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Travel Tips:लोहागढ़ किला क्यों बना चर्चा का केंद्र? ऐतिहासिक धरोहर के बीच बढ़ी ‘डार्क टूरिज्म’ पर बहस

महाराष्ट्र के लोनावला के पास स्थित ऐतिहासिक लोहागढ़ किला हाल के दिनों में एक अलग वजह से चर्चा में आ गया है। एक चर्चित आपराधिक मामले के बाद बड़ी संख्या में लोग उस स्थान को देखने पहुंच रहे हैं, जिसे सोशल मीडिया और स्थानीय चर्चाओं में घटना से जोड़ा जा रहा है। इस प्रवृत्ति ने ‘डार्क टूरिज्म’ यानी दुखद या चर्चित घटनाओं से जुड़े स्थानों की ओर आकर्षण को लेकर बहस छेड़ दी है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, हाल के समय में किले पर आने वाले पर्यटकों की संख्या में वृद्धि देखी गई है। बताया जा रहा है कि कुछ पर्यटक ऐतिहासिक महत्व से अधिक उस स्थान को देखने में रुचि दिखा रहे हैं जिसे घटना से जोड़ा जा रहा है। हालांकि, प्रशासन या आधिकारिक स्तर पर ऐसे किसी नामकरण को मान्यता नहीं दी गई है।

हेरिटेज संरक्षण से जुड़े लोगों ने चिंता जताई है कि किसी ऐतिहासिक स्थल की पहचान उसके सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व से होनी चाहिए, न कि किसी आपराधिक घटना से। उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल सामग्री और चर्चाएं कभी-कभी स्मारकों की मूल पहचान को प्रभावित कर सकती हैं।

करीब 2,000 साल पुराना इतिहास
सह्याद्री पर्वत श्रृंखला में स्थित लोहागढ़ किला महाराष्ट्र की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहरों में शामिल है। माना जाता है कि इसकी शुरुआती संरचना प्राचीन काल में विकसित हुई और बाद में कई राजवंशों के शासन के दौरान इसका विस्तार हुआ।

इस किले का संबंध मराठा इतिहास से भी जुड़ा माना जाता है। छत्रपति शिवाजी महाराज के दौर में इसका रणनीतिक महत्व बढ़ा और इसे सुरक्षा तथा भंडारण के लिए उपयोग में लाया गया। बाद के वर्षों में भी इस किले का सैन्य और प्रशासनिक महत्व बना रहा।

लोहागढ़ में क्या देखें?
किले का सबसे प्रसिद्ध हिस्सा ‘विंचू काटा’ माना जाता है, जिसकी आकृति दूर से देखने पर बिच्छू की पूंछ जैसी दिखाई देती है। इसके अलावा यहां मौजूद विशाल प्रवेश द्वार, प्राचीन जल संरचनाएं और आसपास के प्राकृतिक दृश्य पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।

किले के आसपास स्थित प्राचीन बौद्ध गुफाएं और सामने दिखाई देने वाला विसापुर किला भी इस क्षेत्र के ऐतिहासिक महत्व को और बढ़ाते हैं।

घूमने का सही समय और ट्रेक अनुभव
मानसून के दौरान लोहागढ़ का प्राकृतिक सौंदर्य अपने चरम पर होता है। हरियाली, बादल और पहाड़ी दृश्य इसे लोकप्रिय ट्रेकिंग स्थलों में शामिल करते हैं। यहां पहुंचने के लिए मालावली रेलवे स्टेशन सबसे सुविधाजनक माना जाता है और ऊपर तक जाने के लिए सीढ़ियों वाला मार्ग उपलब्ध है।

ऐतिहासिक महत्व और प्राकृतिक सुंदरता के कारण लोहागढ़ लंबे समय से लोकप्रिय पर्यटन स्थल रहा है। संरक्षण से जुड़े लोग चाहते हैं कि आने वाले पर्यटक इसकी विरासत और सांस्कृतिक पहचान को प्राथमिकता दें।

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के आदेश पर लगाई रोक, जन्मसिद्ध नागरिकता व्यवस्था बनी रहेगी

