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Latest Sports News IML 2025: युवराज और वेस्टइंडीज के खिलाड़ी के बीच जमकर हुई बहस, भिड़ंत की नौबत; देखें VIDEO

Yuvraj Singh Tino Best: सचिन तेंदुलकर की कप्तानी वाली इंडिया मास्टर्स की टीम ने ब्रायन लारा की अगुवाई वाली वेस्टइंडीज मास्टर्स को हराकर खिताब जीत लिया। पहली बार इंटरनेशनल मास्टर्स लीग का आयोजन हुआ था और पहली ही बार में इंडिया मास्टर्स ने खिताब अपने नाम कर लिया। इस मैच में इंडिया मास्टर्स के लिए अंबाती रायडू, सचिन तेंदुलकर और विनय कुमार ने शानदार प्रदर्शन किया। इन प्लेयर्स ने टीम को खिताब दिलाने में अहम भूमिका अदा की। लेकिन मैच में युवराज सिंह की वेस्टइंडीज मास्टर्स के टीनो वेस्ट से तगड़ी बहस हुई और अब इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

लड़ाई होते-होते बची

इंटरनेशनल मास्टर्स लीग 2025 के फाइनल में वेस्टइंडीज मास्टर्स ने पहले बैटिंग करते हुए 148 रनों का स्कोर बनाया। इसके बाद टारगेट का पीछा करते हुए इंडिया मास्टर्स की टीम अच्छी स्थिति में दिख रही थी और 13वें ओवर में उसके लिए अंबाती रायडू और युवराज सिंह बल्लेबाजी कर रहे थे। तभी युवराज की टीनो वेस्ट से बहस हुई। दोनों खिलाड़ी आपस में चिल्ला-चिल्ला कर कुछ कह रहे थे। बीच में रायडू अपने साथ युवराज को ले जाने की कोशिश भी करते हैं। लेकिन टीनो वेस्ट मानते नहीं हैं और लगातार युवी को गुस्से में हाथ से कुछ कहने का इशारा करते हैं। इसी बीच अंपायर और बाकी प्लेयर्स बीच बचाव करते हैं। वीडियो देख माहौल इतना तनाव भरा लगता है कि दोनों प्लेयर्स के बीच बस हाथापाई होनी ही बाकी रह गई थी। लेकिन शुक्र है कि ऐसा हुआ नहीं।

अंबाती रायडू ने लगाया अर्धशतक

मैच में इंडिया मास्टर्स के लिए अंबाती रायडू ने शानदार बल्लेबाजी का नमूना पेश किया। उन्होंने 50 गेंदों में 74 रन बनाए, जिसमें 9 चौके और तीन छक्के शामिल रहे। उनके अलावा सचिन तेंदुलकर ने 25 रनों का योगदान दिया। इन दोनों प्लेयर्स ने पहले विकेट के लिए 67 रनों की साझेदारी की थी और इंडिया मास्टर्स के जीत की नींव रख दी थी। बाद में युवराज सिंह और स्टुअर्ट बिन्नी ने कुछ करारे स्ट्रोक लगाए और टीम को जीत दिला दी। इससे पहले गेंदबाजी में कमाल करते हुए विनय कुमार ने तीन विकेट हासिल किए थे। वहीं शाहबाज नदीम दो विकेट चटकाने में सफल हो पाए।

Latest Entertainment News :‘छावा’ के मुकाबले गरज रही ‘द डिप्लोमैट’, जॉन की फिल्म ने बजट का एक चौथाई किया पार

होली के दिन 14 मार्च को सिनेमाघरों में जॉन अब्राहम की फिल्म ‘द डिप्लोमैट’ रिलीज हुई। इसके साथ कोई और बड़े बजट या तगड़ी स्टारकास्ट वाली फिल्म रिलीज नहीं हुई। ऐसे पहले से ही अनुमान लगाया जा रहा था कि होली के लॉन्ग वीकेंड का फायदा इस फिल्म को मिलेगा। अब ऐसा होता नजर भी आ रहा है। फिल्म उम्मीद से बेहतर कमाई कर रही है। जॉन अब्राहम की फिल्म ‘द डिप्लोमैट’ दर्शकों को पसंद आ रही है। इस फिल्म का सामना विक्की कौशल की सुपरहिट फिल्म ‘छावा’ से हो रहा है, जो पहले ही ताबड़तोड़ कमाई कर रही है। वैसे ‘छावा’ की सफलता से ‘द डिप्लोमैट’ को कोई नुकसान नहीं पहुंच रहा है। पहली दिन ही फिल्म ने अच्छी शुरुआत की थी और तीसरे दिन तक का कुल कलेक्शन भी सामने आ गया है।

