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Salman- Aamir On Sitaare Zameen Par Screening: ‘सितारे ज़मीन पर’ की स्क्रीनिंग में सलमान ने आमिर के साथ जमकर मस्ती की, बोले- ‘ये फिल्म तो मुझे ऑफर हुई थी…’

बीती रात आमिर खान ने मुंबई में सितारे जमीन पर की ग्रैंड स्क्रीनिंग होस्ट की. इस मौके पर बॉलीवुड के तमाम सितारे पहुंचे थे लेकिन सुपरस्टार सलमान खान ने सारी लाइमलाइट लूट की. बॉलीवुड के भाईजान अपने अच्छे दोस्त आमिर खान का सपोर्ट करन के लिए सितारे जमीन पर की स्क्रीनिंग में पहुंचे थे.

इस दौरान सलमान खान ने आमिर खान संग खूब मस्ती-मजाक किया. वहीं सलमान खान ने मज़ाक में दावा किया कि आमिर ने खुद फ़िल्म करने से पहले उन्हें सितारे जमीन पर की स्क्रिप्ट ऑफ़र की थी.

सलमान खान ने आमिर खान को मजाकिया अंदाज में चिढ़ाया
गुरुवार को मुंबई में सितारे ज़मीन पर का प्रीमियर सितारों से भरा हुआ था, जिसमें सलमान खान और शाहरुख खान अपने दोस्त आमिर का साथ देने के लिए पहुंचे थे. ऑल ब्लैक लुक में  सलमान खान इस दौरान काफी अच्छे मूड में दिखे और प्रीमियर में फोटोग्राफरों के सामने पोज देते हुए उन्होंने आमिर को मज़ाकिया अंदाज़ में खूब चिढ़ाया.

रेड कार्पेट पर आमिर खान संग फोटोग्राफरों से बात करते हुए, सलमान खान ने चुटकी लेते हुए कहा, “इसने कहानी नहीं बताई ना पिक्चर की? इसने मेरे को बुलाया था ये सब्जेक्ट देखने के लिए… मैं चला गया मुझे बहुत अच्छी लगी पिक्चर… मैंने हां भी कह दी… मेरे को फोन आता है कि, ‘मैं कर रहा हूं पिक्चर.’

सलमान खान ने आगे मजाक में कहा, “मैंने इतनी तारीफ की थी पिक्चर की कि आमिर बोला, ‘मैं फाड़ दूंगा इस पिक्चर में’… ये आउटस्टैंडिंग है.”

पेपर वर्क पर काम चल रहा था
आमिर की निजी जिंदगी पर चुटकी लेते हुए सलमान ने कहा, ‘इसने भी बोला मेरे को भी ये पिक्चर बहुत अच्छी लगी पर उस वक्त ये काम नहीं कर रहा था, उसमें वक्त थोड़ा सा लोड था… स्क्रिप्टिंग… कागजी कार्रवाई पर काम चल रहा था इसका उसका वक्त. “सलमान आमिर के किरण राव से तलाक के दौरान के पेपर वर्क का रेफरेंस देते हुए नजर आए.  इस कमेंट से सभी हंस पड़े.

आमिर और सलमान ने की खूब मस्ती
सलमान ने आगे याद करते हुए कहा, “तो मैंने बोला बहुत अच्छी पिक्चर है मेरे को करना है तो मुझे इसका फोन आता है कि… इसके अलावा, इसने मुझे बोला था कि मैं पहले कर चुका हूं” आमिर ने भी इस पर खुलकर बात की और हंसते हुए कहा, “ऐसा हो सकता है कि वो हां बोले और मैं बीच में आऊं? ये सुनकर सलमान खान ने कहा, ऐसा ही हुआ है.” दोनों सितारों के बीच की नोकझोंक और दोस्ती ने सितारे जमनी पर की स्क्रीनिंग नाइट को मजेदार बना दिया.

