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‘रामायण’ रणबीर कपूर के लिए साबित होगी लकी चार्म? क्या अल्लू अर्जुन-प्रभास जैसा बड़ा रिकॉर्ड बना पाएंगे?

‘रामायण’ को लेकर फैंस में जबरदस्त क्रेज नजर आ रहा है. इस ग्रैंड माइथोलॉजिकल फिल्म के बज को देखकर कहा जा रहा है कि ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ताबड़तोड़ कमाई करने वाली है. फिल्म में बॉलीवुड एक्टर रणबीर कपूर भगवान राम का किरदार निभाने वाले हैं. रिपोर्ट्स की मानें तो ‘रामायण’ से रणबीर के नाम बड़ा रिकॉर्ड दर्ज होने वाला है.

‘रामायण’ बॉक्स ऑफिस पर कितना कमा सकती है?

    • नितेश तिवारी अपने ड्रीम प्रोजेक्ट ‘रामायण’ को दो पार्ट्स में बना रहे हैं. फिल्म का पहला पार्ट दिवाली 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगा.
    • कोइमोई की रिपोर्ट के मुताबिक ‘रामायण- पार्ट 1’ बॉक्स ऑफिस पर 1000 करोड़ रुपए से ज्यादा का कलेक्शन कर सकती है.
    • अगर ऐसा होता है तो रणबीर कपूर भारतीय बॉक्स ऑफिस पर अल्लू अर्जुन और प्रभास जैसा रिकॉर्ड अपने नाम कर लेंगे.

रणबीर कपूर रच सकते हैं इतिहास

    • दरअसल अभी तक सिर्फ अल्लू अर्जुन और प्रभास ऐसे दो एक्टर्स हैं जिनकी फिल्में भारत में 1000 करोड़ क्लब का हिस्सा बनी हैं.
    • प्रभास की फिल्म बाहुबली 2 ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर 1031 करोड़ रुपए कमाए थे.
    • वहीं अल्लू अर्जुन की फिल्म पुष्पा 2 का लाइफटाइम कलेक्शन 1265.97 करोड़ रुपए है.

‘रामायण’ की स्टार कास्ट
‘रामायण’ में रणबीर कपूर के साथ साई पल्लवी माता सीता के किरदार में नजर आएंगी. वहीं यश रावण की भूमिका निभाएंगे. फिल्म में सनी देओल भगवान हनुमान और रवि दूबे लक्ष्मण का रोल अदा करने दिखाई देंगे. इसके अलावा चेतन हंसराज, लारा दत्ता, रकुलप्रीत सिंह, शीबा चड्ढा, इंदिरा कृष्णन, सुरभि दास समेत कई सितारे ‘रामायण’ का हिस्सा हैं.

रणबीर कपूर का वर्कफ्रंट
वर्कफ्रंट पर रणबीर कपूर के पास अभी कई फिल्में पाइपलाइन में हैं. वो संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘लव एंड वॉर’ में नजर आएंगे. ये फिल्म 20 मार्च, 2026 को रिलीज होगी. वहीं उनके पास ‘ब्रह्मास्त्र पार्ट 2’ और ‘एनिमल पार्क’ जैसी फिल्में भी हैं. रणबीर कपूर ‘धूम 4’ में भी दिखाई दे सकते हैं. हालांकि अभी इसकी कोई ऑफिशियल जानकारी नहीं आई है.

Sports News:गौतम गंभीर पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर के बयान से हंगामा, एशिया कप से जुड़ा मामला बना विवाद का केंद्र

भारत के पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी चर्चा का विषय बन गए हैं. उन्होंने एमएस धोनी से लेकर गौतम गंभीर पर भी तंज कस दिया है. एक तरफ उन्होंने कहा कि एमएस धोनी ने कप्तान रहते उन्हें कभी सपोर्ट नहीं किया. अब उन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर को ‘पाखंडी’ बता दिया है. तिवारी और गंभीर, दोनों के रिलेशन ज्यादा अच्छे नहीं रहे हैं. उनका दिल्ली में खेले गए एक रणजी मैच में गाली-गलौज की घटना किसी से छुपी नहीं है. मनोज तिवारी ने भारत बनाम पाकिस्तान मैच के संदर्भ में गंभीर पर तंज कसा है.

