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पीलीभीत: तराई के जंगलों में गूंजा ‘प्रकृति रक्षार्थ राष्ट्रधर्म’ का संदेश: डॉ. राजेश्वर सिंह की अगुवाई में पीलीभीत टाइगर रिजर्व में ‘वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन इवेंट 5.0’ सम्पन्न, वन रक्षकों, गाइड्स, छात्रों, ड्राइवर्स और पर्यावरण प्रेमियों के साथ संवाद, सम्मान और संरक्षण का अभिनव संगम

पीलीभीत: तराई के जंगलों में गूंजा ‘प्रकृति रक्षार्थ राष्ट्रधर्म’ का संदेश: डॉ. राजेश्वर सिंह की अगुवाई में पीलीभीत टाइगर रिजर्व में ‘वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन इवेंट 5.0’ सम्पन्न, वन रक्षकों, गाइड्स, छात्रों, ड्राइवर्स और पर्यावरण प्रेमियों के साथ संवाद, सम्मान और संरक्षण का अभिनव संगम
पीलीभीत: तराई के जंगलों में गूंजा ‘प्रकृति रक्षार्थ राष्ट्रधर्म’ का संदेश: डॉ. राजेश्वर सिंह की अगुवाई में पीलीभीत टाइगर रिजर्व में ‘वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन इवेंट 5.0’ सम्पन्न, वन रक्षकों, गाइड्स, छात्रों, ड्राइवर्स और पर्यावरण प्रेमियों के साथ संवाद, सम्मान और संरक्षण का अभिनव संगम
पीलीभीत: तराई के जंगलों में गूंजा ‘प्रकृति रक्षार्थ राष्ट्रधर्म’ का संदेश: डॉ. राजेश्वर सिंह की अगुवाई में पीलीभीत टाइगर रिजर्व में ‘वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन इवेंट 5.0’ सम्पन्न, वन रक्षकों, गाइड्स, छात्रों, ड्राइवर्स और पर्यावरण प्रेमियों के साथ संवाद, सम्मान और संरक्षण का अभिनव संगम
  • पीलीभीत टाइगर रिजर्व में ‘वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन इवेंट 5.0’ का आयोजन डॉ. राजेश्वर सिंह की अगुवाई में हुआ।
  • वन रक्षकों, गाइड्स और ड्राइवर्स को पुरस्कार, साइकिल व सम्मान चिन्ह देकर प्रेरित किया गया।
  • प्रसिद्ध फोटोग्राफर सरोश लोधी ने वन्यजीव फोटोग्राफी पर विशेष कार्यशाला आयोजित की।
  • पर्यावरण संरक्षण पर आधारित क्विज़ और भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित कर छात्रों को जागरूक किया गया।
  • ‘एनवायार्मेंट वारियर्स’ मिशन के तहत तराई अंचल में 4 चरणों में संरक्षण कार्यक्रम चलाए गए।

पीलीभीत/लखनऊ: उत्तर प्रदेश के तराई अंचल स्थित पीलीभीत टाइगर रिजर्व के मुस्तफाबाद फॉरेस्ट गेस्ट हाउस में प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण को समर्पित भव्य आयोजन “वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन इवेंट 5.0” का आयोजन हुआ। इस आयोजन का नेतृत्व सरोजनीनगर के विधायक और पर्यावरण के प्रति जागरूक जनप्रतिनिधि डॉ. राजेश्वर सिंह ने किया। इस पूरे कार्यक्रम की केंद्रीय भावना रही – “प्रकृति संरक्षण ही राष्ट्र की सुरक्षा है“। इस आयोजन का उद्देश्य फ्रंटलाइन वन कर्मियों, वाचर्स ड्राइवर्स, और गाइड्स को जागरूक करना, प्रोत्साहित करना सम्मानित करना और उन्हें सच्चे पर्यावरण योद्धा के रूप में तैयार करना था। सुप्रसिद्ध शिक्षा एवं पर्यावरणविद अम्बिका मिश्रा, अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक, वन्यजीव ललित वर्मा एवं डीएफओ मनीष सिंह भी कार्यक्रम में मौजूद रहे और कार्यशाला वनरक्षकों का उत्साहवर्धन किया। दरअसल, तराई क्षेत्र में वन एवं जैव विविधता को बचाने तथा वन कर्मियों, स्कूली छात्र – छात्राओं में जागरूकता लाने के प्रति सरोजनी नगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह की प्रतिबद्धता एक अनुकरणीय उदाहरण बन चुकी है।

कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण:

वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी वर्कशॉप : सुप्रसिद्ध वन्यजीव फोटोग्राफर सरोश लोधी के नेतृत्व में वन रक्षकों के लिए 2 दिवसीय वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी वर्कशॉप आयोजित की गई, जिसमें उन्हें फोटोग्राफी के कौशल सिखाए गए। इस वर्कशॉप की प्रसंशा करते हुए डॉ. राजेश्वर सिंह ने अमेरिका वियतनाम युद्ध का उल्लेख करते हुए कहा कि बम गिरने के बाद बच्चों के बीच दौड़ती एक बच्ची की तस्वीर वियतनाम युद्ध का चेहरा बन गई थी, तस्वीर वायरल होने के बाद वो विश्वभर में ‘नेपालम गर्ल’ नाम से प्रसिद्द हुई। विधायक ने अन्य उदाहरण देते हुए बताया कि 24 दिसंबर, 1968 को अपोलो 8 के चालक दल ने चंद्रमा की परिक्रमा करते हुए, उन्होंने पृथ्वी को चंद्र क्षितिज के ऊपर उगते हुए देखा और इस दृश्य को “अर्थराइज” नामक विश्व-प्रसिद्ध तस्वीर में कैद किया। इस तस्वीर ने विलियम एंडर्स को प्रेरित किया, जिन्होंने कहा, “हम चंद्रमा की खोज के लिए आए, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण खोज पृथ्वी की थी।”

क्विज प्रतियोगिता : पीलीभीत टाइगर रिजर्व से जुड़े 180 ड्राइवर्स और गाइड्स ने क्विज प्रतियोगिता में भाग लिया। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले सलीम शाह को 25,000 रुपये, द्वितीय स्थान प्राप्त जसवंत कुमार को 20,000 रुपये, और तृतीय स्थान प्राप्त राहुल एवं सुभाष को 15,000 रुपये की सम्मान राशि के साथ प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त, 13 अन्य प्रतिभागियों को 5,000 रुपये का सांत्वना पुरस्कार और मौखिक क्विज में सही उत्तर देने वाले 10 प्रतिभागियों को दूरबीन (Binoculars) प्रदान कर सम्मानित किया गया।

वन रक्षकों का सम्मान: पीलीभीत टाइगर रिजर्व के 30 वॉचर्स को साइकिलें प्रदान की गईं। इसके अतिरिक्त, पांच उत्कृष्ट वन अधिकारियों— दिनेश गिरी, दिनेश कुमार, जितेंद्र सिंह, सरवन सिंह और तुलाराम—को विशिष्ट पदक से सम्मानित किया गया। वन्यजीव तस्करी के खिलाफ योगदान: उपप्रभारी वनाधिकारी श्री रमेश चौहान, जिन्होंने 140 कछुओं को तस्करों से मुक्त कराया, को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

वन संरक्षण: सबसे बड़ा राष्ट्र धर्म

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा, “वन संरक्षण सबसे बड़ा राष्ट्र धर्म है। ‘एनवायार्मेंट वारियर्स’ अभियान के माध्यम से हम न केवल वन्यजीव संरक्षण को बढ़ावा दे रहे हैं, बल्कि जागरूकता और प्रोत्साहन के जरिए पर्यावरण संतुलन की रक्षा के लिए एकजुट हो रहे हैं। पर्यावरण की स्थित पर चिंता व्यक्त करते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि विश्व की 18% आबादी का निवास होने के बावजूद भारत के पास मात्र 4% ताजा जल संसाधन हैं। वायु प्रदूषण के कारण प्रतिदिन लगभग 6,500 लोगों की जान जाती है, और औसत जीवन प्रत्याशा 5 वर्ष तक कम हो चुकी है। इसके अतिरिक्त, जैव विविधता पर संकट गहराता जा रहा है, हर घंटे औसतन तीन प्रजातियां विलुप्त हो रही हैं, और 1970 के बाद से 60% वन्यजीव आबादी नष्ट हो चुकी है। आज 99% संकटग्रस्त प्रजातियों के विलुप्त होने का कारण मानव गतिविधियां हैं।

पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की प्रगति उल्लेखनीय
सरोजनी नगर विधायक ने बताया कि इन चुनौतियों के बीच, उत्तर प्रदेश ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले 8 वर्षों में राज्य में 200 करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए हैं, जिसके परिणामस्वरूप वन क्षेत्र में 559.19 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि हुई है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या दोगुनी होकर एक मील का पत्थर साबित हुई है।

युवा दिवस के अवसर पर 12 जनवरी 2025 को अभियान की शुरुआत
प्रथम कार्यक्रम – गुरु गोविंद सिंह डिग्री कॉलेज, पलिया कलां (खीरी)
इस आयोजन में डिजिटल लाइब्रेरी का उद्घाटन किया गया। पाँच मेधावी छात्रों को टैबलेट वितरित किए गए, 30 वन रक्षकों (वॉचर्स) को साइकिलें दी गईं और 5 वन कर्मियों को सम्मानित किया गया। साथ ही ‘प्राइड ऑफ तराई’ सम्मान भी प्रदान किया गया।

द्वितीय कार्यक्रम – मोतीपुर गेस्ट हाउस, बहराइच यहाँ इंटर स्कूल क्विज प्रतियोगिता का आयोजन हुआ, जिसमें 12 विद्यालयों के 81 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में 30 वॉचर्स को साइकिलें दी गईं और 5 वन कर्मियों को सम्मानित किया गया।

तृतीय कार्यक्रम – मुस्तफाबाद गेस्ट हाउस, पीलीभीत इस आयोजन में 10 स्कूलों के विद्यार्थियों के बीच वाद-विवाद एवं क्विज प्रतियोगिताएँ हुईं। ‘प्राइड ऑफ तराई’ और ‘प्राइड ऑफ पीलीभीत’ सम्मान प्रदान किए गए। 1000 पौधों का रोपण किया गया, दो सोलर वॉटर होल्स, एक तारा शक्ति केंद्र, एक स्मार्ट क्लास और एक रण बहादुर सिंह डिजिटल एजुकेशन एवं यूथ एम्पावरमेंट सेंटर का उद्घाटन किया गया। साथ ही 30 वॉचर्स को साइकिलें और 5 वन कर्मियों को सम्मानित किया गया।

चतुर्थ कार्यक्रम – किशनपुर फॉरेस्ट गेस्ट हाउस, खीरी इस कार्यक्रम में 17 विद्यालयों के 250 छात्रों के बीच पेंटिंग एवं क्विज प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। 30 वॉचर्स को साइकिलें प्रदान की गईं और 5 वन कर्मियों को सम्मानित किया गया।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग के लिए माँ पीताम्बरा ट्रस्ट का भी आभार व्यक्त किया।

अवधी समागम में चार पुस्तकों का हुआ विमोचन: दो दर्जन से अधिक अवधी रचनाकार हुए सम्मानित, प्रेस क्लब लखनऊ में सैप प्रकाशन एवं साहित्यकार समिति के संयुक्त तत्वावधान में हुआ आयोजन

