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India A and England Lions:भारत ए बनाम इंग्लैंड टेस्ट सीरीज का क्या रहा नतीजा? किस भारतीय बल्लेबाज ने दिखाया दम, जानें यहां

 भारत ए के 439 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड लॉयन्स ने दूसरी पारी में तीन विकेट पर 32 रन बनाए जिसके बाद चौथे और अंतिम दिन दूसरा अनौपचारिक टेस्ट नीरस ड्रॉ पर समाप्त हुआ. साथ ही दो मैच की श्रृंखला भी 0-0 से बराबर रही. केंटरबरी में पहला अनौपचारिक टेस्ट भी ड्रॉ रहा था

भारत ए ने तनुष कोटियान (नाबाद 90) और अंशुल कंबोज (नाबाद 51) के अर्धशतक से दूसरी पारी सात विकेट पर 417 रन बनाकर घोषित की और मेजबान टीम को 439 रन का लक्ष्य दिया.

कंबोज (छह रन पर दो विकेट) ने इसके बाद गेंदबाजी में भी कमाल करते हुए एमिलियो गे (05) और जोर्डन कॉक्स (00) को पवेलियन भेजकर इंग्लैंड लॉयन्स के शीर्ष क्रम को झकझोरा.

तुषार देशपांडे (13 रन पर एक विकेट) ने इससे पहले टॉम हेन्स (07) को नितीश कुमार रेड्डी के हाथों कैच कराके भारत को पहली सफलता दिलाई.

जब मैच ड्रॉ घोषित किया गया उस समय सलामी बल्लेबाज बेन मैकिनी 16 रन बनाकर खेल रहे थे जबकि दूसरे छोर पर कप्तान जेम्स रेव खाता खोले बिना उनका साथ निभा रहे थे.

कोटियान ने इससे पहले 108 गेंद की अपनी पारी में 10 चौके मारे. उन्होंने और कंबोज ने दूसरे सत्र में इंग्लैंड लॉयन्स के गेंदबाजों को सफलता से महरूम रखा. दोनों ने आठवें विकेट के लिए 149 रन की अटूट साझेदारी की.

कंबोज ने भी मेजबान टीम के थके हुए गेंदबाजों का फायदा उठाते हुए उम्दा पारी खेली. मेजबान टीम को विकेट की तलाश में कामचलाऊ गेंदबाजों को भी आजमाना पड़ा लेकिन सफलता नहीं मिली.

कोटियान ने 74वें ओवर में बेन मैकिनी की गेंद को थर्ड मैन पर चार रन के लिए खेलकर अपना 16वां प्रथम श्रेणी अर्धशतक पूरा किया.

कंबोज ने 91वें ओवर में टॉम हेन्स पर तीन रन के साथ अपना पहला अर्धशतक जड़ा.

मेजबान टीम के गेंदबाजों ने 80वें ओवर के बाद नई गेंद ली लेकिन विकेट हासिल करने में सफलता नहीं मिली. भारत ने दूसरी पारी में अधिकतर समय साढ़े चार रन प्रति ओवर से अधिक की रन गति से रन बनाए.

भारत ए ने सुबह के सत्र में ध्रुव जुरेल (28), नितीश कुमार रेड्डी (42) और शारदुल ठाकुर (34) के विकेट गंवाए. जॉर्ज हिल (39 रन पर तीन विकेट) ने लंच से पहले की आखिरी गेंद पर शारदुल को बोल्ड किया.

भारत ने दिन की शुरुआत चार विकेट पर 163 रन से की. जुरेल ने क्रिस वोक्स पर मिड विकेट क्षेत्र में दो चौके मारे लेकिन अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में बदलने में नाकाम रहे.

जुरेल ने एडी जैक की आउटस्विंग पर विकेटकीपर रेव को कैच थमाया. उन्होंने 51 गेंद का सामना करते हुए तीन चौके मारे और रेड्डी के साथ पांचवें विकेट के लिए 46 रन जोड़े.

