Home Blog Page 645

इस एक्ट्रेस ने पति से अलग होने से किया था इनकार,7 साल बाद टूटी थी , आखिरकार मौत को लगाया गले।

70-80 के दशक में बॉलीवुड में कई अभिनेत्रियों ने एंट्री की। सब एक से बढ़कर एक खूबसूरत थीं। कई हीरोइनें उस दौर में ऐसी रहीं दो अपनी चमक बिखेरने में कामयाब रहीं। ऐसी ही एक अभिनेत्री के बारे में आज आपको बताएंगे। इन्होंने अपनी कमाल की एक्टिंग के दम पर सफलता की सीढ़ियां चढ़ीं। फिल्मों के अलावा कई टीवी सीरियलों में भी काम किया और अपने एक्टिंग टैलेंट की बदौलत दर्शकों के दिलों को सालों तक जीतती रहीं। फिल्मी पर्दे पर ये शाहरुख खान की मां भी बनीं। करियर में सफलता हासिल करने वाली इस हसीना की पर्सनल लाइफ जरा भी आसान नहीं रही। जिंदगी में उतार-चढ़ाव देखते हुए उन्होंने 47 की उम्र में ही दुनिया को अलविदा कह दिया। पति से अलग होने के बाद एक्ट्रेस ऐसी टूटी कि कैंसर से जंग लड़ने की हिम्मत भी खो दीं। अब कई सालों के बाद एक्ट्रेस के पति ने इस बारे में बात की है।

7 साल बाद टूटी थी शादी

हम जिस एक्ट्रेस की बात कर रहे हैं ये कोई और नहीं बल्कि प्रिया तेंदुलकर हैं। 19 अक्टूबर 1954 को जन्मीं प्रिया तेंदुलकर का बचपन से ही आर्ट और कल्चर की ओर जुड़ाव था और होता भी क्यों न उनके पिता पद्मभूषण से सम्मानित जाने माने राइटर विजय तेंदुलकर थे। छोटी उम्र में ही प्रिया ने थिएटर में काम करना शुरू कर दिया। इसके बाद उन्होंने फिल्मों और टीवी सीरियल्स का रुख किया। फिल्मों में काम के दौरान ही प्रिया को एक्टर और राइटर करण राजदान से प्यार हो गया। 4 साल की डेटिंग के बाद दोनों ने शादी कर ली। सात साल तक ही दोनों की शादी चली और फिर तलाक हो गया। एक्ट्रेस ये तलाक कभी नहीं चाहती थीं। वो इससे टूट गई थीं। उन्होंने अपने पति से कई बार गुजारिश की थी कि वो तलाक न लें, लेकिन फिर भी पति की जिद पर तलाक हुआ और इसके बाद कैंसर से जूझते हुए प्रिया तेंदुलकर की 2002 में मौत हो गई।

इस वजह से हुए तलाक

अब सालों बाद इस बारे में उनके पति ने बात की है। गौर करने वाली बात है कि उन्होंने आज तक दूसरी शादी नहीं की। प्रिया तेंदुलकर के पति एक्टर और राइटर करण राजदान ने बताया, ‘कोर्टशिप और शादी को मिलाकर हम 11 साल तक साथ रहे। 1999 में हमारा तलाक हुआ। मेरी लाइफ का सबसे ट्रॉमेटिक पीरियड था। मुझे समझ नहीं आ रहा था कि हम साथ कैसे रहे। मैं मैच्योर-इम्मैच्योर जैसा भी था समझ नहीं पा रहा था, उसकी पोजेसिवनेस मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रही थी। जब मैं भटकता नहीं भी था तो भी वो पोजेसिव तो थी। उसकी तरफ से वो प्यार था, लेकिन वो गाना है न बहुत ज्यादा प्यार भी अच्छा नहीं होता।’

