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ट्रंप इजरायल और मिस्र जाएंगे गाजा युद्धविराम का जश्न मनाने, सहयोगियों के साथ शांति बहाली पर करेंगे विचार-विमर्श

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रविवार को इजरायल और मिस्र की यात्रा पर रवाना हो रहे हैं, जहां वे अमेरिका की मध्यस्थता में हुए इजरायल-हमास युद्धविराम और बंधक समझौते का जश्न मनाएंगे. इसके साथ ही ट्रंप अपने मध्य पूर्व के सहयोगियों से इस मौके का फायदा उठाते हुए इस अशांत क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने का आह्वान करेंगे.

इजरायल और हमास इस वक्त ट्रंप समझौते के पहले चरण को लागू करने की शुरुआती प्रक्रिया में हैं, इसलिए यह एक नाजुक समय है. इस समझौते का उद्देश्य 7 अक्टूबर, 2023 को हमास-समर्थित आतंकियों की ओर से इजरायल पर किए गए हमले से शुरू हुए युद्ध को स्थायी रूप से खत्म करना है.

इजरायल और उसके पड़ोसी अरब देशों के बीच रिश्ते सुधारने का है मौका- ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का मानना है कि मध्य पूर्व को फिर से आकार देने और इजरायल और उसके अरब पड़ोसी देशों के बीच लंबे समय से तनावपूर्ण रिश्तों को सुधारने का यह एक सीमित लेकिन बेहद महत्वपूर्ण मौका है. ट्रंप ने कहा कि यह ऐतिहासिक क्षण उनकी सरकार की ओर से गाजा में हमास और लेबनान में हिजबुल्लाह जैसे ईरान समर्थित प्रॉक्सी समूहों को कमजोर करने में दी गई मजबूत सहायता से संभव हुआ है.

व्हाइट हाउस ने जारी किया बयान

वहीं, व्हाइट हाउस ने इस संबंध में एक बयान जारी कर कहा, ‘इस पूरी प्रक्रिया को ताकत इसलिए भी मिल रहा है क्योंकि अरब और मुस्लिम देश दशकों पुराने इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष को सुलझाने पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित कर रहे हैं और कुछ मामलों में अमेरिका के साथ अपने संबंधों को और मजबूत बना रहे हैं.

गाजा का होगा पुनर्निर्माण- ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार (10 अक्टूबर, 2025) को कहा, ‘मुझे लगता है कि आप बहुत बड़ी सफलता देखने जा रहे हैं और गाजा का पुनर्निर्माण होगा. जैसा कि आप जानते हैं कि वहां कुछ बहुत अमीर देश हैं. उनके धन का बहुत छोटा हिस्सा भी इस काम के लिए काफी होगा और मुझे लगता है कि वे यह करना भी चाहते हैं.’

सबसे पहले इजरायल जाएंगे ट्रंप

अपने दो देशों की यात्रा के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सबसे पहले इजरायल की यात्रा पर जाएंगे, जहां उन्हें इजरायल की संसद ‘केनेस्सेट’ को संबोधित करने के लिए आमंत्रित किया गया है. इसके बाद ट्रंप मिस्र के लिए रवाना होंगे, जहां वे और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी शर्म अल-शेख में 20 से अधिक देशों के नेताओं के साथ गाजा शांति पर चर्चा के लिए एक शिखर सम्मेलन की अगुवाई करेंगे.

Sports News:330 रन बनाने के बावजूद भारत को हार का सामना, ‘मिसेज मिचेल स्टार्क’ के शतक ने छीनी जीत, सेमीफाइनल की राह और मुश्किल हुई

ऑस्ट्रेलिया ने भारतीय टीम को 3 विकेट से हरा दिया है. महिला वर्ल्ड कप 2025 में यह टीम इंडिया की लगातार दूसरी हार है. वर्ल्ड कप के इस 13वें मैच में भारतीय टीम ने पहले खेलते हुए 330 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था, जिसके जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने 6 गेंद शेष रहते 3 विकेट से यह मैच जीत लिया. ये महिला वनडे क्रिकेट इतिहास का सबसे सफल रन चेज (Highest Successful Run Chase in ODI Women) ऑस्ट्रेलियाई कप्तान एलिसा हीली (Alyssa Healy) के शतक ने टीम इंडिया को जीत से दूर ले जाने का काम किया.

भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया के सामने 331 रनों का लक्ष्य रखा था. टीम इंडिया और भी बड़ा स्कोर खड़ा कर सकती थी, लेकिन उसने आखिरी 6 विकेट मात्र 36 रनों के अंतराल में गंवा दिए थे. स्मृति मंधाना ने 80 रन और प्रतिका रावल ने 76 रनों की दमदार अर्धशतकीय पारी खेली थी. उनके अलावा कोई भी भारतीय बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल पाया. जहां स्कोर

वनडे का सबसे बड़ा रन चेज

ऑस्ट्रेलिया ने महिला वनडे क्रिकेट इतिहास में सबसे बड़े रन चेज का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. ऑस्ट्रेलिया ने एलिसा हीली के दमदार शतक की बदौलत ये ऐतिहासिक जीत दर्ज की है. एलिसा हीली, जो ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क की पत्नी भी हैं. हीली ने 142 रनों की यादगार पारी खेली. इससे पहले महिला वनडे क्रिकेट में सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड श्रीलंका के नाम था, जिसने 2024 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 302 रनों का टारगेट सफलतापूर्वक चेज कर लिया था.

एलिसा हीली और फीबी लिचफील्ड ही 85 रनों की सलामी साझेदारी कर ऑस्ट्रेलिया को शानदार शुरुआत दिला चुकी थीं. एश्ले गार्डनर के 45 रनों का भी इस जीत में बड़ा योगदान रहा. मगर एलिस पेरी के 47 रन अनमोल रहे, क्योंकि उनके रूप में एक सेट बल्लेबाज क्रीज पर होने से ऑस्ट्रेलिया अंत तक मैच में बना हुआ था.

यह वर्ल्ड कप में टीम इंडिया की लगातार दूसरी हार है. इससे पहले दक्षिण अफ्रीका ने रोमांचक मैच में भारत को 3 विकेट से हराया था. अब ऑस्ट्रेलिया ने भी उसे 3 विकेट से हरा दिया है. वर्ल्ड कप में अब भारत ने 2 मैच जीते हैं और 2 हारे हैं. उसके लिए सेमीफाइनल की राह कठिन होती दिख रही है.

बड़ी खबर: सहारा समूह की संपत्तियों की बिक्री पर सुप्रीम कोर्ट में आज होगी सुनवाई, Adani Properties के सौदे पर टिकी सबकी निगाहें

  • सुप्रीम कोर्ट आज सहारा समूह की संपत्तियों को Adani Properties को बेचने की याचिका पर दोपहर 2 बजे सुनवाई करेगा।
  • याचिका में एम्बी वैली (महाराष्ट्र) और लखनऊ का सहारा शहर बेचे जाने की अनुमति मांगी गई है।
  • समूह ने SEBI-सहारा ‘रिफंड’ खाते में 24,030 करोड़ जमा करने का लक्ष्य बताया है, जिसमें से 16,000 करोड़ संपत्तियों की बिक्री से जुटे हैं।
  • सहारा ने कोर्ट से यह स्पष्ट करने का अनुरोध किया है कि केवल कोर्ट अनुमोदन मिलने पर ही सौदा आगे बढ़े।
  • कोर्ट फैसला करेगी कि क्या यह संपत्तियों की बिक्री निवेशकों और कर्जदाताओं के हितों के अनुरूप होगी।

नई दिल्ली/लखनऊ, True News UP। सहारा समूह की विवादों से जुड़ी संपत्तियों को Adani Properties Private Limited को बेचने की अनुमति मांगने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट आज (14 अक्टूबर) दोपहर 2 बजे सुनवाई करेगा। यह सुनवाई सहारा समूह के निवेशकों, कर्मचारियों और रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

