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लखनऊ के सरोजनीनगर में शुरू हुआ राज्य का पहला सौर ऊर्जा आधारित ईवी चार्जिंग स्टेशन : भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने किया लोकार्पण

  • “सौर ऊर्जा केवल विकल्प नहीं, पृथ्वी के भविष्य की जिम्मेदारी है” – डॉ. राजेश्वर सिंह
  • “ईवी की खरीद पर आकर्षक सब्सिडी, ग्रीन मोबिलिटी में उत्तर प्रदेश बन रहा अग्रणी ” – विधायक राजेश्वर सिंह
  • ” सीएम योगी द्वारा 2030 तक सौर ऊर्जा क्षमता 22,000 MW बढ़ाने का लक्ष्य हरित ऊर्जा के क्षेत्र में क्रांतिकारी पहल” – डॉ. राजेश्वर सिंह
  • “7 महीने में ही खत्म हो जा रहा पृथ्वी का उत्पादन, अगले 5 महीने सिर्फ दोहन” – डॉ. राजेश्वर सिंह

लखनऊ: सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में उत्तर प्रदेश ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने शुक्रवार को सराय शहजादी, बंथरा में राज्य के प्रथम सौर ऊर्जा संचालित इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) चार्जिंग स्टेशन का उद्घाटन किया। यह अत्याधुनिक चार्जिंग स्टेशन मैसिव मोबिलिटी एवं इंजीनियर सोलरवाला द्वारा स्थापित किया गया है। इस अवसर पर विधायक ने कंपनी के अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा, “सौर ऊर्जा केवल ऊर्जा का विकल्प नहीं, बल्कि पृथ्वी के भविष्य से जुड़ी एक जिम्मेदारी है। जितना अधिक हम इसका उपयोग करेंगे, उतना ही हम स्थायी विकास की दिशा में आगे बढ़ेंगे।”

वायु प्रदूषण और ऊर्जा संकट: समाधान की दिशा में सौर ऊर्जा
डॉ. राजेश्वर सिंह ने बताया कि आज विश्व में वायु प्रदूषण के कारण लगभग 80 लाख लोगों की असामयिक मृत्यु होती है, जिनमें से 25 लाख से अधिक भारत में होती हैं, यह स्थिति अत्यंत भयावह और चेतावनी देने वाली है। उन्होंने कहा, “सौर ऊर्जा न केवल पर्यावरणीय विकल्प है, बल्कि जीवन रक्षा का संकल्प भी है।”

डॉ. सिंह ने अर्थ ओवरशूट डे (Earth Overshoot Day) का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 1972 में जब इसकी अवधारणा आई, तब यह 23 दिसंबर को पड़ता था , यानी मनुष्य उस समय तक पृथ्वी के द्वारा साल भर में उत्पन्न संसाधनों का उपभोग करता था। लेकिन आज, 2024 में यह तिथि घटकर 1 अगस्त पर आ गई है, यानी वर्ष के बाकी पाँच महीने हम पृथ्वी का अत्यधिक दोहन करते हैं। यह सतत विकास के प्रति हमारी प्रतिबद्धता की असफलता का संकेत है।

ईवी क्रांति में उत्तर प्रदेश की अहम भूमिका –
डॉ. सिंह ने बताया कि आज विश्व की हर चौथी गाड़ी इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) है। भारत में मार्च 2025 तक 20 लाख से अधिक ईवी की बिक्री हो चुकी है। उत्तर प्रदेश में वर्तमान में 3.75 लाख से अधिक ईवी पंजीकृत हैं। राज्य सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर आकर्षक सब्सिडी प्रदान कर रही है, जिससे लोगों में इन वाहनों की ओर रुझान बढ़ा है।

उन्होंने बताया कि एक इलेक्ट्रिक वाहन औसतन हर साल 1.5 मिलियन ग्राम CO₂ उत्सर्जन बचा सकता है। ईवी न केवल शून्य प्रदूषण का विकल्प है, बल्कि भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए आयात घाटा कम करने और रुपये को मजबूत करने का एक जरिया भी है। यदि भारत 2030 तक 30% ईवी अपनाता है तो वह हर वर्ष 60 बिलियन अमेरिकी डॉलर की तेल आयात लागत बचा सकता है।

