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Monsoon Tourism 2026: अगस्त में सुकून के लिए घूम आएं ये 4 बजट डेस्टिनेशन, कम पैसों में करें मानसून एंजॉय

Monsoon Tourism 2026: अगस्त में मानसून अपने पूरे रंग में होता है। पहाड़ों पर हरियाली, झरनों की तेज धार और बादलों से ढकी चोटियां घूमने का अनुभव और भी खास बना देती हैं। अगर आप इस मौसम में ट्रिप प्लान कर रहे हैं, लेकिन ज्यादा भीड़ और भारी खर्च से बचना चाहते हैं, तो देश की कुछ कम चर्चित जगहें आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकती हैं।

हम आपको ऐसी ही चार जगहों के बारे में बता रहे हैं, जहां प्रकृति, शांति और रोमांच का आनंद अपेक्षाकृत कम बजट में लिया जा सकता है।

1. जंजैहली घाटी, हिमाचल प्रदेश

शिमला और मनाली जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों की तुलना में जंजैहली घाटी काफी शांत विकल्प है। मंडी जिले में स्थित यह क्षेत्र मानसून के दौरान हरियाली से भर जाता है। आसपास के पहाड़, सेब के बागान और हरे मैदान यहां की खूबसूरती बढ़ा देते हैं।

नेचर वॉक, ट्रेकिंग और शांत वातावरण पसंद करने वालों के लिए यह जगह अच्छी हो सकती है। मानसून में यहां का मौसम बेहद सुहावना रहता है, हालांकि पहाड़ी इलाकों में बारिश के दौरान यात्रा की स्थिति पहले जांच लेना जरूरी है।

कैसे पहुंचें?

  • दिल्ली से मंडी या आसपास के क्षेत्र तक बस से पहुंचा जा सकता है।
  • मंडी से जंजैहली के लिए स्थानीय बस या टैक्सी का विकल्प उपलब्ध रहता है।
  • ट्रेन से आने वाले यात्री चंडीगढ़ या ऊना तक पहुंचकर आगे सड़क मार्ग से यात्रा कर सकते हैं।

2. ओरछा और गढ़कुंडार, मध्य प्रदेश

अगर आपको इतिहास, वास्तुकला और प्रकृति तीनों पसंद हैं, तो ओरछा और गढ़कुंडार का ट्रिप अच्छा विकल्प हो सकता है।

बेतवा नदी के किनारे बसा ओरछा अपने ऐतिहासिक महलों, मंदिरों और छतरियों के लिए प्रसिद्ध है। मानसून के दौरान आसपास की हरियाली और नदी का नजारा इसकी खूबसूरती को और बढ़ा देता है।

वहीं, गढ़कुंडार का ऐतिहासिक किला भी घूमने वालों को आकर्षित करता है। फोटोग्राफी और ऐतिहासिक स्थलों में रुचि रखने वालों के लिए यह यात्रा खास हो सकती है।

कैसे पहुंचें?

  • ओरछा के लिए सबसे सुविधाजनक रेलवे स्टेशन झांसी है।
  • झांसी से ओरछा तक टैक्सी, ऑटो या स्थानीय परिवहन लिया जा सकता है।
  • हवाई यात्रा करने वालों के लिए ग्वालियर प्रमुख विकल्प है। वहां से आगे सड़क मार्ग से ओरछा पहुंचा जा सकता है।

3. भंडारदरा और घाटघर, महाराष्ट्र

अगर आपको बारिश, पहाड़ और झरने पसंद हैं, तो भंडारदरा और घाटघर मानसून में घूमने के लिए शानदार विकल्प हो सकते हैं।

मुंबई, पुणे और नासिक से अपेक्षाकृत आसानी से पहुंचा जा सकने वाला यह इलाका बारिश के मौसम में हरियाली और झरनों से भर जाता है। धुंध से ढके पहाड़ और बारिश के बीच बहते झरने यहां के प्राकृतिक नजारे को खास बनाते हैं।

रंधा फॉल्स और आर्थर लेक यहां के प्रमुख आकर्षणों में शामिल हैं। हालांकि मानसून के दौरान झरनों और पहाड़ी रास्तों के आसपास अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी है।

कैसे पहुंचें?

