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हम मिलकर बनाएंगे यूपी को नंबर वन: ब्रजेश पाठक

हम मिलकर बनाएंगे यूपी को नंबर वन: ब्रजेश पाठक
हम मिलकर बनाएंगे यूपी को नंबर वन: ब्रजेश पाठक
हम मिलकर बनाएंगे यूपी को नंबर वन: ब्रजेश पाठक
  • कहा, प्रदेश को वन ट्रिलियन इकोनॉमी बनाने में स्वास्थ्य विभाग की होगी अहम भूमिका
  • उप मुख्यमंत्री ने इन्वेस्टर फैसिलिटेशन कॉन्फ्रेंस में मेडिकल सेक्टर में निवेश के लिए निवेशकों का किया आह्वान

लखनऊ, 08 अप्रैल2025: हम सब मिलकर उत्तर प्रदेश को देश में नंबर वन बनाएंगे। आज का नया उत्तर प्रदेश किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है। हमारे पास वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा व्यवस्था का मजबूत ढांचा है। हमारी सरकार राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त, सुलभ और आधुनिक बनाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। यह कहना है उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का।
मंगलवार को योजना भवन में आयोजित इन्वेस्टर फैसिलिटेशन कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने स्वास्थ्य विभाग में निवेश करने के लिए निवेशकों को आमंत्रित किया। कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार और निवेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। एक मजबूत स्वास्थ्य प्रणाली किसी भी राज्य की आर्थिक, सामाजिक और मानव विकास की बुनियाद होती है।

निवेश की अपार संभावनाएं: डिप्टी सीएम ने कहा कि प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए हर विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है, जिसमें स्वास्थ्य विभाग का योगदान केंद्रीय होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मेडिकल सेक्टर में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। बड़े शहरों से लेकर छोटे जिलों और ग्रामीण क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाओं की आवश्यकता है, जिससे निवेशकों के लिए व्यापक अवसर उपलब्ध हैं। सरकार मेडिकल कॉलेज, मल्टी-स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, डायग्नोस्टिक सेंटर, मेडिकल उपकरण निर्माण, फार्मास्युटिकल प्लांट और टेलीमेडिसिन सेवाओं जैसी परियोजनाओं में निवेश को प्रोत्साहित कर रही है।

निवेशकों की सुविधा और सुरक्षा हमारी प्राथमिकता: उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार निवेशकों की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। निवेश से संबंधित प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाया गया है। ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस’ के तहत सभी आवश्यक अनुमतियों को समयबद्ध ढंग से प्रदान करने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े नियमों और नीतियों में निवेशकों के हितों के अनुरूप आवश्यक संशोधन भी किए जा रहे हैं। प्रदेश सरकार अंतिम व्यक्ति को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाने के लिए कटिबद्ध है। सरकार की योजनाओं का उद्देश्य सिर्फ इलाज कराना नहीं, बल्कि एक ऐसे हेल्थकेयर इकोसिस्टम का निर्माण करना है जो स्वास्थ्य, रोजगार और नवाचार, तीनों को एक साथ आगे बढ़ाए।

साथ मिलकर करेंगे जनसेवा: डिप्टी सीएम ने निजी क्षेत्र से आग्रह किया कि वे न केवल व्यवसायिक दृष्टिकोण से बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व के भाव से भी स्वास्थ्य क्षेत्र में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जनसंख्या की दृष्टि से उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है। यहां की विशाल जनसंख्या को सस्ती, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवा प्रदान करना हमारी प्राथमिकता है। सरकार और निजी क्षेत्र मिलकर ही इसे पूरा कर सकते हैं। डिप्टी सीएम ने निवेशकों को राज्य सरकार की नीतियों, प्रोत्साहन योजनाओं, भूमि आवंटन की प्रक्रिया और सहयोग तंत्र के विषय में विस्तार से जानकारी दी। निवेशकों ने भी प्रदेश सरकार की योजनाओं की सराहना करते हुए अपने सुझाव और प्रस्ताव साझा किए। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र सेवा का विभाग है इसलिए हम सभी को मिलकर खुले दिल से काम करना है और क्रेडिबल चिकित्सा प्रदान करने के कर्तव्य को निभाने के साथ आगे बढ़ाना है।

