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Health Tips“ये 5 खाद्य पदार्थ रात की अच्छी नींद बिगाड़ देते हैं, जानें सोने से पहले इन्हें खाने से क्यों बचना चाहिए।”

कुछ लोगों की सबसे बड़ी समस्या रहती है बिस्तर पर जाने के बाद भी नींद नहीं आती है। जैसे ही आंख बंद करने की कोशिश करते है कि तो दिमाग में विचार चलने लगते हैं, शरीर तो थक चुका होता है पर नींद का कुछ नहीं पता चलता है। इसके पीछे की वजह दिन भर की थकान नहीं, बल्कि रात में खाया गया गलत खाना भी आपकी नींद को बुरी तरह प्रभावित करता है। अगर रात भर अच्छे से नहीं सोए, तो अगला दिन सुस्त, चिड़चिड़ा और थका हुआ लगता है। अगर आप सोने से पहले कुछ चीजें खाते हैं, तो यह सही है या नहीं। कुछ फूड्स ऐसे होते है कि जो आपके दिमाग को एक्टिव कर देते हैं, कई बार तो एसिडिटी बढ़ा देते हैं या पेट को भारी कर देते हैं। आइए आपको बताते हैं कौन-से 5 फूड्स हैं, जिन्हें सोने से पहले खाने की कभी गलती नहीं करनी चाहिए।

मसालेदार खाना

रात के समय तेज मसाले, लाल मिर्च या तला-भुना मसालेदार खाना खाने से पेट में गरमी बढ़ सकती है। इसका परिणाम अक्सर एसिडिटी, जलन और सीने में भारीपन के रूप में सामने आता है। ऐसे लक्षण शरीर को पूरी तरह आराम नहीं करने देते, जिससे नींद आने में देर हो जाती है।

चॉकलेट

रात के समय कुछ लोग चॉकलेट जरुर खाते हैं। लेकिन सोने से पहले खाना सही विकल्प नहीं है। इसमें कैफीन और शुगर दोनों होते हैं, जो दिमाग को एक्टिव करते हैं और नींद आने से रोकते हैं। डार्क चॉकलेट में सबसे ज्यादा कैफीन की मात्रा होती है।

कॉफी और एनर्जी ड्रिंक्स

अगर आप रात के समय कॉफी या कोल्ड कॉफी, ग्रीन टी या एनर्जी ड्रिंक्स पीते हैं, तो यह आपकी नींद में खलल डाल देता है। इसमें मौजूद कैफीन लगभग आपको 6-8 घंटे तक असर करता है। अगर आप शाम या रात को इनका सेवन करते हैं, तो आपका शरीर स्लीप मोड में नहीं जाता है। जिसके बाद आपको नींद नहीं आती है। 

भारी और तला हुआ खाना

रात के समय अगर आप पनीर, छोले-भटूरे, पिज्जा, बर्गर या बहुत ज्यादा तले हुए फूड आइट्मस नहीं खाने चाहिए। इससे पेट भारी महसूस करता है। पाचन धीमा हो जाता है और नींद के दौरान भी शरीर खाना पचाने में ज्यादा समय ले लेता है। जिस कारण से गहरी नींद नहीं आती है।

मीठे स्नैक्स और डेजर्ट

रात के समय केक, मिठाई, आइसक्रीम, शक्कर वाली चीजें ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ाती है। शुगर आपके शरीर को एक्टिव करता है, जिससे नींद आने में देर होती है और नींद टूट-टूटकर आती है।

रात के समय किस तरह का खाना खा सकते हैं?

– एक गिलास गुनगुना दूध

– केला

– मुट्ठीभर मेवे

– ओट्स

– दलिया

Early Warning Signs Of Weak Heart:“गर्दन का यह टेस्ट करवा लें तो हार्ट अटैक का जोखिम काफी हद तक कम हो सकता है—और इसे सिर्फ 15–20 मिनट लगते हैं।”

 हार्ट की बीमारी के शुरुआती संकेत अक्सर नजरअंदाज हो जाते हैं, क्योंकि इनके लक्षण थकान या बढ़ती उम्र के सामान्य बदलाव जैसे लगते हैं. लेकिन एक नई स्टडी बताती है कि सिर्फ एक सरल गर्दन की स्कैनिंग से पुरुषों में हार्ट फेलियर के शुरुआती खतरे का पता लगाया जा सकता है. इस जांच को कैरेटिड अल्ट्रासाउंड कहा जाता है. यह वही तकनीक है जो गर्भावस्था में किए जाने वाले अल्ट्रासाउंड जैसी होती है. रिसर्चर का कहना है कि डॉक्टर 60 साल से ऊपर के पुरुषों को यह जांच कराने की सलाह दे सकते हैं.

