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Health Tips : हाई कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में मददगार हो सकता है ये आसान उपाय, दवाओं की जरूरत भी नहीं पड़ेगी

बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल के लिए कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। जिन लोगों का खानपान और लाइफस्टाइल ठीक नहीं होता है, उन लोगों में हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या अधिक देखने को मिलती है। हालांकि हाई कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने के लिए करने के लिए 80/20 उपाय एक लाइफस्टाइल के तौर पर अपनाया जा सकता है। 80/20 के उपाय में 80% समय सक्रिय रहने और व्यायाम करने पर जोर दिया जाता है, तो वहीं 20% का समय आराम के लिए होता है। वहीं डाइट और व्यायाम आदि के जरिए हाई कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल किया जा सकता है। ऐसे में अगर आपका भी कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ है, तो यह आर्टिकल आपके लिए है। आज इस आर्टिकल के लिए हम आपको हाई कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल में रखने के तरीके के बारे में बताने जा रहे हैं।

80/20 उपाय के लिए डाइट

फाइबर से भरपूर डाइट

फल, सब्जियां, दालें, साबुत अनाज और बीन्स में पर्याप्त मात्रा में घुलनशील फाइबर पाया जाता है, जोकि कोलेस्ट्रॉल को कम करने में सहायता करता है।

स्वस्थ वसा

वहीं एवोकाडो, नट्स, ऑलिव ऑयल और अलसी के बीज में वसा पाई जाती है, जो हृदय की सेहत के लिए अच्छा होता है। वहीं यह हाई कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं।

संतृप्त और ट्रांस वसा

डेयरी उत्पाद, लाल मांस और संसाधित खाद्य पदार्थों में संतृप्त वसा होती है। इसलिए हाई कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने के लिए संतृप्त और ट्रांस वसा का कम से कम सेवन करना चाहिए।

व्यायाम

नियमित रूप से दौड़ना, चलना, साइकिल चलाना और तैरना जैसे कार्डियो व्यायाम करना चाहिए। यह कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में मदद करता है।

इसके अलावा रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम जरूर करना चाहिए। या फिर डॉक्टर द्वारा बताए गए व्यायाम करें।

अगर आप ऑफिस में काम करते हैं, तो थोड़ी-थोड़ी देर पर टहलते रहें या फिर अन्य तरीके से सक्रिय रहें।

वहीं वजन कम करने से भी एलडीएल कोलेस्ट्रॉल कम हो सकता है।

धूम्रपान

कोलेस्ट्रॉल की समस्या होने पर धूम्रपान का सेवन नहीं करना चाहिए। क्योंकि यह कोलेस्ट्रॉल के लेवल को बढ़ा सकता है और साथ ही धूम्रपान करने से हृदय रोग का खतरा भी बढ़ता है।

वहीं लहसुन और प्याज में कोलेस्ट्रॉल को कम करने वाले गुण पाए जाते हैं।

कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर अर्जुन की छाल को पानी में उबालकर पीने से यह समस्या काफी हद तक कम की जा सकती है।

कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने के लिए अधिक पानी पीना चाहिए।

जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट

अगर कोलेस्ट्रॉल का लेवल अधिक है, तो डॉक्टर से फौरन संपर्क करना चाहिए।

अगर आपको हाई कोलेस्ट्रॉल के लिए दवा की जरूरत है तो आपको डॉक्टर से परामर्श के बाद ही दवा का सेवन करना चाहिए।

80/20 का उपाय अपनाकर कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल किया जा सकता है। साथ ही यह हृदय रोग के खतरे को भी कम करता है।

ऐश्वर्या और प्रियंका से कम नहीं ये मिस वर्ल्ड, लेकिन बॉलीवुड में बड़ी फिल्में छीनी गईं