इनकी रही उपस्थिति: कॉन्फ्रेंस में राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, प्रमुख सचिव पार्थसारथी सेन शर्मा, एशियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ गैस्ट्रोलॉजी से मुकेश कुमार, रीजेंसी हेल्थकेयर से अभिषेक कपूर, टोरेन्ट हॉस्पिटल से भावेश कुमार, गलगोटिया यूनिवर्सिटी से सुनील गलगोटिया, पार्क हॉस्पिटल से मनोज खन्ना, अपोलो हॉस्पिटल से मयंक सोमानी, चंदन हॉस्पिटल से डॉ० अमर सिंह, इंटीग्रल यूनिवर्सिटी से डॉ० सैयद वसीम अख्तर, सर्वोदय हॉस्पिटल से आशीष सूद, यशोदा हॉस्पिटल से डॉ० पीएन अरोड़ा व डॉ० उपासना अरोड़ा, रेनबो हॉस्पिटल से प्रशांत वशिष्ठ, फोर्टिस हेल्थकेयर से विवेक सूद, मेदांता हॉस्पिटल से डॉ० राकेश कपूर, मेट्रो ग्रुप आफ अस्पताल से गौरव गुप्ता, कैलाश ग्रुप आफ हॉस्पिटल से डॉ० पल्लवी शर्मा, माक सॉफ्टवेयर से राजीव अग्रवाल, मैक्स हॉस्पिटल से डॉ० केशव गुप्ता, हेल्थ सिटी से संदीप कपूर, ग्लोबल हेल्थ केयर से शैलेश कुमार, शारदा हॉस्पिटल से यतेंद्र कुमार गुप्ता, श्रीराम मूर्ति स्मारक ट्रस्ट से देव मूर्ति, हेरीटेज हेल्थ केयर प्राइवेट लिमिटेड से अंशुमान राय, जीवीके ग्रुप से टीवीएस के रेडी, कृष्णा डायग्नोसिस से पल्लवी, टाटा वन एम जी से प्रशांत टंडन, महाजन डायग्नोसिस से हर्ष महाजन, शांति फाउंडेशन से विनय श्रीवास्तव, ग्लोबल हेल्थ केयर से दीपक अग्रवाल, बैंक ऑफ़ बड़ौदा से समीर राजन पाण्डा, आइसीआइसीआइ बैंक से अभिषेक पाराशर, एचडीएफसी से अनुभव मिद्धा सहित कई बैंकों के प्रतिनिधि, निवेशक, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, यूपीसीडा, अग्निशमन विभाग, इन्वेस्ट यूपी, नोएडा अथॉरिटी, पुलिस, प्रशासन एवं अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।

सक्रिय सदस्य सम्मेलन में बोले विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह: मोदी युग के 11 वर्षों की गौरवगाथा ऐतिहासिक उपलब्धियों से भरी रही

सक्रिय सदस्य सम्मेलन में बोले विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह: मोदी युग के 11 वर्षों की गौरवगाथा ऐतिहासिक उपलब्धियों से भरी रही
सक्रिय सदस्य सम्मेलन में बोले विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह: मोदी युग के 11 वर्षों की गौरवगाथा ऐतिहासिक उपलब्धियों से भरी रही
सक्रिय सदस्य सम्मेलन में बोले विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह: मोदी युग के 11 वर्षों की गौरवगाथा ऐतिहासिक उपलब्धियों से भरी रही
  • सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने भाजपा सक्रिय सदस्य सम्मेलन में मोदी सरकार की 11 वर्षों की उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
  • भारत की अर्थव्यवस्था, वैश्विक नेतृत्व, महिला सशक्तिकरण, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे विषयों को आंकड़ों सहित प्रस्तुत किया गया।
  • कश्मीर में धारा 370 हटने के बाद से हुए परिवर्तन, G-20 की अध्यक्षता और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की भूमिका को रेखांकित किया गया।
  • सम्मेलन में महापौर सुषमा खर्कवाल, एमएलसी संतोष सिंह सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।
  • सरोजनीनगर में 100 से अधिक मंदिरों का सौंदर्यीकरण, महिला सशक्तिकरण हेतु तारा शक्ति केंद्र जैसे स्थानीय विकास कार्यों का विवरण भी प्रस्तुत किया गया।