एक्सपर्ट का क्या कहना

स्टडी  की प्रमुख रिसर्चर के रूप में काम कर रहीं डॉ. एटिन्यूक अकिनमोलायन (UCL) कहती हैं कि “कैरेटिड अल्ट्रासाउंड सुरक्षित, सस्ता और बिल्कुल बिना दर्द वाला टेस्ट है. हमारे नतीजे दिखाते हैं कि यह हार्ट फेलियर के शुरुआती संकेत दे सकता है.” उन्होंने कहा कि अगर किसी मरीज की अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में जोखिम दिखता है तो वे डॉक्टर से जीवनशैली में बदलाव पर समय रहते बात कर सकते हैं, जिससे भविष्य में हार्ट फेलियर का खतरा कम हो सकता है. यह जांच 15 से 30 मिनट के बीच होती है. इसमें गर्दन पर एक छोटा सा हैंडहेल्ड डिवाइस घुमाकर कैरेटिड धमनियों की लोच यानी फ्लेक्सिबिलिटी देखी जाती है. यही धमनियां दिमाग, चेहरे और गर्दन तक खून पहुंचाती हैं.

बढ़ रहे हार्ट अटैक के मामले 

ब्रिटिश हार्ट फाउंडेशन  के मुताबिक, UK में करीब 9.2 लाख लोग हार्ट फेलियर के साथ रह रहे हैं. शरीर की बड़ी आर्टरीज सामान्य रूप से लचीली होती हैं, लेकिन उम्र और कुछ बीमारियों की वजह से ये सख्त होने लगती हैं. इससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है, हार्ट पर दबाव बढ़ता है और दिल कमजोर होने लगता है. इससे दिल का दौरा और स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ जाता है. UCL के नेतृत्व वाले इस स्टडी में 1,631 पुरुषों ( 71 से 92 वर्ष) को शामिल किया गया. डेटा ब्रिटिश रिजनल हार्ट स्टडी से लिया गया था, जिसकी शुरुआत 1970 के दशक में हुई थी. नतीजों में पाया गया कि जिन पुरुषों की कैरेटिड धमनियां सबसे कम लचीली थीं, उनमें हार्ट फेलियर का खतरा 2.5 गुना ज्यादा था.

क्या निकला निष्कर्ष

 इस पूरे स्टडी का निष्कर्ष यह निकला कि जिन पुरुषों की कैरेटिड आर्टरीज ज्यादा मोटी थीं, उनमें दिल का दौरा पड़ने का खतरा काफी ज्यादा था. हर 0.16 मिमी मोटाई बढ़ने पर हार्ट अटैक का खतरा करीब 29 प्रतिशत बढ़ जाता है. BHF के चीफ मेडिकल ऑफिसर प्रोफेसर ब्रायन विलियम्स ने कहा कि “यह स्पष्ट संकेत है कि जब कैरेटिड धमनियां सख्त हो जाती हैं, तो दिल को खून पंप करने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. इससे हार्ट फेलियर का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे किसी भी बदलाव को गंभीरता से लेना चाहिए.”

UCL के एक और स्टडी में बताया गया है कि सिर्फ 10 मिनट की एक स्कैनिंग से लाखों मरीजों में कठिन-से-काबू ब्लड प्रेशर के कारण का पता लगाया जा सकता है. यह स्कैन उन मरीजों के लिए है जिनकी एड्रिनल ग्लैंड्स जरूरत से ज्यादा एल्डोस्टेरोन नामक हार्मोन बनाती हैं. इससे शरीर में नमक का स्तर गड़बड़ हो जाता है और ब्लड प्रेशर बेहद बढ़ जाता है. हाई BP वाले हर चार में से एक व्यक्ति में यह समस्या देखी जाती है.

