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हेल्थ टिप्स: खाली पेट इन फूड्स का सेवन करने से बचें, वरना हो सकता है नुकसान

स्वस्थ जीवनशैली बनाए रखने में उचित न्यट्रिशन को प्राथमिकता देना जरुरी है। बल्कि पौष्टिक खाद्य पदार्थों और पेय पदार्थों का सेवन ओवर हेल्थ में काफी सुधार कर सकता है, हमारे खाने की आदतों के प्रति सचेत रहना महत्वपूर्ण है। खाली पेट कुछ खाद्य पदार्थों का सेवन करने से पाचन तंत्र पर दबाव पड़ सकता हैं। गैस और एसिडिटी से ग्रस्त व्यक्तियों को इन समस्याओं को बढ़ने से रोकने के लिए खाली पेट अपने भोजन के खाने से पहले इन फूड्स को आहार में शामिल करने के लिए सतर्क रहना चाहिए।

खाली पेट एसिडिक भोजन नहीं

सुबह खाली पेट खासकर संतरे, अंगूर, आंवला या करौंदा और नींबू जैसे एसिडिक फलों का सेवन नहीं करना चाहिए। इन फलों में अम्लीय यौगिकों की उच्च मात्रा से एसिडिटी या पेट में जलन हो सकती है। खाली पेट खट्टे फलों का सेवन, जब एसिड का स्तर पहले से ही बढ़ा हुआ हो, एसिडिटी को और बढ़ा सकता है, जिसके परिणामस्वरूप संभावित रूप से पेट में दर्द, गैस और अपच हो सकता है।

इन पेय पदार्थ का सेवन न करें

जबकि कई लोग सुबह सबसे पहले एक कप कॉफी का आनंद लेते हैं, खाली पेट इसका सेवन करने से एसिडिटी हो सकती है और संभावित रूप से पेट की परत को नुकसान पहुंच सकता है। खाली पेट दूध पीना भी कुछ व्यक्तियों के लिए हानिकारक हो सकता है।

तला हुआ और मसालेदार भोजन से बचें

इसके अतिरितक्त, इस दिन की शुरुआत में तले हुए और मसालेदार भोजन करने से बचना चाहिए। इन्हें पचाना काफी मुश्किल होता है। इन फूड्स का सेवन करने से गैस और एसिडिटी हो सकती है। जिन लोगों को एसिडिटी की समस्या होती हैं, वो लोग इसका सेवन नहीं करें।

खाली पेट मीठा और फैटी फूड्स का सेवन न करें

सुबह नाश्ते में खाली पेट केक, पेस्टी, डोनट्स और मिठाई और फैटी वाले फूड्स का सेवन करने से बचना चाहिए। यह फूड्स न्यूनतम पोषण मूल्य प्रदान करते हैं और विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं में मदद करते हैं।

Maha Shivratri 2025: महामृत्युंजय मंदिर के दर्शन का ज़रूर बनाएं प्लान, और जानें यह पवित्र मंदिर कहां स्थित है

इस बार 26 फरवरी 2025 को देशभर में महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा। महाशविरात्रि के दिन शिव शक्ति का मिलन हुआ है इस दिन भोलेनाथ और माता पार्वती का विवाह हुआ है। महाशिवरात्रि के पहले ही लोगों ने तैयारियां भी शुरु कर दी है। इस दिन लोग मंदिर में दर्शन जरुर करने जाते हैं, अगर आप भी कहीं जाने का प्लान कर रहे हैं तो यह लेख आपके लिए है। आज हम आपको एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां जाकर आप हैरान हो जाएंगे।

कहां स्थित है यह शिवलिंग

विशाल शिवलिंग के नाम से जाना वाला यह मंदिर असम में स्थित है, इस मंदिर को महामृत्युंजय के नाम से जाना जाता है। इस तरह का आकार का यह शिवलिंग दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग है। इसकी ऊंचाई 126 फुट की है। इसे काले पत्थरों से बनाया गया है। बता दें कि, यह मंदिर असम के नगांव में स्थित है। यह गुवाहाटी से लगभग 120 किमी दूर है।

कैसे पहुंचे महामृत्युंजय मंदिर

महामृत्युंजय मंदिर नगांव टाउन से लगभग 12 किमी दूरी पर है। इसलिए यहां कोई भी नगांव शहर से टैक्सी किराए पर लेकर आ सकता है। यहां पर जाने के लिए शेयरिंग ऑटो भी चलते हैं।

– ट्रेन से जाने के लिए आप रंगापारा नॉर्थ जंक्शन तक ट्रेन ले सकते हैं। यहां से नगांव की दूरी 2 घंटे की है।

