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आध्यात्मिकता और पर्यटन का संगम: बुसान बुद्धिज़्म एक्सपो 2025 का भव्य समापन, यूपी पर्यटन पवेलियन ने बौद्ध सर्किट की वैश्विक पहचान बढ़ाई

आध्यात्मिकता और पर्यटन का संगम: बुसान बुद्धिज़्म एक्सपो 2025 का भव्य समापन, यूपी पर्यटन पवेलियन ने बौद्ध सर्किट की वैश्विक पहचान बढ़ाई
आध्यात्मिकता और पर्यटन का संगम: बुसान बुद्धिज़्म एक्सपो 2025 का भव्य समापन, यूपी पर्यटन पवेलियन ने बौद्ध सर्किट की वैश्विक पहचान बढ़ाई
आध्यात्मिकता और पर्यटन का संगम: बुसान बुद्धिज़्म एक्सपो 2025 का भव्य समापन, यूपी पर्यटन पवेलियन ने बौद्ध सर्किट की वैश्विक पहचान बढ़ाई
  • बुसान बुद्धिज़्म एक्सपो 2025 में यूपी पर्यटन पवेलियन ने बौद्ध विरासत का भव्य प्रदर्शन किया।
  • कोरियाई भिक्षु सुबुल सुनीम ने यूपी के बौद्ध स्थलों के संरक्षण के प्रयासों की सराहना की।
  • अयोध्या के कोरियाई संबंधों पर चर्चा के बाद बौद्ध सर्किट में 1000 से अधिक कोरियाई पर्यटकों के आने की संभावना।
  • पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने यूपी को आध्यात्मिक पर्यटन का वैश्विक केंद्र बनाने का लक्ष्य बताया।
  • अक्टूबर 2025 से फरवरी 2026 तक कोरियाई तीर्थयात्रियों का बड़ा दल यूपी के बौद्ध स्थलों का भ्रमण करेगा।

लखनऊ, 11 अगस्त 2025: दक्षिण कोरिया के सांस्कृतिक केंद्र बुसान में आयोजित बुसान इंटरनेशनल बुद्धिज़्म एक्सपो 2025 में उत्तर प्रदेश पर्यटन ने अपनी समृद्ध बौद्ध विरासत का भव्य प्रदर्शन किया। चार दिनों तक चले इस कार्यक्रम में यूपी पर्यटन पवेलियन ने प्रदेश के भगवान बुद्ध से जुड़े ऐतिहासिक तीर्थस्थलों और बौद्ध सर्किट की विशेषताओं को विश्वभर के आगंतुकों के सामने प्रस्तुत किया, जिससे प्रदेश की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन की छवि को नया आयाम मिला।

यह जानकारी प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि इस आयोजन में एशिया के विभिन्न देशों से आए बौद्ध भिक्षु, पर्यटन उद्योग के विशेषज्ञ और टूर ऑपरेटर शामिल हुए। उत्तर प्रदेश पर्यटन पवेलियन ने “बुद्धा राइस” जैसे प्रतीकात्मक उपहारों के साथ-साथ शांति, संस्कृति और ज्ञान की यात्रा का आमंत्रण दिया, जिसने सभी का ध्यान आकर्षित किया।

यूपी पर्यटन का भव्य प्रदर्शन

उत्तर प्रदेश पर्यटन पवेलियन का उद्घाटन भारतीय दूतावास की प्रथम सचिव एवं हेड ऑफ चांसरी सुश्री अनन्या अग्रवाल (आईएफएस-2013) और यूपी पर्यटन प्रतिनिधि ने संयुक्त रूप से किया। कोरियाई बौद्ध धर्म के प्रतिष्ठित भिक्षु सुबुल सुनीम की गरिमामय उपस्थिति ने कार्यक्रम की महत्ता को बढ़ाया। उन्होंने सारनाथ, कुशीनगर, कपिलवस्तु, संकिसा और श्रावस्ती जैसे प्रमुख बौद्ध स्थलों के संरक्षण एवं विकास में प्रदेश सरकार के प्रयासों की सराहना की और तीर्थयात्रा के लिए आमंत्रित किया।

पवेलियन में यूपी के प्रमुख बौद्ध तीर्थस्थलों की प्रदर्शनी, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, रोचक कथाएं और अनूठी सजावट ने आगंतुकों का मन मोह लिया। यह पवेलियन न केवल प्रदेश की धार्मिक विरासत को प्रदर्शित करता है, बल्कि पर्यटन के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के विकास को भी दर्शाता है।

