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‘मिराय’ और ‘लोका चैप्टर 1’ ने ‘जॉली एलएलबी 3’ को कड़ी चुनौती दी, बॉक्स ऑफिस पर नया रिकॉर्ड बनाया!

इस समय ‘जॉली एलएलबी 3’ के रिलीज होते ही ऐसा माना जा रहा था कि बॉक्स ऑफिस पर मौजूद बाकी फिल्मों की कमाई पर असर पड़ेगा और वो पड़ा भी. ‘अजेय’ और ‘निशांची’ जैसी फिल्में तो ओपनिंग डे पर ही 50 लाख नहीं कमा पाईं.

ऐसे में भी भी पिछले 23 दिनों से सिनेमाघरों में टिकी ‘लोका चैप्टर 1’ और 8 दिनों से बॉक्स ऑफिस पर तबाही मचा रही ‘मिराय’ के कलेक्शन में कुछ खास असर नहीं पड़ा. इसका उल्टा इनकी कमाई इतने दिनों बाद भी धुरंधर फिल्मों की तरह हो रही है.

‘मिराय’ का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन

तेजा सज्जा की ये फिल्म कोईमोई के मुताबिक, सिर्फ 60 करोड़ के बजट में बनी है. सैक्निल्क के मुताबिक, इसने एक हफ्ते में ही 65.1 करोड़ कमा लिए थे. वहीं आज 8वें दिन भी फिल्म की धाकड़ कमाई हुई और इसने 10:40 बजे तक 2.5 करोड़ रुपये का कलेक्शन करते हुए टोटल 67.6 करोड़ रुपये बटोर लिए हैं. ये आंकड़े फाइनल नहीं हैं. इनमें बदला हो सकता है.

इस फिल्म के वर्ल्डवाइड कलेक्शन की बात करें तो एक हफ्ते में इसने सैक्निल्क के मुताबिक, 101 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर लिया है.

‘लोका चैप्टर 1’ का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन

कल्याणी प्रियदर्शनी की ये सुपरहीरो मलयालम फिल्म 3 हफ्तों में 128.8 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर चुकी है. अब आज 23वें दिन फिल्म ने अभी तक 1.75 करोड़ रुपये कमाते हुए टोटल 130.55 करोड़ रुपये बटोर लिए हैं. बता दें कि इस फिल्म का बजट सिर्फ 30 करोड़ था. ऐसे में ये फिल्म पहले ही ब्लॉकबस्टर का तमगा पा चुकी है.

दुलकर सलमान ने इस फिल्म को प्रोड्यूस किया है और डोमिनिक अरुण ने डायरेक्शन संभाला है. ‘लोका यूनिवर्स’ की ये पहली फिल्म है और इसके वर्ल्डवाइड कलेक्शन की बात करें तो ये 22 दिन में 262.50 करोड़ रुपये बटोर चुकी है.

‘जॉली एलएलबी 3’ भी नहीं रोक पाई इन साउथ फिल्मों की कमाई

भले ही अक्षय कुमार और अरशद वारसी की ‘जॉली एलएलबी 3’ को ओपनिंग डे पर बंपर कमाई मिली हो और पहले ही दिन ये 10 करोड़ का आंकड़ा पार कर चुकी हो, लेकिन इस फिल्म के सामने भी छोटे बजट की ‘मिराय’-‘लोका चैप्टर 1’ की कमाई में कोई असर नहीं पड़ा है.

Statins Absolute Risk Reduction: डॉक्टर स्टेटिन दवा का असर कैसे आंकते हैं और Absolute Risk Reduction (ARR) को सरल भाषा में समझें

अक्सर जब किसी व्यक्ति का कोलेस्ट्रॉल लेवल “बॉर्डरलाइन” पर आता है, तो डॉक्टर स्टेटिन दवा लेने की सलाह देते हैं. लेकिन बहुत से लोग जब गहराई से देखते हैं, तो उन्हें लगता है कि स्टेटिन से हार्ट अटैक या मौत का खतरा 50 प्रतिशत तक घट सकता है, जबकि हकीकत में यह आंकड़ा काफी अलग है. आइए समझते हैं.

Absolute Risk और Relative Risk क्या है?

Relative Risk Reduction (RRR) मतलब दवा लेने से रिश्ते में कितना खतरा घटा.

Absolute Risk Reduction (ARR) मतलब आपके असली खतरे (Risk) में कितनी कमी आई.

यानी स्टेटिन का असर किसी एक जैसे प्रतिशत पर सबके लिए समान नहीं होता. यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी शुरुआती बीमारी का खतरा कितना बड़ा है.

किन बातों पर तय होता है हार्ट डिजीज का खतरा?

डॉक्टर आपके रिस्क को कई फैक्टर्स से गिनते हैं–

    • उम्र
    • लिंग
    • ब्लड प्रेशर
    • कोलेस्ट्रॉल स्तर (कुल और HDL)
    • धूम्रपान की आदत
    • परिवार का इतिहास

अन्य बीमारियां

यदि किसी को पहले से ही हार्ट डिजीज है, तो स्टेटिन का फायदा बहुत ज्यादा होता है और गणना की जरूरत भी कम पड़ती है. लेकिन जिन लोगों को अभी हार्ट डिजीज नहीं है, उनके लिए डॉक्टर हर रिस्क को जोड़कर गणना करते हैं.

