Home Blog Page 393

Sports News:“पहले मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका पर जीत के बाद कप्तान केएल राहुल ने कहा—‘…ऐसा कहना गलत होगा।’”

भारतीय कप्तान के एल राहुल ने रविवार को यहां पहले एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय में दक्षिण अफ्रीका को हराने के बाद अपने गेंदबाजों की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे अपनी योजना के अनुसार डटे रहे.

राहुल ने मैच के बाद सम्मान समारोह में कहा, ‘‘अगर मैं कहूं कि हम आखिर में नर्वस नहीं हुए थे तो यह झूठ होगा. हम वनडे क्रिकेट काफी समय बाद खेल रहे थे. लेकिन हम लगातार विकेट लेते रहे और हमारे गेंदबाजों ने अपनी योजनाओं पर टिके रहकर गेंदबाजी की. ’’

स्टार बल्लेबाज विराट कोहली (135 रन) के 52वें वनडे शतक के बाद तेज गेंदबाज हर्षित राणा (तीन विकेट) और कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव (चार विकेट) के झटकों की बदौलत भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 17 रन से हराकर तीन मैच की श्रृंखला में 1-0 से बढ़त बना ली.

कोहली ने दूसरे विकेट के लिए रोहित शर्मा (51 गेंद में 57 रन) के साथ 136 रन की साझेदारी निभाकर टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाया.

राहुल ने कहा, ‘‘रोहित और कोहली को ऐसे खेलते देखना हमेशा बेहतरीन होता है. उन्होंने विपक्षी टीम को दबाव में रखा और दिखाया कि वे इतने बड़े खिलाड़ी क्यों है. मैं इस चीज को काफी समय से देख रहा हूं, ड्रेसिंग रूम में उनके साथ रहना और भी ज्यादा मजेदार होता है. ’’

उन्होंने हर्षित और कुलदीप की भी तारीफ की. उन्होंने कहा, ‘‘हर्षित ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया है और हम उसकी काबिलियत जानते हैं. कुलदीप अच्छा काम कर रहे हैं और हमारे लिए विकेट झटकने के लिए अहम हैं. ’’

‘मैन ऑफ द मैच’ रहे कोहली ने कहा, ‘‘ऐसा मैच देखना शानदार रहा। 20-25 ओवर तक तेज खेला। मैं खेल का लुत्फ उठाना चाहता था. जब आपको अच्छी शुरूआत मिल जाती है तो आपका अनुभव काम आता है जिससे आप पारी आगे बढ़ाते हो. मैं ज्यादा तैयारी करने पर भरोसा नहीं रखता. मेरा सारा क्रिकेट मानसिक स्थिति का रहा है. मैं शारीरिक रूप से कड़ी मेहनत करता हूं. ’’

वहीं दक्षिण अफ्रीका के कप्तान एडन मारक्रम ने कहा, ‘‘ हम सब अंदर से जीत की उम्मीद लगाए हुए थे. शीर्षक्रम का जल्दी आउट होना मैच का निर्णायक पल था. शीर्षक्रम के विकेट जल्दी गिर गए. कुछ छोटी-छोटी बातें हैं, जिनमें हमें थोड़ा और अच्छा करना होगा. ’’

“ऋचा चड्ढा ने अपने संघर्ष भरे दिनों को याद करते हुए कहा—‘एक वक्त था जब मैं खुद को बेकार और पर्याप्त अच्छी नहीं समझती थी।’”

बॉलीवुड की जानी-मानी एक्ट्रेस ऋचा चड्ढा अक्सर बेबाक और बिंदास अंदाज के लिए जानी जाती हैं, लेकिन एक्ट्रेस का कहना है कि वे हमेशा से ही ऐसी नहीं थीं. उन्होंने मुंबई में आयोजित 15वें इंडियन फिल्म प्रोजेक्ट में अपने शुरुआती दिनों के बारे में बताया कि पहले वह बहुत डरपोक और समझौतावादी थीं.

एक्ट्रेस का कहना है कि आज भले ही लोग उन्हें आत्मविश्वासी और निडर कहते हैं, लेकिन पहले हालात बिल्कुल अलग थे.

