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“अब डर लगने लगा है” — पहलगाम आतंकी हमले की खबर से भावुक हो उठीं भारती सिंह

बॉलीवुड एक्ट्रेस और लाफ्टर क्वीन कही जाने वाली भारती सिंह हाल ही में रोती नजर आईं। बीते दिनों कश्मीर के पहलगाम घाटी में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। फिल्मी सितारे भी इस हमले के असर से बेखबर नहीं हैं। इस हमले की खबर ने भारती सिंह को भी बेहद दुखी किया है और कई बार रोती रहीं। भारती सिंह ने हाल ही में अपने ब्लॉग में इसका खुलासा किया है। पहलगाम आतंकी हमले की खबर के बाद से भारती सिंह रात में ठीक से सो नहीं पा रही हैं। इतना ही नहीं रात में उठ-उठकर रोती रहती हैं। भारती सिंह ने हाल ही में अपना एक ब्लॉग फैन्स के साथ शेयर किया है। जिसमें भारती सिंह रोते हुए अपना दुख फैन्स के साथ शेयर कर रही हैं।

खुद वीडियो पोस्ट कर दी जानकारी

भारती ने दुबई की अपनी यात्रा के बारे में एक व्लॉग शेयर किया और जिन जगहों पर वह गई थीं, उनके बारे में बात करने से पहले उन्होंने बताया कि कैसे पहलगाम हमले के बारे में जानने के बाद वह दुख में डूब गई थीं। भारती ने वीडियो में बताया, ‘मैं पिछले कुछ दिनों से दुखी हूं, मुझे नहीं पता कि कोई मेरी भावनाओं को समझ पाएगा या नहीं। मैं इंस्टाग्राम पर पहलगाम और जम्मू-कश्मीर के बारे में विनाशकारी वीडियो और पोस्ट देखती रहती हूं और इससे मेरा दिल टूट जाता है। मैं यह बताने में असमर्थ हूं कि यह सब देखने के बाद मैं कैसा महसूस कर रही हूं। यहां तक ​​कि फ्लाइट के दौरान भी मेरी आंखों में आंसू थे। मैं रात में दो-तीन बार उन दिल दहला देने वाले दृश्यों को देखने के बाद रोई भी। वो छोटे बच्चे… मैं इसके बारे में बात भी नहीं करना चाहती।’ उन्होंने आगे याद किया कि कैसे पहले वे वैष्णो देवी की यात्रा का बेसब्री से इंतजार करती थीं और कहा, ‘हमारे लिए वैष्णो देवी हमारी सबसे बड़ी यात्रा हुआ करती थी। साल में एक बार वैष्णो देवी की यात्रा और हम बहुत अच्छा समय बिताते थे। इसी तरह, भारत में हर मध्यम वर्ग के व्यक्ति ने देश के भीतर कहीं न कहीं यात्रा करने की योजना बनाई है। लेकिन अब बहुत ज्यादा डर लगने लगा है। मैं इस बात पर क्या बोलूं समझ ही नहीं रहा। प्लीज़ यार शांति बनाए रखो। बड़े प्यारे लोग हैं।’

पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत

बता दें कि बीते दिनों कश्मीर की पहलगाम घाटी में आतंकियों ने 26 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। इस हमले ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। लोगों के अंदर गुस्सा है और आतंकियों के खिलाफ सख्त एक्शन का इंतजार है। वहीं फिल्मी सितारों ने भी इस हमले पर अपना गुस्सा जाहिर किया है और इस हमले में अपनी जान गंवाने वालों के परिजनों को सांत्वना भी दी है। इसी क्रम में बॉलीवुड एक्ट्रेस भारती सिंह ने भी अपनी भावनाएं शेयर की हैं।

क्या एमएस धोनी को देखकर नर्वस हो गए थे युजवेंद्र चहल? हैट्रिक के बाद खुद बताया अपना गेम प्लान।

