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भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने ‘एनवायरमेंट वॉरियर्स’ मंच से दिया संदेश: ‘अब भी नहीं संभले तो विलुप्त हो जाएगी जैव विविधता, खीरी के कट्टैया किशनपुर में आयोजित हुए इंटर-स्कूल क्विज, पेंटिंग प्रतियोगिता और वन कर्मियों के सम्मान और पर्यावरण जन जागरूकता कार्यक्रम

'एनवायरमेंट वॉरियर्स' 4.0 अभियान: कट्टैया किशनपुर, खीरी में आयोजित हुए इंटर-स्कूल क्विज, पेंटिंग प्रतियोगिता और वन कर्मियों के सम्मान और पर्यावरण जन जागरूकता कार्यक्रम
'एनवायरमेंट वॉरियर्स' 4.0 अभियान: कट्टैया किशनपुर, खीरी में आयोजित हुए इंटर-स्कूल क्विज, पेंटिंग प्रतियोगिता और वन कर्मियों के सम्मान और पर्यावरण जन जागरूकता कार्यक्रम
'एनवायरमेंट वॉरियर्स' 4.0 अभियान: कट्टैया किशनपुर, खीरी में आयोजित हुए इंटर-स्कूल क्विज, पेंटिंग प्रतियोगिता और वन कर्मियों के सम्मान और पर्यावरण जन जागरूकता कार्यक्रम
  • एनवायरमेंट वॉरियर्स 4.0′ अभियान के तहत कट्टैया किशनपुर में इंटर-स्कूल क्विज और पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन हुआ।
  • विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने वैश्विक पर्यावरण संकट पर आंकड़ों के माध्यम से जागरूकता बढ़ाई।
  • दुधवा टाइगर रिजर्व के 30 वाचरों को साइकिल वितरित कर सेवा भावना का सम्मान किया गया।
  • डॉ. सिंह ने यूपी में वन क्षेत्र बढ़ने और बाघों-गैंडों की संख्या बढ़ने की उपलब्धि को रेखांकित किया।
  • स्कूलों में डिजिटल शिक्षा, पर्यावरण विषय अनिवार्य बनाने और ग्रामीण महिलाओं के लिए सिलाई केंद्र खोलने की घोषणाएं हुईं।
'एनवायरमेंट वॉरियर्स' 4.0 अभियान: कट्टैया किशनपुर, खीरी में आयोजित हुए इंटर-स्कूल क्विज, पेंटिंग प्रतियोगिता और वन कर्मियों के सम्मान और पर्यावरण जन जागरूकता कार्यक्रम
‘एनवायरमेंट वॉरियर्स’ 4.0 अभियान: कट्टैया किशनपुर, खीरी में आयोजित हुए इंटर-स्कूल क्विज, पेंटिंग प्रतियोगिता और वन कर्मियों के सम्मान और पर्यावरण जन जागरूकता कार्यक्रम

खीरी: प्रकृति संरक्षण के प्रति अपनी गहरी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए सरोजनी नगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने सोमवार को कट्टैया किशनपुर स्थित रेंजर्स कार्यालय प्रांगण में आयोजित पर्यावरणीय जागरूकता कार्यक्रम के चौथे चरण (4.0) में सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान 17 स्थानीय विद्यालयों के लगभग 250 विद्यार्थियों के बीच इंटर-स्कूल क्विज तथा पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिससे बच्चों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी विकसित हो सके। इस दौरान थारु समाज की महिलाओं ने पारम्परिक शिल्प कृतियों का प्रदर्शन भी किया।

इंटर स्कूल क्विज प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पाने वाले गुरुकुल अकैडमी के मनजोत कौर & ग्रुप को ₹20 हजार, द्वितीय स्थान पाने वाले विवेकानंद अकैडमी के शौर्य प्रताप & ग्रुप को ₹15 हजार, तथा तृतीय स्थान पाने वाले विवेकानंद अकैडमी के समूह निहारिका & ग्रुप को ₹10 हजार की प्रोत्साहन राशि प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही पेंटिंग प्रतियोगिता की विजेता विवेकानंद अकैडमी की प्रशू कुमारी को ₹2.5 हजार, उपविजेता लिवलीन कौर को ₹2 हजार और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले SVPS विद्यालय के देव कश्यप को ₹1.5 हजार की राशि प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, दुधवा टाइगर रिजर्व प्रभाग के 30 वाचरों को साइकिल वितरित कर उनकी सेवा भावना को प्रोत्साहित किया गया तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 5 वनकर्मियों गौरव यादव, अमित गंगवार, नंदराम, अरविन्द चौरसिया, भानु यादव को सम्मानित किया गया।

