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Sports News :“रोहित शर्मा का फेयरवेल है…” तीसरे वनडे से पहले गौतम गंभीर का बयान वायरल, वीडियो ने मचा दिया तहलका

भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया तीसरे वनडे मैच से पहले रोहित शर्मा और गौतम गंभीर का एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है. सोशल मीडिया पर तहलका मचाने वाले इस वीडियो में गौतम गंभीर मजाकिया अंदाज में रोहित शर्मा से कहते दिखे कि सबके अनुसार यह मैच (एडिलेड) उनका फेयरवेल मैच था. बताते चलें कि यह तस्वीर एडिलेड में खेले गए दूसरे वनडे मैच के बाद ली गई, जिसमें ऑस्ट्रेलिया ने भारतीय टीम को 2 विकेट से हराया था.

भारतीय टीम मैच के बाद होटल पहुंची थी. सामने आए वीडियो में आवाज साफ नहीं है, लेकिन एक फैन ने दावा करके कहा जैसे गौतम गंभीर कह रहे हों, “रोहित, सबको ऐसा लगा कि ये तेरा फेयरवेल मैच था. एक फोटो तो लगा दो.”

ऑस्ट्रेलिया टूर शुरू होने से पहले से रोहित शर्मा और विराट कोहली का वनडे फ्यूचर भी चर्चा में रहा है. खासतौर पर वनडे कप्तानी से हटाए जाने के बाद इन अटकलों ने तूल पकड़ा है कि ऑस्ट्रेलियाई टूर के बाद रोहित संन्यास ले सकते.

Gambhir: “Sabko esa lagra tha farewell match tha ek photo toh lgado”

They know what is happening outside🙂 pic.twitter.com/guZW0gDRKm

— Shikha (@Shikha_003) October 23, 2025

रोहित शर्मा ने 7 महीनों के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी की थी, लेकिन पर्थ में खेले गए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले वनडे मैच में उन्होंने सिर्फ 8 रन बनाए. एडिलेड में उन्होंने जबरदस्त वापसी की और 97 गेंदों में 73 रनों की अर्धशतकीय पारी खेली. उनके अलावा श्रेयस अय्यर ने भी 61 रनों की पारी खेली. भारत ने 264 रन बनाए थे, लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने लक्ष्य 2 विकेट शेष रहते हासिल कर लिया था.

भारत और ऑस्ट्रेलिया का तीसरा वनडे सिडनी में खेला जाएगा, जहां रोहित शर्मा का ODI रिकॉर्ड बहुत शानदार है. रोहित ने अब तक सिडनी में 5 वनडे मैच खेले हैं, जिनमें उन्होंने 66.60 के शानदार औसत से 333 रन बनाए हैं. वो इस मैदान पर 2 अर्धशतक और एक सेंचुरी भी जड़ चुके हैं.

पूर्व CIA एजेंट का खुलासा: “PAK के न्यूक्लियर हथियार अमेरिका के नियंत्रण में थे”, 26/11 हमले से जुड़ा बड़ा दावा

अमेरिका की सेंट्रल इंटेलीजेंस एजेंसी (CIA) के पूर्व अधिकारी जॉन किरियाकू ने पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने दावा किया कि परवेज मुशर्रफ ने पाकिस्तान के परमाणु हथियारों की चाभी अमेरिका के हाथों सौंप दी थी। उनके मुताबिक उस समय अमेरिका ने पाकिस्तान को इसके बदले भारी रकम दी थी।

उन्होंने बताया कि जब वे 2002 में पाकिस्तान में तैनात थे, तब उन्हें अनौपचारिक रूप से बताया गया था कि पेंटागन पाकिस्तानी परमाणु हथियारों को नियंत्रित करता है। मुशर्रफ ने यह नियंत्रण इसलिए अमेरिका को सौंपा क्योंकि उन्हें डर था कि कहीं ये हथियार आतंकवादियों के हाथ न लग जाएं।