युजवेंद्र चहल ने आईपीएल में एक और हैट्रिक लेकर इतिहास रच दिया है। उन्होंने न केवल हैट्रिक ली, बल्कि एक ही ओवर में चार विकेट चटका दिए। एक ओवर में दो बार चार विकेट लेने वाले वे पहले गेंदबाज बन गए हैं। अभी तक 18 साल के आईपीएल इतिहास में कभी ऐसा नहीं हुआ था कि चेन्नई के खिलाफ किसी ने हैट्रिक ली हो, लेकिन बुधवार को वो दिन भी देखने को मिला। इस बीच जब 19वां ओवर लेकर चहल आए तो उनके सामने एमएस धोनी थे, जिसको देखकर दुनियाभर के गेंदबाज खौफ खाते हैं। पारी समाप्त होने के बाद चहल ने अपनी प्लानिंग का खुलासा किया।

चहल ने खास प्लानिंग के साथ की गेंदबाजी

चेन्नई की पारी जब समाप्त हो गई तो सबसे बड़े स्टार युजवेंद्र चहल ही थे। उन्होंने एक ओवर में चार विकेट लेकर चेन्नई को बैकफुट पर कर दिया था। जब चहल से उनकी प्लानिंग के बारे में पूछा गया तो पहले तो उन्होंने कहा कि वे हैट्रिक लेकर काफी खुश हैं। इसके बाद बोले कि ये पारी का 19वां ओवर था और उनके सामने माही थे। चहल ने कहा कि उन्हें पता था कि ये ओवर किसी भी तरफ जा सकता है। लेकिन उनकी प्लानिंग विकेट लेने की थी। पंजाब किंग्स पर स्लो ओवर करने के कारण दो ओवर की पेनाल्टी लगाई गई थी, यानी 30 गज के बाहर केवल चार ही ​फील्डर रह सकते थे। ये बात चहल के मन में थी और उन्हें पता था कि कुछ अलग करना होगा। इसलिए उन्होंने स्टंप पर गेंद डालने की तैयारी की थी।

पह​ली ही बॉल पर धोनी ने जड़ दिया था छक्का

युजवेंद्र चहल ने कहा कि गेंद को या ​तो स्टंप में रखना है या फिर वाइड रखना है। पहली बॉल उनकी ​वाइड चली भी गई थी। इसके बाद तो पहली लीगल बॉल हुई, उस पर धोनी ने करारा ​छक्का भी जड़ दिया था। चहल के चेहरे पर इसको लेकर हल्की सी टेंशन भी थी। चहल ने कहा कि उन्हें बस आसान बॉल फेंकनी थी और बल्लेबाज के दिमाग से खेलना था। हैट्रिक के बाद जब उनके जश्न के स्टाइल के बारे में उनसे पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ये एक मीम आया था। इसके बाद ही उन्होंने तय कर लिया था कि वे अगर पांच विकेट लेंगे या फिर हैट्रिक पूरी करेंगे ता इसी तरह का जश्न मनाएंगे।

सुनील नारायण को चहल ने किया पीछे

चहल अब आईपीएल की एक पारी में सबसे ज्यादा बार चार विकेट चटका चुके हैं। चहल ने अब तक 9 बार ये कारनामा किया है और सुनील नारायण को पीछे छोड़ दिया है, जिन्होंने अब तक आठ बार एक पारी में चार विकेट लिए हैं। लसिथ मलिंगा ने अब तक सात और कगिसो रबाडा ने छह बार आईपीएल की एक पारी में चार विकेट अपने नाम करने में कायमाबी हासिल की है।

RR के खिलाफ मुकाबले से पहले ट्रेंट बोल्ट का वैभव सूर्यवंशी पर बड़ा बयान, साथ ही गेल और डिविलियर्स का भी लिया नाम।

गुजरात टाइटंस के खिलाफ मैच में राजस्थान रॉयल्स के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने तूफानी शतक लगाया। उन्होंने उस मुकाबले 35 गेंदों में अपनी सेंचुरी पूरी की और आईपीएल के इतिहास में सबसे तेज शतक लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज बन गए। उन्होंने इस मामले में युसूफ पठान का रिकॉर्ड तोड़ा। पठान ने 2010 में 37 गेंदों में शतक लगाया था। अब राजस्थान रॉयल्स का अगला मुकाबला 01 मई को मुंबई इंडियंस से होगा।

मुंबई के खिलाफ मैच में एक बार फिर सभी की नजरें वैभव सूर्यवंशी पर होंगी। हालांकि इस मैच में रन बनाना सूर्यवंशी के लिए इतना आसान नहीं होगा। इस मुकाबले में उन्हें ट्रेंट बोल्ट, जसप्रीत बुमराह, दीपक चाहर जैसे अनुभवी गेंदबाजों का सामना करना होगा, जिनके खिलाफ रन बनाने के लिए बड़े-बड़े बल्लेबाजों को संघर्ष करना पड़ता है। इस बीच RR vs MI मैच से पहले मुंबई के तेज गेंदबाज ट्रेंट बोल्ट ने वैभव सूर्यवंशी को लेकर हैरान करने वाला बयान दिया है।

वैभव सूर्यवंशी को लेकर क्या बोले ट्रेंट बोल्ट?

राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ मैच से पहले हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रेंट बोल्ट ने कहा कि उन्होंने अपने करियर में दुनिया भर के कुछ बेहतरीन बल्लेबाजों को गेंदबाजी की है जिसमें क्रिस गेल, एबी डिविलियर्स शामिल हैं। उन्होंने कहा कि वह 14 वर्षीय वैभव को लेकर बिल्कुल भी चिंतित नहीं है। बोल्ट का मानना है कि लेकिन एक ऐसे खिलाड़ी के खिलाफ खेलना रोमांचक चुनौती होगी जो निडर है और इस समय शानदार फॉर्म में है इसलिए यही इसकी खासियत है। बोल्ट ने कहा कि पूरी दुनिया ने उस रात वैभव का प्रदर्शन देखा। इतनी कम उम्र के खिलाड़ी की तरफ से यह बेहतरीन पारी थी। यह इस टूर्नामेंट की खूबसूरती है, सभी खिलाड़ी मैदान पर उतरते हैं और किसी भी मौके को दोनों हाथों से भुनाते हैं और उन्हें लगता है कि वैभव ने यह काम बहुत बढ़िया तरीके से किया।

राजस्थान के खिलाफ अपने अनुभव का इस्तेमाल करेंगे बोल्ट

ट्रेंट बोल्ट ने आगे कहा कि जयपुर की पिच और परिस्थितियों के बारे में उन्हें काफी कुछ पता है और इसका उन्हें इस मैच में फायदा मिलेगा। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह इस मैदान पर एक और हाई स्कोरिंग मैच की उम्मीद कर रहे हैं तो उन्होंने कहा कि नहीं एक गेंदबाज के तौर पर उन्हें ऐसा नहीं लगता है। वह इस मैच में अपने अनुभव का पूरा इस्तेमाल करेंगे।

IPL 2025 पॉइंट्स टेबल: चेन्नई की प्लेऑफ की दौड़ खत्म, पंजाब ने जमाई जबरदस्त छलांग।

आखिरकार वो दिन आ ही गया, जिसे चेन्नई के फैंन नहीं देखना चाहते थे। यानी एमएस धोनी की कप्तानी वाली चेन्नई सुपरकिंग्स की टीम अब प्लेऑफ की रेस से पूरी तरह से बाहर हो गई है। यानी चेन्नई की कहानी यहीं पर खत्म होती है, अब कोई भी समीकरण और सिनेरियो सीएसके को वहां तक नहीं पहुंचा पाएंगे। इस बीच पंजाब​ किंग्स ने जीत हासिल कर एक लंबी छलांग अंक तालिका में लगा दी है और टीम अब प्लेऑफ के काफी करीब है।

आरसीबी का अभी भी पहले नंबर पर कब्जा, पंजाब दूसरे नंबर पर पहुंची

चेन्नई बनाम पंजाब मैच के बाद आईपीएल की अंक तालिका में भी बदलाव हुआ है। हालांकि आरसीबी अभी भी पहले नंबर पर कब्जा जमाए हुए है। उसके पास 14 अंक हैं और उसका नेट रन रेट भी काफी बेहतर है। इस बीच चेन्नई को हराकर पंजाब किंग्स ने सीधे नंबर पांच से दूसरे नंबर की कुर्सी पर कब्जा जमा लिया है। अब टीम के पास 13 अंक हो गए हैं। एक मैच पंजाब का ​बारिश की भेंट चढ़ गया था।

