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International Cricket Rules: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के नियम कौन तय करता है? अगर नियमों में बदलाव करना हो तो इसका फैसला कौन करता है?

क्रिकेट की शुरुआत इंग्लैंड से मानी जाती है. इंग्लैंड के बाद ये खेल दुनियाभर में जाना जाने लगा और आज ये विश्व में खेले जाने वाले सभी पसंदीदा खेलों में से एक है. क्रिकेट खेलने के कई नियम होते हैं. इन नियमों के उल्लंघन पर खिलाड़ियों को सजा भी मिलती है. लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि क्रिकेट ये नियम बनाता होता है. इसके साथ ही खेल के नियमों में बदलाव होता है तो इन नियमों में संशोधन करने की जिम्मेदारी किसकी है. आइए इन सभी सवालों के जवाब जानते हैं.

कौन बदलता है क्रिकेट के नियम?

इंग्लैड की राजधानी लंदन में 18वीं शताब्दी के शुरुआती दौर में क्रिकेट जाना जाने लगा था और धीरे-धीरे इस खेल के बारे में इंग्लैंड के बाकी शहरों में भी पता चला. क्रिकेट की लोकप्रियता बढ़ने के साथ ही इस खेल में नियमों की जरूरत पड़ी. क्रिकेट का सबसे पहला नियम 1744 में बना और इसी साल से खेल में लागू भी किया गया. इन पहले नियमों को बनाते वक्त एलबीडब्ल्यू (lbw), थर्ड स्टंप, मिडिल स्टंप और बल्ले की अधिकतम चौड़ाई कितनी हो, इन सभी बातों के बारे में फैसला किया गया. इन नियमों को ‘स्टार एंड गार्टर क्लब’ ने बनाया.

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मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब – MCC

स्टार एंड गार्टर क्लब के सदस्यों ने ही 1987 में लॉर्ड्स में मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब (Marylebone Cricket Club – MCC) की स्थापना की और इसके साथ ही ये क्लब इन नियमों का संरक्षक भी बन गया. तब से लेकर अब तक MCC ही क्रिकेट के नए नियम बनाता है. इस क्लब को ही पुराने नियमों में संशोधन करने का अधिकार है. ये क्लब ही लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड की देख-रेख भी करता है.

लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड को इसी वजह से आइकॉनिक माना जाता है कि यहीं से क्रिकेट की रूल बुक शुरू हुई थी और आज भी क्रिकेट के नियमों की जिम्मेदारी भी इसी क्लब के पास है. भारत और इंग्लैंड के बीच 10 जुलाई को इसी ऐतिहासिक मैदान पर टेस्ट मैच खेला जाएगा. भारत और इंग्लैंड के बीच चल रही इन पांच मैचों की सीरीज के दो मैच हो गए हैं और सीरीज 1-1 की बराबरी पर है.

US H-B Visa Policy: डोनाल्ड ट्रंप ने H-1B वीजाधारकों को दिया तगड़ा झटका, सिक्योरिटी डिपॉजिट में की बढ़ोतरी; जानें कौन होंगे प्रभावित

अमेरिका ने अपनी इमिग्रेशन पॉलिसी में एक और बदलाव किया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले सप्ताह शुक्रवार (4 जुलाई, 2025) को “वन बिग ब्यूटीफुल बिल एक्ट” पर साइन किया है. इस बिल के तहत अब वीजा आवेदकों को 250 डॉलर का वीजा इंटेग्रिटी शुल्क देना होगा. यह शुल्क एक तरह की सिक्योरिटी डिपोजिट की राशि के रूप में होगा और इसे कुछ शर्तों के पूरा किए जाने पर वापस भी किया जा सकता है. हालांकि, यह भी कहा गया कि इस शुल्क में हर साल महंगाई के अनुसार बढ़ोतरी भी की जा सकती है.

अमेरिका का यह नया नियम अगले साल 2026 से लागू होगा और यह सभी नॉन-इमिग्रेंट वीजा आवेदनों पर भी लागू होगा, जिनमें टूरिस्ट/बिजनेस (B-1/B-2), छात्र (F/M), कार्य (H-1B), और एक्सचेंज (J) वीजा भी शामिल हैं. वहीं, इस नए नियम के तहत सिर्फ कूटनीतिक श्रेणी के वीजा (A और G) को इस नए शुल्क से छूट दी गई है.