प्रति घंटे तीन प्रजातियाँ हमेशा के लिए हो रहीं विलुप्त

कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. सिंह ने पहलगाम हादसे में दिवंगत पर्यटकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए की। उन्होंने धरती को अधिक सुंदर और बेहतर बनाने के लिए सभी से मिलकर प्रयास करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में डॉ. राजेश्वर सिंह ने वैश्विक पर्यावरण संकट की गंभीरता को रेखांकित करते हुए कहा: आज जब हम आर्थिक समृद्धि के नए प्रतिमान गढ़ रहे हैं, तब हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि पृथ्वी पर जीवन की विविधता ही हमारे अस्तित्व का मूल है।” उन्होंने बताया कि: संयुक्त राष्ट्र (UN) के अनुसार, 1 मिलियन (10 लाख) से अधिक प्रजातियाँ निकट भविष्य में विलुप्त हो सकती हैं। IUCN Red List के अनुसार, वर्तमान में 42,100 से अधिक प्रजातियाँ विलुप्ति के खतरे में हैं। 1970 से अब तक 60% से अधिक वन्यजीव आबादी समाप्त हो चुकी है। प्रति घंटे तीन प्रजातियाँ हमेशा के लिए विलुप्त हो रही हैं। 99% संकटग्रस्त प्रजातियाँ मानवीय गतिविधियों जैसे वनों की कटाई, जलवायु परिवर्तन और अवैध व्यापार के कारण संकट में हैं। अनुमान है कि 2050 तक समुद्र में मछलियों से अधिक प्लास्टिक कचरा होगा। विधायक ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि विश्व में वायु प्रदूषण के कारण हर वर्ष 70 लाख लोगों की मृत्यु होती है, जिनमें से 25 लाख मौतें भारत में होती हैं।

उत्तर प्रदेश में सकारात्मक प्रयासों की सराहना: डॉ. राजेश्वर सिंह ने प्रसन्नता व्यक्त की कि उत्तर प्रदेश का वन क्षेत्र बढ़कर लगभग 10% तक पहुँच गया है। उन्होंने कहा कि दुधवा क्षेत्र में बाघों की संख्या लगभग दोगुनी हो चुकी है और गेंडों की संख्या में भी वृद्धि दर्ज की गई है, जो संरक्षण प्रयासों की सफलता का प्रतीक है। उन्होंने Field Director राजा मोहन को बाघ संरक्षण में उत्कृष्ट कार्य के लिए विशेष बधाई दी और जिलाधिकारी दुर्गाशक्ति नागपाल द्वारा जल संरक्षण के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय प्रयासों की भी सराहना की, जिनके लिए उन्हें भारत के राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया गया है। अंबालिका ग्रुप ऑफ़ इंस्टिट्यूट के चेयरमैन अम्बिका मिश्रा द्वारा वाइल्डलाइफ कंजरवेशन के क्षेत्र में किए जा रहे सतत कार्यों की भी डॉ. सिंह ने मुक्त कंठ से प्रशंसा की।

स्थानीय विकास और भविष्य की पहल: डॉ.सिंह ने घोषणा की कि 10 गांवों में सिलाई केंद्रों की स्थापना कराई जाएगी, जिससे ग्रामीण महिलाओं को आजीविका का साधन मिलेगा। CSR फंड के माध्यम से उन सेंचुरी क्षेत्रों में वाटर पंप्स लगाए जाएंगे, जहाँ इसकी आवश्यकता है। स्कूलों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित कराई जाएगी ताकि भविष्य की बदलती नौकरियों की आवश्यकताओं के अनुरूप बच्चों को तकनीकी शिक्षा से लैस किया जा सके, क्योंकि अनुमान है कि 2030 तक वर्तमान 70% नौकरियाँ अस्तित्व में नहीं रहेंगी। डॉ. सिंह ने यह भी बताया कि उन्होंने विधानसभा में अस्थाई वन्य कर्मियों को स्थायी करने का प्रस्ताव रखा है तथा मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि उत्तर प्रदेश बोर्ड के पाठ्यक्रम में पर्यावरणीय शिक्षा को अनिवार्य विषय के रूप में शामिल किया जाए। इससे प्रदेश के 25 लाख छात्रों को पर्यावरणीय चुनौतियों के प्रति जागरूक बनाया जा सकेगा।