नहीं चाहती थीं तलाक

इसी कड़ी में आगे बात करते हुए करण ने जीवन के और भी कई अनसुने पन्ने खोले और बताया, ‘तलाक के बाद उन्हें कैंसर का पता चला। मैं तलाक के बाद भी उनके इस मर्ज के बारे में जानता था, मुझे इस तरह से बताया जा रहा था कि वो ठीक हो रही हैं। मुझे फिर किसी और का फोन आया था कि वो नहीं रहीं। परिवार की ओर से कुछ हद तक गलत जानकारी दी गई, लेकिन अब गलत भी क्या कहें, शायद उन्हें लग रहा था कि वो ठीक हो जाएंगी। वो तलाक नहीं लेना चाहती थी, लेकिन मैं चाहता था, मैं समझ नहीं पा रहा था कि हम साथ कैसे रहेंगे। वो कैंसर से जूझ रही थी और उन्हें कैंसर किस तरह हुआ ये नहीं बताना चाहूं, लेकिन इस पर हमारे बहुत झगड़े भी होते थे।’

ऐसा रहा प्रिया का करियर

इस दौरान करण राजदान ने बताया कि वो प्रिया पर बायोपिक भी लिख चुके हैं, जिसे स्टार प्रवाह पर चलाने की बात भी हुई लेकिन नहीं बनी। इस बातचीत के दौरान करण इमोशनल हो गए और रो भी पड़े। उन्हें अलगवा का पछतावा रहा। बात करें प्रिया के करियर की तो एक्टिंग की दुनिया में आने से पहले उन्होंने 5 स्टार होटल में रिसेप्शनिस्ट की नौकरी की। इसके बाद वो एक एयर होस्टेस बनीं। पार्ट टाइम मॉडलिंग करते हुए उन्हेंने फिल्मों में आने से पहले न्यूज रीडर की नौकरी की। फिल्म श्याम बेनेगल की फिल्म अंकुर (1974) से डेब्यू करने का मौका मिल। टीवी के पॉपुलर शो ‘रजनी’ और ‘हम पांच’ के लिए उन्हें जाना जाता है। त्रिमूर्ती में उन्होंने शाहरुख खान की मां का रोल भी प्ले किया। उनका झुकाव मराठी फिल्मों की और अधिक रहा और यही वजह है कि कई मराठी शोज और फिल्मों में वो नजर आईं।

हेल्थ टिप्स :चक्कर आना और कमजोरी महसूस होना खून की कमी का संकेत तो नहीं? हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए जरूर खाएं ये खास लड्डू।

अगर आपके ब्लड रिपोर्ट में हीमोग्लोबिन का लेवल कम आए तो इसे गंभीरता से जरुर लें। इसे नजरअंदाज करना गलत हो सकता है। खून की कमी नॉर्मल नहीं है और इसका असर आपके शरीर के कई हिस्सों पर पड़ सकता है। खून की कमी से चक्कर आना, कमजोरी, थकान महूसस होना, स्किन का पीला पड़ना और सांस लेने में दिक्कत होती है। महिलाओं को खून की कमी पुरुषों की तुलना में अधिक देखने को मिलती है।  अगर आपको भी उठते-बैठते समय चक्कर आ जाते हैं और आपका हीमोग्लोबिन लेवल भी कम हो रहा है, तो आप अपनी डाइट में सत्तू के लड्डूओं का शामिल करें। यह आपकी थकान, कमजोरी दूर करेगा और आपकी बॉडी को शक्ति प्रदान करेगा।

हीमोग्लोबिन का लेवल बढ़ाने के लिए सत्तू के लड्डू खाएं

– सत्तू के लड्डू आयरन और प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है। यह शरीर को ताकत देता है और स्किन हेल्थ को सुधारता है और स्वीट क्रेविंग्स को भी कम करता है।

– एक लड्डू खाने से दिन में स्वीट क्रेविंग्स भी नहीं होगी। शरीर को ताकत मिलेगी और खून की कमी भी दूर होगी।

– आप सत्तू का चीला भी बना सकते हैं, जो काफी हेल्दी रहेगा ।

– घी, गुड़ और मेवे के साथ सत्तू के लड्डू को आप घर पर बना सकते हैं। इन लड्डू के सेवन से खून की कमी दूर होती है।

– सत्तू में आयरन और फोलेट भरपूर मात्रा में होते हैं। जो खून में रेड ब्लड सेल्स यानी आरबीसी बढ़ाने में मदद करता है।

