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कोणार्क की प्राकृतिक खूबसूरती और समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर पर्यटकों को अपनी ओर खींचती है

कोणार्क, ओडिशा राज्य का एक प्रमुख शहर है, जो अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। यह शहर खासकर अपने प्रसिद्ध कोणार्क सूर्य मंदिर के लिए जाना जाता है, जो यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त है। कोणार्क न केवल अपने मंदिरों और वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध संस्कृति भी पर्यटकों को आकर्षित करती है।

कोणार्क सूर्य मंदिर: स्थापत्य कला का अद्भुत उदाहरण

कोणार्क का प्रमुख आकर्षण है कोणार्क सूर्य मंदिर। यह मंदिर भगवान सूर्य को समर्पित है और 13वीं शताब्दी में राजा नरसिंहदेवI द्वारा बनवाया गया था। यह मंदिर अपनी विशाल और अद्भुत वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है। मंदिर की संरचना एक विशाल रथ (रथ का रूप) की तरह बनाई गई है, जो सूर्य देवता की यात्रा को दर्शाता है। इसके चार पहिये और घोड़े की मूर्तियाँ अत्यधिक बारीकी से बनायी गई हैं।

कोणार्क सूर्य मंदिर के दीवारों पर उकेरी गई चित्रकला और शिल्पकला भारतीय स्थापत्य का एक अद्वितीय उदाहरण है। यहाँ की मूर्तियाँ और नक्काशी दर्शाती हैं कि उस समय के शिल्पकारों ने कितना उच्च स्तर का कला कौशल हासिल किया था। यह मंदिर न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भारतीय शिल्पकला और वास्तुकला का अद्वितीय उदाहरण भी प्रस्तुत करता है।

कोणार्क बीच

कोणार्क का एक और प्रमुख आकर्षण है यहाँ का सुंदर समुद्र तट, जिसे कोणार्क बीच कहा जाता है। यह समुद्र तट अपनी शांत और प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है। पर्यटक यहाँ सूर्योदय और सूर्यास्त का अद्भुत दृश्य देख सकते हैं। यह समुद्र तट उन लोगों के लिए आदर्श है जो समुद्र के नजदीक शांति और सुकून की तलाश करते हैं। साथ ही, यहाँ विभिन्न जल क्रीड़ाओं का भी आनंद लिया जा सकता है, जैसे कि स्विमिंग, बोटिंग और वाटर स्पोर्ट्स।

कोणार्क की ऐतिहासिक धरोहर

कोणार्क में केवल सूर्य मंदिर ही नहीं, बल्कि अन्य ऐतिहासिक स्थल भी हैं जो इस क्षेत्र के सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व को दर्शाते हैं। कोणार्क म्यूजियम में पर्यटक इस क्षेत्र के इतिहास और संस्कृति के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यहाँ की पुरानी मूर्तियाँ, शिल्पकला और अन्य पुरातात्त्विक वस्तुएं इस क्षेत्र की समृद्ध धरोहर को उजागर करती हैं।

कोणार्क महोत्सव

कोणार्क नृत्य महोत्सव हर साल दिसंबर महीने में आयोजित किया जाता है। इस महोत्सव में ओडिशा के पारंपरिक नृत्य रूपों, जैसे कि ओडिसी नृत्य, के शानदार प्रदर्शन होते हैं। यह महोत्सव कोणार्क सूर्य मंदिर के पास खुले आकाश के नीचे आयोजित होता है, जहाँ पर्यटक और कलाकार एक साथ ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का उत्सव मनाते हैं। यह महोत्सव कला और संस्कृति प्रेमियों के लिए एक अद्भुत अनुभव होता है।

नजदीकी पर्यटक स्थल

कोणार्क के आसपास कई अन्य दर्शनीय स्थल भी हैं जो पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। चिलिका झील जो एशिया की सबसे बड़ी ताजे पानी की झील है, केवल 30 किलोमीटर दूर स्थित है। यह झील अपने प्राकृतिक सौंदर्य और पक्षी अभयारण्य के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ आप बोटिंग का आनंद ले सकते हैं और पक्षियों को देख सकते हैं।

