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भारत के खिलाफ इंग्लैंड की इन दो बल्लेबाज़ों ने किया अनोखा कारनामा, टूटा 20 साल पुराना रिकॉर्ड

साउथैम्पटन में भारत और इंग्लैंड महिला टीम के बीच इस वक्त तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला खेला जा रहा है। इस मैच में इंग्लैंड की महिला टीम पहले बैटिंग करते हुए 6 विकेट के नुकसान पर 258 रन बनाने में कामयाब रही। इंग्लैंड की टीम को इस सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने में एलिस डेविडसन और सोफिया डंकली ने अहम भूमिका निभाई। दोनों के बीच पांचवें विकेट के किए 106 रनों की पार्टनरशिप हुई और इसी के साथ उन्होंने 20 साल पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ा है।

सोफिया डंकली और डेविड रिचर्डसन की जोड़ी ने कर दिया कमाल

दरअसल इंग्लैंड महिला टीम के लिए भारत के खिलाफ वनडे में पांचवें विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी का रिकॉर्ड लिडिया ग्रीनवे और एरन ब्रिंडल के नाम था। उन दोनों के बीच साल 2005 में 89 रनों की पार्टनरशिप हुई थी। लेकिन अब 20 साल बाद डंकली और रिचर्डसन की जोड़ी ने इस रिकॉर्ड को तोड़ा है। दोनों के बीच 106 रनों की पार्टनरशिप हुई। लिस्ट में तीसरे नंबर पर जेनी गन और सारा टेलर का नाम है, 2006 में उन दोनों के बीच एक मैच में 77 रनों की पार्टनरशिप हुई थी।

भारत के खिलाफ पांचवें विकेट के लिए इंग्लैंड महिला टीम की सबसे बड़ी साझेदारी

  • 106 – एलिस डेविडसन-रिचर्ड्स – सोफिया डंकली, साउथैम्प्टन, 2025
  • 89 – लिडिया ग्रीनवे – एरन ब्रिंडल, कोलकाता, 2005
  • 77 – जेनी गन – सारा टेलर, साउथैम्प्टन, 2006
  • 68 – लिडिया ग्रीनवे – सारा टेलर, डर्बी, 2011
  • 66 – लिडिया ग्रीनवे – क्लेयर टेलर, चेन्नई, 2007

इंग्लैंड की शुरुआत रही बेहद खराब

पहले वनडे मैच की बात करें तो वहां इंग्लैंड महिला टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया था। इंग्लैंड की शुरुआत इस मैच में बिल्कुल भी अच्छी नहीं रही। दूसरे ही ओवर में टीम को पहला झटका एमी जोंस के रूप में लगा जो 1 रन बनाकर आउट हुईं। इसके बाद टैमी ब्यूमोंट भी 5 रन बनाकर आउट हो गई, उस वक्त टीम का स्कोर सिर्फ 20 रन था। दो विकेट जल्दी गिरने के बाद एमा लैम्ब और नैट सीवर ब्रंट ने इंग्लैंड की पारी को संभाला। लैंब ने 39 रन बनाए तो, वहीं ब्रंट ने 52 गेंदों में 41 रनों की पारी खेली।

सोफिया डंकली और डेविड रिचर्डसन ने खेली शानदार पारी

इंग्लैंड की टीम एक वक्त 97 के स्कोर पर 4 विकेट गंवा चुकी थी। उसके बाद सोफिया डंकली और डेविडसन रिचर्ड्स ने मोर्चा संभाला। डंकली ने 92 गेंदों में 9 चौके की मदद से 83 रन बनाए। वहीं रिचर्ड्सन ने 73 गेंदों में 53 रनों की पारी खेली। इन दोनों बल्लेबाजों के बदौलत ही इंग्लैंड की टीम इस मैच में बड़ा स्कोर बनाने में कामयाब रही। भारत की गेंदबाजी की बात करें तो वहां क्रांति गौड़ और स्नेह राणा ने 2-2 विकेट निकाले।

अगर जिम जाने का समय नहीं मिल रहा, तो घर पर करें ये आसान उपाय, शरीर की जमा चर्बी होने लगेगी कम

