Home Blog Page 718

Harbhajan Singh on RCB Parade Stampede:चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर भगदड़ पर हरभजन सिंह हुए भावुक, जानिए उन्होंने क्या कहा।

 एम चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर मची भगदड़ पर भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह ने प्रतिक्रिया दी है. हरभजन ने उन सभी लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की, जिन्होंने इस घटना में जान गंवाई है. भज्जी ने कहा कि इस घटना में जिन भी लोगों को हानि पहुंची है, वो सबके साथ खड़े हैं.

हरभजन सिंह ने कहा, “एम चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर भगदड़ की दुर्भाग्यपूर्ण खबर सुनी. इस घटना में कई लोगों की जान गई और बहुत सारे क्रिकेट फैंस चोटिल हुए हैं. यह क्रिकेट के खेल की भावना पर एक काली छाया की तरह है जो देश में लाखों-करोड़ों लोगों को साथ जोड़े रखता है.

हरभजन ने कहा कि वो इस कठिन समय में सभी चोटिल लोगों के जल्द स्वास्थ होने की कामना करते हैं. साथ ही उन्होंने दुर्घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की.

आकाश चोपड़ा ने भी दी प्रतिक्रिया

दिग्गज भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने भी कहा कि वो कुछ कह पाने की स्थिति में नहीं हैं. आकाश ने कहा कि IPL में एक जीत के लिए विक्ट्री परेड ने कई लोगों की जान ले ली है. उन्होंने कहा, “इस घटना से प्रभावित होने वाले लोगों और उनके परिवारों के प्रति संवेदना. शान्ति.”

Vietnam Two Child Policy Ended: अब लोग चाहें तो जितने भी बच्चे पैदा करें… देश की आबादी होने लगी है बुजुर्ग, इसलिए सरकार ने खत्म की टू-चाइल्ड पॉलिसी

 वियतनाम ने आधिकारिक तौर परलंबे समय से चली आ रही दो बच्चों की पॉलिसी को खत्म कर दिया है. देश की नेशनल असेंबली ने मंगलवार को उस कानून में संशोधन किया, जिसके तहत परिवारों को एक या दो बच्चे पैदा करने की सीमा तय की गई थी. इसकी पुष्टि बुधवार को सरकारी मीडिया वियतनाम न्यूज एजेंसी ने की.

वियतनाम ने यह फैसला गिरती जन्म दर को बढ़ावा देने और बुजुर्ग होती आबादी के बारे में चिंताओं को दूर करने के लिए लिया गया. 1988 में वियतनाम ने कपल के दो से ज्यादा बच्चे पैदा करने पर प्रतिबंध लगा दिया था. इसके पीछे सोच ये थी कि महिलाएं बच्चों की देखभाल पर कम समय देंगी और काम पर ध्यान केंद्रित करेंगी. इस पॉलिसी की वजह से देश में ऐतिहासिक रूप से कम जन्म दर देखी जा रही है.

वियतनाम की कितनी है जन्म दर?

2021 में वियतनाम की जन्म दर प्रति महिला 2.11 बच्चे थी, जो स्थिर जनसंख्या बनाए रखने के लिए जरूरी स्तर से थोड़ा ऊपर है लेकिन तब से ये लगातार गिरती गई: 2022 में 2.01, 2023 में 1.96 और 2024 में 1.91 हो गई. उप स्वास्थ्य मंत्री गुयेन थी लिएन हुआंग ने इस साल की शुरुआत में एक सम्मेलन में कहा कि नीतिगत बदलावों और जन जागरूकता अभियानों के बावजूद परिवारों को अधिक बच्चे पैदा करने के लिए प्रोत्साहित करना कठिन होता जा रहा है.

अपनी चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि घटती जन्म दर दीर्घकालिक सामाजिक-आर्थिक विकास को प्रभावित कर सकती है, जिसमें वृद्ध होती आबादी और कार्यबल की कमी शामिल है. उन्होंने समाज से आग्रह किया कि वह केवल परिवार नियोजन पर ध्यान केंद्रित करने की मानसिकता को बदले और जनसंख्या और विकास जैसे आयामों पर व्यापक दृष्टिकोण बनाए.

चीन भी खत्म कर चुका है एक बच्चे वाली पॉलिसी

वियतनाम अपनी दो-बच्चे की नीति को खत्म करने वाला एकमात्र देश नहीं है. चीन ने भी अपनी लंबे समय से चली आ रही एक-बच्चे की पॉलिसी को खत्म कर दिया है, जो 1979 में शुरू हुई थी. इस नीति में पहले दूसरे बच्चे और बाद में 2021 में तीसरे बच्चे की अनुमति देने के लिए ढील दी गई थी. हालांकि, इन बदलावों से जन्म दर को बढ़ाने में बहुत कम सफलता मिली.

