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Health Tips:लिवर को धीरे-धीरे खत्म कर देती है ये खतरनाक बीमारी, 99% लोग नहीं करते इसे नजरअंदाज!

ब्लड प्रेशर को अक्सर लोग हल्के में लेते हैं, लेकिन यह एक साइलेंट किलर है. भारत में लाखों लोग हाइपरटेंशन से जूझ रहे हैं और इनमें से ज्यादातर को पता ही नहीं चलता कि उनका ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ है. अगर समय पर पहचान और इलाज न हो, तो यह हार्ट अटैक, स्ट्रोक, किडनी फेल्योर और आंखों की रोशनी खोने जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है.

क्यों बढ़ता है ब्लड प्रेशर?

ब्लड प्रेशर बढ़ने के कई कारण हैं. सबसे आम कारण है ज्यादा नमक और जंक फूड का सेवन. इसके अलावा मोटापा, शारीरिक गतिविधियों की कमी और लगातार तनाव भी ब्लड प्रेशर को बढ़ाते हैं. धूम्रपान और शराब का सेवन, पारिवारिक हिस्ट्री और उम्र बढ़ना भी रिस्क फैक्टर हैं. हाई बीपी धीरे-धीरे शरीर को नुकसान पहुंचाता है, इसलिए इसे कंट्रोल करना जरूरी है.

कैसे पहचानें ब्लड प्रेशर के लक्षण?

अक्सर हाई बीपी के शुरुआती लक्षण नजर नहीं आते, लेकिन जब ब्लड प्रेशर ज्यादा बढ़ता है तो शरीर संकेत देता है. सर्वोदय अस्पताल, ग्रेटर नोएडा वेस्ट के कंसल्टेंट इंटरनल मेडिसिन, डॉ. पंकज रेलन बताते हैं कि ब्लड प्रेशर बढ़ने पर सिर में भारीपन या दर्द, चक्कर आना, धुंधला दिखना, घबराहट, थकान और दिल की धड़कन तेज होना जैसे लक्षण हो सकते हैं. गंभीर मामलों में नाक से खून भी आ सकता है. अगर ये लक्षण बार-बार दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से चेकअप कराना चाहिए.

हाई ब्लड प्रेशर के खतरे

ब्लड प्रेशर सिर्फ एक बीमारी नहीं है, बल्कि यह कई गंभीर बीमारियों की जड़ है. अनकंट्रोल्ड ब्लड प्रेशर से हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है. यह किडनी को भी नुकसान पहुंचाता है और समय के साथ किडनी फेल्योर हो सकता है. इसके अलावा आंखों की रोशनी कमजोर हो सकती है, जिससे विजन प्रॉब्लम बढ़ती है.

ब्लड प्रेशर को कंट्रोल कैसे करें?

ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने के लिए लाइफस्टाइल में बदलाव जरूरी है. सबसे पहले रोजाना ब्लड प्रेशर की जांच करें. नमक और प्रोसेस्ड फूड का सेवन कम करें. शराब और धूम्रपान से दूरी बनाएं. रोजाना कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज करें और तनाव कम करने के लिए योग व मेडिटेशन करें. डॉक्टर की सलाह के बिना दवा बंद न करें, क्योंकि दवा छोड़ने से बीपी अचानक बहुत ज्यादा बढ़ सकता है, जो जानलेवा साबित हो सकता है.

अगर आपको ब्लड प्रेशर के लक्षण दिख रहे हैं या फैमिली हिस्ट्री है तो नियमित चेकअप जरूर कराएं. समय रहते ध्यान देने पर ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करना आसान है और इससे जुड़ी गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है.

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

दिल्ली में नया नियम: अब बिना CCTV कैमरे के नहीं बिकेगी दवा, पर्चा दिखाए बिना नहीं मिलेगी कोई भी मेडिसिन

दिल्ली सरकार ने दवाओं की अवैध बिक्री और नशे की बढ़ती समस्या को रोकने के लिए बड़ा और सख्त कदम उठाया है. राजधानी की हर मेडिकल शॉप में अब सीसीटीवी कैमरे लगाना जरूरी होगा. हेल्थ डिपार्टमेंट ने साफ कर दिया है कि 31 जुलाई 2025 तक दिल्ली की सभी फार्मेसियों में निगरानी के लिए कैमरे लगाए जाएं. इस फैसले का मकसद बिना डॉक्टर की पर्ची बिक रही नशीली और ड्यूल यूज दवाओं पर रोक लगाना है.