कहा जाता है कि दुनिया में सबसे आसान काम वजन बढ़ाना है और सबसे ज्यादा मुश्किल काम वजन घटाना है। ये बात काफी हद तक सच भी है क्योंकि अक्सर लोग वेट लॉस करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा देते हैं लेकिन फिर भी सफलता उनके हाथ नहीं लग पाती है। आज हम आपको दादी-नानी के जमाने से फॉलो की जाने वाली कुछ ऐसी टिप्स के बारे में बताने वाले हैं, जो आपके बढ़ते हुए वजन पर अंकुश लगाने में मददगार साबित हो सकती हैं।

जरूरी है घर के काम करना

पुराने जमाने में लोग घर की साफ सफाई खुद करते थे। झाड़ू और पोछा भी लगाते थे। रोजाना इस तरह की फिजिकल एक्टिविटी करने की वजह से उनका वजन भी कंट्रोल में रहता था। अगर आप जिम जाए बिना वजन कम करना चाहते हैं, तो हर रोज घर में झाड़ू और पोछा लगाना शुरू कर दीजिए। बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए बैठकर पोछा लगाने की कोशिश कीजिए। महज कुछ ही हफ्तों के अंदर आपको खुद-ब-खुद पॉजिटिव असर दिखाई देने लगेगा।

फायदेमंद साबित होगा रस्सी कूदना

बचपन में आप सभी ने कभी न कभी रस्सी जरूर कूदी होगी। अगर आप अपनी वेट लॉस जर्नी को आसान बनाना चाहते हैं, तो बचपन के इस खेल को अपने डेली रूटीन का हिस्सा बना लीजिए। हर रोज रस्सी जरूर कूदें। रस्सी कूदने से आपके शरीर में जमा चर्बी तेजी से पिघल पाएगी। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फिजिकल फिटनेस को बरकरार रखने के लिए स्किपिंग एक अच्छी एक्सरसाइज साबित हो सकती है।

योग और डाइट प्लान पर भी ध्यान दें

इसके अलावा आप शरीर के मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करने के लिए योग की मदद भी ले सकते हैं। अगर आप तेजी से वजन घटाना चाहते हैं तो इन छोटी-छोटी टिप्स को रेगुलरली फॉलो करने के साथ-साथ आप अपने डाइट प्लान में भी कुछ चीजों को शामिल कर सकते हैं। ग्रीन टी, जीरे का पानी, नींबू और शहद का पानी, इस तरह की पोषक तत्वों से भरपूर ड्रिंक्स भी आपकी वेट लॉस जर्नी को आसान बनाने में कारगर साबित हो सकती हैं।

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

सरोजनीनगर के मंदिरों में भी विकास की बयार: परवर पश्चिम स्थित प्राचीनतम जल साईंनाथ शिवधाम के लिए सरकार ने दी 1 करोड़ की मंजूरी, स्थानीय लोगों ने जताई प्रसन्नता

  • सरोजनीनगर के परवर पश्चिम स्थित प्राचीन जल साईंनाथ मंदिर के सौंदर्यीकरण हेतु उत्तर प्रदेश सरकार ने 1 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की।
  • यह स्वीकृति विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा 23 अप्रैल 2025 को पर्यटन मंत्री को भेजे गए पत्र के प्रयासों से संभव हुई।
  • मंदिर परिसर में झील, बैरीकेडिंग और संरचनात्मक विकास कार्यों को पर्यटन विभाग की योजना में शामिल किया गया है।
  • मंदिर ट्रस्ट और स्थानीय नागरिकों ने इस ऐतिहासिक फैसले पर विधायक के प्रति आभार जताया।
  • डॉ. राजेश्वर सिंह के नेतृत्व में अब तक 125 मंदिरों में सोलर लाइट, 26 मंदिरों का सौंदर्यीकरण और कई करोड़ की योजनाएं संचालित हो चुकी हैं।

लखनऊ, 16 जुलाई 2025 | शिव सागर सिंह चौहान | True News Up ब्यूरो : श्रावण मास के प्रथम सोमवार को सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र को एक बड़ी सौगात मिली है। क्षेत्र के परवर पश्चिम स्थित ऐतिहासिक श्री जल साईंनाथ शिवधाम महादेवन मंदिर के सौंदर्यीकरण एवं पर्यटन विकास के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने 1 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। यह उपलब्धि विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह की पहल और अथक प्रयासों का प्रत्यक्ष परिणाम है।

