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Lucknow Super Kings:IPL 2025 में पहली जीत के साथ पंत को मिली राहत, इन खिलाड़ियों की जमकर तारीफ

 ऋषभ पंत की कप्तानी वाली लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम ने सनराइजर्स हैदराबाद की टीम को पांच विकेट से हरा दिया। इस मैच में SRH की टीम ने पहले बैटिंग करते हुए 190 रन बनाए। इसके बाद लखनऊ ने निकोलस पूरन और मिचेल मार्श की बदौलत टारगेट आसानी से हासिल कर लिया। LSG के लिए शार्दुल ठाकुर ने भी बेहतरीन गेंदबाजी की। आईपीएल 2025 में लखनऊ की टीम ये पहली जीत है। इससे पहले लखनऊ को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ एक विकेट से हार झेलनी पड़ी थी।

आवेश खान ने की थी प्लेइंग इलेवन में वापसी

लखनऊ सुपर जायंट्स के कप्तान ऋषभ पंत ने मैच के बाद कहा कि निश्विच रूप से यह जीत बड़ी राहत है। लेकिन एक टीम के रूप में हम प्रोसेस के बारे में बात करते हैं। हम जीत के बाद बहुत ज्यादा उत्साहित और हारने के बाद बहुत ज्यादा निराश नहीं होना चाहते। एक बार में हम सिर्फ एक मैच के बारे में सोचते हैं। आवेश खान के फिट होकर प्लेइंग इलेवन में शामिल होने से वह खुश थे। उन्होंने कहा कि आवेश की वापसी देखकर अच्छा लगा। शार्दुल ठाकुर ने अच्छी गेंदबाजी की।

पूरन की बल्लेबाजी के लिए खोला दिल

निकोलस पूरन ने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ शानदार बल्लेबाजी की और बेहतरीन अर्धशतक लगाया। इस पर कप्तान ऋषभ पंत ने बोलते हुए कहा कि मुझे लगता है कि हम उन्हें बस आजादी से खेलने देना चाहते हैं। मुझे भी आजादी से खेलना पसंद है। लेकिन हमने उनसे बस इतना कहा है कि वह खुद को अभिव्यक्त करें और वह हमारे लिए शानदार बल्लेबाजी कर रहे हैं। हमने अभी तक अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं किया है, लेकिन जीत हासिल करके खुश हैं।

शार्दुल ठाकुर ने हासिल किए चार विकेट

लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम के लिए शार्दुल ठाकुर ने बेहतरीन गेंदबाजी की। शार्दुल ने चार ओवर में 34 रन देकर चार अहम विकेट हासिल किए। उनके कारण ही हैदराबाद की टीम 200 रनों के स्कोर को पार नहीं कर सकी। इसके बाद टारगेट का पीछा करते हुए निकोलस पूरन ने 26 गेंदों में 70 रन बनाए, जिसमें 6 चौके और 6 छक्के शामिल रहे। मिचेल मार्श ने 52 रनों का योगदान दिया। हैदराबाद के गेंदबाज मैच में बुरी तरह से फ्लॉप रहे और अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए।

सेंसर बोर्ड ने पहले बैन लगाया , फिर रिलीज हुईं ये 7 बॉलीवुड फिल्में

ऑस्कर 2025 के लिए यूके की आधिकारिक एंट्री ‘संतोष’ को भारत में रिलीज नहीं किया जा रहा है। कथित तौर पर कहा जा रहा है कि फिल्म में पुलिस का जैसा चित्रण दिखाया गया है, उसे सीबीएफसी यानी सेंसर बोर्ड गलत ठहरा है। इसी वजह से इसे रिलीज होने से रोक दिया गया है। इससे पहले भी कई बार ऐसा हुआ है जब भारत में कई फिल्मों को रिलीज होने से रोका गया। कई फिल्में ऐसी भी रहीं, जिन्हें पहले बैन कर दिया गया था, लेकिन बाद में ये फिल्में रिलीज हो गईं। आइए उन फिल्मों पर एक नजर डालते हैं जो किसी समय सेंसर बोर्ड द्वारा प्रतिबंधित होने के बाद भी रिलीज की गईं।

आंधी (1975)

