Home Blog Page 590

Health Tips: बेवजह आवाज बैठना या भारी लगना हो सकता है शुरुआती संकेत, जानें विशेषज्ञों की राय

कैंसर एक गंभीर और जानलेवा बीमारी है। लेकिन अगर समय रहते इस गंभीर बीमारी की पहचान हो जाती है, तो इसका इलाज संभव है। आज के समय में कैंसर की पहचान और इलाज के लिए आधुनिक तकनीकें मौजूद हैं। जिसकी सहायता से लाखों लोगों ने जीवन की दूसरी शुरूआत की है। हालांकि यह समस्या तब गंभीर हो जाती है, जब इसके शुरूआती लक्षणों को नजरअंदाज कर दिया जाता है। बता दें कि कैंसर शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकता है। जैसे स्तन, फेफड़े, गला, थायराइड, मस्तिष्क, आंत या खून में। कई बार कैंसर शरीर में इतने चुपचाप फैलता है। वहीं इसका तब पता चलता है, जब यह गंभीर रूप ले सकता है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए थायराइड कैंसर के लक्षणों के बारे में बताने जा रहे हैं।

थायराइड कैंसर के लक्षण

गले में गांठ या सूजन

बता दें कि थायराइड कैंसर का सबसे आम और पहला लक्षण गले में उभार या गांठ का महसूस होना है। यह गांठ धीरे-धीरे आकार में बढ़ सकती है और इसमें दर्द भी नहीं होता है। यह गांठ गले में किसी भी तरफ हो सकती है। कई बार स्पर्श करने या शीशे में देखने से यह पता चलती है। ऐसे में गले में किसी भी असामान्य उभार को नजरअंदाज करने की गलती नहीं करना चाहिए।

आवाज में बदलाव आना या भारीपन

थायराइड ग्रंथि वोकल कॉर्ड्स के पास होती है, इसलिए जब भी इस ग्रंथि में ट्यूमर या सूजन होती है, तो इसका असर आपकी आवाज पर पड़ सकती है। बिना कारण के आवाज बदल जाना या आवाज भारी हो जाना, इस बात का संकेत होता है कि ग्रंथि में कोई गड़बड़ है। अगर यह समस्या लंबे समय तक बनी रहे, तो डॉक्टर से परामर्श जरूर करें।

निगलने या सांस लेने में दिक्कत

जब थायराइड ट्यूमर बढ़ने लगता है, तो यह वायु या भोजन मार्ग पर दबाव डाल सकता है। इसकी वजह से खाना निकलने या सांस लेने में परेशानी हो सकती है। वहीं अगर स्थिति पर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो यह गंभीर रूप ले सकती है।

गले में दर्द या बेचैनी

थायराइड कैंसर की गांठ दर्दरहित होती है। लेकिन कई बार ट्यूमर के विकास के साथ गले में हल्का दर्द, जकड़न या असगजता महसूस हो सकती है। यह दर्द कान तक फैल सकता है। वहीं अगर लगातार बेचैनी बनी रहती है, तो आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

अचानक वेट बढ़ना या घटना

हालांकि यह लक्षण सीधे तौर पर थायराइड कैंसर से नहीं जुड़ते हैं। लेकिन शरीर केमेटाबॉलिज्म को थायराइड ग्रंथि कंट्रोल करती है। जब इसका काम प्रभावित होता है, तो वेट तेजी से घटता या बढ़ता है। इसके साथ ही कमजोरी, थकान और मूड में बदलाव महसूस हो सकते हैं।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

नेचर लवर्स के लिए स्वर्ग समान हैं जमशेदपुर के पास की ये खूबसूरत जगहें, जिन्हें आप एक दिन में घूम सकते हैं

जमशेदपुर झारखंड का सबसे बड़ा शहर है, जो अपनी सुंदरता के लिए जाना जाता है। इस शहर को स्टील सीटी या टाटानगर के नाम से भी जाना जाता है। जमशेदपुर को देश का औद्योगिक शहर भी माना जाता है। यह झारखंड का एक प्रमुख शहर है, लेकिन जब भी यहां पर घूमने की बात होती है, तो बहुत कम जगहें ऐसी हैं, जहां पर पर्यटक घूमने के लिए पहुंचते हैं। इसलिए कई लोग जमशेदपुर के आसपास घूमने के लिए कई जगह तलाश करते हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको जमशेदपुर के आसपास की कुछ खूबसूरत और शानदार जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं। ऐसे में आप इन जगहों को एक दिन की ट्रिप में एक्सप्लोर कर सकते हैं।