पीएम मोदी के जम्मू-कश्मीर दौरे को लेकर एलजी ने अधिकारियों के साथ बैठक की, चिनाब रेलवे पुल पर भी हुई चर्चा

आखिरकार वह दिन आ ही गया जब कश्मीर घाटी पूरे देश से रेल मार्ग से जुड़ेगी. (6 जून, 2025) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कटरा से श्रीनगर के लिए ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे. इसके साथ ही प्रधानमंत्री चिनाब नदी पर बने विश्व के सबसे उंचे रेल पुल का उद्घाटन भी करेंगे. इसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कटरा के स्पोर्ट्स स्टेडियम में जनसभा को भी संबोधित करेंगे.

सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 जून को सुबह उधमपुर लैंड करेंगे. इसके बाद वहां से हेलीकॉप्टर से चिनाब नदी पर बने विश्व के सबसे ऊंचे रेलवे पुल का उद्घाटन करेंगे. इस उद्घाटन के बाद हेलीकाप्टर से ही नरेंद्र मोदी कटरा आएंगे, जहां वह श्रीनगर जाने वाली पहली ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे.

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने अधिकारियों संग की बैठक
पीएम मोदी के कटरा दौरे से पहले जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने तैयारी बैठक की अध्यक्षता की. इस बैठक में उपराज्यपाल ने लोगों से ऐतिहासिक चिनाब पुल के उद्घाटन और वंदे भारत ट्रेन सेवा को प्रधानमंत्री द्वारा हरी झंडी दिखाने को यादगार बनाने की अपील की.

उपराज्यपाल ने कहा कि यह रेल लिंक कश्मीर घाटी से साल भर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगी. उन्होंने कहा कि मोदी दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे पुल चिनाब पुल को राष्ट्र को समर्पित करेंगे. इंजीनियरिंग का यह चमत्कार 359 मीटर ऊंचा दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे आर्च ब्रिज है. यह 2047 तक विकसित देश बनने की राह पर पुनरुत्थानशील भारत का प्रतीक है.

इस बैठक में मुख्य सचिव अटल डुल्लू, डीजीपी जम्मू-कश्मीर नलिन प्रभात, एडीजीपी सशस्त्र आनंद जैन, संभागीय आयुक्त जम्मू रमेश कुमार, आईजीपी जम्मू भीम सेन टूटी, आईजीपी रेलवे विवेक गुप्ता, आईजीपी ट्रैफिक एम. सुलेमान चौधरी, जम्मू, कठुआ, सांबा, रियासी और उधमपुर के उपायुक्त और एसएसपी तथा नागरिक और पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए.

RCB Stampede Today:चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर भगदड़ पर विराट कोहली और RCB टीम ने क्या कहा? 11 लोगों की मौत, कई घायल

मंगलवार को RCB ने पंजाब किंग्स को 6 रनों से हराकर IPL 2025 का खिताब जीता था. फाइनल मुकाबला अहमदाबाद में खेला गया था, वहीं जब बुधवार को टीम बेंगलुरु पहुंची तो वहां खिलाड़ियों के लिए विक्ट्री परेड की तैयारियां की गई थीं. एम चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर हजारों की भीड़ इकट्ठा हो गई थी, लेकिन शाम के समय भगदड़ मच गई. इसके बावजूद RCB टीम के खिलाड़ी चिन्नास्वामी स्टेडियम पहुंचे और फैंस का अभिवादन स्वीकार किया.

विराट कोहली और RCB टीम ने क्या कहा?

चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहड़ भगदड़ मची, जिसमें कई लोगों की जान जाने की खबर है. ऐसे में जब आरसीबी टीम चिन्नास्वामी स्टेडियम पहुंची तो विराट कोहली समेत RCB खिलाड़ियों ने कुछ नहीं कहा था. ऐसे में सवाल उठने लाजिमी हैं कि जब मैदान के बाहर इतनी बड़ी घटना हो गई थी, फिर भी RCB टीम के कार्यक्रम को क्यों नहीं रोका गया और टीम के खिलाड़ियों ने कोई बयान क्यों नहीं दिया. इस पर IPL चेयरमैन अरुण सिंह धूमल ने प्रकाश डालते हुए बताया कि स्टेडियम के अंदर मौजूद कर्मचारियों को भगदड़ की जानकारी नहीं थी.