सितारे ज़मीन पर हुई रिलीज
सितारे ज़मीन पर आमिर की 2007 की हिट फ़िल्म तारे ज़मीन पर का स्प्रिचुअल सीक्वल है. इस फ़िल्म का निर्देशन आरएस प्रसन्ना ने किया है. आमिर के अलावा, फ़िल्म में जेनेलिया डिसूज़ा भी मुख्य भूमिका में हैं, साथ ही दस नए कलाकार भी हैं, जिनमें अरूश दत्ता, गोपी कृष्ण वर्मा, संवित देसाई, वेदांत शर्मा, आयुष भंसाली, आशीष पेंडसे, ऋषि शाहनी, ऋषभ जैन, नमन मिश्रा और सिमरन मंगेशकर शामिल हैं.

यह स्पैनिश फ़िल्म कैंपियोन्स की रीमेक है और एक बास्केटबॉल कोच की कहानी पर बेस्ड है जिसे एक टूर्नामेंट के लिए दिव्यांग बच्चों की टीम को ट्रेंड करने के लिए मजबूर किया जाता है. यह फ़िल्म 20 जून को सिनेमाघरों में रिलीज़ हो गई है.

Ind Vs Eng First Test:टेस्ट सीरीज को लेकर इंग्लिश पत्रकार ने ऐसा क्या सवाल पूछ लिया कि शुभमन गिल बोले- ‘इंतजार करो, हम जल्द’

आज से भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज शुरु होने जा रही है,. इस बार टीम इंडिया के साथ स्टार क्रिकेटर विराट कोहली और रोहित शर्मा नहीं हैं, जिन्होंने हाल ही में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया था. अब टीम इंडिया की कमान एक बिल्कुल नए और युवा कप्तान शुभमन गिल के हाथों में है.

पहले टेस्ट से पहले शुभमन गिल ने मीडिया से बात की. इस दौरान उनसे नई टीम को लेकर कई सवाल पूछे गए. इसी बीच एक ब्रिटिश पत्रकार ने गिल से ये जानना चाहा कि उनकी कप्तानी में भारतीय टीम किस अप्रोच या ब्रैंड का क्रिकेट खेलने उतरेगी? इसके जवाब में गिल ने दो टूक कहा- आपको इंतजार करना होगा यह जानने के लिए..

क्यों पूछा गया ये सवाल

यह सवाल इसलिए पूछा गया क्योंकि ब्रिटिश मीडिया पिछले करीब 3 साल से ‘बैजबॉल’ के नशे में डूबा हुआ है. बेन स्टोक्स और ब्रैंडन मैक्कलम की जोड़ी ने टेस्ट क्रिकेट में इंग्लिश टीम को आक्रामक क्रिकेट खेलने के लिए प्रेरित किया है, जिसने खूब वाहवाही और कई बार गैरजरूरी हाइप भी बटोरी है.

अब इंग्लैंड के पत्रकार यह जानना चाहते हैं कि क्या टीम इंडिया भी ‘बैजबॉल’ स्टाइल में क्रिकेट खेलेगी?

25 साल की उम्र में गिल भारत के 37वें टेस्ट कप्तान बन गए हैं, जिन पर टीम को एक नए युग में ले जाने का जिम्मा है. एक ऐसा युग जिसमें विराट कोहली, रोहित शर्मा या आर. अश्विन सफ़ेद कपड़ों में नहीं होंगे. यह एक युवा बल्लेबाज के लिए कठिन काम है लेकिन नामुमकिन नहीं.

IND vs ENG 1st Test Playing 11: साई सुदर्शन का डेब्यू और 8 साल बाद करुण की वापसी, IND vs ENG पहले टेस्ट के लिए भारत की प्लेइंग इलेवन घोषित

 लीडस् के हेडिंग्ले क्रिकेट ग्राउंड में आज से भारत और इंग्लैंड के बीच पहला टेस्ट खेला जाएगा. भारतीय समयनुसार मैच दोपहर 3:30 बजे से शुरू होगा, टॉस 3 बजे होगा. शुभमन गिल की कप्तानी का युग आज से शुरू हो रहा है. आज साई सुदर्शन का टेस्ट डेब्यू लगभग कंफर्म है, 8 साल बाद करुण नायर भी वापसी को तैयार हैं. 3 तेज गेंदबाजों के साथ शार्दुल ठाकुर को एकादश में जगह मिलना तय माना जा रहा है. देखें टीम इंडिया किस प्लेइंग 11 के साथ उतर सकती है.