इसके अलावा, पुरी और भुवनेश्वर जैसे अन्य पर्यटन स्थल भी कोणार्क के पास स्थित हैं, जो धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं।

यात्रा के लिए सबसे अच्छा समय

कोणार्क यात्रा के लिए सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च तक है, जब मौसम ठंडा और सुखद रहता है। गर्मियों में यहाँ का तापमान बढ़ सकता है, जिससे यात्रा में असुविधा हो सकती है।

कोणार्क एक अद्भुत ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थल है, जो अपनी प्राचीन वास्तुकला, सूर्य मंदिर और समुद्र तट के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ की शांति, प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक धरोहर पर्यटकों को आकर्षित करती है। अगर आप भारतीय इतिहास, संस्कृति और वास्तुकला के प्रति रुचि रखते हैं, तो कोणार्क एक अवश्य देखे जाने योग्य स्थान है। यह जगह हर साल लाखों पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है।

रोजाना इस चाय का सेवन करने से फैटी लिवर के लक्षण होंगे कम, वजन घटाने में भी मिलेगी मदद

लिवर हमारे शरीर का एक अहम हिस्सा होता है। इसलिए स्वस्थ रहने के लिए लिवर का सही तरीके से फंक्शन करना बेहद जरूरी होता है। वहीं लिवर कोशिकाओं में जमे फैटी एसिड और ट्राइग्लिसराइड्स के कारण फैटी लिवर में दिक्कतें हो जाती हैं। वहीं आज के समय में फैटी लिवर की समस्या तेजी से बढ़ती जा रही है। डाइजेशन खराब होना, आंखों के नीचे पफीनेस, जीभ पर सफेद लेयर जमना, स्किन इंफेक्शन और मुंह से आने वाली बदबू लिवर के अच्छे से काम न करने की निशानी है।

फैटी लिवर होने पर लाइफस्टाइल और खानपान में बदलाव करना बेहद जरूरी है। जिससे कि फैटी लिवर के लक्षणों को रिवर्स किया जा सके। साथ ही वेट कम करना भी बहुत जरूरी है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको एक ऐसी चाय के बारे में बताने जा रहे हैं, जो फैटी लिवर के लक्षणों रिवर्स करने और वेट लॉस में मदद करती है।

देसी चाय की सामग्री

हल्दी- 1 चुटकी

दालचीनी- 1 छोटी स्टिक

सिंहपणी जड़- चौथाई टीस्पून

सेंधा नमक- 1 चुटकी

नींबू- आधा

ऐसे बनाएं ये चाय

सबसे पहले दालचीनी, हल्दी और सिंहपणी की जड़ को पानी में डालकर अच्छे से उबालें।

फिर इसको छान लें और इसमें नींबू व सेंधा नमक मिलाएं।

अब इसको अच्छे से मिला लें।

इस चाय को 1 महीने तक दिन में एक बार जरूर पिएं।

फायदे

हेल्थ एक्सपर्ट की मानें, तो यदि रिपोर्ट में फैटी लिवर आ गया है, तो आपको वेट लॉस पर ध्यान देना चाहिए। इसके साथ ही फैटी लिवर के लक्षणों को रिवर्स करने के लिए अपनी डाइट और लाइफस्टाइस में बदलाव करना चाहिए।

हमारा लिवर नेचुरल फिल्टर होता है। जब यह अधिक काम करने लगता है, तो व्यक्ति को डाइजेशन से जुड़ी समस्या हो सकती है। ऐसे में इस चाय को लगातार 1 महीने तक पीने से लिवर डिटॉक्स होगा। साथ ही वेट लॉस भी होगा।

हल्दी इंफ्लेमेशन को कम करती है और लिवर को भी डिटॉक्स करने में सहायता करती है। हल्दी से लिवर में जमा फैट कम होता है और शरीर के टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं। इससे लिवर डैमेज कम होता है और डाइजेशन भी दुरुस्त होता है।

