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अरिजीत सिंह के प्लेबैक सिंगिंग से हटने पर ‘गदर 2’ के डायरेक्टर अनिल शर्मा हुए इमोशनल

गदर 2 के डायरेक्टर अनिल शर्मा सिंगर अरिजीत सिंह के प्लेबैक सिंगिंग से रिटायरमेंट लेने की खबर से इमोशनल हो गए. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा कि अरिजीत सिंह जीनियस हैं और हमें उन्हें वापस चाहते हैं.

अनिल शर्मा ने की पोस्ट

अनिल शर्मा ने पोस्ट कर लिखा- अरिजीत सिंह सच्चे जीनियस हैं. आपने हमारे लिए खूबसूरत गाने गाए हैं. चाहे जीनियस का तेरा फितूर हो और गदर 2 का दिल झूम. अभी तो और भी बहुत से सॉन्ग मुझको ही नहीं सारी इंडस्ट्री को, सारी जनता को चाहिए तुमसे. उम्मीद है कि जल्द वापस आओगे. क्योंकि एक सिंगर जा आनंद और जीवन गीत गाना ही है. थोड़ा सा रेस्ट कीजिए, हम सभी को आपकी वापसी की जरुरत है.

बता दें कि अनिल शर्मा ने अरिजीत सिंह के दो गाने तेरा फिर और झूम के वीडियोज शेयर किया. तेरा फितूर 2018 में आई फिल्म जीनियस का गाना है. वहीं दिल झूम 2023 में आई फिल्म गदर 2 का गाना है. अनिल शर्मा ने अरिजीत सिंह से रिटायरमेंट न लेने की रिक्वेस्ट की है.

#arijeet the true #genius .. most beautiful song u sang for us .. for my movies .. b it #genius TERA FITOOR or #gadar2 DIL JHOOM abhi toh aur bhi bahut se songs mujhko hi nahi sari industry ko , sari janta ko chaiye tumse .. ummeed hai jald vapas aayoge .. kyunki ek singer ja… pic.twitter.com/CCOANY5Uki

— Anil Sharma (@Anilsharma_dir) January 29, 2026

अरिजीत सिंह ने पोस्ट कर की थी अनाउंसमेंट

बता दें कि अरिजीत सिंह ने मंगलवार को प्लेबैक सिंगिंग छोड़ने की अनाउंसमेंट की. उन्होंने लिखा कि उनकी ये जर्नी शानदार रही. लेकिन अब वो कोई भी प्लेबैक सिंगिंग के प्रोजेक्ट्स नहीं लेंगे. अरिजीत ने ये भी साफ किया कि वो सिर्फ प्लेबैक सिंगिंग से रिटायरमेंट ले रहे हैं. वो म्यूजिक बनाते रहेंगे. वो इंडियन क्लासिकल म्यूजिक बनाएंगे.

अरिजीत सिंह की इस पोस्ट पर बादशाह और अमाल मलिक ने भी रिएक्ट किया था. वहीं विशाल ददलानी ने एक पोस्ट कर लिखा कि सक्सेस शांति की गारंटी नहीं. हालांकि, उन्होंने इस पोस्ट में अरिजीत सिंह का नाम नहीं लिया था. लेकिन अरिजीत के प्लेबैक सिंगिंग छोड़ने के बाद उन्होंने ये पोस्ट की थी. बता दें कि अरिजीत सिंह ने 2011 में प्लेबैक सिंगिंग की जर्नी शुरू की थी और उन्हें बहुत पॉपुलैरिटी हासिल हुई थी.

Health Budget 2026-27:बजट 2026 में हेल्थ सेक्टर को बड़ी उम्मीदें, जानें इस बार किन मुद्दों पर फोकस बढ़ रहा है

 केंद्रीय वित्त बजट 2026-27 एक फरवरी को पेश किया जाना है. देश के आर्थिक विकास से लेकर विभिन्न क्षेत्रों की मजबूती के लिहाज़ से इस बजट को काफी अहम माना जा रहा है. स्वास्थ्य क्षेत्र की बात करें तो बेहतर और सुलभ स्वा4स्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में इस बार हेल्थ सेक्टर को वित्त मंत्री से कई उम्मीदें हैं.