बॉलीवुड में एंट्री आसान नहीं होती, ये बहद चुनौतीपूर्ण होती है। खास तौर पर उन एक्टर्स के लिए जिनकी चाहत काफी बड़ी होती है। हर साल कई नए कलाकार लाइमलाइट में आते हैं और उनमें से कुछ ही खुद को स्थापित करने और अपने करियर को बनाए रखने में कामयाब होते हैं। कुछ अभिनेता ऐसे भी हैं, जो सफल शुरुआत के बावजूद कई वजहों के चलते अपना स्टारडम खो देते हैं और बाद में बड़े पर्दे से गायब हो जाते हैं। उनकी ग्लैमरस लाइफ पूरी तरह बदल जाती है। आज ऐसी ही एक वास्तविक कहानी के बारे में बात करेंगे। बॉलीवुड में एक ऐसी हसीना की एंट्री हुई जो किसी भी क्षेत्र में ऐश्वर्या राय और प्रियंका चोपड़ा से कम नहीं थी। मिस वर्ल्ड खिताब जीतकर इतिहास रचने वाली इस हसीना के हाथ सफलता आकर फिसल गई, ये कौन हैं, अब ये क्या कर रही हैं, चलिए आपको बताते हैं।

इस फिल्म से किया डेब्यू

सफलता की सीढ़ियां चढ़ने के बाद भी बड़े पर्दे से गायब हो जाने वाली ये कहानी किसी और की नहीं बल्कि एक्ट्रेस और मॉडल युक्ता मुखी की है। साल 1999 में युक्ता ने मिस वर्ल्ड का खिताब जीता। तीन साल बाद उन्हें बॉलीवुड में काम करने का मौका मिला। उन्होंने आफताब शिवदासानी के साथ ‘प्यासा’ फिल्म से डेब्यू किया। अपनी पहली ही फिल्म से उन्हें शोहरत मिली। उन्होंने इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बना ली, लेकिन इसके बाद का सफर आसान नहीं रहा। उनकी कुछ फिल्में जैसे ‘कब क्यों कहां’ और ‘हम तीन’ बन ही नहीं पाईं और बीच में ही बंद हो गईं। वहीं उनके हाथ लगी ‘मार्केट’ और ‘इंसाफ’ से उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। ऐसे में उनका करियर कुछ खास और यादगार नहीं बन सका।

नहीं चल सका करियर

युक्ता ने कुछ क्षेत्रीय फिल्में भी कीं, लेकिन वहां भी उन्हें सफलता नहीं मिली। नौ साल के अंतराल के बाद पूर्व ब्यूटी क्वीन 2019 में रिलीज हुई ‘गुड न्यूज’ में अक्षय कुमार और करीना कपूर के साथ नजर आईं। उनकी छोटी भूमिका के बावजूद, फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त कमाई की। लोगों ने उन्हें पहचाना भी। वैसे अब सालों से युक्ता दोबारा गायब हो गई हैं। प्रोफेशनल जिंदगी के अलावा युक्ता ने अपनी निजी जिंदगी में भी काफी उतार-चढ़ाव देखे हैं और कहते हैं न कि निजी जिंदगी का प्रभाव प्रोफेशनल लाइफ पर पड़ता ही है, एक्ट्रेस के साथ भी ठीक ऐसा ही हुआ। साल 2008 में उन्होंने न्यूयॉर्क के एक बिजनेसमैन और फाइनेंशियल कंसल्टेंट प्रिंस तुली से शादी की। यह शादी 2 नवंबर को पारंपरिक सिख रीति-रिवाज से हुई। शादी के कुछ समय बाद ही दोनों को एक बेटा हुआ, लेकिन दुर्भाग्य से उनकी शादी ज्यादा दिनों तक नहीं चल पाई और साल 2013 में एक्ट्रेस ने अपने पति से रिश्ता तोड़ दिया।

पति पर लगाए गंभीर आरोप

अभिनेत्री ने अपने पति के खिलाफ प्रताड़ित करने और मारपीट करने के आरोप लगाए और एफआईआर दर्ज कराई। उन्होंने अपने पति पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप भी लगाए हैं। युक्ता ने अपने ससुराल वालों पर घरेलू हिंसा का भी आरोप लगाया है। रिपोर्ट में अंबोली पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी के हवाले से कहा गया है, ‘अपनी शिकायत में युक्ता मुखी ने आरोप लगाया है कि उनके पति प्रिंस तुली अक्सर उनके साथ मारपीट करते थे और उन्हें परेशान करते थे। उनकी शिकायत के बाद भारतीय दंड संहिता की धारा 498 ए (क्रूरता और उत्पीड़न) और धारा 377 (अप्राकृतिक यौन संबंध) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।’