  • मुंबई, पुणे या नासिक तक ट्रेन या फ्लाइट से पहुंचा जा सकता है।
  • नासिक से भंडारदरा सड़क मार्ग से करीब 70 किलोमीटर दूर है।
  • मुंबई से दूरी करीब 165 किलोमीटर के आसपास है।
  • आगे की यात्रा के लिए बस, टैक्सी या निजी वाहन का इस्तेमाल किया जा सकता है।

4. कसार देवी, उत्तराखंड

अल्मोड़ा के पास स्थित कसार देवी शांत वातावरण और पहाड़ी खूबसूरती पसंद करने वाले लोगों के लिए अच्छा विकल्प है। मानसून में यहां पहाड़ों पर बादल और चारों तरफ फैली हरियाली इस जगह को बेहद खूबसूरत बना देती है।

कसार देवी अपने शांत माहौल और आध्यात्मिक वातावरण के लिए भी जानी जाती है। दोस्तों या परिवार के साथ कुछ दिन सुकून से बिताने के लिए यह जगह चुनी जा सकती है।

कैसे पहुंचें?

  • ट्रेन से आने वाले यात्री काठगोदाम या हल्द्वानी तक पहुंच सकते हैं।
  • वहां से अल्मोड़ा और कसार देवी के लिए बस या टैक्सी मिल सकती है।
  • हवाई यात्रा के लिए पंतनगर एयरपोर्ट एक विकल्प है। एयरपोर्ट से आगे सड़क मार्ग से यात्रा करनी होगी।

मानसून ट्रिप पर निकलने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

मानसून में पहाड़ी और झरने वाले इलाकों की खूबसूरती बढ़ जाती है, लेकिन बारिश के कारण सड़क बंद होने, भूस्खलन या अचानक मौसम खराब होने जैसी स्थिति भी पैदा हो सकती है। इसलिए यात्रा से पहले मौसम और स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी जरूर जांच लें।

अगर आपका बजट सीमित है और आप लोकप्रिय पर्यटन स्थलों की भीड़ से बचना चाहते हैं, तो जंजैहली, ओरछा-गढ़कुंडार, भंडारदरा-घाटघर और कसार देवी मानसून 2026 में घूमने के लिए अच्छे विकल्प हो सकते हैं।

Sports Upadte:श्रीलंका के खिलाफ फिर चला सिराज का बल्ला, जड़ा लंबा छक्का; DSP ने लूटी महफिल

भारत और श्रीलंका के बीच गॉल में खेले जा रहे पहले टेस्ट में मोहम्मद सिराज ने गेंद से पहले बल्ले से सुर्खियां बटोरीं। पारी के आखिरी हिस्से में सिराज ने शानदार छक्का लगाकर फैंस का मनोरंजन किया। सोशल मीडिया पर उनके इस शॉट का वीडियो भी तेजी से चर्चा में है।

सिराज का श्रीलंका के खिलाफ प्रदर्शन अक्सर चर्चा में रहता है। इस मुकाबले से पहले वॉर्म-अप मैच में भी उन्होंने बल्ले से शानदार अंदाज दिखाया था। उस मैच में सिराज ने सिर्फ 15 गेंदों पर नाबाद 32 रन बनाए थे, जिसमें एक चौका और चार छक्के शामिल थे।

15 गेंदों में बनाए 11 रन

गॉल टेस्ट में सिराज ने 15 गेंदों का सामना करते हुए 11 रन बनाए। उनकी छोटी पारी में एक छक्का शामिल रहा। उन्होंने जिस अंदाज में यह शॉट लगाया, उसे देखकर मैदान पर मौजूद फैंस भी उत्साहित नजर आए।

सिराज आमतौर पर अपनी तेज गेंदबाजी के लिए जाने जाते हैं, लेकिन पिछले कुछ समय में उन्होंने बल्ले से भी कई बार उपयोगी योगदान दिया है।

दूसरे दिन भारत ने बनाए 460 रन

टेस्ट के दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक भारत ने अपनी पहली पारी में 9 विकेट पर 460 रन बना लिए थे। बारिश के कारण मुकाबले में काफी समय का खेल प्रभावित हुआ, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने उपलब्ध समय का पूरा फायदा उठाया।

भारत की ओर से देवदत्त पडिक्कल ने शानदार 167 रन की पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी में 15 चौके और एक छक्का लगाया।