रेड्डी अच्छी लय में नजर आ रहे थे लेकिन हिल ने उन्हें बोल्ड करके भारत को छठा झटका दिया. उन्होंने 78 गेंद की अपनी पारी के दौरान चार चौके और एक छक्का मारा.

शारदुल ने फरहान अहमद पर लगातार दो चौके मारे लेकिन लंच से ठीक पहले हिल ने उन्हें भी बोल्ड कर दिया. उन्होंने 47 गेंद की अपनी पारी में तीन चौके और दो छक्के जड़े.

भारत ए ने पहली पारी में 348 रन बनाने के बाद इंग्लैंड लॉयन्स को 327 रन पर आउट करके 21 रन की बढ़त हासिल की थी.

Muhammad Yunus on Dhaka:चुनाव की घोषणा के बाद अपने ही देश में चौतरफा घिरे मोहम्मद यूनुस, ढाका को लेकर किया बड़ा ऐलान

 बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार को विपक्षी दलों, सिविल सेवकों, शिक्षकों और सेना के विरोध का सामना करना पड़ रहा है. इससे घबराई यूनसु सरकार ने ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस (डीएमपी) को राजधानी ढाका में सभी सार्वजनिक समारोहों, जुलूसों और रैलियों पर व्यापक प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए हैं.

द डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने सोमवार (9 जून, 2025) को मोहम्मद यूनुस के आधिकारिक निवास जमुना गेस्ट हाउस बांग्लादेश सचिवालय और आस-पास के इलाकों को अनिश्चितकाल के लिए सील कर दिया है.

यूनुस सरकार के अध्यादेश के खिलाफ कर्मचारी कर रहे प्रदर्शन 

ढाका सचिवालय में सिविल सेवकों और अधिकारियों के यूनुस सरकार के अध्यादेश के खिलाफ हफ्तों से चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच ये सख्त कदम उठाए गए हैं. सरकार के अध्यादेश के मुताबिक बिना किसी उचित प्रक्रिया के 14 दिनों के भीतर कदाचार के लिए अधिकारियों को बर्खास्त किया जा सकता है. सिविल सेवकों ने इसे अवैध काला कानून करार दिया और तत्काल निरस्त करने की मांग की.

सेंट्रल ढाका में विरोध प्रदर्शन पर ये नए प्रतिबंध 10 मई को जारी किए गए इसी तरह के निर्देश के बाद लगाए गए हैं, जब अंतरिम सरकार ने प्रमुख सरकारी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया था.

15 जून के बाद कड़े आंदोलन की चेतावनी

ढाका स्थित न्यूएजबीडी की रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल ईद के कारण विरोध प्रदर्शनों की तीव्रता में अस्थायी विराम लग सकता है, लेकिन सिविल सेवकों ने चेतावनी दी है कि अगर 15 जून तक उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो वे और कड़ा आंदोलन करेंगे.

8 अगस्त 2024 से सत्ता में आई यूनुस के नेतृत्व वाली बांग्लादेश की अंतरिम सरकार बढ़ती चुनौतियों और विरोध प्रदर्शनों से जूझ रही है. यूनुस ने अप्रैल 2026 के पहले सप्ताह तक देश में स्वतंत्र चुनाव कराने का वादा किया है.

Ind vs Eng Lions Second Test Match Result: केएल राहुल की शतकीय पारी, खलील की घातक गेंदबाजी और तनुष कोटियन की चमक के बावजूद मैच रहा ड्रॉ

भारत की ए टीम और इंग्लैंड लॉयंस के बीच चल रहा दूसरा टेस्ट मैच समाप्त हो गया है. इस मैच में भारत के स्टार खिलाड़ी केएल राहुल ने शतक लगाया. वहीं टीम के कप्तान अभिमन्यु ईश्वरन ने 80 रनों की दमदार पारी खेली. खलील अहमद की धाकड़ गेंदबाजी ने इंग्लैंड टीम के छक्के छुड़ा दिए. वहीं तनुष कोटियन ने भी मैच के आखिरी दिन अपने बल्ले से जलवा बिखेरा और 90 रनों की नाबाद पारी खेली.

