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Israel Hamas War Update : गाजा में हमास ले रहा आखिरी सांसें, इजरायल के ताजा हवाई हमले में फिर 93 लोगों की हुई मौत

दीर-अल-बलाह (गाजा पट्टी): गाजा में होने वाली मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हमास के साथ जनवरी में हुआ युद्ध विराम समझौता टूटने के बाद से ही इजरायली सेना गाजा पर तबाही की गाज गिरा रही है। ऐसे में अब हमास गाजा में आखिरी सांसें गिनता दिखाई दे रहा है। इस कड़ी में इजरायल ने गाजा पर एक और बड़ा हवाई हमला किया है। इसमें कम से कम 93 फिलिस्तीनियों की मौत हो गई है। 

गाजा के शरणार्थी शिविरों पर बरसे बम

मंगलवार को गाजा पर इजरायली सेना ने बड़ा हवाई हमला किया, जिसमें महिलाओं और बच्चों समेत 93 फिलिस्तीनी मारे गए। शिफा अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि गाजा के उत्तरी शाती शरणार्थी शिविर में एक बड़ा हमला हुआ। इस हमले में फिलस्तीनी विधायिका के हमास सदस्य की मौत हो गई, साथ ही उसी इमारत में शरण लिए हुए एक पुरुष, एक महिला और उनके छह बच्चे भी मारे गए। हताहतों को इसी अस्पताल में लाया गया था।

ओले की तरह गाजा पर बम गिरा रही इजरायली सेना

शिफा अस्पताल के अनुसार इजरायली सेना गाजा पर ओले की तरह बम गिरा रही है। इजरायल के ताबड़तोड़ हमले में सोमवार शाम गाजा शहर के तेल अल-हवा ज़िले में एक घर में बम गिरने से एक परिवार के 19 सदस्यों की मौत हो गई। मृतकों में आठ महिलाएं और छह बच्चे शामिल हैं। इसी जिले में विस्थापित लोगों के लिए बने एक शिविर पर हमले में एक पुरुष, एक महिला तथा उनके दो बच्चों की मौत हो गई। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार दोपहर एक दैनिक रिपोर्ट में कहा कि पिछले 24 घंटों में इजरायली हमलों में मारे गए 93 लोगों के शव गाजा के अस्पतालों में लाए गए हैं। इसके साथ ही 278 घायल भी अस्पतालों में लाये गए हैं। इस हमले पर इजरायली सेना की ओर से तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की गई।

इजरायल और हमास में क्यों हुई जंग

हमास के आतंकियों ने 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर बड़ा हमला कर दिया था। हमास ने इजरायल पर एक साथ 5000 से अधिक रॉकेट दागे थे और उसकी सीमा में घुसकर 238 लोगों का अपहरण कर लिया था। इस हमले में 1200 से ज्यादा इजरायली मारे गए थे। जवाब में इजरायली सेना ने भी हमास पर हमला शुरू कर दिया। इजरायली हमले में अब तक हमास के दोनों चीफ इस्माइल हानिया और याह्या सिनवार समेत हजारों आतंकी मारे जा चुके हैं। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार अब तक इजरायली हमले में 58 हजार से ज्यादा मौतें हुई हैं। 

स्पोर्ट्स न्यूज़ : मैनचेस्टर में क्या होगा टीम इंडिया का? बुमराह और सिराज ने तो इस मैदान पर नहीं खेला है एक भी टेस्ट

भारत और इंग्लैंड के बीच टेस्ट सीरीज का चौथा मैनचेस्टर के मैदान पर 23 जुलाई से खेला जाएगा। इस टेस्ट सीरीज में टीम इंडिया फिलहाल 1-2 से पीछे है। ऐसे में भारतीय टीम मैनचेस्टर में खेले जाने वाले इस मैच को जीतकर सीरीज में बराबरी करना चाहेगी, जो उनके लिए इतना आसान नहीं होने वाला है। इंग्लैंड दौरे पर मौजूद भारत के स्क्वॉड में अभी कई खिलाड़ी ऐसे हैं, जिनके पास इस मैदान पर खेलने का अनुभव नहीं है। आपको बता दें कि तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज ने भी इस मैदान पर अब तक एक भी टेस्ट नहीं खेला है।