अवधी समागम में चार पुस्तकों का हुआ विमोचन: दो दर्जन से अधिक अवधी रचनाकार हुए सम्मानित, प्रेस क्लब लखनऊ में सैप प्रकाशन एवं साहित्यकार समिति के संयुक्त तत्वावधान में हुआ आयोजनअवधी समागम में चार पुस्तकों का हुआ विमोचन: दो दर्जन से अधिक अवधी रचनाकार हुए सम्मानित, प्रेस क्लब लखनऊ में सैप प्रकाशन एवं साहित्यकार समिति के संयुक्त तत्वावधान में हुआ आयोजन
अवधी समागम में चार पुस्तकों का हुआ विमोचन: दो दर्जन से अधिक अवधी रचनाकार हुए सम्मानित, प्रेस क्लब लखनऊ में सैप प्रकाशन एवं साहित्यकार समिति के संयुक्त तत्वावधान में हुआ आयोजन
अवधी समागम में चार पुस्तकों का हुआ विमोचन: दो दर्जन से अधिक अवधी रचनाकार हुए सम्मानित, प्रेस क्लब लखनऊ में सैप प्रकाशन एवं साहित्यकार समिति के संयुक्त तत्वावधान में हुआ आयोजनअवधी समागम में चार पुस्तकों का हुआ विमोचन: दो दर्जन से अधिक अवधी रचनाकार हुए सम्मानित, प्रेस क्लब लखनऊ में सैप प्रकाशन एवं साहित्यकार समिति के संयुक्त तत्वावधान में हुआ आयोजन
  • प्रेस क्लब लखनऊ में हुआ भव्य ‘अवधी समागम’ कार्यक्रम।
  • चार महत्त्वपूर्ण अवधी पुस्तकों का हुआ लोकार्पण।
  • पद्मश्री डॉ. विद्याबिंदु सिंह समेत कई विद्वानों ने रखे विचार।
  • ‘संत न मोल बिकाय’ और ‘कजरी’ जैसी रचनाओं को सराहा गया।
  • 24 अवधी रचनाकारों को स्मृति चिन्ह और पुस्तकों के सेट सहित किया गया सम्मानित।

लखनऊ: अवधी भाषा, साहित्य और लोकसंस्कृति के समर्पित रचनाकारों को समर्पित एक भव्य समारोह ‘अवधी समागम’ का आयोजन सैप प्रकाशन एवं साहित्यकार समिति के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को प्रेस क्लब लखनऊ में किया गया। इस अवसर पर चार महत्त्वपूर्ण अवधी पुस्तकों का लोकार्पण हुआ और साथ ही दो दर्जन से अधिक अवधी साहित्यकारों को सम्मानित किया गया।

दीप प्रज्वलन से आरंभ हुआ समारोह

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। उद्घाटन मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ. विद्याबिंदु सिंह, प्रो. डॉ. सूर्य प्रसाद दीक्षित, डॉ. उमाशंकर शुक्ल शितिकंठ, डॉ. ज्ञानवती दीक्षित, डॉ. राम बहादुर मिश्र और डॉ. रश्मिशील द्वारा किया गया।

चार पुस्तकों का हुआ लोकार्पण

अवधी समागम में चार नई पुस्तकों का विमोचन किया गया, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  1. विनय दास का उपन्यास ‘संत न मोल बिकाय’,
  2. दीपक सिंह का कहानी संग्रह ‘कजरी’,
  3. डॉ. ज्ञानवती दीक्षित की पुस्तक ‘दीदी कै पाती’,
  4. ओपी वर्मा ओम की काव्यकृति ‘चेतना के स्वर’

पुस्तकों पर विद्वानों की गहन टिप्पणी

मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ. विद्याबिंदु सिंह ने कहा कि ‘संत न मोल बिकाय’, ‘कजरी’, ‘दीदी कै पाती’ जैसी रचनाएं अवधी गद्य कोष में ऐतिहासिक वृद्धि करेंगी। इन रचनाओं में विषयगत नवाचार और भाषा की मिठास है। उन्होंने कहा कि ‘संत न मोल बिकाय’ में सतनामी संतों का जीवंत चित्रण हुआ है, जो कथावाचक शैली में अवधी भाषा की प्रामाणिकता को प्रस्तुत करता है।

‘कजरी’ को उन्होंने देशज स्त्री-विमर्श का गंभीर आख्यान बताया, जो बदलते ग्रामीण समाज की तस्वीर पेश करता है। ‘दीदी कै पाती’ में रिक्त पत्र विधा और संस्मरण को अवधी में सशक्त स्वर मिला है, जबकि ‘चेतना के स्वर’ पाठकों को भीतर तक आंदोलित करती है।

लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. सूर्य प्रसाद दीक्षित ने ‘संत न मोल बिकाय’ को इस्लामीकरण और धर्मांतरण के प्रतिरोध का दस्तावेज बताया। उन्होंने इसे एक ओर औरंगजेब की धार्मिक कट्टरता का प्रमाण तो दूसरी ओर सतनामी संत जगजीवन दास के सामाजिक योगदान की गौरवगाथा कहा। ‘कजरी’ की नायिका के संघर्ष को ग्रामीण स्त्रियों के सोच में आए बदलाव का प्रतीक बताया।

डॉ. ज्ञानवती दीक्षित की ‘दीदी कै पाती’ को उन्होंने संस्मरण और पत्र लेखन की अवधी में पुनर्स्थापना बताया, वहीं ओपी वर्मा ओम की ‘चेतना के स्वर’ को चेतन भावों की गहन अभिव्यक्ति करार दिया।

डॉ. उमाशंकर शुक्ल शितिकंठ ने कहा कि ‘संत न मोल बिकाय’ लोक संस्कृति की गहन पड़ताल करती है और अवधी भाषा के मानकीकरण की दिशा में सशक्त प्रयास है। वहीं, ‘कजरी’ ग्रामीण जीवन की यथार्थवादी झांकी है।

अवधी रचनाकारों को किया गया सम्मानित

कार्यक्रम के अंत में अवधी साहित्य में उत्कृष्ट योगदान के लिए 24 रचनाकारों को स्मृति चिन्ह, अंगवस्त्र और पुस्तकों का सेट भेंट कर सम्मानित किया गया।

सम्मानित रचनाकारों में शामिल रहे — डॉ. ज्ञानवती दीक्षित, डॉ. उमाशंकर शुक्ल शितिकंठ, डॉ. रश्मिशील, अनीस देहाती, सूर्य प्रसाद शर्मा, आद्या प्रसाद सिंह प्रदीप, रमाकांत तिवारी रामिल, नागेन्द्र बहादुर सिंह चौहान, डॉ. अनामिका श्रीवास्तव, सुधा द्विवेदी, विनोद मिश्र, भूपेन्द्र दीक्षित, अरुण तिवारी, प्रदीप तिवारी धवल, अजय साहू, डॉ. अर्जुन पाण्डेय, डॉ. अशोक अज्ञानी, डॉ. प्रदीप कुमार शुक्ल, डॉ. शेषमणि शुक्ला एवं नूतन वशिष्ठ सहित अन्य रचनाकार।

अन्य वक्ताओं ने भी रखा विचार

समारोह को डॉ. राम बहादुर मिश्र, प्रदीप सारंग, डॉ. श्याम सुंदर दीक्षित, अजय प्रधान, सूर्य प्रसाद शर्मा निशिहर समेत कई वक्ताओं ने संबोधित किया। सभी ने अवधी भाषा और साहित्य को जनमानस से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।

अवधी साहित्य को समर्पित प्रेरणास्रोत आयोजन

अवधी समागम ने यह स्पष्ट किया कि क्षेत्रीय भाषाएं केवल संवाद का माध्यम नहीं बल्कि सांस्कृतिक पहचान की आत्मा होती हैं। इस आयोजन ने अवधी भाषा के उत्थान, विस्तार और नई पीढ़ी से जुड़ाव की दिशा में एक सशक्त कदम उठाया है।

लखनऊ: डॉ. राजेश्वर सिंह ने किया अत्याधुनिक कैंसर जांच यूनिट का लोकार्पण, पीके पैथोलॉजी लैब बनी उम्मीद की नई किरण

  • देशभर में 25 लाख कैंसर मरीजों के बीच लखनऊ को मिली नई सुविधा: सरस्वती पुरम स्थित पीके लैब में शुरू हुई कैंसर जांच
  • कैंसर से 80% मौतें रोकी जा सकती हैं अगर हो समय पर जांच: डॉ. राजेश्वर सिंह ने दिया जागरूकता का संदेश

लखनऊ: सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने शनिवार को मनीमोंटा मार्केट, सरस्वती पुरम, रायबरेली रोड स्थित पी. के. पैथोलॉजी लैब में अत्याधुनिक कैंसर जांच यूनिट का शुभारंभ किया। इस अवसर पर डॉ. सिंह ने कहा, “कैंसर की लड़ाई जागरूकता से शुरू होती है और समय पर जांच से जीती जा सकती है।