जिलाधिकारी एवं फील्ड डायरेक्टर का संबोधन: जिलाधिकारी दुर्गाशक्ति नागपाल ने उपस्थित छात्र – छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने पर्यावरण संरक्षण के लिए अपना, समय और सामर्थ्य अर्पित किया और इस महत्वपूर्ण कार्य को अपने कंधो पर उठाया है। युवाओं से अपने मात – पिता को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। एन्वॉयरन्मेंट एच. राजा मोहन का सम्बोधन – फील्ड डायरेक्टर एच. राजा मोहन ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग आदि कारणों से ग्लेशियर पिघल रहे, वनों में आग लगने की घटनाएं बढ़ रही हैं, ऐसे में वनों का संरक्षण सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। तराई क्षेत्र के छात्र – छात्राओं को प्रोत्साहित फील्ड डायरेक्टर ने कहा की आप का सौभाग्य है कि आप तराई क्षेत्र में रह रहे और आपको वन संरक्षण का मौका मिला है।

अभियान की अब तक की यात्रा: एनवायरमेंट वारियर्स अभियान की शुरुआत 12 जनवरी 2025 को श्री गुरु गोबिंद सिंह राजकीय महाविद्यालय, पलियाकलां (खीरी) से हुई थी, जहाँ विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह और वित्त मंत्री श्री सुरेश कुमार खन्ना की उपस्थिति में डिजिटल लाइब्रेरी का लोकार्पण, 5 मेधावी छात्रों को टैबलेट वितरण, 30 वॉचरों को साइकिल वितरण और 5 वनकर्मियों के सम्मान के साथ ‘प्राइड ऑफ तराई’ सम्मान भी प्रदान किया गया था। इसके बाद 16 फरवरी 2025 को मोतीपुर गेस्ट हाउस, बहराइच में आयोजित दूसरे संस्करण में 12 विद्यालयों के 81 छात्रों के बीच इंटर-स्कूल क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया तथा 30 वॉचरों को साइकिल और 5 वनकर्मियों को सम्मानित किया गया। तीसरा संस्करण 28 मार्च 2025 को मुस्तफाबाद फॉरेस्ट रेस्ट हाउस, पीलीभीत में हुआ, जिसमें वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना और डॉ. राजेश्वर सिंह की उपस्थिति में 10 विद्यालयों के छात्रों के मध्य डिबेट और क्विज का आयोजन, ‘प्राइड ऑफ तराई’ और ‘प्राइड ऑफ पीलीभीत’ सम्मान, 1000 पौधों का रोपण, 2 सोलर वाटर होल का लोकार्पण, 30 वॉचरों को साइकिल वितरण, 5 वनकर्मियों का सम्मान, 10 महिला स्वयं सहायता समूहों को ‘तारा शक्ति केंद्र’ (सिलाई केंद्र) प्रदान करना, प्राथमिक विद्यालय चोखापुरी में स्मार्ट क्लास का उद्घाटन तथा रण बहादुर सिंह डिजिटल शिक्षा एवं सशक्तिकरण केंद्र की स्थापना जैसी कई महत्वपूर्ण गतिविधियाँ सम्पन्न हुईं।

इस अवसर पर कार्यक्रम की गरिमा को बढ़ाने हेतु जिलाधिकारी खीरी दुर्गा शक्ति नागपाल, अम्बालिका ग्रुप ऑफ़ इंस्टिट्यूट, लखनऊ के अध्यक्ष अम्बिका मिश्रा, फील्ड डायरेक्टर एच. राजा मोहन, डीएफओ सुरेश सहाय, डायरेक्टर ‘वन बीट’ दुधवा अमित पाल सिंह, पूर्व वरिष्ठ अधिकारी शरद चौधरी सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही। सभी अतिथियों ने कार्यक्रम के उद्देश्यों की सराहना करते हुए बच्चों में जागरूकता की इस पहल को एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

