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दिशा पाटनी मुंबई में दिखीं, वहीं बरेली में घर पर फायरिंग के आरोपियों का एनकाउंटर हुआ

12 सितंबर को दिशा पाटनी के बरेली वाले घर में फायरिंग हुई थी. इसके बाद अब एक्ट्रेस को मुंबई में काम पर वापस लौटने के दौरान स्पॉट किया गया. कैजुअल आउटफिट में भी एक्ट्रेस बला की खूबसूरत लग रही थीं. इसके साथ ही उनके को–स्टार इमरान हाशमी को भी पैप्स ने परफेक्टली कैप्चर किया. आपको बता दें, दोनों ही स्टार्स आज अपनी फिल्म के रीडिंग सेशन के वक्त स्पॉट हुए हैं.

मुंबई में स्पॉट हुई आवारापन 2 की स्टारकास्ट
बरेली फायरिंग मामले के बाद अब दिशा पाटनी अपने काम पर लौट चुकी हैं. इस घटना के बाद एक्ट्रेस का ये पहला पब्लिक अपियरेंस था. अदाकारा इमरान हाशमी की कल्ट क्लासिक फिल्म ‘आवारापन 2’ में नजर आएंगी. इस दौरान अदाकारा का बहुत ही कैजुअल अवतार देखने को मिला. उन्होंने ब्लू कलर की टैंक टॉप और डेनिम जींस कैरी किया था. ओपन हेयर में दिशा बेहद गॉर्जियस लग रही हैं.

चर्चा में दिशा पाटनी का लुक
वहीं बात करें इमरान हाशमी की तो वो एक बार फिर अपनी मास्टरपीस फिल्म ‘आवारापन’ के सिक्वल में शिवम् पंडित के रोल में नजर आएंगे. मुंबई में एक्टर को काफी स्टाइलिश अंदाज में देखा गया. दोनों ही स्टार्स ने अपनी फिल्म की तैयारी शुरू कर दी है. ‘आवारापन 2’, 2007 की हिट फिल्म ‘आवारापन’ का सीक्वल है और दर्शकों में इसको लेकर काफी उत्साह देखने को मिल रहा है.

साथ ही आपको बता दें, इस फिल्म में मोहित सूरी बतौर डायरेक्टर नजर नहीं आएंगे. फिल्म की बाकी स्टारकास्ट और प्लॉट के राज से अभी भी पर्दा उठना बाकी है.

बरेली फायरिंग मामले के दोनों आरोपियों का हुआ एनकाउंटर
बता दें, बॉलीवुड की पॉपुलर एक्ट्रेस दिशा पाटनी के उत्तर प्रदेश के बरेली वाले घर में 12 सितंबर को सुबह 3:45 में दो अज्ञात बदमाशों ने 8 से 10 राउंड फायरिंग की थी. इस घटना में एक्ट्रेस के परिवार समेत किसी को भी कोई हताहत नहीं हुआ. आज इस मामले में यूपी एसटीएफ ने बड़ा एक्शन लेते हुए नोएडा यूनिट और दिल्ली क्राइम ब्रांच की संयुक्त कार्रवाई में दोनों आरोपियों का गाजियाबाद के ट्रॉनिका सिटी में एनकाउंटर कर दिया.

जानकारी के अनुसार आरोपियों के तार रोहित गोदारा-गोल्डी बरार गैंग से जुड़े बताए जा रहे हैं और एसटीएफ की टीम ने मौके से ग्लोक, जिगाना पिस्टल और बड़ी मात्रा में कारतूस बरामद किए हैं.

ट्रंप ने भारत पर साधा तंज, पाकिस्तान और चीन से की तुलना और इस लिस्ट में डाला

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत की तुलना चीन और पाकिस्तान से कर दी है. भारत को उन 23 देशों की लिस्ट में शामिल किया गया है, जहां ड्रग्स के अवैध उत्पादन और तस्करी की जाती है. ट्रंप ने कहा कि अवैध नशीली दवाओं और इनके निर्माण में इस्तेमाल रसायनों के उत्पादन और तस्करी के जरिए ये देश अमेरिका और उसके नागरिकों की सुरक्षा के समक्ष खतरा पैदा कर रहे हैं.

कांग्रेस (अमेरिकी संसद) में सोमवार (15 सितंबर 2025) को पेश प्रेसिडेंशियल डिटरमिनेशन में ट्रंप ने कहा कि उन्होंने 23 देशों की पहचान मादक पदार्थों के अवैध उत्पादन और तस्करी में शामिल प्रमुख देशों के रूप में की है.

इस लिस्ट में कौन-कौन देश शामिल?