क्रिक ट्रैकर के साथ वार्ता के दौरान मनोज तिवारी ने गौतम गंभीर के एक पुराने इंटरव्यू का जिक्र किया, जिसमें गंभीर का कहना था कि तब तक भारत को पाकिस्तान के साथ नहीं खेलना चाहिए, जब तक बॉर्डर पार से आतंकवाद रुक नहीं जाता. मनोज ने गंभीर के पाकिस्तान के साथ ना खेलने वाले उस बयान का भी जिक्र किया, जो उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले के बाद दिया था. गंभीर के शब्द स्पष्ट थे कि टीम इंडिया को पाकिस्तान के साथ कोई मैच नहीं खेलना चाहिए, ये बयान उन्होंने टीम इंडिया के हेड कोच रहते दिया था.

पाखंडी हैं गौतम गंभीर…

गौतम गंभीर के पुराने बयान कुछ और बयां कर रहे थे. अब आलम यह है कि एशिया कप 2025 में भारत और पाकिस्तान की भिड़ंत एक या दो नहीं बल्कि 3 बार हो सकती है. 14 सितंबर को उनका ग्रुप मैच होगा और उसके बाद दोनों टीम सुपर-4 स्टेज और फिर फाइनल में पहुंचती हैं, इस तरह दोनों टीमों की 3 बार भिड़ंत हो सकती है.

मनोज तिवारी ने कहा, “मैं हमेशा से गौतम गंभीर को एक पाखंडी समझता आया हूं. वो पाखंडी हैं क्योंकि वो जब कोच नहीं थे तो उनका कहना था भारत और पाकिस्तान के बीच मैच नहीं होना चाहिए. वो अब क्या करेंगे? गंभीर अब उस टीम इंडिया के हेड कोच हैं, जो एशिया कप में पाकिस्तान के साथ खेलने वाली है. गंभीर यह कहकर इस्तीफा क्यों नहीं दे देते कि वो उस भारतीय टीम का हिस्सा नहीं बनेंगे, जो पाकिस्तान के साथ खेलने वाली है.”

बांग्लादेश ने 1971 के युद्ध को लेकर पाकिस्तान को घेरा, माफी की मांग करते हुए कहा – ‘घाव अब तक नहीं भरे’।

बांग्लादेश ने रविवार  को पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार के समक्ष 1971 के युद्ध के लिए माफी मांगने समेत लंबित मुद्दों को उठाया. डार 2012 के बाद से ढाका का दौरा करने वाले पाकिस्तान के सबसे वरिष्ठ नेता हैं.

डार बांग्लादेश की दो दिवसीय यात्रा पर शनिवार को ढाका पहुंचे थे. उनका उद्देश्य लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहीं शेख हसीना के पद से हटने के बाद बांग्लादेश के साथ संबंधों को फिर से बेहतर बनाना है. डार ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के विदेश सलाहकार एम तौहीद हुसैन के साथ बातचीत की.

54 सालों की समस्याएं एक ही दिन में हल होना मुश्किल

तौहीद हुसैन ने डार के साथ मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘हमने अनसुलझे मुद्दे उठाए हैं, जैसे 1971 के लिए माफी या खेद व्यक्त करना, संपत्तियों पर दावा और फंसे हुए पाकिस्तानी नागरिकों का मामला.’ उन्होंने कहा कि यह उम्मीद करना गलत होगा कि 54 सालों की समस्याएं एक ही दिन में हल हो जाएंगी.

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के विदेश सलाहकार ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘दोनों देशों ने इन मुद्दों पर अपनी-अपनी स्थिति प्रस्तुत की है.’ डार ने कहा कि 1971 के अनसुलझे मुद्दों को दो बार सुलझाया गया. पहली बार 1974 में भारत में नयी दिल्ली की भागीदारी वाली त्रिपक्षीय वार्ता में और फिर बाद में, पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने अपनी ढाका यात्रा के दौरान नरसंहार के मुद्दे को फिर से सुलझाया. उन्होंने खुले मन से सार्वजनिक रूप से इस पर बात की.