वहीं केएल राहुल ने 82 रन बनाए। राहुल ने 175 गेंदों का सामना करते हुए 10 चौके और एक छक्का जड़ा। ध्रुव जुरेल ने भी अर्धशतक लगाते हुए 51 रन की पारी खेली।

श्रीलंका के लिए प्रभात जयसूर्या सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने भारत के चार बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा।

अब गेंदबाजी में सिराज से उम्मीदें

बल्ले से उपयोगी रन बनाने के बाद अब भारतीय टीम को सिराज से गेंदबाजी में भी शानदार प्रदर्शन की उम्मीद होगी। सिराज टेस्ट क्रिकेट में भारत के प्रमुख तेज गेंदबाजों में शामिल हैं और नई गेंद के साथ विकेट लेने की क्षमता रखते हैं।

गॉल की परिस्थितियों में स्पिन गेंदबाजों को मदद मिलने की संभावना के बीच सिराज की तेज गेंदबाजी भारत के लिए अहम साबित हो सकती है।

80वें स्वतंत्रता दिवस पर एपेक्स एक्यूपंक्चर सेंटर में लगा निःशुल्क बहु-विशेषज्ञ चिकित्सा शिविर, 86 मरीजों ने उठाया लाभ

लखनऊ। 80वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में एपेक्स एक्यूपंक्चर सेंटर एंड पेन क्लीनिक की ओर से विकास नगर स्थित संस्थान केंद्र में विशाल निःशुल्क बहु-विशेषज्ञ चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्घाटन एसआर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन एवं एमएलसी पवन सिंह चौहान ने भगवान श्री धन्वंतरि के चित्र पर माल्यार्पण कर किया।

कार्यक्रम में एपेक्स एक्यूपंक्चर सेंटर के निदेशक एवं शिविर संयोजक डॉ. जी. पार्थ प्रतिम ने मुख्य अतिथि श्री पवन सिंह चौहान का बुके भेंट कर स्वागत किया। शिविर में एक्यूपंक्चर, हिजमा, आयुर्वेद, दंत चिकित्सा, नेत्र जांच, फिजियोथेरेपी और पैथोलॉजिकल जांच जैसी विभिन्न चिकित्सा सेवाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई गईं।

शिविर में एक्यूपंक्चर चिकित्सा के लिए डॉ. जी. पार्थ प्रतिम, आयुर्वेद के लिए डॉ. राहुल जायसवाल, फिजियोथेरेपी के लिए डॉ. सुमित श्रीवास्तव एवं डॉ. राजेश पाल तथा दंत चिकित्सा के लिए डॉ. सुधांशु अग्रवाल ने सेवाएं प्रदान कीं। नेत्र जांच में महावीर ऑप्टिकल्स तथा पैथोलॉजिकल जांच में एजीएम लैब के श्री अमित वर्मा एवं श्री रितेश शर्मा ने सहयोग किया।

शिविर में करीब 86 मरीजों ने पंजीकरण कराकर स्वास्थ्य लाभ लिया। आयोजकों के अनुसार, शिविर में पंजीकृत सभी मरीजों को आगे की सभी चिकित्सा सेवाओं में 50 प्रतिशत की विशेष छूट प्रदान की जाएगी।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री पवन सिंह चौहान ने चिकित्सा शिविर को जनसेवा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताते हुए सभी चिकित्सकों एवं वॉलंटियर्स को तैलचित्र भेंट कर सम्मानित किया।

कार्यक्रम में लोक भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री बृजेन्द्र पाल सिंह, सह संगठन मंत्री श्री गोपाल उपाध्याय, श्री हरेंद्र बहादुर सिंह, डॉ. आशीष जायसवाल, श्री कृष्ण कुमार, डॉ. अखिलेश, डॉ. मशहूदा, डॉ. सुल्तान, डॉ. अमन, डॉ. शौर्य, डॉ. अमित कुमार, डॉ. यश राज, डॉ. अभिषेक, नजमा, नीलम सहित अन्य चिकित्सकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं वॉलंटियर्स ने शिविर को सफल बनाने में सहयोग दिया।

सिंधु जल संधि पर एमजे अकबर का पाकिस्तान को करारा जवाब, बोले- ‘खून और पानी साथ नहीं बहेंगे’

