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Canada election Result Live:  कनाडा के चुनाव में कौन सी पार्टी जीत रही है, और भारत पर इसका क्या असर पड़ेगा?

कनाडा में प्रधानमंत्री पद के लिए चुनाव संपन्न हो चुके हैं। इसके साथ ही चुनाव के परिणाम भी सामने आने लगे हैं। इस चुनाव में मुख्य मुकाबला सत्ताधारी लिबरल पार्टी के उम्मीदवार व प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और विपक्षी कंजर्वेटिव पार्टी के नेता पियरे पोइलिवरे के बीच हो रहा है। बता दें कि कनाडा के पूर्व पीएम जस्टिन ट्रूडो भी लिबरल पार्टी के ही थे जिन्होंने चुनाव से पहले ही घटती लोकप्रियता के कारण इस्तीफा दे दिया था। आइए जानते हैं कि इस चुनाव में किस पार्टी को मिल रही है जीत और इस चुनाव का भारत पर क्या असर होने वाला है। आपको बता दें कि कनाडा के संघीय चुनाव में जीत के लिए किसी भी दल को 172 सीटें जीतनी पड़ेगी।

कनाडा चुनाव के रिजल्ट

पार्टीसीटलीडवोट शेयर
लिबरल (LIB)2213147.1%
कंजर्वेटिव (CON)711539.5%
ब्लॉक क्यूबेकॉइस (BQ)0236.7%
न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी (NDP)064.6%
ग्रीन पार्टी (GRN)000.9%

जानें पीएम उम्मीदवारों के बारे में

मार्क कार्नी- कनाडा के प्रधानमंत्री और लिबरल पार्टी के उम्मीदवार मार्क कार्नी 60 साल के हैं। वह पूर्व इन्वेस्टमेंट बैंकर हैं जिन्होंने पूर्व में कनाडा और ब्रिटेन दोनों के केंद्रीय बैंकों के गवर्नर के रूप में काम किया है। जस्टिन ट्रूडो के पीएम पद से इस्तीफे के बाद हाल ही में मार्क कार्नी को कनाडा की पीएम बनाया गया था। राजनीति में नए होने के बावजूद कार्नी को खुद को ऐसे शख्स के रूप में पेश किया है जो कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से पेश की जा रही चुनौतियों से निपट सकते हैं।

पियरे पोइलिवरे– कंजर्वेटिव पार्टी की ओर से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार पियरे पोइलिवरे एक पेशेवर राजनेता हैं। उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप की तरह ही कनाडा में प्रचार किया और मुख्य ध्यान कनाडा के घरेलू मुद्दों पर रखा। जस्टिन ट्रूडो को बेहद अलोकप्रिय बनाने में पियरे पोइलिवरे का सबसे ज्यादा हाथ रहा है। माना जा रहा था कि पियरे पोइलिवरे आसानी से चुनाव जीत जाएंगे लेकिन मार्क कार्नी उन्हें कड़ी टक्कर दे रहे हैं और बीते कुछ दिनों में लोकप्रियता में पोलीवरे से आगे निकल गए हैं।

भारत पर क्या होगा असर?

लिबरल पार्टी के नेता और कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कनाडा के संबंधों को कई देशों के साथ बुरी तरह से बिगाड़ दिया था। भारत के साथ तो कनाडा के संबंध ऐतिहासिक रूप से खराब दौर में चले गए थे। दोनों देशों ने एक-दूसरे के राजनयिकों तक को निकाल दिया था। हालांकि, मार्क कार्नी ने पीएम पद संभालते ही भारत के साथ संबंध सुधारने की बात कही थी। इसके अलावा पियरे पोइलिवरे भी कनाडा-भारत संबंध के लिए बेहतर साबित हो सकते हैं।

यशस्वी जायसवाल ने किया शानदार कारनामा, सचिन तेंदुलकर को पीछे छोड़ने में हासिल की सफलता