अमेरिका के सर्वोच्च न्यायालय ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस कार्यकारी आदेश को खारिज कर दिया, जिसमें जन्म के आधार पर मिलने वाली अमेरिकी नागरिकता के दायरे को सीमित करने की कोशिश की गई थी। अदालत के फैसले के बाद लंबे समय से लागू संवैधानिक व्यवस्था को बरकरार रखा गया है।

यह फैसला 6-3 के बहुमत से आया। अदालत ने माना कि अमेरिकी संविधान का 14वां संशोधन अमेरिकी धरती पर जन्म लेने वाले अधिकांश बच्चों को नागरिकता का अधिकार देता है और इसे कार्यकारी आदेश के जरिए सीमित नहीं किया जा सकता।

मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने बहुमत की राय लिखते हुए कहा कि नागरिकता केवल कानूनी पहचान नहीं बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में समान भागीदारी का अधिकार भी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि माता-पिता की इमिग्रेशन स्थिति चाहे अस्थायी हो या अनियमित, अमेरिकी धरती पर जन्म लेने वाले बच्चों के अधिकारों की संवैधानिक व्याख्या लंबे समय से स्थापित है।

यह विवाद उस समय शुरू हुआ था जब ट्रंप प्रशासन ने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में एक आदेश जारी कर जन्मसिद्ध नागरिकता की मौजूदा व्यवस्था में बदलाव का प्रस्ताव रखा था। प्रस्ताव के अनुसार कुछ श्रेणियों के गैर-नागरिक या अस्थायी निवासियों के बच्चों को स्वतः नागरिकता देने पर रोक लगाने की कोशिश की गई थी।

हालांकि इस आदेश को शुरुआत से ही अदालतों में चुनौती मिली और इसके लागू होने पर रोक लगी रही। नागरिक अधिकार समूहों और प्रवासी संगठनों ने इसे संवैधानिक अधिकारों के खिलाफ बताया था। सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के बाद मौजूदा नागरिकता व्यवस्था यथावत बनी रहेगी।

Health News:देश में बढ़ रही लिवर से जुड़ी समस्याएं, स्वास्थ्य मंत्री ने जागरूकता और समय पर जांच पर दिया जोर

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने एक कार्यक्रम के दौरान लिवर से जुड़ी बीमारियों के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए कहा कि समय रहते पहचान और जागरूकता इन समस्याओं से बचाव में अहम भूमिका निभा सकती है। उन्होंने स्वास्थ्य संस्थानों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि उपचार के साथ-साथ लोगों को बीमारी से बचाव और स्वास्थ्य शिक्षा देना भी जरूरी है।

कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि फैटी लिवर जैसी स्थितियों के बारे में लोगों में चर्चा और जागरूकता बढ़ी है, जो सकारात्मक संकेत है। उन्होंने छात्रों और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े युवाओं से अपील की कि वे अपने ज्ञान और अनुभव को समाज तक पहुंचाकर स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा दें।

स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए विस्तार का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि हाल के वर्षों में मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के ढांचे में वृद्धि हुई है। साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और शुरुआती स्तर पर जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।

इस दौरान यह भी बताया गया कि देशभर में बड़ी संख्या में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और आयुष्मान आरोग्य सेवाएं संचालित हो रही हैं, जहां शुरुआती जांच और स्वास्थ्य परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है।

कार्यक्रम में संस्थान के नेतृत्व की ओर से लिवर रोगों के आंकड़ों और उपचार संबंधी उपलब्धियों की जानकारी साझा की गई। बताया गया कि बड़ी संख्या में मरीजों का उपचार और कई सफल लिवर ट्रांसप्लांट किए जा चुके हैं।

विशेषज्ञों ने चिंता जताई कि फैटी लिवर के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं और अनुमान के अनुसार बड़ी आबादी किसी न किसी स्तर पर इससे प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि संतुलित खानपान, नियमित जांच और सक्रिय जीवनशैली अपनाकर लिवर संबंधी कई समस्याओं के जोखिम को कम किया जा सकता है।

कम बजट में बड़ा कमाल, ‘देऊळ बंद 2’ ने बॉक्स ऑफिस पर दर्ज की शानदार सफलता

मराठी फिल्म ‘देऊळ बंद 2’ ने सिनेमाघरों में अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखते हुए शानदार कमाई दर्ज की है। रिलीज के 33 दिन बाद भी फिल्म दर्शकों को आकर्षित करने में सफल रही और लगातार अच्छा प्रदर्शन करती नजर आई।