-स्लीपर कोच में टिकट आपको 500 से 700 रुपये में मिल जाएगी।

– वहीं 3AC कोच में टिकट का प्राइस 1500 से 2000 तक है।

– रंगापारा पहुंचने के बाद मंदिर के लिए कैब ले सकते हैं।

Heart Health Tips : आपकी ये आदतें बढ़ा सकती हैं हार्ट अटैक का खतरा, सेहतमंद दिल के लिए रखें इन बातों का ध्यान

दुनियाभर में हृदय रोग मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक रहे हैं। आंकड़ों की मानें, तो हर साल हार्ट अटैक की वजह से लाखों लोगों की मौत हो जाती है। कुछ दशकों पहले तक हृदय की समस्याओं को उम्र बढ़ने के साथ होने वाली बीमारी के रूप में देखा जाता था। हालांकि अब तो कम उम्र के लोग भी हार्ट अटैक का शिकार हो रहे हैं। वहीं हृदय की समस्याएं किन वजहों से होती है, इस पर नजर डालें तो पता चलता है कि लोगों की अनहेल्दी लाइफस्टाइल जैसे व्यायाम की कमी, दिनभर बैठे रहना, धूम्रपान की आदत और डाइट पर ध्यान न देना हार्ट अटैक का कारण बन सकती है।

दरअसल, जिन लोगों को शुगर, ब्लड प्रेशर या कोलेस्ट्रॉल लेवल अक्सर बढ़ा रहता है। इनमें हार्ट अटैक का जोखिम भी अधिक रहता है। लेकिन इसको लेकर व्यक्ति को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए बताने जा रहे हैं कि वह क्या कारण हैं, जो हार्ट अटैक के जोखिम को बढ़ाते हैं और इसको लेकर सावधानी भी बरतनी चाहिए।

हार्ट अटैक

बता दें कि दिल का दौरा तब पड़ता है, जब हृदय में रक्त प्रवाह कम या फिर पूरी तरह से अवरुद्ध हो जाता है। आमतौर पर यह रुकावट हृदय की धमनियों में फैट, कोलेस्ट्रॉल और अन्य पदार्थों में जमाव के कारण होती है और इस जमाव को प्लाक भी कहा जाता है।

अगर आपको सीने में दर्द, जकड़न या दबाव महसूस हो रहा हो। साथ ही यह दर्द पीठ, कंधे, हाथ, गर्दन और जबड़े तक फैल जाए, तो यह हार्ट अटैक के लक्षण हो सकते हैं। इन लक्षणों के अलावा थकान या बेहोशी, उल्टी आना, ठंडा पसीना आना या सांस लेने में दिक्कत हो रही हो, तो आपको विशेष सावधान हो जाना चाहिए।

नींद तो नहीं है समस्या

कई बार नींद न आने पर या नींद पूरी न होने की स्थिति शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए हानिकारक माना जाता है। लेकिन अगर यह समस्या लंबे समय तक बनी रहती है, तो हार्ट अटैक का कारण भी बन सकती है। आमतौर पर जो लोग रात मैं 6 घंटे से कम की नींद लेते हैं, उनमें दिल का दौरा पड़ने की आशंका अधिक रहती है, जोकि 6-8 घंटे की नींद लेते हैं।

दरअसल, अनिद्रा या स्लीप एप्निया जैसी नींद संबंधी बीमारी शरीर में सूजन और रक्तचाप की समस्या बढ़ाने लगती हैं। वहीं इससे हार्मोन संतुलन बिगड़ने का भी खतरा रहता है। यह सभी बीमारियां दिल पर दबाव डालकर हार्ट अटैक को ट्रिगर करने वाली हो सकती है।

ठंड के मौसम में बरते सावधानी

ठंड का मौसम आपके हृदय स्वास्थ्य पर भी सीधा असर डालता है। इस मौसम में हृदय रोग के शिकार लोगों के लिए कई तरह की दिक्कतें बढ़ाने वाला हो सकता है। सर्दी की वजह से धमनियां संकरी हो सकती है। जिसकी वजह से दिल तक ब्लड सर्कुलेशन बाधित हो सकता है। इसके अलावा सर्दियों में शरीर को गर्म रखने के लिए हृदय को अधिक मेहनत करनी पड़ती है। वहीं प्रतिकूल परिस्थितियों की वजह से हार्ट अटैक का खतरा हो सकता है। इसलिए ठंड से बचाव करते रहना सभी के लिए आवश्यक है।