एम्बी वैली और सहारा शहर की बिक्री को लेकर सुप्रीम कोर्ट से अनुमति की मांग

सहारा इंडिया कमर्शियल कॉरपोरेशन लिमिटेड (SICCL) ने अधिवक्ता गौतम अवस्थी के माध्यम से दाखिल अंतरिम याचिका में सुप्रीम कोर्ट से महाराष्ट्र स्थित एम्बी वैली और उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थित सहारा शहर जैसी प्रमुख संपत्तियों को Adani Properties Private Limited को बेचने की अनुमति मांगी है।

याचिका में उल्लेख किया गया है कि 6 सितंबर 2025 को दोनों पक्षों के बीच ‘टर्म शीट’ पर सहमति बनी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी के बिना यह सौदा आगे नहीं बढ़ सकता। समूह ने बताया है कि SEBI-सहारा ‘रिफंड’ खाते में 24,030 करोड़ रुपये जमा करने का लक्ष्य निर्धारित है, जिसमें से लगभग 16,000 करोड़ रुपये संपत्तियों की बिक्री से प्राप्त हो चुके हैं। शेष राशि जुटाने में SEBI की अक्षमता और बाजार की स्थिति बाधा बन रही है।

सुब्रत रॉय के निधन के बाद नई रणनीति और पारिवारिक निर्णय

नवंबर 2023 में सहारा समूह के संस्थापक सुब्रत रॉय सहारा के निधन के बाद समूह के भीतर निर्णय प्रक्रिया में बड़ा बदलाव आया। याचिका में कहा गया है कि अब परिवार ने निवेशकों के हितों की सुरक्षा और न्यायालय के आदेशों के अनुपालन के लिए यह तय किया है कि संपत्तियों को अधिकतम बाजार मूल्य पर शीघ्र बेचा जाए। इस निर्णय का उद्देश्य समूह के ऊपर लंबित दायित्वों का निपटान और चल रही अवमानना कार्यवाही का समापन करना है।

कर्मचारियों का बकाया वेतन और SEBI दस्तावेज़ों पर भी सुनवाई की मांग

मुख्य याचिका से पहले सोमवार को एक अधिवक्ता ने सुप्रीम कोर्ट में आवेदन देकर सहारा कम्युनिकेशंस के कर्मचारियों के 2014 से लंबित वेतन भुगतान के लिए तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया। इसके अतिरिक्त, एक अन्य याचिका में खरीदार पक्ष ने कोर्ट से SEBI को निर्देश देने की मांग की है कि वह बिक्री से संबंधित आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए। दोनों याचिकाएं सहारा समूह से जुड़े लंबित मामलों का हिस्सा हैं।

लखनऊ का सहारा शहर विवाद: नगर निगम का कब्जा और हाईकोर्ट में चुनौती

6 और 7 अक्टूबर को लखनऊ नगर निगम (LMC) ने गोमतीनगर स्थित सहारा शहर पर दावा ठोंकते हुए कब्जा कर लिया और पूरे परिसर को सील कर दिया। 130 से 170 एकड़ में फैली यह संपत्ति लगभग 30 वर्ष से सहारा समूह के नियंत्रण में थी। नगर निगम का कहना है कि सहारा ने 1997 में ली गई लीज की शर्तों का उल्लंघन करते हुए आवासीय क्षेत्र को व्यावसायिक उपयोग में परिवर्तित कर दिया था।

सहारा प्रबंधन ने इस कार्रवाई को इलाहाबाद हाईकोर्ट, लखनऊ बेंच में चुनौती दी है। 8 अक्टूबर को हुई सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार और नगर निगम से विस्तृत जवाब मांगा है। सहारा का पक्ष है कि यह कार्रवाई मनमानी और अवैधानिक है, जो समूह की वैध व्यावसायिक गतिविधियों को बाधित करती है।

संभावित परिणाम और प्रभाव

यदि हाईकोर्ट सहारा के पक्ष में निर्णय देता है, तो लीज को बहाल किया जा सकता है या नई शर्तों पर विस्तार दिया जा सकता है। इससे सुप्रीम कोर्ट में चल रही Adani Properties वाली बिक्री याचिका पर भी प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ सकता है।