बौद्ध सर्किट के विकास और कोरियाई भिक्षुओं की सराहना

प्रदेश में बौद्ध स्थलों तक बेहतर कनेक्टिविटी, पर्यटक सुविधाओं का विकास और तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए किए जा रहे प्रयासों को कोरियाई भिक्षु और सांस्कृतिक प्रतिनिधियों ने सराहा। उन्होंने उत्तर प्रदेश के बौद्ध स्थलों की तीर्थयात्रा के लिए अपने समुदाय से बड़े समूह भेजने की इच्छा जताई।

कोरियाई प्रतिनिधिमंडल का यूपी बौद्ध सर्किट भ्रमण

उत्तर प्रदेश पर्यटन प्रतिनिधिमंडल ने कोरियाई जोग्ये ऑर्डर के अध्यक्ष जंग वोनजू से मुलाकात की, जिसमें भारत यात्रा को बढ़ावा देने के लिए संभावित सहयोग पर चर्चा हुई। विशेष रूप से अयोध्या का उल्लेख किया गया, जो कोरिया की महारानी हियो ह्वांग-ओक के जन्मस्थान के रूप में इतिहास में प्रसिद्ध है, जिससे यह स्थान कोरियाई पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

इस मुलाकात के परिणामस्वरूप अक्टूबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच उत्तर प्रदेश के बौद्ध सर्किट में 1,000 से अधिक कोरियाई पर्यटकों के आने की संभावना है। इनमें जनवरी 2026 में लगभग 500 तीर्थयात्रियों का एक बड़ा दल भी शामिल होगा।

आध्यात्मिक पर्यटन के नए आयाम

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश न केवल अपनी समृद्ध बौद्ध विरासत को विश्व स्तर पर प्रस्तुत कर रहा है, बल्कि धार्मिक आस्था, संस्कृति और मित्रता के नए पुल भी बना रहा है। प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि विश्वभर के पर्यटक भगवान बुद्ध की धरती पर आकर शांति, प्रेम और सद्भाव का संदेश लें। उन्होंने कहा, “यह आध्यात्मिक यात्रा प्रदेश की समृद्ध विरासत व आतिथ्य का संगम होगी, जो सभी आगंतुकों को एक अद्भुत अनुभव प्रदान करेगी।”

प्रमुख सचिव पर्यटन मुकेश कुमार मेश्राम ने बताया कि बुसान बुद्धिज़्म एक्सपो ने उत्तर प्रदेश को वैश्विक बौद्ध आध्यात्मिक केंद्र के रूप में मजबूती प्रदान की है। इस एक्सपो से स्थापित हुए संबंध भविष्य में अधिक अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करेंगे।

गौतम बुद्ध नगर: “आजादी का अमृत महोत्सव” के तहत जनपद में तीन चरणों में चल रहा है “हर घर तिरंगा” कार्यक्रम, 12 अगस्त को होगा भव्य “तिरंगा महोत्सव”, जिलाधिकारी ने तैयारियों को लेकर अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक

गौतम बुद्ध नगर : “आजादी का अमृत महोत्सव” के तहत जनपद में तीन चरणों में चल रहा है “हर घर तिरंगा” कार्यक्रम, 12 अगस्त को होगा भव्य “तिरंगा महोत्सव”, जिलाधिकारी ने तैयारियों को लेकर अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक
गौतम बुद्ध नगर : “आजादी का अमृत महोत्सव” के तहत जनपद में तीन चरणों में चल रहा है “हर घर तिरंगा” कार्यक्रम, 12 अगस्त को होगा भव्य “तिरंगा महोत्सव”, जिलाधिकारी ने तैयारियों को लेकर अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक
गौतम बुद्ध नगर : “आजादी का अमृत महोत्सव” के तहत जनपद में तीन चरणों में चल रहा है “हर घर तिरंगा” कार्यक्रम, 12 अगस्त को होगा भव्य “तिरंगा महोत्सव”, जिलाधिकारी ने तैयारियों को लेकर अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक
  • उत्तर प्रदेश में “हर घर तिरंगा” कार्यक्रम तीन चरणों में आयोजित किया जा रहा है।
  • 12 अगस्त को ग्रेटर नोएडा में भव्य “तिरंगा महोत्सव” का आयोजन होगा।
  • जिलाधिकारी ने अधिकारियों को जन सहभागिता बढ़ाने और तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए।
  • कार्यक्रम में तिरंगा मेले और म्यूजिकल कंसर्ट का भी आयोजन किया जाएगा।
  • तिरंगा रैलियों और सेल्फी बूथ के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