उदाहरण से समझिए

 पहला केस

75 साल का पुरुष, कोलेस्ट्रॉल 220 mg/dL, HDL 45 mg/dL और ब्लड प्रेशर 140/80 mmHg.
कैलकुलेटर के हिसाब से अगले 10 साल में हार्ट डिजीज का खतरा = 19.4 प्रतिशत.

अगर वह स्टेटिन लेता है, तो रिस्क लगभग 20 प्रतिशत घट जाएगा. यानी अब खतरा होगा = 15.5 प्रतिशत
इसका मतलब Absolute Risk Reduction = 3.9 प्रतिशत.

 दूसरा केस

50 साल की महिला, बाकी सभी आंकड़े वही.
कैलकुलेटर दिखाता है कि अगले 10 साल में रिस्क = 3.6 प्रतिशत

स्टेटिन लेने से यह 20 प्रतिशत कम होगा, यानी नया रिस्क = 2.88 प्रतिशत
Absolute Risk Reduction = सिर्फ 0.72 प्रतिशत

Number Needed to Treat (NNT) क्या है?

डॉक्टर और वैज्ञानिक एक और पैमाना इस्तेमाल करते हैं, जिसे कहते हैं NNT (Number Needed to Treat).
इसका मतलब है कि कितने मरीजों को दवा दी जाए, ताकि 10 साल में एक घटना (हार्ट अटैक या मौत) रोकी जा सके.

ऊपर दिए गए पहले केस में, लगभग 26 पुरुषों को 10 साल स्टेटिन देना होगा ताकि एक हार्ट अटैक रोका जा सके.

दूसरे केस में लगभग 139 महिलाओं को दवा देनी होगी ताकि एक केस रोका जा सके.

क्या स्टेटिन लेना फायदेमंद है?

यह पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करता है कि आपका असली रिस्क कितना है.

अगर आपका रिस्क ज्यादा है, तो Absolute Risk Reduction भी ज्यादा होगा और फायदा बड़ा लगेगा.

अगर रिस्क कम है, तो दवा का असर भी छोटा लगेगा

स्टेटिन दवा की कीमत (5–10 डॉलर प्रति माह) बहुत ज्यादा नहीं है और गंभीर साइड इफेक्ट्स बहुत ही कम देखने को मिलते हैं. लेकिन फिर भी, दवा लेना या न लेना पूरी तरह से व्यक्ति की सोच और डॉक्टर की सलाह पर निर्भर करता है. स्टेटिन दवा हार्ट डिजीज का रिस्क घटाने में मदद करती है, लेकिन उसका असली असर व्यक्ति-व्यक्ति पर अलग होता है. यही कारण है कि डॉक्टर Absolute Risk और Relative Risk की गणना करके तय करते हैं कि किसे दवा की जरूरत है और किसे नहीं.

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

एस्टोनिया की हवाई सीमा में घुसे रूस के 3 फाइटर जेट्स, NATO ने जारी की सख्त चेतावनी

उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (NATO) और रूस के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। NATO ने बताया कि उसके लड़ाकू विमानों ने एस्टोनिया की हवाई सीमा में घुसे रूसी जेट्स को रोक दिया। NATO ने इसे रूस का ‘लापरवाह व्यवहार’ बताया और कहा कि यह गठबंधन की तुरंत कार्रवाई करने की क्षमता को दर्शाता है। प्रवक्ता एलिसन हार्ट के अनुसार तीन रूसी MiG-31 फाइटर जेट्स फिनलैंड की खाड़ी से एस्टोनिया की हवाई सीमा में दाखिल हुए और करीब 12 मिनट तक वहां रहे।

इतालवी F-35 विमानों ने दी चुनौती

NATO के मुताबिक, रूस के विमानों को रोकने के लिए इतालवी F-35 जेट्स बाल्टिक क्षेत्र में तैनात NATO मिशन का हिस्सा बनकर भेजे गए।

यूरोप का एस्टोनिया को समर्थन

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि रूस द्वारा हवाई सीमा का उल्लंघन गंभीर चिंता का विषय है और यूरोप एस्टोनिया के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने चेतावनी दी कि खतरे बढ़ने पर रूस पर और दबाव डाला जाएगा और यूक्रेन युद्ध को लेकर रूस के खिलाफ नया प्रतिबंध पैकेज पेश किया जाएगा।

काया कल्लास का बयान

EU की शीर्ष राजनयिक और एस्टोनिया की पूर्व प्रधानमंत्री काया कल्लास ने इसे दो हफ्तों में तीसरा हवाई उल्लंघन बताया और कहा कि यह ‘बेहद खतरनाक उकसावा’ है। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ेगा और रूसी राष्ट्रपति पुतिन पश्चिम की दृढ़ता की परीक्षा ले रहे हैं। कल्लास ने EU सदस्य देशों की रक्षा प्रणाली मजबूत करने का भरोसा भी दिलाया।