यदि नगर निगम का पक्ष मजबूत रहा, तो जमीन निगम के नियंत्रण में रहेगी और उसे आवासीय या सार्वजनिक उपयोग में बदला जा सकता है।

इस स्थिति में सहारा के निवेशकों को रिफंड प्रक्रिया और कर्मचारियों के रोजगार दोनों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।

सहारा-SEBI विवाद की पृष्ठभूमि

वर्ष 2012 से चल रहे सहारा–SEBI विवाद में समूह को निवेशकों को रिफंड करने का आदेश दिया गया था। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने कई बार निर्देश जारी किए, लेकिन संपत्तियों की बिक्री में देरी से प्रक्रिया ठप पड़ गई।
अब Adani Properties के साथ संभावित सौदे से सहारा समूह को आर्थिक राहत मिल सकती है। हालांकि, इस दिशा में कोई भी कदम उठाने से पहले सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी आवश्यक है।

विशेषज्ञों की राय: निवेशकों और रियल एस्टेट सेक्टर के लिए अहम फैसला

कानूनी और आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला न केवल सहारा समूह की वित्तीय स्थिति को दिशा देगा, बल्कि Adani Group के रियल एस्टेट विस्तार पर भी गहरा प्रभाव डालेगा।
इस सुनवाई का परिणाम आने वाले महीनों में निवेशकों, कर्मचारियों और सरकार – तीनों के लिए निर्णायक साबित हो सकता है।

Quality Sleep Vs Quantity Sleep:8 घंटे सोने के बावजूद क्यों थका-थका सा लगता है शरीर, जानिए असली वजह

 आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों ने हेल्दी खाना और एक्सरसाइज को तो काफी हद तक अपनी आदतों में शामिल कर लिया है, लेकिन एक चीज है जिसे अब भी बहुत लोग नजरअंदाज कर देते हैं और वह है अच्छी नींद. अच्छी नींद मतलब ऐसी नींद लेना, जिससे शरीर और दिमाग दोनों पूरी तरह से रिफ्रेश हो जाएं. एक्सपर्ट्स कहते हैं कि एक व्यक्ति को हर रात कम से कम 7 से 9 घंटे की नींद जरूर लेनी चाहिए.

हालांकि, कई लोग रोजाना 8 घंटे की नींद भी लेते हैं और फिर भी सुबह उठते ही थकान, आलस और भारीपन महसूस होता है तो यह सिर्फ आपकी नींद की मात्रा का नहीं, बल्कि उसकी क्वालिटी का सवाल है. आजकल लाखों लोग इसी तरह की समस्या से जूझ रहे हैं. अब सवाल यह है कि ऐसा क्यों हो रहा है. चलिए जानते हैं कि किन वजहों से 8 घंटे की नींद के बाद भी बॉडी थकी-थकी सी रहती है.

1. हार्मोन का असंतुलन – हमारे शरीर में कुछ खास तरह के हार्मोन होते हैं जो नींद, भूख, मूड और एनर्जी के लेवल को कंट्रोल करते हैं. जब इनमें गड़बड़ी होती है, खासतौर पर स्ट्रेस हार्मोन का लेवल बिगड़ जाता है तो इसका असर नींद पर पड़ता है. कोर्टिसोल अगर ज्यादा बन रहा हो या कम हो रहा हो, तो शरीर को ठीक से आराम नहीं मिल पाता है. इससे नींद पूरी लगती है लेकिन शरीर थका-थका रहता है.

2. शरीर में इलेक्ट्रोलाइट की कमी – मैग्नीशियम, पोटैशियम और सोडियम जैसे मिनरल्स हमारे शरीर में बहुत जरूरी काम करते हैं. ये नर्वस सिस्टम को शांत रखते हैं, मांसपेशियों को आराम देते हैं और अच्छी नींद में मदद करते हैं. जब इनमें से कोई भी मिनरल शरीर में कम हो जाता है तो रात को नींद बार-बार टूटती है या गहरी नींद नहीं आती और इसके कारण सुबह उठकर भी थकान बनी रहती है.