पांच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर 

हुसैन ने बताया कि दोनों देशों के बीच एक समझौते और पांच समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए. हुसैन ने कहा कि दोनों देश इस बात पर सहमत हुए हैं कि द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए ऐतिहासिक मुद्दों को चर्चा के माध्यम से सुलझाया जाना चाहिए.

Sachin Tendulkar Big Revelation On World Cup 2011: ना धोनी और ना गंभीर, बल्कि सचिन तेंदुलकर के इस माइंड गेम ने 2011 वर्ल्ड कप भारत को दिलाया।

भारतीय क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर ने वर्ल्ड कप 2011 को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा किया है. सचिन हाल ही में रेडिट इंडिया के ब्रांड एंबेसडर बने हैं और इस प्लेटफॉर्म पर सचिन अपने फैंस के साथ बात भी करते हैं. सचिन की इस चैट ने वर्ल्ड कप 2011 से जुड़ा एक बड़ा राज खोला है. कई लोग टीम इंडिया को वर्ल्ड कप फाइनल जिताने का क्रेडिट महेंद्र सिंह धोनी को देते हैं तो कोई गौतम गंभीर को मैच विनर मानता है, लेकिन सचिन तेंदुलकर के खुलासे से इस दिग्गज खिलाड़ी के माइंड गेम के बारे में पता चलता है.

सचिन तेंदुलकर ने खेला माइंड गेम

सचिन तेंदुलकर से रेडिट पर एक फैन से सवाल किया कि वीरेंद्र सहवाग ने एक बार बताया था कि वर्ल्ड कप 2011 के फाइनल में युवराज सिंह से पहले महेंद्र सिंह धोनी को बल्लेबाजी करने आपने भेजा था. मैं जानना चाहता हूं कि क्या ये सच है और इसके पीछे आपने क्या स्ट्रेटजी सोची थी.

सचिन तेंदुलकर ने इस बात का जवाब देते हुए कहा कि ‘इसके पीछे दो बड़े कारण थे. पहला लेफ्ट राइट बैटिंग कॉम्बिनेशन, क्योंकि इससे दोनों ऑफ स्पिनर्स को परेशान किया जा सकता था’. सचिन ने दूसरे कारण के बारे में लिखा कि ‘मुथैया मुरलीधरन सीएसके के लिए 2008 से 2010 तक तीन साल खेल चुके थे तो एमएस धोनी के पास तीन साल नेट में मुरलीधरन की गेंद खेलने का एक्सपीरियंस भी था’.

सचिन तेंदुलकर के फैसले ने जिताया वर्ल्ड कप

वर्ल्ड कप 2011 का फाइनल मुकाबला भारत और श्रीलंका के बीच खेला गया था. श्रीलंका ने भारत को 275 रनों का लक्ष्य दिया था. वर्ल्ड कप के ज्यादा मैचों में तीसरे विकेट के गिरने के बाद युवराज सिंह बल्लेबाजी करने आए थे, लेकिन फाइनल मुकाबले में एमएस धोनी, युवराज से पहले मैदान पर उतरे. धोनी को पहले बल्लेबाजी पर भेजने का ये फैसला सचिन तेंदुलकर ने लिया था, उस बात का खुलासा आज 14 साल बाद हुआ है. इस फाइनल में गौतम गंभीर ने 97 रनों की शानदार पारी खेली. वहीं महेंद्र सिंह धोनी 91 और युवराज सिंह 21 रन पर नाबाद लौटे. धोनी ने इस वर्ल्ड कप में विनिंग शॉट लगाया था.