भारत की ए टीम का इस मुकाबले में दमदार प्रदर्शन देखने को मिला. ये मैच भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज से पहले प्रैक्टिस मैच के तौर पर खेले जा रहे हैं, जिनमें भारत की ए टीम, इंग्लैंड लॉयंस पर हावी पड़ती नजर आ रही है.

राहुल-जुरेल ने चलाया पहली पारी का खेल

इंडिया ए टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 348 रन बनाए, जिसमें केएल राहुल ने शतक लगाते हुए 116 रनों की पारी खेली और ध्रुव जुरेल के बल्ले से अर्धशतक आया. इसके बाद इंग्लैंड लॉयंस की टीम बैटिंग करने उतरी, तो भारत के गेंदबाजों ने इंग्लैंड की टीम को 327 के स्कोर पर रोक दिया, जिसमें खलील अहमद ने 4 विकेट चटकाए. तुषार देशपांडे और अंशुल कंबोज ने भी 2-2 विकेट लिए.

भारत-इंग्लैंड के बीच मैच ड्रॉ

भारतीय टीम ने दूसरी पारी में 7 विकेट के नुकसान पर 417 रन बनाए और मैच के चौथे दिन पारी घोषित कर दी. इस इनिंग में कप्तान अभिमन्यु ईश्वरन ने 80 रनों की अर्धशतकीय पारी खेली. वहीं तनुष कोटियन ने नाबाद 90 रन बनाए. वहीं अंशुल कंबोज भी 51 रन पर नाबाद लौटे. इंग्लैंड लॉयंस की टीम के पास खेलने के लिए 11 ओवरों का खेल शेष था, जिसमें भारतीय गेंदबाजों ने 3 विकेट चटका दिए और इंग्लैंड की ए टीम 32 रन ही बना सकी. इसी के चलते इंडिया ए और इंग्लैंड लॉयंस के बीच दूसरा मैच ड्रॉ हो गया.

लखनऊ: सरोजनीनगर के हसनगंज में ‘माँ तारा लाइब्रेरी’ की शुरुआत, प्रतियोगी छात्रों को मिलेगा मुफ्त अध्ययन केंद्र, युवा सशक्तिकरण को लेकर विधायक दिख रहे संवेदनशील

लखनऊ: सरोजनीनगर के हसनगंज में ‘माँ तारा लाइब्रेरी’ की शुरुआत, प्रतियोगी छात्रों को मिलेगा मुफ्त अध्ययन केंद्र, युवा सशक्तिकरण को लेकर विधायक दिख रहे संवेदनशील
लखनऊ: सरोजनीनगर के हसनगंज में ‘माँ तारा लाइब्रेरी’ की शुरुआत, प्रतियोगी छात्रों को मिलेगा मुफ्त अध्ययन केंद्र, युवा सशक्तिकरण को लेकर विधायक दिख रहे संवेदनशील
लखनऊ: सरोजनीनगर के हसनगंज में ‘माँ तारा लाइब्रेरी’ की शुरुआत, प्रतियोगी छात्रों को मिलेगा मुफ्त अध्ययन केंद्र, युवा सशक्तिकरण को लेकर विधायक दिख रहे संवेदनशील
  • लखनऊ के हसनगंज क्षेत्र में ‘माँ तारा लाइब्रेरी’ का शुभारंभ, प्रतियोगी छात्रों के लिए पूरी तरह निःशुल्क सुविधा।
  • शांत और अनुशासित वातावरण में पढ़ाई के लिए मिलेगा अध्ययन कक्ष, सीमित सीटों के साथ रजिस्ट्रेशन शुरू।
  • सरोजिनी नगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह की प्रेरणा और जनहित संकल्प से साकार हुई यह पहल।
  • आशीष सिंह चौहान, अतुल कुमार सिंह माखन और आनंद सर के सामूहिक प्रयास से बना यह केंद्र छात्रों की पाठशाला बन चुका है।
  • यह पहल ‘रण बहादुर सिंह डिजिटल शिक्षा एवं युवा सशक्तिकरण केंद्र’ की ही तरह, तकनीक और शिक्षा के समावेश का उदाहरण है।