वैश्विक परिप्रेक्ष्य में ईवी अपनाने की क्रांति –
डॉ. सिंह ने कहा कि चीन और नॉर्वे जैसे देश ईवी के क्षेत्र में अग्रणी हैं। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, इस वर्ष बेची जाने वाली हर चौथी कार इलेक्ट्रिक होगी। 2024 में वैश्विक ईवी बिक्री 1 करोड़ 70 लाख से अधिक रही और 2025 में यह 2 करोड़ का आंकड़ा पार करने की ओर अग्रसर है। भारत में ईवी की हिस्सेदारी 2020 में 0.7% से बढ़कर 2024 में 6.3% हो गई है। भारत की सड़कों दौड़ने वाली ईवी 1 करोड़ टन से अधिक CO₂ उत्सर्जन को रोकने में सहायक हैं। यह बदलाव न केवल प्रदूषण को कम करता है, बल्कि रोजगार भी उत्पन्न करता है और सार्वजनिक-निजी निवेश में अब तक 21.5 बिलियन डॉलर से अधिक का योगदान हुआ है।

यूपी के सौर ऊर्जा मिशन की प्रगति –
विधायक ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा सोलर एनर्जी पालिसी -2022 के अंतर्गत वर्ष 2030 तक 22,000 मेगावाट सौर ऊर्जा क्षमता निर्माण के लक्ष्य की सराहना की। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश ने 2017 में जहाँ 288 मेगावाट सौर क्षमता से शुरुआत की थी, वहीं 2025 तक यह क्षमता बढ़कर 2,653 मेगावाट तक पहुँच गई है। आने वाले वर्षों में इसे 22,000 मेगावाट तक पहुँचाने का लक्ष्य है।

इस अवसर पर मैसिव मोबिलिटी के संस्थापक शैलेश विक्रम सिंह, इंजीनियर सोलरवाला के संस्थापक आशीष दीक्षित, विद्याधर दीक्षित, अन्नपूर्णा, राजेश सिंह चौहान, शंकरी सिंह, कर्नल दयाशंकर दुबे, अनिल सिंह, राजेश सिंह, चंदर सिंह, जितेंद्र सिंह पिंकू, अंकुर सिंह (प्रधान प्रतिनिधि), विनय दीक्षित, संजीव मिश्रा फंटन व अन्य मौजूद रहे।

“विकास का संकल्प और चेतना का शंखनाद : मंडल कार्यशालों का आयोजन कर कार्यकर्ताओं में जोश बढ़ा रहे डॉ. राजेश्वर सिंह”

  • “भाजपा कार्यकर्ताओं के तपोबल से देश को मिली आतंक का मुहतोड़ जबाब देने वाली मोदी सरकार – डॉ. राजेश्वर सिंह
  • भाजपा कार्यकर्ताओं के कारण भारत बनीं विश्व की चौथी सबसे बड़ी सैन्य और आर्थिक महाशक्ति – डॉ. राजेश्वर सिंह
  • 2014 से पहले कमजोर सरकारें आतंक की कड़ी निंदा करती रहीं और निर्दोष मारे जाते रहे – डॉ. राजेश्वर सिंह
  • जब तक पकिस्तान के रोल मॉडल बाबर, औरंगज़ेब, तैमूर, ग़ोरी और गजनी हैं, तब तक वहां सुधार असंभव – डॉ. राजेश्वर सिंह
  • भारत आगे बढ़ रहा है, भारत जितना आगे बढेगा, उतने ही खतरे बढ़ेंगे, इसलिए सबको राष्ट्र प्रथम विचारधारा के साथ एकजुट रहना होगा – डॉ. राजेश्वर सिंह