उन्होंने कहा कि इन देशों में अफगानिस्तान, बहामास, बेलीज, बोलीविया, म्यांमार, चीन, कोलंबिया, कोस्टा रिका, डोमिनिकन गणराज्य, इक्वाडोर, अल साल्वाडोर, ग्वाटेमाला, हैती, होंडुरास, भारत, जमैका, लाओस, मैक्सिको, निकारागुआ, पाकिस्तान, पनामा, पेरू और वेनेजुएला शामिल हैं.

‘प्रेसिडेंशियल डिटरमिनेशन’ व्हाइट हाउस की ओर से जारी एक तरह का दिशा-निर्देश है, जो अमेरिका की संघीय सरकार की कार्यपालिका शाखा की आधिकारिक नीति या रुख के तहत निर्धारित निर्णयों को रेखांकित करता है. व्हाइट हाउस ने कहा कि ट्रंप ने संसद को उन प्रमुख देशों की लिस्ट सौंपी, जो अमेरिका में अवैध ड्रग्स की आपूर्ति और तस्करी के लिए जिम्मेदार हैं.

अफगानिस्तान ने 5 देशों को लेकर कही ये बात 

विदेश विभाग ने कहा कि ‘प्रेसिडेंशियल डिटरमिनेशन’ में जिन 23 देशों का जिक्र किया गया है, उनमें से पांच (अफगानिस्तान, बोलीविया, म्यांमार, कोलंबिया और वेनेजुएला) को पर्याप्त प्रयास करने में स्पष्ट रूप से विफल देश के रूप में सूचीबद्ध किया गया है और उनसे मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई में सुधार का आह्वान किया गया है.

यूएस विदेश विभाग की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि अवैध नशीली दवाओं और इनके निर्माण में इस्तेमाल केमिकल के उत्पादन और तस्करी के जरिये ये देश अमेरिका और उसके नागरिकों की सुरक्षा के समक्ष खतरा पैदा कर रहे हैं.

विदेश विभाग ने स्पष्ट किया कि सूची में किसी देश की मौजूदगी आवश्यक रूप से उस देश की सरकार के मादक पदार्थ विरोधी प्रयासों या अमेरिका के साथ सहयोग के स्तर को प्रतिबिंबित नहीं करती है.

चीन को लेकर क्या कहा गया?

‘प्रेसिडेंशियल डिटरमिनेशन’ में ट्रंप ने चीन को लेकर कहा कि फेंटेनाइल के अवैध उत्पादन को बढ़ावा देने वाले केमिकल्स के दुनिया के सबसे बड़े सोर्स के रूप में चीन की भूमिका स्पष्ट रूप से जाहिर है. उन्होंने कहा कि चीन नाइटाजेन और मेथामफेटामाइन सहित अन्य नशीले पदार्थों की वैश्विक महामारी को बढ़ावा देने वाले प्रमुख आपूर्तिकर्ता देशों में भी शामिल है.

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि चीनी नेतृत्व इन रासायनों की आपूर्ति को कम करने और इनकी उपलब्धता को सुगम बनाने वाले अपराधियों पर मुकदमा चलाने के लिए मजबूत कार्रवाई कर सकता है और उसे ऐसा करना भी चाहिए.”

Saim Ayub Golden Duck In Asia Cup:0,0,0… एशिया कप की ये शर्मनाक हैट्रिक हमेशा याद रखेगा पाकिस्तानी खिलाड़ी, लगातार तीन बार जीरो पर आउट

 क्रिकेट में कोई गेंदबाज तीन गेंद में तीन विकेट चटकाने के लिए मशहूर होता है. वहीं कोई बल्लेबाज तीन गेंद में लगातार तीन छक्के लगाने के लिए जाना जाता है. लेकिन पाकिस्तान का एक बल्लेबाज तीन लगातार मैच में 0 (जीरो) बनाने के लिए मशहूर हुआ है. पाकिस्तान के इस बल्लेबाज का नाम है- सईम अयूब (Saim Ayub). एशिया कप से पहले पाकिस्तानी मीडिया में खूब दावा किया जा रहा था कि ये खिलाड़ी विपक्षी टीम के सामने चौके-छक्के लगाएगा, लेकिन बाउंड्री तो दूर की बात सईम अयूब ने एशिया कप में अब तक एक रन भी नहीं बनाया है.

Saim Ayub की ‘जीरो’ की हैट्रिक

पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाज सईम अयूब के नाम एक अनोखा रिकॉर्ड दर्ज हो गया है. अयूब ने एशिया कप में खेले अब तक तीनों मैचों में जीरो पर आउट होने का रिकॉर्ड बनाया है.