लखनऊ: उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ में सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र के हसनगंज में शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक पहल देखने को मिली है। ‘माँ तारा लाइब्रेरी’ नामक निःशुल्क अध्ययन केंद्र का शुभारंभ हुआ है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को पूर्णत: मुफ़्त और व्यवस्थित अध्ययन का अवसर प्रदान कर रहा है।

यह लाइब्रेरी उन युवाओं के लिए समर्पित है जो सीमित संसाधनों के कारण बेहतर माहौल में पढ़ाई से वंचित रह जाते हैं। यहाँ छात्रों को न सिर्फ शांति से पढ़ने की सुविधा मिलेगी, बल्कि एक ऐसा प्रेरक वातावरण भी मिलेगा, जो उन्हें आत्मनिर्भरता और सफलता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करेगा।

रजिस्ट्रेशन पूरी तरह निःशुल्क

लाइब्रेरी में दाखिला पूरी तरह निःशुल्क है और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया भी बेहद सरल रखी गई है। यह केंद्र दद्दुआ कॉम्प्लेक्स, हसनगंज बाजार, पोस्ट ऑफिस के पास स्थित है और फिलहाल सीमित सीटों के साथ संचालित हो रहा है। इसलिए इच्छुक छात्र शीघ्रता से पंजीकरण कर सकते हैं।

विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह की प्रेरणा से साकार हुई पहल

इस सामाजिक और शैक्षिक अभियान के पीछे सरोजिनी नगर के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह की प्रेरणा रही है, जिन्होंने शिक्षा को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया है। उनकी सोच स्पष्ट है – “यदि युवा शिक्षित और सशक्त होंगे, तो समाज अपने आप समृद्ध होगा।”

टीम का समर्पण बना उदाहरण

‘माँ तारा लाइब्रेरी’ को मूर्त रूप देने में कई लोगों की अहम भूमिका रही है।

संस्थापक: आशीष सिंह चौहान
संचालक: अतुल कुमार सिंह माखन
सहायक: आनंद सर

इन सभी ने मिलकर इस पुस्तकालय को सिर्फ एक भवन नहीं, बल्कि छात्रों के लिए एक सपनों की पाठशाला बना दिया है।

डिजिटल शिक्षा की दिशा में भी बड़ा कदम

सरोजिनी नगर क्षेत्र में पूर्व से ही रण बहादुर सिंह डिजिटल शिक्षा एवं युवा सशक्तिकरण केंद्र कार्यरत है, जहाँ तकनीकी शिक्षा, कंप्यूटर साक्षरता और प्रतियोगी परीक्षाओं की डिजिटल तैयारी की सुविधा निःशुल्क दी जा रही है। अब ‘माँ तारा लाइब्रेरी’ इस श्रृंखला में एक और ठोस कड़ी जुड़ गई है।

छात्र सीधे लाइब्रेरी परिसर में पहुंचकर अपना निःशुल्क पंजीकरण करा सकते हैं। अध्ययन हेतु सीटें सीमित हैं, इसलिए समय रहते पंजीकरण करना आवश्यक है।

लंदन स्थित “हाउस ऑफ लॉर्ड्स” में डॉ. राजेश्वर सिंह को मिला ‘राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन में उत्कृष्टता’ सम्मान: डॉ. सिंह ने वैश्विक मंच पर रखा देश का पक्ष, भारत-यूके कानूनी भागीदारी को बताया नई दिशा देने वाला कदम