इंदिरा गांधी द्वारा आपातकाल के दौरान इस फिल्म पर प्रतिबंध लगा दिया गया था, लेकिन 1977 में जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद इसे सिनेमाघरों में रिलीज किया गया। इस फिल्म में संजीव कुमार और सुतित्रा सेन लीड रोल में थे। कमलेश्वर के उपन्यास ‘काली आंधी’ पर ये फिल्म आधारित थी। कहते हैं इमरजेंसी का दौर फिल्म इंडस्ट्री के लिए किसी भूचाल से कम नहीं था। भारतीय राजनीतिक ड्रामा होने के चलते इस फिल्म को बैन किया गया था।

बैंडिट क्वीन (1994)

दिल्ली उच्च न्यायालय ने फिल्म की सत्यता पर सवाल उठाए जाने के बाद इसे कुछ समय के लिए रिलीज होने से रोक दिया था। दरअसल ये फिल्म फूलन देवी पर आधारित थी और इस कहानी पर खुद फूलन देवी ने ही सवाल खड़े किए थे। इसमें यौन हिंसा और जातिगत भेदभाव के मुद्दों को दिखाया गया था, जो उस समय के सामाजिक और राजनीतिक परिदृश्य में संवेदनशील थे। इसको लेकर भी सेंसर बोर्ड खासा खुश नहीं था। बाद में फिल्म रिलीज हुई। शेखर कपूर ने इसका निर्देशन किया था। सीमा बिस्वास लीड रोल में नजर आई थीं। इस कहानी ने लोगों को हिलाकर रख दिया था।

कामसूत्र: ए टेल ऑफ लव (1996)

फिल्म को इसके यौन कंटेंट के कारण कुछ समय के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया था। बाद में दो मिनट के न्यूड सीन हटाने के बाद इसे भी भारत में रिलीज कर दिया गया था। वहीं विदेशी एडिशन में ये सीन नहीं हटाया गया था।

फायर (1996)

भारत में इसके पहले दिन, समलैंगिक संबंधों को दर्शाने के कारण हिंदू कट्टरपंथियों ने कुछ फिल्म थिएटरों पर हमला किया था। फिल्म को वापस ले लिया गया और सेंसर बोर्ड को वापस भेज दिया गया। बाद में इसे CBFC द्वारा सुझाए गए कुछ कट्स के साथ रिलीज किया गया।

हवाएं (2003)

1984 के सिख विरोधी दंगों पर आधारित इस फिल्म की पृष्ठभूमि में दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और पंजाब जैसे कुछ भारतीय राज्यों में फिल्म पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।

ब्लैक फ्राइडे (2005)

1993 के बॉम्बे बम धमाकों ने इस फिल्म की प्रेरणा दी। जब तक बॉम्बे हाई कोर्ट ने विचाराधीन कैदियों की याचिका पर फैसला नहीं सुनाया, तब तक फिल्म की रिलीज रोक दी गई थी। भारत में फिल्म की शुरुआती रिलीज की तारीख 28 जनवरी 2005 थी। निर्माताओं की सुप्रीम कोर्ट में अपील के बावजूद हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा गया। फिल्म आखिरकार 9 फरवरी 2007 को रिलीज हुई।

वाटर (2005)

वाराणसी में कट्टरपंथी हिंदू संगठनों ने फिल्म की शूटिंग के दौरान इसका विरोध किया। 31 जनवरी, 2000 को उत्तर प्रदेश सरकार ने शूटिंग रोकने का फैसला किया। बाद में फिल्म की शूटिंग श्रीलंका में स्थानांतरित कर दी गई। एक लंबी कानूनी लड़ाई के बाद फिल्म आखिरकार मार्च 2007 में भारत में रिलीज हुई।

US Tariff Policy: कनाडा के पीएम कार्नी के कड़े तेवर, बोले- ‘अमेरिका के साथ करीबी संबंधों का युग खत्म’

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कनाडा पर भारी टैरिफ लगाने का ऐलान किया है जिसके बाद से कनाडा और अमेरिका के रिश्तों में तनाव बना हुआ है। अब कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने दोनों देशों के संबंधों को लेकर बड़ा बयान दिया है। पीएम कार्नी ने कहा है कि कनाडा और अमेरिका के बीच मजबूत आर्थिक, सुरक्षा और सैन्य संबंधों का युग खत्म हो गया है।

पीएम मार्क कार्नी ने क्या कहा?

