अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विदेशी स्टील आयात पर टैरिफ 25% से बढ़ाकर 50% करने की घोषणा की है. उन्होंने यह कदम ऐसे समय पर उठाया है, जब अमेरिका और चीन के बीच महत्वपूर्ण खनिजों और टेक्नोलॉजी के ट्रेड में तनाव चरम पर है. ट्रंप ने शुक्रवार (30 मई) को पिट्सबर्ग में स्थित यूएस स्टील के मोन वैली वर्क्स-इरविन प्लांट में यह घोषणा करते हुए कहा कि अमेरिका का भविष्य शंघाई के घटिया स्टील पर नहीं, बल्कि पिट्सबर्ग की ताकत और गौरव पर आधारित होना चाहिए.
ट्रंप ने स्टील पर टैरिफ बढ़ाने का फैसला इसलिए लिया है क्योंकि वह घरेलू स्टील उत्पादकों को बढ़ावा देना चाहते हैं. इसके अलावा अमेरिकी निर्माण उद्योग को मजबूत करने की पहल करना चाहते हैं. चीन पर अमेरिका व्यापारिक दबाव बना कर उसे आर्थिक चोट पहुंचाना चाहता है. टैरिफ बढ़ाने की पीछे यूएस स्टील-निप्पॉन डील को मजबूत करने की कोशिश की जा रही है.
बता दें कि अमेरिका के आवास, ऑटोमोटिव और निर्माण जैसे उद्योग इस्पात पर अत्यधिक निर्भर हैं. टैरिफ बढ़ने से इन क्षेत्रों में लागत बढ़ सकती है, जिससे उत्पादों की कीमतें भी ऊपर जा सकती हैं. इससे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है. हालांकि, टैरिफ बढ़ाने के फैसले से चीन, कनाडा, यूरोप से आयात पर भरोसा कम हो जाएगा.
यूएस स्टील और निप्पॉन डील
डोनाल्ड ट्रंप ने एक नई ब्लॉकबस्टर डील की घोषणा की जिसमें जापान की निप्पॉन स्टील अमेरिकी कंपनी यूएस स्टील का अधिग्रहण करेगी, लेकिन कंपनी अमेरिकी नियंत्रण में बनी रहेगी. इस व्यवस्था में एक अमेरिकी नेतृत्व टीम और एक विशेष वीटो शक्ति (गोल्डन शेयर) का प्रावधान शामिल है. हालांकि इस डील के स्पष्ट विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, फिर भी इसे अमेरिकी कंपनी को विदेशी अधिग्रहण से बचाने की रणनीति के रूप में प्रस्तुत किया गया है.
यूनियनों की चिंता डील पर संदेह बरकरार
यूनाइटेड स्टीलवर्कर्स यूनियन ने ब्लॉकबस्टर डील को लेकर सवाल खड़े किए हैं. उनका मानना है कि निप्पॉन पूर्ण स्वामित्व के बिना निवेश नहीं करेगा, जैसा कि उसने पहले कहा था. इस वजह से यूनियन इस डील की पारदर्शिता पर सवाल उठा रही है।
क्रिकेटर युजवेंद्र चहल को डेट करने की अफवाहों के बीच आरजे महवश ने मुल्लांपुर में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के साथ आईपीएल 2025 क्वालीफायर 1 के मुकाबले में पंजाब किंग्स को चीयर किथा था. इसके एक दिन बाद आरजे महवश ने एक क्रिप्टिक इंस्टाग्राम स्टोरी शेयर की. महवश पहले तो एक्साइटेड दिखीं, लेकिन पंजाब किंग्स की हार के बाद वह निराश दिखीं. स्टेडियम से उनकी कई तस्वीरें और वीडियो ऑनलाइन वायरल हो रहे हैं. वहीं अब उनकी एक क्रिप्टिक पोस्ट वायरल हो रही है. जिसमें उन्होंने एथिक्स की बात की है.