इंडियन प्रीमियर लीग यानी IPL 2025 के 47वें मैच में राजस्थान रॉयल्स के सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने बल्ले से कमाल कर दिया। गुजरात टाइटंस के 209 रनों का पीछा करते हुए यशस्वी जायसवाल ने 14 साल के वैभव सूर्यवंशी के साथ मिलकर धमाकेदार अंदाज में पारी का आगाज किया। दोनों ने 5 ओवर में ही अपनी टीम का स्कोर 81 रन पहुंचा दिया। इस दौरान वैभव सूर्यवंशी महज 17 गेंदों पर अपना पहला IPL अर्धशतक जड़ने में कामयाब रहे। वैभव सबसे कम उम्र में IPL में अर्धशतक जड़ने वाले बल्लेबाज बने। उन्होंने रियान पराग का रिकॉर्ड तोड़ा। इस दौरान यशस्वी जायसवाल एक छोर संभाले रहे और 37 रन के निजी स्कोर पर पहुंचने के साथ ही बड़ा कारनामा कर दिया।

सचिन तेंदुलकर से आगे यशस्वी जायसवाल 

दरअसल, यशस्वी जायसवाल ने 37 रन बनाते ही IPL में अपने 2000 रन पूरे कर लिए। उन्होंने 62वीं पारी में यह उपलब्धि हासिल की। इस तरह वह IPL में सबसे तेज 2000 रन जड़ने वाले तीसरे भारतीय बल्लेबाज बन गए। उन्होंने सचिन तेंदुलकर को पछाड़ा। सचिन ने 63 पारियों में 2000 IPL रन जड़ने का बड़ा कारनामा किया था। अब जायसवाल महान बल्लेबाज सचिन से आगे निकल गए हैं। IPL में सबसे तेज 2000 रन बनाने का रिकॉर्ड क्रिस गेल के नाम दर्ज है। गेल ने महज 48 पारियों में 2000 रन का आंकड़ा छुआ था।

IPL में सबसे तेज 2000 रन बनाने वाले बल्लेबाज 

  • क्रिस गेल – 48
  • शॉन मार्श – 52
  • ऋतुराज गायकवाड़ – 57
  • केएल राहुल – 60
  • यशस्वी जायसवाल – 62
  • सचिन तेंदुलकर – 63

जायसवाल ने IPL 2025 में ठोका 5वां अर्धशतक

यशस्वी जायसवाल ने गुजरात के खिलाफ 31 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया। ये उनके IPL करियर का 14वां अर्धशतक है। इसके अलावा वह IPL में 2 शतक भी ठोक चुके हैं। इस सीजन की बात की जाए तो जायसवाल 10 मैचों में 400 से ज्यादा रन बना चुके हैं। IPL 2025 में वह राजस्थान के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। उन्होंने मौजूदा सीजन में 5 अर्धशतक जड़े हैं। जायसवाल भले ही बल्ले से कमाल कर रहे हैं, लेकिन उनकी टीम राजस्थान का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा है। टीम को अब तक सिर्फ 2 जीत मिली हैं।

‘काबिल एक्टर्स का मर्डर कर दिया’, आलिया की को-स्टार ने बॉलीवुड पर लगाए गंभीर आरोप

ड्रीम गर्ल 2, गंगूबाई काठियावाड़ी और शुभ मंगल सावधान जैसी फिल्मों में अपने दमदार किरदारों के लिए मशहूर सीमा पाहवा को फिल्म इंडस्ट्री में 40 साल से ज्यादा का समय हो गया है। अब उन्होंने इस ओर संकेत दिए हैं कि वह जल्दी ही इंडस्ट्री छोड़ सकती हैं। सीमा पाहवा का मानना है कि बॉलीवुड इंडस्ट्री को पुरानी सोच वाले कलाकारों की कद्र नहीं है। दिग्गज अभिनेत्री ने इंडस्ट्री की वर्तमान स्थिति पर नाराजगी जाहिर की और कहा कि इंडस्ट्री में क्रिएटिव लोगों की जगह और उनके लिए सम्मान कम हो चुका है। उनका मानना है कि अब इंडस्ट्री पूरी तरह से व्यावसायिक हो गई और इंडस्ट्री पर अब बड़े-बड़े बिजनेसमैन का कब्जा है।