सिंधु जल संधि को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव के बीच पूर्व विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर ने पाकिस्तान को सख्त संदेश दिया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की ओर से सिंधु नदी के पानी को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अकबर ने कहा कि पाकिस्तान को पानी की एक-एक बूंद की चिंता है, लेकिन भारत की चिंता उन भारतीयों के खून की हर बूंद को लेकर है, जो पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद में बहा है।

एमजे अकबर ने साफ शब्दों में कहा कि पाकिस्तान सिंधु नदी के पानी को अपनी ‘रेड लाइन’ बता सकता है, लेकिन भारत का रुख भी स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के लिए पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और उसे अपने किए का जवाब देना होगा।

अकबर ने कहा, “खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते।” उन्होंने यह टिप्पणी पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर की। उनके बयान को सिंधु जल संधि और भारत-पाकिस्तान संबंधों में जारी तनाव के संदर्भ में देखा जा रहा है।

मौलाना फजलुर रहमान के बयान का किया जिक्र

एमजे अकबर ने पाकिस्तान की आंतरिक स्थिति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान के बयानों का उल्लेख करते हुए कहा कि पाकिस्तान की राजनीति और सत्ता व्यवस्था को लेकर वहां के नेताओं की ओर से ही कई गंभीर सवाल उठाए जाते रहे हैं।

अकबर ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर पर भी निशाना साधा। उन्होंने मौलाना फजलुर रहमान के उस कथित बयान का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व को कोई बयान देने से पहले ‘कुल्ला’ करने की नसीहत दी थी। अकबर के मुताबिक, इस टिप्पणी का मकसद पाकिस्तान के नेतृत्व पर झूठ बोलने का आरोप लगाना था।

बलूचिस्तान को लेकर भी किया बड़ा दावा

पूर्व विदेश राज्य मंत्री ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान क्षेत्र की स्थिति को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि बलूचिस्तान के बड़े हिस्से में इस्लामाबाद का प्रभाव और नियंत्रण कमजोर हो चुका है।

अकबर ने दावा किया कि बलूचिस्तान का 80 प्रतिशत से अधिक हिस्सा पाकिस्तान के प्रभावी नियंत्रण से बाहर है। उन्होंने इसे पाकिस्तान की आंतरिक कमजोरी का संकेत बताते हुए कहा कि वहां लंबे समय से असंतोष और संघर्ष की स्थिति बनी हुई है।

हालांकि, बलूचिस्तान की स्थिति को लेकर अलग-अलग पक्षों के दावे और आंकड़े सामने आते रहे हैं।

‘स्वतंत्रता दिवस पर बिखर रहा पाकिस्तान’

एमजे अकबर ने पाकिस्तान की मौजूदा स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जिस समय देश अपना स्वतंत्रता दिवस मना रहा है, उसी समय उसके सामने कई आंतरिक चुनौतियां खड़ी हैं।

उन्होंने पाकिस्तान को अपनी किताब में इस्तेमाल किए गए ‘जेली स्टेट’ के विचार से जोड़ते हुए कहा कि ऐसा देश न तो पूरी तरह स्थिर होता है और न ही आसानी से समाप्त होता है। उनके अनुसार, पाकिस्तान की वास्तविक स्थिति को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर, खैबर पख्तूनख्वा, सिंध और बलूचिस्तान में रहने वाले लोग बेहतर तरीके से समझते हैं।

अकबर ने पाकिस्तान की सेना पर इन क्षेत्रों में दमन और कठोर कार्रवाई के आरोप लगाते हुए कहा कि वहां के लोगों के बीच असंतोष की भावना मौजूद है।

भारत-पाकिस्तान संबंधों में बढ़ा तनाव

सिंधु जल संधि लंबे समय से भारत और पाकिस्तान के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता रही है। लेकिन आतंकवाद और सीमा पार तनाव के कारण दोनों देशों के रिश्तों में लगातार तल्खी बढ़ती रही है।

इसी पृष्ठभूमि में सिंधु नदी के पानी को लेकर पाकिस्तान की ओर से आने वाले बयान भारत के लिए बेहद संवेदनशील माने जा रहे हैं। एमजे अकबर के ताजा बयान ने एक बार फिर इस मुद्दे को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