मैं हमेशा बोल्ड और निडर नहीं थी- ऋचा चड्ढा

उन्होंने बताया, “मैं हमेशा से इतनी निडर और बोल्ड नहीं थी. अपने शुरुआती दिनों में मैं बहुत सहनशील हुआ करती थी. एक दिन सेट पर खड़ी होकर मैंने खुद से पूछा, मैंने ये फिल्म कब साइन की? मैं यहां क्या कर रही हूं? ये आइटम नंबर क्यों कर रही हूं?”

उन्होंने एक किस्सा शेयर करते हुए बताया, “एक डायरेक्टर ने मुझसे कहा कि मेल कोरियोग्राफर चाहिए और तुम्हें ऐसे-वैसे करने हैं. मैं अंदर से घबरा जाती थी कि ये लोग कौन हैं? मैं क्या कर रही हूं? मुझे समझ आया कि किसी लोकल मैनेजर ने थोड़े पैसे ले लिए होंगे और मुझे लगा होगा कि शायद यही करना चाहिए. यही इंडस्ट्री का तरीका है.

एक्ट्रेस ने बताया- मेरे लुक्स को ठीक करने की सलाह देते थे लोग

एक्ट्रेस ने बताया कि इस बीच इंडस्ट्री में लोग मुझे मेरे लुक्स को ठीक करने की सलाह देते थे. उन्होंने कहा, “लोग कहते, होंठ ठीक करवा लो, चेहरा ठीक करवाओ, गाना शूट करने से पहले पानी मत पीना. मैं सब मान लेती थी. मैंने अपने शरीर और दिमाग को बहुत तकलीफ दी. मैं खुद से कहती थी, मैं बेकार हूं, मैं अच्छी नहीं हूं.”

एक्ट्रेस ने आखिर में कहा कि ये दुनिया है, यहां लोग बस आपको छोटा दिखाने की कोशिश करते हैं.

हाल ही में एक्ट्रेस ऋचा चड्ढा और अली फजल के प्रोडक्शन हाउस पुशिंग बटन्स स्टूडियोज में बनी फिल्म ‘सीक्रेट्स ऑफ अ माउंटेन सर्पेंट’ का 82वें वेनिस इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में वर्ल्ड प्रीमियर हुआ था.

“भ्रष्टाचार समेत कई गंभीर आरोपों में चल रहे ट्रायल के बीच नेतन्याहू ने इज़रायल के राष्ट्रपति से क्षमा याचना की।”

बेंजामिन नेतन्याहू ने इजरायली राष्ट्रपति से अपने खिलाफ चल रहे मामले को खत्म कराने और बेगुनाह करार दिए जाने को लेकर क्षमादान अपील की है. उन्होंने पांच साल से चल रहे भ्रष्टाचार मामले को खत्म करने का अनुरोध करते हुए कहा कि यह माफी लोक हित में होगी.

नेतन्याहू के वकील ने 111 पन्नों का आवेदन जमा कराया

द टाइम्स ऑफ इजरायल के अनुसार आइजैक हर्जोग के कार्यालय ने प्रधानमंत्री के वकील से 111 पन्नों के विस्तृत दस्तावेज मिलने की बात मानी और कहा कि इसे न्याय मंत्रालय के माफी विभाग को भेज दिया गया है. इसमें आगे कहा गया कि हर्जोग के फैसला लेने से पहले राष्ट्रपति के कानूनी सलाहकार भी एक राय बनाएंगे.

उनके कार्यालय के एक बयान में कहा गया, “राष्ट्रपति के दफ्तर को पता है कि यह एक बहुत बड़ा अनुरोध है जिसके बड़े मतलब हैं. सभी जरूरी राय मिलने के बाद, राष्ट्रपति जिम्मेदारी से और ईमानदारी से इस अनुरोध पर विचार करेंगे.”