    • पाकिस्तान का पहला मैच ओमान के खिलाफ हुआ. इस मैच में सईम अयूब ने पहली ही गेंद पर ओमान के गेंदबाज फैसल शाह को अपना विकेट दे दिया और बिना खाता खोले ही पवेलियन चले गए.
    • एशिया कप में पाकिस्तान का दूसरा मैच भारत के खिलाफ हुआ. इस मैच में पहली ही गेंद पर हार्दिक पांड्या ने सईम अयूब का विकेट चटका दिया. अयूब का एशिया कप में ये दूसरा गोल्डन डक हुआ.
    • अब यूएई के खिलाफ तीसरे मैच में भी अयूब की बल्लेबाजी में केवल एक बदलाव हुआ कि इस मैच में ये खिलाड़ी एक की जगह दो गेंद खेल पाया, लेकिन रनों के मामले में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई और अयूब फिर एक बार बिना खाता खोले पवेलियन की तरफ चल दिए.

‘जीरो की हैट्रिक’ लगाने वाले ओपनिंग बल्लेबाज

पाकिस्तान के बल्लेबाज सईम अयूब ओपनिंग बल्लेबाज के तौर पर जीरो की हैट्रिक लगाने वाले तीसरे खिलाड़ी बन गए हैं. इस प्लेयर के अलावा ये रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के ओपनिंग बल्लेबाज आंद्रे फ्लेचर और पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर मोहम्मद हफीज के नाम है.

    • वेस्टइंडीज के बल्लेबाज आंद्रे फ्लेचर ने ये रिकॉर्ड 2009 में बनाया था.
    • पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर मोहम्मद हफीज ने जीरो पर लगातार तीन बार आउट होने का रिकॉर्ड 2012 में बनाया.
    • पाकिस्तान के ही ओपनिंग बल्लेबाज सईम अयूब ने फिर एक बार इस कैटेगरी में अपनी टीम का नाम जोड़ दिया है. अयूब ने एशिया कप 2025 में ये रिकॉर्ड कायम किया है.

अमेरिका के पूर्व NSA का ट्रंप को चेतावनी, कहा टैरिफ बड़ी भूल है; ट्रेड डील पर असर

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) जॉन बोल्टन ने एक बार फिर भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाने को लेकर ट्रंप प्रशासन पर निशाना साधा है। बोल्टन ने कहा कि टैरिफ नीति ही अमेरिका की गलती है। उनका कहना है कि हमें ऐसी चीजों को प्राथमिकता देनी चाहिए, जिससे टैरिफ कम हो और ट्रेड डील पर बातचीत के द्वार खुले रहें।

टैरिफ पर आम सहमति बनाने की जरूरत

बोल्टन ने कहा, “टैरिफ कम करने और आगे की बातचीत के लिए रास्ता खुला रखने वाला समझौता करना सबसे बेहतर रहेगा। हमारा ध्यान टैरिफ पर आम सहमति बनाने और उसी आधार पर आगे बढ़ने पर होना चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप को पीएम मोदी से फोन पर बात करनी चाहिए और संबंध सुधारने पर चर्चा करनी चाहिए, साथ ही क्वाड शिखर सम्मेलन के लिए भारत जाना चाहिए।

ट्रंप ने कहा कि भारत रूस से तेल खरीदता है, इसलिए उस पर 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाया गया है। इस पर बोल्टन ने कहा, “रूस पर कोई प्रत्यक्ष टैरिफ नहीं लगाया गया। चीन, जो भारत से भी ज्यादा तेल खरीदता है, उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।” उन्होंने यह भी कहा कि रूस के साथ भारत के ऐतिहासिक संबंध चुनौतियां पेश करते हैं।

दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत तालमेल जरूरी

बोल्टन ने कहा, “मुझे लगता है कि हमें रूस से तेल और गैस की खरीद कम करने की जरूरत है। ऐसा करने के कई तरीके हैं, जिससे भारत को आर्थिक रूप से नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा।” उन्होंने सुझाव दिया कि दोनों पक्षों को टैरिफ कम करने और विश्वास बहाल करने के लिए फिर से वार्ता शुरू करनी चाहिए। नेताओं के बीच व्यक्तिगत तालमेल दोनों देशों के सहयोग को बढ़ावा देने के लिए बहुत जरूरी है।

ट्रंप को क्वाड शिखर सम्मेलन के लिए भारत जाना चाहिए

बोल्टन ने कहा कि अगर दोनों नेता इस बारे में फिर से बात करने के करीब हैं तो यह एक अच्छा संकेत है। उन्होंने क्वाड के जरिए भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के बीच सहयोग के महत्व पर भी अपनी बात रखी और कहा कि ट्रंप को क्वाड शिखर सम्मेलन के लिए भारत जाना चाहिए।

