Home Blog Page 652

सूखी या बलगमी खांसी का असरदार इलाज, मुलेठी है रामबाण उपाय

खांसी एक बेहद ही आम समस्या है, लेकिन यह आपको काफी परेशान कर सकती है। अगर आपको भी जिद्दी खांसी ने परेशान कर दिया है तो ऐसे में आप सदियों से इस्तेमाल किया जाने वाला एक प्राकृतिक उपचार आजमा सकते हैं और वह है मुलेठी। यह साधारण जड़ी-बूटी गले की जलन को शांत करने, खांसी को कम करने और बलगम को साफ करने में बहुत कारगर है। चाहे आपको सूखी खांसी हो जो ठीक नहीं होती या गीली खांसी हो और कफ जमा हो, मुलेठी आपकी मदद कर सकती है।

दरअसल, इसमें सूजन-रोधी, जीवाणुरोधी और कफ निस्सारक गुण होते हैं जो इसे खांसी को दूर करने में कारगर बनाते हैं। खांसी की छुट्टी करने के लिए आप मुलेठी का इस्तेमाल कई अलग-अलग तरीकों से कर सकते हैं। मसलन, आप इसे चाय की तरह पी सकते हैं, चबा सकते हैं, शहद के साथ मिला सकते हैं या सोने से पहले गर्म दूध के साथ भी ले सकते हैं। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको खांसी को दूर करने के लिए मुलेठी का सेवन करने के कई अलग-अलग तरीकों के बारे में बता रहे हैं-

मुलेठी की चाय

अगर आपको सूखी खांसी, गले में खराश और गले में जलन की शिकायत है तो ऐसे में आप मुलेठी की चाय पी सकते हैं। इसके लिए आप एक चम्मच मुलेठी का चूर्ण लें या मुलेठी की जड़ का एक छोटा टुकड़ा पीस लें। इसे 1 कप पानी में 5-10 मिनट तक उबालें। अब इसे छान लें और गर्म-गर्म पिएं। आप चाहें तो इसमें शहद और नींबू मिला सकते हैं।

मुलेठी काढ़ा

यह एक हर्बल काढ़ा है, जो बलगम वाली गीली खांसी को दूर करने में सहायक है। काढ़ बनाने के लिए आप मुलेठी, तुलसी के पत्ते, काली मिर्च और अदरक को पानी में उबालें। इसे तब तक उबालें, जब तक कि यह आधा ना रह जाए। अब आप इसे छान लें और थोड़ा शहद डालकर गर्मागर्म पिएं।

मुलेठी और गर्म दूध 

अगर आपको सूखी खांसी की शिकायत है और इसलिए रात में अच्छी नींद नहीं आती है तो ऐसे में मुलेठी और गर्म दूध का सेवन करें। इसके लिए आप आधा चम्मच मुलेठी पाउडर को एक गिलास गर्म दूध में मिलाएं। रात में खांसी से राहत के लिए सोने से पहले पिएं।

मुलेठी और शहद का पेस्ट 

अगर आपको लगातार खांसी हो रही है और गले में इंफेक्शन की शिकायत है तो ऐसे में आप मुलेठी व शहद को मिक्स करें। इसके लिए आप आधा चम्मच मुलेठी पाउडर को एक चम्मच शहद के साथ मिलाएं। आप इस मिश्रण को दिन में दो बार ले सकते हैं।

हेल्थ टिप्स : इन दिनों में कंसीव करने की संभावना होती है ज्यादा, जल्द पूरा होगा मां बनने का सपना

कई महिलाओं को कंसीव करने में समस्या का सामना करना पड़ता है। कंसीव करने के सबसे पहले यह जानना जरूरी होता है कि महीने के किन दिनों में सेक्शुअल रिलेशन बनाना जरूरी है। इसके बारे में हर कपल को पता होना चाहिए, जिससे की कंसीव करने में आसानी हो। गायनेकोलॉजिस्ट की मानें तो महीने के 6 दिन ऐसे होते हैं, जिनमें इंटिमेट होने से कंसीव करने के चांसेज अधिक होते हैं। जब कोई कपल अपना परिवार को आगे बढ़ाने का फैसला करता है, तो वह पेरेंटहुड में कदम रखने के बारे में सोचता है। तो यह काफी चैलेंजेस भरा हो सकता है।