– रोजाना एक लड्डू के सेवन से आपका हीमोग्लोबिन का लेवल बढ़ेगा। हड्डियां आपकी मजबूत होगी।

Donald Trump Tariff Announcement:डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ ऐलान से वैश्विक हलचल, जानें किस देश ने क्या प्रतिक्रिया दी

 अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया के तमाम देशों के खिलाफ टैरिफ की घोषणा कर दी है। ट्रंप ने टैरिफ की घोषणा करते हुए कहा कि यह मुक्ति दिवस है, एक ऐसा दिन जिसका हम लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। ट्रंप ने इस दौरान कहा कि हमारे देश को अन्य देशों ने लूटा है। उन्होंने कहा कि करदाताओं को 50 से अधिक वर्षों से लूटा जा रहा है, लेकिन अब ऐसा नहीं होने वाला है।

ट्रंप ने क्या कहा?

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “मैं दुनिया भर के देशों पर पारस्परिक (रेसिप्रोकल) टैरिफ लगाने वाले एक ऐतिहासिक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर रहा हूं। रेसिप्रोकल, इसका मतलब है कि वो हमारे साथ जैसा कर रहे हैं, वैसा ही हम उनके साथ करेंगे।” नए टैरिफ रेट के मुताबिक अमेरिका चीन से 34 प्रतिशत, यूरोपीय संघ से 20 फीसदी, जापान से 24 परसेंट और भारत से 26 फीसदी टैरिफ वसूलेगा। ट्रंप की ओर से टैरिफ का ऐलान किए जाने के बाद दुनियाभर से प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। चलिए आपको बताते हैं कि किसने क्या कहा है।

कनाडा करेगा जवाबी कार्रवाई

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने ऐलान किया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए डिस्काउंटेड रेसिप्रोकल टैरिफ के खिलाफ उनका देश जवाबी कदम उठाएगा। पीएम कार्नी ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि कैबिनेट बैठक में इस पर चर्चा होगी कि अमेरिका को किस तरह से जवाब देना है।

‘यह दोस्‍त का काम नहीं’

अमेरिकी टैरिफ को लेकर ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने कहा कि यह पूरी तरह से अनुचित है। उन्होंने कहा कि इस फैसले का इस बात पर असर पड़ेगा कि ऑस्ट्रेलियाई लोग इस रिश्ते को कैसे देखते हैं। उन्होंने  साफ कहा कि यह किसी दोस्त का काम नहीं है।

क्या है ब्रिटेन का रुख ?

अमेरिका ने ब्रिटेन पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने का फैसला लिया है। अमेरिका के डिस्काउंटेड रेसिप्रोकल टैरिफ पर ब्रिटेन ने संयमित प्रतिक्रिया दी है। ब्रिटेन की तरफ से कहा गया है कि वो स्थिति पर नजर रख रहे हैं।

ब्राजील ने क्या कहा?

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ब्राजील पर 10 फीसदी टैरिफ लगाया गया है। ब्राजील की सरकार ने कहा है कि वह अमेरिका के इस फैसले का मूल्यांकन कर रही है। उचित जवाबी कदमों पर विचार किया जा रहा है।

‘यह वर्ल्ड इकनॉमी के लिए गंभीर’

नॉर्वे के व्यापार और उद्योग मंत्री सेसिली मायरसेथ ने कहा, “हम गणना कर रहे हैं और देख रहे हैं कि क्या हुआ है लेकिन यह स्पष्ट है कि यह वर्ल्ड इकनॉमी के लिए गंभीर है। यह हम पर भी असर डालेगा।

स्वीडन का क्या रहा रुख

स्वीडिश प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “स्वीडन मुक्त व्यापार और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के लिए खड़ा रहेगा।”

KKR vs SRH मुकाबला आज : कोलकाता या हैदराबाद, कौन मारेगा बाजी?

कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम 3 अप्रैल को अपने होम ग्राउंड ईडन गार्डन्स स्टेडियम में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मुकाबला खेलने मैदान में उतरेगी। दोनों ही टीमें इस सीजन अब तक 3-3 मुकाबले खेल चुकी हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ एक में ही जीत मिली है। ऐसे में ये मैच केकेआर और एसआरएच दोनों के लिए काफी अहम रहने वाला है। केकेआर का ये उनके घर पर आईपीएल 2025 में दूसरा मुकाबला होगा, जिसमें इससे पहले उन्होंने आरसीबी के खिलाफ यहां पर मैच खेला था और उसमें उन्हें 7 विकेट से हार का सामना करना पड़ा था। दोनों ही टीमों ने अपने पिछले मैच में हार का सामना किया है, ऐसे में वह जीत की पटरी पर लौटना चाहेगी, दोनों टीमों में एक से एक मैच विनर खिलाड़ी मौजूद हैं तो ऐसे में आइए जानते हैं कि मुकाबले में किसका पलड़ा भारी रहने वाला है।

ईडन गार्डन्स स्टेडियम की पिच रिपोर्ट

केकेआर और एसआरएच के बीच आईपीएल 2025 का मुकाबला कोलकाता के ईडन गार्डन्स स्टेडियम में खेला जाएगा। इस स्टेडियम की पिच को लेकर बात की जाए तो यहां पर इस सीजन अब तक एक मैच खेला गया है, जिसमें 170 से अधिक का स्कोर जहां बनते हुए देखने को मिला तो वहीं टारगेट का पीछा करने वाली टीम ने आसानी से इसे हासिल भी कर लिया। इससे साफ समझा जा सकता है कि ईडन गार्डन्स स्टेडियम की पिच बल्लेबाजी के लिए काफी मुफीद है। वहीं टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी का ही फैसला करना चाहेगी ताकि यदि बाद में ओस आती है तो उसका फायदा उनके बल्लेबाजों को मिल सके।

दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग 11

कोलकाता नाइट राइडर्स – क्विंटन डी कॉक (विकेटकीपर), वेंकटेश अय्यर, अजिंक्य रहाणे (कप्तान), रिंकू सिंह, अंगक्रष रघुवंशी, सुनील नारायण, आंद्रे रसेल, रमनदीप सिंह, स्पेंसर जॉनसन, हर्षित राणा, वरुण चक्रवर्ती।

सनराइजर्स हैदराबाद – ट्रेविस हेड, अभिषेक शर्मा, इशान किशन, नितीश रेड्डी, हेनरिक क्लासेन (विकेटकीपर), अनिकेत वर्मा, अभिनव मनोहर, पैट कमिंस (कप्तान), जीशान अंसारी, हर्षल पटेल, मोहम्मद शमी।

सुनील नारायण और अभिषेक शर्मा पर रहेगी नजरें

आईपीएल 2025 के 15वें मैच में कोलकाता नाइट राइडर्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच भिड़ंत देखने को मिलेगी। दोनों ही टीमों से उनके एक-एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी को लेकर बात की जाए तो उसमें केकेआर के लिए सुनील नारायण का प्रदर्शन इस मुकाबले में काफी अहम रहने वाला है क्योंकि अब तक तीन में से 2 मैच नारायण ने खेले लेकिन वह गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों में कुछ खास प्रदर्शन करने में कामयाब नहीं हो सके ऐसे में वह कुछ खास इस मैच में कर सकते हैं। वहीं सनराइजर्स हैदराबाद की तरफ से सभी की नजरें इस मुकाबले में अभिषेक शर्मा के प्रदर्शन पर रहने वाली हैं, जो अब तक तीन मैचों में एक भी बड़ी पारी खेलने में कामयाब नहीं हुए हैं।

कौन जीत सकता है ये मुकाबला

इस मुकाबले के विजेता को लेकर बात की जाए तो दोनों टीमों के मौजूदा फॉर्म को देखते हुए टॉस काफी अहम रहने वाला है, क्योंकि टारगेट का पीछा करने वाली टीम का पलड़ा भारी रह सकता है, जिसमें उसके जीतने के चांस अधिक होंगे। हालांकि क्रिकेट को अनिश्चिताओं का खेल कहा जाता है। ऐसे में इस खेल में किसी भी चीज का अनुमान लगा पाना मुश्किल जरूर है।