अब तक हुई इतनी कमाई

सैक्निक्ल की रिपोर्ट के अनुसार, ‘द डिप्लोमै’ ने बॉक्स ऑफिस पर अपने पहले 2 दिनों में अच्छा प्रदर्शन किया और भारत में अनुमानित 8.65 करोड़ रुपये की कमाई की थी। तीसरे दिन भी कमाई का सिलसिला जारी रहा और ‘द डिप्लोमैट’ का तीसरे दिन भी बॉक्स ऑफिस कलेक्शन औसत से बेहतर रहा। ‘द डिप्लोमैट’ ने तीसरे दिन लगभग 4.65 करोड़ रुपये का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन किया। गौर करें तो तीसरे और दूसरे दिन की कमाई 4.65 करोड़ रुपये ही रही। इसी के साथ रविवार 16 मार्च 2025 को ‘द डिप्लोमैट’ की कुल हिंदी ऑक्यूपेंसी 19.61% थी। लगभग 50 करोड़ रुपये में बनी इस फिल्म ने अब तक की कमाई से लागत का एक चौथाई हिस्सा रिकवर कर लिया है।

फिल्म में नजर आए ये एक्टर

बता दें, यह फिल्म शिवम नायर द्वारा निर्देशित और जेए एंटरटेनमेंट, वकाओ फिल्म्स, टी-सीरीज, सीता फिल्म्स और फॉर्च्यून फिल्म्स द्वारा निर्मित है। ‘द डिप्लोमैट’ में जॉन अब्राहम, सादिया खतीब, कुमुद मिश्रा, शारिब हाशमी और रेवती प्रमुख भूमिकाओं में हैं। फिल्म की कहानी असल घटना पर आधारित है। फिल्म में जॉन अब्राहम राजनयिक जे.पी. सिंह के रोल में हैं। वहीं उज्मा अहमद के रोल में सादिया खतीब नजर आईं। दोनों का काम फिल्म में शानदार है। फिल्म की कहानी भारत और पाकिस्ता के बीच हालिया तनाव को भी दर्शाती है।

कैसी है कहानी

फिल्म उज्मा अहमद की कहानी पेश करती है, जो कि एक भारतीय महिला है। इस महिला की पाकिस्तान में जबरन शादी कर दी जाती है और ये शारीरिक हिंसा और यौन उत्पीड़न का सामना करती है और फिर भारतीय दूतावास में शरण लेती है। रियल लाइफ कैरेक्टर राजनयिक जे.पी. सिंह के सामने ये मामला आता है। इसे सुलझाने में कई चुनौतियां खड़ी हो जाती हैं। राजनयिक बाधाओं, कानूनी जटिलताओं और दोनों सरकारों के दबाव से जूझते हुए उज्मा को घर लाने के लिए हर संभव प्रयास करता है।

ट्रंप का सख्त फैसला: इस कड़ी सुरक्षा वाली जेल में वेनेजुएलन गैंग के 200 से ज्यादा आरोपियों को भेजा

अमेरिका में अवैध प्रवासियों को बाहर निकालने का काम बड़े स्तर पर जारी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लगातार इस मुद्दे को लेकर अपना रुख स्पष्ट कर रखा है कि वह सभी अवैध प्रवासियों को अमेरिका से बाहर निकालेंगे। इसी क्रम में ट्रंप के एक और कदम की चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है। दरअसल, वेनेजुएला के एक गिरोह के 200 से अधिक कथित सदस्यों को अमेरिका से डिपोर्ट कर के अल साल्वाडोर देश में भेज दिया गया है। इन लोगों को यहां उच्च सुरक्षा वाली जेल में ले जाया गया है। अल सल्वाडोर के राष्ट्रपति ने खुद इस बात की जानकारी दी है।

अमेरिका शुल्क देगा

अल सल्वाडोर के राष्ट्रपति नायब बुकेले ने बताया कि वेनेजुएला के आपराधिक संगठन, ट्रेन डी अरागुआ के पहले बैच के 238 सदस्य अल साल्वाडोर आ गए हैं। इन सभी को एक साल के समय के लिए आतंकवाद कारावास केंद्र, सीईसीओटी में ट्रांसफर कर दिया गया है। नायब बुकेले ने कहा कि अमेरिका इसके लिए काफी कम पैसे का भुगतान करेगा, लेकिन हमारे लिए यह काफी ज्यादा है।