डालमा हिल्स

जमशेदपुर में जब भी किसी शानदार और खूबसूरत जगह घूमने की बात होती है, तो कई लोग डालमा हिल्स का सबसे पहले नाम लेते हैं। कई लोग इसको दालमा हिल्स के नाम से भी जानते हैं। यह अपनी प्राकृतिक सुंदरता और लुभावने दृश्यों के लिए भी जाना जाता है। झारखंड के कई शहरों से पर्यटक डालमा में पिकनिक मनाने के लिए भी पहुंचते हैं। यहां पर लोग एडवेंचर एक्टिविटी का भी लुत्फ उठा सकते हैं।

यहां घूमें

डालमा हिल्स व्यू पॉइंट

दलमा वन्यजीव अभयारण्य

मकुलाकोचा

डालमा माई मंदिर

चांडिम डैम

झारखंड में सुवर्णरेखा नदी पर चांडिम डैम स्थित है। यह राज्य का प्रमुख डैम होने के साथ ही एक फेमस खूबसूरत पर्यटन स्थल भी है। यहां का पानी सिंचाई के अलावा औद्योगिक उपयोग, पेयजल और जलविद्युत उत्पादन के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है।

इस डैम को एक फेमस पिकनिक स्पॉट के रूप में भी जाना जाता है। यहां पर कई पर्यटक बोटिंग का और प्रकृति का लुत्फ उठाने के लिए पहुंचते हैं। चांडिम डैम को साइबेरियन पक्षियों का घर भी माना जाता है। मानसून में इस डैम की खूबसूरती अपने चरम पर होती है।

घाटशिला

जमशेदपुर से करीब 50 किमी की दूरी पर स्थित घाटशिला एक खूबसूरत और प्रमुख पहाड़ी शहर है। यह राज्य के पूर्वी सिंहभूमि जिले में स्थित है। यह खूबसूरत शहर सुवर्णरेखा नदी के किनारे बसा है। झारखंड में घाटशिला को ‘उत्सवों का शहर’ भी माना जाता है। इस जगह को प्रकृति प्रेमियों के लिए स्वर्ग माना जाता है। बुरुडीह झील घाटशिला की शान मानी जाती है।

यहां घूमें

पांच पांडव स्थल

रंकिणी मंदिर

फूलडुंगरी पहाड़ी

बुरुडीह झील

मुकुटमणिपुर

यह पश्चिम बंगाल की एक बेहद खूबसूरत और मनमोहक जगह है। जोकि झारखंड की सीमा से कुछ दूरी पर स्थित है। कंगसाबती और कुमारी नदियों के संगम पर मुकुटमणिपुर स्थित है। इसके कारण यहां दोनों ही राज्यों से पर्यटक घूमने के लिए पहुंचते हैं। यह जगह प्रकृति प्रेमियों के लिए स्वर्ग माना जाता है। मानसून में मुकुटमणिपुर की खूबसूरती चरम पर होती है।

यहां घूमें

मुकुटमणिपुर बांध

परेश नाथ पहाड़ी

हिरण पार्क

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और डीजीपी राजीव कृष्ण ने पुलिस लाइन में मनाया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, सीएम बोले – पुलिस केवल कानून-व्यवस्था नहीं, समाज में एकता का प्रतीक, डीजीपी ने पुलिसकर्मियों को दी शुभकामनाएँ, पुलिस परिवार की एकजुटता को बताया प्रेरणा

लखनऊ। राजधानी लखनऊ की रिजर्व पुलिस लाइन इस बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर भक्ति और उल्लास से गूंज उठी। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन से किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं और पुलिसकर्मियों की भूमिका को समाज में शांति और एकता की स्थापना का आधार बताया।

