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Ground Zero First Review: “इमरान हाशमी की ‘ग्राउंड जीरो’ पर क्या बोले बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद? जानिए कैसी है फिल्म”

 पूर्व केंद्रीय मंत्री और पटना साहिब से सांसद रविशंकर प्रसाद ने रविवार को राजधानी दिल्ली में आयोजित स्पेशल स्क्रीनिंग में एक्टर इमरान हाशमी स्टारर फिल्म ‘ग्राउंड जीरो’ देखी. सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर उन्होंने आतंकवाद पर चोट करती फिल्म की तारीफ की.

नई दिल्ली के हाई-प्रोफाइल राजनयिक क्षेत्र चाणक्यपुरी में फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग आयोजित की गई. रविशंकर प्रसाद प्रीमियर में शामिल हुए और बीएसएफ जवानों, इमरान हाशमी और ‘ग्राउंड जीरो’ टीम के साथ फिल्म देखी.

क्या कहा रविशंकर प्रसाद ने

एक्स हैंडल पर पोस्ट शेयर कर रविशंकर प्रसाद ने लिखा, ” मैंने देशभक्ति से भरी फिल्म ‘ग्राउंड जीरो’ देखी, जो बीएसएफ के बहादुर अधिकारी नरेंद्र नाथ दुबे जी के साहस और शौर्य की प्रेरणादायक कहानी है. यह फिल्म कश्मीर में एक खूंखार आतंकी और 2001 में संसद व अक्षरधाम मंदिर पर हुए आतंकी हमलों के मुख्य षड्यंत्रकारी गाजी बाबा को मार गिराने के लिए उनके अदम्य साहस की कहानी है.”

उन्होंने आगे लिखा, “यह जानना और भी प्रेरणादायक है कि उनके शरीर में अभी भी गोलियां हैं, जो उनके शौर्य का प्रतीक हैं. फिल्म का निर्माण बहुत ही प्रभावशाली तरीके से किया गया है और यह 25 अप्रैल, 2025 को देशभर में रिलीज होने जा रही है. मैं सभी से आग्रह करूंगा कि इस फिल्म को जरूर देखें, क्योंकि यह न केवल मनोरंजन करती है बल्कि देशभक्ति की भावना को भी जगाती है.”

उन्होंने बताया कि फिल्म के सह-निर्माता उनके भांजे हैं. उन्होंने लिखा, ” इस फिल्म के सह-निर्माता के रूप में मेरी बहन के पुत्र अभिषेक कुमार और अन्य प्रतिष्ठित निर्माताओं का योगदान सराहनीय है. फिल्म देखने के दौरान हॉल में कीर्ति चक्र से सम्मानित एन.एन दुबे जी के साथ मुलाकात का अवसर मिला, मैंने उन्हें बधाई दी और उनके साहस का सम्मान किया. जय हिंद! यह फिल्म निश्चित रूप से देश के लिए उनके योगदान को याद दिलाएगी और प्रेरणा का स्रोत बनेगी.”

कब रिलीज होगी ग्राउंड जीरो

इससे पहले, 18 अप्रैल को फिल्म की श्रीनगर में रेड कार्पेट प्रीमियर और विशेष स्क्रीनिंग आयोजित की गई. 38 सालों में पहली बार किसी फिल्म की श्रीनगर में स्क्रीनिंग हुई है.

तेजस देवस्कर के निर्देशन में तैयार फिल्म का निर्माण रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर ने किया है. फिल्म के को-प्रोड्यूसर विशाल रामचंदानी, सुंदीप सी. सिधवानी, अरहान बगाती, कासिम जगमगिया, निशिकांत रॉय और अभिषेक कुमार हैं. फिल्म ‘ग्राउंड जीरो’ इसी साल 25 अप्रैल को सिनेमाघरों में रिलीज होगी.

RJ Mahvash Reaction Yuzvendra Chahal Rajat Patidar Wicket:“पंजाब की हार तय लग रही थी, लेकिन चहल के विकेट ने बदला माहौल – खुशी से झूम उठीं RJ महविश”

 रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने पंजाब किंग्स को उसी के घर पर 7 विकेट से हरा दिया है. विराट कोहली और देवदत्त पडिक्कल की 103 रनों की पारी ने काफी हद तक आरसीबी की जीत सुनिश्चित कर दी थी. पंजाब किंग्स की हार लगभग तय हो चुकी थी, इसके बावजूद आरजे महविश (Yuzvendra Chahal Rumored Girlfriend) का जश्न मनाने का वीडियो वायरल हो रहा है.