अब करती हैं ये काम

अपने इस रिश्ते से परेशान होकर एक्ट्रेस ने साल 2014 में तलाक के लिए अर्जी दी और अपने पति से अलग हो गईं। युक्ता अब अपने बेटे के साथ भारत में रह रही हैं। वह अब एक सिंगल मदर हैं। उन्होंने अभिनय छोड़ दिया और अब एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में काम कर रही हैं। युक्ता एचआईवी/एड्स, ब्रेस्ट कैंसर और थैलेसीमिया के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए अभियान चलाती हैं।

संयुक्त राष्ट्र: भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर संयुक्त राष्ट्र चिंतित, संयम बनाए रखने की की अपील।

 जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र चिंचित है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने तनावपूर्ण स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए “अधिकतम संयम” बरतने का आह्वान किया है। इसकी जानकारी संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने गुरुवार को दी। उन्होंने पहलगाम में कम से कम 26 लोगों की जान लेने वाले आतंकवादी हमले की निंदा की।

 बातचीत के माध्यम से शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाएं मुद्दे

एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि हम पाकिस्तान और भारत दोनों सरकारों से अधिकतम संयम बरतने और यह सुनिश्चित करने की अपील करते हैं ताकि स्थिति और न बिगड़े बिगड़े। उन्होंने कहा कि हमारा मानना ​​है कि पाकिस्तान और भारत के बीच किसी भी मुद्दे को सार्थक आपसी बातचीत के माध्यम से शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाया जा सकता है।

सिंधु जल संधि को निलंबित करने के बारे में पूछे जाने पर संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता दुजारिक ने कहा कि दोनों देशों को ऐसे कदम नहीं उठाने चाहिए जिससे कि तनाव बढ़े। उन्होंने कहा कि हमले के बाद से गुटेरेस का भारत और पाकिस्तान के नेताओं से कोई सीधा संपर्क नहीं हुआ है।

पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए थे 26 लोग

बता दें कि पहलगाम आतंकी हमले को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है। आतंकी हमले में 26 पर्यटक मारे गए थे। यह हमला 2019 के पुलवामा बम विस्फोट के बाद जम्मू-कश्मीर में सबसे घातक आतंकी हमलों में से एक है। हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ़ कार्रवाई की घोषणा की, जिसमें सिंधु जल संधि को निलंबित करना, पाकिस्तानी राजनायिकों को निष्कासित करना और अटारी भूमि-पारगमन चौकी को तत्काल बंद करना शामिल है। भारत ने 27 अप्रैल से पाकिस्तानी नागरिकों को जारी किए गए सभी वीज़ा भी रद्द कर दिए और पाकिस्तान में रहने वाले भारतीय नागरिकों को घर लौटने की सलाह दी।

CSK vs SRH Match Prediction:CSK vs SRH आज का मैच कौन जीतेगा: चेन्नई या हैदराबाद – किस टीम का पलड़ा है भारी?

 आईपीएल 2025 का 43वां लीग मैच चेन्नई सुपर किंग्स और सनराइजर्स हैदराबाद की टीम के बीच में 25 अप्रैल को सीएसके टीम के होम ग्राउंड एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेला जाएगा। दोनों ही टीमों के लिए अभी तक आईपीएल का 18वां सीजन किसी बुरे सपने से कम साबित नहीं हुआ है, जिसमें चेन्नई सुपर किंग्स ने 8 मैच खेले हैं और सिर्फ 2 में जीत दर्ज की है और अभी वह प्वाइंट्स टेबल में सबसे अंतिम पायदान पर मौजूद हैं। वहीं दूसरी तरफ सनराइजर्स हैदराबाद की टीम को लेकर बात की जाए तो उनकी भी स्थिति कुछ ऐसी ही देखने को मिली है, जिसमें उन्होंने भी 8 मैच खेलने के बाद सिर्फ 2 को ही जीता है। ऐसे में इस मैच में जिस भी टीम को हार का सामना करना पड़ेगा उसके लिए प्लेऑफ में पहुंचने की उम्मीदें लगभग खत्म हो जाएगी।