लखनऊ: सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र में “आपका विधायक आपके द्वार” जनसुनवाई शिविर में बेहसा ग्रामवासियों की समस्याओं का हुआ समाधान, सेवा और सम्मान का दिखा अनूठा संगम

  • बेहसा के 4 मेधावियों का सम्मान, बेटियों को मिला खेल संसाधन, ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान — विधायक राजेश्वर सिंह ने कायम की जनसेवा की मिसाल
  • आपका विधायक आपके द्वार’ : ग्रामीण विकास और जनसम्मान की दिशा में डॉ. राजेश्वर सिंह का सशक्त कदम – अडिग संकल्प
  • 117 सप्ताह से अनवरत जारी ‘आपका विधायक आपके द्वार’- सरोजनीनगर में जनसेवा और सरकार के बीच सेतु का सशक्त माध्याम
  • जनसेवा के अटूट संकल्प के साथ सरोजनीनगर परिवार के लिए यह अभियान निरंतर आगे बढ़ता रहेगा: डॉ. राजेश्वर सिंह

लखनऊ : हर नागरिक तक जनसुविधाओं का सहज लाभ पहुंचाने, जन समस्याओं का त्वरित समाधान करने और हर गांव के मेधावियों तक प्रोत्साहन और सम्मान पहुँचाने के उद्देश्य के साथ सरोजनीनगर में विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा विगत 117 सप्ताह से विभिन्न गांवों में ‘आपका विधायक आपके द्वार’ जनसुनवाई शिविर का आयोजन किया जा रहा है।

117वें जनसुवाई शिविर में ग्राम बेहसा के लोगों की सुनी गई समस्या

रविवार को राजा बिजली पासी वार्ड द्वितीय के ग्राम पंचायत बेहसा में 117वें ‘आपका विधायक -आपके द्वार’ जन सुनवाई शिविर का आयोजन कर उपस्थित ग्राम वासियों से विधायक राजेश्वर सिंह की टीम ने सहज संवाद कर उनकी समस्याओं एवं आकाँक्षाओं को जानने का प्रयास किया, साथ ही लोगों से सरोजनीनगर विधानसभा के उत्तरोतर प्रगति से सम्बंधित महत्वपूर्ण सुझाव भी प्राप्त किये।

इस दौरान रोड, विद्युत, सिलाई सेंटर, लैपटॉप, स्ट्रीट लाइट, साइकिल एवं विभिन्न पेंशनों सम्बंधित कुल 34 आवेदन प्राप्त हुए, कुछ समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रयास किया गया तथा कुछ आवेदनों के लिए आवश्यक दिशानिर्देश तय किये गए, विधायक डॉ. सिंह ने बताया की जनता से प्राप्त हर एक आवेदन- हर एक सुझाव मेरे लिए महत्वपूर्ण हैं, उसपर प्राथमिकता से कार्रवाई की जायेगी।

गाँव की शान पहल के अंतर्गत 4 मेधावियों को प्रोत्साहन और सम्मान :

शिक्षा को नया आयाम देने तथा बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने के उद्देश्य के साथ विधायक राजेश्वर द्वारा शुरू किए गए ‘गांव की शान’ पहल के अंतर्गत हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले ग्राम बेहसा के 4 मेधावी छात्रों- ध्रुव कुशवाहा (89.66%), अलीमा शेख (88%), विदुषी मिश्रा (82%) और वैष्णवी जायसवाल (81%) को साइकिल, घड़ी व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

खेल को प्रोत्साहन – ग्राम बेहसा में 74वें यूथ क्लब का गठन :

खेल संसाधनों के प्रसार और बेटियों को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने के सतत क्रम में ग्राम बेहसा में 74वें गर्ल्स यूथ क्लब का गठन कर कैरम, वॉलीबॉल, फुटबॉल आदि आउटडोर व इंडोर की स्पोर्ट्स किट प्रदान की गई। सम्मान और खेल के तमाम संसाधन पाकर सभी बच्चों ने विधायक राजेश्वर सिंह के इस पहल की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।

प्रबुद्धजनों का सम्मान तथा ताराशक्ति निःशुल्क रसोई से अन्नसेवा

कार्यक्रम में मौजूद गाँव के प्रबुद्ध नागरिकों को अंग वस्त्र प्रदान कर विधायक राजेश्वर की टीम द्वारा सम्मानित किया गया साथ ही शिविर में आए सभी ग्रामीणों को विगत 22 महीनों से अनवरत संचालित ‘तारा शक्ति निःशुल्क रसोई’ के माध्यम से ताजा – पौष्टिक भोजन भी उपलब्ध कराया गया!