IPL चेयरमैन अरुण सिंह धूमल ने बताया, “यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है. मैदान के भीतर मौजूद कर्मचारियों को भगदड़ की जानकारी नहीं थी. उन्होंने मुझे आश्वासन दिया कि समारोह को भीतर ही पूरा किया जाएगा. यह बहुत दुखद है.”

आपको बताते चलें कि एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में आने से पहले रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाड़ी विधान सौधा पहुंचे थे. जहां कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बेंगलुरु टीम के खिलाड़ियों को सम्मानित किया था. वहीं BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने भी इस घटना को दुखद बताया और कहा कि कार्यक्रम के आयोजकों को बेहतर तैयारियां करनी चाहिए थी.

Caste Census: घर का मुखिया कौन है, कितनी है प्रॉपर्टी, शादी हुई या नहीं; जनगणना में कैसे होते हैं सवाल?

 जाति जनगणना को लेकर बुधवार को आयोजित CCPA की बैठक में मोदी सरकार ने फैसला लिया है कि मूल जनगणना में ही जातिगत जनगणना कराई जाएगी. इस बार जनगणना के दौरान जाति से जुड़े सवाल भी पूछे जाएंगे. इससे पहले 2021 में जनगणना होनी थी, लेकिन कोरोना के कारण टालना पड़ा.

जनगणना के लिए नियुक्त होते हैं सरकारी कर्मचारी 

देश में जनगणना के लिए सरकारी कर्मचारियों का नियुक्त किया जाता है, जिन्हें एन्यूमेरेटर कहा जाता है. जनगणना के लिए नियुक्त कर्मचारी तय किए गए इलाकों में जाते हैं और कई तरह की जानकारियां जुटाते हैं. सरकार इन्हें एक स्पेशल आईडी कार्ड देती है और किसी भी तरह का शक होने पर आप इनसे पहचान पत्र दिखाने को कह सकते हैं.

जनगणना की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, ये दो हिस्सों में कराई जाती है. पहली हाउसिंग और दूसरी हाउसिंग सेंसस. हाउसिंग में घर से जुड़े कई तरह के सवाल पूछे जाते हैं, जिसमें बिजली, पेयजल, शौचालय, संपत्ति और संपत्ति के कब्जे से जुड़े सवाल होते हैं.

प्रक्रिया के दौरान पूछे जाते हैं कुल 29 सवाल 

जनगणना का दूसरा फॉर्म नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर का होता है. इसमें घर के सदस्यों को लेकर सवाल पूछे जाते हैं. जैसे- नाम, लिंग, माता का नाम, पिता का नाम, जन्म की तारीख, वैवाहिक स्थिति, अस्थायी पता और परिवार के मुखिया को लेकर सवाल पूछे जाते हैं. जनसंख्या की प्रक्रिया के दौरान ऐसे ही कुल 29 सवाल पूछे जाते हैं.

कैसे तैयार होता है जनगणना का डेटा बेस?

दावों के मुताबिक भारत सरकार जनगणना से जुड़ी जो भी जानकारी जुटाती है, उसे निजी एजेंसी के साथ शेयर नहीं किया जाता है. जनगणना करने वाले कर्मचारी जो डेटा इकट्ठा करते हैं, उसे फिल्टर किया जाता है. कैटेगरी में बांटने के बाद इसे नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर में अंतिम रूप दिया जाता है. इस तरह जनगणना का डेटा बेस तैयार होता है जिसे सरकार इस्तेमाल करती है.

भारत में जनगणना कराने के लिए प्रावधान है, जिसे जनगणना अधिनियम 1948 के नाम से जाना जाता है. ये प्रावधान केंद्र सरकार को जनगणना कराने और इसके लिए नियम बनाने का अधिकार देता है. इसके साथ ही जनगणना का विस्तृत आंकड़ा गोपनीय रखा जाता है.

कबसे शुरू हुई जनगणना? 

देश में पहली जनगणना 1872 में तत्कालीन गवर्नर जनरल लॉर्ड मेयो के शासनकाल में हुई, जबकि संपूर्ण जनगणना 1881 में हुई. इसके बाद हर 10 साल में जनगणना कराने का चलन शुरू हुआ. आजादी से पहले साल 1881, 1891, 1901, 1911, 1921, 1931 और 1941 में जनगणना कराई गई. आजादी मिलने के बाद 1951 में पहली बार जनगणना हुई थी. फिर 1961, 1971, 1991, 2001 और 2011 जनगणना कराई गई.