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Health News:‘सुर कोकिला’ सी आवाज को ‘कर्कश’ बना रहा है कोरोना का यह नया वेरिएंट, इन देशों में मचा रहा है तबाही

कोविड-19 का नया स्ट्रेन ‘स्ट्रेटस’ या वैज्ञानिक रूप से एक्सएफजी और एक्सएफजी.3  यूके सहित कई देशों में तेजी से फैल रहा है. विशेषज्ञों ने इसके एक अजीब लक्षण के बारे में चेतावनी दी है.  कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि इन वैरिएंट्स की संक्रामकता दर ओमिक्रॉन के पिछले वेरिएंट्स की तुलना में ढाई गुना तक अधिक हो सकती है. इसका मतलब यह है कि अगर इस वेरिएंट का इंफेक्शन फैला तो काफी लोग इसकी चपेट में आ सकते हैं.

क्या है ‘स्ट्रेटस’?

‘स्ट्रेटस’ ओमिक्रॉन वैरिएंट का नया म्यूटेशन है और इसे ‘रिकॉम्बिनेंट’ या ‘फ्रैंकनस्टीन’ स्ट्रेन कहा जाता है. इसका मतलब है कि यह तब बना, जब एक व्यक्ति एक साथ दो कोविड वेरिएंट से संक्रमित था, जिससे नया हाइब्रिड वेरिएंट बन गया. यह अब इंग्लैंड में सबसे प्रभावी कोविड-19 स्ट्रेन बन गया है, जो मई में 10% से बढ़कर जून के मध्य तक लगभग 40% मामलों के लिए जिम्मेदार है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे ‘मॉनिटरिंग के तहत वेरिएंट’ के रूप में वर्गीकृत किया है. हालांकि, ग्लोबल लेवल पर यह कम खतरनाक बताया गया है.

ये हैं लक्षण और अन्य जानकारियां

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कोरोना के नए स्ट्रेस का सबसे खास लक्षण आवाज का भारी या कर्कश होना है, जिसमें गला खुरदुरा या घिसी हुई आवाज जैसा महसूस हो सकता है. वहीं, स्ट्रेटस के अन्य लक्षण पिछले कोविड-19 वेरिएंट के समान हैं.

    • बुखार (तेज बुखार – 38 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक) – ठंड लगना भी शामिल है।
    • सूखी खांसी
    • थकान
    • सूंघने या स्वाद की क्षमता में कमी या बदलाव
    • नाक बंद होना (बहती या बंद नाक)
    • कंजंक्टिवाइटिस (आंखों का लाल होना या गुलाबी आंख)
    • गले में खराश
    • सिरदर्द
    • मांसपेशियों या जोड़ों में दर्द
    • विभिन्न प्रकार के त्वचा पर चकत्ते
    • मतली या उल्टी
    • दस्त
    • चक्कर आना
    • सांस लेने में तकलीफ
    • भूख न लगना
    • भ्रम

क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट्स?

एक्सपर्ट्स का मानना है कि स्ट्रेटस अधिक संक्रामक हो सकता है, क्योंकि इसमें ऐसे म्यूटेशन हैं जो इसे इम्यून सिस्टम से बचने में मदद कर सकते हैं. अच्छी खबर यह है कि वर्तमान में इस बात का कोई सबूत नहीं है कि स्ट्रेटस पिछले वेरिएंट की तुलना में अधिक गंभीर बीमारी का कारण बनता है या टीके इसके खिलाफ कम प्रभावी होंगे.

इन बातों का रखें ध्यान

इस नए स्ट्रेन में खांसी कम होती है, जिससे कुछ लोगों को लग सकता है कि उन्हें कोविड नहीं है या उन्हें केवल गले में खराश है. एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि आबादी में घटती इम्युनिटी, बूस्टर डोज की कम स्वीकार्यता और हाल के संक्रमणों में कमी के कारण लोग स्ट्रेटस के प्रति अधिक संवेदनशील हो सकते हैं, जिससे इंफेक्शन की एक नई लहर आ सकती है.

यदि आपमें कोई लक्षण हैं, भले ही वे हल्के या सामान्य सर्दी-जुकाम जैसे लगें तो भी कोविड-19 की आशंका को खत्म करने के लिए जांच कराना अहम है. यदि आप पॉजिटिव मिलते हैं तो घर पर रहना और अलग-थलग रहना महत्वपूर्ण है, क्योंकि स्ट्रेटस अत्यधिक संक्रामक है.