कंसीव करने के लिए सिर्फ इंटिमेट होना जरूरी नहीं होता है। बल्कि कंसीव करने के लिए सही समय इंटिमेट होना जरूरी है। जिसकी वजह से प्रेग्नेंट होने के चांसेज बढ़ सकते हैं। दरअसल, ज्यादातर महिलाओं को अपने ओव्युलेशन पीरियड और फर्टाइल डेज के बारे में नहीं पता होता है। अगर आपको बता हो किस समय प्रेग्नेंट होने के चांसेज अधिक होते हैं, तो आपको कंसीव करने में आसानी होगी। क्या आप जानते हैं कि हर महीने में 6 दिन ऐसे होते हैं, जब महिलाओं के प्रेग्नेंट होने के चांसेज अधिक होते हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि ये 6 दिन कौन-कौन से होते हैं।

इन दिनों कंसीव करने के होते हैं ज्यादा चांसेज

हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक अगर आप कंसीव करने की प्लानिंग कर रही हैं, तो इसके लिए जरूरी है कि आपको ओव्युलेशन साइकिल के बारे में पता होना चाहिए। अगर आपको ओव्यूलेशन साइकिल और मेंस्ट्रुअल पीरियड के बारे में जानकारी होगी तो आपको प्रेग्नेंट होने में आसानी होगी।

बता दें कि ओव्युलेशन पीरियड का वह समय होता है, जब महिलाओं की ओवरी में से एग रिलीज होता है। ऐसे में इस दौरान सेक्शुअल रिलेशन बनाने से प्रेग्नेंसी के चांसेज अधिक होते हैं।

डॉक्टरों की मानें तो ओव्युलेशन से पांच दिन पहले और ओव्युलेशन के दिन का यह समय होता है। वहीं उसके दो दिन बाद का समय भी कंसीव करने के लिए सही माना जाता है।

इस दौरान यदि स्पर्म एग से मिलता है, तो प्रेग्नेंट होने के चांसेज अधिक होते हैं। इसलिए जब भी कंसीव करने की कोशिश करें, तो आपको इस समय के बारे में जानकारी जरूर होनी चाहिए।

जिस दिन से पीरियड साइकिल शुरू होती है, उसी दिन से मेंस्ट्रुअल साइकिल काउंट की जाती है। आमतौर पर पीरियड्स 3-7 दिन के लिए रहते हैं। हालांकि हर महिला की पीरियड साइकिल अलग-अलग हो सकती है। वहीं मेंस्ट्रुअल साइकिल 26 से 35 दिन की हो सकती है। अगर आपको पीरियड 28वें दिन आता है, तो ओव्युलेशन 14वें दिन होगा। इस दौरान प्रेग्नेंट होने के अधिक चांस रहते हैं। इसलिए अपनी पीरियड साइकिल और ओव्युलेशन डे को समझकर कैलकुलेट करें।

कई महिलाओं को ओव्युलेशन के दौरान पेट में दर्द और ब्लोटिंग की समस्या होती है। इससे भी आप इसका अंदाजा लगा सकती हैं।

Lucknow Super Kings:IPL 2025 में पहली जीत के साथ पंत को मिली राहत, इन खिलाड़ियों की जमकर तारीफ

 ऋषभ पंत की कप्तानी वाली लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम ने सनराइजर्स हैदराबाद की टीम को पांच विकेट से हरा दिया। इस मैच में SRH की टीम ने पहले बैटिंग करते हुए 190 रन बनाए। इसके बाद लखनऊ ने निकोलस पूरन और मिचेल मार्श की बदौलत टारगेट आसानी से हासिल कर लिया। LSG के लिए शार्दुल ठाकुर ने भी बेहतरीन गेंदबाजी की। आईपीएल 2025 में लखनऊ की टीम ये पहली जीत है। इससे पहले लखनऊ को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ एक विकेट से हार झेलनी पड़ी थी।

आवेश खान ने की थी प्लेइंग इलेवन में वापसी

लखनऊ सुपर जायंट्स के कप्तान ऋषभ पंत ने मैच के बाद कहा कि निश्विच रूप से यह जीत बड़ी राहत है। लेकिन एक टीम के रूप में हम प्रोसेस के बारे में बात करते हैं। हम जीत के बाद बहुत ज्यादा उत्साहित और हारने के बाद बहुत ज्यादा निराश नहीं होना चाहते। एक बार में हम सिर्फ एक मैच के बारे में सोचते हैं। आवेश खान के फिट होकर प्लेइंग इलेवन में शामिल होने से वह खुश थे। उन्होंने कहा कि आवेश की वापसी देखकर अच्छा लगा। शार्दुल ठाकुर ने अच्छी गेंदबाजी की।