मुख्यमंत्री का संदेश – “श्रीकृष्ण के आदर्शों को अपनाएँ पुलिसकर्मी”

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन धर्म, नीति और न्याय का मार्गदर्शन करता है। उन्होंने कहा कि “पुलिस समाज की रीढ़ है, उनकी जिम्मेदारी केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं, बल्कि वे समाज में सौहार्द और भाईचारे को बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।” सीएम ने पुलिस कर्मियों से आह्वान किया कि वे नकारात्मक शक्तियों को दरकिनार कर शांति और एकता का मार्ग प्रशस्त करें।

पुलिस परिवार की एकजुटता का प्रतीक

सीएम योगी ने प्रदेश के थानों, पुलिस लाइनों और प्रशिक्षण केंद्रों में जन्माष्टमी के भव्य आयोजनों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ये आयोजन पुलिस परिवार की एकजुटता, मनोबल और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक हैं, जो समाज में पुलिस की मजबूत छवि बनाते हैं।

डीजीपी राजीव कृष्ण की सक्रिय भूमिका

मुख्यमंत्री के बाद कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने भी विशेष भूमिका निभाई। उन्होंने मुख्यमंत्री को अंग वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया और पुलिस कमिश्नर लखनऊ द्वारा मुख्यमंत्री को भेंट की गई श्रीकृष्ण प्रतिमा का साक्षी बने। तत्पश्चात डीजीपी ने स्वयं पुलिस टेलीकॉम मुख्यालय और 35वीं बटालियन पीएसी महानगर जाकर जन्माष्टमी के आयोजन में भाग लिया। पूजा-अर्चना के बाद उन्होंने प्रदेश के समस्त पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों को शुभकामनाएँ दीं।

पुलिसकर्मियों को डीजीपी का संदेश

डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि पुलिस बल केवल सुरक्षा और अनुशासन का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह समाज में शांति, सौहार्द और राष्ट्रीय एकता को जीवंत करता है। उन्होंने बल दिया कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों से पुलिस परिवार का मनोबल बढ़ता है और जनता से उनका जुड़ाव और गहरा होता है।

कार्यक्रम में पूर्व उपमुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा, जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह, प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद, पुलिस कमिश्नर लखनऊ और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। सभी ने मुख्यमंत्री और डीजीपी के साथ श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की गरिमामयी परंपरा में सहभागिता की।

‘वॉर 2’ और ‘कुली’ की भिड़ंत में ऋतिक रोशन का रहा दबदबा, रजनीकांत को उनके गढ़ में चुनौती दी।

रजनीकांत की ‘कुली’ और ऋतिक रोशन की ‘वॉर 2’ एक साथ रिलीज हुईं तो तुलना होना लाजमी था. दोनों बड़े एक्टर्स हैं और सुपरस्टार्स भी. दोनों की पिछली फिल्मों का ट्रैक रिकॉर्ड देखें तो बॉक्स ऑफिस पर हाहाकार मचाने वाले हैं.

ओपनिंग डे से पहले एडवांस बुकिंग कलेक्शन के टाइम से ही दोनों के बीच कंपेयर होना शुरू हो गया कि कौन सी फिल्म किस पर भारी पड़ेगी. ज्यादातर रिपोर्ट्स के मुताबिक ‘कुली’ भारी पड़ती दिखी.

रिलीज के पहले ‘कुली’ थी ‘वॉर 2’ पर भारी

रिपोर्ट के मुताबिक, रजनीकांत की फिल्म ने एडवांस बुकिंग में ही दुनियाभर में 100 करोड़ रुपये कमा लिए थे जबकि ‘वॉर 2’ इससे काफी पीछे रह गई.

इसके अलावा, सैक्निल्क की रिपोर्ट के मुताबिक फर्स्ट डे कलेक्शन में भी जहां ‘कुली’ ने 65 करोड़ कमाए तो वहीं ‘वॉर 2’ ने सिर्फ 51.55 करोड़ रुपये का ही कलेक्शन किया.