प्राचीन मंदिर को मिलेगा आधुनिक स्वरूप, बढ़ेगा धार्मिक पर्यटन

सरोजनीनगर का यह मंदिर न केवल धार्मिक आस्था और आध्यात्मिक चेतना का केंद्र है, बल्कि स्थानीय सांस्कृतिक धरोहर और सामाजिक एकता का भी प्रतीक रहा है। विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा 23 अप्रैल 2025 को राज्य के पर्यटन मंत्री को लिखे गए पत्र के आधार पर यह स्वीकृति प्राप्त हुई। इस पत्र में उन्होंने मंदिर ट्रस्ट की मांग का समर्थन करते हुए मंदिर को पर्यटन विभाग की सूची में सम्मिलित करने, परिसर में स्थित झील के सौंदर्यीकरण, बैरीकेडिंग और आवश्यक बुनियादी संरचनात्मक विकास कार्यों हेतु धनराशि की मांग की थी।

स्थानीय जनभावनाओं को मिला सम्मान

पूर्व में मंदिर में दर्शन करने पहुचे ग्रामीणों ने जताई प्रसन्नता

मंदिर ट्रस्ट ने जताया आभार

जल साईंनाथ मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष राजेश सिंह सोमवंशी ने इस निर्णय को क्षेत्र की वर्षों पुरानी मांग की पूर्ति बताया। उन्होंने कहा, “यह केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि परवर पश्चिम की सांस्कृतिक आत्मा है।

इस सौंदर्यीकरण से ना केवल श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि क्षेत्र का सर्वांगीण विकास भी सुनिश्चित होगा।” स्थानीय नागरिकों ने भी विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल सरोजनीनगर को धार्मिक पर्यटन के नक्शे पर लाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह का बयान: मंदिर हमारी संस्कृति और सद्भाव के केंद्र

इस अवसर पर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा, “मंदिर केवल आस्था के स्थल नहीं होते, वे हमारी संस्कृति के गौरव और सामाजिक सद्भाव के आधार स्तंभ हैं। हमारा प्रयास है कि इन धार्मिक स्थलों को श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक और पर्यावरण अनुकूल बनाया जाए।” उन्होंने यह भी कहा कि सरकार और जनप्रतिनिधि मिलकर यदि धार्मिक स्थलों के संरक्षण और विकास के लिए गंभीरता से कार्य करें तो धार्मिक पर्यटन को नया आयाम मिल सकता है।

धार्मिक स्थलों के विकास की श्रृंखला में एक और अध्याय

सरोजनीनगर में धार्मिक स्थलों को सशक्त और सुव्यवस्थित करने की दिशा में डॉ. सिंह की यह कोई पहली पहल नहीं है। इससे पूर्व भी उन्होंने धार्मिक संरचनाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु कई ठोस कदम उठाए हैं:

  • CSR फंड के माध्यम से 125 मंदिरों में सोलर लाइट, बेंच और हैंडपंप की स्थापना।
  • 26 मंदिरों के पुनर्निर्माण और सौंदर्यीकरण हेतु आर्थिक सहयोग।
  • रेतेश्वर मंदिर के लिए ₹5.33 करोड़ और झाड़ेश्वर शिव मंदिर के लिए ₹1.00 करोड़ की स्वीकृति शासन से प्राप्त।

डॉ. सिंह के नेतृत्व में धार्मिक स्थलों का यह विकास अभियान केवल आध्यात्मिकता नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, पर्यावरणीय संतुलन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने का माध्यम भी बन रहा है।

विकास और संस्कृति का संगम

डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा लाया गया यह 1 करोड़ रुपये का अनुदान न केवल एक मंदिर के स्वरूप को बदलने वाला है, बल्कि पूरे सरोजनीनगर की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन दृष्टिकोण से पहचान को नया विस्तार देने वाला है। भविष्य में इस तरह के प्रयास यदि निरंतर होते रहे, तो यह क्षेत्र धार्मिक पर्यटन का सशक्त केंद्र बनकर उभरेगा।

