Home Blog Page 644

बचपन में ही पापा से हुई जुदा, कभी नहीं गई स्कूल, फ्लॉप रहा डेब्यू, आज है टॉप हीरोइन,जाने कौन

गैर फिल्मी बैकग्राउंड से होते हुए भी इस हसीना ने न सिर्फ बॉलीवुड में नाम बनाया बल्कि सालों से दर्शकों के दिलों पर राज कर रही है। अपनी खूबसूरती और अभिनय के साथ-साथ ये एक्ट्रेस अपनी क्यूटनेस के लिए भी काफी मशहूर है और अब एक बॉलीवुड सुपरस्टार की पत्नी बन चुकी है। जी हां, हम बात कर रहे हैं कैटरीना कैफ की, जो आज बॉलीवुड की टॉप अभिनेत्रियों में से एक हैं, लेकिन उन्होंने काफी मुश्किलों का सामना करने के बाद ये रास्ता तय किया है। भारत की बार्बी गर्ल के नाम से मशहूर कैटरीना आज यानी 16 जुलाई को अपना 42वां जन्मदिन मना रही हैं, इस मौके पर आपको उनसे जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें बताते हैं।

कैटरीना कैफ का जन्म और पढ़ाई

कैटरीना कैफ का जन्म 16 जुलाई 1983 को हांगकांग में हुआ था मगर वह मूल रूप से लंदन की रहने वाली हैं। उनके पिता का नाम मोहम्मद कैफ है जो कश्मीरी हैं और मां सुजैन टारकोट ब्रिटिश मूल की हैं। कैटरीना तब बहुत कम उम्र की थीं, जब उनके माता पिता का तलाक हो गया, जिसके बाद उनकी मां ने अकेले ही उनकी और उनकी बहनों की परवरिश की। कैटरीना ने अपने इंटरव्यूज में बताया कि उनकी मां ने कैसे उन्हें और उनकी बहनों की परवरिश की। कैटरीना के बारे में एक और दिलचस्प बात ये है कि वह कभी स्कूल नहीं गईं। दरअसल, उनकी मां एक सोशल एक्टिविस्ट हैं, जिसके चलते वह अलग-अलग देशों की यात्राएं करती रहती थीं और इसी के चलते कैटरीना 18 देशों में रहीं लेकिन कभी फॉर्मली स्कूल नहीं जा पाईं। उनकी पढ़ाई होम ट्यूटर के जरिए हुई और वह घर पर रहकर ही पढ़ाई करती थीं।

14 की उम्र से शुरू कर दिया था काम

कैटरीना तब सिर्फ 14 साल की थीं, जब उन्होंने मॉडलिंग शुरू की थी। लंदन में एक फैशन शो के दौरान, भारतीय फिल्म निर्माता कैजाद गुस्ताद ने उन्हें देखा और फिल्म ‘बूम’ (2003) में कास्ट कर लिया। हालांकि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर धड़ाम रही, लेकिन कैटरीना अपनी नेचुरल ब्यूटी से लोगों का ध्यान खींचने में सफल रहीं। कैटरीना ने एक सफल मॉडलिंग करियर के बाद उन्होंने बड़े पर्दे पर भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने साल 2004 में रिलीज हुई तेलुगु फिल्म ‘मल्लिसवारी’ में काम किया। इसके बाद वह रोमांटिक कॉमेडी ‘मैंने प्यार क्यों किया’ (2005) और ‘नमस्ते लंदन’ (2007) जैसी फिल्मों के साथ इंडियन फिल्म इंडस्ट्री में अपना नाम स्थापित करने में सफल रहीं।https://www.instagram.com/p/DH6ICytNUPA/embed/?cr=1&v=14&wp=500&rd=https%3A%2F%2Faainaexpress.com&rp=%2F%3Fp%3D27581%26preview%3Dtrue#%7B%22ci%22%3A0%2C%22os%22%3A2610.0999999940395%7D

