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हेल्थ टिप्स :गहरी और आरामदायक नींद के लिए अपनाएं ये आसान टिप्स, तुरंत आएगी नींद

रात का समय सोने के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। वहीं स्वस्थ रहने के लिए सभी को अच्छी और गहरी नींद लेनी चाहिए। क्योंकि यह हमारे शरीर और दिमाग को तरोताजा बनाता है और अगले दिन के लिए तैयार करता है। लेकिन आजकल की भागदौड़ भरी लाइफ और काम के तनाव के चलते लोगों को पर्याप्त नींद नहीं मिल पा रही है। वहीं धीरे-धीरे यह आदत इंसोम्निया बीमारी बन सकती है। पर्याप्त नींद न लेने से आपके शरीर को तमाम तरह की बीमारियां घेर सकती हैं। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन की मानें, तो अच्छी और गहरी नींद से शरीर रिपेयर, रिलैक्स और रिजुवनेट होता है। ऐसे में अगर आपको भी सोने में दिक्कत होती है, तो आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको 5 टिप्स के बारे में बताने जा रहे हैं।

सोने-जागने का नियम बनाएं

आपको सोने और जागने का नियम बनाना चाहिए। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक रोजाना एक ही समय पर सोना और जागना चाहिए। यही रूटीन आपको छुट्टियों वाले दिन भी रखना चाहिए।

सही जगह का चुनाव

अच्छी और गहरी नींद के लिए आपके सोने की जगह सही होनी चाहिए। अगर संभव हो तो सोने वाले रूम को अंधेरा, शांत और आरामदायक तापमान पर रखें।

डिजिटल डिवाइस से बनाएं दूरी

इसके साथ ही सोने से पहले कंप्यूटर, टीवी और स्मार्टफोन जैसे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का उपयोग सीमित करें। क्योंकि यह आपकी नींद को डिस्टर्ब कर सकते हैं। जिससे आपको अगली सुबह थकान व आलस महसूस हो सकता है।

भूलकर भी न करें ये काम

बता दें कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक रोजाना सोने से पहले कुछ काम करने से बचना चाहिए। जैसे आपको सोने से पहले अधिक कैफीन, अधिक भोजन या फिर शराब आदि का सेवन नहीं करना चाहिए।

एक्सरसाइज

रोजाना थोड़ा व्यायाम जरूर करें और दिन के समय अगर आप फिजिकल एक्टिव रहते हैं। तो इससे आपको रात में अधिक आसानी से नींद आ सकती है।

हेल्थ टिप्स :अधिक तनाव बन सकता है इन बीमारियों की वजह, खुद को स्वस्थ रखने के लिए अपनाएं ये उपाय

स्ट्रेस हमारे जीवन का एक ऐसा हिस्सा है, जिससे हर कोई गुजरता है। बता दें कि दुनिया में शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा, जिसको स्ट्रेस नहीं होगा। तो वहीं कुछ लोग जरूरत से ज्यादा स्ट्रेस में रहता हैं। अधिक स्ट्रेस लेने की वजह से हमारी भावनाएं प्रभावित होती हैं। साथ ही इससे हमारे शरीर पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। वहीं स्ट्रेस लेने से कई गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रही हैं कि स्ट्रेस से कौन सी गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

स्ट्रेस से होने वाली 5 बीमारियां

तनाव हमारे पाचन तंत्र को प्रभावित करता है। वहीं जब हम स्ट्रेस लेते हैं तो शरीर में कॉर्टिसोल जैसे हार्मोन का लेवल बढ़ जाता है। यह आपके पाचन क्रिया को धीमा करता है और इससे पेट में दर्द, कब्ज और एसिडिटी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

स्ट्रेस होने पर शरीर में कॉर्टिसोल का लेवल बढ़ जाता है। यह शरीर को एनर्जी देने के लिए ब्लड शुगर के लेवल को बढ़ा सकता है। वहीं लंबे समय ऐसी स्थिति बनी रहने पर टाइप टू डायबिटीज जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।

अधिक तनाव होने से गर्मी महसूस होने लगती है। इससे रक्तचाप बढ़ जाता है। स्ट्रेस के दौरान शरीर का ब्लड सर्कुलेशन अधिक तेज हो जाता है। इससे दिल की धड़कन बढ़ जाती है। उच्च रक्तचाप दिल और रक्त वाहिकाओं के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। अधिक स्ट्रेस होने पर स्ट्रोक और दिल का दौरा भी पड़ सकता है।

अधिक तनाव लेने से अनिद्रा की समस्या पैदा हो सकती है। अनिद्रा की वजह से व्यक्ति को सोने में कठिनाई महसूस होती है और नींद की कमी तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करती है।

तनाव की वजह से आपको क्रॉनिक हेडेक की समस्या हो सकती है। इसके अलावा यह आपके पीरियड्स को भी प्रभावित करता है। स्ट्रेट लिबिडो पर भी असर डालता है और यह आपके इम्यून सिस्टम को भी कमजोर कर देता है।