गौतमबुद्ध नगर, 11 अगस्त 2025 : उत्तर प्रदेश शासन की महत्वाकांक्षी पहल “आजादी का अमृत महोत्सव” के अंतर्गत जनपद में तीन चरणों में चल रहे “हर घर तिरंगा” कार्यक्रम के दूसरे चरण में आगामी 12 अगस्त 2025 को एक भव्य “तिरंगा महोत्सव” का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम प्रातः 11 बजे से ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के ऑडिटोरियम में होगा, जिसमें वृहद तिरंगा मेला और भव्य तिरंगा म्यूजिकल कंसर्ट आयोजित किया जाएगा।

जिलाधिकारी मेधा रूपम ने इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम को लेकर कलेक्ट्रेट कार्यालय में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम में अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित की जाए तथा माननीय जनप्रतिनिधि, विशिष्ट व्यक्ति और खेल जगत के प्रतिनिधि भी इस आयोजन में सम्मिलित हों।

जिलाधिकारी ने कहा कि यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश सरकार की उन महत्वाकांक्षी पहलों में से एक है, जो देशभक्ति और स्वाभिमान को प्रोत्साहित करता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को एक-दूसरे के साथ समन्वय स्थापित कर अपनी-अपनी तैयारियों को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया ताकि यह आयोजन जनपद के लिए गौरवशाली एवं भव्य रूप से सम्पन्न हो सके।

बैठक में उपायुक्त उद्योग और जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी को निर्देश दिए गए कि “तिरंगा महोत्सव” के दौरान स्थानीय स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों के साथ-साथ “वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट” (ODOP) की बिक्री के लिए वृहद मेले का आयोजन किया जाए। मेले में तिरंगा रंग की थीम पर आधारित खाद्य सामग्री, वस्त्र, श्रृंगार सामग्री सहित अन्य वस्तुओं की प्रदर्शनी और बिक्री होगी।

जिलाधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, सभी खंड विकास अधिकारियों एवं अधिशासी अधिकारियों को भी निर्देशित किया कि वे तिरंगा महोत्सव के अवसर पर स्कूलों और पंचायतों में तिरंगा रैलियों का आयोजन सुनिश्चित करें। यह रैलियां शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में आयोजित होंगी, जिनमें स्कूली बच्चे, युवा और समाज के सभी वर्ग सक्रिय रूप से भाग लेंगे।

साथ ही जिलाधिकारी ने कहा कि इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए “हर घर तिरंगा” सेल्फी बूथ प्रमुखता से स्थापित किए जाएं और आम जनता को प्रेरित किया जाए कि वे अपनी तिरंगा सेल्फी लेकर आधिकारिक वेबसाइट www.harghartiranga.com पर अपलोड करें।

इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी मेधा रूपम ने आगामी 14 अगस्त 2025 को मनाए जाने वाले “विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस” तथा “हर घर तिरंगा” कार्यक्रम के तीसरे चरण (13 से 15 अगस्त 2025 तक) की तैयारियों के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. शिवाकांत द्विवेदी, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अतुल कुमार, अपर जिलाधिकारी न्यायिक भैरपाल सिंह, जिला विकास अधिकारी शिव प्रताप परमेश, प्रभागीय वन अधिकारी प्रमोद कुमार श्रीवास्तव, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेंद्र कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी सतीश कुमार, उपायुक्त उद्योग अनिल कुमार, उपनिदेशक कृषि राजीव कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पंवार, जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी तरुण वर्मा सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

Health Tips: पैरों में दिखें ये 8 संकेत तो तुरंत डॉक्टर से करें संपर्क, देरी हो सकती है खतरनाक