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Health Tips:“क्या सूरज ढलते ही इंसानी शरीर काम करना बंद कर सकता है? इन दो भाइयों की कहानी आपको चौंका देगी।”

दुनिया में कई तरह की बीमारियां होती हैं. कुछ आम, कुछ दुर्लभ और कुछ ऐसी जिनके बारे में सुनकर विश्वास करना भी मुश्किल हो जाता है. हम सब रात होते ही थककर सो जाते हैं, लेकिन यह हमारी इच्छा और शरीर की सामान्य प्रक्रिया है. ऐसे में अगर कोई कहे कि दुनिया में ऐसे बच्चे मौजूद हैं, जो सिर्फ सूरज की मौजूदगी में ही सामान्य रूप से काम कर पाते हैं तो सुनने में यह किसी कहानी जैसी बात लगेगी. हालांकि, यह कहानी नहीं, बल्कि पाकिस्तान के बलूचिस्तान में रहने वाले दो असली भाइयों की सच्चाई है, जिन्हें डॉक्टर भी अब तक नहीं समझ पाए हैं. ये दोनों भाई एक ऐसी बीमारी से पीड़ित हैं, जिसकी कोई दूसरी मिसाल पृथ्वी पर कहीं नहीं मिली. यही वजह है कि डॉक्टर और वैज्ञानिक उन्हें सोलर किड्स कहते हैं.

आखिर यह क्या बीमारी है?

बलूचिस्तान के एक छोटे से गांव में रहने वाले दो भाई दिन के समय बिल्कुल सामान्य बच्चों की तरह खेलते, पढ़ते, दौड़ते और मस्ती करते हैं, लेकिन जैसे ही शाम होने लगती है और सूरज की रोशनी कम होती जाती है, कुछ बेहद अजीब होता है उनकी एनर्जी अचानक खत्म होने लगती है, हाथ-पैर ढीले पड़ जाते हैं, चलना-फिरना लगभग बंद. बोलना भी मुश्किल और रात होते-होते वे पूरी तरह इनएक्टिव हो जाते हैं. जैसे किसी ने शरीर का स्विच ऑफ कर दिया हो. उनके माता-पिता बताते हैं कि रात में वे बिल्कुल हिल तक नहीं पाते. अगर वे बाहर हों, तो परिवार वालों को उन्हें उठाकर घर लाना पड़ता है.

क्यों कहते हैं इन्हें सोलर बॉयज?

ये दोनों सिर्फ दिन में, सूरज के रहते, सामान्य और एक्टिव होते हैं. जैसे ही सूरज की रोशनी खत्म होती है, इनकी ताकत खींच ली जाती है. शरीर ऐसा व्यवहार करता है जैसे उसे सौर एनर्जी मिलती हो. हालांकि डॉक्टरों ने साफ कहा है कि ये रोशनी की वजह से नहीं, बल्कि किसी अंदरूनी बीमारी का असर है फिर भी, इनके शरीर की यह दिन-रात वाली प्रतिक्रिया इतनी अनोखी है कि लोग इन्हें सोलर किड्स कहने लगे.

क्या दुनिया भर में सिर्फ एक परिवार इस बीमारी से पीड़ित?

डॉक्टरों और वैज्ञानिकों के अनुसार, ऐसा केस विश्व में कहीं और नहीं मिला है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह बीमारी  किसी जेनेटिक बदलाव से जुड़ी, नर्वस सिस्टम की गड़बड़ी शरीर की एनर्जी बनाने वाली प्रणाली में कोई गंभीर कमी से हो सकती है. हालांकि, अभी तक कोई भी सही कारण नहीं ढूंढ पाया है. ब्लड के नमूने दुनिया की बड़ी लैबों में भेजे गए, मिट्टी और हवा तक जांची गई, पर नतीजा अभी भी साफ नहीं है. डॉक्टर ने इसका इलाज डोपामाइन मेडिसिन बताया है. इन दोनों भाइयों को ये दवा खिलाकर रात को भी एक्टिव किया गया है. इस दवा को लेने के बाद दोनों भाई रात को उठकर खुद चल सके.
Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

शादी से पहले मस्ती का प्लान? दिल्ली के पास मौजूद ये 5 जगहें बैचलर पार्टी के लिए बिल्कुल परफेक्ट हैं