दालचीनी आपके लिवर फंक्शन को सुधारने का काम करती है और फैट आसानी से बर्न होता है। यह लिवर को डिटॉक्स करती है और इंसुलिन रेजिस्टेंस कम करती है। दालचीनी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जोकि लिवर की सूजन को कम करता है।

लिवर हेल्थ के लिए सिंहपर्णी या डंडेलियन की जड़ अच्छी मानी जाती है। यह लिवर डिटॉक्स करता है और इसके सेवन से लिवर डैमेज भी कम होता है।

सेंधा नमक डाइजेशन को दुरुस्त करता है और इससे डाइजेस्टिव एंजाइम्स भी दुरुस्त होता है।

नींबू में विटामिन सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है। यह शरीर को डिटॉक्स करने का काम करता है। साथ ही नींबू में एंटी-ऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं। यह लिवर सेल फंक्शन को सुधारती है।

कैमरा देख राजेश खन्ना की नातिन ने तुरंत पीछे हटकर भागना शुरू किया, वहीं अमिताभ बच्चन के नाती पीछे से आए, लोगों ने कहा – आखिर क्या हुआ?

ये साल कई बॉलीवुड स्टारकिड्स के लिए खास है। इस साल कई बॉलीवुड स्टारकिड बड़े पर्दे पर काम करने की तैयारी में हैं। खुशी कपूर और इब्राहिम अली खान ने साल की शुरुआत में ही डेब्यू किया है। अब शनाया की बारी भी आ गई है। इसके अलावा कई और स्टारकिड्स भी डेब्यू को लेकर चर्चा में हैं। बिग स्क्रीन डेब्यू के लिए सुहाना खान, सिमर भाटिया, नाओमिका सरन और अगस्तय नंदा भी पूरी तैयारी कर चुके हैं। अब हाल ही में नाओमिका सरन और अगस्तय नंदा के एक साथ देखा गया। दोनों का वीडियो सामने आया है, लेकिन इसमें एक ट्विस्ट है। दोनों ही साथ होते हुए भी पैपराजी के सामने अलग-अलग आते हैं। वीडियो देख लोग पूछ रहे हैं कि आखिर माजरा क्या है और दोनों के बीच चल क्या रहा है? इन सवालों का सही और सटीक जवाब हम आपको देते हैं।

पैप्स से बचती दिखीं नाओमिका

हाल ही में बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता राजेश खन्ना की नातिन नाओमिका सरन और महानायक अमिताभ बच्चन के नाती अगस्त्य नंदा को मुंबई में एक फेमस मेडॉक प्रोडक्शन हाउस के ऑफिस के बाहर एक साथ देखा गया। सामने आए वीडियो में नाओमिका सरन ब्लैक मिनी सकर्ट और ब्यू शर्ट पहने बिल्डिंग से बाहर आती हैं, लेकिन वो झट से फोन पर बात करते हुए दोबारा अंदर चली जाती हैं। पैपराजी के देखते ही उन्हें उल्टे पांव भागते देखा जा सकता है। इसी बीच उनके पीछे से अगस्त्य नंदा बाहर आते हैं। वो पूरे कॉन्फिडेंस के साथ बाहर आते हैं और मीडिया को पोज भी देते हैं। नाओमिका अपनी गाड़ी और आने का इंतजार करती हैं और झट से वहां से निकल जाती हैं।

ये है माजरा

अब दोनों को साथ देखा गया है, लेकिन इस बार मामला लिंकअप का नहीं है बल्कि इस पब्लिक अपीयरेंस से साफ है कि दोनों एक साथ एक ही प्रोजेक्ट पर काम करने की तैयारी में लग गए हैं। इससे पहले भी कई रिपोर्ट्स सामने आई थीं, जिसमें कहा गया था कि नाओमिका और अगस्तय मैडॉक फिल्म के प्रोजेक्ट में साथ दिखेंगे। दोनों ही मैडॉक के इवेंट में भी इससे पहले नजर आए थे। फिलहाल इस फिल्म की अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। नाओमिका के अलावा अगस्तय अक्षय कुमार की भांजी सिमर भाटिया के साथ ‘इक्कीस’ में भी काम करने वाले हैं।