तीव्र स्तर के व्यायाम

माना जाता है नियमित व्यायाम करने की आदत आपके दिल को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी है। हालांकि फिट रहने के लिए बहुत तीव्रता वाले व्यायाम करना या फिर क्षमता से अधिक वजन उठाना खतरनाक माना जाता है।

बता दें कि आंकड़ों से पता चलता है कि करीब 6% हार्ट अटैक के मामले अधिक शारीरिक मेहनत के कारण होते हैं। यही वजह है कि सभी लोगों को अपनी क्षमता और सहनशक्ति के मुताबिक ही व्यायाम करना चाहिए। इसलिए आप हल्के एरोबिक अभ्यास जैसे रनिंग और वॉकिंग भी आपके हार्ट को स्वस्थ रखने में सहायक हो सकते हैं।

Latest Bollywood News :हीरोगिरी हिट, खलनायकी सुपरहिट – ऐश्वर्या और करीना के साथ रचाई रोमांस की कहानी

बॉलीवुड में कई हीरो ऐसे हैं जिन्होंने कई साल तक अपनी हीरोगीरि से लोगों का दिल जीता और शोहरत हासिल की। लेकिन करियर के खास पड़ाव पर इन हीरो की हिट हीरोगिरी फीकी पड़ने लगी तो खलनायकी का सहारा ले लिया। लेकिन ऐसे कम ही हीरो हैं जिनकी खलनायकी भी सुपरहिट रही हो। लेकिन बॉलीवुड स्टार अक्षय खन्ना उन चंद हीरो में से एक हैं जिनकी हीरोगिरी के साथ खलनायकी भी सुपरहिट रही है। बीते दिनों रिलीज हुई विक्की कौशल स्टारर फिल्म ‘छावा’ रिलीज हुई है। इस फिल्म में अक्षय खन्ना ने नेगेटिव रोल निभाया है और खूब तारीफें बटोरी हैं। अक्षय खन्ना की हीरोगिरी हिट रही थी और अब खलनायकी भी सुपरहिट रही है। अक्षय खन्ना की फिल्म छावा ने अब तक 200 करोड़ रुपयों से ज्यादा की कमाई कर ली है और इस साल की अब तक की सबसे बड़ी बॉलीवुड सुपरहिट फिल्म बन गई है।

कभी चरम पर थी दीवानगी

अक्षय खन्ना एक समय बॉलीवुड के सुपरहिट हीरो रहे हैं। अपने पिता विनोद खन्ना भी बॉलीवुड के स्टार रहे हैं। अपने पिता के कदमों पर चलते हुए अक्षय खन्ना ने भी हीरो बनने का सपना देखा। हैंडसम और हंक हीरो ने अपनी पहली फिल्म 1997 में ‘हिमालय पुत्र’ की थी। इस फिल्म में डेब्यू करने के बाद अक्षय खन्ना को पहचान तो मिली लेकिन ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही। इसके बाद इसी साल 1997 में रिलीज हुई एक और फिल्म ‘बॉर्डर’ रिलीज हुई। इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर कमाई के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए और अक्षय खन्ना को भी स्टार बना दिया। फिल्म में एक हैंडसम और हंक हीरो को लोगों ने पहली बार पहचाना। इसके बाद अक्षय को फिल्मों के ऑफर आने लगे। अक्षय खन्ना ने ऐश्वर्या राय से लेकर करीना कपूर तक ज्यादातर सुपरस्टार हीरोइन्स के साथ ऑनस्क्रीन रोमांस किया है।

ऐश्वर्या राय के साथ किया ऑनस्क्रीन रोमांस

अक्षय खन्ना ने बॉर्डर के बाद फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा और लगातार फिल्में करते रहे। 1999 में रिलीज हुई फिल्म ताल में अक्षय खन्ना को बॉलीवुड सुपरस्टार ऐश्वर्या राय के साथ भी काम करने का मौका मिला। ये फिल्म भी दर्शकों के दिमाग में एक यादगार कहानी बनकर उभरी। इसके बाद 2001 में अक्षय खन्ना ने फिल्म ‘दिल चाहता है’ में काम किया। ये फिल्म न केवल बॉक्स ऑफिस पर हिट रही बल्कि एक कल्ट और क्लासिक का टैग हासिल करने में भी कामयाब रही। अक्षय खन्ना बॉलीवुड के एक सुपरहिट हीरो बन गए और अब तक 44 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके हैं।

