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ट्रेवल टिप्स :जनवरी और फरवरी के महीनों में इन 5 जगहों पर जाएं, आपकी यात्रा होगी रोमांच से भरी

 घुमकड लोग आजकल घूमने के लिए नई-नई जगहों पर घूमने जाते हैं। अगर आप भी कम बजट में घूमने का प्लान बना रहे है , तो जनवरी-फरवरी का महीना सबसे बेहतरीन है। आप भी कहीं दोस्तों और फैमिली के साथ घूमने का प्लान कर रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए है। इन जगहों पर जाकर आप भी काफी एन्जॉय कर सकते हैं। आइए आपको बताते हैं इन 5 जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां आपकी ट्रिप एकदम शानदार रहेगी।

ऋषिकेश

 जनवरी से लेकर फरवरी का महीना घूमने के लिए सबसे बढ़िया है। यहां पर आप एडवेंचर एक्टिविटीज कर सकते हैं। बंजी जंपिंग, रिवर राफ्टिंग, बोट राइडिंग और ट्रेकिंग कर सकते हैं। इतना ही नहीं, यहा पर आप गंगा आरती लाइव देख सकते हैं। ऋषिकेश में कई फेमस जगहें जहां आप जा सकते हैं जैसे कि परमार्थ निकेतन, त्रिवेणी घाट और नीलकंठ मंदिर देखने जा सकते हैं।

जयपुर

विंटर सीजन में घूमने के लिए आप कम खर्चे में पिंक सिटी जयपुर जा सकते हैं। यहां आप अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ एन्जॉय कर सकते हैं। यहां पर आप पत्रिका गेट, सिटी प्लेस, हवा महल और कई लोकप्रिक म्यूजियम देख सकते हैं। अब आप जयपुर में भी पैराग्लाइडिंग और हॉट एयर ब्लून का मजा ले सकते हैं। आप यहां पर लेट नाइट पार्टी कर सकते हैं।

मनाली

अगर आप सर्दियों में बर्फ ढके पहाड़ देखना चाहते हैं, तो आप मनाली जा सकते हैं। इस समय मनाली में स्नोफॉल हो रहा है। यहां आप एडवेंचर एक्टिविटी कर सकते हैं इसके साथ ही लेट नाइट पार्टी कर सकते हैं। यहां पर शॉपिंग भी कर सकते हैं। दोस्तों के साथ यहां पर पार्टी करने के लिए मनाली सबसे बेस्ट जगह है। आप कम बजट के लिए हॉस्टल में रुक सकते हैं, ये ज्यादा महंगे नहीं होते है। यहां पर रेंट  पर टैक्सी और बाइक मिल जाती है।

ऊटी 

अगर आप दक्षिण भारत की तरफ जाना चाहते हैं, तो आप साउथ की सबसे बेस्ट जगह ऊटी जा सकते हैं। यहां पर चाय बगान काफी सुंदर देखने को मिलेंगे। सर्दी दौरान यह हिल स्टेशन अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के लिए जाना जाता है। आप कम बजट में यहां पर फैमिली और दोस्तों के साथ घूमने जा सकते हैं।

उदयपुर

राजस्थान का यह शहर झीलों के नाम से जाना जाता है। लेक ऑफ सिटी उदयपुर में आप नए साल का वेलकम अच्छे से कर सकते हैं। यहां पर आप लेक व्यू देख सकते हैं और लोकप्रिय म्यूजियम व इमारत देख सकते हैं। कम बजट में आप उदयपुर अच्छे से घूम सकते है।

शिमला

अगर आपको पहाड़ों पर जाना सबसे ज्यादा पसंद है, तो आप शिमला जा सकते हैं। यहां पर बर्फबारी का मजा आप ले सकते हैं। जनवरी में शिमला जरुर जा सकते हैं। यहां पर आप सुंदर चर्च देख सकते हैं। शिमला का सबसे फेमस मॉल रोड़ पर घूमने जा सकते हैं।

हेल्थ टिप्स :ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मददगार है मेथीदाने की चाय, जानें कैसे।

अधिकतर लोगों के दिन की शुरुआत चाय के साथ होती है। चायपत्ती, चीनी और दूध की मदद से बनने वाली चाय को अक्सर सेहत के लिए काफी नुकसानदायक माना जाता है। लेकिन अगर आप अपनी सेहत का ख्याल रखते हुए चाय का सेवन करना चाहते हैं तो ऐसे में आप मेथी की चाय का सेवन करें। मेथी के बीजों से बनी इस चाय से आपकी सेहत को कई तरह के लाभ मिलते हैं। खासतौर से, अगर आपको डायबिटीज की शिकायत है तो आपको मेथी की चाय का सेवन जरूर करना चाहिए। यह आपके ब्लड शुगर लेवल को मैनेज करने में मददगार है। साथ ही साथ, ब्लड शुगर स्पाइक और क्रैश ना होने के कारण आपको अपना एनर्जी लेवल बनाए रखने में भी काफी मदद मिलती है। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको बता रहे हैं कि मेथी की चाय ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में किस तरह मददगार है-