लखनऊ, 08 अप्रैल 2025: सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने मंगलवार को अपने आवास पर आयोजित भारतीय जनता पार्टी के सक्रिय सदस्य सम्मेलन में मोदी सरकार के 11 वर्षों की ऐतिहासिक उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह कालखंड भारत के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज किया जाएगा। सम्मेलन में उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों, योजनाओं और उपलब्धियों को तथ्यों और आंकड़ों सहित रखते हुए बताया कि किस प्रकार मोदी-योगी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है।

विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने जिस आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक पुनर्जागरण का अनुभव किया है, वह अभूतपूर्व है। भारत जो कभी “फ्रेज़ाइल फाइव” देशों की सूची में था, आज विश्व की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो चुका है। उन्होंने कहा कि 2014 में जहाँ देश निराशा, भ्रष्टाचार और अस्थिरता के वातावरण में था, वहीं अब देश आत्मनिर्भरता, नवाचार और वैश्विक नेतृत्व की दिशा में अग्रसर है।

अपने संबोधन में विधायक ने आर्थिक उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि भारत का निर्यात $450 अरब से बढ़कर $800 अरब तक पहुँच चुका है। प्रत्यक्ष विदेशी निवेश 597 अरब डॉलर से अधिक हो गया है और देश अब पाँचवीं सबसे बड़ी विदेशी मुद्रा भंडार वाली अर्थव्यवस्था बन चुका है। जन-धन योजना और डीबीटी क्रांति के माध्यम से 52 करोड़ बैंक खाते खोले गए, जिसमें 65% ग्रामीण क्षेत्रों में हैं, और 3 लाख करोड़ रुपये की बचत बिचौलियों की भूमिका खत्म करके सुनिश्चित की गई है। उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान की सफलता की चर्चा करते हुए बताया कि 9 करोड़ से अधिक शौचालयों के निर्माण से ग्रामीण भारत की स्वास्थ्य स्थिति में व्यापक सुधार हुआ है। इससे हर वर्ष लगभग ₹50,000 करोड़ की स्वास्थ्य लागत की बचत हो रही है। आयुष्मान भारत योजना के तहत 6 करोड़ से अधिक परिवारों को निःशुल्क इलाज की सुविधा मिली है।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में उज्ज्वला योजना के तहत 9.6 करोड़ महिलाओं को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन प्रदान किए गए हैं। मुद्रा योजना के अंतर्गत ₹32 लाख करोड़ रुपये के ऋण वितरित हुए हैं, जिनमें 68% लाभार्थी महिलाएं हैं। तीन तलाक जैसे कुप्रथा पर प्रतिबंध लगाकर मुस्लिम महिलाओं को सम्मान और न्याय दिलाया गया है। सरोजनीनगर क्षेत्र में 150 तारा शक्ति केंद्र (सिलाई सेंटर) खोले गए हैं, जिससे हजारों महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। विधायक ने कहा कि मोदी-योगी सरकार ने धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के पुनरुत्थान को भी प्राथमिकता दी है। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, 4100 करोड़ की लागत से काया कल्प, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और महाकाल लोक जैसे आस्था केंद्रों के विकास से देश की सांस्कृतिक चेतना को पुनर्जीवित किया गया है। इसी क्रम में सरोजनीनगर में 100 से अधिक मंदिरों में सौंदर्यीकरण, 185 बेंच, 74 सोलर लाइट्स और ₹3.73 करोड़ की लागत से कार्य किए गए हैं।

इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में परिवर्तन का उल्लेख करते हुए विधायक ने बताया कि 2014 में प्रतिदिन 12 किमी सड़क बनती थी, जो अब 30.4 किमी प्रतिदिन तक पहुँच गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क में 60% से अधिक की वृद्धि हुई है। ‘मेक इन इंडिया’ के अंतर्गत भारत अब ब्रह्मोस मिसाइल, तेजस और सुखोई विमान, यहां तक कि चंद्रयान जैसे अभियानों में आत्मनिर्भर हो चुका है। 1.6 लाख से अधिक स्टार्टअप्स पंजीकृत हैं, जिनमें से 100 यूनिकॉर्न बन चुके हैं। इनसे 16.6 लाख से अधिक रोजगार उत्पन्न हुए हैं। कश्मीर के विषय में डॉ. सिंह ने बताया कि जहाँ कभी बारूद और पत्थरों का बोलबाला था, वहाँ अब कैमरे क्लिक हो रहे हैं। अनुच्छेद 370 हटने के बाद पत्थरबाजी की घटनाओं में 91% की गिरावट आई है और 2023 तक 2 करोड़ से अधिक पर्यटक कश्मीर की वादियों में पहुँचे हैं।

