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Lucknow: सेक्टर 6, वृंदावन योजना स्थित परशुराम चौक का होगा कायाकल्प, विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने की 10 लाख देने की घोषणा

सरोजनीनगर में धार्मिक स्थलों का सौंदर्यीकरण जारी, 100 मंदिरों के पुनरुद्धार का संकल्प

लखनऊ, 09 मार्च 2025: सरोजनीनगर के सेक्टर 6, वृंदावन योजना स्थित परशुराम चौक पर रविवार को प्रगतिशील ब्राह्मण कल्याण समिति द्वारा भगवान परशुराम जी की भव्य प्रतिमा की स्थापना का कार्य संपन्न हुआ।

इस शुभ अवसर पर सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई और इस ऐतिहासिक पहल की सराहना की।

विधायक निधि से 10 लाख की सौगात

विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने परशुराम चौक को भव्य स्वरूप प्रदान करने के लिए अपनी विधायक निधि से 10 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने कहा,
“भगवान परशुराम जी शस्त्र और शास्त्र के महान ज्ञाता थे और वे समता एवं न्याय के प्रतीक हैं। उनकी प्रेरणा से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी प्रदेश को अपराध एवं माफिया मुक्त बना रहे हैं।”

डॉ. राजेश्वर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके तहत –

✅ रेतेश्वर मंदिर के विकास के लिए 2.73 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए।
✅ प्राचीन झाडेश्वर मंदिर के सौंदर्यीकरण हेतु 75 लाख रुपये आवंटित किए गए।

100 मंदिरों के पुनरुद्धार का संकल्प

डॉ. राजेश्वर सिंह ने घोषणा की कि सरोजनीनगर क्षेत्र के 100 मंदिरों का सौंदर्यीकरण कराया जाएगा, जिसमें से 65 मंदिरों का कार्य पूरा हो चुका है। इन मंदिरों में –

✅ सोलर लाइट, हैंडपंप, और बैठने की व्यवस्था की गई।
✅ स्वच्छता और सुरक्षा की विशेष व्यवस्था सुनिश्चित की गई।

भगवान परशुराम की भव्य प्रतिमा समता और न्याय का प्रतीक

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि यह सरोजनीनगर के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण क्षण है कि भगवान परशुराम जी की इस दिव्य प्रतिमा का अनावरण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के करकमलों से होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी प्रेरणा से यह धार्मिक और सामाजिक उत्थान का कार्य संभव हो पाया है।

समारोह में शामिल प्रमुख हस्तियां

इस शुभ अवसर पर प्रगतिशील ब्राह्मण कल्याण समिति के पदाधिकारियों समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे, जिनमें –

शिव हरिओम अंबर, प्यारे मोहन चौबे, डॉ. ए.पी. मिश्रा, शिव प्रकाश मिश्रा, के.के. शुक्ला, प्रणव अग्निहोत्री, शिव शंकर अवस्थी, अरविंद तिवारी गुड्डू, प्रमोद शर्मा, कर्नल दया शंकर दुबे, पी.के. मिश्रा, पार्षद रजनी अवस्थी, संजीव अवस्थी, पार्षद के.एन. सिंह, मंडल अध्यक्ष विनोद मौर्य, रंजीता शर्मा, पार्षद बृजमोहन शर्मा, राजन मिश्रा, अनिल दुबे, विनोद दुबे, नरेंद्र पाल, कर्नल बी.एस. तोमर, दिनेश पाण्डेय सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

समाज के धार्मिक और सांस्कृतिक विकास की ओर कदम

विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने इस पावन अवसर पर सभी श्रद्धालुओं, धर्मप्रेमियों और प्रगतिशील ब्राह्मण कल्याण समिति के पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने संकल्प लिया कि सरोजनीनगर के धार्मिक उत्थान के लिए वे लगातार कार्य करते रहेंगे और धार्मिक स्थलों के संरक्षण में अपना योगदान देंगे।

साथ ही उन्होंने कहा कि “यह आयोजन न केवल हमारी धार्मिक धरोहर को संजोएगा, बल्कि भावी पीढ़ी को भी अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का कार्य करेगा।”

भगवान परशुराम जी की यह भव्य प्रतिमा समता और न्याय का प्रतीक बनेगी, और सरोजनीनगर में धार्मिक जागरूकता और उत्थान का कार्य निरंतर आगे बढ़ेगा। विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह के प्रयासों से 100 मंदिरों के सौंदर्यीकरण का संकल्प सरोजनीनगर को एक आध्यात्मिक रूप प्रदान करेगा।

Workout Mistakes: लंजेस एक्सरसाइज करते समय इन गलतियों से बचें, नहीं तो बढ़ सकता है घुटनों में दर्द!

