Home Blog Page 443

‘थामा’ की दूसरे गुरुवार की कमाई में गिरावट, फिर भी आयुष्मान खुराना के करियर की चौथी सबसे बड़ी हिट फिल्म बनी

पहले हफ्ते में ज़बरदस्त कमाई के बाद रोमांटिक हॉरर कॉमेडी फिल्म  ‘थामा’ अब बॉक्स ऑफिस पर अपने दूसरे वीकेंड में एंट्री कर चुकी है. आयुष्मान खुराना और रश्मिका मंदाना स्टारर इस फिल्म ने पहले ही 100 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है, जिससे साबित होता है कि दर्शक अब भी नई कहानियों को पसंद करते हैं. चलिए यहां जानते हैं ‘थामा’ ने रिलीज के 10वें दिन कितना कलेक्शन किया है?

‘थामा’ ने 10वें दिन कितनी की कमाई?
दिवाली रिलीज ‘थामा’ को दर्शकों और क्रिटिक्स से अच्छा रिस्पॉन्स मिला है. इस हॉरर कॉमेडी फिल्म की शुरुआत ही धमाकेदार हुई थी और इसके बाद तो इसने हर दिन शानदार कलेक्शन कर कमाल कर दिया. दिलचस्प बात ये है कि ‘एक दीवाने की दीवानियत’ और ‘कांतारा चैप्टर 1’ जैसी फिल्मों के साथ क्लैश के बावजूद, यह फिल्म हिंदी दर्शकों के बीच नंबर गेम में छाई हुई है. हालांकि इसकी कामाई में उतार-चढ़ाव भी बना हुआ है.

फिल्म के कलेक्शन की बात करें तो 24 करोड़ से खाता खोलने वाली इस फिल्म ने 18.6 करोड़ रुपये दूसरे दिन, 13 करोड़ रुपये तीसरे दिन, 10 करोड़ रुपये चौथे दिन, 13.1 करोड़ रुपये पांचवें दिन, 12.6 करोज़ रुपये छठे दिन, 4.3 करोड़ रुपये 7वें दिन. 5.75 करोड़ रुपये 8वें दिन और 3.65 करोड़ रुपये 9वें दिन जोड़े.

    • वहीं सैकनिल्क की अर्ली ट्रेंड रिपोर्ट के मुताबिक ‘थामा’ ने रिलीज के 10वें दिन यानी दूसरे गुरुवार को 3.25 करोड़ का कलेक्शन किया है.
    • इसी के साथ ‘थामा’ की 10 दिनों की कुल कमाई अब 108.25 करोड़ रुपये हो गई है.

‘थामा’ ने तोड़ा ‘ड्रीम गर्ल 2’ का रिकॉर्ड?
‘थामा’ ने रिलीज के 10वें दिन सबसे कम कलेक्शन किया है. हालांकि ये फिल्म ड्रीम गर्ल 2 के 106.36 करोड़ के लाइफ टाइम कलेक्शन को मात देकर आयुष्मान खुराना की चौथी सबसे बड़ी फिल्म बन गई है. अब इसके निशाने पर बाला (116.38 करोड़) है. ये फिल्म अब अक्षय कुमार की ‘जॉली एलएलबी 3’ के भारत में नेट लाइफटाइम कलेक्शन 117.06 करोड़ को मात देने से भी इंचभर दूर रह गई है. ऐसा करने के लिए ‘थामा’ को बस 8 करोड़ कमाने की और जरूरत है. उम्मीद है कि दूसरे वीकेंड पर फिल्म ये उपलब्धि हासिल कर लेगी.

‘थामा’ के बारे में
‘थामा’ का निर्देशन आदित्य सरपोतदार ने किया है और इस फिल्म में आयुष्मान खुराना, रश्मिका मंदाना, नवाजुद्दीन सिद्दीकी और परेश रावल ने अहम रोल प्ले किया है.

हेल्थ टिप्स :भारत की आधी आबादी में विटामिन D की कमी! सबसे ज्यादा प्रभावित हैं युवा और वयस्क वर्ग

विटामिन D हमारे शरीर के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व है. इसे सनशाइन विटामिन भी कहा जाता है क्योंकि यह शरीर में तब बनता है जब हमारी स्किन पर सूरज की रोशनी पड़ती है. यह विटामिन कैल्शियम और फास्फोरस को शरीर में अवशोषित करने में मदद करता है, जिससे हमारी हड्डियां मजबूत, मसल्स हेल्दी और इम्यून सिस्टम बेहतर रहता है. हैरानी की बात यह है कि सूरज की इतनी रोशनी होने के बावजूद, भारत में हर दूसरा व्यक्ति विटामिन D की कमी से जूझ रहा है.

