Home Blog Page 592

श्री कृष्ण जन्माष्टमी : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जन्मस्थली से दिया लोकमंगल का संदेश

  • सीएम योगी ने श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर दी जन्माष्टमी की बधाई, सनातन धर्म के संरक्षण पर दिया जोर
  • जन्माष्टमी पर CM योगी का आह्वान: ‘धर्म पथ का अनुसरण कर राष्ट्र मंगल के लिए करें कार्य’

16 अगस्त, मथुरा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थान पहुंचकर दर्शन किए और देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं को संबोधित किया। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के धर्म पथ पर चलने का आह्वान करते हुए लोकमंगल और राष्ट्र मंगल के लिए कार्य करने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान सनातन धर्म की विरासत के संरक्षण और आधुनिक विकास के बीच संतुलन बनाने की बात कही, साथ ही अपनी सरकार की उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला।
 
कृष्ण जन्मभूमि से दिया एकता और राष्ट्रवाद का संदेश
सुबह करीब 11.50 बजे श्रीकृष्ण जन्मस्थान पहुंचे मुख्यमंत्री योगी ने सबसे पहले ठाकुर केशवदेव और माता योगमाया के दर्शन किए। इसके बाद उन्होंने गर्भ गृह में श्रीकृष्ण चबूतरे की पूजा- अर्चना की। भागवत भवन के दर्शन के बाद, उन्होंने श्रद्धालुओं से भरे परिसर में अपना संबोधन दिया। मुख्यमंत्री ने “वृंदावन बिहारी लाल” और “जय श्री राधे” के जयकारे लगाए, जिससे पूरा परिसर गूंज उठा। उन्होंने श्री कृष्ण के 5252 वें जन्मोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह ब्रजभूमि भगवान विष्णु के पूर्ण अवतार श्रीकृष्ण की लीलाओं की भूमि है, और यह हम सबका सौभाग्य है कि भगवान के कई अवतारों ने उत्तर प्रदेश की भूमि को कृतार्थ किया है। उन्होंने कहा कि अयोध्या से लेकर मथुरा तक, ये स्थान हमारी आध्यात्मिक विरासत के प्रतीक हैं।

डबल इंजन सरकार के विकास कार्यों पर बल
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले आठ- नौ वर्षों से उन्हें जन्माष्टमी और बरसाना के रंगोत्सव में शामिल होने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार ने मथुरा, वृंदावन, बरसाना, गोकुल, बलदेव, गोवर्धन और राधा कुंड जैसे स्थानों को तीर्थ के रूप में पुन: स्थापित करने का संकल्प लिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में चल रही डबल इंजन सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई कि वे आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए आधुनिक विकास पर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने काशी विश्वनाथ धाम और अयोध्या में बन रहे भव्य राम मंदिर का उदाहरण देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश अपनी आध्यात्मिक विरासत और अत्याधुनिक विकास के लिए देश और दुनिया में एक नया प्रतिमान स्थापित कर रहा है।

गौ संरक्षण और सामाजिक एकता पर जोर
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गौ संरक्षण के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गौ माता सनातन धर्म के प्रतीकों में से एक है। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार निराश्रित गोवंश के संरक्षण के लिए कार्य कर रही है, और जो किसान गौ पालन करते हैं, उन्हें ₹1500 प्रति माह दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में 16 लाख से अधिक गोवंश का संरक्षण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने लोगों से जाति, क्षेत्र या भाषा के नाम पर देश को कमजोर करने वाली प्रवृत्तियों से सावधान रहने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले जवानों का सम्मान करना और सामाजिक एकता के लिए कार्य करना हमारा संकल्प होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक सनातन धर्म का ध्वज दुनिया का मार्गदर्शन करता रहेगा, तब तक विश्व बंधुत्व, शांति और सौहार्द का भाव बना रहेगा।

पंच प्रण का संकल्प
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के ‘पंच प्रण’ का उल्लेख किया, जिसमें गुलामी के अंशों को पूरी तरह से समाप्त करना, स्वदेशी को जीवन का मंत्र बनाना, विरासत का संरक्षण करना, देश के जवानों का सम्मान करना और सामाजिक एकता के लिए कार्य करना शामिल है। उन्होंने काशी विश्वनाथ धाम और अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण का उदाहरण देते हुए कहा कि इन परियोजनाओं ने देश की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित किया है। उन्होंने कहा कि विंध्यवासिनी धाम में बन रहा कॉरिडोर भी श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।