ट्रंप भी कर चुके हैं नेतन्याहू का बचाव

इजरायल में सजा से पहले राष्ट्रपति की ओर से क्षमादान दिए जाने का मामला न के बराबर है. एक उदाहरण 1986 का मिलता है, जब शिन बेट सिक्योरिटी सर्विस से जुड़े एक खास मामले के भ्रष्टाचार मामले में बिना गुनाह कबूल किए ही आरोपी को माफी दे दी गई थी. डोनाल्ड ट्रंप के हर्जोग को लिखी चिट्ठी के कुछ हफ्ते बाद ये निवेदन किया गया है. ट्रंप ने भी राष्ट्रपति से नेतन्याहू को माफ करने के लिए कहा था.

 भ्रष्टाचार समेत इन सीरियस केस में चल रह ट्रायल

नेतन्याहू पर पिछले पांच साल यानी 2020 से रिश्वत, धोखाधड़ी और देश का भरोसा तोड़ने के आरोप में ट्रायल चल रहा है. इन आरोपों में अमीर समर्थकों को तोहफे या पॉजिटिव मीडिया कवरेज के बदले में कथित तौर पर राजनीतिक फायदे का दावा किया जाता रहा है.

नेतन्याहू इन आरोपों को खारिज करते रहे हैं. वो इसे मीडिया, पुलिस और न्यायपालिका की ओर से किया गया विच-हंट बताते रहे हैं. दूसरी ओर इस माफीनामे की खबर का पता चलते ही विपक्ष मुखर हो गया है. आलोचकों ने उन पर आरोप लगाया है कि वह अपने गठबंधन को एक साथ रखने के लिए गाजा में युद्ध को लंबा खींच रहे हैं ताकि वह पद पर बने रह सकें और अपने कानूनी खतरे से बच सकें.

इस सबके बीच अपनी कानूनी फाइलिंग में शामिल एक छोटे से पत्र और रविवार को जारी एक टेलीविजन बयान में, नेतन्याहू ने तर्क दिया कि नेतन्याहू ने कहा, हालांकि उन्हें अदालत में अपनी बेगुनाही साबित करने में व्यक्तिगत रुचि है, लेकिन ‘देश हित’ में मुकदमे को तुरंत समाप्त करना जरूरी है.”

“Health News: टॉयलेट में की गई यह गलती पेल्विक फ्लोर मांसपेशियों को नुकसान पहुँचा सकती है, जानें इससे बचने के सही तरीके।”

कहते हैं कि डेली लाइफ की छोटी-छोटी आदतें हमारी सेहत को बनाने या फिर बिगाड़ने का काम करती हैं। आपके उठने-बैठने, खाने-पीने और चलने-फिरने जैसी छोटी-छोटी चीजें सेहत को प्रभावित कर सकती हैं। यहां तक कि आप टॉयलेट किस तरह से करती हैं, यह भी काफी मायने रखता है। महिलाएं अक्सर टॉयलेट जब जाती हैं, तो एक सबसे बड़ी गलती करती हैं, जिसका खामियाजा पेल्विक फ्लोर हेल्थ को भुगतना पड़ता है।

बाथरूम की कुछ सामान्य आदतें पेल्विक फ्लोर को नुकसान पहुंचा सकती हैं। जिसके बारे में ज्यादातर महिलाओं को नहीं पता है। ज्यादातर महिलाएं जब टॉयलेट जाती हैं, तो फौरन बाथरूम की ओर भागती हैं और कुछ ही सेकेंड में काम निपटाने की कोशिश करते हैं। इसके लिए एक्स्ट्रा जोर लगाते हैं, जिससे कि पेशाब जल्दी हो सके। ऐसा करने से आपको कई नुकसान हो सकते हैं।

पावर पीइंग

पावर पीइंग के बारे में शायद आपने पहली बार सुना हो। यह पेल्विक फ्लोर की कमजोरी और यूरिनरी लीकेज में एक बड़ा भागीदार है। पावर पीइंग का मतलब है कि पेशाब करने के लिए जोर लगाना, अक्सर तेजी से पेशाब करना आदि। अगर आप टॉयलेट करने के दौरान यूरीन स्ट्रीम को पुश कर रहे हैं, जिससे कि वह तेजी से बाहर आ जाए। या फिर जितनी जल्दी हो सके काम पूरा करने के लिए दबाव डाल रहे हैं। तो आप पावर पीइंग कर रहे हैं।