इस कानून के प्रावधानों के मुताबिक, यह अतिरिक्त शुल्क डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) की ओर से वीजा जारी करते समय ही वसूल लिया जाएगा. यह शुल्क मौजूदा वीजा आवेदन पर लगने वाले शुल्क से अलावा लिया जाएगा.

अवैध इमिग्रेशन के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए लाया गया नया कानून

यह नया नियम अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से अवैध इमिग्रेशन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और नियमों के सख्ती से पालन करने को लेकर की जा रही कोशिशों के तहत लाया गया है.

इसके अलावा, इस नए बिल में यात्रा से संबंधित अन्य शुल्कों को भी शामिल किया गया है. इसमें 24 डॉलर का I-94 शुल्क, वीजा वेवर प्रोग्राम के यात्रियों के लिए 13 डॉलर का इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम फॉर ट्रैवल ऑथराइजेशन (ESTA) शुल्क और 10 साल के B-1/B-2 वीजा रखने वाले कुछ चीनी नागरिकों के लिए 30 डॉलर का इलेक्ट्रॉनिक वीजा अपडेट सिस्टम (EVUS) शुल्क भी शामिल है. एक अमेरिका स्थित इमिग्रेशन सर्विस फर्म फ्रैगोमेन की रिपोर्ट के अनुसार, ये सारे किसी भी स्थिति में माफ नहीं किए जा सकते हैं.

अगर दाल-सब्जी खाकर हो चुके हैं बोर, तो एक बार जरूर ट्राई करें सिंधी कढ़ी की रेसिपी – हर निवाले में मिलेगा लाजवाब स्वाद

सिंधी कढ़ी, लगभग हर सिंधी समुदाय में बनाई जाती है। किसी मेहमान के आने पर या शादी-ब्याह में यह ज़रूर बनती है। इस स्वादिष्ट कढ़ी को आप भी आसानी से घर पर बना सकते हैं। ढेर सारी सब्ज़ियों, बेसन, इमली का पानी और कुछ खास मसालों से बनी यह खुशबूदार कढ़ी, जिसमें बेसन को भूनकर उसकी तरी में सब्ज़ियों को पकाया जाता है, स्वाद का एक अनोखा अनुभव देती है। इस कढ़ी की खासियत यह भी है कि आप इसमें अपनी मनपसंद सब्ज़ियां मिला सकते हैं

सिंधी कढ़ी के लिए सामग्री

बेसन: 4 टेबल स्पून, 8-10 ग्वार की फली, 5-6 भिंडी, 1 ड्रमस्टिक, 8-10 टुकड़े फूलगोभी, 1-2 आलू, 1/3 कप हरी मटर, टमाटर: 1 (पेस्ट के लिए), 1/2 चम्मच मेथी दाना, 1/2 चम्मच राई, 3/4 चम्मच जीरा, चुटकी भर हींग, 1/2 चम्मच हल्दी पाउडर, 1/2 चम्मच लाल मिर्च पाउडर, 1/3 चम्मच गरम मसाला, इमली का पानी: आधा कटोरी, अदरक का पेस्ट: 1 टेबल स्पून, 5-6,  करी पत्ता, 3 स्प्लिट हरी मिर्च, बारीक कटी हरी धनिया, स्वाद के अनुसार नमक

कैसे बनाएं सिंधी कढ़ी?