चिंताजनक आंकड़े, गंभीर संदेश

इस दौरान डॉ. सिंह ने कैंसर के बढ़ते मामलों के आंकड़े सामने रखते हुए कहा कि, “वर्ष 2022 में वैश्विक स्तर पर लगभग 2 करोड़ कैंसर के नए मामले सामने आए और 97 लाख से अधिक मौतें दर्ज की गईं।

भारत में वर्तमान में 25 लाख से अधिक कैंसर रोगी हैं। ICMR रिपोर्ट (2022) के अनुसार भारत में 14 लाख से अधिक नए कैंसर मामलों की पुष्टि हुई, जिनमें से 9 लाख से अधिक लोगों की मृत्यु इस घातक रोग के कारण हुई। WHO के अनुसार, हर 5 में से 1 व्यक्ति को जीवनकाल में कभी न कभी कैंसर हो सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रारंभिक अवस्था में कैंसर का पता चल जाए, तो 80-90% तक मरीज पूरी तरह ठीक हो सकते हैं।

पी. के. पैथोलॉजी लैब स्वास्थ्य सेवाओं में मील का पत्थर:

पी. के. पैथोलॉजी लैब द्वारा यह पहल एक जन-स्वास्थ्य केंद्रित दृष्टिकोण की मिसाल है। इस आधुनिक कैंसर जांच यूनिट से समयबद्ध और सटीक जांच संभव होगी। डॉ. सिंह ने इस अवसर पर डॉ. पी. के. गुप्ता, डॉ. अविरल गुप्ता और डॉ. रोहिणी सिंह सहित पूरी टीम की सराहना की, जो न केवल तकनीकी रूप से उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं, बल्कि कैंसर पीड़ितों का मनोबल बढ़ाकर उन्हें मानसिक संबल भी दे रहे हैं।

इस अवसर पर डॉ. संगीता गुप्ता, डॉ. अजय शंकर त्रिपाठी (डायरेक्टर, लोकबंधु हॉस्पिटल), डॉ. बी. एस. नेगी (एमएस, लोकबंधु हॉस्पिटल), डॉ. एस. सागर, डॉ. प्रमोद चौरसिया, डॉ. अमितेश मिश्रा, डॉ. आँचल केसरी, डॉ. ज्ञानेन्द्र शुक्ला, डॉ. कर्नल सबलोक, डॉ. वी. के. गुप्ता सहित अनेक गणमान्य चिकित्सक और समाजसेवी उपस्थित रहे।

लखनऊ के सरोजनीनगर में मंडल पदाधिकारी सम्मेलन: भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कार्यकर्ताओं में जागृत किया राष्ट्रवाद का नवस्वर

  • 6 मंडलों की 6 कार्यशालाएं: 1500 से अधिक पदाधिकारी, राष्ट्र रक्षा का संकल्प
  • डॉ. राजेश्वर सिंह: भाजपा कार्यकर्ता बनें राष्ट्रवाद के सजग सिपाही
  • सरोजनीनगर बना संगठनात्मक ऊर्जा का केंद्र, कार्यकर्ता बने सरकार के ब्रांड एंबेसडर
  • डिजिटल युद्ध और साइबर हमलों के प्रति कार्यकर्ताओं और युवाओं को किया सतर्क – साइलेंट वारफेयर की दी चेतावनी
  • संगठन सशक्त, निष्ठा प्रखर: राष्ट्र प्रथम विचारधारा को किया मजबूत

लखनऊ: सरोजनीनगर में शनिवार को सम्पन्न मंडल पदाधिकारी सम्मेलन में विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने राष्ट्रवाद की नई चेतना को जागृत किया। छह मंडलों में सम्पन्न इन कार्यशालाओं में 1500 से अधिक भाजपा कार्यकर्ताओं ने भाग लिया, और सभी ने “राष्ट्र सर्वोपरि” की भावना के साथ राष्ट्र रक्षा का संकल्प लिया।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने स्पष्ट किया कि आज भारत को ऐसी सरकार चाहिए जो जनसंख्या असंतुलन, अवैध धर्मांतरण, अवैध घुसपैठ जैसे मुद्दों पर स्पष्ट और कड़ा स्टैंड ले सके। यह केवल भाजपा ही कर सकती है। यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करना, डिजिटल युद्ध के प्रति तैयार रहना, वामपंथी-इस्लामी गठजोड़ का मुकाबला करना—इन सभी के लिए एक मजबूत पार्टी और मजबूत सरकार की आवश्यकता है।

