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Sports News:रोहित शर्मा के शॉट से टूटी उनकी ही लैम्बोर्गिनी, वीडियो हुआ वायरल।

ऑस्ट्रेलियाई टूर से पहले रोहित शर्मा जमकर अभ्यास कर रहे हैं. शुक्रवार को उन्होंने शिवाजी पार्क में करीब 2 घंटे तक अभिषेक नायर के साथ अभ्यास किया. रोहित ने पुल शॉट से लेकर कट शॉट का भी अभ्यास किया. उन्होंने स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ भी प्रैक्टिस की. फिरकी गेंदबाजों के खिलाफ उन्होंने स्वीप और स्लॉग स्वीप शॉट्स की प्रैक्टिस की. इसी अभ्यास सत्र से जुड़े कुछ वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. दावा किया जा रहा है कि रोहित ने एक शॉट ऐसा मारा, जिससे गेंद उनकी ही लैम्बोर्गिनी गाड़ी को जा लगी.

सामने आए वीडियो में रोहित शर्मा ने लेग साइड पर बड़ा शॉट लगाया. फैंस ने इस शॉट के लिए खूब शॉट मचाया और कुछ लोगों ने दावा भी किया कि यह गेंद रोहित की गाड़ी पर जाकर गिरी. वायरल वीडियो में एक व्यक्ति ने कहा, “खुद की ही गाड़ी को फोड़ दिया.” एबीपी लाइव इस बात की पुष्टि नहीं करता है कि गेंद से रोहित शर्मा की ही गाड़ी को क्षति पहुंची. बताते चलें कि लैम्बोर्गिनी उरुस कार की कीमत 4.57 करोड़ रुपये से शुरू होकर 5.40 करोड़ तक जाती है.

रोहित शर्मा आखिरी बार चैंपियंस ट्रॉफी में खेलते दिखे थे. उसके 7 महीने बाद वो ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज में खेलेंगे, जो 19 अक्टूबर-25 अक्टूबर तक चलेगी. यह भी बता दें कि रोहित शर्मा अब कप्तान नहीं हैं, हाल ही में चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर ने शुभमन गिल को नया वनडे कप्तान घोषित किया है.

ऑस्ट्रेलिया सीरीज से पहले रोहित शर्मा ने CEAT क्रिकेट अवॉर्ड्स में अपनी वापसी को लेकर कहा था कि उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलना बहुत पसंद है. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रोहित शर्मा ने 46 वनडे मैच खेले हैं, जिनमें उन्होंने 57.31 के शानदार औसत से 2407 रन बनाए हैं. कंगारू टीम के खिलाफ उन्होंने वनडे में 8 शतक और 9 हाफ-सेंचुरी लगाई हैं.

काबुल एयरस्ट्राइक के बाद तालिबान का पाकिस्तान को सख्त चेतावनी संदेश।

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में गुरुवार को पाकिस्तानी सेना की ओर से की गई एयरस्ट्राइक पर अफगानिस्तान की तरफ से पहली प्रतिक्रिया आई है, जिसमें अफगानिस्तान के रक्षा मंत्री मुल्ला याकूब की तरफ से बयान जारी करते अफगान रक्षा मंत्रालय ने जानकरी दी कि एक बार फिर पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की वायु सीमा का उल्लंघन किया है.

पाकिस्तान की सेनाओं ने डूरंड लाइन के पास पक्तिका प्रांत के मरघा इलाके में एक नागरिक बाजार पर हमला किया और राजधानी काबुल के वायु क्षेत्र का उल्लंघन किया. भारतीय समयानुसार रात 11 बजे पाकिस्तानी सेना ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पर दो लो-इटेंसिटी के हवाई हमले किए थे.

नूर वली महसूद के जिंदा होने का शक

जानकारी के मुताबिक, काबुल के अब्दुल्लाह हक स्क्वायर पर इंपीरियल होटल के बाहर एक लैंड क्रूजर कार को निशाना बनाया गया था, जिसमें पाकिस्तान को शक था कि तहरीक-ए-तालिबान का प्रमुख नूर वली महसूद हो सकता है, क्योंकि नूर वली महसूद भी जैमर लगी हुई काले रंग की लैंड क्रूजर कार का इस्तेमाल करता है, जिसकी तस्वीर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के सूत्रों ने पाकिस्तानी मीडिया के साथ साझा की थी.

साथ ही काबुल के अलावा पाकिस्तानी सेना ने गुरुवार को पक्तिका प्रांत के बरमाल जिले के मरघा इलाके में स्थित बाजार में भी एयरस्ट्राइक की, जिसमें 35 से अधिक झुग्गियां मलबे में तब्दील हो गईं और पूरे इलाके में हर तरफ सिर्फ उजड़ी बस्ती और मलबा ही मलबा दिखाई दिया.