नाओमिका की हो रही तारीफ

नाओमिका, राजेश खन्ना की छोटी बेटी रिंकी खन्ना और व्यवसायी समीर सरन की बेटी हैं। नाओमिका और अगस्त्य की जोड़ी को लेकर सोशल मीडिया पर मिला-जुला रिक्शन सामने आया है। कई लोगों ने इस जोड़ी को अनफिट कहा तो कई लोगों का कहना है कि साथ काम करने के बाद ही पता चलेगा किसमें कितना दम हैं। कुछ लोग स्टारकिड्स को साथ देखने के लिए काफी उत्साहित हैं। वैसे नाओमिका की तारीफ जमकर हो रही है। लोगों को उनकी सादगी भा गई है। लोगों का कहना है कि उनका अंदाज सबसे अलग है। बाकी स्टारकिड्स की तुलना में उनका स्टाइल अलग और सिंपल है, लेकिन उन पर काफी फब रहा है।

इस प्रोडक्शन की फिल्म में करेंगे काम

बता दें, इससे पहले रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया था कि नाओमिका और अगस्त्य एक रोमांटिक-कॉमेडी फिल्म में साथ नजर आ सकते हैं, जिसे प्रोड्यूसर दिनेश विजान के प्रोडक्शन हाउस मैडॉक फिल्म्स के तहत बनाया जा रहा है। इस फिल्म का निर्देशन पंजाबी हिट्स ‘किस्मत’, ‘किस्मत 2’ और ‘शड्डा’ जैसी सफल फिल्मों के निर्देशक जगदीप सिद्धू करेंगे, जो इस फिल्म के साथ बॉलीवुड में अपना निर्देशन डेब्यू करेंगे।

सीजफायर के टूटने की आशंका से परेशान हैं बिलावल भुट्टो, शहबाज शरीफ बोले – बातचीत के लिए हैं तैयार

ऑपरेशन सिंदूर की तारीफ दुनियाभर में की जा रही है। इस ऑपरेशन के दौरान भारत ने पाकिस्तान के कई एयरबेस और रडार सिस्टमों को तबाह कर दिया। इसके बाद घुटनों पर आ चुके पाकिस्तान ने भारत को सीजफायर का प्रस्ताव दिया। इस बीच भारत और पाकिस्तान के बीच जारी सीजफायर के टूटने की चिंता पाकिस्तान के कुछ नेताओं को सता रही है। दरअसल पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के चीफ बिलावल भुट्टो ने पाकिस्तानी मीडिया को एक इंटरव्यू दिया। इस इंटरव्यू में उन्होंने चिंता जताई है कि अगर सीजफायर टूटा तो क्या अंजाम होगा। बिलावल भुट्टो ने सीजफायर को कायम रखने को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, पीएम नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान पीएम शहबाज शरीफ के लिए भी इम्तिहान की घड़ी बताया है।

बिलावल भुट्टों को सता रहा सीजफायर के टूटने का डर

बिलावल भुट्टो ने कहा, ‘हकीकत ये है कि हमने एक सीजफायर जारी रखा है। इस वक्त एक सीजफायर मौजूद है वो बहुत बड़ी कामयाबी है। पाकिस्तान अमन और शांति चाहता है। लेकिन भारत की अंदरुनी सियासत की वजह से भारत की तरफ से जो बयान आ रहे हैं, उससे हमें खतरा महसूस हो रहा है कि ये सीजफायर जारी नहीं रहेगा। ये टूट जाएगा।ये बहुत खतरनाक होगा। ना सिर्फ हम दोनों देशों के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए। इस वक्त ये बड़ा इम्तिहान है। राष्ट्रपति ट्रंप के लिए पीएम शहबाज शरीफ के लिए और पीएम नरेंद्र मोदी के लिए हम दुआएं करते हैं कि ये सब इम्तिहान पास हो जाए।’