अरेंज हो या लव मैरिज, नए जीवन की शुरूआत को लेकर महिलाएं अधिक उत्साहित रहती हैं। क्योंकि उनको पता होता है कि वैवाहिक जीवन में प्रवेश करते ही उनकी जिम्मेदारी बढ़ने वाली है। ऐसे में कई महिलाएं विवाह से पहले दिल खोलकर मौज-मस्ती और पार्टी करना पसंद करती हैं। शादी से पहले जब दिल खोलकर मौज-मस्ती की बात होती है, तो बैचलर्स पार्टी की बातv जरूर होती है। वहीं कई महिलाएं अपने घर में बैचलर्स पार्टी करती हैं, तो कई महिलाएं आसपास स्थित कुछ शानदार डेस्टिनेशन की तलाश करती हैं।

ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको कुछ ऐसी शानदार और हसीन जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं, जोकि दिल्ली से करीब 5-6 घंटे की ड्राइव पर स्थित हैं। आप इन हसीन जगहों पर दिल खोलकर बैचलर पार्टी एंजॉय कर सकती हैं।

चंडीगढ़

दिल्ली एनसीआर से करीब 4-5 घंटे की ड्राइव पर आप किसी शानदार और फेमस जगह बैचलर्स पार्टी करने की सोच रही हैं, तो कई महिलाएं सबसे पहले चंडीगढ़ का रुख करती हैं। चंडीगढ़ एक बेहद खूबसूरत शहर है।

पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ अपनी शानदार पार्टी हब और नाइटलाइफ के लिए जाना जाता है। चंडीगढ़ में आपको कई रेस्तरां, बार या क्लब मिल जाएंगे, जहां पर आप दिल खोलकर बैचलर्स पार्टी एंजॉय कर सकती हैं। आप चंडीगढ़ में बैचलर्स पार्टी के लिए सेक्टर 32 जा सकती हैं।

शिवपुरी

दिल्ली एनसीआर से करीब 260 किमी दूरी पर शिवपुरी स्थित है। यह ऋषिकेश के पास में स्थित एक मनमोहक और खूबसूरत डेस्टिनेशन है, जोकि शानदार नाइट पार्टी के लिए जाना जाता है। यह एक शानदार और मनमोहक हिल स्टेशन है।

शिवपुरी की हसीन वादियों में आपको कई ऐसे टेंट हाउस और गेस्ट हाउस रेंट पर मिल जाएंगे। आप बेफिक्र होकर यहां पर अपने दोस्तों के साथ धमाकेदार अंदाज में बैचलर्स पार्टी कर सकती हैं। शिवपुरी के कई टेंट हाउस में अपना म्यूजिक सिस्टम भी होता है। शिवपुरी में बैचलर पार्टी के दौरान आपको कोई रोकने-टोकने वाला भी नहीं होगा। आप यहां पर रात भर पार्टी कर सकती हैं।

जयपुर

राजस्थान की राजधानी जयपुर अपनी ऐतिहासिक और खूबसूरत इमारतों के अलावा शानदार नाइटलाइफ के लिए भी जाना जाता है। जयपुर एक सेफ शहर माना जाता है। इसलिए यहां पर कई महिलाएं पार्टी करने से लेकर घूमने तक के लिए भी आती हैं।

जयपुर अपनी खूबसूरती के अलावा बैचलर पार्टी के लिए भी जाना जाता है। इस शहर में कई रिसॉर्ट, विला और होटल मौजूद हैं। यहां पर आप अपने दोस्तों के साथ बिना किसी फिक्र के बैचलर पार्टी एंजॉय कर सकती हैं। आप बहुत कम खर्च में द स्टैग रूफटॉप और द बूज ऑन लाउंज में बैचलर्स पार्टी एन्जॉय कर सकती हैं।

नैनीताल

अगर आप शिवपुरी से भी खूबसूरत और सुरक्षित हिल स्टेशन में बैचलर्स पार्टी खुलकर एंजॉय करना चाहती हैं, तो आपको नैनीताल की हसीन वादियों में जाना चाहिए। नैनीताल, उत्तराखंड का एक फेमस हिल स्टेशन है, जहां पर महिलाएं अक्सर अकेले घूमने के लिए पहुंचती हैं।

बता दें कि नैनीताल के पहाड़ों में कई ऐसे विला, रिसॉर्ट और क्लब मौजूद हैं, जहां पर आप अपने दोस्तों के साथ रात भर पार्टी कर सकती हैं। बैचलर्स पार्टी करने के बाद आप नैनीताल में स्नो व्यू पॉइंट, नैनी झील और टिफिन टॉप जैसी शानदार और हसीन जगहों पर घूमने के लिए जा सकते हैं।