पैर हमारे शरीर का एक बहुत ही महत्वपूर्ण अंग हैं और ये सच में हमारी सेहत का हाल भी बताते हैं. पैरों में दिखने वाले कुछ लक्षण किसी गंभीर बीमारी का शुरुआती संकेत हो सकते हैं. अगर आपको अपने पैरों में कुछ भी असामान्य लगे, तो उसे नजरअंदाज न करें. समय पर इन लक्षणों को पहचानकर आप बड़ी बीमारियों से बच सकते हैं. कानपुर के मशहूर ऑर्थोपीडिक सर्जन डॉ. एके मिश्रा कहते हैं कि आपके पैरों में कुछ खास लक्षण दिखें तो उन्हें नजरअंदाज न करें. ये किसी गंभीर बीमारी के संकेत हो सकते हैं, जिनके लिए तुरंत डॉक्टर को सलाह लेना जरूरी है.

पैरों और टखनों में सूजन

पैरों और टखनों में सूजन, जिसे अक्सर फ्लूइड रिटेंशन कहा जाता है, कई स्वास्थ्य समस्याओं का एक लक्षण हो सकता है, जिसमें दिल, किडनी या लिवर से जुड़ी बीमारियां शामिल हैं.  यह प्रोटीन या विटामिन बी12 और फोलेट  की कमी से भी हो सकता है. सूजन को कम करने के लिए अपने पैरों को कुछ देर तक ऊपर उठाकर रखें.खाने में नमक की मात्रा कम करने से भी फ्लूइड रिटेंशन में मदद मिलती है.

पैरों या टखनों में दर्द

पैरों या टखनों में दर्द किसी चोट, गठिया या नर्व से जुड़ी प्रॉब्लम की वजह से हो सकता है. अगर चलने पर दर्द बढ़े और आराम करने पर कम हो, तो यह स्ट्रेस फ्रैक्चर या ऑस्टियोपोरोसिस का लक्षण हो सकता है. मैग्नीशियम की कमी से मांसपेशियों में ऐंठन और जोड़ों में तकलीफ हो सकती है. नसों से जुड़ी समस्याएं या टखने तक सही मात्रा में रक्त न पहुंचने के कारण भी दर्द हो सकता है.

सुन्नपन या झुनझुनी

पैरों का सुन्न होना या झुनझुनी महसूस होना नर्व डैमेज का संकेत है, जिसे पेरीफेरल न्यूरोपैथी भी कहते हैं. यह डायबिटीज, शराब के ज्यादा सेवन या कीमोथेरेपी की वजह से भी हो सकता है. डायबिटीज के मरीजों में यह समस्या काफी आम है, क्योंकि हाई ब्लड शुगर नसों को नुकसान पहुंचा सकता है. इसे अलावा, शरीर में विटामिन बी-12 और विटामिन-ई जैसे जरूरी विटामिन्स की कमी से भी नसों की सेहत खराब होती है, जिससे यह समस्या हो सकती है.

पैरों में ऐंठन या लेग क्रैम्प्स

बार-बार पैरों में ऐंठन होना डिहाइड्रेशन या मैग्नीशियम जैसे जरूरी न्यूट्रिएंट्स और मिनरल्स की कमी का संकेत हो सकता है. ये मिनरल्स मांसपेशियों के सही कामकाज और नर्व्स ट्रंसमिशन के लिए बहुत जरूरी हैं. अगर आपको अक्सर ऐंठन होती है, तो आप खूब पानी पिएं, न्यूट्रिएंट्स और मिनल्स से भरपूर डाइट लें और सोने से पहले हल्की स्ट्रेचिंग और पैरों की मालिश करें.

एड़ी का दर्द

एड़ी का दर्द या प्लांटर फेशिआइटिस एक आम समस्या है. यह कई कारणों से हो सकता है, लेकिन अगर आपको लगातार दर्द हो रहा है, तो इसके पीछे कुछ गंभीर कारण भी हो सकते हैं. विटामिन डी की कमी, गलत जूते पहनना, ज्यादा वजन, अत्यधिक फिजिकल एक्टिविटीज ऐसे कई कारण हैं, जिनसे एड़ी का दर्द हो सकती है.

ठंडे पैर या कोल्ड फीट

पैरों का अक्सर ठंडा रहना एक आम समस्या है, लेकिन यह किसी अंदरूनी बीमारी का संकेत भी हो सकती है.  खराब ब्लड सर्कुलेशन, पोषक तत्वों की कमी, थायरॉयड की समस्या, खराब लाइफस्टाइल जैसे कारणों से हाथ-पैर ठंडे रहते हैं. इससे बचाव के लिए अपने खाने में आयरन और थायरॉयड-सपोर्टिंग फूड्स शामिल करें. अपने पैरों को गर्म रखने के लिए इंसुलेटेड जूते या मोजे पहनें.