उनका संदेश स्पष्ट था कि भारत आतंकवाद और पानी के मुद्दे को अलग-अलग करके नहीं देखता। अकबर के मुताबिक, पाकिस्तान को भारतीय खून की कीमत और आतंकवाद के लिए अपनी जवाबदेही को भी समझना होगा।

Sports Update:जेमिमा रोड्रिग्स चोट के चलते एशिया कप और एशियन गेम्स से बाहर, प्रतिका रावल को मिला मौका

भारतीय महिला क्रिकेट टीम को आगामी बड़े टूर्नामेंट से पहले झटका लगा है। स्टार बल्लेबाज जेमिमा रोड्रिग्स चोट के कारण 2026 महिला एशिया कप और एशियन गेम्स में टीम का हिस्सा नहीं होंगी। उनकी जगह चयनकर्ताओं ने प्रतिका रावल को एशिया कप के लिए भारतीय टीम में शामिल किया है।

जेमिमा इंग्लैंड में खेले जा रहे द हंड्रेड टूर्नामेंट के दौरान चोटिल हुई थीं। वह सदर्न ब्रेव के लिए खेल रही थीं और 3 अगस्त को मुकाबले के दौरान उनके दाहिने हैमस्ट्रिंग में चोट लगी थी। इसके बाद उनकी जांच बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में कराई गई, जहां चोट गंभीर होने की पुष्टि हुई।

बीसीसीआई की मेडिकल टीम के आकलन के मुताबिक जेमिमा को दाहिने हैमस्ट्रिंग में हाई-ग्रेड टियर है। इसी वजह से वह यूएई में होने वाले महिला एशिया कप के साथ जापान में आयोजित होने वाले एशियन गेम्स में भी नहीं खेल पाएंगी।

प्रतिका रावल की टीम में वापसी

जेमिमा की गैरमौजूदगी में प्रतिका रावल को एशिया कप टीम में जगह दी गई है। उनके लिए यह बड़ा अवसर है। प्रतिका ने भारत के लिए अब तक 27 वनडे मुकाबले खेले हैं, जिनकी 26 पारियों में उन्होंने 1189 रन बनाए हैं। उनके नाम दो शतक और आठ अर्धशतक दर्ज हैं।

हालांकि, प्रतिका ने अभी तक भारतीय महिला टीम के लिए टी20 इंटरनेशनल डेब्यू नहीं किया है। ऐसे में टी20 फॉर्मेट वाले एशिया कप में उनका प्रदर्शन खास तौर पर नजरों में रहेगा।

28 अगस्त से शुरू होगा महिला एशिया कप

महिला एशिया कप 2026 का आयोजन यूएई में किया जाएगा। टूर्नामेंट की शुरुआत 28 अगस्त से होगी, जबकि फाइनल मुकाबला 13 सितंबर को खेला जाएगा। प्रतियोगिता में कुल आठ टीमें हिस्सा लेंगी।

भारत को ग्रुप स्टेज में पाकिस्तान, थाईलैंड और हांगकांग के साथ रखा गया है। भारतीय टीम अपना पहला मुकाबला 30 अगस्त को थाईलैंड के खिलाफ खेलेगी। इसके बाद 3 सितंबर को हांगकांग और 5 सितंबर को पाकिस्तान के खिलाफ मैच होगा।

एशिया कप के बाद भारतीय महिला टीम एशियन गेम्स में हिस्सा लेगी। जापान में होने वाली यह प्रतियोगिता 17 से 22 सितंबर तक चलेगी। भारत अपने अभियान की शुरुआत 17 सितंबर को जापान के खिलाफ करेगा।

महिला एशिया कप के लिए भारत की टीम

हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उपकप्तान), शैफाली वर्मा, भारती फुलमाली, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), कमालिनी (विकेटकीपर), अरुंधति रेड्डी, प्रेमा रावत, राधा यादव, श्री चरणी, रेणुका ठाकुर, नंदनी शर्मा, क्रांति गौड़ और प्रतिका रावल।

जेमिमा का बाहर होना भारतीय टीम के लिए बड़ा नुकसान माना जा रहा है, लेकिन प्रतिका रावल को मिले इस मौके से टीम के पास बल्लेबाजी क्रम में एक नया विकल्प जरूर आया है।