पिछले चार वर्षों के बजटीय आंकड़ों पर नजर डालें तो स्वास्थ्य क्षेत्र पर सरकारी खर्च में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है. वित्त वर्ष 2025-26 में स्वास्थ्य पर लगभग 99,858.56 करोड़ रुपये खर्च किए गए. इससे पहले 2024-25 में यह आंकड़ा करीब 90,000 करोड़ रुपये, 2023-24 में 88,956 करोड़ रुपये और 2022-23 में 86,606 करोड़ रुपये रहा.

विकसित देशों की तुलना में भारत का स्वास्थ्य खर्च कम

हालांकि, विकसित देशों की तुलना में भारत में जीडीपी के अनुपात में स्वास्थ्य क्षेत्र पर खर्च अभी भी काफी कम है. विश्व बैंक की 2022 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत अपनी जीडीपी का केवल 3 से 4 प्रतिशत ही स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च करता है. वहीं, अमेरिका में यह खर्च लगभग 17 से 18 प्रतिशत है. जापान अपनी जीडीपी का करीब 10 से 11 प्रतिशत, जबकि रूस 5 से 6 प्रतिशत स्वास्थ्य क्षेत्र पर खर्च करता है.

चीन भी तेज़ी से अपने हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार कर रहा है और वह जीडीपी का लगभग 7 प्रतिशत स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च कर रहा है.

मिड-साइज़ अस्पतालों की स्वास्थ्य क्षेत्र से अपेक्षाएं

इस विषय पर प्रकाश हॉस्पिटल, नोएडा के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. वी. एस. चौहान का कहना है कि जैसे-जैसे स्वास्थ्य सेवाओं की मांग महानगरों से बाहर के क्षेत्रों में बढ़ रही है, केंद्रीय बजट 2026 में अस्पताल-आधारित विकास को प्रोत्साहन देना बेहद जरूरी है. इसके लिए सस्ती पूंजी तक आसान पहुंच, तेज़ नियामक मंजूरियां और यथार्थवादी प्रतिपूर्ति (रीइंबर्समेंट) व्यवस्था की आवश्यकता है.

उन्होंने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के तहत भुगतान में देरी होने से अस्पतालों की पुनर्निवेश क्षमता प्रभावित होती है और नई स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की गति धीमी पड़ जाती है. बुनियादी ढांचे के विकास, स्वास्थ्यकर्मियों की संख्या बढ़ाने और डिजिटल हेल्थ को अपनाने के लिए लक्षित प्रोत्साहन नीतियां लागू करने से न केवल कार्यान्वयन मजबूत होगा, बल्कि दक्षता बढ़ेगी और सेवा प्रदाताओं व मरीजों दोनों पर लागत का दबाव भी कम होगा.

हेल्थ सेक्टर की रीढ़ हैं मिड-साइज़ और सेकेंडरी अस्पताल

डॉ. वी. एस. चौहान के अनुसार, मिड-साइज़ और सेकेंडरी अस्पताल भारत की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की रीढ़ हैं, लेकिन नीतिगत समर्थन अक्सर तृतीयक (टर्शियरी) देखभाल तक सीमित रह जाता है. केंद्रीय बजट 2026 में इस असंतुलन को दूर करने के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र के बजट आवंटन में वृद्धि, चिकित्सा उपकरणों और इनपुट्स पर जीएसटी का तर्क  संगतीकरण तथा प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) के तहत समयबद्ध और पारदर्शी भुगतान व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए.

इसके साथ ही, किफायती वित्तपोषण, भूमि उपलब्धता और नियामक मंजूरियों के लिए स्पष्ट ढांचे से अस्पतालों की संचालन क्षमता बेहतर होगी, संतुलित विस्तार को बढ़ावा मिलेगा और लगातार बढ़ती चिकित्सा महंगाई के बीच मरीजों पर पड़ने वाले खर्च को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी.

देखें: मुंबई में बढ़ता प्रदूषण, मास्क पहनकर उतरे खिलाड़ी; रणजी मैच में मचा हंगामा

भारत में जब भी प्रदूषण की बात आती है, तो लोगों की जुबां पर सबसे पहला नाम दिल्ली का आता है. लेकिन गुरुवार (29 जनवरी) को मुंबई से प्रदूषण की बड़ी हैरान कर देने वाली खबर सामने आई, जिसके चलते रणजी मुकाबले में खिलाड़ियों को मास्क लगाकर मैदान पर उतरना पड़ा. यह वाकया मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BCK) में मुंबई और दिल्ली के बीच चल रहे मुकाबले के बीच देखने को मिला.