जॉन किरियाकू ने यह भी बताया कि 2001 के संसद हमले और 2008 के मुंबई हमलों के बाद अमेरिका को उम्मीद थी कि भारत जवाबी कार्रवाई करेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि भारत ने उस वक्त “रणनीतिक धैर्य” दिखाया और यह दुनिया को परमाणु युद्ध से बचाने वाला कदम साबित हुआ।

उनके अनुसार अब भारत उस स्तर पर पहुंच चुका है जहां वह रणनीतिक धैर्य को कमजोरी के रूप में नहीं देख सकता, इसलिए आज की परिस्थितियों में जवाबी कदम उठाना उसकी मजबूरी बन गया है।

उन्होंने आगे कहा कि मुशर्रफ ने अमेरिका को पाकिस्तान में खुलकर काम करने की छूट दी थी। उस समय दोनों देशों के रिश्ते बेहद घनिष्ठ थे। अमेरिका को तानाशाहों के साथ काम करना आसान लगता है क्योंकि तब उसे जनता या मीडिया की आलोचना की चिंता नहीं करनी पड़ती।

जॉन किरियाकू के मुताबिक, अमेरिका ने पाकिस्तान को करोड़ों डॉलर की आर्थिक मदद दी और मुशर्रफ से लगातार संपर्क बनाए रखा। हालांकि, मुशर्रफ ने काउंटर टेररिज्म में सहयोग का दिखावा करते हुए सेना और कट्टरपंथियों को खुश रखने के लिए भारत विरोधी गतिविधियां जारी रखीं।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सेना को अल-कायदा की परवाह नहीं थी; उसका ध्यान भारत पर केंद्रित था। इसलिए मुशर्रफ को दोहरी नीति अपनानी पड़ी—अमेरिका के साथ सहयोग का दिखावा करते हुए भारत के खिलाफ आतंकवाद को बढ़ावा देना।

हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के पास साइकिल सवार ने की फायरिंग, छात्रों में दहशत, हमलावर की तलाश जारी

हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के पास शुक्रवार को गोलीबारी की आवाज ने लोगों को दहला दिया. यूनिवर्सिटी की जानकारी के अनुसार, यहां एक साइकिल सवार व्यक्ति ने दूसरे व्यक्ति पर गोली चला दी. इस गोलीबारी की घटना को लेकर पुलिस ने अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है और संदिग्ध की तलाश जारी है. इस घटना के बाद यूनिवर्सिटी कैंपस को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया.

यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर जारी एक बयान के अनुसार, कैम्ब्रिज पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि साइकिल सवार एक अज्ञात व्यक्ति ने ‘शेरमैन स्ट्रीट’ पर एक अन्य व्यक्ति पर गोली चलाई है. संदिग्ध साइकिल से गार्डन स्ट्रीट की ओर जा रहा है. कृपया उस इलाके से बचें और सुरक्षित स्थान पर रहें.

पुलिस की जांच में बैलिस्टिक एविडेंस बरामद

हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने सुरक्षित स्थान पर रहने का आदेश जारी किया था, जिसे बाद में हटा लिया गया. वहीं पुलिस ने बताया कि अभी तक किसी भी पीड़ित की पहचान नहीं हो पाई है और जन सुरक्षा को कोई खतरा नहीं है.

कैम्ब्रिज पुलिस ने अपने बयान में कहा, ‘कैम्ब्रिज पुलिस फिलहाल डैनही पार्क के पास शेरमैन स्ट्रीट पर हुई गोलीबारी की घटना को लेकर घटनास्थल की जांच कर रहा है. बैलिस्टिक एविडेंस बरामद कर लिए गए हैं. फिलहाल किसी भी पीड़ित की पहचान नहीं हुई है और न ही जन सुरक्षा को कोई खतरा है.’