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता को लेकर पाकिस्तान ने ट्रंप के दावों की पोल खोली थी। इस पर बोल्टन ने कहा, “ट्रंप अक्सर अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों को श्रेय लेने की कोशिश करते हैं और नोबेल शांति पुरस्कार की बात करते हैं। यह बयान इस बात का सबूत है कि उन्हें भारत के बारे में कितना कम पता है।”

kidney Stone Symptoms:औरतों में पुरुषों से अलग होता है किडनी स्टोन का दर्द, लक्षणों और प्रभावित एरिया के साथ जानें

 किडनी स्टोन बीमारी (Kidney Stone Disease – KSD) दुनिया भर में सबसे आम यूरोलॉजिकल समस्याओं में से एक है. इसकी संख्या लगातार बढ़ रही है. पहले इसे पुरुषों की समस्या माना जाता था, लेकिन हाल के शोध बताते हैं कि महिलाएं, खासकर किशोर और युवा महिलाएं भी बड़ी संख्या में प्रभावित हो रही हैं. दिलचस्प बात यह है कि पुरुष और महिलाओं में इसके लक्षण और दर्द का तरीका अलग-अलग हो सकता है.

सामान्य दर्द के लक्षण

पुरुष और महिलाएं दोनों में किडनी स्टोन का सबसे बड़ा लक्षण अचानक और तेज दर्द होता है, जिसे रेनल कॉलिक कहा जाता है. यह दर्द अक्सर शरीर के साइड हिस्से यानी पसलियों और कमर के बीच से शुरू होकर पेट के निचले हिस्से और ग्रोइन तक फैल सकता है. पथरी के यूरिन मार्ग में मूव करने से दबाव और रुकावट होती है, जिससे यह असहनीय दर्द पैदा होता है.

पुरुषों में किडनी स्टोन के लक्षण

पुरुषों में दर्द ज़्यादातर फ्लैंक (साइड), लोअर बैक और ग्रोइन में महसूस होता है. कई बार यह दर्द टेस्टिकल्स और स्क्रोटम तक भी फैल जाता है. रिसर्च में पाया गया है कि पुरुषों में स्टोन अक्सर गर्म मौसम में ज्यादा दिखाई देते हैं. कारण है पसीने के जरिए ज्यादा पानी निकलना और यूरिन में ज्यादा कैल्शियम और ऑक्सलेट की मौजूदगी. यही वजह है कि पुरुषों में कैल्शियम ऑक्सलेट स्टोन ज्यादा पाए जाते हैं.

महिलाओं में किडनी स्टोन के लक्षण

महिलाओं में दर्द अक्सर लोअर एब्डॉमेन और पेल्विक एरिया में होता है. कई बार यह दर्द इतना मिलता-जुलता होता है कि इसे स्त्री रोग संबंधी समस्या समझ लिया जाता है. युवा महिलाओं में इसका असर लाइफस्टाइल पर ज्यादा पड़ता है. थकान, नींद की समस्या और चिंता जैसी शिकायतें ज्यादा सामने आती हैं. पोस्ट-मेनेपॉज़ल  महिलाओं में दर्द की सहनशीलता ज्यादा देखी गई है. यहां तक कि शॉकवेव ट्रीटमेंट के दौरान भी युवा महिलाओं की तुलना में कम दर्द महसूस होता है. लेकिन महिलाओं के लिए खतरा यह है कि पथरी के इलाज के बाद उनमें इन्फेक्शन और सेप्सिस का खतरा ज्यादा होता है.

अन्य अंतर: हार्मोन और स्टोन की किस्म

हार्मोन का असर– प्री-मेनेपॉज़ल महिलाओं में एस्ट्रोजन हार्मोन कुछ हद तक सुरक्षा देता है और कैल्शियम ऑक्सलेट स्टोन बनने की संभावना को कम करता है. उम्र बढ़ने के साथ यह सुरक्षा कम हो जाती है.

स्टोन की किस्म– पुरुषों में कैल्शियम ऑक्सलेट स्टोन ज्यादा होते हैं, जबकि महिलाओं में इंफेक्शन से जुड़े स्ट्रुवाइट स्टोन ज्यादा बनते हैं.

क्वालिटी ऑफ लाइफ– 40 साल से कम उम्र की महिलाओं में जीवन की गुणवत्ता पर असर पुरुषों की तुलना में ज्यादा देखा गया है.

किडनी स्टोन दर्दनाक तो सभी के लिए है, लेकिन पुरुष और महिलाओं में इसके लक्षण, दर्द की जगह और असर अलग हो सकते हैं. इन जेंडर-आधारित अंतर को समझना जरूरी है ताकि मरीज जल्दी पहचान सकें और डॉक्टर सही और व्यक्तिगत इलाज दे सकें. जैसे-जैसे पुरुष और महिलाओं में किडनी स्टोन का अंतर कम हो रहा है, वैसे-वैसे इन बारीकियों को जानना और भी अहम हो जाएगा.

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.