इंसुलिन सेंसेटिविटी में होता है सुधार

मेथी की चाय पीने से इंसुलिन सेंसेटिविटी में सुधार होता है। दरअसल, मेथी के बीजों में ट्राइगोनेलिन और 4-हाइड्रॉक्सीसोल्यूसीन जैसे कंपाउंड पाए जाते हैं। ये कंपाउंड आपके शरीर द्वारा इंसुलिन का उपयोग करने के तरीके को बेहतर बनाते हैं, जिससे ब्लड शुगर लेवल को मैनेज करना अधिक आसान हो जाता है।

फाइबर से भरपूर

मेथी के बीजों में सॉल्यूबल फाइबर भरपूर मात्रा में होता है। जिसका अर्थ है कि यह कार्बोहाइड्रेट के पाचन और अवशोषण को धीमा कर देते हैं। इससे आपको खाना खाने के बाद एकदम से ब्लड शुगर लेवल के स्पाइक होने की शिकायत नहीं होती है।

शरीर को इंसुलिन बनाने में करे मदद  

मेथी की चाय पीना डायबिटीज रोगियों के लिए इसलिए भी लाभकारी माना गया है, क्योंकि मेथी के बीज आपके शरीर के इंसुलिन बनाने वाले अंग अर्थात् अग्न्याशय को अधिक इंसुलिन बनाने में मदद कर सकते हैं। इसलिए, यह यह टाइप 2 मधुमेह वाले लोगों के लिए विशेष रूप से सहायक है, जहां शरीर इंसुलिन को ठीक से नहीं बनाता या उपयोग नहीं करता है।

चीनी के अवशोषण को करे कम 

जब आप मेथी की चाय पीते हैं, तो यह आपके शरीर द्वारा भोजन से अवशोषित की जाने वाली चीनी की मात्रा को धीमा कर देता है। जिससे ग्लूकोज लेवल स्टेबल रहता है और खाने के बाद आपके ब्लड शुगर लेवल एकदम तेजी से नहीं बढ़ता है।

अर्शदीप सिंह के पास इतिहास बनाने का आया सुनहरा मौका, क्या बनेंगे ऐसा कीर्तिमान हासिल करने वाले पहले भारतीय?

Arshdeep Singh: अर्शदीप सिंह ने पिछले कुछ समय से टीम इंडिया के लिए दमदार प्रदर्शन किया है। जब भी उन्हें मौका मिला। उन्होंने उसे दोनों हाथों से लपका और बेहतरीन प्रदर्शन खेल से अलग छाप छोड़ने में सफल रहे। वह अपनी स्विंग गेंदबाजी के लिए फेमस हैं और डेथ ओवर्स में काफी किफायती भी साबित होते हैं। उनके पास वह काबिलियत है कि वो किसी भी गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ा सकें। उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली पांच टी20 मैचों की सीरीज में भी जगह मिली है। टीम मैनेजमेंट और भारतीय फैंस को एक बार फिर उनसे बड़ी पारी की उम्मीद होगी।

अर्शदीप के पास कमाल करने का मौका

अर्शदीप सिंह ने भारतीय टीम के लिए अभी तक 60 टी20 इंटरनेशनल मैचों में कुल 95 विकेट अपने नाम किए हैं। अब अगर टी20 सीरीज में वह पांच विकेट और लेने में कामयाब हो जाते हैं, तो वह टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में अपने 100 विकेट पूरे कर लेंगे और ऐसा करने वाले पहले भारतीय बनेंगे। अभी तक T20I में कोई भी भारतीय गेंदबाज 100 विकेट हासिल नहीं कर पाया है। अब अर्शदीप के पास ये सुनहरा कीर्तिमान बनाने का मौका है। अभी भारत के लिए T20I में सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड स्पिनर युजवेंद्र चहल के नाम है। उन्होंने T20I में 96 विकेट हासिल किए हैं।