मीटिंग में तय हुई यह बात

हेल्थ डिपार्टमेंट ने इस बाबत दिल्ली ऑल केमिस्ट असोसिएशन और रिटेल डिस्ट्रीब्यूशन केमिस्ट अलायंस को नोटिस भेजकर इस नियम का पालन सुनिश्चित करने को कहा है. यह फैसला 18 जुलाई 2025 को हुई नारकोटिक्स कंट्रोल (NCORD) बैठक में लिया गया. इस बैठक में चिंता जताई गई कि दिल्ली में कई मेडिकल स्टोर बिना पर्ची के नशीली दवाएं बेच रहे हैं, जो खासकर युवाओं में नशे की लत को बढ़ावा दे रही हैं.

क्या हैं ड्यूल यूज दवाएं?

ड्यूल यूज दवाएं ऐसी दवाएं होती हैं, जिनका इस्तेमाल इलाज के लिए किया ही जाता है, लेकिन इन्हें नशे या गैर-चिकित्सकीय कामों में भी इस्तेमाल किया जा सकता है. खास तौर पर Schedule H, H1 और X श्रेणी की दवाएं, जिन्हें सिर्फ डॉक्टर की सलाह पर बेचा जाना चाहिए. हालांकि, हकीकत में कई बार ये दवाएं बिना पर्ची के आसानी से मिल जाती हैं. इससे न सिर्फ कानून का उल्लंघन हो रहा है, बल्कि समाज में नशे की समस्या भी बढ़ रही है.

सरकार के रडार पर हैं ये दवाएं

    • Schedule H: दर्द निवारक और मौसमी फ्लू की आम दवाएं – सबसे ज़्यादा बिकने वाली कैटेगरी.
    • Schedule H1: थोड़े सख्त नियमों वाली दवाएं, बिक्री का रिकॉर्ड रखना जरूरी.
    • Schedule X: साइकोटिक ड्रग्स जैसी बेहद नियंत्रित दवाएं. बिना मेडिकल प्रिस्क्रिप्शन के नहीं बिक सकतीं.

इन दवाओं के लिए पहले से ही मेडिकल दुकानों को डॉक्टर और मरीज की जानकारी दर्ज करने का नियम है, लेकिन अब CCTV कैमरे भी अनिवार्य कर दिए गए हैं.

सीसीटीवी से कैसे होगा फायदा?

हेल्थ डिपार्टमेंट का मानना है कि फार्मेसियों में सीसीटीवी कैमरे लगने से दवाओं की बिक्री पर कड़ी नजर रखी जा सकेगी. अगर कोई केमिस्ट बिना पर्ची के दवा बेचता है तो वह कैमरे में रिकॉर्ड हो जाएगा. इससे ऐसे मामलों में कार्रवाई करना आसान होगा. कैमरे न सिर्फ दवाओं की अवैध बिक्री पर लगाम लगाएंगे, बल्कि फार्मेसियों को नियमों का पालन करने के लिए भी मजबूर करेंगे.

क्यों जरूरी है यह कदम?

दिल्ली सरकार इस कदम को जनता की सुरक्षा और खासकर युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए बेहद जरूरी मान रही है. नशाखोरी आज एक गंभीर सामाजिक समस्या बन चुकी है. कई बार बिना पर्ची के मिलने वाली दवाएं नशे के लिए इस्तेमाल हो रही हैं, जिससे युवाओं का भविष्य खतरे में पड़ रहा है. सरकार का यह कदम न सिर्फ कानून का पालन सुनिश्चित करेगा, बल्कि समाज को नशे की बुराई से बचाने में भी मदद करेगा.

केमिस्टों के लिए सख्ती

दिल्ली सरकार ने मेडिकल स्टोर्स को इस निर्देश का पालन करने के लिए सख्त समयसीमा तय की है. 31 जुलाई 2025 तक सभी फार्मेसियों को सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे. अगर कोई इस नियम को तोड़ता है या समयसीमा के बाद भी कैमरे नहीं लगाता तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. स्वास्थ्य विभाग ने साफ कर दिया है कि इस मामले में कोई ढील नहीं दी जाएगी.

क्या होगा भविष्य?

दिल्ली सरकार का यह फैसला न सिर्फ राजधानी के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए मिसाल बन सकता है. अगर यह कदम सफल होता है तो दूसरे राज्य भी इसे अपना सकते हैं. इससे न सिर्फ दवाओं की अवैध बिक्री पर रोक लगेगी, बल्कि नशे की समस्या को कंट्रोल करने में भी बड़ी मदद मिलेगी. दिल्ली की जनता और मेडिकल स्टोर संचालकों को अब इस नए नियम के लिए तैयार रहना होगा. यह कदम भले ही सख्त लगे, लेकिन इसका मकसद समाज को सुरक्षित और स्वस्थ बनाना है.