धीरे-धीरे अभिनय में आया निखार

कैटरीना ने जब से अपने करियर की शुरुआत की है, उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। धीरे-धीरे उनके अभिनय में निखार आता गया और फिर वह ‘रेस’ (2008), ‘एक था टाइगर’ (2012), ‘धूम 3’ (2013) और ‘बैंग बैंग!’ (2014) जैसी फिल्मों में नजर आईंब। इसके बाद कैटरीना के करियर ने ‘अजब प्रेम की गजब कहानी’ (2009), ‘राजनीति’ (2010), और ‘जिंदगी ना मिलेगी दोबारा’ (2011) जैसी फिल्मों के साथ रफ्तार पकड़ी। समय के साथ-साथ कैटरीना खुद को धीरे-धीरे ही सही बॉलीवुड की सबसे सफल और लोकप्रिय अभिनेत्रियों में से एक के रूप में स्थापित करने में सफल रहीं।

पुतिन से नाराज हुए ट्रंप तो जेलेंस्की को दिया था ऑफर! हथियार दें तो क्या मास्को पर हमला करोगे?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रविवार को रूस से नाराज दिखे और पुतिन को चेतावनी दी कि 50 दिनों में यूक्रेन के साथ चल रही जंग को खत्म करें नहीं तो 100 प्रतिशत टैरिफ लगा देंगे। रूस और यूक्रेन के युद्ध को लेकर ट्रंप पुतिन से नाराज दिख रहे हैं, इसीलिए झल्लाए ट्रंप ने कथित तौर पर यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की को एक ऑफर दिया था और कहा था कि हम आपको लंबी दूरी के हथियार मुहैया कराएंगे, क्या आप उससे रूस की राजधानी मॉस्को पर हमला कर सकते हैं। ट्रंप ने जेलेंस्की से एक निजी फोन कॉल के दौरान ये बात कही।

ब्रिटिश अखबार ‘फाइनेंशियल टाइम्स’ के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के बीच ये बातचीत चार जुलाई को ही हुई थी। इस बातचीत के मुताबिक डोनाल्ड ट्रंप की जेलेंस्की के साथ हुई ये बातचीत रूस और यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के ट्रंप के वादे से एकदम विपरीत है क्योंकि जिस तरह से जेलेंस्की को ट्रंप ने ऑफर दिया था, इस तरह से युद्ध और भड़क सकता है।  

जानिए जेलेंस्की ने ट्रंप को क्या दिया जवाब

फोन पर बातचीत के दौरान ट्रंप ने कथित तौर पर जेलेंस्की से पूछा था, ‘अगर आपको हथियार दें तो क्या आप मॉस्को पर हमला कर सकते हैं?… क्या आप सेंट पीटर्सबर्ग पर भी हमला कर सकते हैं?’ इस पर जेलेंस्की ने भी ट्रंप को जवाब दिया था, ‘बिल्कुल. अगर आप हमें हथियार दें, तो हम हमला कर सकते हैं।’

बता दें कि पिछले हफ्ते रोम में एक बैठक हुई, जहां अमेरिकी अधिकारियों ने जेलेंस्की के साथ संभावित लंबी दूरी की हथियार प्रणालियों की एक लिस्ट शेयर की थी। अमेरिका ने फिलहाल प्रत्यक्ष विदेशी सहायता पर रोक लगा रखा है और माना जा रहा है यूक्रेन को हथियारों का यह हस्तांतरण कथित तौर पर नाटो देशों के जरिए किया जाएगा।

पुतिन को मजबूर करना चाहते हैं ट्रंप

ट्रंप रूस को युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत की टेबल पर आने के लिए मजबूर करना चाहते हैं। लेकिन पुतिन ट्रंप के कहे अनुसार, जल्दबाजी में उनकी शर्तों पर युद्धविराम के लिए तैयार नहीं हैं जिससे ट्रंप पुतिन पर आए दिन नाराजगी जता रहे हैं। ट्रंप ने सोमवार (14 जुलाई 2025) को यूक्रेन के लिए नए हथियारों की घोषणा की और धमकी दी कि यदि रूस 50 दिनों में शांति समझौते पर सहमत नहीं हुआ तो वे रूस पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगा देंगे।

Non-Veg Milk क्या है और क्यों चर्चा हो रही है?