  • सभी सब्ज़ियों को अच्छी तरह धोकर बड़े टुकड़ों में काट लें। इमली के पल्प को थोड़े से पानी में भिगोकर इमली का रस निकाल लें। सभी मसालों को एक जगह इकट्ठा कर लें। टमाटर को पीसकर पेस्ट बना लें। कटी हुई सारी सब्ज़ियों को डीप फ्राई करके अलग निकाल लें।
  • कढ़ाई में ऑयल डालकर गरम करें। गरम तेल में मेथी दाना, राई, जीरा, हींग डालकर तड़का लगाएं। 12-15 सेकंड बाद करी पत्ता डालें। अब बेसन डालकर लगातार चलाते हुए मध्यम आंच पर भूनें। ध्यान रहे कि बेसन में गांठें (लम्स) न पड़ें।
  • जब बेसन से अच्छी खुशबू आने लगे और उसका रंग थोड़ा बदल जाए, तब इसमें थोड़ा-थोड़ा गरम पानी डालते हुए मिक्स करें। अब करी में हल्दी पाउडर, बारीक कटा अदरक, लाल मिर्च पाउडर डालें और अच्छी तरह मिलाएं। ज़रूरत के अनुसार और पानी डालें।
  • अब करी में हरी मटर, नमक और टमाटर का पेस्ट डालें और पकने दें। करी को बीच-बीच में चलाते रहें। जब करी थोड़ी गाढ़ी होने लगे, तो इसमें सभी डीप फ्राई की हुई सब्ज़ियां और स्प्लिट की हुई हरी मिर्च डालें और 7-8 मिनट तक पकने दें।
  • अब गरम मसाला और इमली का पानी डालें और 4-5 मिनट तक और पकाएं। ढक्कन खोलें और कढ़ी में बारीक कटी हरी धनिया डालकर मिला लें। 1 मिनट बाद गैस बंद कर दें।

पूर्व मंत्री की बेटी हैं विवेक ओबेरॉय की पत्नी प्रियंका, अपनी सादगी से हर किसी का दिल जीत लेती हैं।

नितेश तिवारी की ‘रामायण’ का जब से ऐलान हुआ है, तभी से ये फिल्म चर्चा में बनी हुई है। इस फिल्म में रणबीर कपूर श्रीराम और साई पल्लवी सीता मां के किरदार में नजर आएंगी। फिल्म में विवेक ओबेरॉय भी छोटे लेकिन, अहम किरदार में दिखाई देंगे, जिसके बारे में उन्होंने हाल ही में खुलासा किया। विवेक ‘रामायण’ में रावण के बहनोई यानी शूर्पणखा के पति विद्युतजिह्वा का किरदार निभा रहे हैं। इस बीच लोग ये भी जानना चाहते हैं कि फिल्म में शूर्पणखा का किरदार कौन निभाएगा। ‘रामायण’ में विवेक ओबेरॉय की ऑनस्क्रीन पत्नी के किरदार में कौन होगा, इसकी तो अभी पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन उनकी रियल लाइफ पत्नी प्रियंका अल्वा ओबेरॉय के बारे में जरूर हम आपको कुछ दिलचस्प बातें बताते हैं।

कौन हैं विवेक ओबेरॉय की पत्नी प्रियंका अल्वा?

विवेक ओबेरॉय की पत्नी प्रियंका अल्वा ओबेरॉय हैं, जो एक बड़े राजनीतिक घराने से ताल्लुक रखती हैं। प्रियंका अल्वा कर्नाटक के पूर्व दिवंगत मिनिस्टर जीवराज अल्वा की बेटी हैं, जिन्हें विवेक के माता-पिता ने उनके लिए चुना था। प्रियंका अन्य स्टार वाइव्स की तरह सुर्खियों में नहीं बल्कि सुर्खियों से दूर रहना ही पसंद करती हैं। वह सोशल मीडिया से भी दूर रहती हैं, लेकिन अपने रॉयल अंदाज को लेकर अक्सर सुर्खियों में आ जाती हैं।

प्रियंका और विवेक ओबेरॉय की शादी

विवेक ओबेरॉय के साथ प्रियंका की शादी की कहानी भी बेहद दिलचस्प है। जब विवेक पहली बार प्रियंका से मिले, उससे पहले ही वह कभी भी शादी नहीं करने का मन बना चुके थे। तभी विवेक की मां ने उन्हें प्रियंका से मिलने को कहा। उस दौरान एक्टर लंदन में थे और प्रियंका फ्लोरेंस में। विवेक ने अपनी मां के आगे शर्त रखी कि अगर उन्हें प्रियंका पसंद आती हैं तो वह पहले उन्हें एक साल तक डेट करेंगे, उसके बाद ही शादी करेंगे। लेकिन, जैसे ही विवेक, प्रियंका से मिले वह इतने इंप्रेस हो गए कि उन्होंने शादी के लिए इंतजार नहीं किया और 2010 में ही शादी के बंधन में बंध गए और अब दोनों दो बच्चों के माता-पिता बन चुके हैं