पावर पीइंग के नुकसान

लोग टॉयलेट को बहुत देर तक रोके रखने के नुकसानों के बारे में तो बात करते हैं। लेकिन इसके बारे में नहीं जानते हैं कि पेशाब करने के दौरान लगाया जाने वाला एक्स्ट्रा जोर आपके पेल्विक फ्लोर हेल्थ को कितना नुकसान पहुंचा सकता है। जबकि ऐसा कई लोग करते हैं। जैसे जब कैब घर के बाहर आकर खड़ी हो तो काम निबटाने के चक्कर में अधिक जोर लगाकर पेशाब करती होंगी। या फिर बच्चे के रोने पर फौरन जोर लगाकर टॉयलेट को खत्म करना चाहती होंगी। लेकिन ऐसा करना आपकी सेहत के लिए हानिकारक है। असल में मूत्राशय को खाली करने के लिए ज्यादा जोर लगाने की जरूरत नहीं है। क्योंकि टॉयलेट पुश करने से एक्स्ट्रा दबाव पड़ता है। जोकि समय के साथ पेल्विक फ्लोर की हेल्थ को नुकसान पहुंचा सकता है।

छोड़ दें ये आदतें

एक्सपर्ट की मानें, तो अपने ब्लैडर को खाली करने के लिए एक्स्ट्रा जोर लगाने की जोर नहीं हैं। क्योंकि ब्लैडर वॉल पेशाब को बाहर धकेलने का काम करती है। लेकिन अगर आप पुश करते हैं, तो इससे एक्स्ट्रा दबाव के समय के साथ पेल्विक फ्लोर की मसल्स और लिगामेंट्स को स्ट्रेच कर सकता है। पेल्विर फ्लोर की कमजोरी, यूरिनरी लीकेज और यहां तक पेल्विक ऑर्गन प्रोलैप्स की वजह बन सकता है। इससे बचने के लिए आपको पावर पीइंग की आदत को छोड़ना होगा।

पेशाब करने का सही तरीका

अब जब आपने यह जान लिया है कि आप एक आदत से सेहत को क्या-क्या नुकसान पहुंच रहा है। इसलिए आपका यह जानना जरूरी है कि किस तरह से टॉयलेट करना सेफ है। जिससे कि आप इन नुकसानों से बचा जा सके। इसके लिए आपको दो बातों का ख्याल रखना चाहिए।

सही से बैठें और रिलैक्स करें

अपने पूरे शरीर का वेट सीट पर रखें और आराम से बैठ जाएं। क्योंकि टॉयलेट सीट पर झूलने से आपकी पेल्विक फ्लोर की मसल्स टाइट हो जाती है। जिससे ब्लैडर को पूरी तरह से खाली करना मुश्किल हो सकता है। वहीं कुछ गहरी सांसें लें और वजाइनल मसल्क को रिलैक्स करें। ऐसा करने से यूरिनरी स्फिंकटर को रिलैक्स होने में सहायता मिलती है और पेशाब का फ्लो आसानी से आ जाता है।

पुश नहीं करें

कभी भी टॉयलेट करने के दौरान एक्स्ट्रा पुश न करें। जोकि आप लास्ट की कुछ बूंदों को खाली करने के लिए करते होंगे। अगर लगे कि लास्ट में कुछ बूंदे बची हैं, तो अपने हिप्स को दाएं-बाएं हिलाएं। इसके अलावा खड़ी होकर दोबारा बैठने का प्रयास कर सकती हैं। जिससे कि बचा हुआ पेशाब बाहर आ जाए। हमेशा याद रखें कि पेशाब करते समय पुश या स्ट्रेन न डालें। पेल्विक फ्लोर की दिक्कतों से बचने के लिए टॉयलेट में अपना समय लें और पावर पीइंग करने से बचें।

“मस्क फिर से ट्रंप के खिलाफ खुले—कहा, ‘भारतीयों से अमेरिका को जबरदस्त फायदा मिला’, जानें H-1B वीज़ा पर उनका क्या कहना है।”

अमेरिका में जारी एच-1बी वीजा को लेकर जारी चर्चा के बीच टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि प्रतिभाशाली भारतीयों से अमेरिका को बहुत फायदा हुआ है. उन्होंने अमेरिका में टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को आकार देने में अप्रवासी प्रतिभाशाली की भूमिका को स्वीकार किया है.