लखनऊ: जब कोई संगठन मजबूत होता है उसके कार्यकर्ता जागरूक होते हैं तभी वे विपक्ष के आरोपों का सटीक जबाब दे सकते हैं। विपक्ष के नरेटिव को तोड़ सकते हैं, विकास कार्यों और संगठन की विचारधारा को जन – जन तक पहुंचा सकते हैं। इसी लक्ष्य के साथ सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह अपनी विधानसभा क्षेत्र के अलग – अलग मंडलों में कार्यशालों का आयोजन कर रहे हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को शहीद पथ स्थित होटल वी स्क्वायर में सरोजनीनगर दक्षिण तृतीय मंडल पदाधिकारी सम्मेलन एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाल में न केवल स्थानीय विकास कार्यों की प्रगति पर चर्चा हुई, बल्कि देश और प्रदेश में भाजपा सरकारों द्वारा संचालित जन-कल्याणकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुँचाने का भी आह्वान किया गया।

कार्यशाला के दौरान उपस्थित मंडल पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा, कोई भी संगठन तब मजबूत होता है, जब उसके योद्धा जागरूक होते हैं। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा विकास के कौन से कार्य संचालित हो रहे हैं, पार्टी की क्या विचारधारा है, विपक्षी दल इसे कैसे तोड़ – मरोड़ कर पेश कर रहे हैं, जब तक बूथ अध्यक्षों, पन्ना प्रमुखों को ये जानकारी नहीं होगी तब तक न वे विपक्ष को जबाब दे पायेंगे, न उनके नरेटिव को तोड़ पायेंगे, न ही जनता तक अपनी बात सही से पहुंचा पायेंगे।

विधायक ने आगे जोड़ा हमारे कार्यकर्ताओं को पता होना चाहिए कि किस प्रकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल की स्थापना के सपने को साकार करके दिखाया किस तत्परता से डिफेंस कॉरिडोर स्थापित कराया, कार्यकर्ताओं को जानकारी होनी चाहिए कि कैसे आज दुनिया के 20 से ज्यादा देश भारत से ब्रह्मोस मिसाइल खरीदना चाहते हैं। विधायक ने बताया सीएम योगी ने देश के 55% एक्सप्रेस वे नेटवर्क को उत्तर प्रदेश में स्थापित करके दिखाया, पहले कानपुर पहुंचने में 2.5 घंटा लगता था, जुलाई में नया एलिवेटेड एक्सप्रेसवे बनने के बाद कानपुर पहुँचने में 45 मिनट ही लगेंगे। सीएम योगी ने स्टेट कैपिटल रीजन की घोषणा की है जो देगा।

डॉ. सिंह ने अपने अभिभाषण में आगे जोड़ा वर्ष 2045 तक मशीन इंटेलिजेंस ह्यूमन इंटेलिजेंस से अधिक हो जायेगी, इसलिए बच्चों को डिजिटल रूप से आगे बढ़ाना है तभी वे ऐसी मशीनों के नियंत्रित और उन्हें ओपरेट कर सकेंगे। युवा पीढ़ी को विकसित भारत – 2047 के सपने के अनुरूप, प्रधानमंत्री के सपने अनुरूप तैयार करना होगा। विधायक ने आगे जोड़ा सीएम योगी नादरगंज में आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस सिटी स्थापित करवा रहे हैं, जहाँ अनेक एआई कंपनियां अपना कार्यालय खोलेंगी। जहा युवाओं को इस क्षेत्र में नौकरियों और प्रशिक्षण के अनेक अवसर मिलेंगे।

विधायक ने बताया पीएम मोदी ने विकसित भारत -2047 का लक्ष्य रखा है, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकसित उत्तर प्रदेश एवं राज्य को 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा है। विधायक ने बताया उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लिए सीएम योगी ने कानून व्यवथा मजबूत की, इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया तभी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 42 लाख करोड़ के निवेश आये, 15 लाख करोड़ के निवेश धरातल पर भी उतर चुके हैं, नए प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश को नयी ऊँचाइयों पर ले जा रहे हैं, रोजगार – स्वरोजगार के नए अवसर सृजित कर रहे हैं।