कृषि क्षेत्र की बात करते हुए उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत 11.8 करोड़ किसानों को ₹3 लाख करोड़ वितरित किए गए हैं। फसल बीमा योजना से 42.31 करोड़ किसानों को लाभ मिला है। खेल क्षेत्र में किए गए प्रयासों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया, फिट इंडिया, और टॉप्स स्कीम के माध्यम से ओलंपिक और पैरालंपिक में देश ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है। सरोजनीनगर में भी स्पोर्ट्स लीग का आयोजन कर 12,000 से अधिक खिलाड़ियों को मंच मिला है और 200 से अधिक यूथ क्लब स्थापित किए गए हैं। उन्होंने वैश्विक नेतृत्व में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने G-20 की सफल अध्यक्षता की, कोविड वैक्सीन डिप्लोमेसी के तहत 97 देशों को 11.54 करोड़ डोज भेजे, QUAD और BRICS जैसे मंचों पर भारत की भूमिका निर्णायक रही है। उन्होंने बताया कि सरकार ने ₹48,000 करोड़ ईरान का ऋण, ₹40,000 करोड़ UAE का ऋण, ₹1.33 लाख करोड़ तेल कंपनियों का घाटा और ₹2.5 लाख करोड़ विदेशी कर्ज चुकाकर आर्थिक सशक्तिकरण का प्रमाण प्रस्तुत किया है।

विधायक ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आज भारत और उत्तर प्रदेश विकास, सुरक्षा, संस्कृति और सशक्तिकरण के नए युग में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने सक्रिय कार्यकर्ताओं को भाजपा की रीढ़ बताते हुए आह्वान किया कि 2024 के लोकसभा चुनाव में एक बार फिर मोदी सरकार को प्रचंड बहुमत से विजयी बनाने हेतु सभी कार्यकर्ता जुट जाएं। इस सम्मेलन में प्रमुख रूप से लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विधान परिषद सदस्य संतोष सिंह, जिला उपाध्यक्ष एवं जिला संचालन कार्यक्रम अभियान प्रभारी अरविंद यादव, कार्यक्रम अभियान प्रभारी महानगर संचालन रमाशंकर त्रिपाठी, संयोजक कार्यक्रम भुवेंद्र प्रताप सिंह ‘मुन्ना’, कार्यक्रम संयोजक पार्षद कृष्ण नारायण सिंह, मंडल अध्यक्ष खुशहालगंज शिव बक्श सिंह, अर्जुनगंज मंडल अध्यक्ष मोहित तिवारी, सरोजनीनगर मंडल अध्यक्ष विवेक राजपूत, सरोजनी नगर दक्षिण प्रथम मंडल अध्यक्ष के.के. श्रीवास्तव, दक्षिण द्वितीय मंडल अध्यक्ष शिव शंकर विश्वकर्मा एवं दक्षिण तृतीय मंडल अध्यक्ष विनोद मौर्य उपस्थित रहे।

उत्तर प्रदेश जलशक्ति विभाग में पारदर्शी पदस्थापन प्रक्रिया: 18 सहायक अभियंताओं को ऐच्छिक विकल्प के आधार पर किया गया पदस्थापित

