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लेटेस्ट बॉलीवुड न्यूज़ :क्या रणबीर कपूर बनने वाले हैं हॉलीवुड के अगले जेम्स बॉन्ड? इसी साल शुरू हो सकती है शूटिंग!

रणबीर कपूर बॉलीवुड में नई पीढ़ी के सबसे बड़े सुपरस्टार हैं। अब तक दर्जनभर से ज्यादा सुपरहिट फिल्में देने के बाद रणबीर कपूर के अब हॉलीवुड डेब्यू की भी खबरें सामने आ रही हैं। बताया जा रहा है कि हॉलीवुड की सुपरहिट सीरीज जेम्स बॉन्ड वाली फिल्म में रणबीर कपूर नजर आने वाले हैं। सोशल मीडिया पर वायरल रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा है कि हॉलीवुड के एक्शन मास्टर माइकल बे के निर्देशन में रणबीर कपूर हॉलीवुड डेब्यू कर सकते हैं। ट्रांसफॉर्मर्स और बैड बॉयज़ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों के लिए जाने जाने वाले बे आगामी बॉन्ड फिल्म का निर्देशन करने के लिए तैयार हैं। टेलीचक्कर की एक रिपोर्ट का दावा है कि प्रोडक्शन टीम ने फिल्म में एक महत्वपूर्ण भूमिका के लिए कपूर के साथ बातचीत शुरू कर दी है, जिसमें एना डे आर्मस को दिखाया जा सकता है। जो नो टाइम टू डाई से पालोमा के रूप में अपने प्रशंसकों की पसंदीदा भूमिका को दोहरा रही हैं।

ब्रिटिश एक्टर भी देंगे रणबीर का साथ

ब्रिटिश अभिनेता चिवेटेल एजियोफोर के इस प्रोजेक्ट का हिस्सा होने की अफवाह है। फिल्म की शूटिंग जून 2025 में शुरू होने की उम्मीद है, जिससे प्रतिष्ठित जासूसी फ्रैंचाइज़ी के लिए एक नए निर्देशन के बारे में अटकलें लगाई जा रही हैं। दिलचस्प बात यह है कि यह उन रिपोर्टों के बीच आया है कि बॉन्ड सीरीज़ को एक रचनात्मक रीबूट से गुजारा जाएगा। जिसकी अगली किस्त 1950 या 1960 के दशक में सेट की गई प्रीक्वल होने की अफवाह है। द सन के अनुसार, आने वाली फिल्म में अब तक का सबसे कम उम्र का जेम्स बॉन्ड होगा, जो डेनियल क्रेग के दिग्गज MI6 एजेंट के साहसी, परिपक्व चित्रण से अलग है, जिसका 2021 की फ़िल्म नो टाइम टू डाई में दुखद अंत हुआ था।

रणबीर की टीम की तरफ से नहीं हुई पुष्टि

फ़िलहाल, रणबीर कपूर और माइकल बे की टीमें इन अटकलों पर चुप हैं, न तो रिपोर्टों की पुष्टि कर रही हैं और न ही खंडन कर रही हैं। लेकिन कपूर के हॉलीवुड की सबसे प्रतिष्ठित फ़्रैंचाइज़ी में से एक में प्रवेश करने के विचार ने प्रशंसकों को खुशी में डाल दिया है, खासकर जब वह एक ढेर सारे घरेलू स्लेट को संतुलित कर रहे हैं। रणबीर जल्द ही नितेश तिवारी की रामायण में नजर आने वाले हैं। इस फिल्म में रणबीर के साथ साई पल्लवी, सीता और यश, रावण के किरदार में पर्दे पर नजर आएंगे। इसके साथ ही रणबीर, संजय लीला भंसाली, आलिया भट्ट और विक्की कौशल के साथ लव एंड वॉर के लिए भी तैयारी कर रहे हैं।

हार की हैट्रिक के बाद निराश दिखे SRH के कप्तान, जाने किसे ठहराया खराब प्रदर्शन का जिम्मेदार।

कोलकाता नाईट राइडर्स ने IPL 2025 के 15वें मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद को 80 रनों से करारी शिकस्त दी। SRH के लिए यह आईपीएल इतिहास की सबसे बड़ी हार है। इस मुकाबले में केकेआर ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 6 विकेट पर 200 रन बनाए। इसके जवाब में 201 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी SRH की शुरुआत बेहद खराब रही और अंत में टीम पूरे 20 ओवर भी नहीं खेल पाई और 120 रनों पर ऑलआउट हो गई। वहीं मैच के बाद SRH के कप्तान पैट कमिंस ने बताया कि उनकी टीम से आखिर कहां गलती हुई और क्यों उन्हें इस मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा।

पैट कमिंस ने किस पर फोड़ा हार का ठीकरा?