Non-Veg Milk: पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया और समाचार जगत में “नॉन वेज मिल्क” शब्द ने हलचल मचा दी है। लोग अक्सर इस नाम को सुनते ही चौंक जाते हैं। आखिर दूध जैसा परंपरागत रूप से “शाकाहारी” माना जाने वाला उत्पाद अब “मांसाहारी” कैसे हो सकता है। “नॉन वेज मिल्क” भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील में बड़ी बाधा बना हुआ है। भारत और अमेरिका के बीच क्या चल रहा है यह हम आपको बाद में बताएंगे लेकिन उससे पहले जान लेते हैं कि यह “नॉन वेज मिल्क” है क्या।

क्या है नॉनवेज दूध?

पूरी दुनिया में गाय और भैंस के दूध का इस्तेमाल सबसे अधिक होता है। ये शाकाहारी जानवर हैं। घास, अनाज, चारा खाते हैं और दूध देते हैं। भारतीय परंपरा में दूध का बेहद अहम स्थान है। पूजा और दूसरे पवित्र कार्यों में इसका इस्तेमाल होता है। छोटे बच्चों से लेकर बड़े तक सभी इसे बड़े चाव से पीते हैं। अमेरिका में दूध और गाय को लेकर ऐसी मान्यता नहीं है। गाय से अधिक दूध मिले इसके लिए अमेरिका में गाय को मांस उद्योग से निकलने वाला कचरा खिलाया जाता है। इस तरह का खाना खाने वाली गाय से मिले दूध को नॉनवेज दूध कहा जाता है।

जानें एक और पहलू

यह तो एक पहलू है इसी का दूसरा पहलू ये है कि  कई बार दूध प्राप्त करने की प्रक्रिया में जानवरों के साथ क्रूरता की जाती है, इसलिए कई लोग इसे शुद्ध रूप से शाकाहारी नहीं मानते हैं। उदाहरण के तौर पर दूध के लिए गाय या भैंस को बार-बार गर्भवती किया जाता है। बछड़े को दूध नहीं पीने दिया जाता या उससे अलग कर दिया जाता है। कई डेयरी फार्मों में पशुओं के साथ अमानवीय व्यवहार किया जाता है। ऐसी स्थिति में कुछ पशु-अधिकार कार्यकर्ता इसे भी  नॉनवेज दूध की संज्ञा देते हैं

जानें अमेरिका में गायों को क्या खिलाते हैं?

ये तो हुई आम बात अब जरा वह भी जान लें जो विशेषज्ञ कहते हैं या फिर सार्वजनिक तौर पर लोगों को पता है। PTI की रिपोर्ट के अनुसार नई दिल्ली स्थित थिंक टैंक GTRI (Global Trade Research Institute) के अजय श्रीवास्तव कहते हैं, “कल्पना कीजिए कि आप उस गाय के दूध से बना मक्खन खा रहे हैं जिसे दूसरी गाय का मांस और खून दिया गया हो।” अमेरिकी न्यूज पेपर द सिएटल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका में गायों को ऐसा चारा खिलाया जाता है जिसमें सूअर, मछली, मुर्गी, घोड़े, यहां तक कि बिल्ली या कुत्ते के अंग शामिल हो सकते हैं। गाय को प्रोटीन के लिए सूअर और घोड़े का खून दिया जाता है। 

समझें भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील वाला एंगल

अब आपको इस पूरे मामले में भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील वाला एंगल भी बताते हैं। भारत जैसे देश में गाय को माता का दर्जा दिया जाता है। पूजा से लेकर बड़े समारोह तक दूध के बिना पूरे नहीं हो सकते हैं। अब जरा सोचिए कि अमेरिकी गायों का दूध भारतीय बाजारों में बिके तो समस्या कितनी विकराल होगी। अमेरिका चाहता है कि भारत अपना डेयरी बाजार खोले, लेकिन भारत इसके लिए तैयार नहीं हो रहा है। भारत के लिए यह रेड लाइन की तरह है जिसे पार नहीं किया जा सकता है। यही अमेरिका और भारत के बीच ट्रेड डील में फंसा हुए पेच भी है। 