3. मोबाइल और लैपटॉप का ज्यादा यूज यानी ब्लू लाइट एक्सपोजर – आजकल हम सब रात को सोने से पहले मोबाइल या लैपटॉप चलाते हैं. इनकी स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट दिमाग को सिग्नल देती है कि अभी जागने का समय है. इससे नींद लाने वाला हार्मोन मेलाटोनिन कम बनने लगता है, जिसके कारण नींद तो आती है, लेकिन वो गहरी नहीं होती और सुबह उठते ही शरीर भारी लगता है.

4. हर दिन अलग-अलग समय पर सोना और उठना – अगर आप कभी 10 बजे सोते हैं, कभी 12 बजे और सुबह भी कभी 6 बजे उठते हैं तो कभी 9 बजे, तो इससे शरीर की बायोलॉजिकल क्लॉक बिगड़ जाती है फिर चाहे आप 8 घंटे भी क्यों न सो लें, शरीर को असली आराम नहीं मिलता और दिनभर थकावट महसूस होती है.

5. देर रात भारी खाना या कैफीन लेना – अगर आप रात को सोने से पहले चाय, कॉफी, कोल्ड ड्रिंक पीते हैं या भारी खाना खाते हैं, तो शरीर का पाचन तंत्र एक्टिव हो जाता है. इससे नींद आने में परेशानी होती है या नींद पूरी तरह से नहीं रहती. इससे भी आप सुबह फ्रेश महसूस नहीं करते हैं.

6. नींद से जुड़ी बीमारियां – कुछ लोगों को रात को सांस लेने में रुकावट, जोर से खर्राटे या बार-बार नींद खुलने जैसी समस्याएं होती हैं. ये सारी बातें नींद की क्वालिटी को बहुत खराब कर देती हैं. अगर आपको भी ऐसा लगता है तो डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है.

नींद की क्वालिटी कैसे सुधारें?

1. रोज एक ही समय पर सोने और जागने की आदत डालें.

2.सोने से कम से कम 1 घंटा पहले मोबाइल या लैपटॉप से दूर रहें.

3. रात को हल्का खाना खाएं और कैफीन से बचें.

4. सोने से पहले मेडिटेशन, योग या हल्की स्ट्रेचिंग करें.

5. दिन में थोड़ा बहुत फिजिकल एक्टिविटी जरूर करें.

6. अगर लगातार थकान रहती है तो विटामिन्स और मिनरल्स की जांच कराएं.

Pakistan Reaction:भारत-अफगानिस्तान के संयुक्त बयान में कश्मीर का जिक्र सुनकर पाकिस्तान भड़का, कहा- ‘यह अस्वीकार्य है’

भारत और अफगानिस्तान के बीच 10 अक्टूबर को नई दिल्ली में जारी हुए संयुक्त बयान पर पाकिस्तान ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है. पाकिस्तान ने इस बयान में जम्मू कश्मीर को भारत का हिस्सा बताए जाने पर सख्त आपत्ति जताई है और इसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन बताया ह

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि जम्मू कश्मीर को भारत का हिस्सा बताना संबंधित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों और जम्मू कश्मीर की कानूनी स्थिति का स्पष्ट उल्लंघन है. पाकिस्तान ने कहा कि भारत और अफगानिस्तान का यह संयुक्त बयान कश्मीर के लोगों के बलिदान और उनके आत्मनिर्णय के अधिकार की लड़ाई के प्रति अत्यंत असंवेदनशील है.

अफगानिस्तान के राजदूत को तलब कर जताया विरोध

पाकिस्तान ने इस संयुक्त बयान को लेकर इस्लामाबाद में अफगानिस्तान के राजदूत को तलब किया और अपनी गंभीर चिंताएं औपचारिक रूप से दर्ज कराईं. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव (पश्चिम एशिया और अफगानिस्तान) ने राजदूत को बताया कि जम्मू कश्मीर को भारत का हिस्सा बताना अस्वीकार्य है.