वर्तमान समय में हम सभी खुद को फिट और हेल्दी रखना चाहते हैं। वहीं फिट रहने के लिए वर्कआउट रूटीन में कई एक्सरसाइज शामिल करते हैं। जब पैरों की एक्साइज की बात की जाए, तो लंजेस करना काफी अच्छा माना जाता है। हालांकि अगर आपको अक्सर घुटनों में दर्द की शिकायत रहती है, तो लंजेस करने से दर्द अधिक बढ़ सकता है। वहीं घुटने का दर्द काफी परेशान करने वाला हो सकता है। इसके साथ ही जब लंजेस एक्सरसाइज गलत तरीके से किया जाता है, तो दर्द काफी बढ़ने लगता है। पैरों और ग्लूट्स को मज़बूत बनाने के लिए लंजेस एक बेहतरीन एक्सरसाइज है।

वहीं जब आप यह एक्सरसाइज गलत तरीके से करते हैं, तो आपके घुटने पर एक्स्ट्रा दबाव पड़ता है। जिसकी वजह से दर्द की समस्या बढ़ सकती है। फिर चाहे घुटने को एक सीध में रखना हो या फिर शरीर के हिसाब से मूवमेंट बदलना हो। यह छोटी-छोटी चीजें बहुत मायने रखती हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको लंजेस एक्सरसाइज करते समय की जाने वाली कुछ ऐसी गलतियों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आपके घुटने के दर्द को बढ़ा सकती हैं।

ज्यादा नीचे झुकना

बता दें कि लंजेस करते समय हम अधिक नीचे झुकते हैं, तो इससे आपके घुटनों पर भार बढ़ जाता है। इससे घुटने का दर्द काफी हद तक बढ़ जाता है। इसलिए हमेशा लंजेस करते समय सिर्फ उतना ही नीचे जाएं, जितना कि आप सहज महसूस करते हैं। वहीं दोनों घुटनों पर 90 डिग्री का कोण बनाने का लक्ष्य रखें।

आगे की ओर ज्यादा झुकना

अगर आपके घुटने में दर्द की समस्या रहती है, तो ऐसे में आपको लंजेस करते समय ज्यादा आगे झुकने की गलती नहीं करनी चाहिए। इससे आपका पोश्चर बिगड़ जाता है। वहीं आपके सामने वाले घुटने पर एक्स्ट्रा भार पड़ता है। ऐसे में दर्द की समस्या बढ़ सकती है। इसलिए अपनी छाती को सीधा रखें और कंधों को अपने हिप्स पर टिकाएं। बैलेंस बनाए रखने में सहायता के लिए अपने कोर को एक्टिव करें।

रेप्स जल्दी-जल्दी करना

यह एक ऐसी गलती है, जिसको अक्सर लोग बैठकर करते हैं। जब आप वर्कआउट करते हैं, तो उस दौरान लंजेस समेत अन्य एक्सरसाइज जल्दी-जल्दी करना चाहते हैं। लेकिन जब आप जल्दबाजी में रेप्स करते हैं, तो इससे आपका बॉडी फॉर्म खराब हो सकता है। वहीं इससे घुटनों पर अधिक भार पड़ता है। इसलिए किसी भी एक्सरसाइज को आराम से करें। वहीं अपने मूवमेंट पर फोकस करें। वहीं फिर आप नीचे जाएं या ऊपर, लेकिन आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आप सही मसल्स पर काम कर रहे हैं।

बिना कुशनिंग के हार्ड सरफेस पर लंजेस करना

अगर आपके घुटने में भी अक्सर दर्द की समस्या रहती है, तो आपको कभी हार्ड सरफेस पर लंजेस करने की गलती नहीं करना चाहिए। हार्ड सरफेस पर झुकते हैं, तो घुटने की दर्द की समस्या बद से बदतर हो जाती है। वहीं इस बात का ख्याल रखें कि लंजेस करते हुए घुटनों पर दबाव कम करने के लिए योगा मैट या गद्देदार सतह का उपयोग करें।