भारत ने लगा रखा है बैन

अब तक आप “नॉन वेज मिल्क” के बारे में समझ गए होंगे। अमेरिका और भारत के बीच समस्या भी अब आप जान चुके हैं। इस बीच यहां आपको यह भी बता दें कि, USRT की NTE (National Trade Estimate) की रिपोर्ट के अनुसार भारत ने पशु के मांस या खून जैसे पदार्थ मिला चारा खाने वाली गायों से बने डेयरी प्रोडक्ट के आयात पर बैन लगा रखा है।

शादी के दो साल बाद सिद्धार्थ मल्होत्रा और कियारा आडवाणी बने मां-बाप

बॉलीवुड की सबसे प्यारी जोड़ियों में से एक कियारा आडवाणी और सिद्धार्थ मल्होत्रा मम्मी-पापा बन गए हैं। कपल ने अपने पहले बच्चे, एक बच्ची का स्वागत किया है। दोनों ने फरवरी 2025 में फैंस के साथ गुड न्यूज शेयर की थी और 2023 में राजस्थान में शादी के बंधन में बंधने वाला ये कपल अब बॉलीवुड के पेरेंट क्लब में शामिल हो गया है। हालांकि, अब तक कियारा या सिद्धार्थ की ओर से इसकी ऑफिशियल घोषणा नहीं की गई है, ऐसे में फैंस को कपल की ओर से इस गुड न्यूज के साझा करने का इंतजार है। सेलिब्रिटी पैपराजी अकाउंट विरल भयानी द्वारा एक पोस्ट शेयर कर एक्ट्रेस के मां बनने की जानकारी दी गई है।

फरवरी में शेयर की थी प्रेग्नेंसी की न्यूज

यह खुशखबरी ‘शेरशाह’ स्टार्स द्वारा फरवरी 2025 में एक प्यारे से सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपनी प्रेग्नेंसी की घोषणा के कुछ ही महीने बाद आई है। कियारा और सिद्धार्थ ने फरवरी में इंस्टाग्राम पर एक प्यारी सी तस्वीर शेयर की थी। तस्वीर में कियारा और सिद्धार्थ छोटे-छोटे मोजे पकड़े हुए दिखाई दिए। फोटो शेयर करतेहुए कियारा ने तस्वीर के साथ कैप्शन लिखा, “हमारे जीवन का सबसे बड़ा तोहफा। जल्द आ रहा है।

शेरशाह से शुरू हुई सिद्धार्थ-कियारा की लव स्टोरी

सिद्धार्थ मल्होत्रा और कियारा आडवाणी ने सबसे पहले ‘शेरशाह’ में अपनी रोमांटिक केमेस्ट्री से फैंस का दिल जीता था। इस फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा ने कैप्टन विक्रम बत्रा और कियारा ने उनकी गर्लफ्रेंड डिंपल चीमा का किरदार निभाया था। दोनों की लव स्टोरी भी इसी फिल्म के साथ शुरू हुई। बीच में खबरें आईं कि कपल का ब्रेकअप हो गया है, लेकिन 2023 में दोनों ने शाही अंदाज में शादी करके अपने फैंस को हैरान कर दिया। इसके बाद से ही दोनों कपल के तौर पर फैंस के दिलों पर राज कर रहे हैं।

कियारा-सिद्धार्थ की आने वाली फिल्में

वर्क फ्रंट पर बात करें तो कियारा आडवाणी ‘वॉर 2’ के जरिए बड़े पर्दे पर धमाके के लिए तैयार हैं। इस फिल्म में ऋतिक रोशन और जूनियर एनटीआर जैसे सुपरस्टार नजर आएंगे। ये हाई ऑक्टेन एक्शन ड्रामा इस साल स्वतंत्रता दिवस के मौके पर 14 अगस्त को सिनेमाघरों में दस्तक देगी। वहीं प्रेग्नेंसी के चलते कियारा ने अन्य प्रोजेक्ट्स से हाथ पीछे खींच लिए थे। सिद्धार्थ मल्होत्रा की बात करें तो अभिनेता अपनी अपकमिंग फिल्म ‘परम सुंदरी’ को लेकर सुर्खियों में हैं, जो एक रोमांटिक कॉमेडी ड्रामा है और इसमें उनके साथ जाह्नवी कपूर नजर आएंगी।