विधायक राजेश्वर ने अपने इस अभिनव योजना की जानकारी देते हुए बताया की हर गाँव, हर घर तक, सेवा, सम्मान, जन – जन की समस्याओं के समाधान और जनसेवा के अटूट संकल्प के साथ सरोजनीनगर परिवार के लिए यह अभियान निरंतर आगे बढ़ता रहेगा!

Walking Mistakes: रोजाना वॉक करने के बाद भी अगर जिद्दी चर्बी नहीं घट रही है, तो टहलते समय इन गलतियों से बचें

आजकल लोग वजन कम करने के लिए तमाम तरह के तरीके अपनाते हैं। लेकिन वेट लॉस के लिए लिए सबसे आसान और असरदार तरीका पैदल टहलना है। हालांकि कई लोग ऐसा सोचते हैं कि रोजाना 30-40 मिनट वॉक करने से वेट लॉस कम हो जाएगा। लेकिन फिर भी हफ्तों और महीनों के बाद भी वेज ज्यों का त्यों बना रहता है, तो निराशा हाथ लगती है। अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है, तो ऐसा भी हो सकता है कि आप टहलने के दौरान कुछ ऐसी गलतियां कर रहे हों जो आपकी वेट लॉस की जर्नी को बेकार कर रही हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको कुछ ऐसी आदतों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो वेट लॉस की जर्नी में बाधा बन सकती हैं।

कैलोरी बर्न करना

बता दें कि सिर्फ पैदल चलने से ही वेट लॉस नहीं होता है, बल्कि सही डाइट भी फॉलो करना जरूरी है। अगर आपको लगता है कि टहलने से जो कैलोरी बर्न हुई है, उसकी भरपाई के लिए आप कुछ भी खा सकते हैं, तो यह वेट लॉस की जर्नी में सबसे बड़ी गलती साबित हो सकती है।

क्या करना चाहिए

वेट लॉस के लिए हेल्दी डाइट अपनाएं और मीठे ड्रिंक्स, फास्ट फूड और तले-भुने खाने से बचना चाहिए।

इसके साथ ही अपने कैलोरी इनटेक पर भी नजर रखें। इसलिए आप जितना कैलोरी बर्न कर रहे हैं, उससे ज्यादा कैलोरी इनटेक नहीं लेना चाहिए।

एक तरह से चलना

अगर आप रोजाना एक ही स्पीड और एक ही तरीके से पैदल चलते हैं। तो धीरे-धीरे शरीर उसके अनुकूल हो जाता है और कैलोरी बर्न होना भी कम हो जाता है।

क्या करना चाहिए

स्पीड वॉक

धीरे-धीरे चलने की जगह तेज चलना चाहिए, जिससे कि कैलोरी तेजी से बर्न हो सकें।

इंटरवल वॉकिंग

पहले 1 मिनट तेज चलें और फिर 30 सेकेंड धीरे चलें। जिससे मेटाबॉलिज्म तेज होगा।

ऊंची-नीची जगहों पर चलें

वेट लॉस के लिए चढ़ाई पर चलने से पैरों और पेट की चर्बी तेजी से घटती है।

बॉडी पॉश्चर और चाल

बता दें कि बहुत सारे लोग बिना ध्यान दिए ऐसे चलने लगते हैं, लेकिन अगर आप सही तरीके से वॉक नहीं करेंगे तो इसका आपको पूरा फायदा नहीं मिलता है।

क्या करना चाहिए

पैदल चलने के दौरान पीठ सीधी रखें और कंधे भी झुके हुए नहीं होने चाहिए।

पैरों को सही तरीके से रखें और हाथों को स्विंग करें। जिससे कि मसल्स ज्यादा एक्टिव हो सकें।

धीरे नहीं बल्कि एक्टिव और एनर्जेटिक अंदाज में चलना चाहिए।

पूरे दिन बैठे रहना

अगर आप रोजाना 30-40 मिनट की वॉक के बाद पूरा दिन कु्र्सी पर बैठे रहते हैं, तो इससे वेट लॉस होना मुश्किल हो जाएगा। वेट लॉस के लिए पूरा दिन एक्टिव रहना जरूरी है।