एमए चिदंबरम स्टेडियम की पिच रिपोर्ट

चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम की पिच को लेकर बात की जाए तो यहां पर स्पिन गेंदबाजों का दबदबा अधिक देखने को मिलता है। मुकाबला आगे बढ़ने के साथ बल्लेबाजों के लिए धीमी होती इस पिच पर रन बनाना काफी मुश्किल हो जाता है। हालांकि यदि मैच में ओस आती है तो इससे रन बनाना दूसरी पारी के दौरान थोड़ा आसान हो सकता है। इस पिच पर 160 से अधिक का स्कोर पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम यदि बनाती है तो उसके लिए मुकाबला जीतना थोड़ा आसान हो जाता है।

दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग 11

चेन्नई सुपर किंग्स – शेख रशीद, रचिन रवींद्र, आयुष म्हात्रे, रवींद्र जडेजा, शिवम दुबे, विजय शंकर, जेमी ओवरटन, एमएस धोनी (विकेटकीपर/कप्तान), नूर अहमद, खलील अहमद, मथीशा पथिराना।

सनराइजर्स हैदराबाद – अभिषेक शर्मा, ट्रैविस हेड, इशान किशन, नितीश कुमार रेड्डी, हेनरिक क्लासेन (विकेटकीपर), अनिकेत वर्मा, पैट कमिंस (कप्तान), हर्षल पटेल, जयदेव उनादकट, जीशान अंसारी, इशान मलिंगा।

हेनरिक क्लासेन और नूर अहमद के प्रदर्शन पर रहेगी सभी की नजरें

इस मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स की टीम के लिए स्पिनर नूर अहमद के चार ओवर्स काफी अहम रहने वाले हैं। पिछले कुछ मैचों में नूर की गेंदबाजी थोड़ा कमजोर देखने को मिली है, जिसमें वह वापस चेन्नई की पिच पर पहुंचने के साथ अपनी गेंदबाजी का कमाल दिखाना चाहेंगे। ऐसे में वह कैसा प्रदर्शन करते हैं उसपर इस मैच का परिणाम काफी कुछ सीएसके के लिए निर्भर करेगा। वहीं दूसरी तरफ सनराइजर्स हैदराबाद की टीम के लिए हेनरिक क्लासेन किस तरह का खेल दिखाते हैं वह काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है।

कौन सी टीम इस मुकाबले को कर सकती है अपने नाम

इस मुकाबले के संभावित परिणाम को लेकर बात की जाए तो सीएसके का पलड़ा उनके होम ग्राउंड पर हमेशा भारी देखने को मिला है, जिसमें भले ही उनका फॉर्म इस सीजन उम्मीद के अनुसार नहीं रहा लेकिन इसके बावजूद सीएसके को कोई भी टीम हल्के में लेने की भूल नहीं कर सकता है। वहीं दोनों टीमों के बीच हेड टू हेड रिकॉर्ड को लेकर बात की जाए तो उसमें साफतौर पर चेन्नई सुपर किंग्स का पलड़ा भारी दिखाई देता है। सीएसके और हैदराबाद के बीच अब तक आईपीएल में 22 मैच खेले गए हैं, जिसमें 16 को चेन्नई सुपर किंग्स की टीम जीतने में कामयाब हुई है तो वहीं सनराइजर्स हैदराबाद की टीम सिर्फ 6 मैच जीतने में सकी है। हालांकि क्रिकेट को अनिश्चिताओं का खेल कहा जाता है। ऐसे में इस खेल में किसी भी चीज का अनुमान लगा पाना मुश्किल जरूर है।

एनसीएलएटी ने अंसल एपीआई मामले में दिया अंतरिम आदेश, घर खरीदारों को मिली बड़ी राहत