कैदी करेंगे प्रोडक्शन का काम

अल साल्वाडोर के राष्ट्रपति नायब बुकेले ने बताया है कि सरकार जीरो आइडलनेस कार्यक्रम चला रही है। इसके तहत 40,000 से अधिक कैदियों की मदद से देश की जेलों को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। अमेरिका से भेजे गए कैदियों को भी इनके साथ ही प्रोडक्शन में लगाया जाएगा। इन जेलों की लागत $200 मिलियन प्रति वर्ष है।

MS-13 के 23 सदस्यों को भी भेजा

अमेरिका ने अल साल्वाडोर द्वारा वांछित MS-13 के 23 सदस्यों को भी भेजा है। इसमें दो सरगना शामिल हैं जो कि आपराधिक संगठन के हाई लेवल का सदस्य है। अल सल्वाडोर के राष्ट्रपति नायब बुकेले ने कहा कि इसकी मदद से खुफिया जानकारी जुटाने में मदद मिलेगी और एमएस-13 के अंतिम बचे हुए जड़ों को पकड़ने में मदद मिलेगी। इनमें इसके पूर्व और नए सदस्य, पैसा, हथियार, ड्रग्स, ठिकाने, सहयोगी और प्रायोजक शामिल हैं।

विकास, संवाद और समाधान की दिशा में डाॅ. राजेश्वर सिंह का एक और कदम: सरोजनीनगर विधान सभा के नरेरा में ‘आपका विधायक-आपके द्वार’ शिविर का आयोजन, शिविर में जनसमस्याओं के समाधान के साथ ही मेधावियों का सम्मान भी हुआ

  • नरेरा में 111वां ‘आपका विधायक – आपके द्वार’ शिविर आयोजित, जनता की समस्याओं को सुना गया और त्वरित समाधान किए गए।
  • मेधावी छात्रों का सम्मान, “गांव की शान” पहल के तहत इंटरमीडिएट और हाईस्कूल के होनहार विद्यार्थियों को साइकिल, घड़ी और प्रशस्ति पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया।
  • ग्राम के वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान, समाज के प्रबुद्ध जनों को अंगवस्त्र देकर उनके योगदान को सराहा गया।
  • 68वां गर्ल्स यूथ क्लब की स्थापना, खेल संसाधनों की उपलब्धता के लिए स्पोर्ट्स किट वितरित की गई, जिससे क्षेत्र की बेटियां खेलों में आगे बढ़ सकें।
  • ताराशक्ति निःशुल्क रसोई की सेवा जारी, पिछले 20 महीनों से जरूरतमंदों को ताजा और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।

लखनऊ, 16 मार्च 2025 – सरोजनी नगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा निरंतर चलाए जा रहे ‘आपका विधायक – आपके द्वार’ जन सेवा अभियान के तहत ग्राम पंचायत बेंती के मजरा नरेरा में 111वां साप्ताहिक जन सुनवाई शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर में क्षेत्रीय नागरिकों की समस्याओं को सुना गया और उनके समाधान के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाए गए। शिविर के दौरान ग्रामीणों ने बिजली, पानी, सड़क, स्ट्रीट लाइट, आवास योजना, पीएम सम्मान निधि, आयुष्मान योजना जैसी आवश्यक सेवाओं से जुड़ी समस्याएं रखीं। कई मामलों में मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि अन्य समस्याओं के निराकरण हेतु संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया।

ग्राम के मेधावी छात्रों को सम्मानित करने की अनूठी पहल

“गाँव की शान” पहल के तहत इस शिविर में क्षेत्र के मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया गया। इस बार इंटरमीडिएट और हाईस्कूल परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को साइकिल, घड़ी और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

इंटरमीडिएट में सम्मानित छात्र-छात्राएं:

  • मधुलता (81%)
  • राहुल यादव (61%)

हाईस्कूल में सम्मानित छात्र-छात्राएं:

  • अंशू कुमार (73.5%)
  • श्रीयाशी (71.5%)

इन छात्रों को प्रोत्साहित कर विधायक ने कहा कि शिक्षा ही सशक्त समाज की नींव है, और ऐसे मेधावी छात्र-छात्राएं समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनते हैं।

खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन, 68वें गर्ल्स यूथ क्लब की स्थापना