टी20 वर्ल्ड कप 2024 में किया दमदार प्रदर्शन

अर्शदीप सिंह ने भारतीय टीम के लिए साल 2022 में टी20 इंटरनेशनल में डेब्यू किया था। इसके बाद से ही वह भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण की अहम कड़ी बने हुए हैं। उन्होंने अभी तक भारत के लिए टी20 इंटरनेशनल में 96 विकेट और वनडे क्रिकेट में 12 विकेट हासिल किए हैं। टी20 वर्ल्ड कप 2024 में अर्शदीप ने बेहतरीन गेंदबाजी का नमूना पेश किया था और भारतीय टीम के लिए सबसे ज्यादा 17 विकेट लेने वाले बॉलर रहे थे। उन्होंने भारत को टी20 वर्ल्ड कप 2024 का खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी।

भारतीय टी20 टीम में शमी की हुई वापसी

टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम में अर्शदीप सिंह के अलावा तेज गेंदबाज के तौर पर मोहम्मद शमी और हर्षित राणा को मौका मिला है। इनका सहयोग करने के लिए टीम में हार्दिक पांड्या और नीतिश रेड्डी भी मौजूद हैं। टीम मैनेजमेंट चैंपियंस ट्रॉफी 2025 से पहले शमी की फिटनेस पूरी तरह से जांचना चाहता है। इसी वजह से उन्हें टी20 टीम में जगह मिली है। उन्हें वनडे सीरीज में शामिल किया गया है। ऐसे में शमी के ऊपर भी दमदार प्रदर्शन करने की जिम्मेदारी होगी।

वाशिंगटन डीसीःडोनाल्ड ट्रंप के ऐलान से चीन हैरान और पाकिस्तान परेशान, जानें भारत की क्या है प्रतिक्रिया

 अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति पद की शपथ लेते ही डोनाल्ड ट्रंप ने चीन और पाकिस्तान को सबसे बड़ा टेंशन दे दिया है। इससे दोनों देशों में हड़कंप मच गया है। शपथ ग्रहण के पहले तक ट्रंप ने चीन से रिश्ते सुधारने का संकेत दिया था। मगर शपथ ग्रहण के बाद अपने एक ऐलान से उन्होंने चीन को चौंका दिया है। वहीं पाकिस्तान को भी गहरे सदमे में डाल दिया है। मगर इस मौके पर भारत ने छक्का जड़ दिया है। आइये अब आपको बताते हैं कि पूरा मामला है क्या, जिस पर पाकिस्तान और चीन में खलबली मच गई है।

दरअसल डोनाल्ड ट्रंप ने अपने शपथ ग्रहण करने के बाद मेक्सिको के बॉर्डर पर इमरजेंसी लगाने के बाद दूसरा सबसे बड़ा ऐलान जो किया, वह चीन से जुड़ा है। ट्रंप ने कहा कि वह पनामा नहर को पूरी तरह अपने नियंत्रण में लेंगे। बता दें कि इस नहर का अधूरा निर्माण अमेरिका ने 1914 में पूरा किया था। 1978 तक यह अमेरिका के ही नियंत्रण में थी। 1979 से अमेरिका और पनामा इस पर संयुक्त रूप से नियंत्रण करने लगे। मगर बाद में 1999 में अमेरिका ने इसका नियंत्रण पनामा को सौंप दिया था।

चीन ने पनामा से दोस्ती कर अमेरिका का बिगाड़ दिया खेल

यह नहर पनामा को सौंपे जाने के बाद चीन ने पनामा से दोस्ती गहरी कर ली। चीन ने पनामा नहर पर दो बड़े पोर्ट बना दिए। धीरे-धीरे पनामा नहर का नियंत्रण चीन के हाथों चला गया। बता दें कि दुनिया के तमाम देश व्यापार के लिए पनामा नहर के जलमार्ग का इस्तेमाल करते हैं। अमेरिका भी इसी का इस्तेमाल करता रहा है। अगर अमेरिका के पास यह नहर नहीं होगी तो उसे पूर्वी से पश्चिमी अमेरिका जाने में  ही 20 किलोमीटर से अधिक का चक्कर काटना पड़ेगा। इसमें 1 हफ्ते का समय और ईंधन जाया होता है। जबकि इस मार्ग के इस्तेमाल से 10 से 12 घंटे लगते हैं। इसलिए अमेरिका के लिए यह नहर जरूरी है। वहीं पनामा पर अमेरिका की नजर गड़ती देख शी जिनपिंग टेंशन में आ गए हैं।

पाकिस्तान को क्यों लगा झटका

पाकिस्तान को ट्रंप के आने से जो सबसे बड़ा झटका लगा है, उसकी वजह आतंकवाद के खिलाफ ट्रंप का सख्त रुख है। ट्रंप ने ऐलान किया है कि वह विदेशी आतंकवाद को पूरी तरह खत्म कर देंगे। इससे पहले ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान भी आतंकवाद को बढ़ावा देने पर पाकिस्तान को फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की सूची में डाल दिया था। इससे पाकिस्तान को टेरर फंडिंग मिलनी बंद हो गई थी। करीब 4 साल तक पाकिस्तान पर यह प्रतिबंध लागू रहा। इससे पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था में कंगाली आ गई। ट्रंप के आतंकवाद के खिलाफ संबोधन भाषण में सख्त ऐलान से पाकिस्तान फिर बौखला गया है।