बताया गया कि मुकाबले के पहले दिन के आखिरी सेशन में खिलाड़ियों को मैदान के पास चल रहे निर्माण कार्य की वजह से हो रहे धूल-प्रदूषण के कारण मजबूरन मास्क पहनकर फील्डिंग करनी पड़ी. मास्क पहने हुए खिलाड़ियों की तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई, जिससे मुद्दा गरमाया और जनता की नजर में आया.

ड्रेसिंग रूम में भी लोगों ने लगाया मास्कर

मास्क की जरूरत सिर्फ मैदान पर फील्डिंग कर रहे खिलाड़ियों को ही नहीं पड़ी, बल्कि ड्रेसिंग रूम में बैठे सपोर्ट स्टाफ के लोग भी खुद को सुरक्षित रखने के लिए मास्क का इस्तेमाल करते नजर आए. बताया गया कि करीब 30 मिनट तक खिलाड़ियों ने मास्क पहनकर मुकाबला खेला.

Mumbai players wearing masks during a Ranji Trophy match isn’t the image anyone wants to see.

Construction near the BKC venue in Mumbai led to a spike in pollution, forcing Sarfaraz Khan and others to take precautions while fielding against Delhi.

This highlights a longer-term… pic.twitter.com/hWYSyUXeQA

— Gully Point (@gullypoint_) January 29, 2026

MCA से की शिकातय

इस मामले में मुंबई क्रिकेट टीम ने मुंबई क्रिकेट एसोसिशन (MCA) को एक पत्र लिखते हुए कहा कि पॉल्यूशन को देखते हुए महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPCB) से बात की जाए, जिससे स्टेडियम के करीब चल रहे निर्माण कार्य को काबू किया जा सके. बताते चलें कि मुंबई में ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है कि प्रदूषण के चलते किसी खेल में बाधा पैदा हो.

पहले दिन क्या रहा मैच का हाल?

मैच के पहले दिन बैटिंग के लिए उतरी दिल्ली की टीम 221 रन पर ऑलआउट हो गई. इस दौरान टीम के लिए ओपनर सनत संगवान ने शतकीय पारी खेलते हुए 11 चौके और 2 छक्कों की मदद से 118 रन स्कोर किए. वहीं इस दौरान मुंबई के लिए मोहित अवस्थी ने सबसे ज्यादा 5 विकेट चटकाए. फिर अपनी पहली पारी में उतरी मुंबई ने दिन खत्म होने तक 1 विकेट के नुकसान पर 13 रन बना लिए हैं. अब मुंबई 208 रन से पीछे है.

अर्पिता खान ने परिवार में नए सदस्य की खुशी का किया इशारा, सोशल मीडिया पोस्ट में मिले सुराग

बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान के परिवार के लिए बड़ी खुशखबरी, खान परिवार में जुड़ने वाला है एक और सदस्य का नाम. सलमान खान की बहन अर्पिता खान ने सोशल मीडिया पर एक नए रिश्ते का किया ऐलान. जिससे पूरे सोशल मीडिया में सनसनी सी मच गई हैं. दरअसल, अर्पिता खान ने अपने भतीजे अयान अग्निहोत्री की गर्लफ्रेंड टीना रिजवानी को बर्थडे की बधाई देते हुए उन्हें परिवार का सदस्य बताया. उनके इस हिंट से सोशल मीडिया में तहलका मच गया.

इस पोस्ट के साथ अयान और टीना ने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर भी शेयर की जिसमें वे दोनों साथ में ही खूबसूरत और प्यारे नजर आ रहे हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पर अपना रिश्ता ऑफिशियली कंफर्म कर दिया है.

अयान अग्निहोत्री, सलमान खान की बहन अलवीरा अग्निहोत्री और एक्टर-प्रोड्यूसर अतुल अग्निहोत्री के बेटे हैं. वो इससे पहले भी इसी महीने अपने लव लाइफ को लेकर चर्चा में आ चुके हैं. इससे पहले न्यू ईयर के वक्त उन्होंने सोशल मीडिया में कुछ खास तस्वीरें शेयर कि थी जिसमें उनके साथ टीना रिजवानी भी नजर आ रही थी.

सलमान खान की बहन अलवीरा अग्निहोत्री ने 1995 में एक्टर अतुल अग्निहोत्री से शादी की और फिर कपल ने दो बच्चों अयान और अलीजेह को जन्म दिया. जिसके बाद अतुल अग्निहोत्री ने एक्टर से प्रोड्यूसर बनने का फैसला लिया जो उनके लिए सही डिसिजन साबित हुआ. उन्होंने अपने बेनर “रील लाइफ प्रोडक्शन” पर बनी सलमान खान स्टारर फिल्म बॉडीगार्ड को प्रोड्यूस किया जो बाद में बड़ी ब्लॉकबस्टर साबित हुई.