कर्नाटक सरकार के मुस्लिम आरक्षण फार्मूले पर भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह का कड़ा प्रहार – डाॅ. सिंह ने कहा- “कांग्रेस की नव-खिलजी नीति भारत की सामाजिक एवं आर्थिक संरचना को दीमक की तरह चट कर जाएगी”, पूरी खबर पढ़ें और डिटेल से जानें डॉ. सिंह ने क्या-क्या कहा

  • कर्नाटक सरकार का फैसला संविधान विरोधी: सरकारी ठेकों में मुस्लिम समुदाय को 4% आरक्षण असंवैधानिक।
  • अनुच्छेद 14 का उल्लंघन: योग्यता और अनुभव की जगह धर्म के आधार पर आरक्षण असमानता को बढ़ावा देगा।
  • ‘जिन्ना मॉडल’ को लागू करने की कोशिश: कांग्रेस पर विभाजनकारी राजनीति करने का आरोप।
  • ‘राजनीतिक इस्लामीकरण’ की ओर बढ़ता कदम: यह नीति देश की सामाजिक और आर्थिक संरचना को कमजोर करने की साजिश है।
  • देशवासियों से अपील: लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए इस तुष्टिकरण नीति का विरोध करें।

लखनऊ: कर्नाटक सरकार द्वारा सरकारी ठेकों में मुस्लिम समुदाय को 4% आरक्षण देने के फैसले पर भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इस निर्णय को “संविधान विरोधी और तुष्टिकरण की पराकाष्ठा” बताते हुए कहा कि यह भारत के न्यायिक और आर्थिक ढांचे को कमजोर करने वाला कदम है।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने जोर देते हुए कहा कि सरकारी ठेकों में आरक्षण की यह नई नीति संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) का खुला उल्लंघन है। उन्होंने सवाल उठाया और कहा कि “क्या अब कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में सरकारी ठेके अनुभव और योग्यता के बजाय धर्म के आधार पर दिए जाएंगे?”

उन्होंने कहा कि यह निर्णय न केवल बहुसंख्यक समाज के आर्थिक बहिष्कार का षड्यंत्र है, बल्कि भारत की संवैधानिक संरचना को कमजोर करने की एक साजिश भी है।

कांग्रेस की ‘नव-खिलजी नीति’ भारत की नींव कमजोर कर देगी

भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी ने 1947 से कोई सबक नहीं लिया और अब ‘जिन्ना मॉडल’ को फिर से लागू करने पर तुली है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने वोट बैंक की लालसा में तुष्टिकरण की सभी सीमाएं पार कर दी हैं। यह नीति देश की सामाजिक और आर्थिक संरचना को कमजोर करने की दिशा में एक खतरनाक कदम है।

उन्होंने कहा, “कांग्रेस ने हमेशा तुष्टिकरण की राजनीति को बढ़ावा दिया है, लेकिन अब यह नीतियां लोकतंत्र की आत्मा को आघात पहुंचा रही हैं।”

“सरकारी ठेके योग्यता से नहीं, धर्म से?” – कांग्रेस की नीति पर बड़ा सवाल

डॉ. सिंह ने सवाल उठाया कि क्या अब सरकारी ठेकों का आवंटन योग्यता और अनुभव के बजाय धर्म के आधार पर होगा?

उन्होंने कहा कि “सरकार का यह फैसला संविधान के मूल सिद्धांतों के विरुद्ध है। सरकारी टेंडर एक व्यवसायिक प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं, जहां किसी भी ठेकेदार को उसकी क्षमता, अनुभव और दक्षता के आधार पर कार्य दिया जाता है, न कि उसके धर्म के आधार पर।”

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यह निर्णय “राजनीतिक इस्लामीकरण” की दिशा में बढ़ाया गया एक खतरनाक कदम है।

“देश की एकता और अखंडता को बचाने के लिए इस साजिश का विरोध करें”

डॉ. राजेश्वर सिंह ने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि “समय आ गया है कि लोग इस साजिश को पहचानें और लोकतंत्र की रक्षा के लिए आगे आएं।”

उन्होंने कांग्रेस सरकार की इस नीति का पुरजोर विरोध करने की बात कही और कहा कि देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने के लिए ऐसे फैसलों के खिलाफ खड़ा होना जरूरी है।

कर्नाटक सरकार का यह निर्णय न केवल असंवैधानिक है, बल्कि यह योग्यता आधारित प्रणाली को ध्वस्त कर तुष्टिकरण की नीति को बढ़ावा देता है। भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने इस पर कड़ा विरोध जताते हुए देशवासियों से इस फैसले के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की है।

अब देखना यह होगा कि इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और न्यायपालिका क्या कदम उठाती है।

📢 आपकी राय क्या है? क्या सरकारी ठेके योग्यता के आधार पर दिए जाने चाहिए या धर्म के आधार पर? अपनी राय नीचे कमेंट करें!