भारत ने ट्रंप के शपथ लेने पर क्या कहा

एक तरफ जहां ट्रंप के शपथ ग्रहण के बाद चीन और पाकिस्तान में मातम जैसा माहौल है तो वहीं भारत रणनीतिक रूप से काफी मजबूत हो गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने डोनाल्ड ट्रंप को खास अंदाज में बधाई देकर भारत-अमेरिका के रिश्तों के और मजबूत होने का संकेत दिया है। पीएम मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “मेरे प्रिय मित्र राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को संयुक्त राज्य अमेरिका के 47 वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने पर बधाई! मैं दोनों देशों को लाभ पहुंचाने और दुनिया के बेहतर भविष्य को आकार देने के लिए एक बार फिर एक साथ मिलकर काम करने की आशा करता हूं। आगे एक सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं!” ट्रंप ने सोमवार को अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति पद की शपथ ली। उनके साथ ही जे डी वेंस ने अमेरिका के उपराष्ट्रपति पद की शपथ ली।

Latest India News :पीएम मोदी ने डोनाल्ड ट्रंप को दूसरी बार अमेरिका के राष्ट्रपति बनने पर बधाई दी

डोनाल्ड ट्रंप ने दूसरी बार अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में शपथ ले ली है। उन्होंने अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। इस मौके पर भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनको बधाई दी है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा “मेरे प्रिय मित्र राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को संयुक्त राज्य अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में ऐतिहासिक शपथ ग्रहण पर बधाई! मैं एक बार फिर साथ मिलकर काम करने, दोनों देशों को लाभ पहुंचाने और दुनिया के लिए बेहतर भविष्य को आकार देने के लिए तत्पर हूं। आने वाले सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं!”

डोनाल्ड ट्रंप के साथ जेडी वेंस ने उपराष्ट्रपति पद की शपथ ली। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस जॉन राबर्ट ने ट्रंप को शपथ दिलाई। ट्रंप ने मां की दी हुई बाइबल का शपथ ग्रहण में इस्तेमाल किया।

ट्रंप ने चुनाव प्रचार के दौरान हुए हमले का जिक्र किया

अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के बीच चुनाव प्रचार के दौरान डोनाल्ड ट्रंप पर हमला हुआ था। भीड़ में खड़े हमलावर ने बेहद करीब से उन पर हमला किया था, लेकिन ट्रंप इस हमले में बाल-बाल बच गए थे। गोली उनके कान को छूकर गई थी और उनके कान से खून भी निकल रहा था, लेकिन वह इस हमले से बच गए और दूसरी बार अमेरिका के राष्ट्रपति बने। राष्ट्रपति की शपथ लेने के बाद उन्होंने कहा कि भगवान ने उन्हें अमेरिका की सेवा करने के लिए बचाया है। उन्होंने कहा “अमेरिका को ग्रेट बनाने के लिए मुझे ईश्वर ने बचाया।”

चुनाव में जीत के बाद पीएम मोदी ने दी थी बधाई

अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव पिछले साल नवंबर के महीने में हुए थे। चुनाव में जीत के बाद डोनाल्ड ट्रंप को पीएम मोदी ने फोन किया था। इस दौरान दोनों के बीच लंबी बातचीत हुई थी। इस बातचीत के बाद पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा था “मेरे मित्र राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ बहुत अच्छी बातचीत हुई उन्हें उनकी शानदार जीत पर बधाई दी। प्रौद्योगिकी, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष और कई अन्य क्षेत्रों में भारत-अमेरिका संबंधों को और मजबूत करने के लिए एक बार फिर साथ मिलकर काम करने को उत्सुक हूं।”

डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी के साथ बातचीत के बाद कहा था कि पूरी दुनिया पीएम मोदी को प्यार करती है। भारत एक शानदार देश है और पीएम मोदी एक शानदार व्यक्ति हैं। ट्रंप ने कहा था कि वह उन्हें और भारत को अपना सच्चा दोस्त मानते हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने ये भी बताया था कि पीएम मोदी उन विश्व नेताओं में से एक थे, जिनसे ट्रंप ने राष्ट्रपति चुनाव में अपनी जीत के बाद सबसे पहले बात की थी।