खेल-कूद को बढ़ावा देने और बेटियों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के उद्देश्य से विधायक द्वारा 68वें गर्ल्स यूथ क्लब की स्थापना की गई। इस क्लब के अंतर्गत आउटडोर एवं इंडोर खेलों के लिए विशेष स्पोर्ट्स किट उपलब्ध कराई गई।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि गाँव की बेटियाँ हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, और खेल का क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं रहना चाहिए। इस क्लब के माध्यम से क्षेत्र की बेटियों को अपने खेल कौशल को निखारने और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने का अवसर मिलेगा।

वरिष्ठ नागरिकों और समाज के प्रबुद्ध जनों का सम्मान

गाँव के सामाजिक ताने-बाने को मजबूत बनाए रखने वाले वरिष्ठ नागरिकों और प्रबुद्ध व्यक्तियों को विधायक द्वारा अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर रामरती, उषा, लक्ष्मी, राजरानी, बेबी शुक्ला, सोनी, गुलाबदेई, राजू शुक्ला, चन्द्रकांत, पुत्तीलाल, चंचल, चन्द्र भान, विजय यादव, हरि प्रसाद यादव, रामदेव, सूरजपाल, जानकी, छेछ्ना, रेखा, धनीराम, विकास यादव, ओमप्रकाश, नन्हेलाल, मुन्नी समेत कई गणमान्य व्यक्तियों को सम्मानित किया गया।

विधायक ने कहा कि वरिष्ठ नागरिक हमारे समाज की नींव हैं, और उनका सम्मान करना हमारी संस्कृति की पहचान है।

‘ताराशक्ति निःशुल्क रसोई’ – 20 महीनों से जरूरतमंदों की सेवा में समर्पित

जन सेवा और सामाजिक कल्याण को प्राथमिकता देते हुए विधायक द्वारा संचालित ‘ताराशक्ति निःशुल्क रसोई’ विगत 20 महीनों से जरूरतमंदों को ताजा और पौष्टिक भोजन उपलब्ध करा रही है।

इस शिविर में भी सभी उपस्थित लोगों को भोजन कराया गया। विधायक ने कहा कि समाज में कोई भी भूखा न रहे, यह सुनिश्चित करना हम सबकी जिम्मेदारी है, और इस दिशा में यह रसोई अपनी सेवाएं लगातार प्रदान कर रही है।

‘आपका विधायक – आपके द्वार’ अभियान की विशेषताएँ

  • ग्रामीण जनता की समस्याओं का मौके पर समाधान
  • सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ
  • क्षेत्र के मेधावी छात्रों को सम्मान और प्रोत्साहन
  • वरिष्ठ नागरिकों और समाज के गणमान्य लोगों का सम्मान
  • ग्राम स्तर पर खेल-कूद को बढ़ावा देने के लिए गर्ल्स यूथ क्लब की स्थापना
  • निःशुल्क भोजन सेवा – ताराशक्ति रसोई का सतत संचालन

‘आपका विधायक – आपके द्वार’ अभियान – सरोजनी नगर के विकास की नई पहचान

डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान जनता से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को हल करने का एक प्रभावी मंच बन गया है। इस पहल के माध्यम से विकास कार्यों को गति मिल रही है, और समाज के हर वर्ग को इसका लाभ मिल रहा है।

डॉ. सिंह ने कहा कि यह केवल एक शिविर नहीं, बल्कि सेवा, समाधान और समर्पण का संकल्प है। यह पहल तब तक जारी रहेगी जब तक क्षेत्र की हर समस्या का समाधान नहीं हो जाता और हर नागरिक को उसका हक नहीं मिल जाता।

‘आपका विधायक – आपके द्वार’ केवल एक सरकारी पहल नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं के समाधान की दिशा में एक मजबूत कदम है।

इस कार्यक्रम के माध्यम से सरोजनी नगर के नागरिकों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल रहा है, बच्चों की शिक्षा को प्रोत्साहन मिल रहा है, खेल-कूद की सुविधाएँ बढ़ रही हैं, वरिष्ठ नागरिकों को सम्मान मिल रहा है, और जरूरतमंदों को भोजन मिल रहा है।