बता दें कि नया कोविड स्ट्रेन ‘स्ट्रेटस’ तेजी से फैल रहा है और इसमें आवाज़ का कर्कश होना खास लक्षण है. हालांकि, यह अधिक गंभीर बीमारी का कारण नहीं बनता है, फिर भी इसकी संक्रामकता और प्रतिरक्षा से बचने की क्षमता चिंता का विषय है. सतर्क रहना, लक्षणों पर ध्यान देना और जरूरत पड़ने पर जांच कराना अहम है.

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

नैनीताल के पास स्थित यह हिल स्टेशन किसी जन्नत से कम नहीं, इसके खूबसूरत नज़ारे आपका दिन बना देंगे

दिल्ली से करीब 300 किमी की दूरी पर नैनीताल स्थित है। जोकि उत्तराखंड का फेमस और खूबसूरत हिल स्टेशन है। गर्मी से लेकर मानसून के समय भी दिल्ली एनसीआर वाले नैनीताल में वीकेंड पर जाते हैं। नैनीताल अपनी खूबसूरती के लिए जाना जाता है। लेकिन जब पर्यटक नैनीताल मौज-मस्ती के लिए पहुंचते हैं, तो सिर्फ नैनीताल की फेमस जगहों को एक्सप्लोर करके चले जाते हैं। लेकिन यहां से काफी पास में स्थित मुक्तेश्वर जैसी अद्भुत जगह को एक्सप्लोर करना भूल जाते हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको उत्तराखंड की हसीन वादियों में स्थित मुक्तेश्वर की खासियत से लेकर इसकी खूबसूरती और आसपास में स्थित कुछ बेहतरीन और शानदार जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं।

उत्तराखंड में मुक्तेश्वर

मुक्तेश्वर नैनीताल जिले में स्थित एक खूबसूरत और मनमोहक गांव है। जोकि मुख्य शहर से करीब 48 किमी दूर है। हालांकि मुक्तेश्वर को कई लोग एक बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन मानते हैं। यह अल्मोड़ा से करीब 42 किमी दूर स्थित है। वहीं भीमताल से यह जगह 42 किमी दूर है।

क्यों फेमस है मुक्तेश्वर

मुक्तेश्वर गांव उत्तराखंड की हसीन वादियों में स्थित है और कई खास चीजों के लिए फेमस है। मुक्तेश्वर सबसे ज्यादा मुक्तेश्वर मंदिर के लिए जाना जाता है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। धार्मिक मान्यता के मुताबिक भगवान शंकर ने इस जगह एक राक्षस का वध किया था।

यहां की पौराणिक मान्यताओं के अलावा शांत और शुद्ध वातावरण के लिए जाना जाता है। मुक्तेश्वर, नैनीताल या फिर अल्मोड़ा की तुलना में कम भीड़-भाड़ वाली जगह है। यहां पर आप घने जंगल, बादलों से ढके ऊंचे-ऊंचे पहाड़, घास के मैदान और झील-झरने मुक्तेश्वर की खूबसूरती में चार चांद लगाने का काम करते हैं।

मुक्तेश्वर पर्यटकों के लिए है खास

पर्यटकों के लिए मुक्तेश्वर किसी जन्नत से कम नहीं है। खासकर यहां की प्राकृतिक सुंदरता पर्यटकों को सबसे ज्यादा आकर्षित करती है। यहां पर आपको नैनीताल से काफी कम भीड़ मिलेगी। इसलिए एकांत की तलाश करने वाले लोगों के लिए मुक्तेश्वर जन्नत से कम नहीं है।

आप यहां की खूबसूरती को निहारने के साथ ही एडवेंचर एक्टिविटी भी कर सकते हैं। मुक्तेश्वर की वादियों में रॉक क्लाइम्बिंग से लेकर रैपलिंग, कैंपिंग और ट्रेकिंग का लुत्फ उठा सकते हैं।

घूमने की बेस्ट जगहें

मुक्तेश्वर मंदिर

मुक्तेश्वर में पहुंचकर आप सबसे पहले मुक्तेश्वर मंदिर के दर्शन कर सकते हैं। जोकि भगवान शिव को समर्पित है। आप यहां पर ट्रेकिंग करके पहुंच सकते हैं।

चौली की जाली

चौली की जाली को नेचर लवर्स के लिए जन्नत माना जाता है। आप यहां से हिमालय की खूबसूरती को करीब से निहार सकते हैं।

भालू गढ़ वॉटरफॉल

मुक्तेश्वर से कुछ ही किमी की दूरी पर भालू गढ़ वॉटरफॉल एक फेमस पिकनिक स्पॉट है। बारिश के मौसम में इस वॉटरफॉल की खूबसूरती देखने लायक होती है।

ऐसे पहुंचे नैनीताल से मुक्तेश्वर

बता दें कि नैनीताल से मुक्तेश्वर पहुंचना बेहद आसान है। इसके लिए आप नैनीताल बस स्टैंड से टैक्सी या फिर कैब से पहुंच सकते हैं। इसके साथ ही आप रेंट पर स्कूटी लेकर भी मुक्तेश्वर पहुंच सकते हैं।