पहले 26/ 11 हमला हुआ, लखनऊ, पटना, बंगाल, बैंगलोर वाराणसी जैसे धमाके हुए तब की कमजोर सरकार ने केवल कड़ी निंदा की, फिर भाजपा की सरकार आई जिसने उरी, पुलवामा, पहलगाम की आतंकी घटना का मुहतोड़ जबाब दिया। आज भारत बदल चुका है, हिन्दुस्तान मजबूती से दुनिया के सामने खड़ा है, उसका कारण भाजपा के कार्यकार्ताओं का तपोबल है। प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा की है यदि अब आगे से आतंकी हमला हुआ तो उसे एक्ट ऑफ़ वार माना जाएगा।

विधायक ने सवाल भरे अंदाज में पूछा क्या पकिस्तान अब सुधर जाएगा ?? पहले क्या हुआ ?? 1960 में सिन्धु जल समझौते के बाद 1665 में हमला हुआ, 1998 में प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के शान्ति के प्रयासों के तुरंत बाद कारगिल युद्ध हुआ। विधायक ने कहा पकिस्तान कभी सुधर नहीं सकता क्योकि उनके रोल मॉडल बाबर, औरंगज़ेब, तैमूर, ग़ोरी हैं। इन आक्रान्ताओं ने भारत पर तब आक्रमण किया था जब भारत सोने की चिड़िया कहा जाता था, इसलिए हमें पकिस्तान और दूसरे देशों से सतर्क रहना होगा, एकजुट रहना होगा।

विधायक ने आंतरिक चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि वक्फ बोर्ड के पास 18 लाख एकड़ जमीन से 39 लाख एकड़ जमीन हो गयी, क्योकि कांग्रेस पार्टी ने वक्फ को मजबूत किया, अब प्रधानमंत्री मोदी ने संविधान संशोधन कर वक्फ पर नियंत्रण लगाया, भूमि सर्वेक्षण का अधिकार वक्फ ट्रिब्यूनल से हटाकर न्यायालयों को दिया गया। एक राष्ट्र एक चुनाव क्यों जरुरी है – इन विषयों पर कार्यकर्ताओं की अपनी राय होनी चाहिए, जानकारी होनी चाहिए, आज जनसांख्यिकी परिवर्तन हो रहा है, पूर्वोत्तर में 80% तक जनसांख्यिकी बदल चुकी है। केरल, पश्चिम बंगाल ही नहीं पश्चिम उत्तर प्रदेश में भी तेजी से जनसांख्यिकीपरिवर्तन हुआ है। कार्यकार्ताओं को ये जानकारी होनी चाहिए तभी वे जनता तक अपनी बात मजबूती से रख पायेंगे। आज भारत आगे बढ़ रहा है, भारत जितना आगे बढेगा, उतने ही खतरे बढ़ेंगे, इस लिए सबको साथ रहना है, पार्टी को मजबूत करेंगे तो देश मजबूत होगा, यही हमारा लक्ष्य यही पार्टी का संकल्प है।

महानगर अध्यक्ष का संबोधन –
भाजपा महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी ने अपने संबोधन में डॉ. राजेश्वर सिंह की प्रसंशा करते हुए कहा कि, सरोजनीनगर विधायक सरल, सौम्य, सेवा और विकास को सर्वाधिक समर्पित रहते हैं। डॉ. राजेश्वर सिंह ने महिला सशक्तिकरण की नयी मिसाल गढ़ते हुए 150 से ज्यादा तारा शक्ति सिलाई सेंटर खुलवाये हैं। डॉ. राजेश्वर सिंह सेवा और विकास की अप्रतिम मिसाल हैं। महानगर अध्यक्ष ने आगे जोड़ा कि सरोजनीनगर में नाली, सड़क, बिजली पानी तो छोड़ दीजिये ब्रह्मोस मिसाइल, अशोक लीलैंड बस फैक्ट्री की स्थापना जैसे बड़े – बड़े काम हो रहे हैं। अब लखनऊ की पहचान चिकनकारीगरी से नहीं ब्रह्मोस मिसाइल से होगी।