अमेरिका भी भारत से तेल खरीद रहा है, फिर ट्रंप क्यों कर रहे हैं हंगामा? ऑयल मार्केट की पूरी कहानी पढ़ें।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर कुल 50 फीसदी टैरिफ लगा दिया है. इतना ही नहीं उन्होंने धमकी दी है कि अगर भारत ने अब भी रूस से तेल खरीदना बंद नहीं किया तो उसके खिलाफ और कड़ी कार्रवाई की जा सकती है. ट्रंप ने 25 फीसदी पेनल्टी का ऐलान करते हुए कहा था कि भारत रूसी तेल से लाभ उठा रहा है. इस बीच मॉस्को पहुंचे विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ऐसा जवाब दिया है, जिससे कई सवाल खड़े हुए. उन्होंने कहा कि अगर किसी देश को भारत से तेल खरीदने में दिक्कत है तो वह न खरीदे. किसी को इसके लिए मजबूर नहीं किया जा सकता. ऐसे में सवाल उठे कि आखिर भारत किन देशों को तेल बेचता है और भारत के पास इतना तेल आता कहां से है.

भारत से कौन-कौन से देश खरीदते हैं रिफाइंड ऑयल?

भारत क्रूड ऑयल आयात करता है और रिफाइंड पेट्रोलियम प्रोडक्ट निर्यात करता है. आपको जानकर हैरानी होगी कि भारत से जो देश रिफाइंड पेट्रोलियम खरीदते हैं, उनमें अमेरिका भी शामिल है. उसके अलावा नीदरलैंड, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, यूएई, साउथ अफ्रीका के अलावा यूरोपीय यूनियन के देश भी शामिल हैं. भारत से जो देश सबसे ज्यादा रिफाइंड ऑयल खरीद रहे हैं, उनमें यूरोपीय देश सबसे ऊपर हैं.

भारत ने अब तक रूस से कितना तेल खरीदा?

साल 2024 में भारत ने यूरोपीय यूनियन को 19 बिलियन डॉलर से अधिक के पेट्रोलियम उत्पाद निर्यात किए, जोकि 2024-25 में घटकर 15 बिलियन डॉलर हो गए. GRTI के अनुसार, इसका बड़ा कारण पश्चिमी देशों द्वारा रूस से खरीदे गए कच्चे तेल से तैयार पेट्रोलियम प्रोडक्ट पर बैन लगाना है. भारत ने बैन के बावजूद रूस से साल 2025 में 50 बिलियन डॉलर का कच्चा तेल खरीदा. यह भारत द्वारा रूस से खरीदे गए कुल तेल का करीब एक तिहाई है. बता दें कि भारत ने रूस से अब तक 143 बिलियन डॉलर का तेल खरीदा है.

किन-किन देशों से तेल खरीदता है भारत? 

भारत तेल की खपत करने वाला दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश है. इस लिस्ट में अमेरिका पहले और चीन दूसरे नंबर पर है. भारत अपनी जरूरत का करीब 85 फीसदी क्रूड ऑयल आयात करता है. वह सिर्फ रूस से ही नहीं, बल्कि सऊदी अरब, यूएई, अमेरिका, नाइजीरिया, कुवैत, मैक्सिको, ओमान से भी तेल खरीदता है. अप्रैल, 2021 से लेकर जनवरी 2022 तक भारत ने इराक से सबसे ज्यादा तेल खरीदा था. हां ये बात सही है कि यूक्रेन युद्ध के बाद जब रूस से तेल खरीदने पर बैन लगाया गया तो भारत ने रूसी तेल की खरीद बढ़ा दी. पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि पहले भारत को कुल 27 देश तेल बेचते थे. वर्तमान में यह संख्या बढ़कर 40 तक पहुंच गई है.

भारत में कहां-कहां तेल का खजाना? 

भारत में क्रूड ऑयल का उत्पादन वैसे तो बहुत कम है. असम, पश्चिमी अपतट, राजस्थान, गुजरात और मुंबई में थोड़ा-बहुत तेल मिलता है. हालांकि बताया जा रहा है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में भी तेल के भंडार मिले हैं. अंडमान सागर में विशाल तेल भंडार होने का अनुमान है, जिसकी खोज में भारत लगा हुआ है. अगर दुनिया की बात करें तो सबसे बड़ा तेल भंडार वेनेजुएला के पास है. इसके बाद सऊदी अरब, ईरान, कनाडा और इराक का नंबर आता है.