नई दिल्ली:
अफगानिस्तान के खिलाफ दूसरे वनडे मुकाबले में भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने 154 रन की प्रभावशाली पारी खेली, लेकिन मैच के बाद उनकी सोच और रणनीति ज्यादा चर्चा में रही।
गिल की बल्लेबाजी के दौरान ऐसा लग रहा था कि वह दोहरे शतक की ओर बढ़ सकते हैं। हालांकि उन्होंने अपनी पारी को व्यक्तिगत उपलब्धि तक सीमित रखने के बजाय टीम के कुल स्कोर को अधिकतम करने पर ध्यान दिया।
भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 400 से ज्यादा रन बनाए और इस मजबूत शुरुआत में गिल के साथ ईशान किशन की साझेदारी भी अहम रही। दोनों बल्लेबाजों ने शुरुआती चरण में तेजी से रन जोड़कर विपक्षी टीम पर दबाव बनाया।
मुकाबले के बाद गिल ने बताया कि उनके मन में बड़े स्कोर का लक्ष्य जरूर था, लेकिन उस समय टीम को और ऊंचे स्कोर तक पहुंचाना ज्यादा जरूरी लगा। इसी वजह से उन्होंने रक्षात्मक खेलने के बजाय लगातार रन गति बनाए रखने की कोशिश की।
उन्होंने यह भी कहा कि बल्लेबाजी के दौरान उनका आत्मविश्वास अच्छा था और वह परिस्थिति के हिसाब से खेल को आगे बढ़ाना चाहते थे। उनका फोकस लंबे समय तक क्रीज पर टिककर मैच को नियंत्रित करना था।
इस पारी को और खास इसलिए माना गया क्योंकि गिल ने गर्म मौसम और शरीर में जकड़न जैसी परेशानी के बावजूद बल्लेबाजी जारी रखी। लंबे समय तक बल्लेबाजी करने के कारण उन्हें शारीरिक थकान भी महसूस हुई।
भारत के बड़े लक्ष्य के जवाब में विपक्षी टीम मुकाबले में ज्यादा देर टिक नहीं सकी और भारतीय गेंदबाजों ने जीत सुनिश्चित कर दी।
गिल की यह पारी केवल रन बनाने तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने यह भी दिखाया कि कई बार टीम की जरूरतें व्यक्तिगत रिकॉर्ड से बड़ी हो जाती हैं।


