सीरिया में सरकारी बलों और असद समर्थकों के बीच संघर्ष हुआ तेज, अब तक 200 लोगों की जान गयी

सीरिया की नयी सरकार समर्थित लड़ाकों ने बृहस्पतिवार और शुक्रवार को कई गांवों पर हमला किया जिसमें बड़ी संख्या में लोग मारे गए। ब्रिटेन के मानवाधिकार संगठन ‘सीरियन ऑब्ज़र्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स’ ने यह जानकारी दी। मानवाधिकार संगठन के अनुसार ये हमले अपदस्थ राष्ट्रपति बशर अल-असद के समर्थकों द्वारा सरकारी सुरक्षा बलों पर किए गए हमलों के जवाब में किए गए। गांवों पर हमले बृहस्पतिवार को शुरू हुए और शुक्रवार को भी जारी रहे। मानवाधिकार समूह के अनुसार हालिया झड़पें तब शुरू हुईं जब सरकारी बलों ने बृहस्पतिवार को तटीय शहर जबलेह के पास एक वांछित व्यक्ति को हिरासत में लेने की कोशिश की।

असद समर्थकों और सरकारी बलों के बीच संघर्ष

इस दौरान असद के वफादारों ने उन पर घात लगाकर हमला कर दिया। ‘सीरियन ऑब्ज़र्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स’ के अनुसार बृहस्पतिवार और शुक्रवार को नयी सरकार समर्थित लड़ाकों ने शीर, मुख्तारियेह और हफ़्फ़ा गांवों पर हमला किया जिसमें 69 पुरुषों की मौत हो गई, किसी महिला को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। संगठन के प्रमुख रामी अब्दुर्रहमान ने कहा, ‘‘ उन्होंने सामने दिखाई देने वाले हर आदमी की हत्या कर दी।’’ बेरूत के ‘अल-मायदीन’ टीवी ने भी अपनी एक खबर में तीन गांवों पर हमलों की जानकारी दी और कहा कि सिर्फ मुख्तारियेह गांव में हमले में 30 से अधिक पुरुष मारे गए।

मानवाधिकार संगठन ने कहा- 200 लोगों की हुई मौत

मानवाधिकार संगठन के अनुसार दो दिन में झड़पों में 200 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। गांवों में बदले की भावना से किए गए हमलों में मारे गए लगभग 140 लोगों के अलावा, मृतकों में सीरिया के सरकारी बलों के कम से कम 50 सदस्य और असद के प्रति वफ़ादार 45 लड़ाके शामिल हैं। मार्च 2011 से सीरिया में जारी गृहयुद्ध में पांच लाख से ज़्यादा लोग मारे गए हैं और लाखों लोग विस्थापित हुए हैं। सीरिया के अधिकारियों ने हमले की बात को स्वीकार किया है लेकिन मृतकों की संख्या के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। दिसंबर की शुरुआत में इस्लामी समूह हयात तहरीर अल-शाम के नेतृत्व वाले विद्रोही समूहों द्वारा असद की सरकार को गिराए जाने के बाद से दोनों पक्षों के बीच झड़पें जारी हैं।

पीएम नरेंद्र मोदी ने महिला दिवस पर दी शुभकामनाएं, महिला पुलिसकर्मियों को सौंपी गई नई जिम्मेदारी

महिला दिवस के अवसर पर आज पीएम नरेंद्र मोदी ने देशभर की महिलाओं को बधाई दी है। उन्होंने सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, हम महिला दिवस पर अपनी नारी शक्ति को नमन करते हैं। हमारी सरकार ने हमेशा महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए काम किया है, जो हमारी योजनाओं और कार्यक्रमों में झलकता है। आज, जैसा कि वादा किया गया था, मेरी सोशल मीडिया प्रॉपर्टीज उन महिलाओं द्वारा संभाली जाएंगी जो विविध क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रही हैं। बता दें कि इसी कड़ी में पीएम नरेंद्र मोदी आज गुजरात के नवसारी में लखपति दीदी कार्यक्रम को संबोधित करेंगी। इस दौरान महिला शक्ति को लेकर गर्व का पल देखने को मिलेगा।