ब्रज तीर्थ विकास परिषद की भूमिका
मुख्यमंत्री ने ब्रज क्षेत्र के विकास के लिए कार्यरत ब्रज तीर्थ विकास परिषद की सराहना की और कहा कि यह परिषद माननीय जनप्रतिनिधियों के मार्गदर्शन में इस क्षेत्र को विकास के नित नए प्रतिमानों की ओर ले जा रही है। उन्होंने कहा कि यह हमारा कर्तव्य है कि हम 5000 वर्ष से अधिक की इस पौराणिक विरासत को आधुनिक विकास की प्रक्रिया से जोड़ें। उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि हमें उन दुष्प्रवृत्तियों से सावधान रहना होगा जो देश को कमजोर करने की कोशिश करती हैं।

सनातन के प्रतीकों का सम्मान
अपने संबोधन के अंत में, मुख्यमंत्री ने गंगा, यमुना, गौ माता, गायत्री और तीर्थों जैसे सनातन धर्म के प्रतीकों का सम्मान करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ये सभी हमारी पहचान हैं और इनका संरक्षण हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने एक बार फिर सभी को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की बधाई दी और उनके साथ ‘श्री केशव देव महाराज की जय’, ‘श्री कृष्ण कन्हैया की जय’, ‘श्री राधे रानी की जय’, ‘श्री यमुना मैया की जय’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए।

लखनऊ कनेक्शन वर्ल्डवाइड ने धूमधाम से मनाया 79वां स्वतंत्रता दिवस : निराला गेस्ट हाउस में गूंजे देशभक्ति गीत, कविताएं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

लखनऊ : आजादी के जश्न का रंग निराला गेस्ट हाउस, निराला नगर में उस वक्त गाढ़ा हो गया, जब लखनऊ कनेक्शन वर्ल्डवाइड ग्रुप ने पूरे उत्साह और जोश के साथ 79वां स्वतंत्रता दिवस मनाया।

तिरंगे संग उमंग और सम्मान

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्री अमित गुप्ता (अध्यक्ष – अवध चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री) व वरिष्ठ सदस्यों द्वारा ध्वजारोहण और राष्ट्रगान से हुआ। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानियों को नमन करते हुए ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना की वीरता को याद किया।

कविताओं और संबोधनों से भावविभोर हुआ माहौल

वरिष्ठ सदस्य श्री राम किशोर बाजपेयी ने जोशीली देशभक्ति कविता सुनाकर सभी का मन मोह लिया। वहीं, अमेरिका से आए श्री अरुण श्रीवास्तव, एडमिन श्री कैलाश कुमार श्रीवास्तव, वरिष्ठ पत्रकार व समाजसेवी श्री नागेन्द्र बहादुर सिंह चौहान और छात्र अक्षत शर्मा ने प्रेरणादायी विचार रखे।

सांस्कृतिक कार्यक्रम में झलका देशप्रेम

आशीष नवल, नम्रता मिश्रा, राजेन्द्र सिंह पंवार, रश्मि मिश्रा, अरविंद मिश्रा, नीरजा शुक्ला और राजीव वत्सल ने गीत, नृत्य और प्रस्तुतियों से दर्शकों के दिलों में जोश और देशप्रेम का संचार किया।

आयोजन में सक्रिय योगदान

पूरे कार्यक्रम की रूपरेखा शोएब कुरैशी के नेतृत्व में बनी। स्थल समन्वय मनीष भारतीय ने किया और मंच संचालन रश्मि मिश्रा व नवीन कोहली ने संभाला। वहीं, नीरजा शुक्ला, प्रदीप शुक्ला, विनोद श्रीवास्तव, रेनु पवार, अन्विता मनीष और अनामिका गुप्ता सूरी ने आयोजन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।

अंत में श्रीमती व श्री अरुण श्रीवास्तव ने सभी अतिथियों व प्रतिभागियों का आभार जताया और कार्यक्रम का समापन राष्ट्रप्रेम की भावना के साथ हुआ।