क्या आपके क्षेत्र में भी इस तरह के शिविर आयोजित होने चाहिए? अपनी राय साझा करें।

ट्रैवल टिप्स: कन्याकुमारी में इन खूबसूरत जगहों की करें सैर, यादगार बनेगा सफर

घूमने का शौक रखने वाले लोग हमेशा नई-नई जगह पर जाना चाहते हैं। अगर आप भी घूमने की शौकीन हैं, तो आप दक्षिण भारत घूमने का प्लान बना सकते हैं। वैसे तो दक्षिण भारत में ऐसी तमाम जगह हैं, जहां पर आप घूमने के लिए पहुंच सकते हैं। आप दक्षिण भारत में बसा कन्याकुमारी शहर एक्सप्लोर कर सकते हैं। कन्याकुमारी में आपको प्राकृतिक खूबसूरती, प्रकृति, संस्कृति और आध्यात्म का अनोखा संगम देखने को मिलेगा। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको कन्याकुमारी की कुछ फेमस जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां पर आप घूमने के दौरान अपने एक्सपीरियंस को यादगार बना सकते हैं।

विवेकानंद रॉक मेमोरियल

कन्याकुमारी आने के दौरान आपको विवेकानंद रॉक मेमोरियल जरूर आना चाहिए। यह मेमोरियल समुद्र के बीच स्थित एक विशाल चट्टान पर बना है। यह स्थान स्वामी विवेकानंद के जीवन और योगदान को समर्पित है। उन्होंने साल 1892 में इस स्थान पर ध्यान लगाया था। आप यहां पर नांव से पहुंच सकते हैं और एक अलग तरह का एक्सपीरियंस ले सकते हैं।

तिरुवल्लुवर स्टैच्यू

कन्याकुमारी में आप तिरुवल्लुवर स्टैच्यू को देखना न भूलें। यह विशाल प्रतिमा तमिल साहित्य के महाव कवि और संत रहे तिरुवल्लुवर को समर्पित है। तिरुवल्लुवर ने तिरुक्कुरल नामक ग्रंथ की रचना की थी।

महाव कवि और संत रहे तिरुवल्लुवर की प्रतिमा कन्याकुमारी तट के समीप समुद्र के बीच स्थित है। यह अपनी अद्भुत और वास्तुकला के लिए जाना जाता है। यहां तक पहुंचने के लिए आपको कन्याकुमारी तट से नाव की सवारी करनी पड़ती है।

पद्मनाभपुरम पैलेस

कन्याकुमारी जाने के दौरान आपको पद्मनाभपुरम पैलेस जरूर एक्सप्लोर करना चाहिए। यह पैलेस त्रावणकोर साम्राज्य की शाही विरासत को दर्शाता है और इसकी वास्तुकला भव्य है। तिरुवनंतपुरम से करीब 60 किमी और कन्याकुमारी से 30 किमी दूरी पर स्थित है।

आपको इस पैलेस तक जाने के लिए बस या टैक्सी करनी होगी। यह एक ऐसी जगह है, जहां पर आपको जाकर बहुत अच्छा लगेगा।

स्ट्रीट फूड का लें स्वाद

कन्याकुमारी न सिर्फ अपनी प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक धरोहर के लिए जाना जाता है। बल्कि यहां पर आपको स्थानीय व्यंजन का भी लुत्फ उठा सकते हैं। दक्षिण भारतीय मसाले, नारियल और समुद्री खाना अपने अनोखे स्वाद के लिए जाना जाता है।

कन्याकुमारी के बाजारों और रेस्तरां में आप पारंपरिक व्यंजनों का एक्सपीरियंस ले सकते हैं। यहां का खाना स्वाद और सादगी से भरपूर होता है। अगर आप कुछ डिफरेंट ट्राई करना चाहते हैं, तो नारियल पानी और केले के चिप्स जरुर खाएं।

कन्याकुमारी देवी मंदिर

बता दें कि कन्याकुमारी की पहचान कन्या कुमारी देवी मंदिर भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक माना जाता है। हिंदू धर्म में यह मंदिर आस्था का केंद्र है और यह मंदिर देवी कन्याकुमारी को समर्पित है। कन्याकुमारी को शक्ति और सादगी का प्रतीक माना जाता है।

इस मंदिर का आध्यात्मिक और ऐतिहासिक महत्व के अलावा इसके खूबसूरत वास्तुकला हर भक्त औकर पर्यटक के लिए बेहद खास है। अगर आप भी यहां जाने का प्लान बना रहे हैं, तो सुबह 04:30 से लेकर 12:30 तक और शाम को 04:00 बजे से रात 08:00 बजे तक जा सकते हैं।