आरजे महवश ने किया क्रिप्टिक पोस्ट आरजे महवश सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं. वे हाल ही में स्टेडियम में पंजाब किंग्स का झंडा लहराते और तस्वीरों के लिए पोज देते हुए देखी गईं. अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में, उन्होंने फाइनल मैच लाइनअप की भी भविष्यवाणी करते हुए लिखा, “भविष्यवाणी: फाइनल मैच RCB वर्सेस PBKS होगा!” दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने अपने पोस्ट पर कमेंट्स को बंद कर दिया, जिससे इस कदम के पीछे उनके इरादे के बारे में अटकलें लगाई जाने लगीं।
इससे भी ज़्यादा ध्यान उनकी इंस्टाग्राम स्टोरीज़ पर शेयर की गई एक क्रिप्टिक पोस्ट ने खींचा. जिसमें उन्होंने लिखा है, “सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि ‘आप जानते हैं’ कि आपने कभी किसी के साथ गलत नहीं किया है. आप हमेशा अपने इरादों से प्योर रहे हैं और आपको याद है कि आपको भगवान के पास लौटना है. अपने नैतिक मूल्यों के अनुसार जिएं. बाकी लोग जो कहते हैं वह सब शोर है. इसे कैंसिल करें.”
युजवेंद्र चहल और महवश के डेटिंग रूमर्स फैले हुए हैं महवश तब से सुर्खियों में हैं जब से उनका नाम पहली बार युजवेंद्र चहल से जुड़ा था. चहल हाल ही में अपनी पत्नी धनश्री वर्मा से अलग हो गए हैं. हालांकि न तो महवश और न ही चहल ने रिश्ते की अफवाहों की पुष्टि की है और न ही खंडन किया है, लेकिन उनके उनके बार-बार पब्लिकली दिखाई देने और पंजाब किंग्स के लिए उनके सपोर्ट ने दोनो के डेटिंग रूमर्स फैलाए हुए हैं.
राजीव कृष्ण को उत्तर प्रदेश का नया कार्यवाहक डीजीपी नियुक्त किया गया है।
वह वर्तमान में डीजी इंटेलिजेंस और पुलिस भर्ती बोर्ड के चेयरमैन हैं।
राजीव कृष्ण 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और नोएडा के मूल निवासी हैं।
आगरा में एसएसपी रहते हुए अपराधियों के खिलाफ की गई कार्रवाई से आए थे चर्चा में।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लंबे समय से नए डीजीपी को लेकर चल रहे सस्पेंस पर आखिरकार शनिवार शाम विराम लग गया। राज्य सरकार ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी राजीव कृष्ण को उत्तर प्रदेश का नया कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक (DGP) नियुक्त किया है। वह वर्तमान DGP प्रशांत कुमार का स्थान लेंगे, जिनका कार्यकाल 31 मई 2025 को समाप्त हो गया। सरकार ने प्रशांत कुमार को सेवा विस्तार नहीं दिया, जिससे राजीव कृष्ण के नाम की घोषणा की गई।
कौन हैं राजीव कृष्ण?
राजीव कृष्ण 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और वर्तमान में डीजी विजिलेंस के पद पर कार्यरत थे। इसके साथ ही उनके पास उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के चेयरमैन की जिम्मेदारी भी है। उन्हें सीएम योगी आदित्यनाथ का विश्वसनीय अधिकारी माना जाता है। वह उत्तर प्रदेश के नोएडा के मूल निवासी हैं और उनका जन्म 26 जून 1969 को हुआ था।
सक्रियता और सख्त छवि के लिए चर्चित
राजीव कृष्ण 2004 में आगरा के एसएसपी रह चुके हैं। इस दौरान उन्होंने विशेष अपराध विरोधी अभियान चलाकर अपराधियों पर नकेल कसी थी। खासकर बीहड़ में सक्रिय अपहरण गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर वे चर्चा में आए थे। उनकी गिनती उत्तर प्रदेश पुलिस के उन अधिकारियों में होती है, जिनकी रणनीतिक सोच और फील्ड एक्सपोजर मजबूत रहा है।