Health Tips: भारत में तेजी से बढ़ रहा ‘साइलेंट किलर’, चिंताजनक रूप से बढ़ रहे मामले

हर साल देश में हजारों लोग फेफड़ों के कैंसर का शिकार बन रहे हैं। लेकिन अधिकतर मामलों में इस गंभीर बीमारी का पता तब चलता है, जब तक बहुत देर हो चुकी है। साल 2022 में 1 लाख से ज्यादा नए मामले सामने आए थे। वहीं लगातार यह आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। हम सब जानते हैं कि सिगरेट और बीड़ी पीना फेफड़ों के कैंसर का सबसे बड़ा कारण होता है। पुरुषों में इसके मामले अधिक देखे जाते हैं। क्योंकि उनमें धूम्रपान की आदत अधिक पाई जाती है।

लेकिन ऐसा नहीं है कि अगर आप धूम्रपान नहीं करते हैं, तो आप सुरक्षित हैं। आजकल लोगों में फेफड़ों का कैंसर तेजी से फैल रहा है, जिन्होंने कभी सिगरेट को हाथ भी नहीं लगाया। इसके पीछे का कारण धूम्रपान का धुआं, फैक्ट्रियों से निकलने वाला धुआं है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको फेफड़ों के कैंसर का लक्षण और इसके बचाव के तरीकों के बारे में बताने जा रहे हैं।

लक्षण

खांसी में खून आना

सांस लेने में दिक्कत या जल्दी हांफ जाना

ऐसी खांसी जो ठीक होने का नाम न ले

सीने में दर्द या भारीपन महसूस होना

अचानक वजन कम होना या भूख न लगना

बार-बार फेफड़ों में इन्फेक्शन होना

आवाज में बदलाव या भारीपन

इलाज

सर्जरी

अक्सर स्टेज 1 के लंग्स कैंसर में पाया जाता है। जोकि कैंसर केवल फेफड़ों में है। ऐसी स्थिति में सर्जरी से कैंसर को हटा दिया जाता है। यह फिर फेफड़ों का वह हिस्सा जो कैंसर से प्रभावित है, उसको हटा दिया जाता है।

रेडियोथेरेपी

बता दें कि कई केसज ऐसे भी होते हैं, जब मरीज का शरीर सर्जरी के लिए तैयार नहीं होता है। ऐसे में रेडियोथेरेपी के जरिए इलाज किया जाता है। इसके जरिए कैंसर को हटाया जाता है।

कीमोथेरेपी

कीमोथेरेपी का इस्तेमाल तब किया जाता है, जब ऊपर के दोनों तरीके काम नहीं आते हैं और कैंसर का खतरा अधिक बढ़ा होता है।

लखनऊ : भाषा विश्वविद्यालय में मनाया गया आज़ादी का 79वां स्वतंत्रता दिवस

लखनऊ: ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय द्वारा 79वां स्वतंत्रता दिवस बड़े ही धूम धाम से विश्वविद्यालय परिसर में मनाया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत माननीय कुलपति प्रो अजय तनेजा के द्वारा ध्वजारोहण के माध्यम से हुआ। उसके बाद कुलपति प्रो अजय तनेजा ने विश्वविद्यालय परिवार को संबोधित करते हुए कहा कि कुलाधिपति महोदया के मार्गदर्शन एवं सतत निरीक्षण में विश्वविद्यालय में नैक विजिट का कार्य पूर्ण हुआ है जिसके फलस्वरूप विश्वविद्यालय को नैक बी++ ग्रेड (CGPA- 2.86) प्राप्त हुआ।

विश्वविद्यालय में प्रथम बार 50 लाख रूपये के Corpus Fund की स्थापना विश्वविद्यालय के विकास सम्बन्धी कार्यो हेतु की गयी। भाषा विवि में नई नियुक्तियां, अतिथि प्राध्यापकों के वेतन बढ़ोतरी भाषा विश्वविद्यालय परिवार के हित में किया गया।

इसीके साथ प्रो अजय तनेजा ने सभी को स्वतंत्रता दिवस की मंगलकामनाएं दीं। और हर घर तिरंगा के अंतर्गत विभिन्न प्रतियोगिताओं के विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किये गए।

कार्यक्रम का संचालन डॉ.नलिनी मिश्रा ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव डॉ महेश कुमार ने किया।