भारतीयों से US को बहुत फायदा हुआ: मस्क

एलन मस्क ने वैश्विक कंपनियों में शीर्ष पद पर भारतीय मूल के लोगों के होने का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, “वेस्टर्न कंपनियों में  हमारे सभी भारतीय मूल के सीईओ हैं.” ब्रोकिंग फर्म जीरोधा के को-फाउंडर निखिल कामथ के पॉडकास्ट में मस्क ने कहा, “अमेरिका लंबे समय से दुनिया भर से इंटेलिजेंट लोगों को आकर्षित करता रहा है, जिस वजह से भारत में पलायन की स्थिति भी पैदा हुई. मुझे लगता है कि अमेरिका आए प्रतिभाशाली भारतीयों से अमेरिका का बहुत फायदा हुआ है.”

एच-1बी वीजा और इमिग्रेशन पर ट्रंप की राय

व्हाइट हाउस ने मंगलवार (25 नवंबर 2025) को एच-1बी वीजा पर डोनाल्ड ट्रंप की सोच का बचाव करते हुए कहा कि इस मामले पर राष्ट्रपति का नजरिया संतुलित और सामान्य समझ पर आधारित है. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि ट्रंप विदेशी कामगारों को केवल शुरुआती समय में आने देंगे, ताकि बड़ी कंपनियां जब अमेरिका में नए कारखाने लगाएं तो काम शुरू हो सके, लेकिन आगे चलकर उन जगहों पर अमेरिकी कामगार ही रखे जाएंगे.

उन्होंने कहा कि कई लोग राष्ट्रपति की सोच को ठीक से समझ नहीं पाए हैं. ट्रंप ने विदेशी कंपनियों से साफ कहा है कि अगर वे अमेरिका में निवेश कर रही हैं तो उन्हें अमेरिकी लोगों को ही नौकरी देनी होगी. यह बयान ऐसे समय पर आया है जब कुछ दिन पहले ही ट्रंप ने लीगल इमिग्रेशन का समर्थन किया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह टेक से जुड़ी इंडस्ट्रीज में अमेरिकी वर्कर्स को ट्रेनिंग देने के लिए विदेश से हजारों लोगों का स्वागत करेंगे.

‘विदेशी वर्कफोर्स अमेरिकी को कंप्यूटर चिप्स बनाना सिखाएगी’

ट्रंप ने उदाहरण देते हुए कहा था कि अरबों डॉलर खर्च करके एरिजोना में बड़ा कंप्यूटर चिप कारखाना खोलने वाली कंपनियां बेरोजगारों की लाइन से लोगों को उठाकर ऐसे कारखाने नहीं चला सकतीं. उन्हें शुरुआत में हजारों विशेषज्ञ लाने पड़ेंगे और वे इसका स्वागत करते हैं. उन्होंने आगे कहा कि विदेशी वर्कफोर्स हमारे लोगों को कंप्यूटर चिप्स और दूसरी चीजें बनाना सिखाएगी. ट्रंप ने माना कि इस सोच के कारण उन्हें अपने समर्थकों की कुछ आलोचना झेलनी पड़ सकती है.

ट्रंप-मस्क के रिश्तों में पड़ी दरार

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में एलन मस्क ने ट्रंप ने अपनी पूर्ण समर्थन दिया था और कई जगहों पर उनके लिए कैंपेन भी की थी. वो ट्रंप के साथ चुनाव प्रचार अभियान में शामिल हुए और Make America Great Again का नारा देने लगे. ट्रंप प्रशासन के शुरुआती दिनों में मस्क डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी (DOGE) का सबसे सार्वजनिक चेहरा बन गए. इसके कुछ दिनों बाद दोनों की दोस्ती में दरार पड़ गई और दोनों सार्वजनिक मंचों पर एक-दूसरे के खिलाफ हमला बोल रहे हैं.