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शाहरुख खान ने नेशनल अवॉर्ड से पहले ही पाया पद्मश्री, उपलब्धियों की लिस्ट लंबी और शानदार

बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान के सालों का इंतजार आज आखिरकार खत्म हो गया. 33 सालों के फिल्मी करियर में आज सुपरस्टार को पहला नेशनल अवॉर्ड मिला. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शाहरुख खान को अपने हाथों से अवॉर्ड देकर सम्मानित किया.

शाहरुख खान को अपनी 2023 की फिल्म जवान के लिए बेस्ट एक्टर कैटेगिरी में नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला है. भले ही ये उनका पहला नेशनल फिल्म अवॉर्ड हो. लेकिन इससे पहले भी एक्टर कई बड़े अवॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं. उनके अचीव्मेंट्स की लिस्ट काफी लंबी है.

पदमश्री से नवाजे जा चुके हैं किंग खान
नेशनल अवॉर्ड से पहले शाहरुख खान को भारत के चौथे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्मश्री से नवाजा जा चुका है. साल 2005 में सुपरस्टार को उस समय राष्ट्रपति रहे दिवंगत एपीजे अब्दुल कलाम ने पद्मश्री से सम्मानित किया था. शाहरुख को साल 2002 में मनोरंजन के क्षेत्र में एक्सीलेसं के लिए राजीव गांधी अवॉर्ड से भी नवाजा जा चुका है

लोकार्नो फिल्म फेस्टिवल में हुए सम्मानित
किंग खान को विदेशों में भी कई खिताब दिए जा चुके हैं. पिछले साल ही सुपरस्टार को 77वें लोकार्नो फिल्म फेस्टिवल में प्रतिष्ठित ‘पार्डो अल्ला कैरियरा असकोना’-लोकार्नो टूरिज्म अवॉर्ड दिया गया था.

फ्रांस ने भी दिए खिताब
शाहरुख खान को फ्रांस में साल 2007 में ऑर्डर ऑफ आर्ट्स एंड लेटर्स दिया गया था. वहीं 2014 में उन्हें फ्रांस का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘शेवेलियर, लीजन ऑफ ऑनर’ का खिताब भी मिल चुका है.

लंबी है अचीव्मेंट्स और अवॉर्ड्स की लिस्ट

    • शाहरुख खान को अपनी पहली फिल्म ‘दीवाना’ के लिए बेस्ट एक्टर का फिल्मफेयर अवॉर्ड दिया गया था.
    • सुपरस्टार ने अलग-अलग फिल्मों के लिए 15 फिल्मफेयर अवॉर्ड अपने नाम किए हैं.
    • उन्हें इंटरनेशनल इंडियन फिल्म एकाडेमी (IIFA), जी सिने अवार्ड्स, स्क्रीन अवार्ड्स और प्रोड्यूसर्स गिल्ड फिल्म अवार्ड्स जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं से भी अवॉर्ड मिल चुके हैं.
    • शाहरुख खान ने दो बार ग्लोबल इंडियन फिल्म अवॉर्ड्स भी अपने नाम किए हैं. फिल्म ‘स्वदेस’ के लिए उन्हें बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड और 2007 में इंटरटनेट पर सबसे ज्यादा सर्च किया गया एक्टर कैटेगिरी में अवॉर्ड दिया गया था.

WHO Rejects Donald Trump Claim: पैरासिटामोल से बच्चों में ऑटिज्म का खतरा नहीं होता

 अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बड़ा झटका दिया है. दरअसल, ट्रंप ने पैरासिटामोल दवाई को लेकर बड़ा बयान दिया था. उन्होंने कहा था कि प्रेग्नेंट महिलाओं को इस दवाई को लेने से बचना चाहिए, इससे बच्चे में ऑटिज्म का खतरा होता है. अब विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस बयान को खारिज किया है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रवक्ता तारिक जासारेविक ने कहा है कि पैरासिटामोल, प्रेग्नेंसी और ऑस्टिम जैसी बीमारी के बीच किसी भी लिंक के साक्ष्य हमें अभी तक नहीं मिले हैं. उन्होंने कहा कि हम जानते हैं कि कोई भी वैक्सीन ऑटिम्ज का कारण नहीं बनती है, बल्कि यह कई जानें बचाती है, इस बात को विज्ञान ने भी सिद्ध किया है. उन्होंने कहा कि अब तक विज्ञान ने इसके कारण ऑटिज्म के सबूत नहीं दिए हैंं.