सनराइजर्स हैदराबाद के कप्तान पैट कमिंस ने हार की सबसे बड़ी वजह खराब फील्डिंग को बताया। कमिंस ने मैच के बाद कहा, यह अच्छा समय नहीं है। उन्हें लगता है कि इस टारगेट को हासिल किया जा सकता था, विकेट भी अच्छा था। उन्होंने फील्डिंग में बहुत अधिक रन दिए और अंत में वह लक्ष्य से बहुत दूर रह गए। लगातार तीन मैचों में उनके लिए चीजें सही नहीं हुई हैं। उन्हें अब शायद यह देखना होगा कि क्या वह इससे बेहतर विकल्प चुन सकते थे। कमिंस ने हार का कारण बताते हुए कहा, यह मुख्य रूप से उनकी फील्डिंग थी, गेंदबाजी कुल मिलाकर खराब नहीं थी। उनके फील्डर्स को कुछ कैच पकड़ने चाहिए थे और उन्हें थोड़ा पहले रोकना चाहिए था।

बल्लेबाजी को लेकर बड़ा बयान दे गए पैट कमिंस

वहीं टीम की बल्लेबाजी को लेकर पैट कमिंस का मानना है कि उनकी बल्लेबाज और भी ज्यादा आक्रामक हो सकते थे। उन्होंने कहा, उनके बल्लेबाज सबसे अच्छा तब खेलते हैं जब वे सामने वाली टीम पर हावी होने की कोशिश करते हैं। लेकिन पीछे मुड़कर देखने पर लगता है कि शायद वह अलग विकल्प चुन सकते थे। वहीं एडम जम्पा को टीम में शामिल न करने पर कमिंस ने कहा, उन्होंने केवल 3 ओवर स्पिन गेंदबाजी की, जब SRH गेंदबाजी कर रही थी तब गेंद ग्रिप नहीं कर रही थी। इसलिए उन्होंने एडम जंपा के बिना जाने का विकल्प चुना।

अंकारा:तकनीकी खामी के कारण तुर्की में फंसे भारत और अटलांटिक के 250 से अधिक हवाई यात्री, जानें कैसे होगा रेस्क्यू।

 तुर्की में भारतीयों सहित वर्जिन अटलांटिक के 250 से अधिक यात्री तुर्की के एक हवाई अड्डे पर 24 घंटे से अधिक समय से फंसे हुए हैं। अब इन्हें भारत में रेस्क्यू करने की बात की जा रही है। बताया जा रहा है कि लंदन से मुंबई आने वाले उनके विमान का दियारबाकिर हवाई अड्डे की ओर मार्ग परिवर्तित कर दिया गया था।

वर्जिन अटलांटिक ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह यात्रियों को मुंबई ले जाने के लिए वैकल्पिक विमान की व्यवस्था करने सहित सभी विकल्पों पर विचार कर रही है। एयरलाइन ने एक बयान में कहा कि दो अप्रैल को लंदन के हीथ्रो से मुंबई जाने वाली वीएस358 उड़ान को तात्कालिक चिकित्सीय स्थिति के कारण तुर्किये के दियारबाकिर हवाई अड्डे पर मोड़े जाने के बाद रद्द कर दिया गया क्योंकि हवाई अड्डे पर उतरने के बाद विमान में तकनीकी समस्या आ गई।

खामी का लगाया जा रहा है पता

यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद जताते हुए एयरलाइन ने कहा कि उसके इंजीनियर विमान का गहन आकलन जारी रखे हुए हैं। कंपनी ने कहा, ‘‘हम वैकल्पिक विमान के संचालन सहित सभी विकल्पों पर सक्रियता से विचार कर रहे हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यात्री यथाशीघ्र मुंबई पहुंच सकें।’’ सूत्रों के अनुसार, 250 से अधिक यात्री हवाई अड्डे पर फंसे हुए हैं।

बुडापेस्ट:गिरफ्तारी वारंट के बावजूद इजरायली पीएम नेतन्याहू पहुंचे बुडापेस्ट, हंगरी ने ICC के खिलाफ किया बड़ा ऐलान

 इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू बृहस्पतिवार तड़के हंगरी की राजधानी पहुंचे जहां उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। हालांकि विश्व की शीर्ष युद्ध अपराध अदालत ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया हुआ है।

नवंबर में अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (आईसीसी) ने नेतन्याहू के खिलाफ वारंट जारी किया था जिसके बाद से यह इजराइली प्रधानमंत्री की दूसरी विदेश यात्रा है। जैसे ही नेतन्याहू बुडापेस्ट पहुंचे, हंगरी ने कहा कि वह आईसीसी से अलग होने की प्रक्रिया शुरू करेगा। प्रधानमंत्री विक्टर ओरबान के ‘चीफ ऑफ स्टाफ’ गेरगेली गुलियास ने एक संक्षिप्त बयान में कहा, “हंगरी अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय से अलग होगा।”