Health Tips:फेस्टिवल के दौरान फूड पॉइजनिंग से बचने के लिए अपनाएं ये 4 टिप्स

त्योहार के समय लोग अत्यधिक तरह-तरह के पकवान खाते हैं। ऐसे में ज्यादातर लोग बाहर का खाना पसंद भी करते हैं। मौज-मस्ती के इस त्योहार पर लोग कई बार तला-भुना कुछ हद से ही ज्यादा सेवन कर लेते हैं, जिससे ओवर ईटिंग हो जाती है और इसके कारण से फूड पॉइजनिंग की दिक्कत होने लगती है। अगर आपको भी अधिक खाने से प्रॉब्लम होने लगती है। इस लेख में हम आपको कुछ टिप्स बताने जा रहे हैं, जो आपको काफी मदद करेंगी।

त्योहारों पर फूड पॉइजनिंग की समस्या से कैसे बचाएं

– अगर आप गंदे हाथों से खाना खाते हैं, तो कई बार समस्या हो सकती है। हाथों की स्वच्छता को बनाएं रखें। रंगों से खेलने के बाद अपने हाथों को अच्छे से धोएं। किचन में रखें गंदे बर्तनों को साफ रखें। गंदे बर्तन में खाने से भी दिक्कत हो सकती है।

– फूड पॉइजनिंग की समस्या से बचने के लिए फ्रेश खाना खाएं। बासी खाना पेट खराब कर सकता है। त्योहार पर बाहर से खाना खाने से बचें। घर पर ही ताजा खाना खाएं।

– होली के दिन नमकीन और मिठाई व गुजिया को खाकर मजा ही आ जाता है। बहुत ज्यादा मिठाइयां खाकर और नमकीन खा लेते हैं। फ्राइड खाना जैसे कि पकोड़े और पूड़ी खाने से फूड पॉइजनिंग हो जाती है। इन चीजों को जरुरत से ज्यादा खा लिया जाए तो पेट की समस्या होने लगती है।

– त्योहार के दिन खुद को हाइड्रेटेड जरुर रखें, खूब मात्रा में पानी पिएं ऐसा करने से क्रेविंग कम हो जाती है और फूड पॉइजनिंग का रिस्क नहीं होगा।

Rajasthan Royals:संजू सैमसन की फिटनेस पर नया अपडेट, इस भारतीय खिलाड़ी को मिल सकता है बड़ा मौका

 राजस्थान रॉयल्स ने अभी तक सिर्फ एक बार IPL का खिताब जीता है और वह भी साल 2008 में शेन वॉर्न की अगुवाई में। फिर साल 2022 में संजू सैमसन की कप्तानी में टीम फाइनल में पहुंची थी, लेकिन उसका गुजरात टाइटंस ने खिताब जीतने का सपना तोड़ दिया था। अब आने वाले सीजन में संजू की कप्तानी में राजस्थान की निगाहें खिताब जीतने पर होंगी। राजस्थान रॉयल्स को अपना पहला मुकाबला 23 मार्च को सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ खेलना है।

इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में लगी थी चोट

स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन को इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू टी20 सीरीज के दौरान दाएं हाथ की तर्जनी अंगुली में फ्रैक्चर हो गया था। इसके बाद उन्होंने इसकी सर्जरी भी करवा ली। क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक अब उन्हें जल्द ही मैच फिट घोषित किया जा सकता है। ऐसा समझा जाता है कि उन्होंने अपनी बैटिंग के लिए फिटनेस टेस्ट पास कर लिया है। अभी भी उन्हें विकेटकीपिंग के लिए एनसीए की जांच को पास करना होगा। विकेटकीपिंग की मंजूरी के लिए उनके आने वाले कुछ दिनों में एक्स्ट्रा फिटनेस टेस्ट हो सकते हैं।

ध्रुव जुरेल को मिल सकती है विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी

अगर ऐसा होता कि संजू सैमसन विकेटकीपिंग के लिए फिट नहीं होते हैं या वह जब तक पूरी तरह से फिट नहीं हो जाते तब तक विकेटकीपिंग नहीं करना चाहते हैं। तो फिर ध्रुव जुरेल के लिए एक चांस बन सकता है। राजस्थान रॉयल्स के पास जुरेल के रूप में एक बेहतरीन विकेटकीपर मौजूद है।

जुरेल ने पिछले सीजन किया था दमदार प्रदर्शन

पिछले दो सीजन ध्रुव जुरेल ने राजस्थान रॉयल्स के लिए बेहतरीन प्रदर्शन किया था। अभी तक वह राजस्थान रॉयल्स के लिए 27 आईपीएल मैचों में कुल 347 रन बना चुके हैं, जिसमें उनके बल्ले से दो अर्धशतक निकले हैं। इस दौरान उनका हाईएस्ट स्कोर 56 रन रहा है। उनकी विकेटकीपिंग स्किल भी कमाल की है। वह भारत के लिए चार टेस्ट और चार टी20 इंटरनेशनल मैच भी खेल चुके हैं।