साई सुदर्शन को पहले टेस्ट में प्लेइंग 11 में शामिल किया जाना तय माना जा रहा है. उनका आईपीएल 2025 शानदार रहा था, उन्होंने 15 पारियों में 759 रन बनाए थे. उन्होंने ऑरेंज कैप जीती थी, यानी वह सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज थे. बेशक ये उनका पहला टेस्ट होगा लेकिन उन्हें इंग्लैंड में खेलने का अनुभव है, वह काउंटी चैंपियनशिप खेल चुके हैं.

साई सुदर्शन का फर्स्ट क्लास करियर भी अच्छा रहा है, उन्होंने 29 मैचों की 49 पारियों में 1957 रन बनाए हैं. इसमें 7 शतक और 5 अर्धशतकीय पारियां शामिल हैं. सुदर्शन ने टीम इंडिया के लिए 3 वनडे और 1 टी20 मैच खेला है. अब प्लेइंग 11 में शामिल होते ही वह भारत के लिए तीनों फॉर्मेट में खेलने वाले खिलाड़ी बन जाएंगे.

8 साल बाद करुण नायर की वापसी तय

इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट में सबसे ज्यादा रनों की पारी खेलने वाले बल्लेबाज करुण नायर हैं, जिन्होंने अपना आखिरी टेस्ट 2017 में खेला था. अब 8 साल बाद उनकी वापसी तय मानी जा रही है, हालांकि अभ्यास के दौरान उन्हें चोट भी लगी थी लेकिन शायद वो इतनी गंभीर नहीं है. नायर ने 6 टेस्ट मैचों की 7 पारियों में 374 रन बनाए हैं.

इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में भारत की संभावित प्लेइंग 11

यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, शुभमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत (विकेटकीपर), करुण नायर, रवींद्र जडेजा, शार्दुल ठाकुर, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा.

इंग्लैंड क्रिकेट टीम ने लीडस् में होने वाले पहले टेस्ट के लिए अपनी प्लेइंग 11 की घोषणा पहले ही कर दी थी. उन्होंने स्पिनर शोएब बशीर को भी एकादश में शामिल किया है.

पहले टेस्ट के लिए इंग्लैंड की प्लेइंग 11

जैक क्रॉली, बेन डकेट, ओली पोप, जो रुट, हैरी ब्रूक, बेन स्टोक्स (कप्तान), जैमी स्मिथ (विकेट कीपर), क्रिस वोक्स, ब्रायडन कार्स, जोश टंग, शोएब बशीर.

भारत बनाम इंग्लैंड पहले टेस्ट का लाइव प्रसारण और लाइव स्ट्रीमिंग

इंडिया बनाम इंग्लैंड टेस्ट का लाइव प्रसारण भारत में सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर होगा. लाइव स्ट्रीमिंग जियोहॉटस्टार पर होगी. डीडी स्पोर्ट्स पर भी मैच का लाइव प्रसारण होगा.

Operation Sindoor:  पाकिस्तान का झूठ आया सामने, अब इशाक डार ने माना सच! बोले- ‘हां, भारत ने…’

पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने पुष्टि की कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के दो महत्वपूर्ण एयरबेस- रावलपिंडी में नूर खान एयरबेस और शोरकोट एयरबेस पर हमला किया था. ये हवाई हमले भारत ने 7 मई को किए थे. इससे पहले पाकिस्तानी सरकार और PAK सेना भारत के हमलों से हुए नुकसान के बारे में कई बार जवाब देने से इनकार कर चुकी है. हालांकि, अब जब खुद पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने ये बात कह दी है तो पाकिस्तान का सारा झूठ दुनिया के सामने आ गया है. पाकिस्तान के निजी न्यूज टीवी चैनल जियो न्यूज पर बात करते हुए इशाक डार ने खुलासा किया कि हमले ठीक उसी समय हुए जब पाकिस्तान जवाबी हमला करने की तैयारी कर रहा था, जिसका मतलब था कि भारत ने तेजी से कार्रवाई की और उन्हें चौंका दिया.