मेधावियों को लैपटॉप प्रदान कर किया सम्मानित –
इस अवसर पर विधायक डॉ. सिंह ने इंटरमीडिएट परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सरोजनीनगर के 3 मेधावियों अर्पिता चंद्रा (95%) D/O अपर्णा भारती (महिला मोर्चा महामंत्री), मोहित शर्मा (93%) S/O रेखा शर्मा, अनुष्का शर्मा D/O जयश्री शर्मा (जिला सह संयोजक) को लैपटॉप प्रदान कर सम्मानित किया।

कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष विनोद मौर्या, रमा शंकर त्रिपाठी, राज कुमार सिंह, कर्नल दयाशंकर दुबे, शंकरी सिंह, पार्षद के.एन. सिंह, ब्रजमोहन शर्मा, संजीव अवस्थी एवं मनोज रावत, यू एन सिंह, महानगर विधानसभा प्रभारी उमेश तिवारी, महामंत्री अल्पसंख्यक मोर्चा शेरअली ख़ान, जितेंद्र सिंह, रीना उपाध्याय, रश्मी सिंह, सुधा सिंह, बजरंग सिंह, मनोज कुमा, शिव प्रकाश मिश्र, ए.पी.एस. राठौर, शिव बिरंच दुबे, पप्पू पांडे, सोनू शुक्ला बाबा, राजन मिश्रा, विनय सूदन, डॉक्टर पी. के. गुप्ता, जानकी अधिकारी, सरला सिंह, संजीव मिश्रा फंटन एवं अन्य भाजपा नेता मौजूद रहे।

पंजाब पर्यटन: कपूरथला शहर, सांस्कृतिक वैभव और ऐतिहासिक धरोहरों का मुख्य आकर्षण

कपूरथला, पंजाब राज्य का एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण शहर है, जो अपनी भव्य वास्तुकला, शाही इतिहास और अद्भुत पर्यटन स्थलों के लिए प्रसिद्ध है। यह शहर न केवल पंजाब, बल्कि पूरे भारत में एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में उभर रहा है। कपूरथला का सांस्कृतिक वैभव, ऐतिहासिक किले, महल और खूबसूरत बगीचे यहाँ आने वाले पर्यटकों को एक अद्वितीय अनुभव प्रदान करते हैं। आइए जानते हैं कपूरथला के कुछ प्रमुख पर्यटन स्थलों के बारे में।

1. कपूरथला महल (Kapurthala Palace)

कपूरथला का सबसे प्रमुख आकर्षण है कपूरथला महल, जिसे “पंजाबी वर्साय” के नाम से भी जाना जाता है। यह महल फ्रांसीसी वास्तुकला से प्रेरित है और इसकी भव्यता और आकर्षण पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं। महल के अंदर शानदार कमरे, खूबसूरत गैलरी और विस्तृत बगीचे हैं। महल की संरचना और इसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि इसे कपूरथला का प्रमुख पर्यटन स्थल बनाती है। यहाँ का बगीचा और झील पर्यटकों को शांति और सौंदर्य का अनुभव कराते हैं।

2. शाही मस्जिद (Shahi Mosque)

कपूरथला में स्थित शाही मस्जिद एक ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल है, जो अपनी अद्भुत वास्तुकला और शांत वातावरण के लिए प्रसिद्ध है। इस मस्जिद को कपूरथला के तत्कालीन शाही परिवार द्वारा बनवाया गया था। मस्जिद का शाही और भव्य रूप पर्यटकों को आकर्षित करता है। यहाँ की आंतरिक सजावट और विस्तृत बगीचों में भ्रमण करते हुए लोग शांति का अनुभव करते हैं।

3. सुंदरबाग (Sunder Bagh)