“उत्तर प्रदेश सरकार आपके द्वार” अभियान के अंतर्गत किसानों के हित में बाराबंकी में पहली जागरूकता सभा आयोजित

  • ब्लॉक स्तर पर किसानों को योजनाओं की जानकारी देने के लिए जागरूकता शिविरों का आयोजन।
  • गौ आधारित खेती को बढ़ावा देकर पर्यावरण संतुलन, खाद्य सुरक्षा और पारंपरिक संस्कृति का संरक्षण।
  • कृषि और बागवानी के क्षेत्र में नवाचार एवं तकनीकी प्रशिक्षण का प्रावधान।
  • राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं को लाभार्थियों तक सीधे पहुँचाना।
  • कृषकों की सहभागिता और उनका विश्वास अर्जित करने पर बल।

बाराबंकी। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित योजनाओं को आम किसानों तक प्रभावी ढंग से पहुँचाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग, अनुसूचित जाति/जनजाति आयोग तथा बागवानी विकास मिशन के संयुक्त तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण पहली सभा का आयोजन देवा मेला ऑडिटोरियम, जनपद बाराबंकी में किया गया।

इस महत्वपूर्ण आयोजन के माध्यम से किसानों को न सिर्फ राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई, बल्कि उन्हें योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित करने हेतु एक विशेष जागरूकता अभियान चलाने की भी घोषणा की गई।

कार्यक्रम का उद्देश्य और व्यापक रणनीति

सभा का प्रमुख उद्देश्य यह रहा कि कैसे राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को ब्लॉक स्तर तक ले जाकर किसानों को जागरूक किया जाए। इसमें किसानों के बीच विश्वास निर्माण, उनकी समस्याओं का समाधान और योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन प्रमुख विषय रहे।

सभा के माध्यम से यह भी सुनिश्चित किया गया कि किसानों को योजनाओं की जमीनी हकीकत समझ में आए और वे इनके माध्यम से अपनी आय बढ़ा सकें तथा आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हों।

मुख्य अतिथि श्याम बिहारी गुप्ता का संबोधन

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने गौ आधारित प्राकृतिक खेती को आत्मनिर्भर भारत का आधार बताया। उन्होंने कहा कि विषमुक्त अन्न, पर्यावरण संरक्षण और संस्कृति संरक्षण को केंद्र में रखकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों को पारंपरिक लेकिन वैज्ञानिक तरीकों से खेती की ओर प्रेरित कर रही है।

उन्होंने यह भी घोषणा की कि सरकार गौ सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वालों को राज्य स्तर पर सम्मानित करेगी। साथ ही प्रदेश की गौशालाओं में गायों की देखभाल एवं संवर्धन के लिए एक विशेष मिशन आधारित अभियान चलाया जाएगा।

विशिष्ट अतिथि बैजनाथ रावत का उद्बोधन

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि, अनुसूचित जाति/जनजाति आयोग के अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद बैजनाथ रावत ने कहा कि योजनाएं तभी सफल होती हैं जब उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि समाज के कमजोर तबकों, विशेषकर अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के किसानों को योजनाओं से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है।

बागवानी मिशन के प्रतिनिधि अजीत प्रताप सिंह का तकनीकी दृष्टिकोण

बागवानी विकास मिशन के सदस्य अजीत प्रताप सिंह ने सभा में भाग लेते हुए तकनीकी खेती और फूड प्रोसेसिंग की संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने किसानों को मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन, टिशू कल्चर आधारित केला उत्पादन, मसाला और सागभाजी की खेती तथा फूड प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने संबंधित विभागों, अधिकारियों और संस्थाओं से अपील की कि वे आपसी समन्वय के साथ इन योजनाओं को गांव-गांव तक पहुँचाने का कार्य करें।

“उत्तर प्रदेश सरकार आपके द्वार” अभियान केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि सरकार की उस दूरदर्शिता का प्रमाण है जिसमें किसानों को आत्मनिर्भर बनाने, योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने और कृषि को स्थायी विकास की ओर ले जाने की प्रतिबद्धता झलकती है। यह अभियान निश्चित रूप से उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव की नींव रखेगा।