यह वीडियो RCB की पारी के 17वें ओवर का है, जब युजवेंद्र चहल बॉलिंग कर रहे थे. चहल पहली तीन गेंदों पर 11 रन लुटा चुके थे, लेकिन ओवर की चौथी गेंद पर उन्होंने बेंगलुरु के कप्तान रजत पाटीदार का विकेट लिया. जैसे ही मार्को जानसेन ने पाटीदार का कैच पकड़ा, वैसे ही आरजे महविश अपनी सीट से खड़ी होकर जोर-जोर से चिल्लाने लगीं. खैर RCB के लिए अच्छी बात यह रही कि कप्तान पाटीदार का विकेट गिरने से उसकी जीत की उम्मीदों पर कोई फर्क नहीं पड़ा.

चहल-महविश एकसाथ दिखे

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु बनाम पंजाब किंग्स मैच से पहले युजवेंद्र चहल और आरजे महविश को एकसाथ देखा गया था. वो पंजाब किंग्स की टीम बस में एकसाथ सफर करते दिखे. इसके बाद कहा जाने लगा कि अब किसको और क्या सबूत चाहिए कि चहल और महविश डेट कर रहे हैं. हालांकि अभी तक दोनों में से किसी ने रिलेशनशिप की पुष्टि नहीं की है.

पंजाब-बेंगलुरु मैच के ही दौरान आरजे महविश को उस समय तालियां बजाते हुए भी देखा गया जब देवदत्त पडिक्कल ने चहल की गेंद पर गगनचुंबी छक्का लगा दिया था. खैर RCB की जीत के बाद वह पॉइंट्स टेबल में अब तीसरे स्थान पर पहुंच गई है. दूसरी ओर पंजाब की टीम एक स्थान नीचे खिसक कर चौथे स्थान पर आ गई है.

Russia-Ukraine War:“ईस्टर सीजफायर के बीच भी नहीं थमीं गोलियां, जेलेंस्की का दावा– फ्रंटलाइन पर हुई 59 बार फायरिंग”

ईस्टर सीजफायर के बावजूद नहीं रुकी गोलाबारी, जेलेंस्की ने पुतिन पर लगाया दिखावे का आरोप

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने रविवार (20 अप्रैल, 2025) को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा घोषित ईस्टर युद्धविराम को सिर्फ एक दिखावा बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि रूस की सेना ने रातभर अग्रिम मोर्चों पर यूक्रेनी ठिकानों को निशाना बनाया।

जेलेंस्की ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा,
“ईस्टर की सुबह तक का हाल बताता है कि रूस युद्धविराम का केवल दिखावा कर रहा है। कुछ इलाकों में हमले जारी हैं और यूक्रेन को नुकसान पहुंचाने की कोशिशें थमी नहीं हैं।”

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जेलेंस्की का दावा – 59 बार की गई गोलाबारी

यूक्रेनी राष्ट्रपति के मुताबिक, रविवार सुबह तक फ्रंटलाइन पर 59 बार गोलाबारी हुई और 5 बार रूस ने हमले की कोशिश की। उन्होंने बताया कि शनिवार शाम को भी दर्जनों बार रूसी हमले हुए।
यूक्रेन की सेना का कहना है कि भले ही कुछ इलाकों में हलचल कम हुई है, लेकिन पूरी तरह से संघर्ष थमा नहीं है।

यूक्रेनी पूर्वी मोर्चे के प्रवक्ता विक्टर त्रेहुबोव ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा,
“हम पहले से जानते थे कि युद्धविराम नाम मात्र का होगा। हलचल कुछ कम जरूर है, लेकिन हमले अब भी जारी हैं।”

पुतिन की तरफ से युद्धविराम की घोषणा

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईस्टर के मौके पर शनिवार रात 8:30 बजे से रविवार तक एकतरफा युद्धविराम का ऐलान किया था। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि यूक्रेन भी इसी राह पर चलेगा।
हालांकि, उन्होंने रूस के जनरल स्टाफ प्रमुख वालेरी गेरासिमोव को निर्देश दिया कि अगर यूक्रेन की ओर से कोई उल्लंघन हो, तो सैनिक अलर्ट पर रहें।

क्रेमलिन की बैठक में कहा गया,
“हम मानवीय आधार पर ईस्टर युद्धविराम का फैसला ले रहे हैं और उम्मीद करते हैं कि यूक्रेन भी ऐसा करेगा।”
पुतिन का ये बयान अमेरिका की उस चेतावनी के बाद आया जिसमें कहा गया था कि अगर रूस और यूक्रेन शांति वार्ता को गंभीरता से नहीं लेते, तो अमेरिका बातचीत से हट सकता है।

UAE में दिखे भारतीय फाइटर जेट्स, अल धफरा बेस पर क्या है बड़ी तैयारी? जानिए पूरा मामला

डेजर्ट फ्लैग-10 में शामिल होने UAE पहुंचे भारतीय फाइटर जेट, अल धफरा बेस पर शुरू हुआ बड़ा सैन्य अभ्यास

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में 21 अप्रैल 2025 से शुरू हुए अंतरराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास “डेजर्ट फ्लैग-10” में हिस्सा लेने के लिए भारत ने अपने मिग-29 और जगुआर फाइटर जेट्स के साथ एक संपूर्ण वायुसेना दल को अल धफरा एयरबेस भेजा है। यह अभ्यास 8 मई तक चलेगा।