चेहरे का व्यवसाय बन गया है बॉलीवुड

बॉलीवुड ठिकाना से बातचीत में सीमा पाहवा ने माना कि आज बॉलीवुड कहानियां बताने के बजाय चेहरे बेचने का व्यवसाय बन गया है। इसी दौरान उन्होंने ये भी खुलासा किया कि कई बार फिल्म मेकर्स उन्हें फोन करते हैं और नए कलाकारों को काम सिखाने को कहते हैं। लेकिन, वह किसी को भी काम सिखाने से इनकार कर देती हैं, क्योंकि उनका मानना है कि इंडस्ट्री में ऐसे लोगों को मौका दिया जाना चाहिए जिन्हें काम आता है। इस तरह, सीमा ने खुलासा किया कि वह उन नेपो किड्स को एक्टिंग नहीं सिखाएंगी जिनमें प्रतिभा की कमी है ताकि उन्हें लॉन्च किया जा सके।

मेरे बच्चों को नहीं मिला मौका- सीमा पाहवा

बॉलीवुड ठिकाना से बात करते हुए सीमा ने खुलासा किया कि एक्टिंग ग्रेजुएट और थिएटर में प्रशिक्षित होने के बावजूद उनके बच्चों को बॉलीवुड में मौका नहीं मिला। सीमा ने कहा, “उन्हें लगता है कि उनका फैसला गलत है। वे कहते हैं कि हमने उन्हें जो कुछ भी सिखाया है, उसका मौजूदा सिस्टम में कोई महत्व नहीं है। उन्हें इस बात का अफसोस है कि हमने उन्हें स्टार नहीं बल्कि एक्टर बनाया… हमने उनसे और अधिक प्रशिक्षण लेने, थिएटर में और अधिक काम करने के लिए कहा और भले ही वे यह सब कर रहे हैं, लेकिन वे कहीं नहीं हैं।”

मैं नेपोटिज्म के खिलाफ नहीं- सीमा पाहवा

सीमा के अनुसार, वह नेपोटिज्म के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन जब बात स्टारकिड्स की आती है तो इन्वेस्टमेंट में बैलेंस होना जरूरी है। उन्होंने कहा- “मैं क्यों कहूंगी कि स्टार किड्स को सिनेमा में नहीं आना चाहिए। जिस तरह से मैं चाहती हूं कि मेरे बच्चे आगे बढ़ें, वैसे ही दूसरों को भी ऐसी ही उम्मीदें होंगी, है न? लेकिन, ऐसे बहुत से एक्टर हैं जिन्होंने FTII या NSD  से ट्रेनिंग ली है, उन्हें किसी भी फिल्म में क्यों नहीं लिया जा रहा है। मैं एक ऐसे व्यक्ति को जानती हूं जो एक्टिंग में ग्रेजुएट है और थिएटर कलाकार है, जिसने ऑफर की कमी के कारण एक्टिंग और शहर छोड़ दिया।”

मुझे बहुत जल्दी इंडस्ट्री को नमस्ते कहना होगा- सीमा

सीमा पाहवा आगे कहती हैं- ‘मेरे मन में एक सवाल उठता है, शायद मैं अच्छी हूं, लेकिन इतनी अच्छी नहीं कि मुझे लीड रोल में लेकर फिल्म बनाई जाए। एक तरफ शिकायत है, लेकिन फिर एक तरफ लगता है कि मेरी कुछ सीमाएं हैं। यही वजह है कि मुझे लीड रोल में नहीं लिया गया। मैं इंडस्ट्री में उस पीक पर पहुंच चुकी हूं, जहां मुझे लगता है कि मुझे बहुत जल्दी इंडस्ट्री को नमस्ते करना होगा। बॉलीवुड इंडस्ट्री की हालत बहुत खराब हो चुकी है। क्रिएटिव लोगों की हत्या कर दी गई है और इंडस्ट्री पर व्यापारी कब्जा कर चुके हैं। वे इंडस्ट्री को अपना व्यवसायिक मानसिकता के साथ चलाना चाहते हैं, लेकिन मुझे नहीं लगता कि जिस इंडस्ट्री में हमने इतने सालों काम किया, वहां इस तरह काम किया जा सकता है।’

जब हवा में उड़ी पूजा बेदी की स्कर्ट… फराह खान ने ‘पहला नशा’ के सेट से जुड़ा मजेदार किस्सा साझा किया