पूरन की बल्लेबाजी के लिए खोला दिल

निकोलस पूरन ने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ शानदार बल्लेबाजी की और बेहतरीन अर्धशतक लगाया। इस पर कप्तान ऋषभ पंत ने बोलते हुए कहा कि मुझे लगता है कि हम उन्हें बस आजादी से खेलने देना चाहते हैं। मुझे भी आजादी से खेलना पसंद है। लेकिन हमने उनसे बस इतना कहा है कि वह खुद को अभिव्यक्त करें और वह हमारे लिए शानदार बल्लेबाजी कर रहे हैं। हमने अभी तक अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं किया है, लेकिन जीत हासिल करके खुश हैं।

शार्दुल ठाकुर ने हासिल किए चार विकेट

लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम के लिए शार्दुल ठाकुर ने बेहतरीन गेंदबाजी की। शार्दुल ने चार ओवर में 34 रन देकर चार अहम विकेट हासिल किए। उनके कारण ही हैदराबाद की टीम 200 रनों के स्कोर को पार नहीं कर सकी। इसके बाद टारगेट का पीछा करते हुए निकोलस पूरन ने 26 गेंदों में 70 रन बनाए, जिसमें 6 चौके और 6 छक्के शामिल रहे। मिचेल मार्श ने 52 रनों का योगदान दिया। हैदराबाद के गेंदबाज मैच में बुरी तरह से फ्लॉप रहे और अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए।

सेंसर बोर्ड ने पहले बैन लगाया , फिर रिलीज हुईं ये 7 बॉलीवुड फिल्में

ऑस्कर 2025 के लिए यूके की आधिकारिक एंट्री ‘संतोष’ को भारत में रिलीज नहीं किया जा रहा है। कथित तौर पर कहा जा रहा है कि फिल्म में पुलिस का जैसा चित्रण दिखाया गया है, उसे सीबीएफसी यानी सेंसर बोर्ड गलत ठहरा है। इसी वजह से इसे रिलीज होने से रोक दिया गया है। इससे पहले भी कई बार ऐसा हुआ है जब भारत में कई फिल्मों को रिलीज होने से रोका गया। कई फिल्में ऐसी भी रहीं, जिन्हें पहले बैन कर दिया गया था, लेकिन बाद में ये फिल्में रिलीज हो गईं। आइए उन फिल्मों पर एक नजर डालते हैं जो किसी समय सेंसर बोर्ड द्वारा प्रतिबंधित होने के बाद भी रिलीज की गईं।

आंधी (1975)

इंदिरा गांधी द्वारा आपातकाल के दौरान इस फिल्म पर प्रतिबंध लगा दिया गया था, लेकिन 1977 में जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद इसे सिनेमाघरों में रिलीज किया गया। इस फिल्म में संजीव कुमार और सुतित्रा सेन लीड रोल में थे। कमलेश्वर के उपन्यास ‘काली आंधी’ पर ये फिल्म आधारित थी। कहते हैं इमरजेंसी का दौर फिल्म इंडस्ट्री के लिए किसी भूचाल से कम नहीं था। भारतीय राजनीतिक ड्रामा होने के चलते इस फिल्म को बैन किया गया था।

बैंडिट क्वीन (1994)

दिल्ली उच्च न्यायालय ने फिल्म की सत्यता पर सवाल उठाए जाने के बाद इसे कुछ समय के लिए रिलीज होने से रोक दिया था। दरअसल ये फिल्म फूलन देवी पर आधारित थी और इस कहानी पर खुद फूलन देवी ने ही सवाल खड़े किए थे। इसमें यौन हिंसा और जातिगत भेदभाव के मुद्दों को दिखाया गया था, जो उस समय के सामाजिक और राजनीतिक परिदृश्य में संवेदनशील थे। इसको लेकर भी सेंसर बोर्ड खासा खुश नहीं था। बाद में फिल्म रिलीज हुई। शेखर कपूर ने इसका निर्देशन किया था। सीमा बिस्वास लीड रोल में नजर आई थीं। इस कहानी ने लोगों को हिलाकर रख दिया था।

कामसूत्र: ए टेल ऑफ लव (1996)

फिल्म को इसके यौन कंटेंट के कारण कुछ समय के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया था। बाद में दो मिनट के न्यूड सीन हटाने के बाद इसे भी भारत में रिलीज कर दिया गया था। वहीं विदेशी एडिशन में ये सीन नहीं हटाया गया था।

फायर (1996)