Sports News:“WPL 2026 के लिए MI ने दमदार टीम तैयार कर ली है; नीता अंबानी ने कहा—पुराने खिलाड़ियों को दोबारा शामिल करना हमारी प्राथमिकता है।”

मुंबई इंडियंस ने WPL 2026 के लिए एक मजबूत स्क्वाड तैयार कर लिया है. 2 बार की चैंपियन MI ने नीलामी से पूर्व 5 खिलाड़ियों को रिटेन कर लिया था. वहीं ऑक्शन में मुंबई ने न्यूजीलैंड की अमेलिया केर पर 3 करोड़ रुपये लुटाए. शबनिम इस्माइल से लेकर संस्कृति गुप्ता और सजना सजीवन के वापस आने से मुंबई का स्क्वाड पहले की तरह मजबूत नजर आ रहा है. MI फ्रैंचाइजी की मालिक नीता अंबानी का कहना है कि टीम ज्यादा से ज्यादा पुराने खिलाड़ियों को खरीदना चाहती थी.

बीते गुरुवार, 27 नवंबर को हुए ऑक्शन को लेकर नीता अंबानी ने कहा, “ऑक्शन के दिन बहुत रोमांचक होते हैं, लेकिन कभी-कभी परेशानी देने वाले भी होते हैं. हमारी रणनीति 2025 की विजेता टीम के ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ियों को खरीदना था. अमेलिया केर के वापस आने और हमारे 4 खिलाड़ी: शबनिम, साइका, सजना और संस्कृति के आने से बहुत उत्साहित हूं. हम 3 युवाओं के आने से भी बहुत उत्साहित हैं, जो राहिला फिरदौस, नाल्ला क्रान्ति रेड्डी और त्रिवेणी वशिष्ठ हैं. मैं पूनम खेमनार, मिली इलिंगवर्थ और निकोला केरी का मुंबई इंडियंस परिवार में स्वागत करती हूं.”

कप्तान हरमनप्रीत कौर के अलावा नैट साइवर ब्रंट, हेली मैथ्यूज, अमनजोत कौर और जी कमलिनी को पहले ही रिटेन कर लिया था. MI ने उनके अलावा हालिया टी20 वर्ल्ड कप की प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहीं  अमेलिया केर, एस सजना, साइका इशक, संस्कृति गुप्ता और तेज गेंदबाज शबनिम इस्माइल को वापस खरीद लिया है. भारत की वर्ल्ड कप विजेता कप्तान हरमनप्रीत कौर भी नई दिल्ली में आयोजित ऑक्शन में उपस्थित रही थीं. उन्होंने ऑक्शन टेबल पर रणनीतियों में अपना योगदान दिया.

इस अनुभव पर हरमनप्रीत कौर ने कहा, “मैं शुरुआत में घबराई हुई थी, लेकिन जिस तरह हमने सबकी योजना बनाई थी और सबकी भागीदारी मुझे बहुत अच्छी लगी, खासतौर पर नीता अंबानी. वो हमेशा टीम का सबसे बड़ा सहारा बनी रही हैं और हमेशा हमारा समर्थन करती हैं. हमें हमारे ज्यादातर पुराने साथी वापस मिल गए हैं, जो दर्शाता है कि उन खिलाड़ियों पर टीम को कितना भरोसा है.”

ये 5 खिलाड़ी मुंबई इंडियंस की सफलता में महत्वपूर्ण रहे हैं, इनमें साइका, सजना और संस्कृति इस टूर्नामेंट के उभरते हुए स्टार प्लेयर रहे हैं.

नामी खिलाड़ियों के अलावा MI ने कई बार वर्ल्ड कप विजेता रह चुकीं निकोला क्रे और और युवा तेज गेंदबाज मिली इलिंगवर्थ की ऑस्ट्रेलियाई जोड़ी को भी अपने स्क्वाड में शामिल किया है.

युवा भारतीय प्रतिभा को समर्थन देने की नीति के अनुरूप मुंबई इंडियंस ने भारतीय ऑलराउंडर नाल्ला क्रान्ति रेड्डी और त्रिवेणी वशिष्ठ को शामिल करते हुए एक संतुलित टीम तैयार की है. क्रान्ति और त्रिवेणी पहली बार WPL का हिस्सा बन रही होंगी.