रिपोर्ट | True News Up | लखनऊ
मुख्य संपादक: शिवसागर सिंह चौहान
📞 संपर्क: +91 73790 41257
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“महिला सशक्तिकरण से ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव”: सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने रखी महिला नेतृत्व की संकल्पना

“महिला सशक्तिकरण से ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव”: सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने रखी महिला नेतृत्व की संकल्पना“महिला सशक्तिकरण से ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव”: सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने रखी महिला नेतृत्व की संकल्पना
“महिला सशक्तिकरण से ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव”: सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने रखी महिला नेतृत्व की संकल्पना
“महिला सशक्तिकरण से ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव”: सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने रखी महिला नेतृत्व की संकल्पना“महिला सशक्तिकरण से ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव”: सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने रखी महिला नेतृत्व की संकल्पना
  • “बेटियों को सशक्त बनाना केवल सुधार नहीं, राष्ट्र निर्माण है” — डॉ. राजेश्वर सिंह का महिला केंद्रित दृष्टिकोण।
  • सरोजनीनगर में 160 तारा शक्ति केंद्र, 78 बालिका क्लब और ₹13.54 करोड़ से बना बालिका डिग्री कॉलेज बना मिसाल।
  • 31 बालिका विद्यालयों में डिजिटल पैनल और 30 कॉलेजों में डिजिटल लाइब्रेरी से बेटियों को तकनीकी बढ़त।
  • महिलाओं की भागीदारी कोई विशेषाधिकार नहीं, यह भारत की आर्थिक और सामाजिक आवश्यकता है — डॉ. सिंह।
  • UN, World Bank और McKinsey के आंकड़ों से डॉ. सिंह ने महिला सशक्तिकरण के 5 ठोस कारण स्पष्ट किए।

लखनऊ, 16 जुलाई 2025 | True News Up : सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं पूर्व वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी डॉ. राजेश्वर सिंह ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि भारत को सशक्त राष्ट्र के रूप में आगे ले जाने के लिए महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता देना आवश्यक है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक विस्तृत पोस्ट के माध्यम से यह संदेश दिया कि जब तक महिलाएं आत्मनिर्भर नहीं होंगी, तब तक भारत आत्मनिर्भर नहीं बन सकता।

डॉ. सिंह ने लिखा कि महिला सशक्तिकरण केवल एक सामाजिक या राजनीतिक नारा नहीं है, बल्कि यह आर्थिक विकास, सामाजिक स्थायित्व और राष्ट्रीय सुरक्षा से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ा हुआ विषय है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी समाज की असली प्रगति तभी मानी जाती है जब वहां की महिलाएं हर क्षेत्र में बराबरी के साथ भाग ले रही हों।

महिला सशक्तिकरण पर डॉ. राजेश्वर सिंह के मुख्य बिंदु:

  1. आर्थिक भागीदारी की अनिवार्यता:
    डॉ. सिंह के अनुसार महिलाओं की आर्थिक भागीदारी से देश की जीडीपी में तीव्र वृद्धि संभव है। McKinsey Global Institute की रिपोर्ट के अनुसार, यदि भारत लैंगिक असमानता को समाप्त करता है, तो 2025 तक जीडीपी में लगभग 770 बिलियन डॉलर की वृद्धि हो सकती है।
  2. शिक्षा से सामाजिक परिवर्तन:
    उन्होंने कहा कि एक शिक्षित महिला न केवल अपने परिवार को सशक्त बनाती है बल्कि आने वाली पीढ़ी को भी दिशा देती है। UNESCO के आंकड़ों के अनुसार, एक शिक्षित महिला अपने बच्चों की शिक्षा पर पुरुषों की तुलना में अधिक निवेश करती है।
  3. गरीबी उन्मूलन की दिशा में प्रभावी कदम:
    डॉ. सिंह ने बताया कि महिलाएं अपनी आय का 90 प्रतिशत हिस्सा अपने परिवार पर खर्च करती हैं, जिससे गरीबी उन्मूलन और सामाजिक स्थायित्व में मदद मिलती है। यह आंकड़ा UN Women India की रिपोर्ट से सामने आया है।
  4. राजनीतिक और सामाजिक नेतृत्व की आवश्यकता:
    उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारत की संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी को और बढ़ाना होगा। वर्तमान में लोकसभा में महिलाओं की भागीदारी मात्र 15 प्रतिशत है।
  5. समाज में सुरक्षा और न्याय की स्थापना:
    उन्होंने कहा कि लैंगिक समानता वाले समाजों में अपराध की दर कम होती है और सामाजिक संतुलन अधिक होता है। यदि महिलाएं समाज की मुख्यधारा में आएंगी, तो एक बेहतर और सुरक्षित समाज की नींव रखी जा सकेगी।