क्यों दी जाती है पैरासिटामोल

बता दें, टाइलेनॉल के नाम से जानी जाने वाली पैरासिटामोल की दवा को अक्सर प्रेग्नेंट महिलाओं को दर्द कम करने के लिए दिया जाता है. साथ ही किसी भी अन्य प्रकार के दर्द जैसे – दांत दर्द, सिर दर्द और बुखार में भी ये दवाई बेहद कारगर मानी जाती है. हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप के दावे के बाद इस दवा को लेकर बवाल मचा हुआ था.

क्या है एक्सपर्टस की राय

अमेरिकन कॉलेज ऑफ ऑब्सटेट्रिशियन एंड गायनेकोलॉजिस्ट्स के हेड डॉ. स्टीवन फ्लेशमैन बबताते हैं कि टाइलेनॉल को लेकर किए जाने वाले ऐसे बेबुनयादी दावों से ऑटिज्म पेशेंट्स, उनके माता-पिता और पहले से इस दवा का इस्तेमाल करने वाली महिलाओं को परेशान कर सकता है.
इसके अलावा कई बाल विकास शोधकर्ताओं का कहना है कि टाइलेनॉल और ऑटिज्म के बीच अब तक किसी भी तरह के कोई लिंक नहीं देखने को मिले हैं. अब विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी पैरासिटामोल को प्रेग्नेंसी के दौरान सुरक्षित माना है.

क्या हैं दूसरे ऑप्शन्स

ऐसे में कोई भी दवा देने से पहले इस बात को जान लेना बेहद जरूरी है कि कहीं उसका कोई बुरा असर मां या बच्चे की सेहत पर तो नहीं देखने को मिलेगा. इसलिए प्रेग्नेंसी के दौरान दवा लेने से पहले अपने डॉक्टर्स से एक बार पूछ लोना बेहद जरूरी है.

आसमान में ड्रोन देख दहला माहौल, डेनमार्क ने रूस को ठहराया जिम्मेदार

तीन नॉर्डिक राजधानियों के आसमान में सोमवार को ड्रोन दिखे थे, जिसके बाद इन देशों ने सिक्योरिटी अलर्ट जारी कर दिया था. कोपेनहेगन हवाई अड्डे को सुरक्षा कारणों के चलते घंटों बंद रखा गया. डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने आशंका जताई कि इसके पीछे रूस का हाथ हो सकता है तो मास्को ने तुरंत इसका विरोध किया.

डेनिश मीडिया के मुताबिक, उत्तरी यूरोप के सबसे बड़े कोपेनहेगन हवाई अड्डे, कस्ट्रुप को क्षेत्र में दो से तीन बड़े ड्रोन देखे जाने की सूचना के बाद कई घंटों के लिए बंद कर दिया गया था. डेनमार्क पुलिस की ओर से बड़े पैमाने पर अभियान शुरू करने के बाद 35 से ज्यादा उड़ानों का मार्ग परिवर्तित कर दिया गया था.

ड्रोन उड़ानों के संबंध से रूस ने किया इनकार

इस बीच रूस ने इस बात से इनकार किया है कि उसका उन ड्रोन उड़ानों से कोई संबंध था, जिनके कारण कोपेनहेगन हवाई अड्डे को रात भर घंटों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद करना पड़ा. जबकि डेनमार्क की प्रधानमंत्री ने कहा था कि वह रूसी संलिप्तता से इनकार नहीं कर सकतीं.