सुंदरबाग, कपूरथला का एक और प्रमुख आकर्षण है। यह बगीचा कपूरथला महल के पास स्थित है और इसकी सुंदरता पर्यटकों को बेहद आकर्षित करती है। यहाँ की हरियाली, फूलों की सुगंध और शांत वातावरण आपको एक अद्भुत अनुभव प्रदान करते हैं। सुंदरबाग में घूमने से पर्यटकों को पंजाब की प्राकृतिक सुंदरता का अहसास होता है।

4. कपूरथला ज्यूडिशियल किला (Kapurthala Judicial Fort)

कपूरथला ज्यूडिशियल किला भी एक ऐतिहासिक स्थल है, जो इस क्षेत्र के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को दर्शाता है। इस किले की वास्तुकला और इसे बनाने की शैली अत्यंत रोचक है। किला आज भी अपनी भव्यता और ऐतिहासिक धरोहर को बनाए हुए है। किले के चारों ओर फैला हरित क्षेत्र और इसके प्राचीन कक्ष पर्यटकों को बहुत आकर्षित करते हैं।

5. गुलाबबाग (Gulab Bagh)

कपूरथला का गुलाबबाग एक शानदार बगीचा है, जो विशेष रूप से अपनी गुलाब की झाड़ियों के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ विभिन्न प्रकार के गुलाबों का संग्रह देखने को मिलता है, जो बाग को एक अद्वितीय सुंदरता प्रदान करते हैं। गुलाबबाग की सैर करते हुए पर्यटक गुलाबों की खूबसूरती और बाग के शांत वातावरण का आनंद लेते हैं। यह स्थान फूलों के शौकिनों के लिए आदर्श है।

6. चरणबीर बाग (Charanbir Bagh)

चरणबीर बाग कपूरथला का एक ऐतिहासिक बाग है, जो अपने अद्भुत सौंदर्य और शाही संरक्षण के लिए प्रसिद्ध है। इस बाग में कई आकर्षक फूल और पेड़-पौधे हैं, जो पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। बाग में स्थित ऐतिहासिक स्मारक और शाही महल इस स्थान को और भी खास बनाते हैं। यहाँ घूमते हुए पर्यटक प्रकृति के साथ-साथ इतिहास की समृद्धि को भी महसूस कर सकते हैं।

7. फव्वारा (Fawara)

फव्वारा कपूरथला के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है। यह एक खूबसूरत और आकर्षक फव्वारा है, जो शहर के बीच स्थित है। इसके आसपास का माहौल और पानी के बहाव का दृश्य पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देता है। यहाँ पर अक्सर लोग आराम करने के लिए आते हैं और शहर की हलचल से दूर शांति का अनुभव करते हैं।

8. शहीदी स्मारक (Shaheedi Smarak)

कपूरथला के शहीदी स्मारक में भारत के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है। यह स्मारक उन वीर शहीदों की याद में बनवाया गया था जिन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। यह स्थल इतिहास प्रेमियों के लिए एक महत्वपूर्ण और शिक्षाप्रद स्थल है।

कपूरथला एक ऐसा शहर है, जहाँ ऐतिहासिक धरोहर, शाही महल, धार्मिक स्थल और प्राकृतिक सुंदरता का अद्भुत मिश्रण है। कपूरथला महल, शाही मस्जिद, सुंदरबाग और गुलाबबाग जैसे स्थल इस शहर की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक समृद्धि को दर्शाते हैं। यहाँ आने वाले पर्यटक न केवल पंजाब की लोक कला और संस्कृति से परिचित होते हैं, बल्कि वे यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक धरोहर का भी आनंद लेते हैं। अगर आप इतिहास, वास्तुकला और प्रकृति प्रेमी हैं, तो कपूरथला की यात्रा आपके लिए एक अविस्मरणीय अनुभव साबित हो सकती है।

‘द कपिल शर्मा शो’ की विद्यावती असल जिंदगी में हैं काफी ग्लैमरस, अपने कॉमिक अंदाज़ से बटोर रही हैं खूब सुर्खियां