पीएम मोदी की सुरक्षा करेंगी 3 हजार महिलाएं

दरअसल महिला दिवस के अवसर पर पीएम नरेंद्र मोदी की सुरक्षा केवल महिला पुलिसकर्मी ही करेंगी। यानी पीएम मोदी की सुरक्षा की जिम्मेदारी महिला पुलिसकर्मियों के हाथ में होगी। देश में ये पहली बार होगा, जब पीएम मोदी की सुरक्षा की कमान महिला पुलिसकर्मी संभालेंगी। ये जानकारी गुजरात के गृहमंत्री ने दी। गुजरात के गृहमंत्री हर्ष सिंघवी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर गुजरात पुलिस ने अनोखी पहल की है। देश के इतिहास में यह पहली बार होने जा रहा है, जब पीएम नरेंद्र मोदी की सुरक्षा महिला पुलिसकर्मियों के हाथ में होगी। बता दें कि नवसारी में पीएम मोदी के आने से लेकर कार्यक्रम स्थल की सुरक्षा तक की जिम्मेदारी महिला पुलिसकर्मियों की ही होगी।

गुजरात में पीएम मोदी की रैली

बता दें पीएम मोदी शनिवार को गुजरात के नवसारी में लखपति दीदी कार्यक्रम को संबोधित करने वाले हैं। गुजरात से पहले पीएम मोदी दादरा-नगर हवेली, दन और दीव का भी दौरा करेंगे। ऐसे में महिला दिवस के मौके पर गुजरात पुलिस ने खास पहल करते हुए पीएम मोदी की सुरक्षा का जिम्मा महिला पुलिसकर्मियों को सौंप दिया है। यानी पीएम मोदी के हेलीपैड पर उतरने से लेकर जनसभा स्थल तक जाने तक हर जगह महिला पुलिसकर्मी ही पीएम नरेंद्र मोदी की सुरक्षा का जिम्मा संभालेंगी। ये देश के लिए एक गर्व का पल है। जानकारी के मुताबिक, पीएम मोदी की सुरक्षा के लिए कुल 2,145 महिला कॉनस्टेबल, 61 इंस्पेक्टर, 197 पीएसआई, 19 डीवाईएसपी, 5 एसपी और एक डीआईजी रैंक की महिला अधिकारी को तैनात किया गया है।

Women’s Day 2025: मैरी क्यूरी ने दो बार जीता नोबेल पुरस्कार, अपनी जान जोखिम में डालकर की थी महत्वपूर्ण खोज

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर आज हम एक ऐसी महान वैज्ञानिक के बारे में बात करने जा रहे हैं जिन्होंने न केवल विज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया, बल्कि महिलाओं समेत पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनीं। हम बात कर रहे हैं, ‘मैरी क्यूरी’ की, जिन्होंने अपने अद्वितीय कार्य और समर्पण से विज्ञान की दुनिया को बदल दिया। उन्हें रेडियोलॉजी के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए जाना जाता है और वे नोबेल पुरस्कार पाने वाली पहली महिला थीं। मैरी क्यूरी को कुल 2 नोबेल प्राइज मिले, एक बार फिजिक्स और दूसरी बार केमिस्ट्री में।

वारसा में हुआ था मैरी क्यूरी का जन्म

मैरी क्यूरी का जन्म 7 नवंबर 1867 को पोलैंड के वारसा शहर में हुआ था। उनका असली नाम ‘मैरी स्कलोदोव्स्का’ था। वे एक ऐसे परिवार में पैदा हुईं जहां शिक्षा को बहुत महत्व दिया जाता था। उनके पिता भी एक शिक्षक थे और उनकी मां एक स्कूल की प्रधान शिक्षिका थीं। हालांकि, मैरी के जीवन में कई कठिनाइयां भी आईं, खासकर उनके माता-पिता की मृत्यु और पोलैंड के राजनीतिक संघर्षों के कारण।

पिता और बहनों के साथ मैरी क्यूरी।

मैरी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा वारसा में पूरी की, लेकिन उस समय महिलाओं के लिए विश्वविद्यालयों में शिक्षा प्राप्त करना एक कठिन कार्य था। इसलिये उन्होंने ‘पार्टीशन पोलैंड’ (वर्तमान रूस के नियंत्रण वाले पोलैंड) के बाहर शिक्षा प्राप्त करने का निर्णय लिया। 1891 में, वे पेरिस के ‘सॉर्बोन विश्वविद्यालय’ में पढ़ाई करने के लिए फ्रांस चली गईं। वहाँ उन्हें ‘मैरी’ नाम से जाना गया, और उन्होंने भौतिकी और गणित में अपनी पढ़ाई पूरी की।