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने एक दैनिक ब्रीफिंग में संवाददाताओं से कहा, ‘हम हर बार वहां से निराधार आरोप सुनते हैं. शायद एक गंभीर, जिम्मेदार रुख अपनाने वाले लोगों को बार-बार ऐसे निराधार आरोप नहीं लगाने चाहिए.’

नाटो सहयोगी के ऊपर गंभीर हमला

डेनिश मीडिया हाउस डीआर के मुताबिक, डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने कहा कि वह इस संभावना से इनकार नहीं कर सकतीं कि कोपेनहेगन हवाई अड्डे पर ड्रोन उड़ाने के कारण हुई बड़ी गड़बड़ी के पीछे रूस का हाथ हो. उन्होंने इसे नाटो सहयोगी के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर एक गंभीर हमला बताया.

फ्रेडरिक्सन ने सोमवार को नॉर्वे के ओस्लो हवाई अड्डे पर हुई इसी तरह की ड्रोन घटना और हाल ही में पोलैंड, एस्टोनिया और रोमानिया के हवाई क्षेत्र में रूस की ओर से किए गए कथित उल्लंघन की ओर इशारा किया. डेनमार्क के मीडिया डीआर की रिपोर्ट के अनुसार, फ्रेडरिक्सन ने डेनिश भाषा में कहा, ‘इसे यूरोप में हो रही हर घटना के संदर्भ में देखा जाना चाहिए, अभी तक हम किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाए हैं.’

हीरो की शर्ट उतारते ही नाराज हुई एक्ट्रेस, शूटिंग से किया इनकार

अनिल कपूर ना सिर्फ बॉलीवुड में कई दशकों से जमे हैं बल्कि एक स्थापित स्टार भी हैं. एक्टर ने अपने करियर में कई शानदार हिट्स के साथ हर शेड के किरदार निभाए हैं. 68 साल के हो चुके अनिल कपूर चालीस साल से भी ज्यादा वक्त से बॉलीवुड का हिस्सा हैं. लेकिन एक फिल्म के दौरान एक एक्ट्रेस ने अनिल कपूर के साथ रोमेंटिक सीन शूट करने से साफ इनकार कर दिया था. क्या है ये किस्सा आज आपको बताएंगे.

बेहद दिलचस्प है ‘जांबाज’ का ये किस्सा

दरअसल साल 1986 में रिलीज हुई फिल्म ‘जांबाज’ में डायरेक्टर फिरोज खान ने अनिल कपूर को लीड किरदार के लिए चुना था. इस फिल्म में उनके साथ डिंपल कपाडिया को लव इंटरेस्ट के तौर पर लिया गया था. दोनों की जोड़ी को दर्शकों ने खासा पसंद किया था और ये फिल्म हिट साबित हुई थी. इस फिल्म की शूटिंग के दौरान एक रोमेंटिक सीन को भी शेड्यूल किया गया था. इस सीन को फिरोज खान के फार्म हाउस के अस्तबल में शूट किया जाना था. इसके लिए दोनों स्टार तैयारी कर शूटिंग की जगह पर पहुंच गए थे.

क्यों अनिल के शर्ट उतारने पर भड़की थीं डिंपल?

हालांकि जब इस सीन के लिए अनिल कपूर ने सेट पर अपनी शर्ट उतारी तो अचानक माहौल ही बदल गया. दरअसल डिंपल कपाड़िया ने अनिल कपूर को शर्टलेस देखते ही ये सीन शूट करने से साफ इनकार कर दिया था. कहा जाता है कि अनिल कपूर के सीने के बाल देखकर डिंपल भड़क गई थीं.

