
लखनऊ। सरोजनी नगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह के सुझाव और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजे गए उनके पत्र के बाद प्रदेश में युवाओं के लिए एक ऐतिहासिक और दूरगामी महत्व का निर्णय लिया गया है। अब प्रदेश के प्रत्येक जिले में IAS, IPS और IFS अधिकारी हर महीने इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों से सीधे संवाद करेंगे।
इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को अनुभवी प्रशासनिक अधिकारियों के अनुभवों से जोड़ते हुए उन्हें बेहतर करियर विकल्प चुनने, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है।
प्रतियोगी परीक्षाओं से लेकर स्टार्टअप तक मिलेगा मार्गदर्शन
इन संवाद कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को UPSC, UPPSC, JEE, NEET, NDA, SSC सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के संबंध में मार्गदर्शन दिया जाएगा।
इसके साथ ही विद्यार्थियों को-
- उच्च शिक्षा और बेहतर करियर विकल्पों की जानकारी
- रोजगार के अवसरों और कौशल विकास की जानकारी
- स्टार्टअप एवं उद्यमिता की संभावनाओं से परिचय
- साइबर सुरक्षा और वित्तीय साक्षरता का ज्ञान
- तनाव प्रबंधन और आत्मविश्वास विकास पर मार्गदर्शन
दिया जाएगा।
कार्यक्रमों में औपचारिक भाषणों के बजाय इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तर और संवाद आधारित सत्रों पर विशेष जोर रहेगा, ताकि विद्यार्थी अधिकारियों से सीधे अपने सवाल पूछ सकें और अपने भविष्य से जुड़े विषयों पर व्यावहारिक मार्गदर्शन प्राप्त कर सकें।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने की थी मुख्यमंत्री युवा सलाहकार समिति की मांग
दरअसल, डॉ. राजेश्वर सिंह ने हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर ‘मुख्यमंत्री युवा सलाहकार समिति (CM-YAC)’ के गठन का प्रस्ताव दिया था।
उन्होंने सुझाव दिया था कि समिति में IAS, IPS, PCS, PPS, IIT और NEET क्वालिफाइड युवाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवाओं को शामिल किया जाए, ताकि युवाओं को नीति-निर्माण में भागीदारी का अवसर मिल सके और विद्यार्थियों के साथ नियमित संवाद की प्रभावी व्यवस्था विकसित हो।
डॉ. राजेश्वर सिंह की पहल का मूल उद्देश्य युवाओं को केवल सरकारी योजनाओं का लाभार्थी बनाने के बजाय उन्हें शासन, नीति-निर्माण और प्रदेश के भविष्य का सक्रिय भागीदार बनाना है।
अब प्रशासनिक अधिकारी सीधे पहुंचेंगे विद्यार्थियों के बीच
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस पहल के तहत प्रशासनिक अधिकारियों और विद्यार्थियों के बीच सीधा, नियमित और प्रभावी संवाद स्थापित किया जा रहा है। इससे विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं और करियर को लेकर सही दिशा मिलने के साथ-साथ प्रशासनिक सेवाओं और अन्य क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों की बेहतर समझ विकसित होगी।
यह पहल प्रदेश के युवाओं में आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और भविष्य के प्रति स्पष्ट दृष्टिकोण विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
डॉ. राजेश्वर सिंह की पहल से उठी युवाओं को शासन से जोड़ने की आवाज अब विद्यार्थियों तक प्रशासनिक अनुभव पहुंचाने की दिशा में एक नई पहल के रूप में सामने आई है।


