पीएम कार्नी ने ट्रंप के ऑटो टैरिफ को अनुचित बताया और कहा कि यह देशों के बीच मौजूदा व्यापार समझौतों का उल्लंघन है। उन्होंने अमेरिका और कनाडा के रिश्तों को लेकर कहा कि ट्रंप ने अमेरिका के साथ संबंधों को स्थायी रूप से कनाडा के लिए बदल दिया है। कार्नी ने अमेरिका के साथ रिश्ता खत्म होने की बात भी कही। उन्होंने कहा, अमेरिका के साथ हमारा संबंध अर्थव्यवस्था, सुरक्षा एवं सैन्य सहयोग पर आधारित था, लेकिन अब हमारा अमेरिका के साथ पुराना रिश्ता खत्म हो गया है।

कनाडा करेगा जवाबी कार्रवाई

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने यह भी कहा कि कनाडा ऑटो टैरिफ के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहा, “हम अपनी जवाबी व्यापारिक कार्रवाइयों से अमेरिकी टैरिफ से लड़ेंगे, जिसका अमेरिका में अधिकतम प्रभाव होगा और कनाडा में न्यूनतम प्रभाव होगा।”

खतरे में लाखों लोगों की नौकरी

कनाडा के प्रधानमंत्री का बयान ऐसे समय पर आया है जब राष्ट्रपति ट्रंप ने टैरिफ बढ़ाने को लेकर फैसला लिया है। ट्रंप ने अमेरिका में निर्मित नहीं होने वाले सभी वाहनों पर 25 प्रतिशत टैरिफ की घोषणा की है। यह फैसला कनाडा की ऑटो इंडस्ट्री के लिए बड़ी मुश्किल साबित हो सकता है। ट्रंप के इस फैसले से कनाडा की ऑटो इंडस्ट्री में काम करने वाले 5 लाख से अधिक लोगों की नौकरियां खतरे में आ जाएंगी। कार्नी ने 14 मार्च को जस्टिन ट्रूडो की जगह प्रधानमंत्री का पद संभाला था।

लेटेस्ट बॉलीवुड न्यूज़ :मौनी रॉय लेकर आ रही हैं ‘प्यार’ और ‘प्रलय’ का अनोखा संगम

टीवी के छोटे पर्दे से बॉलीवुड के बड़े पर्दे पर अपनी अलग पहचान बनाने वाली खूबसूरत हसीना मौनी रॉय आज किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं। ‘नागिन’ और ‘महादेव’ जैसे शोज में अपनी एक्टिंग की छाप छोड़ने के बाद एक्ट्रेस बॉलीवुड की राह पर चल पड़ीं। टीवी से पूरी तरह किनारा करने के बाद वो फिल्मों में कदम जा चुकी हैं। अक्षय कुमार की फिल्म ‘गोल्ड’ से डेब्यू करने के बाद उनकी एक्टिंग की जमकर तारीफ हुई और फिर उन्हें अयान मुखर्जी की ब्रम्हास्त्र में देखा गया। इस फिल्म में भी लोगों ने उन्हें काफी पसंद किया। इसके बाद से एक्ट्रेस लंबे ब्रेक पर रहीं, लेकिन अब वो फिर से वापसी कर रही हैं और उनकी नई फिल्म का ऐलान भी हो चुका है।

सामने आया पोस्टर

मौनी रॉय इस अप्रैल आपको डराने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उनकी अगली बड़ी फिल्म ‘द भूतनी’ 18 अप्रैल को रिलीज होगी, जो उनकी सबसे बहुप्रतीक्षित फिल्मों में से एक है। हॉरर-कॉमेडी में मौनी ने संजय दत्त, सनी सिंह, पलक तिवारी और आसिफ खान जैसे नामों सहित बहुत ही प्रतिभाशाली कलाकारों के साथ स्क्रीन स्पेस साझा करती नजर आएंगी। इसके फिल्म के निर्माताओं ने महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर फिल्म के टाइटल का ऐलान किया था, जिसके साथ एक छोटा सा टीजर भी जारी किया गया था, जो काफी डरावना था।