सरोजनीनगर में महिला सशक्तिकरण की जमीनी पहलें

डॉ. राजेश्वर सिंह ने केवल सैद्धांतिक बातें नहीं कीं, बल्कि अपने क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण को लेकर कई ठोस योजनाएं लागू की हैं। उनके प्रयासों से सरोजनीनगर में महिला सशक्तिकरण को लेकर कई ठोस परिवर्तन देखने को मिले हैं।

  • 160 से अधिक ‘तारा शक्ति’ प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना:
    इन केंद्रों के माध्यम से महिलाओं को सिलाई-कढ़ाई, कढ़ाई-डिजाइनिंग, बुटीक संचालन और अन्य स्वरोजगार आधारित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अब तक 1,600 से अधिक महिलाओं को मुफ्त सिलाई मशीनें वितरित की जा चुकी हैं।
  • 78 गांवों में ‘गर्ल्स यूथ क्लब’ की स्थापना:
    इन क्लबों के माध्यम से किशोरियों को योग, खेल, नेतृत्व विकास व करियर मार्गदर्शन की सुविधा मिल रही है।
  • शैक्षिक संस्थानों का सुदृढ़ीकरण:
    क्षेत्र के 31 बालिका विद्यालयों में स्मार्ट डिजिटल पैनल लगाए गए हैं और 30 डिग्री कॉलेजों में डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना की गई है।
  • लतीफनगर बालिका डिग्री कॉलेज का पुनर्निर्माण:
    कई वर्षों से अधूरा पड़ा यह कॉलेज अब ₹13.54 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन है और जल्द ही संचालित होगा। यह क्षेत्र की बालिकाओं को उच्च शिक्षा के लिए नया अवसर प्रदान करेगा।
  • सरोजनीनगर स्पोर्ट्स लीग में बालिकाओं की भागीदारी:
    इस पहल के तहत बालिकाओं को खो-खो, फुटबॉल, बास्केटबॉल, दौड़, क्रिकेट आदि के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है और प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं।

डॉ. राजेश्वर सिंह की सोच: सेवा, समाधान और सशक्तिकरण

डॉ. सिंह का कहना है कि आज जब देश डिजिटल क्रांति की ओर बढ़ रहा है, तब महिलाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाना आवश्यक हो गया है। चाहे वह शिक्षा हो, स्वास्थ्य हो, डिजिटल ज्ञान हो या स्वरोजगार—हर क्षेत्र में महिलाओं को समान अवसर देने से ही समाज में संतुलन और प्रगति संभव है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि हर क्षेत्र का जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण की दिशा में ठोस प्रयास करे, तो भारत को विश्वगुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता।

डॉ. राजेश्वर सिंह की पहलें दिखाती हैं कि यदि राजनीतिक इच्छाशक्ति हो और नीयत साफ हो, तो महिला सशक्तिकरण को जमीनी स्तर पर वास्तविकता में बदला जा सकता है। सरोजनीनगर आज न केवल लखनऊ में बल्कि प्रदेशभर में एक ऐसे मॉडल के रूप में उभर रहा है, जहां बेटियों को पढ़ने, आगे बढ़ने और नेतृत्व करने के समुचित अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

रिपोर्ट | True News Up | लखनऊ
मुख्य संपादक: शिवसागर सिंह चौहान
📞 संपर्क: +91 73790 41257
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हलवाई जैसे दही भल्ले बनाने के लिए आज़माएं ये आसान तरीका, जाते ही मुंह में घुल जाएंगे