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

भारत-मालदीव रिश्ते हुए और मजबूत! पीएम मोदी के सम्मान में मुइज्जू ने तोड़ा प्रोटोकॉल, साथ नजर आई पूरी सरकार

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार (25 जुलाई, 2025) को अपनी ब्रिटेन यात्रा पूरी कर दो दिवसीय (25-26 जुलाई, 2025) यात्रा पर मालदीव की राजधानी माले पहुंचे. इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करने के लिए प्रो-चाइना विचारधारा वाले मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू प्रोटोकॉल तोड़कर हवाई अड्डे पर पहुंचे. राष्ट्रपति मुइज्जू के अलावा पीएम मोदी के स्वागत के लिए मालदीव सरकार के टॉप चार मंत्री भी एयरपोर्ट पर खड़े नजर आए. इन चार टॉप मंत्रियों में मालदीव के विदेश मंत्री, रक्षा मंत्री, वित्त मंत्री और गृह मामलों में मंत्री शामिल थे.

मालदीव के राष्ट्रपति ने पीएम मोदी को भेजा था निमंत्रण

दरअसल, मालदीव के राष्ट्रपति मुइज्जू ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शनिवार (26 जुलाई, 2025) को होने वाले मालदीव के 60वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होने के लिए निमंत्रण दिया था. हालांकि, पीएम मोदी की यह यात्रा भारत और मालदीव के तनावपूर्ण संबंधों में सुधार को दर्शा रहा है, जो साल 2023 में चीन की विचारधारा से प्रभावित मोहम्मद मुइज्जू की सरकार बनने के बाद से तनावपूर्ण चल रहे थे.

इंडिया आउट अभियान और PM मोदी के खिलाफ टिप्पणियों के बाद तनावपूर्ण हुए थे संबंध

2023 में मोहम्मद मुइज्जू ने ‘इंडिया आउट’ अभियान की शुरुआत की थी, जिसके बल पर उन्होंने मालदीव की सत्ता भी हासिल की. मोहम्मद मुइज्जू ने चीनी विचारधारा से प्रभावित होकर मालदीव को भारत के प्रभाव से मुक्त करने की बात कही थी. इसके बाद मालदीव के अधिकारियों की ओर से पीएम मोदी के खिलाफ कई टिप्पणियां की गई, जिससे दोनों देशों के बीच के संबंध तनावपूर्ण हो गए थे.

भारत और मालदीव के संबंधों में कैसे हुए सुधार

हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने शुक्रवार (25 जुलाई, 2025) को द्विपक्षीय बैठक की और भारत-मालदीव के द्विपक्षीय संबंधों को सुधारने को लेकर बातचीत की. इस दौरान दोनों देशों के नेताओं ने व्यापार, पर्यटन, रक्षा और बुनियादी ढांचे समेत कई मुद्दों पर सहयोग को लेकर चर्चा की. वहीं, पीएम मोदी ने मालदीव की सेना के लिए रक्षा मंत्रालय को 72 वाहन और कई अन्य उपकरण देने की भी घोषणा की.

किन-किन मुद्दों पर सहयोग की हुई घोषणा

    • भारत ने मालदीव को 565 मिलियन डॉलर के लाइन ऑफ क्रेडिट का विस्तार किया
    • भारत सरकार के ऋण की सहायता पर मालदीव के वार्षिक ऋण भुगतान में कमी की गई
    • भारत-मालदीव के बीच मुक्त व्यापार समझौता को लेकर बातचीत की शुरुआत हुई
    • भारत-मालदीव के संबंधों की 60 साल पूरे होने पर संयुक्त स्मारक डाक टिकट जारी किया
    • भारत के क्रेडिट फेसिलिटी के तहत 3300 सामाजिक आवासों को हैंड ओवर किया
    • अड्डु सिटी में रोड और ड्रेनेज सिस्टम प्रोजेक्ट की उद्घाटन किया
    • मालदीव में 6 हाई इंपैक्ट कम्युनिटी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया
    • मालदीव की रक्षा मंत्रालय को 72 वाहन और अन्य उपकरण देने की घोषणा की

एमएस धोनी बने शादी के गुरु! दूल्हे को दिए खास टिप्स, वायरल वीडियो ने सोशल मीडिया पर मचा दिया तहलका

एमएस धोनी कई साल पहले इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायर हो चुके हैं और अब सिर्फ IPL में ही दो से ढाई महीने का क्रिकेट खेलते हुए दिखते हैं. इसके बावजूद वो फैंस के बीच चर्चा का केंद्र बने रहते हैं और इस बार उन्होंने जैसे ‘मैरिज काउंसलर’ का रूप अपना लिया है. उन्होंने एक विवाह समारोह में दूल्हे को ऐसी सलाह दी कि वहां मौजूद सब लोग ठहाके लगाने लगे. उन्होंने कहा कि शादीशुदा लाइफ में सभी हसबैंड को एक ही दौर से गुजरना होता है.