अफगानिस्तान के रक्षा मंत्री ने दी कड़ी प्रतिक्रिया

हालांकि पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक पर जहां तहरीक-ए-तालिबान ने नूर वली महसूद की ऑडियो जारी करके दावा किया कि नूर वली महसूद जिंदा है तो दूसरी तरफ अफगानिस्तान के रक्षा मंत्री मुल्ला याकूब ने कड़ी प्रतिक्रिया जारी करते हुए कहा कि इस हमले का नतीजा अब पाकिस्तानी सेना को भुगतना होगा.

पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता अहमद शरीफ चौधरी ने शुक्रवार को पेशावर में प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि पाकिस्तानी सेना आतंकियों से निपटने के लिए हर कदम उठाएगी. हालांकि अफगानिस्तान पर की गई एयरस्ट्राइक पर पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता ने कोई जवाब नहीं दिया.

करवाचौथ पर महिलाएं पूरे दिन बिना पानी और भोजन के व्रत रखती हैं, जानिए इसका शरीर पर क्या असर पड़ता है।

करवाचौथ का व्रत हर सुहागिन महिलाओं के लिए बहुत खास होता है. इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुख समृद्धि की कामना करते हुए सूर्योदय से चांद निकलने तक निर्जला व्रत रखती है. यानी इस समय में न तो पानी पीती है और न ही कुछ खाती है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि पूरा दिन बिना पानी और खाना खाएं रहने से शरीर पर क्या असर पड़ता है. चलिए तो आज हम आपको बताते हैं कि दिनभर बिना पानी-खाने के करवाचौथ का व्रत रखती हैं तो शरीर पर इसका क्या-क्या असर होता है. ‌

बिना पानी-खाने के व्रत से शरीर पर असर 

एक्सपर्ट्स के अनुसार करवाचौथ के व्रत में शरीर को लंबे समय तक पानी और पोषण न मिलने से डिहाइड्रेशन की समस्या होने लगती है. इसकी शुरुआत सिरदर्द, थकान, मुंह सूखना और पेशाब का रंग गहरा होने जैसे संकेतों से होती है. अगर यह स्थिति बढ़ जाए तो चक्कर, तेज धड़कन और कमजोरी जैसी परेशानियां भी हो सकती है. वहीं लंबे समय तक खाना न मिलने से ब्लड शुगर लेवल गिरने लगता है, जिससे थकान और चिड़चिड़ापन महसूस होता है. इसके अलावा लंबे समय से कुछ न खाने और पीने से कई महिलाओं में लो बीपी और ब्लड शुगर गिरने लगता है. जिससे भी कई समस्याएं हो सकती है. कुछ एक्सपर्ट्स हल्‍का उपवास या इंटरमिटेंट फास्ट‍िंग शरीर के लिए फायदेमंद बताते हैं, लेकिन निर्जला व्रत शरीर पर ज्यादा दबाव डालता है.

किसे नहीं रखना चाहिए निर्जला व्रत? 

डॉक्टर के अनुसार सभी महिलाओं के लिए निर्जला व्रत रखना सही नहीं होता है. क्योंकि कई बीमारियों से जूझ रही महिलाओं के लिए इस तरह के व्रत खतरनाक साबित हो सकते हैं. ऐसे में डायबिटीज या ब्लड प्रेशर की समस्या से जूझ रही महिलाओं को यह व्रत नहीं रखना चाहिए. वहीं प्रेग्नेंट या फीडिंग कराने वाली महिलाओं को भी बिना पानी और खाने वाला व्रत नहीं रखना चाहिए. इसके अलावा जिन महिलाओं को किडनी, पेट या हार्मोन से जुड़ी समस्याएं हैं उनके लिए भी यह व्रत करना नुकसानदायक हो सकता है.

व्रत में क‍िन बातों का रखें खास ध्यान?

करवाचौथ का व्रत पूरे दिन बिना पानी और खाने के किया जाता है. ऐसे में शरीर को हेल्दी रखने के लिए महिलाओं को पूरे दिन कई चीजों का ध्यान रखना होता है. इसके लिए महिलाएं व्रत से एक दिन पहले और सरगी के समय पर्याप्त पानी पी सकती है और हाईड्रेशन वाली चीजें खा सकती है जिससे व्रत के दौरान चक्कर या कमजोरी जैसी समस्‍याएं नहीं होगी. इसके अलावा महिलाओं को दिनभर ज्यादा फिजिकल एक्टिविटी या घर के कामों से बचना चाहिए. वहीं समय-समय पर आराम करने से भी राहत मिलती है. इसके अलावा इस दिन महिलाओं को  तनाव से दूर रहना चाहिए. वहीं चांद देखने के बाद व्रत खोलते ही हल्का भोजन करना चाहिए.

Health News:कफ सिरप कांड के बाद अब मध्य प्रदेश में आयोडीन सॉल्यूशन का खौफ, मरीजों की त्वचा पर पड़ रहे दर्दनाक छाले

कफ सिरप से बच्चों की मौत के मामलों से मध्य प्रदेश अब तक उबर नहीं पाया है. इस बीच शहडोल स्थित बिरसा मुंडा मेडिकल कॉलेज में आयोडीन सॉल्यूशन का खौफ मरीजों में दिखने लगा है. दरअसल, यहां गर्भवती महिलाओं और सर्जरी करवाने वाले मरीजों को आयोडीन सॉल्यूशन से गंभीर दिक्कतें हो रही हैं. बता दें कि ऑपरेशन से पहले स्किन को साफ करने के लिए लगाए जाने वाले इस सॉल्यूशन से मरीजों की स्किन पर जलन, लालपन और छाले पड़ रहे हैं. इस मामले ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है. मेडिकल कॉलेज मैनेजमेंट ने इस सॉल्यूशन की सप्लाई रोक दी है, लेकिन सवाल यह है कि आखिर इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई?