सीन के बाद अनिल से चिढ़ गई थीं एक्ट्रेस

हालांकि हैरान परेशान डिंपल को काफी समझाने के बाद डायरेक्टर ने सीन के लिए तैयार किया था. फिरोज खान के काफी रिक्वेस्ट करने के बाद डिंपल इस बोल्ड सीन के लिए तैयार हुई थीं. हालांकि इस सीन को शूट करने के बाद डिंपल काफी देर तक अनिल को बाल की दुकान कहकर चिढ़ाती रही थीं.

किस एक्टर की वजह से अनिल से नाराज थीं डिंपल?

हालांकि कुछ रिपोर्ट्स में इस घटना के पीछे सनी देओल कनेक्शन भी बताया जाता है. माना जाता है कि डिंपल और सनी के बीच उस दौर में नजदीकियां थीं और सनी-अनिल के बीच तल्खी की वजह से डिंपल अनिल कपूर के साथ रोमेंटिक सीन नहीं करना चाहती थीं.

Sports News:एशिया कप के दौरान इस देश का क्रिकेट बोर्ड निलंबित, ICC का बड़ा 440 वोल्ट का झटका

अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने यूएसए क्रिकेट बोर्ड को निलंबित कर दिया है. इस फैसले ने संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) क्रिकेट में प्रशासनीय रूप से बड़े बदलाव के संकेत दिए हैं. मंगलवार को ICC की वर्चुअल बोर्ड मीटिंग में यह निर्णय लिया गया है. बोर्ड के सस्पेंड होने के बावजूद यूएसए क्रिकेट टीम 2026 टी20 वर्ल्ड कप का हिस्सा बनेगी, जो अगले साल भारत और श्रीलंका में खेला जाना है.

ICC के पास अमेरिकी क्रिकेट से जुड़ी कई शिकायतें आ रही थीं. यह मुद्दा तब चर्चा में आया जब पिछले साल श्रीलंका में हुई वार्षिक कॉन्फ्रेंस में आईसीसी ने यूएसए क्रिकेट बोर्ड को नोटिस भेजा था. वहीं इस साल वार्षिक कॉन्फ्रेंस सिंगापुर में हुई, जिसमें यूएसए क्रिकेट को व्यवस्थित ढांचा तैयार करने के लिए 3 महीने का समय दिया गया था. कई हफ्तों से ICC लगातार यूएसए क्रिकेट बोर्ड और उसके चेयरमैन वेणु पिसिके को चेतावनी दी गई थी कि पारदर्शी शासन लाने के लिए निष्पक्ष प्रक्रियाएं लागू की जाएं.

यूएसए क्रिकेट बोर्ड में चुनाव से ठीक पहले बोर्ड के अंदर उम्मीदवारों के अनुचित चयन और कुछ विशेष व्यक्तियों की जरूरतों अनुसार प्रक्रिया में हेर फेर करने के मामले सामने आते रहे. ईएसपीएन क्रिकइन्फो के मुताबिक यूएसए क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन वेणु पिसिके ने बताया कि सस्पेंशन के संबंध में अभी तक आईसीसी ने उनसे संपर्क नहीं किया है.

इस सस्पेंशन का लॉस एंजेलिस ओलंपिक्स 2028 में क्रिकेट खेले जाने पर कोई असर नहीं पड़ेगा. बताते चलें कि मेजबान होने के चलते, यूएसए क्रिकेट टीम उन 6 टीमों में से एक हो सकती है, जो 2028 ओलंपिक खेलों में भाग लेंगी.

यहां तक कि यूएसए ओलंपिक और पैरालंपिक समिति (USOPC) ने भी यूएसए क्रिकेट बोर्ड में बदलावों का समर्थन किया था. इस मामले पर ICC और USOPC एकमत हैं, लेकिन लगातार प्रयासों के बाद भी बोर्ड वेणु पिसिके अपना पद छोड़ने को तैयार नहीं हैं. यह भी माना जा रहा है कि पिसिके ने अपने साथ-साथ अन्य सदस्यों को भी अपना पद किसी हाल में ना छोड़ने के लिए कहा.