
लखनऊ/वाराणसी, 15 जून 2026। उत्तर प्रदेश सरकार स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और देशभक्ति की भावना को सशक्त बनाने के लिए लगातार महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इसी कड़ी में वाराणसी जनपद के पिंडरा विकासखंड स्थित ऐतिहासिक गांव करखियांव को स्वतंत्रता संग्राम पर्यटन सर्किट के अंतर्गत विकसित किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए पर्यटन विभाग ने कुल 18.26 करोड़ रुपये की प्रस्तावित लागत में से पहली किस्त के रूप में 8 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं।
यह परियोजना केवल एक पर्यटन स्थल के विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वतंत्रता आंदोलन में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर सेनानियों की स्मृतियों को संरक्षित करने और आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देने का एक बड़ा प्रयास है।
18 एकड़ में आकार लेगा आधुनिक स्मृति एवं पर्यटन परिसर
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने बताया कि करखियांव में लगभग 18 एकड़ क्षेत्रफल में एक भव्य स्मृति एवं पर्यटन परिसर विकसित किया जा रहा है। इस परिसर में स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास को आधुनिक तकनीक और कलात्मक माध्यमों से प्रदर्शित किया जाएगा।
परियोजना के तहत स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को संरक्षित करने के लिए संग्रहालय, स्मारक स्थल, पर्यटक सुविधाएं, विश्राम क्षेत्र और अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे यह स्थान न केवल इतिहास प्रेमियों बल्कि देशभर से आने वाले पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनेगा।
26 शहीदों की स्मृति में बनेगा म्यूरल पार्क और स्थापित होंगे 26 स्मृति स्तंभ
करखियांव की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां स्वतंत्रता संग्राम के दौरान शहीद हुए 26 वीरों की स्मृति को स्थायी रूप से संरक्षित किया जाएगा। इसके लिए परिसर में एक भव्य म्यूरल पार्क विकसित किया जा रहा है।
म्यूरल पार्क में शहीदों की वीरगाथाओं, संघर्षों और बलिदानों को कलात्मक चित्रांकन और भित्ति कला के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त 26 विशेष स्मृति स्तंभ भी स्थापित किए जाएंगे, जिनमें प्रत्येक स्तंभ एक शहीद का प्रतीक होगा। यह व्यवस्था आने वाली पीढ़ियों को देश की स्वतंत्रता के लिए दिए गए बलिदानों से परिचित कराएगी।
इको-टूरिज्म का भी होगा विकास, झील बनेगी नया आकर्षण
परियोजना को केवल ऐतिहासिक महत्व तक सीमित न रखते हुए पर्यटन विभाग ने इसे प्रकृति पर्यटन से भी जोड़ने की योजना बनाई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में स्मृति परिसर के भीतर स्थित झील का इको-टूरिज्म विकास कराया जाएगा।
झील क्षेत्र को पर्यावरण अनुकूल तरीके से विकसित किया जाएगा, जिससे पर्यटकों को प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक विरासत दोनों का अनुभव एक ही स्थान पर मिल सके। इससे स्थानीय पर्यटन गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
बाबतपुर एयरपोर्ट की निकटता से बढ़ेगा पर्यटन
करखियांव परियोजना की एक और बड़ी विशेषता इसकी भौगोलिक स्थिति है। यह स्थल (बाबतपुर एयरपोर्ट) के बेहद निकट स्थित है।
हवाई अड्डे के पास होने के कारण देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की पहुंच इस स्थल तक आसान होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में करखियांव स्वतंत्रता संग्राम पर्यटन सर्किट का प्रमुख केंद्र बन सकता है।
1857 से लेकर भारत छोड़ो आंदोलन तक करखियांव का रहा महत्वपूर्ण योगदान
करखियांव गांव का इतिहास स्वतंत्रता संग्राम से गहराई से जुड़ा हुआ है। स्थानीय इतिहासकारों और दस्तावेजों के अनुसार 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से लेकर 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन तक गांव के लोगों ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष में सक्रिय भूमिका निभाई थी।
बताया जाता है कि वाराणसी जिले में सबसे अधिक स्वतंत्रता सेनानी इसी गांव से थे। यही कारण है कि इस गांव को स्वतंत्रता संग्राम की विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। विशेष रूप से 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान यहां हुई घटनाएं आज भी स्थानीय जनमानस में जीवित हैं।
नई पीढ़ी को मिलेगा राष्ट्रभक्ति और बलिदान का संदेश
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार पर्यटन को केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं बल्कि इतिहास, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण की प्रेरणाओं से जोड़ने का कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि करखियांव में विकसित होने वाला यह स्मृति परिसर युवाओं को स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान से परिचित कराएगा। यहां आने वाले छात्र, शोधार्थी और पर्यटक देश की आजादी के लिए किए गए त्याग को करीब से समझ सकेंगे।
स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग के अपर मुख्य सचिव ने बताया कि करखियांव को एक नए पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने की व्यापक योजना तैयार की गई है।
उन्होंने कहा कि यहां आधुनिक पर्यटक सुविधाओं का विकास किया जाएगा और स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास को आकर्षक एवं तकनीकी रूप से उन्नत तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा। परियोजना के पूर्ण होने के बाद स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे, पर्यटन आधारित आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और क्षेत्रीय विकास को नई गति प्राप्त होगी।
शहीदों की स्मृतियों को सहेजने की दिशा में बड़ा कदम
करखियांव में विकसित होने वाला स्वतंत्रता संग्राम स्मृति परिसर उत्तर प्रदेश सरकार की उस सोच का प्रतीक है, जिसके तहत ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित करते हुए उन्हें पर्यटन और विकास से जोड़ा जा रहा है। यह परियोजना न केवल शहीदों के बलिदान को सम्मान देगी, बल्कि वाराणसी की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को भी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाएगी।


