बाल झड़े तो खो गया कॉन्फिडेंस

अक्षय खन्ना ने भले ही बतौर हीरो कई यादगार किरदार निभाए हैं और बड़ी-बड़ी सुपरहिट हीरोइन के साथ ऑनस्क्रीन रोमांस किया है। लेकिन अक्षय खन्ना को भी अपने करियर में काफी उतार-चढ़ाव झेलने पड़े। 20 साल की उम्र से ही अक्षय के बाल झड़ने लगे थे। इसको लेकर अक्षय खन्ना ने हाल ही में इंटरव्यू में अपना दुख भी शेयर किया है। अक्षय खन्ना ने  बताया, ‘मेरे कम उम्र से ही बाल झड़ने लगे थे। इस बात ने मुझे काफी टेंशन में ला दिया। क्योंकि हम एक ऐसे पेशे में हैं जहां लुक्स काफी मायने रखते हैं। बिना बाल के आपको किरदारों के लिए काफी परेशान होना पड़ता है। साथ ही बाल नहीं होने से कई मौके आप खो देते हैं। इसको लेकर एक लंबे वक्त तक मैं काफी परेशान रहा। लेकिन फिर वो समय भी आया जब मैंने इसके बारे में चिंता करना बंद कर दिया।’ अक्षय खन्ना अभी भी बॉलीवुड के सुपरहिट एक्टर हैं और अब तक 44 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके हैं।

हीरोगिरी हिट और खलनायकी रही सुपरहिट

बता दें कि अक्षय खन्ना ने लंबे समय तक पर्दे पर हीरो के किरदार किए और खूब नाम कमाया। अक्षय खन्ना की हीरोगिरी बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही और दर्जनों हिट फिल्में भी दी हैं। अब अक्षय खन्ना हीरो के साथ विलेन के तौर पर भी सुर्खियां बटोर रहे हैं। अक्षय की खलनायकी भी बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही है। हाल ही में रिलीज हुई फिल्म छावा में अक्षय ने नेगेटिव किरदार निभाया है और खूब तारीफें बटोरी हैं। अक्षय खन्ना की एक्टिंग को लेकर भी फैन्स काफी खुश हैं। अक्षय ने फिल्म में विलेन का किरदार निभाया है और उनका लुक भी काफी लोगों को पसंद आया है।

वाशिंगटन: भारतीय मूल के काश पटेल होंगे नए FBI निदेशक, अमेरिकी सीनेट ने दी मंजूरी

 भारतीय मूल के नागरिक काश पटेल का एफबीआई का निदेशक बनना लगभग तय हो गया है। काश पटेल के नामांकन पर सीनेट ने आज गुरुवार को मतदान किया है। काश पटेल को अमेरिकी सीनेट से हरी झंडी मिल गई है। उन्हें सीनेट में 47 के मुकाबले 51 वोट हासिल हो सकते हैं। अगले कुछ घंटों में अमेरिकी सीनेट से काश पटेल को बतौर एफबीआई निदेशक नियक्ति किए जाने हेतु अमेरिकी सीनेट से हरी झंडी मिलना लगभग तय हो गया है।

बता दें कि अमेरिका में एफबीआई निदेशकों की नियुक्ति 10 साल की अवधि के लिए की जाती है, लेकिन उन्हें राष्ट्रपति द्वारा हटाया जा सकता है। राष्ट्रपति ने 2017 में क्रिस रे को इस पद पर नियुक्त किया था। बाद में ट्रम्प ने उन्हें बर्खास्त करने की प्रतिज्ञा की थी। इसके चलते उन्होंने बाइडेन प्रशासन के अंत में इस्तीफा दे दिया। बता दें कि रिपब्लिकन के पास अमेरिकी सीनेट में डेमोक्रेट्स के मुकाबले 3 वोट अधिक हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि काश पटेल को 51-47 से एफबीआई का निदेशक चुना जा सकता है।

कौन हैं काश पटेल

काश पटेल का जन्म 25 फरवरी, 1980 को न्यूयॉर्क के गार्डन सिटी में गुजराती भारतीय माता-पिता के घर हुआ था। उन्होंने रिचमंड विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री प्राप्त की है। बाद में पेस यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ लॉ से ज्यूरिस डॉक्टर की डिग्री प्राप्त की है। 44 वर्षीय काश पटेल ने 2017 में तत्कालीन ट्रंप प्रशासन के अंतिम कुछ हफ्तों में अमेरिका के कार्यवाहक रक्षा मंत्री के ‘चीफ ऑफ स्टाफ’ के रूप में काम किया था। न्यूयॉर्क में जन्मे पटेल का नाता गुजरात से है।  1970 में उनकी मां अंजना और पिता कनाडा से अमेरिका आ गए थे। पटेल ने एक इंटरव्यू में कहा था, ‘हम गुजराती हैं।’