एड़ियों की फटी त्वचा

एड़ियों या हील में दरारें सिर्फ ड्राई स्किन के कारण ही नहीं होतीं, बल्कि विटामिन ए, जिंक और ओमेगा-3 फैटी एसिड की कमी भी इसका कारण हो सकती है. डायबिटीज और एक्जिमा भी इसे बढ़ा सकते हैं. नंगे पैर चलना, गलत जूते पहनना और खुरदुरे साबुन का इस्तेमाल करना भी इस समस्या को बढ़ा सकता है. इससे बचने के लिए अपनी एड़ियों को नियमित रूप से मॉइस्चराइज रखें और अपने पैरों की सुरक्षा के लिए सही और आरामदायक जूते पहनें.

स्पाइडर वेन्स

स्पाइडर वेन्स एक आम समस्या है, जो नसों में रक्त जमा होने के कारण होती है. इसमें नसें मकड़ी के जाले जैसी दिखने लगती हैं. नसों में मौजूद वाल्व कमज़ोर होने पर खून सही से ऊपर की तरफ नहीं जा पाता और जमा हो जाता है, जिससे स्पाइडर वेन्स बन जाती हैं. इसके लिए पवि विटामिन सी और बायोफ्लेवोनॉइड्स की कमी से भी यह समस्या हो सकती है.

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

न्यूक्लियर अटैक के बाद सबसे पहले पनपती है यह लाइलाज बीमारी

दुनिया में मौजूद अगर सबसे खतरनाक हथियारों की बात करें, तो उसमें परमाणु बम का नाम जरूर शामिल किया जाता है. इसके बारे में कहा जाता है कि अगर तीसरा विश्वयुद्ध होता है तो परमाणु हथियारों का प्रयोग जरूर होगा, जो मानव इतिहास में सबसे बड़ी त्रासदी साबित होगी. इससे न सिर्फ जान-माल की हानि होगी, बल्कि एक पूरी सभ्यता नष्ट हो जाएगी. यानी कि अगर इसका प्रयोग हुआ तो यह मानव सभ्यता पर अपनी एक अमिट छाप छोड़ जाएगी, जिसका उदाहरण हमें जापान हिरोशिया और नागासाकी में देखने को मिलती है.  परमाणु हमले की स्थिति में केवल चोट या धमाके से ही नुकसान नहीं होता, बल्कि शरीर में एक खतरनाक बीमारी सबसे पहले फैलती है. इसे कहते हैं त्वरित विकिरण रोग (Acute Radiation Syndrome – ARS).

क्या है यह बीमारी?

परमाणु धमाके के कुछ मिनटों से कुछ घंटों के भीतर शरीर में विकिरण का असर दिखने लगता है. रेडिएशन शरीर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाता है और शुरुआत होती है ARS की. इसके लक्षण होते हैं.

    • उलटी, थकान, बुखार और कमजोरी
    • सिर दर्द, दिल की धड़कन का गिरना
    • खून से दस्त और घावों का जल्दी न भरना

रेडिएशन शरीर की रक्त-निर्माण कोशिकाओं को खत्म कर देता है. इससे इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है और इंसान सामान्य संक्रमण से भी मर सकता है।

Hiroshima से क्या सीखा गया?

Hiroshima पर बम गिरने के बाद कई लोग तुरंत नहीं मरे. कुछ दिखने में ठीक थे लेकिन कुछ घंटों में उनकी हालत बिगड़ने लगी. उनके शरीर में विकिरण ने कोशिकाएं नष्ट कर दी थीं. कुछ दिनों में बाल झड़ने, बुखार, खून की कमी और घावों से मवाद निकलने जैसे लक्षण दिखे. यह सब Radiation Sickness यानी ARS के संकेत थे।

क्यों होती है यह लाइलाज?

    • यह बीमारी बहुत तेजी से शरीर को कमजोर करती है
    • इलाज शुरू होने तक शरीर की प्रतिरोधक क्षमता खत्म हो जाती है
    • शरीर खून नहीं बना पाता, जिससे इन्फेक्शन बढ़ते हैं
    • कई मामलों में इलाज से पहले ही मौत हो जाती है

क्या है बचाव का तरीका?