मरीजों को हो रही गंभीर परेशानी

शहडोल मेडिकल कॉलेज में दो महीने से शिकायतें मिल रही हैं कि आयोडीन सॉल्यूशन लगाने के बाद मरीजों की स्किन पर जलन, लालपन और छाले पड़ रहे हैं. खासकर गर्भवती महिलाओं को इस सॉल्यूशन से काफी दिक्कतें हो रही हैं. कई मरीजों की स्किन पर गहरे घाव बन गए हैं, जो जल्दी ठीक नहीं हो रहे. इससे मरीजों में इंफेक्शन का खतरा भी बढ़ गया है.

मेडिकल कॉलेज के डीन ने कही यह बात

बता दें कि शहडोल जिला आदिवासी बाहुल्य इलाका है, यहां के बिरसा मुंडा मेडिकल कॉलेज में दूरदराज से मरीज इलाज के लिए आते हैं. हालांकि, आयोडीन सॉल्यूशन की वजह से मरीजों का भरोसा टूट रहा है. मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. गिरीश बी रामटेक ने माना कि कुछ मरीजों को इस सॉल्यूशन से दिक्कत हुई है. ऐसे मरीजों को स्किन एक्सपर्ट्स को दिखाया जा रहा है और दो-तीन दिन में उनकी हालत ठीक हो जाती है.

मरीजों ने यूं बयां किया दर्द

छत्तीसगढ़ के जनकपुर से आई प्रसूता खुशबू सेन के पति धीरज सेन ने बताया कि उनकी पत्नी को डिलीवरी के दौरान आयोडीन सॉल्यूशन लगाया गया था. कुछ ही घंटों बाद खुशबू की स्किन पर जलन होने लगी और पीठ पर छाले पड़ गए. धीरज ने कहा कि मेरी पत्नी को बहुत दर्द हो रहा है. जिस सॉल्यूशन से इलाज होना चाहिए, उसने हमें और परेशानी में डाल दिया. धीरज जैसे कई अन्य मरीजों के परिजनों ने भी यही शिकायत की है.

सॉल्यूशन की सप्लाई पर सवाल

जानकारी के मुताबिक, यह आयोडीन सॉल्यूशन इंदौर की समकेम कंपनी से सप्लाई किया गया था. जिस बैच से मरीजों को दिक्कत हो रही थी, उसे अब हटा लिया गया है. मेडिकल कॉलेज ने नए सॉल्यूशन की व्यवस्था की है, लेकिन सवाल यह है कि इस बैच की जांच पहले क्यों नहीं की गई? मरीजों को इतनी गंभीर परेशानी होने के बावजूद प्रबंधन ने दो महीने तक इस मामले को गंभीरता से क्यों नहीं लिया?

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

“अपनी लड़ाइयाँ खुद लड़ना ही मेरा तरीका है…” — 8 घंटे की शिफ्ट की डिमांड पर दीपिका पादुकोण ने तोड़ी चुप्पी।

दीपिका पादुकोण को संदीप वांगा रेड्डी की ‘स्पिरिट’ और प्रभास की ‘कल्कि 2898 एडी’ सीक्वल से बाहर कर दिया गया था, जिसकी वजह उनकी 8 घंटे की शिफ्ट डिमांड बताई गई थी. अब एक्ट्रेस ने वर्किंग आवर की डिमांड को लेकर चुप्पी तोड़ी है.

वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे के मौके पर मध्य प्रदेश में अपने फाउंडेशन लिव लव लाफ के 10 साल पूरे होने का जश्न मनाते हुए दीपिका से पूछा गया कि क्या उन्हें कभी लगा कि सही लगता है, उसकी मांग करने के लिए उन्हें कीमत चुकानी पड़ी। दीपिका ने कहा, “मैंने ये कई लेवल्स पर किया है, मेरे लिए यह नई बात नहीं है. मुझे हमेशा अपनी लड़ाइयाँ चुपचाप और गरिमा के साथ लड़ना पसंद है, और कभी-कभी ये सार्वजनिक हो जाती हैं, जो मेरे तरीके की बात नहीं है।”

8 घंटे की शिफ्ट को लेकर दीपिका ने बॉलीवुड में मौजूद डबल स्टैंडर्ड की आलोचना की. उन्होंने कहा कि कई पुरुष सुपरस्टार सालों से 8 घंटे काम कर रहे हैं और यह कभी सुर्खियों में नहीं आया. वे सोमवार से शुक्रवार केवल 8 घंटे काम करते हैं और वीकेंड में नहीं.