वहीं दूसरी ओर अयान अग्निहोत्री की बहन ने भी साल 2023 में आई फिल्म ‘फर्रे’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया था. जिसका सलमान खान ने भी जमकर प्रमोट किया था. अब घर में आई इस खूशखबरी के बाद खान परिवार में जश्न का माहोल देखने को मिल सकता है.

Zakir Khan Health: जाकिर खान की बीमारी किन लोगों में होती है? जानें इसके लक्षण और संभावित खतरे

Zakir Khan Comedy Break: मशहूर कॉमेडियन जाकिर खान ने कॉमेडी से लंबा ब्रेक लेने का ऐलान किया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक यह ब्रेक 2030 तक जा सकता है. यह बात उन्होंने हैदराबाद में अपने ‘पापा यार’ टूर के दौरान एक लाइव शो में कही. जाकिर ने बताया कि वह फिलहाल अपनी परफॉर्मेंस कम करेंगे और गिने-चुने शहरों में ही कुछ आखिरी शो करेंगे. इसके पीछे वजह सेहत और कुछ निजी जिम्मेदारियां हैं, जिन्हें वह लंबे समय से टालते आ रहे थे.

लंबा जा सकता है ब्रेक

स्टेज पर खुलकर बात करते हुए जाकिर ने कहा कि यह ब्रेक तीन से पांच साल तक का हो सकता है. उन्होंने साफ किया कि यह फैसला जल्दबाजी में नहीं लिया गया, बल्कि अपनी सेहत को प्राथमिकता देने के लिए लिया गया है. दर्शकों का शुक्रिया अदा करते हुए उन्होंने कहा कि वह आगे भी लंबे समय तक परफॉर्म करना चाहते हैं, लेकिन इसके लिए अभी रुकना जरूरी है. Gulf News से बातचीत में जाकिर ने कहा कि “मैं कई सालों से लगातार टूर कर रहा हूं. काम और सेहत के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की, लेकिन अब थोड़ा ब्रेक लेना जरूरी हो गया है.”

उन्होंने यह भी माना कि रिश्तों को निभाने में समय और मेहनत लगती है, लेकिन यह समय अक्सर उनकी नींद से कटता रहा. जाकिर के शब्दों में, अगर कोई इंसान सालों तक बिना रुके चलता रहे, तो शरीर पर असर पड़ना तय है. इसी सिलसिले में उन्होंने यह भी कहा कि कुछ बीमारियों की जेनेटिक प्रवृत्ति होती है, जो एक खास उम्र के बाद सामने आती है, खासकर तब जब लाइफस्टाइल लगातार तनावपूर्ण रही हो.

किन लोगों को होती है यह दिक्कत?

अब बात करते हैं कि आखिर जाकिर की तरह किन लोगों को ऐसी दिक्कत का सामना करना पड़ता है. Mayo Clinic के मुताबिक, लंबे समय तक लगातार काम, अनियमित नींद, बार-बार ट्रैवल और शारीरिक थकान शरीर पर गहरा असर डालती है. इसका शिकार वे लोग ज्यादा होते हैं, जो लगातार अपने काम को प्राथमिकता देते हैं और बिना रुके काम करते रहते हैं. समय के साथ उनके शरीर पर इसके लक्षण दिखने लगते हैं. इसके अलावा, जिनके परिवार में पहले से मेटाबॉलिक, हार्मोनल या क्रॉनिक बीमारियों का इतिहास रहा हो, उन्हें भी यह दिक्कत समय के साथ झेलनी पड़ सकती है. जाकिर खान ने भी इशारों में इसी ओर ध्यान दिलाया है, जब उन्होंने जेनेटिक प्रीडिस्पोज़िशन और एपिजेनेटिक्स की बात की.

क्या दिखते हैं लक्षण?

डॉक्टर बताते हैं कि ऐसे मामलों में शरीर पहले छोटे-छोटे संकेत देता है, जिन्हें अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं. इसमें लगातार थकान महसूस होना, नींद पूरी होने के बाद भी शरीर का भारी रहना, इम्यूनिटी कमजोर पड़ना, फोकस और एनर्जी लेवल में कमी, और बार-बार बीमार पड़ना शामिल है.

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.