Italy Cricket Team Create History Qualify Men’s T20 World Cup 2026:इटली ने सबको हैरान कर दिया, साल 2026 में ‘भारत’ में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप के लिए किया क्वालीफाई

 इटली क्रिकेट टीम ने इंटरनेशनल क्रिकेट का सबसे बड़ा उलटफेर किया है. इटली ने पूरी दुनिया को हैरान करते हुए अगले साल भारत और श्रीलंका की मेजबानी में खेले जाने वाले 2026 टी20 वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई कर लिया है.

बता दें कि 2026 पुरुष टी20 वर्ल्ड कप भारत और श्रीलंका की मेजबानी में अगले साल फरवरी-मार्च में खेला जाना है. क्रिकेट के इस महाकुंभ में अब इटली ने भी एंट्री मार ली है. इटली ने सबको हैरान करते हुए इस वैश्विक टूर्नामेंट में जगह बनाई है. इटली के साथ-साथ नीदरलैंड्स ने भी 2026 टी20 वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई कर लिया है.

15 टीमें हो गईं तय…, 5 का फैसला होना बाकी

बता दें कि 2026 टी20 वर्ल्ड कप में कुल 20 टीमें होंगी. अब इटली और नीदरलैंड्स के क्वालीफाई करने के बाद 15 टीमें टूर्नामेंट की तय हो गई हैं. मेजबान भारत और श्रीलंका के अलावा 2026 टी20 वर्ल्ड कप के लिए अब तक अफगानिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, बांग्लादेश, इंग्लैंड, अमेरिका (यूएसए), वेस्टइंडीज, आयरलैंड, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान और कनाडा क्वालीफाई कर चुके हैं. अभी 5 टीमों का फैसला होना बाकी है.

कैसा है 2026 टी20 वर्ल्ड कप का फॉर्मेट?

2026 टी20 वर्ल्ड कप की मेजबानी भारत और श्रीलंका मिलकर करने वाले हैं. यह कुल दूसरी बार होगा जब भारत और श्रीलंका किसी टी20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहे होंगे. टूर्नामेंट की तारीख का एलान अभी नहीं हुआ है, लेकिन टी20 विश्व कप के मैच अगले साल फरवरी-मार्च के महीने में खेले जाएंगे.

2026 टी20 वर्ल्ड कप भी 2024 टी20 विश्व कप जैसे फॉर्मेट में खेला जाएगा. इस बार भी दुनिया भर की 20 टीमें इस वैश्विक टूर्नामेंट में हिस्सा लेंगी. इन 20 देशों की टीमों को पांच-पांच टीमों के चार ग्रुप में बांटा जाएगा. फिर हर ग्रुप से टॉप-2 में फिनिश करने वाली टीम सुपर-8 स्टेज में एंट्री करेगी. सुपर-8 स्टेज में भी चार-चार टीमों के दो ग्रुप बनाए जाएंगे, जिनमें टॉप-2 में रहने वाली टीम सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई कर जाएंगी और फिर सेमीफाइनल मुकाबले जीतने वाली टीमों के बीच फाइनल मुकाबला खेला जाएगा.

India vs England:भारत की प्लेइंग इलेवन हुई तय, इस खिलाड़ी को लेकर था संशय, जानें इंग्लैंड के खिलाफ मैदान में उतरने वाले 11 बल्लेबाज

 भारत और इंग्लैंड के बीच लॉर्ड्स में टेस्ट मैच खेला जा रहा है. इंग्लैंड की टीम तीसरे टेस्ट में पहले बल्लेबाजी करते हुए 387 के स्कोर पर ऑल आउट हो गई. भारत के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने इस मैच में पांच विकेट हॉल पूरा किया. लॉर्ड्स टेस्ट में जब भारत की टीम बल्लेबाजी करने उतरी, तब एक खिलाड़ी के मैदान पर उतरने पर डाउट था, लेकिन शुभमन गिल के आउट होते ही वो डाउट क्लीयर हो गया.

भारत का ये खिलाड़ी चोटिल

भारतीय कप्तान शुभमन गिल के आउट होने के बाद ऋषभ पंत मैदान पर आए. पंत के खेलने को लेकर सस्पेंस बना हुआ था, क्योंकि भारत का ये विकेटकीपर बल्लेबाज उंगली में चोट के चलते मैच से बाहर चला गया था. दरअसल, लॉर्ड्स टेस्ट के पहले दिन ऋषभ पंत के हाथ में विकेट कीपिंग करते वक्त उंगली में चोट लग गई थी, जिसके चलते ध्रुव जुरेल को मैदान पर उतरना पड़ा. पहले दिन का खेल समाप्त होने तक ध्रुव ही कीपिंग करते रहे.