महंगे गिफ्ट्स नहीं, पति से इस चीज की करती हैं डिमांड

विवेक ओबेरॉय अक्सर अपनी पत्नी के साथ अपनी तस्वीरें शेयर करते रहते हैं, जिनमें प्रियंका अक्सर सादगी भरे अंदाज में नजर आती हैं। वह बी-टाउन और लाइमलाइट से दूर रहना पसंद करती हैं। विवेक ओबेरॉय ने एक बार खुलासा किया था कि उनकी पत्नी को लग्जरी बैग या गिफ्ट पसंद नहीं हैं, बल्कि उन्हें बस अपने पति का समय चाहिए होता है। उन्होंने ये भी बताया था कि दोनों के बीच लड़ाई भी समय न देने की वजह से होती है। ऐसे में विवेक, प्रियंका को मनाने के लिए उन्हें कॉफी बनाकर देते हैं।

‘एक कप्तान से इससे ज्यादा और क्या चाहिए’ – शुभमन गिल की तारीफ में रवि शास्त्री ने किए खूब प्रशंसा के पुल

टीम इंडिया के टेस्ट कप्तान शुभमन गिल इन दिनों टेस्ट फॉर्मेट में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। कप्तानी के साथ-साथ वह बल्ले से भी जमकर रन बना रहे हैं। लीड्स टेस्ट मैच में उन्होंने 147 रनों की पारी खेली थी, लेकिन वहां टीम इंडिया को हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद उन्होंने एजबेस्टन में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच की पहली पारी में 269 रन बनाए। वहीं दूसरी पारी में वह 161 रन बनाकर आउट हुए। शुभमन गिल के शानदार प्रदर्शन को देखने के बाद अब टीम इंडिया के पूर्व खिलाड़ी और हेड कोच रवि शास्त्री ने उनकी जमकर तारीफ की है।

शुभमन गिल की तारीफ में रवि शास्त्री ने क्या कहा?

रवि शास्त्री ने शुभमन गिल को बल्लेबाजी और कप्तानी दोनों में फुल मार्क दिया है। उन्होंने कहा कि वह मुझे ऑस्ट्रेलिया के महान बल्लेबाज डॉन ब्रेडमैन की याद दिलाते हैं, जिनका टेस्ट क्रिकेट में 99.94 का अद्भुत औसत रहा है। शास्त्री ने स्काई स्पोर्ट्स पॉडकास्ट में कहा कि एक कप्तान के तौर पर बेस्ट। 10 में से 10 अंक। मेरा मतलब है कि आप एक कप्तान से इससे ज्यादा कुछ मांग ही नहीं सकते। आप सीरीज में 1-0 से पीछे थे, आप वहां से आते हैं और ब्रेडमैन जैसी बैटिंग करते हैं। 269 और 161 रन और आप मैच भी जीतते हैं।

इस पॉडकास्ट में शास्त्री के साथ इंग्लैंड पूर्व कप्तान माइकल अथर्टन, नासिर हुसैन और भारत के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक भी मौजूद थे। शास्त्री ने आगे कहा कि पहले टेस्ट में आपकी कप्तानी बहुत रिएक्टिव थी। आप गेंद के पीछे भाग रहे थे। लेकिन अगले मैच में आप बहुत प्रोएक्टिव थे। आपने आकाश दीप जो चुनकर इंग्लैंड के हालात में संभवतः अपने बेस्ट तेज गेंदबाज उतार दिया जो इंग्लैंड को सीरीज में आगे भी परेशान करता रहेगा।

आकाश दीप को तीसरे टेस्ट मैच में भी मिल सकता है मौका

आपको बता दें कि आकाश दीप का प्रदर्शन दूसरे टेस्ट मैच में काफी अच्छा रहा था। एजबेस्टन टेस्ट की पहली पारी में उन्होंने 4 विकेट निकाले थे, वहीं दूसरी पारी में उन्होंने 6 विकेट निकाले। इस मैच में उन्होंने कुल 10 विकेट लिए और टीम इंडिया की जीत में अहम भूमिका निभाई। उनके इस बेहतरीन गेंदबाजी को देखने के बाद तीसरे टेस्ट मैच में भी उनका खेलना लगभग तय माना जा रहा है। भारत के लिए अच्छी बात ये है कि तीसरे टेस्ट मैच में उनके पास जसप्रीत बुमराह भी उपलब्ध होंगे।