बुडापेस्ट आईसीसी से होगा अलग

उन्होंने कहा कि सरकार संवैधानिक और अंतरराष्ट्रीय कानूनी ढांचे के अनुसार बृहस्पतिवार को आईसीसी से अलग होने की प्रक्रिया शुरू करेगी। नेतन्याहू का राजधानी बुडापेस्ट के कैसल डिस्ट्रिक्ट में पूरे सैन्य सम्मान के साथ स्वागत किया गया, जहां वह ओरबान के साथ खड़े थे। दोनों नेताओं के बीच बृहस्पतिवार को बातचीत होनी है। नेतन्याहू रविवार को यहां से रवाना होंगे।

कोलंबो: थाईलैंड के दौरे के बाद प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार को श्रीलंका गए, जानें कोलंबो में उनका पूरा कार्यक्रम।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार को श्रीलंका की तीन दिवसीय यात्रा शुरू किया, जिसमें समग्र द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को प्रगाढ़ बनाने के साथ-साथ ऊर्जा, व्यापार और संपर्क के क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत बनाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। शनिवार को मोदी और राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायका के बीच वार्ता होगी। श्रीलंका पर सैन्य प्रभाव में वृद्धि के चीन के अथक प्रयासों की पृष्ठभूमि में दोनों पक्ष एक प्रमुख रक्षा सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर कर सकते हैं।

मोदी बैंकॉक में बिम्सटेक (बंगाल की खाड़ी बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग पहल) समूह के शिखर सम्मेलन में भाग लेने के बाद श्रीलंका की राजधानी पहुंचेंगे। मोदी ने बृहस्पतिवार को दो देशों की यात्रा शुरू करने से पहले एक बयान में कहा, “हमारे पास ‘साझा भविष्य के लिए साझेदारी को बढ़ावा देने’ के संयुक्त दृष्टिकोण को लेकर हुई प्रगति की समीक्षा करने और हमारे साझा उद्देश्यों को साकार करने के लिए मार्गदर्शन का अवसर होगा।” तीन महीने पहले श्रीलंकाई राष्ट्रपति की नयी दिल्ली यात्रा के दौरान संयुक्त दृष्टिकोण को अपनाया गया था।

भारत-श्रीलंका के बीच क्या होगी वार्ता

मोदी-दिसानायके वार्ता के बाद दोनों पक्षों के बीच श्रीलंका के ऋण पुनर्गठन समेत कई अन्य द्विपक्षीय समझौते होने की भी संभावना है। पिछले सप्ताह संवाददाता सम्मेलन में विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा था कि रक्षा सहयोग को लेकर एक सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है और इस पर पहली बार हस्ताक्षर किए जाएंगे। यदि रक्षा सहयोग से संबंधित एमओयू पर हस्ताक्षर हो जाते हैं, तो यह भारत-श्रीलंका रक्षा संबंधों में एक बड़ी प्रगति का संकेत होगा। इस समझौते के बाद लगभग 35 वर्ष पहले भारत द्वारा श्रीलंका से भारतीय शांति सेना (आईपीकेएफ) को वापस बुलाए जाने से संबंधित कटु अध्याय पीछे छूट जाएगा। प्रस्तावित रक्षा समझौते का विस्तृत ब्यौरा तत्काल उपलब्ध नहीं है, लेकिन उम्मीद है कि हिंद महासागर क्षेत्र में चीन की बढ़ती उपस्थिति की पृष्ठभूमि में इससे द्विपक्षीय रक्षा संबंधों में बढ़ोतरी होगी।

हंबनटोटा बंदरगाह पर बात

अगस्त 2022 में हंबनटोटा बंदरगाह पर चीनी मिसाइल और सैटेलाइट ट्रैकिंग जहाज ‘युआन वांग’ के लंगर डालने की घटना ने भारत और श्रीलंका के बीच कूटनीतिक विवाद को जन्म दिया है। अगस्त 2023 में कोलंबो बंदरगाह पर एक और चीनी युद्धपोत ने लंगर डाला था। समग्र संबंधों के बारे में मिस्री ने कहा, “श्रीलंका हमारी ‘पड़ोसी पहले’ नीति का अभिन्न अंग है और आपसी विश्वास और सद्भावना पर आधारित हमारे संबंध समय की कसौटी पर खरे उतरे हैं।” उन्होंने कहा कि मोदी की यात्रा निवेश को बढ़ावा देने और संपर्क को मजबूत करने और विभिन्न अन्य क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने पर केंद्रित होगी।