लंदन स्थित "हाउस ऑफ लॉर्ड्स" में डॉ. राजेश्वर सिंह को मिला ‘राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन में उत्कृष्टता’ सम्मान: डॉ. सिंह ने वैश्विक मंच पर रखा देश का पक्ष, भारत-यूके कानूनी भागीदारी को बताया नई दिशा देने वाला कदम
लंदन स्थित "हाउस ऑफ लॉर्ड्स" में डॉ. राजेश्वर सिंह को मिला ‘राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन में उत्कृष्टता’ सम्मान: डॉ. सिंह ने वैश्विक मंच पर रखा देश का पक्ष, भारत-यूके कानूनी भागीदारी को बताया नई दिशा देने वाला कदम
लंदन स्थित "हाउस ऑफ लॉर्ड्स" में डॉ. राजेश्वर सिंह को मिला ‘राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन में उत्कृष्टता’ सम्मान: डॉ. सिंह ने वैश्विक मंच पर रखा देश का पक्ष, भारत-यूके कानूनी भागीदारी को बताया नई दिशा देने वाला कदम
  • डॉ. राजेश्वर सिंह को हाउस ऑफ लॉर्ड्स, लंदन में ‘राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन में उत्कृष्टता’ सम्मान से नवाज़ा गया।
  • उन्होंने भारत-यूके फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के तहत उत्तर प्रदेश के निर्यात अवसरों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
  • प्रवर्तन अधिकारी, अधिवक्ता और विधायक के रूप में उनके बहुआयामी योगदान को वैश्विक मंच पर सराहा गया।
  • ICA लंदन कॉन्फ्रेंस 2025 में वे भारत-यूके वाणिज्यिक पंचाट विषय पर विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।
  • यूके-इंडिया लीगल पार्टनरशिप को उन्होंने कानूनी कूटनीति और WTO समन्वय के लिए अहम बताया।

लखनऊ/लंदन (यूनाइटेड किंगडम), True News Up ब्यूरो : भारतीय राजनीति में एक अनुशासित, जनसेवी और विधिक दक्षता से परिपूर्ण व्यक्तित्व के रूप में पहचान बना चुके उत्तर प्रदेश के सरोजनीनगर से भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ा सम्मान मिला है। लंदन स्थित प्रतिष्ठित हाउस ऑफ लॉर्ड्स में आयोजित एक विशेष समारोह में उन्हें “राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन में उत्कृष्ट योगदान” के लिए सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उन्होंने भारत और यूके के बीच यूके-इंडिया लीगल पार्टनरशिप (UKILP) के अंतर्गत कानूनी सहयोग, विवाद समाधान तंत्र, वाणिज्यिक पंचाट और फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के जरिए उत्तर प्रदेश की वैश्विक संभावनाओं को प्रभावशाली रूप से प्रस्तुत किया।

एक सम्मान, जो बहुआयामी सेवाओं को समर्पित है

डॉ. सिंह ने अपने भाषण में कहा, “यह सम्मान सिर्फ मेरे लिए नहीं, बल्कि मेरे विधान सभा क्षेत्र सरोजनीनगर, मेरे प्रदेश उत्तर प्रदेश और भारत की विधिक, प्रशासनिक और सामाजिक समर्पण परंपरा को समर्पित है।” उन्होंने बताया कि उनकी यात्रा केवल एक राजनेता तक सीमित नहीं रही है, बल्कि इसमें प्रवर्तन निदेशालय (ED) में वरिष्ठ अधिकारी, राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) और NCLAT में अधिवक्ता, तथा विधानसभा सदस्य के रूप में काम करते हुए उन्होंने FEMA, PMLA मामलों से लेकर जनहित याचिकाओं और सशक्त विधायी प्रस्तावों तक देशहित को सर्वोपरि रखा।

हाउस ऑफ लॉर्ड्स में भारतीय नेतृत्व का सम्मानजनक प्रतिनिधित्व

लंदन के वेस्टमिंस्टर पैलेस स्थित ऐतिहासिक हाउस ऑफ लॉर्ड्स में आयोजित समारोह में डॉ. सिंह के साथ कई गणमान्य हस्तियां शामिल हुईं, जिनमें भारत के केंद्रीय कानून मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता, ब्रिटिश सांसद लॉर्ड वीरेंद्र शर्मा, उद्योगपति एवं लॉर्ड रामी रेंजर, पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी, दुबई और ऑस्ट्रेलिया के न्यायमूर्ति, व अंतरराष्ट्रीय स्तर के विधिक विशेषज्ञ शामिल रहे।