ICC का नियम

भारत-इंग्लैंड के बीच जब दूसरे दिन का खेल शुरू हुआ, तब भी पंत की जगह जुरेल ही मैदान में उतरे. ऐसे में पंत के बल्लेबाजी करने पर संशय बना हुआ था, क्योंकि आईसीसी के नियमों के मुताबिक, पंत के उंगली में लगने पर रिप्लेसमेंट में विकेटकीपर तो मिल सकता है, लेकिन अगर बल्लेबाजी में रिप्लेसमेंट चाहिए तो उसके लिए बल्लेबाज के सिर में लगी होनी चाहिए. खिलाड़ी के हाथ में लगी चोट पर बैटर रिप्लेस नहीं हो सकता है, ऐसे में टीम इंडिया को 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ता.

लॉर्ड्स में उतरा ये धाकड़ बल्लेबाज

भारत की प्लेइंग इलेवन पूरी करने के लिए ऋषभ पंत का मैदान में उतरना जरूरी था. जब शुभमन गिल के आउट होने के बाद ऋषभ पंत बल्लेबाजी करने उतरे, तब सबी अटकलें समाप्त हो गईं. दूसरे दिन का खेल समाप्त होने के बाद पंत 33 गेंदों में 19 रन पर और केएल राहुल 113 गेंदों में 53 रन पर बल्लेबाजी कर रहे हैं.

भारत की प्लेइंग इलेवन

यशस्वी जयसवाल, केएल राहुल, करुण नायर, शुभमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, जसप्रीत बुमराह, नितीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, आकाशदीप और मोहम्मद सिराज.

रूस ने यूक्रेन पर ड्रोन हमले तेज़ किए, तो ट्रंप ने सहायता का ऐलान करते हुए NATO को सख्त निर्देश जारी किए।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन में रूस के हमलों में बढ़ोत्तरी के बाद मदद भेजने की घोषणा की है. ट्रंप ने कहा है कि यूक्रेन के शहरों में रूस के हमले काफी ज्यादा बढ़ गए हैं. ऐसे में वाशिंगटन नाटो के जरिए यूक्रेन को अतिरिक्त हथियार भेजने वाला है. अमेरिका की ओर से यूक्रेन भेजे जाने वाले हथियारों में पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम भी शामिल है.

इंटरव्यू में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “हम नाटो को पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम भेजने वाले हैं. इसके बाद नाटो उसे आगे यूक्रेन तक पहुंचाएगा.” इसके अलावा, ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका की ओर से यूक्रेन को भेजी जा रही अतिरिक्त हथियारों की मदद का पूरा भुगतान नाटो की ओर से किया जाएगा.

जेलेंस्की की मदद की गुहार पर ट्रंप ने उठाए कदम

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह कदम यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की की मदद की गुहार लगाने के बाद उठाया है. दरअसल, रूस ने इस हफ्ते में अब तक यूक्रेन के कई शहरों में 728 ड्रोन्स के जरिए हमलों किए. रूस की ओर से किए गए इस रिकॉर्ड तोड़ ड्रोन्स की बौछार के बाद यूक्रेनी राष्ट्रपति ने एयर डिफेंस सिस्टम की मदद के लिए अपील की.

यूक्रेन के लिए जून महीना सबसे घातक

यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने देश में मरने वालों की संख्या में हो रही बढ़ोत्तरी के बीच 10 पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम की मांग करते हुए उसे जीवन का असली रक्षक करार दिया. वहीं, संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, रूस के साथ तीन साल से अधिक समय से जारी युद्ध के बीच यूक्रेन के लिए जून महीने को सबसे घातक कहा है. इस जून महीने में यूक्रेन में 232 नागरिकों की मौत हुई और 1300 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं.

डोनाल्ड ट्रंप की रणनीति में आया बदलाव

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस साल जनवरी महीने में पदभार ग्रहण करते हुए यूक्रेन को भेजी जा रही सैन्य मदद को कम करने का आदेश दिया था, लेकिन उनके हाल में दिए बयान उनकी रणनीतिक बदलाव को भी स्पष्ट करती है.

अमेरिका ने पिछले हफ्ते पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों और सटीक हमले करने वाले आर्टिलरी शेल्स सहित कई अन्य महत्वपूर्ण हथियारों के शिपमेंट को रोक दिया था. ट्रंप के इस कदम से कीव में चिंता काफी बढ़ गई थी, क्योंकि उसका एयर डिफेंस रिजर्व खतरनाक रूप से कम हो रहा था.