हाल ही में मेट्रोपोलिस हेल्थकेयर लिमिटेड द्वारा की गई एक बड़ी स्टडी ने इस स्थिति पर गहरी चिंता जताई है. यह रिसर्च 6 साल तक चली और इसमें देशभर के 20 लाख से ज्यादा लोगों के टेस्ट शामिल किए गए. रिपोर्ट में सामने आया कि लगभग 46.5 प्रतिशत भारतीयों में विटामिन D की गंभीर कमी है, जबकि 26 प्रतिशत लोगों में इसका लेवल पूरा नहीं है यानी देश की करीब तीन-चौथाई आबादी में विटामिन D की कमी या कमी की संभावना मौजूद है. तो आइए जानते हैं इस स्टडी की खास बातें, उसके नतीजे और विशेषज्ञों की राय क्या है.

6 साल तक चला देशभर की बड़ी रिसर्च 

मेट्रोपोलिस हेल्थकेयर लिमिटेड ने 2019 से जनवरी 2025 तक देशभर में करीब 20.2 लाख लोगों के विटामिन D टेस्ट किए. इन नतीजों से पता चला कि लगभग हर दूसरा भारतीय विटामिन D की कमी से पीड़ित है. इस रिसर्च के मुताबिक देश में आधी आबादी विटामिन D की कमी से जूझ रही है. रिसर्च में पाया गया कि भारत में करीब हर 4 में से 3 लोगों में विटामिन D की कमी या कमी का खतरा है.

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में विटामिन D की कमी सिर्फ आम कारणों से नहीं, बल्कि लाइफस्टाइल और खान-पान की वजह से भी बढ़ रही है. जैसे लोग दिनभर ऑफिस या घर के अंदर रहते हैं, धूप में निकलने की आदत कम हो गई है, डाइट में विटामिन D से भरपूर चीजें जैसे अंडा, मछली, दूध, घी आदि की कमी है. हालांकि 2019 से 2024 के बीच थोड़ा सुधार देखने को मिला. जिसमें पहले जहां 51 प्रतिशत लोग इसकी कमी से जूझ रहे थे, वहीं 2023-24 में यह दर घटकर 43 प्रतिशत रह गई.

बच्चे और टीनएजर्स सबसे ज्यादा प्रभावित

13 से 18 साल के टीनएजर्स में विटामिन D की कमी सबसे ज्यादा पाई गई. यानी हर 10 में से करीब 7 टीनएज में इसकी कमी थी, जिसका कारण ऑनलाइन पढ़ाई, मोबाइल पर ज्यादा समय बिताना और बाहर खेलने का समय कम होना है. वहीं, पहले महिलाओं में विटामिन D की कमी ज्यादा पाई जाती थी, लेकिन अब अंतर घट गया है. अब महिलाओं में कमी 46.9 प्रतिशत हो गई है और पुरुषों में कमी 45.8 प्रतिशत हो गई है. विशेषज्ञ मानते हैं कि यह बदलाव महिलाओं में पोषण और स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता के कारण हुआ है.

अलग-अलग राज्यों में अलग हालात

भारत के विभिन्न हिस्सों में विटामिन D की कमी में बड़ा अंतर देखा गया. जैसे दक्षिण भारत में सबसे ज्यादा कमी, 51.6 प्रतिशत, खासकर केरल, पुडुचेरी और तमिलनाडु में, इसके अलावा मध्य भारत में 48.1 प्रतिशत लोगों में कमी, उत्तर भारत में  44.9 प्रतिशत लोगों में कमी, पश्चिम भारत  थोड़ी बेहतर स्थिति, 42.9 प्रतिशत कमी, उत्तर-पूर्व भारत सबसे कम कमी 36.9 प्रतिशत क्योंकि वहां के लोग ज्यादा समय बाहर बिताते हैं और डाइट में विविधता होती है.

एक्सपर्ट्स का कहना है क्या करें 

1. रोजाना 15 से 20 मिनट धूप में समय बिताएं.

2. डाइट में अंडे, दूध, पनीर, दही, मछली, मशरूम, घी और फोर्टिफाइड फूड्स शामिल करें.

3. डॉक्टर की सलाह से विटामिन D सप्लीमेंट या ड्रॉप्स ले सकते हैं.

4. नियमित ब्लड टेस्ट कराकर अपने विटामिन D और कैल्शियम का स्तर जांचते रहें.

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

पाकिस्तान-अफगानिस्तान के रिश्तों में नरमी आयी! तुर्किए की मध्यस्थता से बनी बात, शहबाज सरकार ने मान लिया सीजफायर के लिए

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच लंबे वक्त से तनाव चल रहा है. पाक के हवाई हमलों के बाद तालिबान ने भी करारा जवाब दिया था. पाक प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ इसके बाद बैकफुट पर आ गए थे. अब दोनों देशों के बीच सीजफायर पर सहमति बन गई है. इसमें तुर्किए और कतर ने अहम भूमिका निभाई है. तुर्किए ने एक सामूहिक बयान जारी करते हुए कहा कि 6 नवंबर को फिर से मीटिंग होगी.