शहबाज शरीफ बोले- हम भारत से बात करने को तैयार

पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ ने गुरुवार को देश के पंजाब प्रांत का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य टकराव में शामिल अधिकारियों और सैनिकों से बातचीत की। शहबाज शरीफ ने यहां पर कहा कि हम शांति के लिए भारत साथ बातचीत करने को तैयार हैं। शरीफ के साथ  उपप्रधानमंत्री इशाक डार, रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ, सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर भी मौजूद थे। पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ भारत के साथ बातचीत और शांति के लिए शर्तों में कश्मीर मुद्दे को भी शामिल करने की बात कही है। आपको बता दें कि भारत लंबे समय से पूरी दुनिया को साफ कर रखा है कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न अंग थे, हैं और रहेंगे।

केपटाउन: साउथ अफ्रीका से क्यों है ट्रंप नाराज? G20 सम्मेलन का किया बहिष्कार, लगाए कई प्रतिबंध

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साउथ अफ्रीका पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि साउथ अफ्रीका में गोरे किसानों का ‘नरसंहार’ (genocide) हो रहा है, जिसे दुनिया से छिपाया जा रहा है। ट्रंप ने न केवल इस मुद्दे को उठाया, बल्कि साउथ अफ्रीका की विदेश नीति, खासकर इजरायल के खिलाफ उसके रुख और ईरान के साथ बढ़ते रिश्तों को भी निशाना बनाया। इसके चलते ट्रंप ने साउथ अफ्रीका पर कई तरह की पाबंदियां भी लगा दी हैं।

‘गोरे किसानों का नरसंहार हो रहा है’

ट्रंप का कहना है कि अश्वेत बहुल साउथ अफ्रीका की सरकार गोरे किसानों के खिलाफ नस्लवादी रवैया अपना रही है। उनके मुताबिक, इस वजह से गोरे किसानों की हत्याएं हो रही हैं। दक्षिण अफ्रीकी सरकार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उसका कहना है कि देश में हिंसक अपराध की समस्या है, लेकिन ये हत्याएं नस्लीय आधार पर नहीं हो रही हैं। इस हफ्ते ट्रंप प्रशासन ने 50 से ज्यादा गोरे दक्षिण अफ्रीकियों को अमेरिका में शरण दी। ट्रंप ने इन्हें अफ्रीकन समुदाय का हिस्सा बताया और कहा कि ये लोग अपनी अश्वेत सरकार से उत्पीड़न और नस्लीय हिंसा का शिकार हैं।

‘ट्रंप को गलत जानकारी दी जा रही है’

साउथ अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने इन दावों को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि कुछ अफ्रीकी लॉबी ग्रुप और अमेरिका के रूढ़िवादी (conservative) कमेंटेटर ट्रंप को गलत जानकारी दे रहे हैं। ट्रंप ने दक्षिण अफ्रीका की उस कार्रवाई को भी आड़े हाथों लिया, जिसमें उसने इजरायल के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र की शीर्ष अदालत (International Court of Justice) में नरसंहार का केस दायर किया। यह केस 2024 की शुरुआत में दायर हुआ था, जिसमें साउथ अफ्रीका ने इजरायल पर गाजा में फिलिस्तीनियों के खिलाफ नरसंहार का आरोप लगाया।

साउथ अफ्रीका पर लगाई गईं कई पाबंदियां

साउथ अफ्रीका के इस कदम ने उसे वैश्विक स्तर पर फिलिस्तीनी समर्थन का बड़ा चेहरा बना दिया, लेकिन अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों के साथ इसके रिश्ते खराब हो गए। ट्रंप ने 7 फरवरी को एक कार्यकारी आदेश (executive order) जारी कर साउथ अफ्रीका पर पाबंदियां लगाईं और सारी अमेरिकी सहायता रोक दी। उन्होंने कहा कि दक्षिण अफ्रीका ने अमेरिका और उसके सहयोगी इजरायल के खिलाफ ‘आक्रामक रुख’ अपनाया है। ट्रंप ने यह भी आरोप लगाया कि दक्षिण अफ्रीका का यह कदम हमास को समर्थन दिखाता है। अमेरिका, यूरोपीय संघ और ब्रिटेन जैसे देश हमास को आतंकवादी संगठन मानते हैं।