यूनिवर्सिटी ने एमरजेंसी अलर्ट वेबसाइट पर दी चेतावनी

हालांकि यूनिवर्सिटी ने अपनी एमरजेंसी अलर्ट वेबसाइट पर कहा, ‘कृपया सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना HUPD को 617-495-1212 पर दें. अलर्ट संदेश के अनुसार, संदिग्ध हमलावर को गार्डन स्ट्रीट की ओर साइकिल चलाते देखा गया, जो नॉर्थ कैम्ब्रिज से रेडक्लिफ क्वाड और हार्वर्ड स्क्वायर तक जाती है. यूनिवर्सिटी के इस एमरजेंसी अलर्ट के लगभग 20 मिनट बाद भी, कुछ छात्र और आस-पास रहने वाले लोग क्वाड के बाहर मौजूद थे. हालांकि सुबह 11:40 बजे तक इलाके को खाली करा लिया गया था.

थामा vs एक दीवाने की दीवानियत: बॉक्स ऑफिस की रेस में किसने जीती बाज़ी और कौन रहा पीछे?

‘थामा’ और ‘एक दीवाने की दीवानियत’ दोनों ही फिल्में एक साथ एक ही दिन 21 अक्टूबर को बॉक्स ऑफिस पर आईं. दोनों ही फिल्मों को दर्शक मिले, लेकिन ‘थामा’ ने ओपनिंग डे पर ‘एक दीवाने की दीवानियत’ से करीब 3 गुना कमाई के साथ खाता खोला.

अब तक मैडॉक हॉरर यूनिवर्स की फिल्म भले ही 100 करोड़ी बनने के करीब पहुंच चुकी है, लेकिन फिर भी बॉक्स ऑफिस आंकड़ों के इस खेल में ‘एक दीवाने की दीवानियत’ इससे आगे निकल चुकी है. चलिए आंकड़ों से समझते हैं.

‘थामा’ पर भारी पड़ी ‘एक दीवाने की दीवानियत’, जानें कैसे

    • ‘थामा’ की स्टारकास्ट बड़ी है. आयुष्मान खुराना और रश्मिका मंदाना जैसे एक्टर्स हैं. इसके अलावा, फिल्म के साथ ‘स्त्री’ और ‘भेड़िया’ जैसी फिल्मों का नॉस्टैल्जिया और कई बड़े कैमियो हैं. इस वजह से फिल्म की हर दिन की कमाई ‘एक दीवाने की दीवानियत’ से ज्यादा है.
    • इसके बावजूद ‘थामा’ एक खास मामले में पिछड़ गई है और वो है बजट रिकवरी. दरअसल दोनों फिल्मों के बजट में जमीन-आसमान का फर्क है.
    • जहां टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक ‘थामा’ 145 करोड़ में बनाई गई है. तो वहीं ‘एक दीवाने की दीवानियत’ को कोईमोई के मुताबिक सिर्फ 25 करोड़ में बनाया गया है.
    • दोनों ही फिल्मों की सैक्निल्क के मुताबिक, अब तक की कमाई पर गौर करें तो ‘थामा’ ने 60 करोड़ के आसपास कमाई कर ली है. अभी इसे बजट निकालने के लिए करीब 85 करोड़ और कमाने होंगे.
    • तो वहीं ‘एक दीवाने की दीवानियत’ को सिर्फ 25 करोड़ में बनाया गया है और इसने अभी तक टोटल बजट निकाल लिया है. जाहिर है बजट रिकवरी के मामले में सोनम बाजवा और हर्षवर्धन राणे की फिल्म आयुष्मान खुराना की फिल्म को पीछे छोड़ चुकी है.

‘एक दीवाने की दीवानियत’ के लिए क्या रहा पॉजिटिव?

जहां ‘थामा’ का प्रमोशन और स्टारकास्ट इतना भारी-भरकम हुआ कि फिल्म का बजट करीब 150 करोड़ पहुंच गया, तो वहीं ‘एक दीवाने की दीवानियत’ को सिर्फ वर्ड ऑफ माउथ की वजह से दर्शक मिले.

फिल्म के प्रमोशन में कुछ खास खर्च भी नही किया गया. यही वजह है कि फिल्म पूरा बजट निकालकर ‘थामा’ से पहले ही सफल फिल्मों में शामिल होने वाली है. फिल्म एक्टर हर्षवर्धन खुद से एक वैन लेकर इंडिया टूर पर निकल गए हैं और बस उतना ही प्रमोशन है जो है, बाकी और कुछ नहीं.