कॉमेडी की दुनिया में बहुत कम महिला कॉमेडियन हैं, जिन्होंने खूब नेम फेम कमाया है और उनमें से एक सुगंधा मिश्रा भी हैं। एक्ट्रेस-कॉमेडियन सुगंधा सिंगर बनना चाहती थीं, लेकिन उनकी किस्मत में कुछ और ही लिखा था और वह कॉमेडियन बनकर फेमस हो गईं। सुगंधा मिश्रा का जन्म 23 मई 1988 को जालंधर, पंजाब में हुआ था। उनके माता-पिता संतोष मिश्रा और सविता मिश्रा हैं। उन्होंने गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर और एपीजे कॉलेज ऑफ फाइन आर्ट्स, जालंधर में एडमिशन करवाया था, जहां से उन्होंने संगीत की पढ़ाई पूरी की। बचपन से ही उनका झुकाव संगीत की ओर था क्योंकि उनका परिवार संगीत घराने से ताल्लुक रखता है। वह अपने परिवार की चौथी पीढ़ी हैं जो सिंगर बन नाम कमाना चाहती थीं।

असल जिंदगी में इतनी खूबसूरत हैं सुगंधा

सुगंधा मिश्रा जलंधर से मुंबई एक सिंगिंग कॉन्टेस्ट के लिए आई थीं, लेकिन धीर-धीरे उन्होंने मेहनत की और कॉमेडी की दुनिया में पहचान बना ली। उन्हें कपिल शर्मा के शो ‘द कपिल शर्मा’ की ‘विद्यावती’ के किरदार से मिली, जिसमें वह साड़ी और लंबी चोटी में दिखाई दीं। कॉमेडी शो में विद्यावती के लुक में सिंपल सी दिखने वाली सुगंधा रियल लाइफ में बहुत अलग दिखती हैं। सुगंधा मिश्रा सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं। वह आए दिन फैंस को अपनी लाइफ से जुड़ी हर छोटी-बड़ी अपडेट देती रहती हैं। एक्ट्रेस अपने वुक को लेकर भी खूब चर्चा में रहती हैं। वहीं कई लड़कियां तो सुगंधा के स्टाइल को भी कॉपी करती हैं।

सिंगर बनीं कॉमेडियन

सुगंधा ने मराठी कॉमेडियन और को-स्टार संकेत भोसले से साल 2021 में शादी की। साल 2023 में उन्होंने एक बेटी को जन्म दिया। सुगंधा मिश्रा ने बतौर रेडियो जॉकी अपना करियर शुरु किया था। इसके बाद कई गाने भी गाए और इन्होंने कुछ शॉर्ट फिल्मों में भी अपनी आवाज दी। सुगंधा मिश्रा ‘सा रे गा मा सिंगिंग सुपरस्टार’ में कंटेस्टेंट के तौर पर नजर आईं, लेकिन टॉप-3 में ही जगह बना पाईं। वह ‘द कपिल शर्मा शो’ और ‘ड्रामा कंपनी’ जैसे कॉमेडी शोज में नजर आईं। कॉमेडी शोज से सुगंधा मिश्रा की ऐसी किस्मत चमकी की आज वह भारत की मशहूर कॉमेडियन में गिनी जाती हैं।

लंदन: ब्रिटेन में ‘नपुंसक’ बनाए जाएंगे यौन अपराधी, हैरान कर देगी इस फैसले के पीछे की वजह

ब्रिटेन की सरकार ने यौन अपराधियों के लिए एक नया कदम उठाया है जिसमें उनकी यौन इच्छाओं को दबाने के लिए दवाइयों का इस्तेमाल किया जाएगा। इसे ‘केमिकल कास्ट्रेशन’ कहा जा रहा है यानी कि केमिकल के इस्तेमाल से ऐसे अपराधियों को ‘नपुंसक’ बना दिया जाएगा। हैरान करने वाली बात यह है कि ये कदम जेलों में जगह की कमी की समस्या से निपटने के लिए उठाया गया है और माना जा रहा है कि इससे अपराध की दर में भी कमी आएगी। न्याय मंत्री शबाना महमूद ने गुरुवार को संसद में बताया कि इस योजना को 20 जेलों में 2 क्षेत्रों में शुरू किया जाएगा और इसे अनिवार्य करने पर विचार हो रहा है।