तुर्किए के विदेश मंत्रालय ने एक जॉइंट स्टेटमेंट में कहा, ”पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच 18-19 अक्टूबर को दोहा में सीजफायर पर सहमति बनी थी, इसके बाद 25 से 30 अक्टूबर को इस्तांबुल में अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तुर्किए और कतर की मध्यस्थता में मीटिंग हुई. इस दौरान सभी पक्षों सीजफायर को मजबूत करने को लेकर बात की.”

6 नवंबर को फिर से होगी मीटिंग

अहम बात यह भी है कि तालिबान और इस्लामाबाद के बीच अब एक बार फिर से 6 नवंबर को इस्तांबुल में हाईलेवल मीटिंग होगी, जिसमें सीजफायर की आगे की रूपरेखा तय की जाएगी. तुर्किए के विदेश मंत्रालय ने इसको लेकर कहा कि सभी पक्ष इस बात पर सहमत हुए हैं कि शांति बनाए रखने के साथ सीजफायर तोड़ने वाले को दंडित करने के लिए एक मॉनिटरिंग मैकेनिज्म बनाना चाहिए.

Joint Statement on the Talks Between Afghanistan and Pakistan Through the Mediation of Türkiye and Qatar https://t.co/y1SH30i88Q pic.twitter.com/wH4GW3SC9k

— Turkish MFA (@MFATurkiye) October 30, 2025

अफगानिस्तान ने पाकिस्तान को दिया करारा जवाब

इस महीने की शुरुआत में काबुल में हुए धमाकों के बाद पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया था. तालिबान सरकार ने इसका करारा जवाब दिया और पाक सेना पर अटैक कर दिया. अफगान अधिकारियों का दावा है कि उन्होंने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें 58 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, जबकि पाकिस्तान की सेना ने कहा कि उसके 23 सैनिक मारे गए.

इस युद्ध के बाद कतर ने एक बैठक रखी, जिसके बाद अस्थायी युद्धविराम पर सहमति बनी. फिर इस्तांबुल में चार दिनों तक हुई बातचीत बिना किसी समझौते के खत्म हो गई, लेकिन तुर्किए और कतर के प्रयासों से दोनों पक्ष फिर से बातचीत के लिए टेबल पर लौट आए. अब सीजफायर पर सहमति बन गई है.

Women’s World Cup Final Ind vs SA: भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका वर्ल्ड कप फाइनल: जानिए कब, कहां और किस समय होगा बड़ा मुकाबला — पूरी डिटेल एक क्लिक में

भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने वो कर दिखाया जो आज तक किसी ने नहीं किया था. मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में हरमनप्रीत कौर की टीम ने ऑस्ट्रेलिया जैसी दिग्गज टीम को 339 रन का पहाड़ जैसा लक्ष्य चेज कर हरा दिया. यह महिला ODI का सबसे सफल रनचेज है. इस जीत के साथ भारत ने महिला वर्ल्ड कप 2025 के फाइनल में जगह बना ली है. अब मुकाबला होगा भारत बनाम साउथ अफ्रीका और खास बात यह है कि दोनों टीमों ने आज तक कभी वर्ल्ड कप नही जीता है. यानी इस बार महिला क्रिकेट को नया विश्व चैंपियन जरूर मिलेगा.

कब और कहां खेला जाएगा फाइनल मुकाबला

2 नवंबर (रविवार) को भारत और साउथ अफ्रीका के बीच महिला वर्ल्ड कप का फाइनल मुकाबला होगा. यह मैच भी नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में ही होगा. वहीं मैदान, जहां भारत ने सेमीफाइनल में रिकॉर्ड जीत हासिल की. ऐसे में टीम इंडिया के आत्मविश्वास का स्तर इस समय चरम पर है.

भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर और साउथ अफ्रीकी कप्तान लौरा वान डेर वाट दोपहर 2:30 बजे टॉस के लिए मैदान पर उतरेंगी, जबकि मैच की शुरुआत 3 बजे से होगी. फाइनल में स्टेडियम खचाखच भरे रहने की उम्मीद है, क्योंकि भारत अब इतिहास रचने से सिर्फ एक कदम दूर है.

अब तक कैसा रहा दोनों टीमों का सफर

साउथ अफ्रीका ने टूर्नामेंट के ग्रुप स्टेज में शानदार प्रदर्शन किया था. टीम ने 7 में से 5 मुकाबलों में जीत हासिल की, जबकि 2 मैचों में हार झेलनी पड़ी. दूसरी ओर, भारत का ग्रुप स्टेज थोड़ा उतार-चढ़ाव वाला रहा, लेकिन टीम ने सही वक्त पर फॉर्म पकड़ी. भारत ने 7 में से 3 मैच अपने नाम किए, 3 में हार का सामना किया और 1 मैच टाई रहा.