राज्य सरकार ने वर्ष 2024 में “उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक चयन एवं नियुक्ति नियमावली” को मंजूरी दी थी, जिसके तहत एक समिति बनाकर डीजीपी का चयन किया जाना था। लेकिन अब तक उस समिति का गठन नहीं हो सका है, यही कारण है कि सरकार को एक बार फिर कार्यवाहक डीजीपी की नियुक्ति करनी पड़ी।
उत्तर प्रदेश को पिछले तीन वर्षों में लगातार कार्यवाहक डीजीपी
उत्तर प्रदेश में मई 2022 से अब तक कोई भी पूर्णकालिक डीजीपी नियुक्त नहीं हुआ है। नीचे देखें अब तक के कार्यवाहक डीजीपी की सूची:
नाम
बैच
कार्यकाल
डीएस चौहान
1988
13 मई 2022 से 31 मार्च 2023
डॉ. राजकुमार विश्वकर्मा
1988
1 अप्रैल 2023 से 31 मई 2023
विजय कुमार
1988
1 जून 2023 से 31 जनवरी 2024
प्रशांत कुमार
1990
1 फरवरी 2024 से 31 मई 2025
राजीव कृष्ण
1991
1 जून 2025 से वर्तमान तक
IPS राजीव कृष्ण की उत्तर प्रदेश के नए कार्यवाहक डीजीपी के रूप में नियुक्ति न केवल प्रशासनिक स्तर पर एक महत्वपूर्ण फैसला है, बल्कि यह इस बात का भी संकेत है कि सरकार अब भी स्थायी डीजीपी की नियुक्ति से बचते हुए भरोसेमंद अधिकारियों को कार्यवाहक जिम्मेदारी सौंप रही है। राजीव कृष्ण का प्रशासनिक अनुभव, अपराध नियंत्रण में तत्परता और सीएम योगी की कोर टीम में उनकी गिनती यह उम्मीद जगाती है कि वे पुलिस विभाग को नई दिशा और गति देने में सफल रहेंगे।
हिन्दी पत्रकारिता दिवस पर बोलीं राज्य मंत्री रजनी तिवारी : “लोकतंत्र की रीढ़ है निष्पक्ष पत्रकारिता”, लखनऊ के पत्रकारों को मिला एनयूजे (आई) सम्मान
कार्यक्रम मेंउच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने कहा कि निष्पक्ष पत्रकारिता लोकतंत्र का मजबूत स्तंभ है और जब-जब देश-समाज को दिशा की जरूरत हुई, पत्रकारिता ने मार्गदर्शन किया।
एनयूजे (आई), उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित इस समारोह में लखनऊ की पत्रकारिता इकाई के सदस्यों को ‘एनयूजे (आई) सम्मान’ से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में पत्रकारों की भूमिका पर गहन चर्चा हुई, जिसमें उनके संघर्ष, समाज में योगदान और मीडिया की बदलती जिम्मेदारियों को रेखांकित किया गया।
मंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे पत्रकारिता के मूल्यों को समझें और सच्चाई के साथ बिना पक्षपात के रिपोर्टिंग करें।
कार्यक्रम में कई वरिष्ठ पत्रकार और मीडियाकर्मी मौजूद रहे, जिन्होंने मीडिया की वर्तमान स्थिति और भविष्य की चुनौतियों पर विचार साझा किए।
लखनऊ: लोकतंत्र में निष्पक्ष पत्रकारिता का चौथा स्तम्भ परम आवश्यक है। देश और समाज को जब-जब दशा-दिशा दिए जाने की जरूरत आई, तब-तब पत्रकारिता ने सकारात्मक भूमिका निभाई। परतंत्र भारत में पत्रकारिता ने न सिर्फ स्वतंत्रता के मतवालों को प्रेरित किया बल्कि पत्रकारों ने स्वयं सक्रिय सहभागिता भी निभाई। उक्त बातें बतौर मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने शुक्रवार को होटल दीप पैलेस में कहीं। वह नेशनल जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन (आई), उत्तर प्रदेश की ओर से ‘हिन्दी पत्रकारिता दिवस-2025’ पर हुए ‘एनयूजे (आई) सम्मान समारोह’ एवं ‘कृत्रिम बौद्धिकता के दौर में पत्रकारिता’ संगोष्ठी में बोल रही थीं।
उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने आगे कहा, स्वतंत्रता के बाद देश और समाज की आवश्यकता के अनुरूप पत्रकारों ने हमेशा सकारात्मक राह दिखाई। आपातकाल के दौरान जब जरूरत थी तो पत्रकारिता ने निरंकुश सत्ता को आईना दिखाया। जब सरकारों ने बेहतर कार्य किए तो सार्वजनिक पीठ भी थपथापाई। सेना के शौर्य के समर्थन में पत्रकारिता ने किसी योद्धा से कमतर भूमिका का निर्वहन नहीं किया। उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज को दिशा देने वाले योद्धा हैं। आप सभी न्याय दिलाने से लेकर सामाजिक जागरूकता तक की प्रत्येक प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसी संगोष्ठियों से निश्चित ही विचारों का अमृत निकलेगा।
इस दौरान विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह के शुभकामना संदेश का वाचन भी किया गया। बतौर विशिष्ट अतिथि प्रमुख सचिव सचिवालय प्रशासन अमित कुमार कुमार घोष ने कहा कि पत्रकारों को हमेशा सीखते रहना चाहिए। एआई का दौर भी पत्रकारों को और सिखाएगा और उनके काम में मदद करेगा। श्री घोष ने पत्रकारों के संघर्ष को सम्मान देते हुए बेहद संवेदनशील शब्दों में कहा, आप सभी समाज के असली प्रहरी हैं। तकनीक चाहे जितनी उन्नत हो जाए, पत्रकार की कलम का असर आज भी जीवंत है।’ संगोष्ठी में वरिष्ठ पत्रकार राजीव श्रीवास्तव, ज्ञानेंद्र शुक्ल, अनिल त्रिगुणायत, मनोज वाजपेयी, एआई विशेषज्ञ प्रखर पाठक ने अपने महत्वपूर्ण विचार रखे।
एनयूजे, उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष वीरेंद्र सक्सेना ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। मंच पर संगठन के संरक्षक के. बख्श सिंह, सुरेंद्र कुमार दुबे एवं एनयूजे स्कूल ऑफ मास कम्युनिकेशन के उपाध्यक्ष अजय कुमार भी रहे। प्रदेश महामंत्री संतोष भगवन, राष्ट्रीय कार्यपरिषद सदस्य हरीश सैनी, प्रदेश कोषाध्यक्ष अनुपम चौहान, प्रदेश प्रवक्ता/मीडिया प्रभारी डॉ.अतुल मोहन सिंह, कार्यकारिणी सदस्य अरुण शर्मा टीटू, लखनऊ जिलाध्यक्ष आशीष मौर्य, महामंत्री पद्माकर पांडेय, कोषाध्यक्ष अनुपम पांडेय, संगठन मंत्री अश्वनी जायसवाल, उपाध्यक्ष अभिनव श्रीवास्तव, अनिल सिंह, मीनाक्षी वर्मा, मनीषा सिंह, मंत्री पंकज सिंह चौहान, संगीता सिंह, गरिमा सिंह, नागेन्द्र सिंह, प्रवक्ता शिव सागर सिंह चौहान, विशेष आमंत्रित सदस्य आलोक श्रीवास्तव, डॉ. अशोक शुक्ल, मार्कण्डेय सिंह, धर्मेंद्र सक्सेना, ऋषि शर्मा, रोहित रामवापुरी, नंदिनी प्रियदर्शिनी, नेहा सिंह आदि को भी राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने सम्मानित किया। संचालन ऐश्वर्या शुक्ला ने किया।
वरिष्ठ पत्रकार/संपादक ज्ञानेंद्र शुक्ल ने कहा: सीखने-सिखाने का क्रम चलता रहता है, कल हमें हमारी वरिष्ठ सिखाते थे आज नई पीढ़ी के बच्चे सिखाते हैं। एआई और चैट जीपीटी भी नई पीढ़ी की तरह है। अब वह हमें सिखा रहा है। एआई से बचना मुश्किल है। मनुष्य और विवेक का स्थान ले पाना अभी एआई के वश में नहीं है। गुजरते वक्त के साथ पत्रकारिता ने कई चुनौतियां आत्मसात की हैं, एआई को भी मित्रवत आत्मसात कर लेंगे।