कई देशों में इस्तेमाल हो रहा है यह तरीका

शबाना महमूद ने कहा, ‘यह जरूरी है कि इस तरीके के साथ-साथ मनोवैज्ञानिक इलाज भी किए जाएं, जो अपराध के दूसरे कारणों जैसे ताकत और कंट्रोल की चाहत पर असर करें।’ हालांकि जांच में यह सामने आया है कि यह इलाज उन अपराधियों के लिए उपयुक्त नहीं है, जो शक्ति और नियंत्रण की चाहत से अपराध करते हैं, जैसे कि रेपिस्ट। लेकिन स्टडी के मुताबिक केमिकल कास्ट्रेशन से दोबारा अपराध करने की दर में 60 फीसदी तक की कमी आ सकती है। यह तरीका जर्मनी और डेनमार्क में स्वैच्छिक आधार पर और पोलैंड में कुछ अपराधियों के लिए अनिवार्य रूप से इस्तेमाल हो रहा है।

कंजर्वेटिव सरकार पर बरसीं शबाना महमूद

यौन अपराधियों को ‘नपुंसक’ बनाने का यह सुझाव पूर्व न्याय मंत्री डेविड गॉक की अगुवाई वाली एक व्यापक समीक्षा का हिस्सा है, जिसमें जेल व्यवस्था को सुधारने और अपराध कम करने के तरीकों पर विचार किया गया। शबाना महमूद ने पिछले साल जुलाई में लेबर पार्टी के सत्ता में आने के बाद सबसे पहले जेलों में जगह खाली करने के लिए कैदियों की जल्दी रिहाई का प्रोग्राम शुरू किया था। उन्होंने कहा कि पिछली कंजर्वेटिव सरकार ने न्याय व्यवस्था को बरसों तक नजरअंदाज किया, जिसके चलते यह कदम उठाना पड़ा। उन्होंने चेतावनी दी कि जेलों में जगह की कमी हुई तो पुलिस को गिरफ्तारियां रोकनी पड़ेंगी और अपराधी खुलेआम घूमेंगे।

जेलों में जगह बनाने के लिए की गईं ये सिफारिशें

समीक्षा में यह भी सुझाव दिया गया कि अच्छे व्यवहार के लिए कैदियों को पहले रिहा किया जाए, जजों को ड्राइविंग पर बैन लगाने जैसी सजा देने की ज्यादा छूट दी जाए, और 12 महीने से कम की सजा को खत्म कर कठोर सामुदायिक सजा दी जाए। इसके अलावा, 3 साल या उससे कम सजा पाने वाले विदेशी नागरिकों को तुरंत निर्वासित करने की सिफारिश भी की गई है। हालांकि, कंजर्वेटिव पार्टी के न्याय प्रवक्ता रॉबर्ट जेनरिक ने चेतावनी दी कि छोटी सजाओं को खत्म करने से चोरी, सेंधमारी और लोगों पर हमले जैसे अपराध तो गुनाह ही नहीं रह जाएंगे।

ब्रिटेन की जेलों में बंद कैदियों की संख्या में इजाफा

रॉबर्ट जेनरिक ने इलेक्ट्रॉनिक टैग को भी ‘आग बुझाने के लिए धुएं के अलार्म जितना बेकार’ बताया। जवाब में, शबाना महमूद ने कहा कि वह कंजर्वेटिव सरकार के द्वारा की गई गड़बड़ियों को ठीक कर रही हैं और 19वीं सदी के बाद से जेलों का सबसे बड़ा विस्तार शुरू किया गया है। बता दें कि ब्रिटेन में पिछले 3 दशकों में जेलों की आबादी दोगुनी होकर करीब 90,000 हो गई है, भले ही अपराध की दर घटी हो। इसका कारण अपराध के प्रति सख्ती की मांग के बीच लंबी सजाओं का चलन है। इस नई नीति से सरकार जेलों की भीड़ कम करने और अपराधियों के पुनर्वास पर जोर दे रही है।