मैरी क्यूरी की खोजों ने बदल दी दुनिया

मैरी क्यूरी का वैज्ञानिक करियर बहुत ही प्रेरणादायक है। उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि रेडियोधर्मिता (radioactivity) पर किए गए उनके कार्य से जुड़ी हुई है। 1898 में, उन्होंने अपने पति पियरे क्यूरी के साथ मिलकर नए तत्वों ‘पोलोनियम’ और ‘रेडियम’ की खोज की। ये दोनों तत्व रेडियोधर्मी थे और इस शोध ने रेडियोलॉजी के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव किया। इस खोज के लिए उन्हें 1903 में भौतिकी में नोबेल पुरस्कार प्राप्त हुआ, जो उन्हें उनके पति पियरे क्यूरी और हेनरी बैकेरेल के साथ मिला।

पति पियरे क्यूरी के साथ लैब में काम करती मैरी क्यूरी।

मैरी क्यूरी ने रेडियोलॉजी के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण अनुसंधान किए। उनका काम चिकित्सा में उपयोग होने वाली नई तकनीकों का आधार बना, खासकर कैंसर के इलाज के लिए ‘रेडियोथेरेपी’ के रूप में। उनकी खोजों ने विज्ञान की दुनिया में महिलाओं की भूमिका को सशक्त किया। मौरी क्यूरी को दूसरा नोबेल पुरस्कार 1911 में रसायन विज्ञान के क्षेत्र में मिला था।

जिंदगी में झेली थीं कई तरह की मुश्किलें

मैरी क्यूरी का व्यक्तिगत जीवन भी बहुत प्रेरणादायक है। उनके पति पियरे क्यूरी भी एक प्रसिद्ध वैज्ञानिक थे और दोनों ने मिलकर विज्ञान की सेवा की। पियरे क्यूरी की 1906 में एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी, जिससे मैरी को बहुत ज्यादा आघात पहुंचा था। हालांकि उन्होंने अपने पति के द्वारा किए जा रहे कामों को जारी रखा और अपने शोध में और ज्यादा सफलता हासिल की। इसके अलावा भी मैरी क्यूरी के जीवन में कई मुश्किलें आईं, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी।

पति पियरे क्यूरी के साथ मैरी क्यूरी की एक और खूबसूरत तस्वीर।

मैरी क्यूरी रेडियोधर्मी तत्वों के संपर्क में आने के कारण बीमार पड़ गईं और रेडियोधर्मिता के खतरों की वजह से ही उनकी मौत भी हुई थी। दरअसल, रेडियोधर्मिता के खतरों के बारे में उन्हें पता ही नहीं था। मैरी क्यूरी अपनी जेब में रेडियोधर्मी टेस्ट ट्यूब रखती थीं, और वह बिना किसी सुरक्षा के एक्स-रे के संपर्क में आती थीं। उनकी कुछ किताबें और कागजात अभी भी इतने रेडियोधर्मी हैं कि उन्हें सीसे के बक्सों में रखा जाता है

मेडिकल फील्ड में दिया अभूतपूर्व योगदान

मैरी क्यूरी का काम न केवल रेडियोलॉजी के क्षेत्र में क्रांतिकारी था, बल्कि उनके शोध ने चिकित्सा विज्ञान, परमाणु ऊर्जा, और विज्ञान के अन्य क्षेत्रों में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए। उनकी खोजों ने विज्ञान के क्षेत्र में महिलाओं के लिए नए रास्ते खोले और यह दिखाया कि महिलाएं भी विज्ञान के सबसे कठिन और जटिल क्षेत्रों में योगदान दे सकती हैं। उनकी खोज आज भी कैंसर जैसे घातक रोगों के इलाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

इसके अलावा, उनका जीवन यह साबित करता है कि कठिनाइयों के बावजूद किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त की जा सकती है। उनके कार्यों और उनके द्वारा छोड़ी गई विरासत ने महिला वैज्ञानिकों के लिए नए दरवाजे खोले और यह साबित किया कि विज्ञान में महिलाओं की भी महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। उनका जीवन हमेशा विज्ञान की दुनिया और विशेष रूप से महिला वैज्ञानिकों के लिए एक प्रेरणा रहेगा।