बुमराह को एक टेस्ट मैच में मिल चुका है आराम

जसप्रीत बुमराह की बात करें तो उन्होंने इस सीरीज में अब तक दो मैच खेले हैं। वर्कलोड मैनेजमेंट की वजह से उन्हें बर्मिंघम में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच से आराम दिया गया था। पहले टेस्ट मैच की पहली पारी में उन्होंने 5 विकेट निकाले थे, वहीं दूसरी पारी में वह एक भी विकेट नहीं ले पाए थे। वहीं लॉर्ड्स टेस्ट मैच की पहली पारी में फिर से उन्होंने पांच विकेट हॉल लिया, वहीं दूसरी पारी में उन्हें 2 विकेट मिले। इस सीरीज में बुमराह अब तक 12 विकेट ले चुके हैं।

सिराज ने तीन टेस्ट मैच में किया है अच्छा प्रदर्शन

सिराज की बात करें तो उन्होंने अभी तक तीनों मैच खेले हैं। तीन मैचों में उन्होंने कुल 13 विकेट हासिल किए हैं। लीड्स टेस्ट मैच में वह सिर्फ 2 विकेट ले पाए थे, लेकिन बार्मिंघम में खेले गए टेस्ट मैच में उन्होंने 7 विकेट निकाले थे। वहीं लॉर्ड्स टेस्ट मैच की दोनों पारियों को मिलाकर वह सिर्फ 4 विकेट ले पाए। लेकिन बुमराह और सिराज ने मैनचेस्टर में अभी तक एक भी मैच नहीं खेला है। ऐसे में ये दोनों गेंदबाज अगले टेस्ट मैच में किस तरह का प्रदर्शन करते हैं ये कह पाना मुश्किल है।

सिर्फ रवींद्र जडेजा ही कर पाए हैं ऐसा

भारत की मौजूदा टीम की बात करें तो वहां सिर्फ एक गेंदबाज ऐसा है जिसने मैनचेस्टर में विकेट लिया हो। वो गेंदबाज रवींद्र जडेजा हैं। जडेजा ने इस मैदान पर 2014 में खेले गए टेस्ट मैच में एक विकेट लिया था। उनके अलावा भारत की मौजूदा टीम में कोई भी ऐसा गेंदबाज नहीं है जिसने यहां विकेट हासिल किया हो।

अर्चना पूरन सिंह के साथ दुबई में स्काईडाइविंग के नाम पर चूना लगा, हुआ Scam

अर्चना पूरन सिंह इन दिनों कपिल शर्मा के शो ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ को लेकर सुर्खियों में बनी हुई हैं। अर्चना इस कॉमेडी शो के साथ ही कई अन्य टीवी शोज में बतौर जज नजर आ चुकी हैं और कई फिल्मों का भी हिस्सा रह चुकी हैं। टीवी शोज और फिल्मों के अलावा अर्चना पूरन सिंह अपने व्लॉग को लेकर भी सुर्खियों में बनी रहती हैं, जिनमें अक्सर कई चर्चित चेहरे भी नजर आते हैं। अब हाल ही में अर्चना ने अपने व्लॉग पर अपने दुबई वेकेशन को लेकर एक बड़ा खुलासा किया और बताया कि कैसे वह दुबई में स्कैम की चपेट में आ गईं और उनके पैसे डूब गए। अर्चना पूरन सिंह ने अपने व्लॉग में बताया कि दुबई में स्काईडाइविंग के नाम पर उनके साथ ठगी हो गई।

अर्चना के साथ हुआ स्कैम

दरअसल, अर्चना पूरन सिंह अपने पति परमीत सेठी और बेटों आर्यमन सेठी और आयुष्मान सेठी के साथ हाल ही में दुबई वेकेशन पर गई थीं। वेकेशन के दौरान अर्चना परिवार के साथ स्काईडाइविंग का लुत्फ उठाने के लिए दुबई के आईफ्लाई पहुंचीं, जहां उन्होंने पहले से ही टिकट्स बुक करा रखी थीं। लेकिन, जैसे ही वह यहां पहुंचीं कंपनी की डेस्क पर मौजूद टेलर ने अर्चना और उनके परिवार को बताया कि उनके नाम पर कोई बुकिंग नहीं है।