ट्रंप के ‘बगराम एयरबेस’ प्लान ने बढ़ाया तनाव, तालिबान और चीन नाराज, अमेरिकी राष्ट्रपति पर दबाव बढ़ा

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में दावा किया कि अमेरिका अफगानिस्तान के बगराम एयरबेस पर दोबारा नियंत्रण पाने की कोशिश कर रहा है, जिससे क्षेत्रीय तनाव बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है. काबुल से करीब 40 किलोमीटर दूर स्थित यह बेस 2021 में अमेरिका की अफगानिस्तान से अव्यवस्थित वापसी से पहले वहां का सबसे बड़ा सैन्य ठिकाना था. ट्रंप ने कहा कि इस बेस का सामरिक महत्व है क्योंकि यह चीन के शिनजियांग स्थित परमाणु हथियार निर्माण केंद्रों के नजदीक है.

उन्होंने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘हम इसे वापस पाने की कोशिश कर रहे हैं. हमने इसे (तालिबान को) बेवजह दे दिया. बगराम ठीक वहीं है जहां से चीन अपने परमाणु मिसाइल बनाता है और वहां से यह सिर्फ एक घंटे की दूरी पर है.’

चीन की कड़ी प्रतिक्रिया
ट्रंप के इस बयान पर चीन ने सख्त एतराज जताया. चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस तरह की हरकतें क्षेत्र में तनाव बढ़ाएंगी और अस्थिरता पैदा करेंगी. बीजिंग ने जोर देकर कहा कि अफगानिस्तान का भविष्य और सुरक्षा वहीं की जनता तय करेगी, न कि बाहरी सैन्य हस्तक्षेप.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा, ‘चीन अफगानिस्तान की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का सम्मान करता है. क्षेत्र में तनाव भड़काने से किसी को समर्थन नहीं मिलेगा. हम उम्मीद करते हैं कि सभी पक्ष क्षेत्रीय स्थिरता में रचनात्मक भूमिका निभाएंगे.’

अफगानिस्तान ने भी ठुकराया प्रस्ताव
अफगानिस्तान ने भी ट्रंप के प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया. विदेश मंत्रालय के अधिकारी जाकिर जलाल ने सोशल मीडिया पर कहा कि अमेरिका से बातचीत के लिए काबुल तैयार है, लेकिन किसी भी सूरत में अमेरिकी सेना को अफगानिस्तान में दोबारा ठिकाना बनाने की इजाजत नहीं दी जाएगी. उन्होंने लिखा, ‘अफगानिस्तान और अमेरिका को आपसी सम्मान और साझा हितों के आधार पर राजनीतिक और आर्थिक संबंध आगे बढ़ाने चाहिए, लेकिन किसी भी हिस्से में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.’

क्या है बगराम एयरबेस?
बगराम एयरबेस एक विशाल सैन्य ठिकाना है, जिसे अमेरिकी सैनिकों ने चार साल पहले 2021 में छोड़ दिया था, जब तत्कालीन राष्ट्रपति जो बाइडेन के आदेश पर अमेरिका ने अफगानिस्तान से अचानक वापसी की थी और उसी दौरान तालिबान ने काबुल पर कब्जा कर लिया था.

जिनपिंग से बातचीत के बाद ट्रंप ने चीन दौरे का किया ऐलान, टिकटॉक डील और अन्य अहम मुद्दों पर होगी चर्चा

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हाल ही में फोन पर बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने टिकटॉक डील, फेंटेनाइल और व्यापार संबंधी तनाव सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। ट्रंप ने कहा कि वह दक्षिण कोरिया में होने वाले APEC शिखर सम्मेलन में शी जिनपिंग से मुलाकात करेंगे।

बातचीत में उठाए गए मुद्दे

ट्रंप ने बताया कि बातचीत में ट्रेड, फेंटेनाइल, टिकटॉक डील और रूस-यूक्रेन युद्ध जैसी अहम विषयों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि वार्ता काफी सकारात्मक रही और अगले साल की शुरुआत में वे चीन का दौरा करेंगे, जबकि शी जिनपिंग भी उचित समय पर अमेरिका आएंगे। ट्रंप ने टिकटॉक डील पर जल्द ही अंतिम निर्णय लेने का संकेत भी दिया।

टिकटॉक डील का महत्व

इस डील के तहत टिकटॉक का नियंत्रण अमेरिकी कंपनियों के हाथों में आ जाएगा। अमेरिका में टिकटॉक पर पहले प्रतिबंध लगाया गया था, लेकिन अब इसका संचालन जारी है। टिकटॉक के अमेरिका में करीब 170 मिलियन उपयोगकर्ता हैं और दुनिया भर में इसके लगभग दो अरब यूजर्स हैं।

व्यापार और टैरिफ समझौता

अमेरिका और चीन ने टैरिफ कम करने के लिए समझौता किया है। इसके तहत अमेरिका चीनी आयात पर 30% टैरिफ लगाएगा, जबकि चीन अमेरिकी उत्पादों पर 10% शुल्क लगाएगा। यह समझौता नवंबर में समाप्त होगा।