भारत में इसके पहले दिन, समलैंगिक संबंधों को दर्शाने के कारण हिंदू कट्टरपंथियों ने कुछ फिल्म थिएटरों पर हमला किया था। फिल्म को वापस ले लिया गया और सेंसर बोर्ड को वापस भेज दिया गया। बाद में इसे CBFC द्वारा सुझाए गए कुछ कट्स के साथ रिलीज किया गया।

हवाएं (2003)

1984 के सिख विरोधी दंगों पर आधारित इस फिल्म की पृष्ठभूमि में दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और पंजाब जैसे कुछ भारतीय राज्यों में फिल्म पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।

ब्लैक फ्राइडे (2005)

1993 के बॉम्बे बम धमाकों ने इस फिल्म की प्रेरणा दी। जब तक बॉम्बे हाई कोर्ट ने विचाराधीन कैदियों की याचिका पर फैसला नहीं सुनाया, तब तक फिल्म की रिलीज रोक दी गई थी। भारत में फिल्म की शुरुआती रिलीज की तारीख 28 जनवरी 2005 थी। निर्माताओं की सुप्रीम कोर्ट में अपील के बावजूद हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा गया। फिल्म आखिरकार 9 फरवरी 2007 को रिलीज हुई।

वाटर (2005)

वाराणसी में कट्टरपंथी हिंदू संगठनों ने फिल्म की शूटिंग के दौरान इसका विरोध किया। 31 जनवरी, 2000 को उत्तर प्रदेश सरकार ने शूटिंग रोकने का फैसला किया। बाद में फिल्म की शूटिंग श्रीलंका में स्थानांतरित कर दी गई। एक लंबी कानूनी लड़ाई के बाद फिल्म आखिरकार मार्च 2007 में भारत में रिलीज हुई।

US Tariff Policy: कनाडा के पीएम कार्नी के कड़े तेवर, बोले- ‘अमेरिका के साथ करीबी संबंधों का युग खत्म’

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कनाडा पर भारी टैरिफ लगाने का ऐलान किया है जिसके बाद से कनाडा और अमेरिका के रिश्तों में तनाव बना हुआ है। अब कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने दोनों देशों के संबंधों को लेकर बड़ा बयान दिया है। पीएम कार्नी ने कहा है कि कनाडा और अमेरिका के बीच मजबूत आर्थिक, सुरक्षा और सैन्य संबंधों का युग खत्म हो गया है।

पीएम मार्क कार्नी ने क्या कहा?

पीएम कार्नी ने ट्रंप के ऑटो टैरिफ को अनुचित बताया और कहा कि यह देशों के बीच मौजूदा व्यापार समझौतों का उल्लंघन है। उन्होंने अमेरिका और कनाडा के रिश्तों को लेकर कहा कि ट्रंप ने अमेरिका के साथ संबंधों को स्थायी रूप से कनाडा के लिए बदल दिया है। कार्नी ने अमेरिका के साथ रिश्ता खत्म होने की बात भी कही। उन्होंने कहा, अमेरिका के साथ हमारा संबंध अर्थव्यवस्था, सुरक्षा एवं सैन्य सहयोग पर आधारित था, लेकिन अब हमारा अमेरिका के साथ पुराना रिश्ता खत्म हो गया है।

कनाडा करेगा जवाबी कार्रवाई

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने यह भी कहा कि कनाडा ऑटो टैरिफ के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहा, “हम अपनी जवाबी व्यापारिक कार्रवाइयों से अमेरिकी टैरिफ से लड़ेंगे, जिसका अमेरिका में अधिकतम प्रभाव होगा और कनाडा में न्यूनतम प्रभाव होगा।”

खतरे में लाखों लोगों की नौकरी

कनाडा के प्रधानमंत्री का बयान ऐसे समय पर आया है जब राष्ट्रपति ट्रंप ने टैरिफ बढ़ाने को लेकर फैसला लिया है। ट्रंप ने अमेरिका में निर्मित नहीं होने वाले सभी वाहनों पर 25 प्रतिशत टैरिफ की घोषणा की है। यह फैसला कनाडा की ऑटो इंडस्ट्री के लिए बड़ी मुश्किल साबित हो सकता है। ट्रंप के इस फैसले से कनाडा की ऑटो इंडस्ट्री में काम करने वाले 5 लाख से अधिक लोगों की नौकरियां खतरे में आ जाएंगी। कार्नी ने 14 मार्च को जस्टिन ट्रूडो की जगह प्रधानमंत्री का पद संभाला था।