    • धमाके के तुरंत बाद ठोस दीवारों वाली बिल्डिंग में छिपें
    • रेडिएशन की मात्रा मापने वाला यंत्र रखें
    • उलटी, बुखार या थकान महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं
    • सरकारी या बचाव टीम की सलाह का पालन करें

परमाणु हमले की स्थिति में सबसे पहला खतरा होता है ARS यानी त्वरित विकिरण रोग. यह बीमारी मिनटों में असर दिखाती है और समय रहते इलाज न मिले तो जान बचाना मुश्किल हो जाता है. इसलिए ऐसे समय में सही जगह शरण लेना और मेडिकल मदद जल्दी पाना ही जीवन बचा सकता है।

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

गाजा संघर्ष खत्म करने के लिए नेतन्याहू ने पेश किए 5 समाधान, बोले – “हमास का अंत ज़रूरी”

इजराइयल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार (10 अगस्त, 2025) को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक से पहले मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि गाजा में इजरायल के नियंत्रण का उद्देश्य कब्जा नहीं, बल्कि हमास के शासन से मुक्ति है।

नेतन्याहू ने कहा कि गाजा के लोग इजरायल और पूरी दुनिया से हमास से मुक्ति दिलाने की गुहार लगा रहे हैं. नेतन्याहू ने इस चरमपंथी समूह एक ‘नरसंहारकारी संगठन’ करार दिया. उन्होंने कहा, ‘कोई भी देश अपनी सीमा से कुछ ही दूरी पर अपने विनाश के लिए प्रतिबद्ध किसी संगठन को बर्दाश्त नहीं करेगा।’

नेतन्याहू ने बताया कैसे होगा युद्ध विराम?

युद्ध खत्म करने को लेकर नेतन्याहू ने कहा कि अगर हमास सभी बंधकों को रिहा कर दे और हथियार डाल दे तो युद्ध समाप्त हो सकता है. नेतन्याहू का कहना है कि गाजा में अब भी हमास के हजारों सशस्त्र आतंकवादी मौजूद हैं इजरायल की सेना इस खतरे को पूरी तरह खत्म करना चाहती है.

इजरायली प्रधानमंत्री ने कहा कि गाजा क्षेत्र का सैन्यीकरण किया जाएगा और इजरायल का सुरक्षा नियंत्रण यहां मजबूत रहेगा. साथ ही इजरायल-गाजा क्षेत्र में आगे किसी भी खतरे से निपटने के लिए एक सुरक्षा बफर जोन बनाया जाएगा. गाजा में एक नागरिक प्रशासन होगा, जो इजरायल के साथ शांतिपूर्ण और प्रतिबद्ध होगा.

युद्ध को समाप्त करने के 5 सिद्धांत

नेतन्याहू ने युद्ध को समाप्त करने के 5 सिद्धांतों की रूपरेखा पेश की, जिसमें:

1. हमास का निरस्त्रीकरण

2. सारे कैदियों की रिहाई

3. गाजा पट्टी का विसैन्यीकरण

4. ‘अतिरिक्त सुरक्षा नियंत्रण’ इजरायल के हाथ में

5. एक “वैकल्पिक नागरिक प्रशासन” तैयार करना, जो हमास या फिलिस्तीनी प्राधिकरण नहीं हो

हमास को हराने के अलावा कोई रास्ता नहीं

नेतन्याहू ने कहा कि हमास की ओर से हथियार डालने से इनकार करने के कारण, इजरायल के पास काम पूरा करने और हमास को पूरी तरह से हराने के अलावा कोई रास्ता नहीं है. उन्होंने गाजा में इजरायल के इरादों के इर्द-गिर्द फैले झूठ को भी ध्वस्त करने की कसम खाई और इजरायल के इरादों के इर्द-गिर्द फैले झूठ के वैश्विक अभियान की भी निंदा की.

नेतन्याहू ने अपने ऊपर लगे उन आरोपों को भी खारिज किया, जिसमें कहा जा रहा है कि इजरायल जानबूझकर गाजा की आबादी को भूखा मार रहा है. उन्होंने कहा कि ये आरोप ‘निराधार’ हैं।