तीन टीमों के बराबर अंक, यहां फंसेगा मामला

अब तीन टीमें ऐसी हैं, जिनके बराबर यानी 12 अंक हैं। मुंबई इंडियंस, गुजरात टाइटंस और दिल्ली कैपिटल्स के 12 प्वाइंट्स हैं, लेकिन बेहतर नेट रेट के आधार पर मुंबई की टीम तीसरे स्थान पर है। गुजरात चौथे और दिल्ली की टीम नंबर 5 पर है। आने वाले मैच इन तीनों टीमों की किस्मत तय कर सकते हैं। एलएसजी के पास केवल 10 अंक हैं और टीम नंबर 6 पर है। केकेआर के 9 अंक हैं। यानी ये दोनों टीमें अभी भी प्लेऑफ की रेस में तो हैं, लेकिन उनके लिए आगे की राह काफी ज्यादा मुश्किल है।

राजस्थान और हैदराबाद के लिए भी आगे काफी मुश्किलें

राजस्थान रॉयल्स और सनराइजर्स हैदराबाद के पास 6 अंक हैं। उनकी भी उम्मीदें जिंदा हैं, लेकिन उनके लिए भी आसान काम नहीं है कि वे प्लेऑफ में जा पाएं। ये दोनों टीमें जैसे ही एक और मैच हारेंगी, उनकी भी कहानी का यहीं पर अंत हो जाएगा। यानी आने वाले मुकाबले सभी टीमों के लिए काफी अहम हैं, एक जीत और एक हार प्लेऑफ तय करने के लिए काफी होने वाला है। अब गुरुवार को मुंबई इंडियंस और राजस्थान रॉयल्स की टीमें आमने सामने होंगी, ये मुकाबला जयपुर के सवाई मान सिंह स्टेडियम में खेला जाएगा।

पहलगाम आतंकी हमले के बाद सपा प्रमुख की चुप्पी पर भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह का तीखा हमला: वोटबैंक की राजनीति का लगाया आरोप, कहा- आपके बयानों में राष्ट्र का स्वर नहीं, पाकिस्तान का नैरेटिव झलकता है

पहलगाम आतंकी हमले के बाद सपा प्रमुख की चुप्पी पर भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह का तीखा हमला: वोटबैंक की राजनीति का लगाया आरोप, कहा- आपके बयानों में राष्ट्र का स्वर नहीं, पाकिस्तान का नैरेटिव झलकता है
पहलगाम आतंकी हमले के बाद सपा प्रमुख की चुप्पी पर भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह का तीखा हमला: वोटबैंक की राजनीति का लगाया आरोप, कहा- आपके बयानों में राष्ट्र का स्वर नहीं, पाकिस्तान का नैरेटिव झलकता है
पहलगाम आतंकी हमले के बाद सपा प्रमुख की चुप्पी पर भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह का तीखा हमला: वोटबैंक की राजनीति का लगाया आरोप, कहा- आपके बयानों में राष्ट्र का स्वर नहीं, पाकिस्तान का नैरेटिव झलकता है
  • पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 हिंदू तीर्थयात्रियों की नृशंस हत्या ने देश को झकझोर दिया।
  • डॉ. राजेश्वर सिंह ने अखिलेश यादव पर तुष्टिकरण और वोटबैंक की राजनीति का आरोप लगाया।
  • डॉ. सिंह ने पूछा – शहीदों के परिवारों से मिलने में परहेज, लेकिन माफिया के घर संवेदना क्यों?

लखनऊ: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद देशभर में आक्रोश का माहौल है। वहीं इस गंभीर मसले पर समाजवादी पार्टी की चुप्पी और पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के दोहरे रवैये पर भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने तीखा हमला बोला है। सरोजनीनगर से विधायक डॉ. सिंह ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर अखिलेश यादव को निशाने पर लेते हुए उन्हें तुष्टिकरण और सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की राजनीति का प्रतीक बताया।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने पूछा – “क्या शहीदों के दर्द से भी वोटबैंक जोड़ेंगे?”

डॉ. राजेश्वर सिंह ने अपने ट्वीट में लिखा:

“आज जब देश आतंकवाद के विरुद्ध एकजुट है, तब भी सपा प्रमुख तुष्टिकरण, सांप्रदायिक ध्रुवीकरण और वोटबैंक की घृणित राजनीति में लिप्त हैं।”

उन्होंने सवाल उठाया कि 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष हिंदू तीर्थयात्रियों की हत्या के बाद देशभर में जहां एक स्वर में निंदा हो रही थी, वहीं सपा प्रमुख ने न सिर्फ चुप्पी साधी, बल्कि शहीद शुभम द्विवेदी के परिवार से मिलने तक से इनकार कर दिया।

“अखिलेश यादव का यह कहना कि ‘उस परिवार से मेरा कोई संबंध नहीं है’, बेहद शर्मनाक है। क्या हिंदू तीर्थयात्रियों की हत्या से उन्हें कोई सरोकार नहीं?”