साउथ अफ्रीका के ईरान से रिश्तों पर चिढ़े ट्रंप

साउथ अफ्रीका लंबे समय से फिलिस्तीन का समर्थक रहा है और इजरायल की आलोचना करता रहा है। हालांकि, उसने हमास को समर्थन देने से इनकार किया है। लेकिन कुछ घटनाओं ने इस दावे को कमजोर किया, जैसे 2023 में जब पूर्व दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला के पोते ने हमास के अधिकारियों को दक्षिण अफ्रीका में मेहमान के तौर पर बुलाया था। ट्रंप ने अपने कार्यकारी आदेश में साउथ अफ्रीका पर ईरान के साथ बढ़ते व्यापारिक, सैन्य और परमाणु संबंधों का भी आरोप लगाया। दक्षिण अफ्रीका ने स्वीकार किया कि उसके ईरान के साथ राजनयिक रिश्ते हैं, लेकिन परमाणु हथियारों को लेकर कोई समझौता नहीं है।

G20 का बहिष्कार कर रहा है अमेरिका

साउथ अफ्रीका ने कहा कि वह ईरान को बिजली के लिए परमाणु रिएक्टर बनाने के एक व्यापारिक अनुबंध के लिए बोली लगाने की इजाजत दे रहा है, जिसमें अन्य देश भी शामिल हैं। साउथ अफ्रीका के एक गैर-लाभकारी शोध संस्थान, इंस्टीट्यूट फॉर सिक्योरिटी स्टडीज ने कहा कि ट्रंप ईरान के साथ दक्षिण अफ्रीका के रिश्तों पर ओवररिएक्ट कर रहे हैं। लेकिन उसने यह भी कहा कि साउथ अफ्रीका को अपने रिश्तों की वजह से आलोचना के लिए तैयार रहना चाहिए। बता दें कि इस साल साउथ अफ्रीका पहली बार G20 की अध्यक्षता कर रहा है, लेकिन ट्रंप प्रशासन ने इसका बहिष्कार करने का फैसला किया है।

अमेरिका के बहिष्कार से दक्षिण अफ्रीका को नुकसान

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने फरवरी में जोहान्सबर्ग में हुई G20 विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा नहीं लिया। ट्रंप प्रशासन ने साउथ अफ्रीका के G20 आयोजनों से जुड़ा सारा सहयोग भी निलंबित कर दिया। एक अमेरिकी अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि ट्रंप साउथ अफ्रीका के G20 एजेंडे का समर्थन नहीं करते। हालांकि, इसका अमेरिका की अगले साल की G20 अध्यक्षता पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इस बहिष्कार से दक्षिण अफ्रीका के उन मुद्दों को नुकसान पहुंचेगा, जिन्हें उसने अपनी अध्यक्षता में प्राथमिकता दी थी।

साउथ अफ्रीका करेगा रिश्तों को सुधारने की कोशिश

दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने ट्रंप की आलोचना से बचते हुए कहा कि वह अगले हफ्ते व्हाइट हाउस में ट्रंप से मुलाकात करेंगे। उनका मकसद दोनों देशों के रिश्तों को ‘रीसेट’ करना है। रामफोसा का कहना है कि वह ट्रंप को सही जानकारी देकर गलतफहमियां दूर करने की कोशिश करेंगे। ट्रंप का दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सख्त रवैया न केवल गोरे किसानों के मुद्दे से जुड़ा है, बल्कि उसकी विदेश नीति, खासकर इजरायल, हमास और ईरान को लेकर भी है। इन विवादों ने दोनों देशों के बीच तनाव को बढ़ा दिया है, और अब यह देखना बाकी है कि रामफोसा की ट्रंप से मुलाकात क्या रंग लाती है।