एनसीएलएटी ने अंसल एपीआई मामले में दिया अंतरिम आदेश, घर खरीदारों को मिली बड़ी राहत
एनसीएलएटी ने अंसल एपीआई मामले में दिया अंतरिम आदेश, घर खरीदारों को मिली बड़ी राहत
एनसीएलएटी ने अंसल एपीआई मामले में दिया अंतरिम आदेश, घर खरीदारों को मिली बड़ी राहत
  • विधायक के साथ-साथ अधिवक्ता के तौर पर भी डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा की गई सक्रिय पैरवी रंग लाई, अंसल API के घर खरीदारों को मिला न्याय का भरोसा।
  • बीती 15 व 17 अप्रैल 2025 को विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह घर खरीदारों के हक में NCLAT में वकील बनकर पेश हुए, ट्रिब्यूनल ने पिछली सुनवाई में मामले पर फैसला सुरक्षित रखा था।
  • NCLAT ने Ansal API केस में अंतरिम आदेश पारित किया, जिससे घर खरीदारों को बड़ी राहत मिली है।
  • अंतरिम आदेश के तहत IRP अब ‘Expression of Interest’ आमंत्रित नहीं कर सकते, क्योंकि Form G जारी नहीं हुआ है।
  • CIRP के तहत चल रही Fernhill (गुरुग्राम) और Serene Residency (ग्रेटर नोएडा) जैसी परियोजनाओं में निवेशकों को उम्मीद की नई किरण दिखी है।
  • NCLAT ने सभी प्राधिकरणों को हस्तक्षेप की अनुमति दी, जिससे RERA और अन्य संस्थाएं सक्रिय भूमिका निभा सकेंगी।
  • मामले की अगली सुनवाई 20 मई 2025 को दोपहर 2 बजे निर्धारित की गई है, जिसमें जवाब और प्रत्युत्तर दाखिल होंगे।

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लखनऊ, True News UP ब्यूरो: अंसल API के घर खरीदारों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्राइब्यूनल (NCLAT) ने अंसल प्रॉपर्टीज़ एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (Ansal API) मामले में अंतरिम आदेश पारित करते हुए कई अहम निर्देश दिए हैं। यह आदेश उन हजारों घर खरीदारों के लिए एक उम्मीद की किरण है जो बीते कई वर्षों से अपने सपनों का घर पाने के लिए न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं।

क्या है मामला?

अंसल एपीआई के खिलाफ कॉरपोरेट इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) नवंबर 2022 से चल रहा है। कंपनी की दो बड़ी परियोजनाएं — फर्नहिल (Fernhill) जो गुरुग्राम में स्थित है और सीरीन रेजिडेंसी (Serene Residency) जो ग्रेटर नोएडा में स्थित है — पहले से ही अलग-अलग समाधान प्रक्रिया (Resolution Process) से गुजर रही हैं। इन दोनों परियोजनाओं में हजारों घर खरीदारों ने अपने जीवन भर की पूंजी लगाई है।

वित्तीय संकट के चलते कंपनी पर दिवालियापन की प्रक्रिया लागू की गई थी, लेकिन इसके कारण घर खरीदारों की स्थिति और भी जटिल हो गई थी। ऐसे में इस मामले में NCLAT का अंतरिम आदेश एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।

अंतरिम आदेश में क्या कहा गया?

NCLAT ने 24 अप्रैल 2025 को सुनवाई करते हुए तीन प्रमुख निर्देश दिए:

  1. ईओआई (Expression of Interest) पर रोक:
    अंतरिम आदेश के तहत इंटरिम रेजोल्यूशन प्रोफेशनल (IRP) अब “एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट” आमंत्रित नहीं कर सकते, क्योंकि अभी तक फॉर्म G जारी नहीं किया गया है। इसका सीधा मतलब यह है कि अभी किसी अन्य पक्ष को प्रस्ताव जमा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
  2. प्राधिकरणों के हस्तक्षेप की अनुमति:
    ट्रिब्यूनल ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस मामले में सभी सरकारी अथवा नियामक प्राधिकरण (Authorities) को हस्तक्षेप की अनुमति दी गई है। इससे यह उम्मीद जगी है कि RERA, नगर निगम, विद्युत विभाग और अन्य एजेंसियां घर खरीदारों के हित में अपनी भूमिका निभा सकती हैं।
  3. अगली सुनवाई की तिथि तय:
    मामला अब 20 मई 2025 को दोपहर 2 बजे के लिए स्थगित कर दिया गया है। उस दिन प्रतिवाद और प्रत्युत्तर दाखिल किए जाएंगे।