ऐसा होगा किरदार

अब निर्माताओं ने फिल्म से मौनी का लुक भी जारी कर दिया है। उनके पहले लुक के पोस्टर में वह हरे रंग की पोशाक में नजर आ रही हैं, जिसमें और भी अधिक आकर्षक हरी आंखें हैं। उनके किरदार का नाम मोहब्बत है। पोस्टर के साथ एक टैगलाइन भी दी गई है- ‘प्यार या प्रलय’। पोस्टर काफी शानदार है। मौनी का लुक आपको उनकी खूबसूरती से मंत्रमुग्ध कर देगा, लेकिन साथ ही उनके किरदार से डर भी लगेगा।

इस फिल्म में भी आएंगी नजर

मौनी रॉय को फिल्म ‘द भूतनी’ लुक जारी होने के बाद से ही सराहना मिलने लगी है। उन्हें अलग-अलग तरह के किरदार निभाने और जोखिम उठाने के लिए नेटिजन्स द्वारा भी सराहा जा रहा है। ‘द भूतनी’ की रिलीज के बाद, अभिनेत्री अगली बार ‘खुदा हाफिज’ के निर्देशक फारूक कबीर के साथ नजर आएंगी। फिल्म में उनकी भूमिका के बारे में विस्तृत जानकारी गुप्त रखी जा रही है।

CSK vs RCB: चेन्नई की पिच पर रन बरसेंगे या गेंदबाजों का चलेगा जादू? जानें पिच का मिजाज

इंडियन प्रीमियर लीग 2025 के 8वें मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु टीम के बीच में भिड़ंत देखने को मिलेगी। दोनों टीमों के बीच ये मुकाबला एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेला जाएगा। दोनों ही टीमें इस सीजन अब तक एक-एक मुकाबला खेल चुकी हैं, जिसमें चेन्नई सुपर किंग्स की टीम ने मुंबई इंडियंस को अपने पहले मैच में 4 विकेट से मात दी थी तो वहीं रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु टीम का पहला मुकाबला डिफेंडिंग चैंपियन कोलकाता नाइट राइडर्स से था जिसे उन्होंने 7 विकेट से जीता। अब चेन्नई के चेपॉक मैदान पर सीएसके और आरसीबी के बीच मुकाबला खेला जाएगा, जहां की पिच पर सभी फैंस की नजरें टिकी हुई हैं।

एमए चिदंबरम स्टेडियम की पिच पर स्पिन गेंदबाजों का दिखता है कमाल

चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम की पिच को लेकर बात की जाए तो यहां पर स्पिनर्स का कमाल अधिक देखने को मिलता है, जिसमें पिच पर दोहरा उछाल होने की वजह से बल्लेबाजों के लिए तेजी से रन बनाना बिल्कुल भी आसान काम नहीं होता है। ऐसे में इस मैच में टॉस काफी अहम हो जाता है। शाम के समय मुकाबला होने की वजह से बाद में बल्लेबाजी करने वाली टीम के लिए टारगेट का पीछा करना जरूर थोड़ा आसान हो जाएगा। अब तक यहां पर आईपीएल के 86 मैच खेले गए हैं जिसमें से पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम को 49 जबकि टारगेट का पीछा करने वाली टीम को 37 मैचों में जीत हासिल हुई है। वहीं पहली पारी के औसत स्कोर को लेकर बात की जाए तो वह 160 से 165 रनों के बीच रहता है। ऐसे में पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम यदि 170 या उससे अधिक का स्कोर बना लेती है तो दूसरी टीम के लिए टारगेट का पीछा करना बिल्कुल भी आसान काम नहीं होगा।

हेड टू हेड रिकॉर्ड में चेन्नई सुपर किंग्स का पलड़ा काफी भारी

सीएसके और आरसीबी के बीच आईपीएल में हेड टू हेड रिकॉर्ड को लेकर बात की जाए तो उसमें दोनों टीमों के बीच अब तक 33 मुकाबले खेले गए हैं, जिसमें से 21 मैचों को जहां चेन्नई सुपर किंग्स की टीम जीत हासिल करने में कामयाब हुई है तो वहीं रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम 11 मैचों को ही अपने नाम कर सकी है। वहीं एमए चिदंबरम स्टेडियम में आरसीबी की टीम को साल 2008 के सीजन में खेले गए मुकाबले में मिली थी उसके बाद से यहां पर उन्होंने सीएसके के खिलाफ 8 मैच खेले हैं और सभी में हार का सामना किया है।