उत्तर प्रदेश जलशक्ति विभाग में पारदर्शी पदस्थापन प्रक्रिया, 18 सहायक अभियंताओं को ऐच्छिक विकल्प के आधार पर किया गया पदस्थापित
उत्तर प्रदेश जलशक्ति विभाग में पारदर्शी पदस्थापन प्रक्रिया, 18 सहायक अभियंताओं को ऐच्छिक विकल्प के आधार पर किया गया पदस्थापित
उत्तर प्रदेश जलशक्ति विभाग में पारदर्शी पदस्थापन प्रक्रिया, 18 सहायक अभियंताओं को ऐच्छिक विकल्प के आधार पर किया गया पदस्थापित
  • उत्तर प्रदेश लघु सिंचाई विभाग में 18 सहायक अभियंताओं का पारदर्शी ढंग से पदस्थापन
  • ज्येष्ठता क्रम में अभियंताओं द्वारा चयनित ऐच्छिक विकल्पों के आधार पर किया गया स्थान निर्धारण
  • जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह की उपस्थिति में हुआ ऐतिहासिक और पारदर्शी आयोजन
  • नवप्रोन्नत अभियंताओं ने पारदर्शी प्रक्रिया पर जताया संतोष
  • भूजल स्तर सुधार, जल संचयन और कृषकों को लाभ पहुंचाने पर विशेष जोर
  • विभागीय योजनाओं को पारदर्शिता व ईमानदारी से लागू करने का निर्देश
  • प्रमुख सचिव, सचिव, मुख्य अभियंता सहित वरिष्ठ अधिकारी कार्यक्रम में रहे उपस्थित

लखनऊ, 08 अप्रैल 2025 | True News UP ब्यूरो: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सुशासन और पारदर्शिता की नीति को आगे बढ़ाते हुए जलशक्ति विभाग द्वारा एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। लघु सिंचाई विभाग के अंतर्गत नवप्रोन्नत 18 सहायक अभियंताओं (द्वितीय श्रेणी) का पदस्थापन पूरी तरह पारदर्शी एवं ऐच्छिक विकल्प चयन प्रणाली के माध्यम से संपन्न हुआ। यह आयोजन उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) सभागार, लखनऊ में जलशक्ति मंत्री श्री स्वतंत्र देव सिंह की उपस्थिति में संपन्न हुआ।

पारदर्शी प्रक्रिया में ज्येष्ठता व ऐच्छिक विकल्प को दी गई वरीयता

इस प्रक्रिया में अभियंताओं ने ज्येष्ठता क्रम में अपनी पसंद के स्थान (पोस्टिंग) का चयन किया, जिसे विभाग द्वारा उसी क्रम में मान्यता दी गई। इस व्यवस्था के तहत न केवल योग्यता और वरिष्ठता का सम्मान किया गया, बल्कि पूरी प्रक्रिया को स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न किया गया।

नवप्रोन्नत अभियंताओं ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी व्यवस्था से न केवल कार्य के प्रति उत्साह बढ़ता है, बल्कि विभागीय पारदर्शिता में भी विश्वास मजबूत होता है।

जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का संदेश: “कृषकों तक पहुंचे योजनाओं का सीधा लाभ”

कार्यक्रम के दौरान जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने सभी नवप्रोन्नत अभियंताओं को बधाई देते हुए कहा:

“आप सभी को पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से मिले नए दायित्वों पर कार्य करते हुए पूर्ण ईमानदारी, पारदर्शिता और समर्पण दिखाना चाहिए। विभागीय योजनाओं का सीधा लाभ प्रदेश के कृषकों तक पहुंचे, यही हमारी प्राथमिकता है।”

उन्होंने विशेष रूप से भूजल स्तर में सुधार, वर्षा जल संचयन, जल संरक्षण, और लघु सिंचाई योजनाओं को प्राथमिकता देते हुए कार्य करने पर बल दिया। साथ ही अधिकारियों व कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री द्वारा निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।

प्रमुख अधिकारी भी रहे उपस्थित

इस अवसर पर विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें प्रमुख रूप से:

  • अनुराग श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव, नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग
  • डॉ. राजशेखर, सचिव, नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग
  • देवेन्द्र कुमार, मुख्य अभियंता, लघु सिंचाई विभाग
  • अन्य संबंधित अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ भी उपस्थित रहे।

उत्तर प्रदेश सरकार की “पारदर्शिता और सुशासन” की नीति को और मजबूत करता यह आयोजन, न केवल प्रशासनिक दृष्टि से एक आदर्श है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि सरकारी तंत्र अब अधिक जवाबदेह, संवेदनशील और पारदर्शी हो चुका है। जलशक्ति विभाग की यह पहल निश्चित रूप से युवाओं में विश्वास, और कृषकों के बीच भरोसा बढ़ाने वाला कदम है।

True News Up | लखनऊ
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यूपी के डीजीपी प्रशांत कुमार की सख्त चेतावनी: पत्रकारिता की आड़ में अपराध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, पुलिस द्वारा की जाएगी कड़ी कार्रवाई

