछ घंटे पहले हुई हिंसा ने चुनावी माहौल को और तनावपूर्ण बना दिया है।
मतदान से कुछ घंटे पहले हुई फायरिंग
रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार शाम करीब 5 बजे बाग और हवेली जिलों में प्रदर्शन के लिए जुटे लोगों पर पाकिस्तानी रेंजर्स और फ्रंटियर कॉर्प्स के जवानों ने कार्रवाई की। प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए।
हवेली में हुई गोलीबारी में दो लोगों की मौत होने का दावा किया गया है। कई अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं।
घटना के दौरान एक घर भी कथित तौर पर गोलीबारी की चपेट में आ गया। बताया गया है कि गोली खिड़की को पार करते हुए घर के अंदर मौजूद 32 वर्षीय व्यक्ति को लगी। घायल व्यक्ति का स्थानीय स्तर पर डॉक्टर की निगरानी में इलाज किए जाने की जानकारी है।
चार सीटों पर ही हो रहा चुनाव
PoK के पुंछ डिवीजन के चार जिलों—पुंछ, सुधनोती, बाग और हवेली—की कुल 11 सीटों पर सोमवार को मतदान प्रस्तावित था। हालांकि, सुरक्षा स्थिति और राजनीतिक तनाव के कारण बाग और हवेली से जुड़ी केवल चार सीटों पर चुनाव कराए जाने की बात कही गई है।
इनमें बाग-1, बाग-2, बाग-3 और बाग-4 सीटें शामिल हैं।
रविवार को बाग-3 और हवेली जिले से जुड़ी बाग-4 सीट के इलाकों में भी फायरिंग और आंसू गैस के इस्तेमाल की खबरें सामने आई थीं।
सड़कों पर पत्थर रखकर रास्ते बंद करने का दावा
प्रदर्शनकारियों ने सोमवार को मतदान प्रक्रिया को रोकने के लिए बाग जिले के कई रास्तों पर पत्थर रखकर उन्हें बंद करने की कोशिश की है। साथ ही चारों सीटों पर चुनाव के बहिष्कार का आह्वान किया गया है।
विरोध आंदोलन से जुड़े प्रमुख चेहरों में शामिल सरदार उमर नजीर ने भी मतदान बहिष्कार का समर्थन किया है। उनका आरोप है कि PoK में चुनाव दबाव और सुरक्षा बलों की मौजूदगी के बीच कराए जा रहे हैं।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई व्यक्ति मतदान करना चाहता है तो अवामी एक्शन कमेटी की ओर से उसे रोकने की कोशिश नहीं की जाएगी।
रावलाकोट बना विरोध का प्रमुख केंद्र
पुंछ जिले का रावलाकोट शहर पिछले करीब 62 दिनों से जारी आंदोलन का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। शहर के डी चौक पर 27 जुलाई से प्रदर्शनकारी धरने पर बैठे हैं।
रविवार को इसी स्थान पर सरदार उमर नजीर ने आंदोलन को लेकर दो महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
उन्होंने कहा कि 13 अगस्त को PoK के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। इन प्रदर्शनों में 7 जून के बाद पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की कथित कार्रवाई का विरोध किया जाएगा।
उन्होंने विदेशों में मौजूद पाकिस्तान के हाई कमीशन के बाहर भी विरोध-प्रदर्शन किए जाने की बात कही।
13 अगस्त को बड़े ऐलान की तैयारी?
सरदार उमर नजीर ने यह भी घोषणा की कि 13 अगस्त को अवामी एक्शन कमेटी की ओर से एक बड़ी मांग और घोषणा सामने रखी जा सकती है।
यह प्रस्ताव 13 अगस्त 1948 के संयुक्त राष्ट्र से जुड़े प्रस्ताव के संदर्भ में होने की बात कही गई है। उस समय जम्मू-कश्मीर की स्थिति को लेकर संयुक्त राष्ट्र आयोग ने संघर्ष खत्म करने और क्षेत्र में शांति स्थापित करने से संबंधित प्रस्ताव रखा था।
आंदोलन से जुड़े नेताओं की ओर से इस ऐतिहासिक संदर्भ का इस्तेमाल अब PoK से पाकिस्तानी सैन्य मौजूदगी हटाने की मांग को मजबूती देने के लिए किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
सुरक्षा बलों की कार्रवाई को लेकर गंभीर आरोप
प्रदर्शनकारियों का दावा है कि 7 जून से जारी सुरक्षा बलों की कार्रवाई में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है। आंदोलन से जुड़े दावों के अनुसार, इस अवधि में पाकिस्तानी रेंजर्स और एफसी की कार्रवाई में 133 लोगों की मौत हुई है।
हालांकि, इन आंकड़ों और घटनाओं से जुड़े सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
फिलहाल चुनाव से पहले बाग और हवेली में तनाव बना हुआ है। एक तरफ प्रशासन मतदान कराने की तैयारी में है, तो दूसरी ओर प्रदर्शनकारियों ने चुनाव बहिष्कार का आह्वान किया है। ऐसे में सोमवार का मतदान PoK में जारी राजनीतिक असंतोष और सुरक्षा संकट के बीच बेहद संवेदनशील माना जा रहा है।


