हालांकि, सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया पर भारत की जीत ने पूरी कहानी बदल दी. टीम ने 8 साल से अजेय रही ऑस्ट्रेलियाई टीम को बाहर का रास्ता दिखाया. इस मुकाबले में भारत की जेमिमा रोड्रिग्स ने 118 गेंदों पर 136 रन की धमाकेदार पारी खेलते हए शानदार शतक जड़ा. कप्तान हरमनप्रीत कौर ने भी तेजतर्रार पारी खेलकर टीम को जीत की राह पर बनाए रखा. दोनों बल्लेबाजों ने मैच का रुख पूरी तरह भारत की ओर मोड़ दिया.

यह जीत न सिर्फ ऐतिहासिक थी, बल्कि इससे भारतीय टीम का आत्मविश्वास भी चरम पर पहुंच गया है. अब टीम इंडिया की नजर फाइनल में अपनी किस्मत बदलने और पहली बार विश्व कप ट्रॉफी जीतने पर होगी.

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस का बयान हुआ वायरल — बोले, “मेरी इच्छा है कि मेरी पत्नी ऊषा एक दिन ईसाई धर्म अपनाये ”

अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस चाहते हैं कि उनकी पत्नी ऊषा वेंस भी ईसाई धर्म अपनाएं. यह बात उन्होंने मिसिसिपी में आयोजित टर्निंग पॉइंट यूएसए के एक कार्यक्रम में कही. वेंस ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि उनकी पत्नी उषा वेंस, जो हिंदू परिवार में पली-बढ़ी हैं, एक दिन कैथोलिक चर्च से प्रभावित होकर ईसाई धर्म अपनाएंगी.

कार्यक्रम में जब जेडी वेंस से पूछा गया कि क्या उनकी पत्नी ‘कभी ईसाई धर्म अपनाएंगी,’ तो उन्होंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया-‘ज्यादातर रविवार को उषा मेरे साथ चर्च आती हैं. मैं हमेशा उनसे कहता हूं कि हां, मैं चाहता हूं कि वे भी उसी चीज से प्रभावित हों जिससे मैं हुआ हूं. मैं ईसाई धर्म में विश्वास करता हूं और चाहता हूं कि एक दिन मेरी पत्नी भी उसे उसी तरह समझें.’

रिश्ते में कोई तनाव नहीं – वेंस
जेडी वेंस ने आगे कहा कि धर्म का अंतर उनके रिश्ते में कोई तनाव नहीं लाता. अगर वह (उषा) ईसाई धर्म नहीं भी अपनातीं, तो भी यह मेरे लिए कोई समस्या नहीं है. भगवान ने हर इंसान को स्वतंत्र इच्छा दी है. ये बातें आप अपने परिवार और अपने प्रियजनों के साथ मिलकर तय करते हैं.

वेंस ने 2019 में अपनाया कैथोलिक धर्म
जेडी वेंस ने साल 2019 में कैथोलिक धर्म अपनाया था. उन्होंने बताया कि जब उनकी मुलाकात उषा से हुई थी, तब वे खुद को अज्ञेयवादी या नास्तिक मानते थे. बाद में उन्होंने धर्म की ओर रुख किया. उनके बच्चे अब ईसाई परिवेश में पल रहे हैं और एक क्रिश्चियन स्कूल में पढ़ते हैं.

ईसाई मूल्य ही अमेरिका की नींव हैं- उपराष्ट्रपति
कार्यक्रम के दौरान वेंस ने अपने संबोधन में कहा कि वे अमेरिका को ईसाई मूल्यों पर आधारित देश मानते हैं. उन्होंने कहा-‘मैं ये कहने में कोई हिचक नहीं रखता कि ईसाई मूल्य इस देश की नींव हैं. जो लोग कहते हैं कि उनका नजरिया तटस्थ है, उनके पीछे भी कोई एजेंडा छिपा होता है. कम से कम मैं ईमानदारी से कहता हूं कि मुझे लगता है कि देश का ईसाई आधार एक अच्छी चीज है.’

भारतीयों के खिलाफ बढ़ी नफरत के बीच आया बयान
जेडी वेंस का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब अमेरिका में H-1B वीजा और भारतीय प्रवासियों को लेकर बहस तेज हो गई है. हाल के महीनों में भारतीयों के खिलाफ नस्लीय टिप्पणियों और नफरत भरे भाषणों के मामले बढ़े हैं. कई समूहों ने भारतीय नागरिकों को देश से बाहर निकालने की मांग तक की है.