फिल्म निर्माता और कोरियोग्राफर फराह खान इन दिनों अपने फूड व्लॉग्स को लेकर खूब सुर्खियां बटोर रही हैं। उनके इन व्लॉग्स को उनके कुक दिलीप ने खास बना दिया है। दोनों के बीच की मजेदार बातचीत को दर्शक खूब पसंद करते हैं। अब फराह ने हाल ही में अपने यूट्यूब चैनल पर अलाया फर्नीचरवाला और उनकी मां पूजा बेदी के साथ एक मजेदार एपिसोड होस्ट किया। इस दौरान अलाया ने अपने खास प्रोटीन से भरपूर ब्लूबेरी पैनकेक तैयार किए। दूसरी तरफ फराह और पूजा पुरानी यादों में खो गईं और 1992 की फिल्म ‘जो जीता वही सिकंदर’ में साथ काम करने के दौरान की मजेदार कहानियां याद कीं।

आमिर खान-पूजा बेदी पर फिल्माया गया था ‘पहला नशा’

फराह ने पूजा बेदी, आमिर खान पर फिल्माए ‘पहला नशा’ से जुड़ी यादें शेयर करते हुए पूजा को टेरिबल डांसर बताया। दरअस, इस गाने को फराह खान ने ही कोरियोग्राफ किया था। 1992 में आई इस फिल्म आमिर खान और आयशा जुल्का लीड रोल में थे। अब फराह ने ‘जो जीता वही सिकंदर’ के आइकॉनिक सॉन्ग ‘पहला नशा’ की शूटिंग से जुड़ा किस्सा शेयर किया, जो बेहद मजेदार था।

फराह खान को याद आया ‘पहला नशा’ से जुड़ा किस्सा

फराह खान, अलाया को बताती हैं कि उनकी मां बिलकुल भी अच्छी डांसर नहीं हैं, जबकि अलाया शानदार डांसर हैं। इसके बाद फराह ‘पहला नशा’ में पूजा बेदी के स्कर्ट उड़ने वाले सीन के बारे में चर्चा करती हैं। फराह, अलाया से कहती हैं- ‘मैंने तुम्हारी मां के साथ काफी वक्त गुजारा है। मैंने उन्हें बहुत डांस कराने की कोशिश की। मुझे पूछना है कि इसके (अलाया) अंदर किसके जीन्स आए हैं, क्योंकि ये बहुत अच्छी डांसर है। तुम जानती हो, जब पूजा को कार के ऊपर खड़े होकर स्कर्ट में डांस करना था, लड़के बेहोश हो गए थे। वो नीचे फैन पकड़कर खड़े थे।’

ड्रेस को आगे से खीचती तो पीछे से उड़ने लगती- पूजा बेदी

पूजा तुरंत उस गाने की शूटिंग के दिनों को याद करते हुए कहती हैं कि ये गाना शूट करना उनके लिए काफी मुश्किल था। पूजा कहती हैं कि फराह इसे बढ़ा-चढ़ाकर बता रही हैं। पूजा ने स्पष्ट किया कि स्पॉट बॉय थोड़ी दूर खड़ा था। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि जब भी वह अपनी ड्रेस को आगे से नीचे खींचती थीं, तो वह पीछे से ऊपर की ओर उड़ जाती थी।

पूजा बेदी ने बताई पूरी कहानी

वह कहती हैं- ‘सेट पर एक स्पॉट बॉय था जो फैन लेकर खड़ा था, ताकि स्कर्ट उड़ती रहे। मैं अपनी ड्रेस को नीचे खींचने की बहुत कोशिश कर रही थी… लेकिन, पंखा चल रहा था और मैं सोच रही थी कि अपनी ड्रेस को संभालूं या डांस करूं। क्योंकि, जब मैं स्कर्ट को आगे से पकड़ती तो वह पीछे से उड़ने लगती और वहां मौजूद लोग हंस रहे थे। एक स्पॉट बॉय पीछे खड़ा था। मैंने इस गाने के दौरान थोंग पहन रखे थे।’ तभी फराह बताती हैं कि ये पहली बार था जब उन्होंने थोंग देखे थे। फराह ने कहा- ‘मैंने पहली बार थोंग देखा था। ये उन दिनों ये बहुत आम नहीं थे।

‘अंग्रेज का बच्चा लगता है’, स्टारकिड को ताने मिले, गोरे रंग ने करियर में डाली रुकावट