क्या करना चाहिए

रोजाना हर एक घंटे में 5-10 मिनट के लिए टहलें।

वहीं घर या ऑफिस में जितना हो सके, उतना चलना चाहिए।

इसके साथ ही सीढ़ियों का इस्तेमाल करना चाहिए और छोटी दूरी के लिए बाइक या गाड़ी की बजाय पैदल जाएं।

वेट लॉस के लिए पैदल चलना ही काफी नहीं

बता दें कि पैदल चलने से कैलोरी बर्न होती है और यदि आप मसल्स बिल्ड नहीं करते हैं, तो मेटाबॉलिज्म स्लो रहता है। वहीं तेजी से वेट लॉस भी नहीं होगा।

क्या करना चाहिए

पैदल चलने के साथ ही आपको पुश-अप्स, स्क्वाट्स और लाइट वेट लिफ्टिंग भी करना चाहिए।

सप्ताह में कम से कम 2-3 दिन योग या स्ट्रेचिंग को भी शामिल करना चाहिए।

शरीर को टोन करने के साथ ही कार्डियो के साथ मसल्स स्ट्रेंथनिंग एक्सरसाइज को भी शामिल करना चाहिए।

सही तरीके से घटेगा वजन

बता दें कि रोजाना पैदल चलना स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है। लेकिन अगर आप एक्टिव लाइफस्टाइल, डाइट और वॉकिंग टेक्निक पर ध्यान नहीं देते हैं, तो वेट लॉस में मुश्किलें आ सकती हैं।

वेट लॉस के लिए सही खानपान अपनाएं।

अपने वॉकिंग के तरीके में बदलाव करें।

पूरा दिन एक्टिव रहने का प्रयास करें।

रूटीन में स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को जरूर शामिल करें।

Benefits of Eating Garlic: हाई कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने में लहसुन है बेहद असरदार, सेहत को मिलेंगे कई फायदे

आयुर्वेद में लहसुन को प्राकृतिक रूप से कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली एक औषधि के रूप में जाना जाता है। लहसुन में एलिसिन नामक महत्वपूर्ण तत्व मौजूद होता है, जोकि बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है। इतना ही नहीं लहसुन ब्लड वेसेल्स को हेल्दी रखने के साथ ही हार्ट को भी मजबूत करता है। इसके सेवन से ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको लहसुन का सेवन करने के लाभ और इसके इस्तेमाल के तरीके के बारे में बताने जा रहे हैं।

लहसुन क्यों है फायदेमंद

आयुर्वेद में लहसुन का सेवन बेहद आम माना जाता है। क्योंकि लहसुन में शरीर की सेल्स को बनाने की क्षमता होती है। इसका सेवन करना हमारे हार्ट और ब्लड सर्कुलेशन के लिए विशेष रूप से लाभकारी होता है। क्योंकि लहसुन आर्टरीज में जमे फैट को हटाकर ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है।

लहसुन खाने के मुख्य फायदे

कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करना

लहसुन का नियमित सेवन करने से बैड कोलेस्ट्रॉल कम होता है और गुड कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है।

आर्टरीज की सफाई

लहसुन का सेवन करने से ब्लड वेसेल्स में जमा फैट कम होता है, जिससे हार्ट स्ट्रोक और हार्ट अटैक का खतरा कम होता है।

बीपी कंट्रोल करना

लहसुन का सेवन करने से बीपी कंट्रोल करने में सहायता मिलती है।

एंटीऑक्सीडेंट गुण

लहसुन का सेवन करने से यह हमारे शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाता और यह शरीर को डिटॉक्स करता है।

ब्लड सर्कुलेशन में सुधार

लहसुन ब्लड को पतला करता है, जिससे ब्लड सर्कुलेशन में सुधार होता है।

डाइट में ऐसे करें शामिल

आप सुबह खाली पेट 1-2 कच्ची लहसुन की कलियां खा सकती हैं।

लहसुन को कुचलकर पानी में मिलाएं और फिर रातभर के लिए छोड़ दें, वहीं अगली सुबह खाली पेट यह पी लें। इससे बैड कोलेस्ट्रॉल कम होता है और गुड कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है। जिससे हार्ट हेल्थ बेहतर होता है।