वरिष्ठ पत्रकार राजीव श्रीवास्तव ने कहा: विवेकवान होना ही मनुष्यता का पैमाना है। एआई टूल आंकड़ों और रिसर्च के आधार पर विद्वान हो सकता है, पर विवेकवान नहीं। मोबाइल पर हर सामग्री उपलब्ध है, पर मोबाइल में विवेक नहीं है। विवेकशीलता मनुष्य में ही है। एआई को हम छोड़ नहीं सकते, इनकार नहीं कर सकते, इसे हमको आत्मसात करना ही होगा। एआई को मित्रवत इस्तेमाल करें, पूर्ण आत्मनिर्भरता घाटक होगी। एआई डेटाबेस के आधार पर आपको कॉन्टेंट देता है। ह्यूमन इंटरवेंशन के बिना खबर के साथ न्याय नहीं होगा। एआई तकनीक चाहें जितनी विकसित हो जाए वह मनुष्य के विवेक का स्थान कभी नहीं ले सकता है। एआई के आने से नौकरी का खतरा नहीं है। हम अख़बार को एआई के भरोसे नहीं छोड़ सकते हैं, वरना खबरों का जिम्मेदार कौन होगा। पत्रकारों के निजी अनुभव का पर्याय भी एआई नहीं हो सकता है।
वरिष्ठ पत्रकार/संपादक अनिल त्रिगुणावत ने कहा: ‘एआई संवेदना, विचार और मानवीय दृष्टिकोण नहीं ला सकता है। पत्रकारिता की आत्मा उसकी विश्वसनीयता है और वह केवल एक अनुभवी पत्रकार ही बनाए रख सकता है। पत्रकार की भूमिका एआई से कभी पीछे नहीं होगी। एआई विशेषज्ञ प्रखर पाठक ने कहा, मीडिया में चैट जीपीटी और वर्कस्पेस टूल का इस्तेमाल पत्रकारों के लिए उपयोगी साबित होगा। वॉयस ओवर से लेकर बेसिक सामग्री तक एआई के माध्यम से जनरेट कर सकते हैं। एआई से रिसर्च डिटेल लेकर पत्रकार चैट जीपीटी के माध्यम से न्यूज़ सामग्री बना सकते हैं।
हेरा-फेरी 3 इन दिनों सुर्खियों में बनी हुई है. इस फिल्म का फैंस को बेसब्री से इंतजार था. मगर परेश रावल ने फिल्म छोड़कर सभी को चौंका दिया है. इस पर फैंस तो टेंशन में हैं ही, सेलेब्स को भी लग रहा है कि परेश रावल के बिना फिल्म में मजा नहीं आने वाला है. जॉनी लीवर को हेरा फेरी फ्रेंचाइजी का हिस्सा रह चुके हैं उन्होंने परेश रावल की एग्जिट पर रिएक्ट किया है। जॉनी लीवर का मानना है कि परेश रावल को अपने फैसले के बारे में एक बार फिर सोच लेना चाहिए क्योंकि उनके बिना फिल्म में मजा नहीं आएगा. जॉनी लीवर का रिएक्शन वायरल हो रहा है।
जॉनी लीवर ने किया रिएक्ट टाइम्स नाओ को दिए इंटरव्यू में जॉनी लीवर ने परेश रावल के फिल्म छोड़ने के बारे में बात की. उनका कहना है कि परेश रावल को टीम के साथ बैठकर मामले को सुलझाना चाहिए क्योंकि फैन उन्हें फिल्म में मिस करेंगे. उन्होंने कहा- मुझे लगता है उन्हें कर लेना चाहिए फिल्म. बैठकर बात करें, मैटक सॉल्व करें क्योंकि फैंस बहुत मिस करेंगे परेशजी को फिल्म में, मजा नहीं आएगा ना वैसे उनके बिना. तो बात करके सॉल्व कर लेना चाहिए. मेरी नजर में तो ये ही सही है। बता दें 18 मई को पोस्ट शेयर करके परेश रावल ने हेरा फेरी 3 छोड़ने का कंफर्म किया था. उन्होंने लिखा था कि वो क्रिएटिव डिफरेंस की वजह से फिल्म नहीं छोड़ रहे हैं. जिसके बाद अक्षय कुमार के प्रोडक्शन हाउस ने उन्हें 25 करोड़ के हर्जाने का नोटिस भेजा है. फिल्म की शूटिंग शुरू हो चुकी थी. तीनो एक्टर ने प्रोमो भी शूट कर लिया था।
अक्षय ने तोड़ी चुप्पी
हाउसफुल 5 के ट्रेलर लॉन्च पर अक्षय कुमार से परेश रावल के हेरा फेरी 3 छोड़ने को लेकर बात की थी. इस पर उन्होंने कहा था- जो कुछ भी है लेकिन ये सही जगह नहीं है जो मैं इस बारे में बात करूं. जो कुछ भी हुआ है वो सीरियस मामला है. कोर्ट इस मामले को देखेगी. मुझे नहीं लगता कि इस जगह मुझे इस बारे में बात करनी चाहिए।