भारत की तरफ से ऑपरेशन सिंदूर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए क्रूर आतंकवादी हमले का जवाब था, जिसके तहत सटीक, नपी-तुली हमले की मदद से सिर्फ पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) पर मौजूद आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था. डार ने यह भी खुलासा किया कि भारतीय हमलों के ठीक 45 मिनट के भीतर सऊदी प्रिंस फैसल बिन सलमान ने व्यक्तिगत रूप से उनसे संपर्क किया. डार ने जियो न्यूज को बताया, “सऊदी प्रिंस फैसल बिन सलमान ने फोन करके पूछा कि क्या वह भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर को बता सकते हैं कि पाकिस्तान रुकने के लिए तैयार है

पाकिस्तान के पुराने दावे का खंडन
सऊदी प्रिंस फैसल बिन सलमान ने स्थिति को शांत करने के लिए पाकिस्तान की ओर से भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर से बात करना चाहते थे. इससे पता चलता है कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने की कोशिश में रियाद ने एक शांत, लेकिन महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. डार ने कहा कि पाकिस्तान ने भारत की ओर से सैन्य हमले को रोकने की उम्मीद में अमेरिका से भी संपर्क किया था. डार का कबूलनामा प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और पाकिस्तान के अन्य शीर्ष अधिकारियों की तरफ से पहले के किए गए दावों का भी खंडन करता है, जिन्होंने दावा किया था कि पाकिस्तान ने भारत को कड़ा जवाब दिया है, लेकिन अब प्रधानमंत्री शरीफ ने भी स्वीकार किया है कि भारत ने रावलपिंडी हवाई अड्डे सहित कई क्षेत्रों को निशाना बनाकर ब्रह्मोस मिसाइल फायर की.

भारतीय हमले से कांपा पाकिस्तान
पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा, “भारत ने ब्रह्मोस मिसाइल हमले किए और रावलपिंडी हवाई अड्डे और अन्य स्थानों सहित पाकिस्तान के विभिन्न प्रांतों को निशाना बनाया.” उन्होंने स्वीकार किया कि पाकिस्तान ने 10 मई को सुबह 4:30 बजे जवाबी हमले की योजना बनाई थी, लेकिन 9-10 मई की रात को भारत के दूसरे दौर के हमलों ने उन योजनाओं को विफल कर दिया.

सरोजनीनगर की संस्कृति का उत्सव बनी रामरथ श्रवण अयोध्या यात्रा: सरोजनीनगर विधायक डॉ.राजेश्वर सिंह द्वारा शुरू की गई यह यात्रा केवल तीर्थयात्रा नहीं, आत्मिक समरसता का महायज्ञ है

  • श्रद्धा से सेवा तक: डॉ. राजेश्वर सिंह की रामरथ यात्रा ने रचा नया सामाजिक अध्याय
  • रामरथ बस सेवा प्रभु श्रीराम के चरणों तक ही नहीं, समाज की आत्मा तक पहुँचने का प्रयास – डॉ. राजेश्वर सिंह

लखनऊ : सरोजनीनगर भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा संचालित रामरथ श्रवण अयोध्या यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा न रहकर श्रद्धा, भक्ति और एकता का एक अभूतपूर्व प्रतीक बन चुकी है। वृहस्पतिवार को 43वीं यात्रा का संचालन भौकापुर क्षेत्र से सम्पन्न हुआ। यह यात्रा सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और लोकसेवा की बहुआयामी भावना को अभिव्यक्त करती है, जो सरोजनीनगर विधानसभा को संपूर्ण रूप से जोड़ती है।

यात्रा का दिव्य अनुभव:
श्रद्धालुओं से यात्रा के अनुभव के बारे में पूछने पर उन्होंने इसे एक दिव्य यात्रा बताया, जिसमें हर पल आध्यात्मिक शांति और संतोष का अनुभव हुआ। इस बस सेवा से अयोध्या जाने वाले हर श्रद्धालु के चेहरे पर आस्था और भक्ति की गहरी छाप देखी गई। सभी के मन में नव निर्मित दिव्य और भव्य राममंदिर के दर्शन की प्रबल अभिलाषा थी। डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा संचालित यह यात्रा न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह समर्पण, एकता और विश्वास का भी एक अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत करती है।