आतंकवाद पर भी भिड़े पाकिस्तान-अफगानिस्तान

संयुक्त बयान में अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी ने यह कहा था कि आतंकवाद पाकिस्तान की आंतरिक समस्या है. इस बयान पर भी पाकिस्तान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. पाकिस्तान ने मुत्तकी के इस बयान को तथ्यों से परे और गैर जिम्मेदाराना बताया. विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान कई बार अफगान सरकार को बता चुका है कि “फितना ए खवारिज” और “फितना ए हिंदुस्तान” नाम के आतंकी तत्व अफगान जमीन से पाकिस्तान के खिलाफ काम कर रहे हैं.

बयान में कहा गया कि आतंकवाद पर जिम्मेदारी पाकिस्तान पर डालने से अंतरिम अफगान सरकार अपनी जिम्मेदारियों से मुक्त नहीं हो सकती. अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल पाकिस्तान के खिलाफ नहीं होना चाहिए.”

अफगान शरणार्थियों की वापसी का मुद्दा भी उठाया

पाकिस्तान ने अपने बयान में यह भी कहा कि वह चार दशक से करीब चार मिलियन अफगानों की मेजबानी कर रहा है. अब जबकि अफगानिस्तान में शांति लौट रही है, तो बिना अनुमति के पाकिस्तान में रह रहे अफगानों को अपने देश लौटना चाहिए विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान को अपनी सीमा में विदेशी नागरिकों की मौजूदगी को नियंत्रित करने का अधिकार है, और यह अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के अनुरूप है. इसके साथ ही पाकिस्तान ने दावा किया कि वह मानवीय दृष्टिकोण से अफगानों को मेडिकल और स्टडी वीजा भी जारी कर रहा है और इस्लामी भाईचारे की भावना से अफगान जनता को सहायता देता रहेगा.

‘हम स्थिर और समृद्ध अफगानिस्तान चाहते हैं’

बयान में कहा गया कि पाकिस्तान एक शांतिपूर्ण, स्थिर और क्षेत्रीय रूप से जुड़ा हुआ समृद्ध अफगानिस्तान देखना चाहता है. इसी भावना से पाकिस्तान ने अफगानिस्तान को व्यापार, आर्थिक और संपर्क सुविधाएं मुहैया कराई हैं. हालांकि पाकिस्तान ने साफ किया कि उसकी पहली जिम्मेदारी अपने नागरिकों की सुरक्षा है और अफगानिस्तान को अपनी जमीन पाकिस्तान विरोधी आतंकी तत्वों के इस्तेमाल से रोकने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे.

मुत्तकी बोले-पाकिस्तान को खुद सुलझानी चाहिए अपनी समस्याएं

भारत दौरे पर आए अफगानिस्तान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी ने भारत और अफगानिस्तान के साझा बयान के बाद पाकिस्तान की आपत्तियों पर कहा, ‘हम समझते हैं कि पाकिस्तान ने गलत किया है. इस तरह समस्याएं सुलझती नहीं हैं. हमने बातचीत के लिए दरवाजे खुले रखे हैं, लेकिन पाकिस्तान को अपनी समस्याएं खुद सुलझानी चाहिए.’ अफगानिस्तान के विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि अफगानिस्तान में 40 वर्षों के बाद शांति आई है और पाकिस्तान का यह रवैया ठीक नहीं है. यही बयान पाकिस्तान के लिए असहज साबित हुआ है, जिससे वह बौखला गया है.

भारत अफगानिस्तान ने पहलगाम आतंकी हमले की की थी निंदा

गौरतलब है कि भारत और अफगानिस्तान ने 10 अक्टूबर को जारी संयुक्त बयान में 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा की थी, जिसमें 26 लोगों की मौत हुई थी. दोनों देशों ने आतंकवाद के सभी रूपों की निंदा की और क्षेत्र में शांति, स्थिरता और आपसी विश्वास बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया था.