स्काईडाइविंग के नाम पर अर्चना पूरन सिंह के साथ धोखाधड़ी

इस खुलासे पर अर्चना पूरन सिंह हैरान रह गईं। उन्होंने अपने व्लॉग में इसके बारे में बताते हुए कहा- ‘हमने iFly दुबई में तीन स्लॉट बुक किए थे, लेकिन यहां मौजूद महिला हमसे कह रही है कि हमारी कोई भी बुकिंग नहीं है। हमारे साथ धोखाधड़ी हुई है क्योंकि जिस वेबसाइट से हमने बुकिंग की थी और पेमेंट किया था, वह उनकी है ही नहीं है। दुबई में हमारे साथ धोखाधड़ी हुई है। हमने इसके लिए पहले ही पेमेंट कर दिया था और टिकट सस्ते नहीं हैं… दुबई में हमारे पैसे डूब गए। मुझे उम्मीद नहीं थी कि दुबई में हमारे साथ ऐसा कुछ हो सकता है, वहां इतने सख्त नियम और कानून हैं। लोग यहां ऐसी हरकतें करने से डरते हैं।’

वेबसाइट भी हुई गायब

अर्चना आगे कहती हैं- ‘मैं हैरान हूं… हमारे हजारों रुपये चले गए…’ इसके बाद परमीत सेठी कहते हैं- ‘इसके बाद हमने टिकिट्स के लिए कैश में पेमेंट किया। पता चले ये भी स्कैम है।’ इन टिकिट्स की बुकिंग अर्चना के बेटे आर्यमन ने की थी, जिन्होंने हैरानी जाहिर की और कहा- ‘जब मैंने चार मिनट वाले पैकेज को सिलेक्ट किया तो साइट ने इसे अचानक से दो में बदल दिया। मुझे लगा ये कोई टेक्निकल ग्लिच होगा।’ वहीं अब वह ये वेबसाइट भी गायब है। हालांकि, इस वीडियो में अर्चना या किसी अन्य ने इस बात का खुलासा नहीं किया है कि इस स्कैम में उनके कितने रुपये डूब गए।

घर में घुस गई है कॉकरोच की फौज तो इन-इन उपायों से तुरंत मिलेगी राहत

कॉकरोच न केवल देखने में बुरे लगते हैं, बल्कि ये हमारी सेहत के लिए भी खतरनाक हैं। ये गर्म और नम जगहों पर रहना पसंद करते हैं, इसलिए रसोई और बाथरूम उनकी पसंदीदा जगहें हैं। अगर आप इन्हें तुरंत नहीं रोकते, तो ये बहुत तेज़ी से बढ़ते हैं और पूरे घर में इनकी फ़ौज जमा हो जाती है। ये साल्मोनेला और पेचिश जैसी बीमारियाँ फैला सकते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि ये हैजा और टाइफाइड बुखार के लिए भी ज़िम्मेदार हैं। इतना ही नहीं, इनके मल और लार से संक्रमण भी हो सकता है। ऐसे में चलिए जानते हैं कॉकरोच से छुटकारा पाने के कुछ बेहतरीन उपाय

कॉकरोच से छुटकारा पाने के कुछ आसान तरीके:

  • बेकिंग सोडा और चीनी: कॉकरोच को मीठी और स्टार्च वाली चीज़ें पसंद होती हैं। एक छोटे कटोरे में बराबर मात्रा में चीनी और बेकिंग सोडा मिलाएँ। फिर इसे अपनी रसोई के पास या उन जगहों पर छिड़क दें जहाँ आपको कॉकरोच दिखते हैं। चीनी की महक कॉकरोच को अपनी ओर खींचेगी और वे इसे खा लेंगे। इससे आपकी कॉकरोच की बड़ी समस्या कुछ हद तक कम हो जाएगी।
  • बोरिक एसिड: बोरिक एसिड कॉकरोच को खत्म करने के सबसे असरदार है। बोरिक एसिड में एक खास चार्ज होता है, जिससे जब कॉकरोच उस जगह से गुज़रते हैं तो यह उनके शरीर से चिपक जाता है। जब कीट अपने शरीर को साफ करते हैं, तो वे इस पाउडर को निगल जाते हैं। यह उनके पेट में ज़हर की तरह काम करता है और उन्हें मार देता है।
  • तेज पत्ता: तेज पत्ता तेज़ गंध के कारण कॉकरोच को दूर भगाने का एक प्राकृतिक तरीका है। कॉकरोच को इसकी गंध बिलकुल पसंद नहीं होती। इसे सही तरीके से इस्तेमाल करने के लिए, पत्तों को कुचलकर उन जगहों पर बिखेर दें जहाँ कॉकरोच आते-जाते हैं ताकि वे वहां से दूर रहें। लंबे समय तक सुरक्षा के लिए आप किचन की अलमारियों और दराजों में एक पूरा तेज पत्ता भी रख सकते हैं।
  • नीम का तेल: नीम का तेल अपने प्राकृतिक कीटनाशक गुणों के लिए जाना जाता है। यह कॉकरोच के जीवन चक्र को रोक देता है और उन्हें दूर भगाता है। नीम के तेल को पानी में घोलकर एक स्प्रे बोतल में डालें और इसे उन जगहों पर स्प्रे करें जहाँ कॉकरोच ज़्यादा आते हैं, जैसे सिंक के नीचे, सामान के पीछे, और उन दरारों में जहाँ वे छिपते हैं।