“मुख्तार अंसारी पर संवेदना, शहीदों पर चुप्पी – यही दोहरा चरित्र है”: डॉ. सिंह का हमला

डॉ. सिंह ने अखिलेश यादव के उस रवैये की भी आलोचना की जिसमें उन्होंने माफिया मुख्तार अंसारी की मृत्यु पर उसके घर जाकर संवेदना जताई थी, लेकिन आतंकी हमले में मारे गए शुभम द्विवेदी जैसे मासूमों के परिवार के प्रति कोई मानवीयता नहीं दिखाई।

उन्होंने तीखे शब्दों में कहा –

“जब एक खूंखार माफिया की मौत होती है, तो सपा प्रमुख घर जाकर श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। लेकिन जब निर्दोष नागरिक आतंकी हमले में मारे जाते हैं, तब उन्हें यह तक कहने की फुर्सत नहीं होती कि वे दुखी हैं। क्या यही आपकी नैतिकता है?”

“आतंकवादियों को बचाने वालों का इतिहास है समाजवादी पार्टी का”

डॉ. सिंह ने 2013 की घटना का हवाला देते हुए कहा कि उस समय अखिलेश यादव की सरकार ने 21 कुख्यात आतंकियों के मुकदमे वापस लेने की कोशिश की थी, जिसे इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यह कहते हुए खारिज कर दिया था –

“क्या आप आतंकियों को पद्म भूषण देना चाहते हैं?”

उन्होंने कहा कि आज भी सपा वही पुराना रास्ता अपना रही है – जहां बाबर और औरंगज़ेब जैसे हमलावरों की प्रशंसा की जाती है और राणा सांगा, छत्रपति संभाजी महाराज जैसे राष्ट्रभक्तों का अपमान।

“आपकी चुप्पी इस्लामाबाद के समर्थन में क्यों बदल जाती है?”

अपने कटाक्ष में डॉ. सिंह ने कहा:

“क्या आपका झुकाव आज भी इस्लामाबाद की ओर है? आप आतंकियों के खिलाफ नहीं बोलते, सेना पर सवाल उठाते हैं और तुष्टिकरण की राजनीति करते हैं – यह राष्ट्रहित नहीं, राष्ट्रविरोध है।”

डॉ. सिंह ने यह भी कहा कि अखिलेश यादव को यह बताना चाहिए कि सर्वदलीय बैठक में वह क्यों नहीं पहुंचे? क्यों उन्होंने आतंकी घटना के बाद राष्ट्र के साथ खड़े होने की बजाय मौन रहकर विभाजनकारी राजनीति को हवा दी?

“महाकुंभ तक को वोट बैंक के चश्मे से देखते हैं”

भाजपा विधायक ने कहा कि जो लोग महाकुंभ जैसे पवित्र आयोजनों को भी वोट बैंक की राजनीति से जोड़कर देखते हैं, वे न तो धर्म के हैं, न ही राष्ट्र के।

“यह समय एकजुटता का है, लेकिन कुछ लोग इसे भी धार्मिक और राजनैतिक ध्रुवीकरण का अवसर बना रहे हैं – यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।”

“जनता सब देख रही है, और जवाब भी देगी!”

खबर के अंत में डॉ. राजेश्वर सिंह ने देशवासियों से आह्वान करते हुए कहा:

“जब देश आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई चाहता है, तब कुछ राजनीतिक दल देश को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन अब जनता भ्रमित नहीं होगी। वह देख भी रही है और सही समय पर जवाब भी देगी।”

डॉ. राजेश्वर सिंह का यह बयान सिर्फ राजनीतिक आलोचना नहीं बल्कि एक राष्ट्रवादी चेतावनी भी है – कि आतंकवाद, तुष्टिकरण और वोटबैंक की राजनीति अब नहीं चलेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस समय भारत को एकजुटता चाहिए, न कि विभाजनकारी बयानबाज़