वर्ल्डवाइड कलेक्शन के मामले में भी रजनीकांत की फिल्म ने ओपनिंग डे पर 153.50 करोड़ रुपये का कलेक्शन करते हुए वर्ल्डवाइड सबसे बड़ी ओपनिंग लेने वाली इंडिया की 6वीं सबसे बड़ी फिल्म बन गई, तो वहीं ऋतिक रोशन-जूनियर एनटीआर की फिल्म सिर्फ 80 करोड़ ही कमा पाई.

लेकिन ‘वॉर 2’ ने इन 5 मामलों में दी ‘कुली’ को मात

शुरुआती कमाई और ऊपर के आंकड़े देखकर भले ही ऐसा लग रहा हो कि ‘वॉर 2’, ‘कुली’ से पिछड़ गई, लेकिन यहां पर एक झोल है. दरअसल दूसरे दिन के खत्म होते-होते कुछ और भी आंकड़े सामने आए जो बताते हैं कि दरअसल ‘वॉर 2’, ‘कुली’ पर भारी पड़ रही है.

पहले दिन का दोनों फिल्मों का अलग-अलग भाषाओं में कलेक्शन देखने पर ‘वॉर 2’ रजनीकांत की फिल्म को मात देती दिखी.

    • ‘वॉर 2’ ने पहले दिन हिंदी में 29 करोड़ कमाए, लेकिन तेलुगु स्टार जूनियर एनटीआर के होने की वजह से तेलुगु में 22.25 करोड़ रुपये और तमिल में 25 लाख कमाए. यानी ये फिल्म रजनीकांत के इलाके में यानी साउथ में भी ठीकठाक कमाई कर पाई.
    • ‘कुली’ का ओपनिंग डे कलेक्शन देखें तो इसने तमिल में तो 44.5 करोड़ रुपये कमाए, लेकिन हिंदी एक्टर आमिर खान के होने के बावजूद और रजनीकांत की फैन फॉलोविंग होने के बावजूद ये फिल्म हिंदी में सिर्फ 4.5 करोड़ रुपये ही कमा पाई और तेलुगु में सिर्फ 15.5 करोड़.
    • जाहिर है कि ऋतिक रोशन ने रजनीकांत के इलाके में जाकर उनकी फिल्म को मात दे दी, लेकिन रजनीकांत हिंदी में वैसा कलेक्शन नहीं कर पाए. यानी हिंदी और तेलुगु दर्शकों की पहली पसंद ‘वॉर 2’ रही.

दूसरे दिन ‘वॉर 2’ ने रजनीकांत को किया काफी पीछे

ये कमाल की बात है कि इस साल कोई भी फिल्म दो दिनों में 100 करोड़ रुपये का आंकड़ा नहीं पार कर पाई, लेकिन ये दोनों फिल्में 2 दिन में ही 100 करोड़ी बन गईं. लेकिन दूसरे दिन की कमाई में रजनीकांत पिछड़ गए.

    • ‘कुली’ ने दूसरे दिन स्टोरी लिखे जाने तक 44.8 करोड़ कमाते हुए टोटल 109.8 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया.
    • जबकि ‘वॉर’ ने दूसरे दिन अपने ही पहले दिन के कलेक्शन को पीछे करते हुए 56.50 करोड़ कमा लिए और 108 करोड़ रुपये का टोटल कलेक्शन करते हुए साउथ फिल्म को दूसरे दिन के कलेक्शन में पीछे छोड़ दिया.

अलास्का में ट्रंप-पुतिन की मैराथन बैठक, तीन घंटे चली बातचीत पर भी सीजफायर पर नहीं बनी बात

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को अलास्का में एक अहम शिखर बैठक की। दोनों नेताओं ने यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की कोशिशों पर चर्चा की, लेकिन किसी अंतिम समझौते पर सहमति नहीं बनी। यह मुलाकात तीन घंटे चली और इसे दोनों ने ‘फलदायी’ और ‘परस्पर सम्मानजनक’ बताया।

बैठक पर ट्रंप और पुतिन का बयान

ट्रंप ने कहा, “कोई समझौता तब तक नहीं होगा, जब तक पूरा समझौता न हो।” उन्होंने माना कि कुछ मुद्दों पर सहमति बनी है, लेकिन अभी कुछ बिंदु बाकी हैं। पुतिन ने वार्ता को ‘गहन और उपयोगी’ बताया और कहा कि रूस ईमानदारी से यूक्रेन युद्ध खत्म करना चाहता है, लेकिन उसकी ‘वैध चिंताओं’ का ध्यान रखना होगा।