यह अवसर न केवल भारत के विधिक दृष्टिकोण को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने का रहा, बल्कि यह दिखाता है कि भारत की क्षेत्रीय राजनीति और कानूनी दक्षता अब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर नई साख स्थापित कर रही है।

भारत-यूके फ्री ट्रेड एग्रीमेंट और उत्तर प्रदेश की भूमिका

डॉ. राजेश्वर सिंह ने अपने वक्तव्य में यूके-इंडिया फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि “यह समझौता भारत और यूके के बीच व्यापार, रोजगार, निवेश और वैश्विक रणनीति को एक नया आयाम देगा।” उन्होंने बताया कि वर्तमान में भारत यूके का 12वां सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और 2024 में यह व्यापार $57 बिलियन था। उम्मीद है कि यह 2030 तक $120 बिलियन के आंकड़े को पार करेगा।

उन्होंने कहा कि “उत्तर प्रदेश में 2017 में ₹84,000 करोड़ का निर्यात होता था, जो अब ₹1.70 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। यदि इस समझौते का लाभ और कानूनी सुधारों का सही क्रियान्वयन हो, तो अगले 3 से 5 वर्षों में यह आंकड़ा दोगुना हो सकता है।”

यूके-इंडिया लीगल पार्टनरशिप (UKILP): कानूनी कूटनीति की नई शुरुआत

डॉ. राजेश्वर सिंह ने जोर देकर कहा कि व्यापारिक सहयोग के साथ-साथ एक मज़बूत और पारदर्शी कानूनी ढांचा बनाना बेहद आवश्यक है, जो WTO समन्वय, अंतरराष्ट्रीय विवाद समाधान और निष्पक्ष पंचाट व्यवस्था को सुनिश्चित करे। इस संदर्भ में UKILP की भूमिका को उन्होंने “कानूनी कूटनीति की नई शुरुआत” बताया।

ICA लंदन सम्मेलन में विशेष अतिथि के रूप में सहभागिता

सम्मान समारोह के एक दिन बाद, 5 जून को डॉ. सिंह को ICA लंदन कॉन्फ्रेंस 2025 में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया, जहां उन्होंने “भारत-यूके वाणिज्यिक विवादों का पंचाट” विषय पर हो रहे सम्मेलन में प्रमुख विशेषज्ञों, कानूनविदों और बुद्धिजीवियों को संबोधित किया। उन्होंने भारत में ADR (Alternative Dispute Resolution) प्रणाली की उपयोगिता और भारत-यूके के बीच अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता के भविष्य पर महत्वपूर्ण सुझाव भी रखे।

विधिक अभ्यास, प्रवर्तन और विधायी कार्य का संगम

डॉ. सिंह ने इस बात पर विशेष बल दिया कि उनकी यात्रा तीन प्रमुख विधिक आयामों — प्रवर्तन, अधिवक्ता और विधायक — का संगम है। उन्होंने बताया कि उन्होंने न केवल कानून लागू किया है, बल्कि उसे न्यायालयों में चुनौती दी और फिर विधानसभा में उसे जनहित के अनुरूप नया रूप दिया।

उनके उल्लेखनीय विधायी कार्यों में राजधानी क्षेत्र विकास अधिनियम (SCR) और उत्तर प्रदेश धर्मांतरण विरोधी कानून (2024 संशोधन) जैसे महत्वपूर्ण विधेयकों का निर्माण और पारित कराना शामिल है।

भारत की कानूनी सोच को मिला वैश्विक मंच

डॉ. राजेश्वर सिंह का यह दौरा भारत की कानूनी, विधायी और राजनीतिक सोच को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित मंचों पर प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने का एक प्रेरणादायक उदाहरण बना है। उनके विचार, अनुभव और दृष्टिकोण ने यह सिद्ध किया कि भारत का नेतृत्व वैश्विक विमर्श में महत्वपूर्ण योगदान देने में सक्षम है।