बैंकॉक: बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए पीएम मोदी सुबह होंगे रवाना, जानें पूरा कार्यक्रम।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बृहस्पतिवार को दो दिवसीय यात्रा पर थाईलैंड पहुंचेंगे। इस दौरान वह थाईलैंड की प्रधानमंत्री पैतोंगतार्न शिनावात्रा के साथ वार्ता करेंगे और छठे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। मोदी का थाईलैंड में भारतीय समुदाय द्वारा भव्य स्वागत किया जाएगा। वह ‘गवर्नमेंट हाउस’ में शिनावात्रा से मिलेंगे, जहां उनका औपचारिक स्वागत किया जाएगा। बृहस्पतिवार की शाम को प्रधानमंत्री मोदी समुद्री सहयोग पर समझौते के लिए बिम्सटेक (बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग के लिए बंगाल की खाड़ी पहल) नेताओं के साथ शामिल होंगे।

इस सम्मेलन में थाईलैंड, बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल, म्यांमा और भूटान के नेता शिरकत करेंगे। बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में मोदी की भेंट नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली, बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस और म्यांमा के सैन्य जुंटा नेता मिन आंग ह्लाइंग सहित अन्य नेताओं से होगी। थाईलैंड के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता निकोर्नडेज बालनकुरा ने म्यांमा के नेता का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘वह शिखर सम्मेलन के दिन बैठक में शामिल होंगे।’’ म्यांमा में पिछले सप्ताह आए भीषण भूकंप से देश के दूसरे सबसे बड़े शहर मांडले और अन्य हिस्सों में भीषण तबाही हुई।

काठमांडू में हुआ था चौथा बिम्सटेक सम्मेलन

यह 2018 में नेपाल के काठमांडू में चौथे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के बाद बिम्सटेक नेताओं की प्रत्यक्ष रूप से पहली बैठक होगी। पिछला शिखर सम्मेलन मार्च 2022 में कोलंबो में वीडियो कॉन्फ्रेंस प्रारूप में आयोजित किया गया था। मोदी शुक्रवार को थाईलैंड के राजा महा वजीरालोंगकोर्न (जिन्हें रामा दसवें के नाम से भी जाना जाता है) और रानी सुथिदा से भी मुलाकात करेंगे। मोदी और थाईलैंड की प्रधानमंत्री शिनावात्रा वाट फो का दौरा करेंगे जो थाईलैंड के शीर्ष छह मंदिरों में से एक है। यह जगह लेटे हुए बुद्ध की विशाल प्रतिमा के लिए प्रसिद्ध है। लेटे हुए बुद्ध की विशाल प्रतिमा के अलावा, यह मंदिर अपने चारों ओर मौजूद बुद्ध की असंख्य प्रतिमाओं के लिए भी प्रसिद्ध है। यह थाईलैंड में सार्वजनिक शिक्षा के लिए पहला केंद्र था, जहां विज्ञान, धर्म और साहित्य के पाठ्यक्रम उपलब्ध थे।

ये कार्यक्रम

प्रधानमंत्री शुक्रवार सुबह बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे, जहां समूह द्वारा ‘बैंकॉक विजन 2030’ को स्वीकार किए जाने की संभावना है। थाईलैंड सरकार में विदेश मामलों की स्थायी सचिव एक्सिरी पिंटारुची ने कहा कि ‘सक्रिय, लचीला और खुला बिम्सटेक’ विषय, इस क्षेत्रीय समूह की थाईलैंड की अध्यक्षता का मुख्य आकर्षण है। ‘विजन’ दस्तावेज का उद्देश्य बिम्सटेक सहयोग के लिए स्पष्ट दिशा और लक्ष्य निर्धारित करना, इन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रमुख प्राथमिकताओं की पहचान करना, बिम्सटेक को शांति, स्थिरता और आर्थिक स्थिरता के क्षेत्र के रूप में बढ़ावा देना तथा जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने को लेकर सहयोग बढ़ाना है।