बॉलीवुड से लेकर साउथ तक अपनी कलाकारी से फिल्मी दुनिया में एक अलग छाप छोड़ने वाले एक्टर नील नितिन मुकेश अक्सर सुर्खियों में रहते हैं। नील नितिन मुकेश भी फिल्मी खानदान से ताल्लुक रखते हैं। वह सिंगर नितिन मुकेश के बेटे और दिग्गज सिंगर मुकेश के पोते हैं। लेकिन, बॉलीवुड में फिल्मी खानदान से होने उनके काम नहीं आया। उन्हें अन्य स्टारकिड्स जैसी सफलता और मौके नहीं मिले। उन्होंने बताया कि कैसे उन्हें अपने करियर में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। खासतौर पर अपने लुक्स और रंग को लेकर। उनके लुक्स और फैमिली बैकग्राउंड के आधार पर उन्हें जज किया करते थे।

करियर में देखे उतार-चढ़ाव

एक्टर ने अब हाल ही में ‘थेरेपी डायरीज’ के साथ इंटरव्यू के दौरान बताया कि उनके करियर में क्या-क्या उतार चढ़ाव आया। उन्होंने बताया कि लोग कैसे उनके लुक्स को लेकर उन्हें शक भरी निगाहों से देखते थे। पिता और दादा की तुलना करते हुए लोग उनकी क्षमताओं पर शक करते थे। उन्होंने बताया कि लोग ये भी पूछते थे कि क्या वह अच्छे से हिंदी बोल सकते हैं क्योंकि वह फिरंगी दिखते थे। लोगों का मानना था कि वह विदेशी के बच्चे लगते हैं। ऐसे में लोगों के मन में ये सवाल भी था कि क्या वह एक्टिंग कर सकेंगे, या हिंदी में बात कर पाएंगे?

पहली फिल्म से पहले इस बात का था डर

इंटरव्यू के दौरान उनसे पूछा गया कि क्या आपको पहली फिल्म मिलने से पहले किसी तरह का कोई डर था। एक्टर नील ने कहा  ‘जब तक मुझे अपनी पहली फिल्म नहीं मिली, तब तक मैंने खुद पर किसी भी चीज को हावी नहीं होने दिया। मैं किसी भी तरह के डर को बर्दाश्त नहीं कर सकता था। लेकिन, लोगों की विचारधारा ने धीरे-धीरे मेरे लिए चुनौतियां बढ़ा दीं। मेरे लिए पहले से ही एक चुनौती थी कि मैं मुकेश जी का पोता हूं और गायक का बेटा हूं।’

नील नितिन की चुनौतियां

एक्टर नील नितिन ने बताया कि लोगों का शक करना ही उनकी चुनौतियों को और बढ़ा दिया।   एक्टर ने कहा- ‘लोगों को शक था कि मैं अभिनय भी कर सकता हूं या नहीं। मेरी हिंदी कैसी है? मुझे हिंदी आती भी है या नहीं? लोग कहते थे- फिरंगी दिखता है। इसलिए मुझे इन चुनौतियों से निपटना पड़ा। लोग कहते थे, मैं अंग्रेज का बच्चा दिखता हूं। काश मैं हिंदी फिल्मों में काम कर पाता। ये सब मेरी कमियां थीं जिन्हें मैंने सकारात्मकता में बदल दिया।’

नील नितिन मुकेश का करियर 

एक्टर नील नितिन को भले ही बहुत से लोगों ने उनके लुक और हिंदी भाषा को लेकर उन पर शक किया था। लेकिन एक्टर ने सारे शक को सफलता में बदल दिया। नील नितिन ने इंडस्ट्री में खुद को सफल बनाने के लिए खुद से एक वादा किया और जी जान से मेहनत कर के एक सफल अभिनेता बन गए। उन्होंने 1988 और 1989 में ‘विजय’ और ‘जैसी करनी वैसी भरनी’ से फिल्मी दुनिया में बाल कलाकार के रूप में कदम रखा।  एक्टर ने साल 2002 में फिल्म ‘मुझसे दोस्ती करोगे’ में सहायक निर्देशक के रूप काम किया और बतौर लीड एक्टर ‘जॉनी गद्दार’ (2007) से अपना डेब्यू किया था। उनकी अंतिम फिल्म ‘हिसाब बराबर’ साल 2024 में रिलीज हुई थी।