यूपी के डीजीपी प्रशांत कुमार की सख्त चेतावनी: पत्रकारिता की आड़ में अपराध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, की जाएगी कड़ी कार्रवाई
यूपी के डीजीपी प्रशांत कुमार की सख्त चेतावनी: पत्रकारिता की आड़ में अपराध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, की जाएगी कड़ी कार्रवाई
यूपी के डीजीपी प्रशांत कुमार की सख्त चेतावनी: पत्रकारिता की आड़ में अपराध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, की जाएगी कड़ी कार्रवाई
  • पत्रकारिता की आड़ में अपराध करने वालों पर अब सख्त कार्रवाई होगी।
  • कुछ लोग खुद को पत्रकार बताकर ब्लैकमेलिंग, धोखाधड़ी और फ्रॉड कर रहे हैं।
  • ये लोग सोशल मीडिया पर सक्रिय रहकर झूठ फैलाते और दबाव बनाते हैं।
  • फर्जी पत्रकार पुलिस के नाम से ट्विटर हैंडल चला रहा था, अकाउंट हटाया गया।
  • ऐसे गिरोह में महिलाएं भी शामिल हैं, और आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

लखनऊ, 08 अप्रैल 2025: उत्तर प्रदेश में पत्रकारिता का नाम लेकर कुछ लोग अब अपराध की दुकान चला रहे हैं। खुद को पत्रकार बताकर कुछ लोग न सिर्फ झूठी पहचान बना रहे हैं, बल्कि उसका उपयोग कर ब्लैकमेलिंग, ठगी और दवाब बनाने जैसे अपराधों को अंजाम दे रहे हैं। इस प्रवृत्ति को लेकर अब उत्तर प्रदेश पुलिस ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है, हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान डीजीपी प्रशांत कुमार ने इस गंभीर मुद्दे पर स्पष्ट और सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि अब ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी जो लोकतंत्र के चौथे स्तंभ/मीडिया का दुरुपयोग कर रहे हैं।

लोकतंत्र के स्तंभों को नहीं बनने देंगे अपराध का औजार

डीजीपी प्रशांत कुमार ने कहा कि लोकतंत्र के चार स्तंभों में से एक मीडिया है, लेकिन आजकल कुछ लोग इसी स्तंभ की आड़ लेकर अपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं।
उन्होंने कहा- “अपराधी मानसिकता वाले लोग पत्रकारिता के नाम पर सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं और लोगों को गुमराह कर रहे हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है और आगे भी की जाएगी।”

सोशल मीडिया बना अपराधियों का नया हथियार

डीजीपी ने बताया कि ऐसे फर्जी पत्रकार खास तौर पर सोशल मीडिया पर ज्यादा सक्रिय रहते हैं। वे किसी प्रभावशाली व्यक्ति को टारगेट करते हैं, उसके खिलाफ उल्टा-सीधा, अपमानजनक या झूठा कंटेंट पोस्ट करते हैं और फिर उस व्यक्ति से समझौते के नाम पर धोखाधड़ी और वसूली करते हैं। ये अपराधी मीडिया की आड़ लेकर खुद को असली पत्रकार की तरह पेश करते हैं, जिससे वे कानून और समाज दोनों को गुमराह करते हैं।

एटा के कथित पत्रकार का उदाहरण : झूठी पहचान, बड़ा खेल

डीजीपी द्वारा जिस घटनाक्रम की चर्चा की गई, उसमें एटा जिले का एक कथित पत्रकार पुलिस के नाम पर सोशल मीडिया हैंडल चला रहा था। वह खुद को एक जिम्मेदार अधिकारी बताकर धोखाधड़ी में शामिल था। ट्विटर ने उसका अकाउंट डिलीट कर दिया है, लेकिन यह पहला मामला नहीं है। उक्त व्यक्ति इससे पहले फर्जी विजिलेंस इंस्पेक्टर बनकर भी लोगों को धोखा देने की कोशिश कर चुका है। उसके साथ-साथ कई अन्य कथित पत्रकार भी इस गिरोह में शामिल हैं, जिन पर अब यूपी पुलिस की पैनी नजर है।