उपलब्ध बॉक्स ऑफिस आंकड़ों के अनुसार, फिल्म ने 33वें दिन लगभग 34 लाख रुपये का कारोबार किया। इससे पहले के दिन की तुलना में कमाई में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। अब तक फिल्म का कुल नेट कलेक्शन करीब 73 करोड़ रुपये से अधिक और ग्रॉस कलेक्शन 86 करोड़ रुपये से ज्यादा बताया जा रहा है।

करीब 10 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने अपनी लागत से कई गुना अधिक कमाई की है। इसी वजह से इसे मराठी सिनेमा की सफल फिल्मों में गिना जा रहा है और निवेश के मुकाबले उल्लेखनीय रिटर्न दर्ज किया गया है।

सप्ताहवार प्रदर्शन की बात करें तो फिल्म ने शुरुआती हफ्तों में मजबूत शुरुआत की और बाद के हफ्तों में भी स्थिर कमाई जारी रखी। लगातार सकारात्मक प्रतिक्रिया और दर्शकों के बीच अच्छे प्रचार का असर इसकी कमाई में देखने को मिला।

कमाई के लिहाज से यह फिल्म मराठी सिनेमा की सबसे सफल फिल्मों की सूची में अपनी जगह बनाने में कामयाब रही है। साथ ही वर्ष 2026 की चर्चित मराठी फिल्मों में भी इसका नाम शामिल हो गया है।

फिल्म का निर्देशन प्रवीण तरडे ने किया है। इसमें स्नेहल तरडे, मोहन जोशी, महेश मांजरेकर, प्रसाद ओक और ओम भुटकर सहित कई कलाकार नजर आए हैं। यह फिल्म पहले रिलीज हो चुकी ‘देऊळ बंद’ की अगली कड़ी है, जिसे दर्शकों से पहले भी अच्छा समर्थन मिला था।

Sports News:टी20 विश्व कप की याद में भावुक हुए सूर्यकुमार यादव, साझा किया खास संदेश

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व टी20 कप्तान Suryakumar Yadav ने टी20 विश्व कप 2024 की ऐतिहासिक जीत को याद करते हुए एक भावुक संदेश साझा किया। उनकी पोस्ट ने क्रिकेट प्रशंसकों के बीच पुरानी यादों को फिर से ताजा कर दिया।

टीम इंडिया ने 29 जून 2024 को ICC Men’s T20 World Cup 2024 का खिताब जीतकर लंबे समय बाद आईसीसी ट्रॉफी अपने नाम की थी। उस जीत को याद करते हुए सूर्यकुमार यादव ने सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें साझा कीं और उस सफर को खास बताया।

उन्होंने अपने संदेश में लिखा कि खेल में कुछ ऐसे पल होते हैं जो हमेशा यादों का हिस्सा बन जाते हैं। उन्होंने मेहनत, चुनौतियों, अभ्यास और प्रशंसकों के समर्थन को उस उपलब्धि की अहम वजह बताया। साथ ही उन्होंने टीम के साथियों और दुनिया भर के भारतीय समर्थकों का आभार भी जताया।

सूर्यकुमार ने यह भी कहा कि उस ऐतिहासिक फाइनल से पहले और उसके बाद तक मिले समर्थन और प्यार को वह हमेशा याद रखेंगे। उन्होंने 29 जून को भारतीय क्रिकेट के लिए एक यादगार तारीख बताया।

हाल के समय में भारतीय टीम में बदलावों और नई रणनीतियों के बीच सूर्यकुमार यादव को सीमित ओवरों की टीम से बाहर रखा गया है। हालांकि, टी20 क्रिकेट में उनका रिकॉर्ड अब भी उल्लेखनीय माना जाता है और उन्होंने भारतीय टीम के लिए कई अहम पारियां खेली हैं।

अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में सूर्यकुमार यादव ने टेस्ट, वनडे और टी20 प्रारूपों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है और खासतौर पर टी20 क्रिकेट में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से पहचान बनाई है।