कार्यक्रम के इस अवसर पर विश्वविद्यालय के वित्त अधिकारी साजिद आज़मी, उपकुलसचिव मो साहिल, प्रो चन्दना डे, प्रो सौबान सईद, प्रो हैदर अली और डॉ राजकुमार सहित विश्वविद्यालय के सभी शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी, एनसीसी कैडेट, और विद्यार्थी भारी तादाद में उपस्थित रहे।

स्वतंत्रता दिवस पर यूपी पुलिस ने पेश किया उपलब्धियों का खाका

  • स्वतंत्रता दिवस पर यूपी पुलिस ने ध्वजारोहण कर राज्यभर में उपलब्धियाँ गिनाईं।
  • डीजीपी ने महिला सुरक्षा, साइबर अपराध नियंत्रण और सौहार्द को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।
  • 2017 से अब तक 91 अपराधियों का एनकाउंटर, 1 लाख से अधिक आरोपियों को दोषसिद्धि मिली।
  • UP-112 हेल्पलाइन ने 1090, 181, 108, 1930 को मिलाकर 1,257 लोगों की जान बचाई।
  • यूपी पुलिस को 2047 तक आधुनिक, संवादशील और संवेदनशील फोर्स बनाने का विज़न पेश किया गया।

लखनऊ : स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय में राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। इस दौरान डीजीपी ने अधिकारियों और कर्मचारियों को शुभकामनाएँ दीं और पुलिस बल की उपलब्धियाँ साझा कीं।

डीजीपी ने कहा कि “पुलिस केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों के विश्वास और सुरक्षा की गारंटी भी है।” उन्होंने महिला सुरक्षा, साइबर अपराध नियंत्रण और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने को पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।

उपलब्धियों का ज़िक्र करते हुए बताया गया कि इस वर्ष 17 पुलिसकर्मियों को राष्ट्रपति पदक, 6 को विशेष सेवा पदक और 72 को सराहनीय सेवा पदक प्रदान किए गए हैं। इसके अलावा 763 कर्मियों को उत्कृष्ट सेवा पदक और 486 को विशिष्ट सेवा सम्मान मिला।

डीजीपी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी पुलिस की “Zero Tolerance Policy” ने अपराधियों के हौसले पस्त किए हैं। STF, ATS और ANTF के साथ जिला पुलिस ने मिलकर संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलताएँ अर्जित की हैं।

पिछले तीन वर्षों में यूपी पुलिस भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव आया है। अब नए भर्ती जवानों को केवल शारीरिक प्रशिक्षण और कानून की जानकारी ही नहीं, बल्कि हाईब्रिड मोड से तकनीकी स्किल, साइबर अपराध की जांच, संवाद कौशल और त्वरित निर्णय क्षमता पर भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

पुलिस ने आँकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि वर्ष 2017 से अब तक 34 मुठभेड़ों में 91 अपराधियों का सफाया हुआ, जिनमें 2 की मौत भी शामिल है। जबकि 1 लाख से अधिक आरोपियों को दोषसिद्धि कराई गई, जिनमें 70 को मौत की सजा और 8,785 को आजीवन कारावास मिला।

UP-112 हेल्पलाइन को देश की सबसे भरोसेमंद सेवा बताया गया। अब इसमें 1090, 181, 108, 1930 जैसे सभी हेल्पलाइन नंबर एकीकृत कर दिए गए हैं। मोबाइल और मॉड्यूल आधारित गश्त से पुलिस अब घटनास्थल पर तेज़ प्रतिक्रिया दे रही है।

सोशल मीडिया के जरिये भी पुलिस की सक्रियता बढ़ी है। 1 जनवरी 2023 से 12 अगस्त 2025 तक, पुलिस के सोशल मीडिया सेल की मदद से 1,257 लोगों की जान बचाई गई। इसे “ग्लोबल बेस्ट प्रैक्टिस” का दर्जा भी मिला है।

यूपी पुलिस केवल “लॉ एंड ऑर्डर फोर्स” नहीं, बल्कि “फ्रेंडली और ट्रांसपेरेंट फोर्स” बनने की दिशा में काम कर रही है। वर्ष 2047 तक आधुनिक, संवादशील और संवेदनशील पुलिसिंग को लक्ष्य बनाया गया है।