कौन-कौन ले रहा है हिस्सा?
UAE की मेजबानी में हो रही इस एक्सरसाइज में भारत समेत ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, जर्मनी, सऊदी अरब, बहरीन, तुर्की, कतर, दक्षिण कोरिया और यूएई की वायु सेनाएं भाग ले रही हैं। इस अभ्यास का उद्देश्य भागीदार देशों के बीच सैन्य तालमेल बढ़ाना और जटिल हवाई अभियानों को मिलकर अंजाम देना है।

भारतीय वायुसेना का क्या मकसद है?
भारतीय वायुसेना का कहना है कि इस तरह के अभ्यास से अलग-अलग देशों की सैन्य तकनीक, रणनीतियों और संचालन कौशल को समझने का मौका मिलता है। साथ ही इससे मित्र देशों के साथ भरोसा और सैन्य सहयोग भी मज़बूत होता है।


भारत-ग्रीस के बीच भी बढ़ रहा है रक्षा सहयोग

डेजर्ट फ्लैग में भाग लेने से पहले भारतीय वायुसेना ने ग्रीस में हुए इनियोकोस-2025 अभ्यास में भी हिस्सा लिया था। इस युद्धाभ्यास में भारत के सुखोई फाइटर जेट्स ने उड़ान भरी थी। इसमें अमेरिका, फ्रांस, इजरायल, इटली और UAE समेत 15 देशों की सेनाएं शामिल थीं।

पिछले साल ग्रीस की वायुसेना भी राजस्थान के जोधपुर में हुई बहुराष्ट्रीय एक्सरसाइज तरंग-शक्ति में हिस्सा लेने भारत आई थी। साथ ही भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने ग्रीस का दौरा कर वहां के शीर्ष सैन्य अधिकारियों से मुलाकात की थी।

Israel Hamas War: ग़ाज़ा में 15 स्वास्थ्यकर्मियों की मौत पर इज़राइल ने मानी चूक, डिप्टी कमांडर को हटाया गया पद से

 इजरायली सेना ने कहा है कि गाजा में 23 मार्च,2025 को हुए हमले में 15 इमरजेंसी कर्मियों की मौत “ऑपरेशन में हुई गलती” और आदेशों का पालन न करने की वजह से हुई. दरअसल, यह जानकारी सेना की ओर से कराई गई आंतरिक जांच में सामने आई है.

सेना ने बताया कि उस समय सैनिकों को लगा कि वे दुश्मनों से खतरे में हैं, लेकिन उन्होंने कई गलतियां कीं. इसमें गलत फैसले, आदेशों की अनदेखी और सही रिपोर्ट न देना शामिल है.

डिप्टी कमांडर को किया गया बर्खास्त
इजरायली सेना ने कहा, “घटना में शामिल कमांडरों पर कार्रवाई करते हुए सेना ने गोलानी टोही बटालियन के डिप्टी कमांडर को हटाने का फैसला किया गया है. कुछ सैनिकों ने गलत रिपोर्ट दी और घटना की पूरी जानकारी समय पर नहीं दी. वहीं, 14वीं ब्रिगेड के कमांडर को चेतावनी दी गई है”. बयान में मेडिकल स्टाफ और बचाव दल के लिए ज़्यादा सावधानी बरतने की बात कही गई है.

क्या हुआ था 23 मार्च को?
यह घटना गाजा के राफा इलाके में हुई. जब इजरायली हवाई हमलों के बाद आपातकालीन टीम मौके पर पहुंची, तब उन पर फायरिंग शुरू हो गई. इस हमले में फिलिस्तीनी रेड क्रिसेंट के 8, गाजा सिविल डिफेंस के 6 और संयुक्त राष्ट्र का एक कर्मी मारा गया. शुरुआत में इजरायल ने कहा था कि ये गाड़ियां बिना लाइट के आ रही थीं और संदेहास्पद लग रही थीं, लेकिन एक मारे गए डॉक्टर के फोन से मिले वीडियो में एम्बुलेंस की लाइटें और इमरजेंसी सायरन साफ दिख रहे थे.

फायरिंग बिना किसी चेतावनी के शुरू हुई और लगभग पांच मिनट तक चली. एक वीडियो में एक पैरामेडिक अपनी मां से माफी मांगते हुए “मां, मुझे माफ कर दो… मैंने लोगों की मदद करने का रास्ता चुना.” सुनाई देता है,

बचे हुए कर्मचारी के आरोप
एक बचने वाले पैरामेडिक ने बताया कि उसे पीटा गया और पूछताछ की गई. बाद में सभी शवों को सामूहिक कब्र में दफनाया गया. बाद में कहा गया कि इजरायली सैनिकों ने शवों को सड़क साफ करने और जानवरों से बचाने के लिए दफनाया था.