एमएस धोनी का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वो स्टेज पर कपल के साथ मजाक करते नजर आए. उन्होंने दूल्हे के साथ मजाक करते हुए कहा, “कुछ लोगों को आग से खेलना पसंद और ये उन्हीं में से एक है. यह मायने नहीं रखता कि आपने वर्ल्ड कप जीता है या नहीं, सभी पतियों के साथ एक जैसी स्थिति होती है.”

एमएस धोनी ने दूल्हे (उत्कर्ष) से कहा कि अगर उसे कोई गलत फहमी है, तो वो पहले भी एक बयान दे चुके हैं. वायरल वीडियो में एक एयर क्लिप दिखाया गया, जिसके माध्यम से धोनी ने दूल्हे से यह कहने का प्रयास किया कि वो यह ना समझे कि उसकी वाली अलग है. तभी उत्कर्ष ने खुद कहा, “मेरी वाली अलग नहीं है.” तभी वहां मौजूद लोग जोर-जोर से हंसने लगे.

धोनी-साक्षी की शादी को हो गए 15 साल

एमएस धोनी ने साल 2010 में साक्षी सिंह से शादी की थी. इस रिश्ते से उनकी एक बेटी भी है, जिसका नाम जीवा धोनी है. इसी महीने 4 जुलाई को धोनी और साक्षी ने अपनी 15वीं सालगिरह मनाई थी. धोनी की बात करें तो उन्हें आखिरी बार IPL 2025 में खेलते देखा गया था, जहां वो चोटिल ऋतुराज गायकवाड़ की गैरमौजूदगी में CSK की कप्तानी करते दिखे थे.

मार्वल के फैंस ने दिखाई ताकत, ‘सैयारा’ को दी कड़ी टक्कर और विदेशी फिल्म से करवाई तगड़ी कमाई

एक तरफ ‘सैयारा’ का शोर तो दूसरी तरफ ‘हरि हर वीरमल्लु’ की आंधी चल रही है. बॉक्स ऑफिस पर दोनों फिल्में बवाल काटे हुए हैं. ऐसे में हॉलीवुड वालों ने ‘द फैंटास्टिक फोर फर्स्ट स्टेप्स’ को इंडिया में मार्वल फैंस के सहारे रिलीज कर दिया.

फिल्म के मेकर्स ने मार्वल के हार्डकोर फैंस पर जो भरोसा जताया, फैंस उस पर खरे भी उतरे. फिल्म ने ओपनिंग डे पर ही बढ़िया कलेक्शन कर लिया है. तो चलिए डालते हैं फिल्म के पहले दिन की कमाई पर एक नजर और जानते हैं कि फिल्म को उन फैंस ने कैसे अपना प्यार दिया है जो मार्वल की आयरनमैन से लेकर अवेंजर्स सीरीज तक की फिल्मों को पहले ही इंडिया में हिट बना चुके हैं.

‘द फैंटास्टिक फोर: फर्स्ट स्टेप्स’ का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन

मार्वल की इस फिल्म ने पहले ही दिन इंडिया में सैक्निल्क के मुताबिक, 10:30 बजे तक 5.73 करोड़ रुपये का बिजनेस कर लिया है. इसी के साथ मार्वल की इस फिल्म ने इसी यूनिवर्स की पिछले दिनों आई ‘थंडरबोल्ट्स’ के ओपनिंग डे कलेक्शन को पीछे छोड़ दिया है. बता दें कि ‘थंडरबोल्ट्स’ ने ओपनिंग डे पर 3.85 करोड़ रुपये का ही बिजनेस किया था.

‘द फैंटास्टिक फोर: फर्स्ट स्टेप्स’ अपने ही यूनिवर्स की फिल्म को करेगी पीछे?

सैक्निल्क पर उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, ‘थंडरबोल्ट्स’ ने इंडिया में 22.39 करोड़ रुपये की लाइफटाइम कमाई की थी. वहीं ‘द फैंटास्टिक फोर’ की ओपनिंग डे की मार्निंग और दोपहर की ऑक्युपेंसी देखकर लग रहा है कि ‘थंडरबोल्ट्स’ का रिकॉर्ड जल्द ही टूट जाएगा. बता दें कि फिल्म के 2डी वर्जन की मार्निंग ऑक्युपेंसी 46.20 प्रतिशत और दोपहर की 50.93 प्रतिशत थी.

‘द फैंटास्टिक फोर: फर्स्ट स्टेप्स’ का बजट

मार्वल की इस फिल्म को वैरायटी की रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 200 मिलियन डॉलर में बनाया गया है. मैट शाकमैन के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में पेद्रो पास्कल जैसे अभिनेता ने काम किया है जो इसके पहले डीसी की ‘वंडर वुमेन 1984’ में भी दिख चुके हैं.

फिल्म की कहानी उन 4 योद्धाओं के इर्द-गिर्द घूमती है जो धरती को गैलेक्टस और सिल्वर सर्फर जैसी बाहरी दुनिया की ताकतों से बचाना चाहते हैं.