स्पोर्ट्स न्यूज़ :रवींद्र जडेजा लॉर्ड्स टेस्ट मैच के हीरो हैं या विलेन? अनिल कुंबले के इस बयान से

लॉर्ड्स में खेले गए टेस्ट मैच में टीम इंडिया को इंग्लैंड के खिलाफ 22 रनों से हार का सामना करना पड़ा। इस सीरीज में फिलहाल भारतीय टीम 1-2 से पीछे है। इस मैच के बाद दुनिया भर के क्रिकेट एक्सपर्ट्स इस मुकाबले पर अपनी राय दे रहे हैं। कोई रवींद्र जडेजा को लेकर बोल रहा है तो कोई शुभमन गिल की कप्तानी पर सवाल उठा रहा है। इसी कड़ी में पूर्व भारतीय टेस्ट कप्तान अनिल कुंबले ने हैरान करने वाला बयान दिया है। 

अनिल कुंबले ने रवींद्र जडेजा के अप्रोच पर उठाए सवाल

कुंबले का मानना है कि ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा को लॉर्ड्स टेस्ट की चौथी पारी में स्पिनर शोएब बशीर के खिलाफ मोहम्मद सिराज को स्ट्राइक देने की जगह खुद जोखिम उठाकर आक्रामक शॉट खेलना चाहिए था। अगर वो ऐसा करते तो इस मैच का नतीजा कुछ और हो सकता था। आपको बता दें कि इस मैच में ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा ने जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज के साथ मिलकर काफी हद तक भारतीय टीम की वापसी करवाई, लेकिन वह अंत में टीम को जीत नहीं दिला सके।

लॉर्ड्स टेस्ट मैच को लेकर अनिल कुंबले ने क्या कहा?

जियो हॉटस्टार के हवाले से अनिल कुंबले ने कहा कि मुझे इस मैच को देखकर चेन्नई में पाकिस्तान के खिलाफ खेला गया टेस्ट मैच याद आ गया, जिसमें हमारी टीम को 12 रन से हार का सामना करना पड़ा था। (सिराज का आउट होना) कुछ वैसा ही था। टीम लक्ष्य से सिर्फ 22 रन दूर थी। जडेजा एक छोर पर बस खड़े रहे। मेरा मतलब है, वह भारत को जीत के इतने करीब लाने की योजना में सफल रहे लेकिन इंग्लैंड ने कोई ढिलाई नहीं बरती।

रवींद्र जडेजा को कमजोर गेंदबाजों को टारगेट करना चाहिए था- अनिल कुंबले

कुंबले ने आगे कहा कि जडेजा को अपने हिसाब से गेंदबाजों को टारगेट करना चाहिए था। क्रिस वोक्स , जो रूट और बशीर ऐसे गेंदबाज थे। बशीर और रूट भले ही ऑफ स्पिनर है लेकिन उनकी गेंद बहुत ज्यादा टर्न नहीं ले रही थी। उस स्थिति में अगर किसी को जोखिम उठाना था तो वह जडेजा ही थे जिन्हें ऐसा करना चाहिए था। उन्होंने बुमराह और सिराज के साथ बल्लेबाजी के दौरान अपने पास ज्यादा स्ट्राइक रखकर अच्छा काम किया लेकिन सिराज को बशीर का पूरा ओवर खेलने के लिए देना जोखिम भरा था। उन्हें इसकी जगह खुद ही आक्रामक रुख अपनाना चाहिए थे।