BP Monitoring through Ankle: अब बिना हाथों के भी मापा जा सकेगा बीपी, शरीर का यह हिस्सा करेगा मदद

दुनियाभर में हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन से जूझ रहे 100 करोड़ लोगों के लिए अच्छी खबर है. अब ब्लड प्रेशर मापने का नया और आसान तरीका मिल गया है. दरअसल, अब टखने की मदद से आपका बीपी चेक किया जा सकता है. यह तरीका उन लोगों के लिए बहुत फायदेमंद होगा, जिनके हाथ से ब्लड प्रेशर मापना मुश्किल होता है. बता दें कि वैज्ञानिकों ने नई तकनीक डिवेलप की है, जो जो न सिर्फ सटीक है, बल्कि हार्ट, दिमाग और किडनी की बीमारियों से बचाने में भी मदद कर सकती है. आइए इसके बारे में जानते हैं.

क्या कहती है नई रिसर्च?

यूनिवर्सिटी ऑफ एक्सेटर मेडिकल स्कूल के वैज्ञानिकों ने 33 हजार से ज्यादा लोगों पर स्टडी करके नई तकनीक डिवेलप की है. इस रिसर्च में पाया गया कि टखने से ब्लड प्रेशर मापा जाता है तो हाथ की रीडिंग की तुलना में ज्यादा सटीक डिटेल मिलती है. इस तकनीक को ज्यादा आसान बनाने के लिए वैज्ञानिकों ने ऑनलाइन कैलकुलेटर भी बनाया है, जो टखने की रीडिंग को समझने में डॉक्टरों और मरीजों की मदद करता है. इस कैलकुलेटर से टखने के ब्लड प्रेशर को पढ़कर हाथ के ब्लड प्रेशर का अनुमान लगाया जा सकता है.

क्या कहते हैं रिसर्चर्स?

रिसर्च के हेड प्रोफेसर क्रिस क्लार्क के मुताबिक, यह नया तरीका करीब 2 पर्सेंट ज्यादा सटीक है. भले ही यह संख्या छोटी लगे, लेकिन जब बात 100 करोड़ लोगों की हो तो यह लाखों जिंदगियों को बचा सकता है. प्रोफेसर क्लार्क और उनकी टीम ने बताया कि दुनिया में हर तीसरे वयस्क को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है. अगर इसे वक्त पर कंट्रोल न किया जाए तो दिल का दौरा, स्ट्रोक और किडनी की बीमारियां जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं.

टखने से बीपी मापना क्यों खास?

आमतौर पर हम अपने बाजू पर कफ बांधकर ब्लड प्रेशर मापते हैं, लेकिन कुछ लोगों के लिए यह तरीका मुश्किल होता है. दरअसल, अगर किसी के हाथ में चोट हो या स्ट्रोक की वजह से हाथ कमजोर हो तो टखने से बीपी मापना आसान और भरोसेमंद विकल्प हो सकता है. इस नई तकनीक में छोटा-सा डिवाइस टखने पर लगाया जाता है, जो धमनियों में खून के दबाव को मापता है. यह रीडिंग इतनी सटीक होती है कि डॉक्टरों को मरीज की सेहत का सही अंदाजा लगाने में मदद मिलती है.

किसे होगा सबसे ज्यादा फायदा?

यह तकनीक खासकर उन लोगों के लिए वरदान है, जो स्ट्रोक से गुजर चुके हैं. स्ट्रोक के बाद मरीजों को बार-बार स्ट्रोक का डर रहता है. टखने से बीपी मापकर न सिर्फ उनकी सेहत पर नजर रखी जा सकती है, बल्कि यह उनके मन को भी शांति देता है. इसके अलावा यह तकनीक बुजुर्गों, मोटापे से पीड़ित लोगों और उन मरीजों के लिए फायदेमंद है, जिनके लिए सामान्य बीपी मशीन काम नहीं करती.

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.