महिलाएं भी इस जाल में शामिल

डीजीपी ने बताया कि केवल पुरुष ही नहीं, बल्कि कई महिलाएं भी इन फर्जी पत्रकार गैंग्स का हिस्सा हैं। ये लोग सोशल मीडिया पर बेहद एक्टिव हैं और अपने पोस्ट्स के ज़रिए समाज और शासन में भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं। दबाव बनाकर, धमकी देकर और बदनामी कर के ये लोग निजी हित साधने का प्रयास करते हैं।

डीजीपी की खुली चेतावनी: कार्रवाई के लिए तैयार रहें

डीजीपी प्रशांत कुमार ने स्पष्ट कर दिया है कि ऐसे लोगों को अब बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने कहा- “जो भी पत्रकारिता के नाम पर कानून का मजाक बनाएगा, लोकतंत्र की छवि खराब करेगा, उस पर सख्त से सख्त कार्रवाई होगी।” पुलिस की टीमें इन मामलों की निगरानी कर रही हैं और आने वाले समय में ऐसे और फर्जी पत्रकारों पर शिकंजा कसा जाएगा।

बच्चों को बार-बार नेबुलाइज़र देना पड़ सकता है भारी, जानें इसके संभावित नुकसान

जब भी बच्चे के सीने में जकड़न और सांस लेने में तकलीफ होती है, तो डॉक्टर कई बार बच्चे को नेबुलाइजर लगाने की सलाह देते हैं। इसके जरिए बच्चे को कंजेशन रिलीफ की जवा दी जाती है। जिससे बच्चे को सर्दी-जुकाम जैसी समस्या से राहत मिलती है। लेकिन बच्चे को हर बार सर्दी-जुकाम होने पर पेरेंट्स उनको हर बार प्रिसक्राइब दवा और नेबुलाइजर देने लगते हैं। जोकि बच्चे के सेहत के लिए काफी हार्मफुल हो सकता है। वहीं बार-बार ऐसा करना बच्चे की सेहत के साथ खिलवाड़ करने जैसा है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि बिना डॉक्टर के प्रिसक्राइब किए नेबुलाइजर देने के क्या नुकसान होते हैं।

नेबुलाइजर कब दिया जाता है

डॉक्टर बच्चों को नेबुलाइजर लगाने की सलाह तब देते हैं, जब उनको लोअर एयरवे की समस्या होती है या बच्चे को सांस लेने में तकलीफ होती है। आमतौर पर बच्चे के चेस्ट की आवाज को स्टेथेस्कोप से सुनने के बाद ही डॉक्टर यह प्रिस्क्रिप्शन देते हैं। वहीं अगर बच्चे को सर्दी-जुकाम हुआ है, तो बिना स्टेथेस्कोप के आप यह नहीं जान सकते हैं कि उनको लोअर एयरवे की समस्या है या फिर अपर एयरवे की। ऐसे में बच्चे को नेबुलाइजेशन देना उनको हार्म पहुंचा सकता है।

जानिए स्टियरॉइड वाली दवा के नुकसान

आमतौर पर बच्चे के नेबुलाइजर में डाली जाने वाली दवा स्टियरॉइड होती है। जिसके अपने कुछ साइड इफेक्ट होते हैं। यदि डॉक्टर की सलाह के बिना इन दवाओं का बार-बार इस्तेमाल किया जाए, तो इससे बच्चा ज्यादा बीमार हो सकता है।

निमोनिया का खतरा

बता दें कि नेबुलाइजर के पाइप में पानी के कारण से नमी होती है। नमी की वजह से बैक्टीरिया पनपनते हैं। ऐसे में जब आप घर में काफी समय से रखी नेबुलाइजर मशीन को बच्चे को मुंह पर लगा देते हैं, तो उसमें मौजूद बैक्टीरिया बच्चे के चेस्ट में चले जाते हैं। जिसके वजह से बच्चे को निमोनिया का खतरा हो सकता है।

नेबुलाइजर देना हो सकता है खतरनाक

हेल्थ एक्सपर्ट ने सर्दी-जुकाम होने पर बार-बार नेबुलाइजर यूज करने वाले माता-पिता को इसके साइड इफेक्ट के बारे में बताया है। ऐसे में बच्चे को हर बार जुकाम होने पर नेबुलाइजर देना खतरनाक हो सकता है।