मीटिंग अलास्का के एंकरेज में हुई, जिसमें दोनों देशों का डेलिगेशन मौजूद रहा। दोनों नेता शीर्ष सलाहकारों के साथ तीन-पर-तीन प्रारूप में मिले। ट्रंप के साथ मार्को रूबियो और विटकॉफ सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। वहीं रूसी पक्ष में पुतिन के साथ सर्गेई लावरोव, वित्त मंत्री एंटोन सिलुआनोव और आर्थिक सलाहकार किरिल दिमित्रिएव भी थे।
राष्ट्रपति पुतिन का अमेरिका में B-2 बॉम्बर से स्वागत किया गया। रेड कार्पेट पर पुतिन के आते ही ट्रंप ने तालियां बजाईं। इससे पहले ट्रंप ने करीब आधे घंटे प्लेन में बैठकर पुतिन के अलास्का पहुंचने का इंतजार किया।

मीडिया से बातचीत और पुतिन की चेतावनी

संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में दोनों नेताओं ने पत्रकारों के सवाल नहीं लिए। पुतिन ने उम्मीद जताई कि “कीव और यूरोपीय देश इसे रचनात्मक रूप से लेंगे और कोई बाधा नहीं डालेंगे।” उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी “उकसावे या पर्दे के पीछे की साजिश” से प्रगति बाधित न हो। पुतिन ने जोर देकर कहा कि यूक्रेन का मामला रूस की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है और यूरोप व विश्व में सुरक्षा का संतुलन बहाल होना चाहिए।

रूस की शर्तें और यूक्रेन का रुख

रूस पहले भी मांग कर चुका है कि यूक्रेन नाटो (NATO) में शामिल होने की महत्वाकांक्षा छोड़ दे और अपने पूर्वी क्षेत्रों को रूस को सौंप दे, जिन्हें वह पहले ही अपने में मिला चुका है। यूक्रेन इन मांगों को खारिज कर चुका है और उसका कहना है कि किसी भी शांति समझौते में उसे सुरक्षा की गारंटी मिलनी चाहिए ताकि रूस दोबारा हमला न करे।

भविष्य की संभावनाएं

ट्रंप ने बताया कि कई मुद्दों पर सहमति बनी है लेकिन यूक्रेन युद्ध के भविष्य को लेकर कोई स्पष्ट रोडमैप सामने नहीं आया। पुतिन ने कहा कि अमेरिका और रूस को सहयोग करना चाहिए और आगे प्रगति की उम्मीद जताई। मंच से जाते हुए पुतिन ने अंग्रेजी में मुस्कुराते हुए कहा – “अगली बार मॉस्को में।”

पुराना संबंध और आलोचना

ट्रंप पहले भी पुतिन के प्रति प्रशंसा जताते रहे हैं। 2018 में हुई एक बैठक के बाद उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ा था, जब उन्होंने अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की बजाय पुतिन के बयान को तवज्जो दी थी।

ट्रंप का दावा और पुतिन का रुख

व्हाइट हाउस लौटने से पहले ट्रंप ने कहा कि उनका पुतिन से अच्छा संबंध है। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन को युद्ध के लिए जिम्मेदार ठहराया और दावा किया कि वह 24 घंटे में शांति ला सकते हैं। हालांकि, कई दौर की बातचीत और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की को कड़े शब्दों में फटकारने के बावजूद पुतिन ने समझौते के कोई संकेत नहीं दिए।

कड़ी चेतावनी के साथ आगे की राह

ट्रंप ने माना कि वह पुतिन से निराश हैं और चेतावनी दी कि यदि वह युद्धविराम नहीं मानते तो “बहुत गंभीर परिणाम” होंगे। इसके बावजूद अलास्का में यह बैठक ऐतिहासिक मानी जा रही है, क्योंकि 1867 में अमेरिका ने अलास्का रूस से खरीदा था।