सम्मेलन में बच्चों का सम्मान, प्रेरणा की नई परंपरा

सम्मेलन में मेधावी बच्चों को सम्मानित किया गया: कृष्णा द्विवेदी (92%), अनिमेष पाण्डेय (92%), अंश सिंह (88%) इन सभी को लैपटॉप भेंटकर सम्मानित किया गया।

डॉ. सिंह का आह्वान: “युवाओं को बनना होगा डिजिटल योद्धा”
उन्होंने कहा कि आज का युग केवल बंदूक और बम का नहीं, बल्कि सर्वर और सिग्नल का युद्ध है। आने वाले वर्षों में मानसिक और मनोवैज्ञानिक युद्ध होंगे, जहाँ युवाओं के मन, सोशल मीडिया, डेटा, और भावनाओं को हथियार बनाया जाएगा। यह युद्ध जाति, धर्म और क्षेत्र के नाम पर समाज को विभाजित कर सकता है—इसलिए कार्यकर्ताओं और युवाओं को आत्म-सजग, आत्मनिर्भर और साइबर सशस्त्र होना पड़ेगा।

Silent Warfare: भारत की नई सुरक्षा चुनौती
डॉ. सिंह ने बताया कि “Silent Warfare” अब सबसे खतरनाक चुनौती है। 2023 में वैश्विक साइबर अपराधों से 10.5 ट्रिलियन डॉलर का नुकसान हुआ। भारत में 2022 में 13 लाख साइबर अपराध दर्ज हुए। प्रति माह औसतन 15 लाख साइबर हमले होते हैं। 2020 में चीन समर्थित हैकर्स ने मुंबई पावर ग्रिड पर हमला किया। 2022 में AIIMS दिल्ली का डेटा लीक हुआ, जिसमें 4 करोड़ मरीजों का रिकॉर्ड चोरी हुआ।

सरोजनीनगर: अब रक्षा और विज्ञान का शक्ति केंद्र
ब्रह्मोस मिसाइल कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन सरोजनीनगर को सामरिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण बना रहा है। PTC इंडस्ट्रीज़ द्वारा 300 करोड़ के निवेश से रक्षा निर्माण बढ़ेगा। फॉरेंसिक संस्थान, आपदा प्रबंधन केंद्र, नेवल वॉर म्यूजियम, और 10,000 क्षमता वाला कन्वेंशन सेंटर सरोजनीनगर को राष्ट्रस्तरीय पहचान दे रहे हैं। EFLU (English & Foreign Languages University) का नया परिसर युवाओं को वैश्विक शिक्षा देगा।

लखनऊ बना आर्थिक ऊर्जा का इंजन
2400 बसें प्रति वर्ष अशोक लेलैंड फैक्ट्री से बनेंगी। 1,800 युवाओं को मिलेगा रोजगार। लखनऊ राज्य की जीडीपी में 4% का योगदान दे रहा है। एजुकेशन, वेलनेस, IT और मैनेजमेंट सिटीज़ की 4 टाउनशिप विकसित हो रही हैं।

भाजपा ही भविष्य की चुनौतियों का समाधान है
डॉ. सिंह ने कहा: “विपक्ष की राजनीति भारत को रोकना चाहती है, भाजपा की नीति भारत को आगे बढ़ाना चाहती है।
हमारी विचारधारा है राष्ट्र पहले, अन्त्योदय अंतिम लक्ष्य। केवल भाजपा कार्यकर्ता ही इस विचारधारा के सच्चे संवाहक बन सकते हैं।”