दही-भल्ले का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है, खासकर जब बात उनकी हो जो हलवाई की दुकान पर मिलते हैं! भारत के सबसे लोकप्रिय स्ट्रीट फ़ूड में से एक, दही-भल्ले हर गली-नुक्कड़ पर मिलते हैं और लोग इन्हें बड़े चाव से खाते हैं। लेकिन, कई बार ऐसा होता है कि बाहर खाने पर भी वो परफेक्ट स्वाद नहीं मिल पाता जिसकी हमें उम्मीद होती है। अगर आप भी इस बात से परेशान हैं कि घर पर मुंह में घुल जाने वाले दही-भल्ले कैसे बनाएं तो आज हम आपको बताएंगे दही-भल्ले बनाने की वो पूरी विधि

दही भल्ला बनाने की विधि:

  • सबसे पहले ½ कप उड़द दाल और 4 बड़े चम्मच मूंग दाल को पानी में दो बार अच्छी तरह धो लें। फिर दोनों दालों को रात भर या कम से कम 4 से 5 घंटे के लिए भिगो दें। बाद में सारा पानी निकाल दें। अब एक ग्राइंडर जार में भीगी हुई दाल के साथ ½ चम्मच जीरा और एक चुटकी हींग डालें। आप चाहें तो इसमें 1 चम्मच मोटा कटा हुआ अदरक भी मिला सकते हैं। थोड़ा-थोड़ा पानी  डालते हुए सभी सामग्री को पीसकर एक मुलायम घोल बना लें। बैटर को छूने पर यह दानेदार नहीं लगना चाहिए, बल्कि एकदम चिकना होना चाहिए।
  • पिसे हुए बैटर को एक बाउल में निकाल लीजिए। इसमें अपनी पसंद के अनुसार नमक मिला लें। अब बैटर को कुछ मिनट तक तेजी से हिलाएं (फेंटें)। तेजी से फेंटने से बैटर अधिक हल्का और फूला हुआ हो जाता है। बैटर की सही स्थिरता का परीक्षण करने के लिए एक छोटी कटोरी में थोड़ा पानी लें। इस पानी में 1 चम्मच घोल डालें। अगर बैटर तैरता है, तो इसकी स्थिरता सही है। अगर यह तैरता नहीं है, तो इसका मतलब है कि यह पतला है। बैटर को गाढ़ा करने के लिए इसमें थोड़ा सा सूजी या चावल का आटा मिला सकते हैं। 
  • अब एक कड़ाही में पर्याप्त तेल डालें और उसे गरम करें। जब तेल गरम हो जाए, तो तैयार बैटर से छोटे-छोटे भल्ले बनाकर गरम तेल में सावधानी से डालें। भल्लों को अच्छी तरह से सुनहरा भूरा होने तक पकने दें। जब भल्ले पक जाएं, तो उन्हें तेल से निकाल लें और एक भगोने में लिए गए सादे पानी में डाल दें। भल्लों को पानी में कुछ देर तक भीगने दें ताकि वे नरम हो जाएं।
  • दही भल्ला के लिए दही तैयार करने के लिए, पहले दही को अच्छी तरह फेंट लें ताकि कोई गांठ न रहे। अब इसमें नमक, चीनी, जीरा पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और काली मिर्च पाउडर डालें। सभी सामग्री को अच्छी तरह से मिला लें। आप अपनी पसंद के अनुसार मीठा और मसालेदार स्वाद समायोजित कर सकते हैं। जब भल्ले पानी में अच्छी तरह नरम हो जाएं, तो उन्हें पानी से हल्का निचोड़कर निकाल लें और तैयार दही में डालें। अब दही के साथ भल्ले निकालकर एक प्लेट में डालें। इसे और स्वादिष्ट बनाने के लिए, ऊपर से नमकीन, पापड़ी और अनार के दाने डालें। स्वाद बढ़ाने के लिए ऊपर से हल्का काला नमक छिड़कें। आखिर में, बारीक कटा हुआ धनिया पत्ता डालकर तुरंत परोसें।