आप दो-तीन कुचे हुए लहसुन को शहद में मिलाकर सुबह खाली पेट सेवन करें। इससे वजन कम करने में भी मदद मिलती है।

आप सलाद, सब्जी या सूप में लहसुन युक्त जैतून के तेल का इस्तेमाल करके खा सकते हैं।

वहीं आप दाल, चटनी और सब्जी में मिलाकर लहसुन को खा सकते हैं।

इन बातों का रखें खास ख्याल

अधिक लहसुन का सेवन करने से पेट में जलन हो सकती है।

अगर आप ब्लड थिनर की दवा ले रहे हैं, तो आपको लहसुन खाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

नियमित रूप से लहसुन का सेवन करने से हार्ट और ब्लड सर्कुलेशन अच्छा रहता है।

लहसुन कोलेस्ट्रॉल से जुड़ी बीमारियां रोकता है।

पश्चिमी यूपी का एक्सेंट सीखने के लिए ट्यूशन लिया, तब जाकर सैफ अली खान ने अपने किरदार में जान डाली

साल 2006 में रिलीज हुई फिल्म ‘ओमकारा’ एक कल्ट साबित हुई और इसके सभी किरदार सुपरहिट रहे। लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा हुई सैफ अली खान की। अजय देवगन, करीना कपूर, विवेक ओबेरॉय और सैफ अली खान जैसे सितारों से सजी डायरेक्टर विशाल भारद्वाज की ये फिल्म लोगों को खूब पसंद आई थी। इस फिल्म में सैफ अली खान ने नेगेटिव किरदार निभाया था। इस किरदार का नाम था लंगड़ा त्यागी और फिल्म का सबसे खूंखार करेक्टर उभरकर सामने आया। फिल्मों में चॉकलेटी हीरो की इमेज रखने वाले सैफ अली खान ने इस किरदार के लिए हीरो से विलेन का रूप लिया था। सैफ अली खान ने इस किरदार के लिए अपना सिर मुंडाया, पश्चिमि उत्तर प्रदेश का एक्सेंट सीखा और ट्यूशन तक लगाया था। इन सभी कहानियों का खुलासा फिल्म के राइटर रहे रॉबिन भट्ट ने किया है।

सिर मुंडाकर बन गए हीरो से विलेन

फिल्म के राइटर रॉबिन भट्ट ने हाल ही में फ्राइडे टॉकीज को इंटरव्यू दिया है। जिसमें अपने करियर के तमाम किस्से सुनाए हैं। इसी दौरान रॉबीन बताते हैं, ‘आमिर खान इस रोल के लिए तैयार थे। लेकिन हमारे पास 2 ऑप्शन थे जिसमें दूसरे नंबर पर सैफ अली खान रहे। सैफ अली खान ने इस किरदार को निभाया और इसके लिए कड़ी मेहनत की। सैफ ने अपने बाल कटा दिए और पश्चिमि उत्तर प्रदेश का एक्सेंट भी सीखा। इसके लिए सैफ को ट्यूशन तक लेनी पड़ी। सैफ इस किरदार को लेकर काफी उत्साहित थे।’ बता दें कि विशाल भारद्वाज की ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर भी हिट रही थी। साथ ही सैफ अली खान के करियर में भी मील का पत्थर साबित हुई। इस करिदार के बाद सैफ अली खान को एक नए तरह के रोल्स एक्सप्लोर करने का मौका मिला।

फिल्म ने लगा दी थी अवॉर्ड्स की झड़ी

फिल्म ओमकारा के गाने भी सुपरहिट रहे थे और करीना कपूर को बेस्ट एक्ट्रेस का फिल्म फेयर अवॉर्ड भी मिला था। इतना ही नहीं फिल्म ने कुल 30 अवॉर्ड्स अपने नाम कर झड़ी लगा दी थी। कोंकणा सेन शर्मा को भी उनके रोल के लिए बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का फिल्म फेयर अवॉर्ड दिया गया था। इसके साथ ही इसी फिल्म के लिए सुनिधी चौहान ने बेस्ट प्लेबैक सिंगर का फिल्म फेयर अवॉर्ड अपने नाम किया था। फिल्म की कहानी भी काफी जबरदस्त थी और आज भी इस फिल्म की एक खास जगह है। फिल्म के किरदार आज भी सोशल मीडिया पर वायरल रहते हैं।