यात्रा का धार्मिक महत्व:
यह यात्रा श्रद्धालुओं को प्रभु श्रीराम के पावन धाम अयोध्या तक पहुंचाकर एक दिव्य आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करती है। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर, हनुमानगढ़ी, कनक भवन जैसे प्रमुख स्थलों के दर्शन से श्रद्धालु भाव-विभोर हुए। नव-निर्मित भव्य राममंदिर का प्रत्यक्ष दर्शन कर श्रद्धालुओं ने अपने जीवन को धन्य माना।

सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व:
यह यात्रा समाज के उन वर्गों तक पहुंचती है जो सामान्यतः ऐसी तीर्थयात्राओं से वंचित रह जाते हैं: जैसे वृद्धजन, महिलाएँ और आर्थिक रूप से वंचित समुदाय।यह सामाजिक न्याय और समावेशन का एक जीवंत उदाहरण है जहाँ ‘सेवा’ को ‘सामर्थ्य’ से जोड़ा गया है, न कि सुविधा से।

यह यात्रा केवल तीर्थ नहीं, संस्कारों का संचरण है। बच्चे, युवा, महिलाएँ और बुज़ुर्ग एक साथ यात्रा करते हैं, जिससे संयुक्त सांस्कृतिक चेतना का विस्तार होता है। श्रीरामचरितमानस की प्रति और अंगवस्त्र देकर भारतीय संस्कृति को सम्मानित और संरक्षित किया जा रहा है।

राजनीतिक दृष्टिकोण: लोकसेवा की संवेदनशील राजनीति
डॉ. राजेश्वर सिंह की यह पहल राजनीति में सहज सेवा, सच्ची संवेदना और समाजिक सरोकारों को प्राथमिकता देने का परिचायक है। यहाँ कोई मंच नहीं, भाषण नहीं, सिर्फ सेवा है। प्रत्येक यात्रा के साथ यह सिद्ध हो रहा है कि राजनीतिक शक्ति का सर्वोत्तम उपयोग जनकल्याण ही है।

प्रबंधन व लोक-कल्याणकारी दृष्टिकोण:
विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह की टीम ने श्रद्धालुओं के लिए यात्रा पूर्व और पश्चात हर सुविधा का मानवीय स्तर पर ध्यान रखा, घर से लाने-ले जाने की व्यवस्था, स्वस्थ जलपान एवं भोजन, प्राथमिक चिकित्सा व सुरक्षा व्यवस्था, संगठित दर्शन व्यवस्था, इसके अतिरिक्त, प्रत्येक श्रद्धालु को सम्मानपूर्वक प्रसाद, श्रीरामचरितमानस, और अंगवस्त्र भेंट कर उनकी गरिमा को और ऊँचाई दी गई।

प्रेरणा स्त्रोत: माँ तारा सिंह जी की सेवा भावना
डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा संचालित यह तीर्थयात्रा 27 सितंबर 2022 को उनकी पूज्य माँ तारा सिंह जी की प्रेरणा से प्रारंभ हुई। यह आयोजन मातृत्व, मूल्य और संस्कृति की त्रिवेणी है, जो आज सरोजनीनगर की पहचान बन चुकी है। डॉ. राजेश्वर सिंह का संदेश: “हमारे बुजुर्ग केवल जिम्मेदारी नहीं, समाज की वह धरोहर हैं, जिन्हें सुख-सुविधा देना हमारा कर्तव्य है। ‘रामरथ’ केवल एक बस नहीं, यह श्रद्धा का पुल है जो सरोजनीनगर को अयोध्या से, और आत्मा को ईश्वर से जोड़ता है। यह यात्रा तब तक जारी रहेगी, जब तक सरोजनीनगर का प्रत्येक श्रद्धालु, प्रत्येक रामभक्त प्रभु श्रीराम के दरबार में अपना शीश न नवाए।”

डॉ. राजेश्वर सिंह की ‘रामरथ श्रवण अयोध्या यात्रा’ एक अनूठा उदाहरण है कि कैसे राजनीति, धर्म, समाज और संस्कृति का समन्वय किसी क्षेत्र की आत्मा को छू सकता है। यह यात्रा न केवल श्रद्धा की प्रतीक है, बल्कि एक नए सामाजिक अनुकरणीय मॉडल का नाम भी बन चुकी है, जहाँ धर्म सेवा में बदलता है, और सेवा जनकल्याण में।