घर खरीदारों की लड़ाई को मिला सहारा

यह आदेश उन घर खरीदारों के लिए एक बड़ी जीत है जो वर्षों से फ्लैट का कब्जा पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। “फर्नहिल” और “सीरीन रेजिडेंसी” जैसी परियोजनाओं में घर खरीदारों ने अपने जीवन की जमा-पूंजी निवेश की थी, लेकिन निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया गया था और कंपनी पर वित्तीय संकट के बादल मंडराने लगे थे।

घर खरीदारों की ओर से कई मंचों पर आवाज़ उठाई जा रही थी, जिनमें RERA, NCLT, NCLAT और उच्च न्यायालय तक शामिल हैं। अब जबकि NCLAT ने अंतरिम राहत दी है, इससे घर खरीदारों के पक्ष को मजबूती मिली है।

CIRP के दौरान खरीदारों की समस्याएं

जब किसी रियल एस्टेट कंपनी पर दिवालियापन प्रक्रिया लागू होती है, तब सबसे अधिक असर उन मासूम ग्राहकों पर पड़ता है, जिन्होंने ईमानदारी से समय पर भुगतान किया होता है। CIRP के तहत:

  • परियोजनाओं का नियंत्रण IRP के पास चला जाता है।
  • घर खरीदारों की प्राथमिकता गिरवीदार संस्थाओं से नीचे कर दी जाती है।
  • निर्माण कार्य रुक जाता है और कब्जा मिलने की कोई समयसीमा तय नहीं रहती।
  • ऐसे में NCLAT द्वारा दिया गया यह अंतरिम आदेश खरीदारों के हितों की रक्षा के लिए बेहद जरूरी कदम माना जा रहा है।

खरीदारों की प्रतिक्रिया

फर्नहिल प्रोजेक्ट में निवेश करने वाले एक गृह खरीदार संजय मिश्रा ने कहा,
“हमने लगभग 10 साल पहले इस परियोजना में निवेश किया था, लेकिन आज तक मकान नहीं मिला। NCLAT का यह आदेश एक नई उम्मीद लेकर आया है। हम कोर्ट से यही उम्मीद करते हैं कि हमारी मेहनत की कमाई सुरक्षित रहे।”

वहीं, सीरीन रेजिडेंसी की खरीदार रचना सिंह ने कहा,
“हर महीने किराया और ईएमआई दोनों देना पड़ता है। अब इस आदेश से उम्मीद जगी है कि हमारी आवाज़ भी सुनी जा रही है।”

सरकार और नियामक संस्थानों से अपेक्षाएं

घर खरीदारों की सबसे बड़ी मांग यही है कि:

  • अधूरी परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए।
  • खरीदारों को वित्तीय संस्थाओं से ऊपर प्राथमिकता दी जाए।
  • कानूनों में ऐसे संशोधन किए जाएं जिससे घर खरीदारों के हितों की अनदेखी न हो।
  • RERA और अन्य नियामक संस्थाओं को भी इस दिशा में सख्ती से कदम उठाने की ज़रूरत है ताकि भविष्य में ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति न हो।

अब आगे क्या?

20 मई 2025 को इस मामले की अगली सुनवाई होगी जिसमें सभी पक्षों द्वारा प्रतिवाद और प्रत्युत्तर प्रस्तुत किए जाएंगे। उम्मीद की जा रही है कि अदालत खरीदारों के हितों को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द कोई ठोस फैसला देगी। Ansal API मामले में NCLAT का अंतरिम आदेश घर खरीदारों के लिए एक बड़ी राहत है। यह आदेश यह संकेत देता है कि न्याय प्रणाली अब खरीदारों की पीड़ा को समझ रही है और उनके हितों की रक्षा के लिए तत्पर है।
True News UP इस संघर्ष में हर घर खरीदार के साथ खड़ा है। हमारी अपील है कि सभी पीड़ित खरीदार एकजुट होकर इस कानूनी लड़ाई को मजबूत करें और अपने अधिकारों की रक्षा करें।
हम हर मंच पर घर खरीदारों के लिए न्याय की लड़ाई लड़ते रहेंगे।