सम्मेलन में प्रमुख भाजपा नेता रहे उपस्थित
सम्मेलन में महानगर विधानसभा प्रभारी उमेश तिवारी, मंडल अध्यक्ष शिव शंकर विश्वकर्मा, मंडल महामंत्री श्याम मोहन गुप्ता, मंडल महामंत्री नीरज शर्मा, मंडल उपाध्यक्ष राजकपूर वर्मा, मंडल उपाध्यक्ष अखिलेश त्रिपाठी, रमा शंकर त्रिपाठी, आर.पी. सिंह, गंगाराम भारती, गंगा राम अंबेडकर, भगवान शंकर त्रिवेदी, अवधेश बाजपेयी, शैलेंद्र सिंह, अखिलेश सिंह,पार्षद कौशलेंद्र द्विवेदी, हिमांशु अंबेडकर, के एन सिंह, विमल तिवारी, कमलेश सिंह, अमित वर्मा, नितेश बासड़े, आंनद शुक्ला, विमल सिंह, राजकुमारी, रमेश शर्मा, सुनील शर्मा, सुनीता लांबा, कार्तिकेय दीक्षित, मंजुलता सोनी, दीपा त्रिवेदी, शिखर त्रिवेदी, नीता दीक्षित, राहुल मिश्रा, अमरीश मौर्या, राजू रावत, करुणा सारस्वत, रंजना मिश्रा एवं अन्य भाजपा नेता मौजूद रहे।

32 वर्षीय अभिनेत्री ने कान्स में किया धमाकेदार डेब्यू, कपूर परिवार की बहू बनकर ऐसे नजर आईं जैसे राजकुमारी

बॉलीवुड की खूबसूरत और सबसे चर्चित एक्ट्रेस आलिया भट्ट ने कान्स 2025 के रेड कार्पेट पर एंट्री करते ही लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। कान्स फिल्म फेस्टिवल में आलिया भट्ट का धमाकेदार डेब्यू हो गया है। सोशल मीडिया पर एक्ट्रेस का लुक तेजी से वायरल हो रहा है। गाउन में एक्ट्रेस किसी डिज्नी प्रिंसेस से कम नहीं लग रही थीं। हर कोई उनके पहले लुक को लेकर बहुत एक्साइटेड था। आलिया का फर्स्ट लुक अब रिवील हो चुका है। उन्होंने पीच कलर का गाउन पहना है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक्ट्रेस की खूबसूरत तस्वीरों और वीडियो की बाढ़ आ गई है।

आलिया भट्ट ने फ्लोरल गाउन में किया कान्स डेब्यू

आलिया ने पीच कलर का पेस्टल फ्लोरल गाउन में अपना कान्स डेब्यू किया। इस ऑफ शोल्डर गाउन में अपने लुक को एक्ट्रेस ने बालों में बन बनाकर, ग्लोसी मेकअप और क्लासिक स्टड इयररिंग्स के साथ पूरा किया है। इसमें उनका टोंड फिगर भी दिख रहा है। आलिया के इस रफल गाउन पर फूलों से डिजाइन बना हुआ है। इसे बहुत ही बारीकी के साथ तैयार किया गया है। आलिया भट्ट ने डिजाइनर Schia Parelli द्वारा डिजाइन बॉडी फिटेड गाउन कैरी कर महफिल लूट ली। आलिया लॉरियल ब्रांड से जुड़ी हैं, जो फेस्टिवल का ऑफिशियल ब्यूटी पार्टनर हैं।

कान्स में बनठन कर पहुंचीं एक्ट्रेस

वहीं कान्स में जाने से पहले आलिया ने अपने लुक की झलक खुद इंस्टाग्राम पर शेयर की थी। इसमें एक्ट्रेस हाथ में एक पंखा लिए अपना फेस छुपाती नजर आई थी। इस साल कान्स के रेड कार्पेट पर ऐश्वर्या राय बच्चन, जाह्नवी कपूर, करण जौहर, शर्मिला टैगोर, अनुष्का सेन, अदिति राव हैदरी, रुचि गुज्जर और उर्वशी रौतेला जैसी अन्य भारतीय हस्तियां भी शामिल हुईं। पिछले हफ्ते, यह बताया गया था कि आलिया ने भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए इस साल इस कार्यक्रम को छोड़ने का फैसला किया है। हालांकि, बाद में पता चला कि वह इस इवेंट में भाग लेंगी।