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Health Tips:सिंथेटिक रंगों से स्किन, आंखों और फेफड़ों को कैसे होता है नुकसान? होली से पहले जान लें जरूरी सावधानियां

होली के मौके पर बाजार में मिलने वाले कई चमकीले रंग दिखने में आकर्षक जरूर होते हैं, लेकिन इनमें मौजूद सिंथेटिक केमिकल्स शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। डॉक्टरों के अनुसार, इन रंगों में भारी धातुएं और इंडस्ट्रियल डाई मिलाए जाते हैं, जो त्वचा, आंखों और श्वसन तंत्र को प्रभावित कर सकते हैं।


🔴 स्किन पर असर

सिंथेटिक रंगों में सीसा (Lead), पारा (Mercury), क्रोमियम (Chromium) और सिलिका (Silica) जैसे तत्व पाए जा सकते हैं। इनके संपर्क में आने से:

  • त्वचा में जलन और खुजली
  • लाल चकत्ते
  • कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस
  • एक्जिमा का बढ़ना
  • त्वचा का रूखापन और संवेदनशीलता

बार-बार संपर्क से त्वचा पर लंबे समय तक निशान भी रह सकते हैं। जिन लोगों की स्किन पहले से संवेदनशील है, उनके लिए खतरा ज्यादा होता है।


👁️ आंखों के लिए खतरा

होली खेलते समय रंग आंखों में चले जाने से:

  • जलन और सूजन
  • लालपन
  • कंजंक्टिवाइटिस
  • कॉर्नियल एब्रेशन (कॉर्निया पर खरोंच)

रंगों में मौजूद एसिडिक या क्षारीय तत्व आंखों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। कॉन्टैक्ट लेंस पहनने वालों में जोखिम ज्यादा होता है, क्योंकि पाउडर लेंस के पीछे फंस सकता है और संक्रमण का खतरा बढ़ा सकता है।


🌫️ फेफड़ों और सांस पर प्रभाव

सूखे रंग हवा में उड़कर सांस के जरिए शरीर में प्रवेश कर सकते हैं। इनमें कीटनाशक, एस्बेस्टस या भारी धातुएं हो सकती हैं, जिससे:

  • अस्थमा अटैक
  • ब्रोंकाइटिस
  • घरघराहट
  • सीने में जकड़न
  • राइनाइटिस

अस्थमा या एलर्जी से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। अधिक मात्रा में रसायन शरीर में जाने से किडनी और लीवर पर भी असर पड़ सकता है।


🌿 सुरक्षित तरीके से कैसे मनाएं होली?

✔️ नेचुरल या हर्बल गुलाल का इस्तेमाल करें।
✔️ होली खेलने से पहले त्वचा और बालों पर तेल या मॉइश्चराइजर लगाएं।
✔️ फुल स्लीव कपड़े पहनें।
✔️ आंखों की सुरक्षा रखें और कॉन्टैक्ट लेंस न पहनें।
✔️ रंग लगने के तुरंत बाद साफ पानी से धो लें।
✔️ ज्यादा धूल और भीड़भाड़ वाली जगहों से बचें।


Disclaimer: यह जानकारी सामान्य जागरूकता के उद्देश्य से है। इसे चिकित्सकीय सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।

टी20 वर्ल्ड कप के दौरान बड़ा विवाद: इटली क्रिकेट के वरिष्ठ अधिकारी पर यौन उत्पीड़न के आरोप

टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान एक गंभीर विवाद सामने आया है। इटली क्रिकेट संघ के एक वरिष्ठ अधिकारी पर महिला खिलाड़ी के साथ कथित यौन उत्पीड़न के आरोप लगे हैं। मामले के सामने आते ही संबंधित अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है।

क्या हैं आरोप?

रिपोर्ट्स के अनुसार, इटली की महिला क्रिकेट टीम की एक सदस्य ने आरोप लगाया है कि अधिकारी ने उन्हें अनुचित तरीके से छुआ। इस मामले में पुलिस में पिछले वर्ष शिकायत दर्ज की गई थी।

इटली क्रिकेट संघ ने बयान जारी कर कहा है कि वह जांच में पूरा सहयोग करेगा और कानूनी प्रक्रिया का सम्मान करेगा।

ऐतिहासिक उपलब्धि के बीच विवाद

इटली की टीम हाल ही में भारत में आयोजित टी20 वर्ल्ड कप 2026 में हिस्सा लेकर लौटी थी। टीम ने पहली बार इस टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई किया था, जो देश के क्रिकेट इतिहास में एक बड़ा मुकाम माना गया।

ग्रुप C में इटली का मुकाबला वेस्टइंडीज, इंग्लैंड, स्कॉटलैंड और नेपाल से हुआ।

  • स्कॉटलैंड से 73 रन से हार
  • इंग्लैंड के खिलाफ कड़ी टक्कर, लेकिन 24 रन से हार
  • वेस्टइंडीज से 42 रन से हार
  • नेपाल को 10 विकेट से हराकर ऐतिहासिक जीत

इटली ने नेपाल के खिलाफ 124 रन का लक्ष्य बिना विकेट खोए हासिल किया, जो वर्ल्ड कप में उसकी पहली और यादगार जीत रही।

आगे क्या?

जहां एक ओर टीम के प्रदर्शन को सराहा जा रहा था, वहीं दूसरी ओर यह विवाद इटली क्रिकेट के लिए बड़ा झटका बनकर सामने आया है। अब सबकी नजर जांच और कानूनी कार्रवाई पर टिकी है।

‘ईरान पर हमला भारी पड़ेगा’, तेहरान की ट्रंप को चेतावनी; अब क्या करेगा अमेरिका?

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच तेहरान ने कड़ी चेतावनी दी है। ईरान के उप विदेश मंत्री माजिद तख्त-रवांची ने कहा कि अगर अमेरिका हमला करता है तो यह “जुआ खेलने जैसा” होगा और ईरान अपनी रक्षा योजनाओं के तहत जवाब देगा।

जिनेवा में वार्ता, डील को तैयार ईरान

26 फरवरी 2026 को जिनेवा में दोनों देशों के बीच दूसरे दौर की वार्ता प्रस्तावित है। तख्त-रवांची ने कहा कि ईरान “जल्द से जल्द समझौता” करने को तैयार है और ईमानदारी से बातचीत में हिस्सा लेगा। साथ ही चेतावनी दी कि हमले की स्थिति में क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकाने निशाने पर हो सकते हैं।

ट्रंप का रुख: पहले कूटनीति, पर सैन्य विकल्प खुला

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पहला विकल्प कूटनीति है, लेकिन जरूरत पड़ने पर सैन्य शक्ति का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।

ईरान के भीतर विरोध और सरकार की चेतावनी

ईरान में छात्रों के विरोध प्रदर्शन की खबरों के बीच सरकार की प्रवक्ता फतेमेह मोहजेरानी ने कहा कि विरोध का अधिकार है, पर “रेड लाइंस” का सम्मान जरूरी है—जैसे राष्ट्रीय प्रतीक और पवित्र चीजें।

क्षेत्रीय समीकरण और मिसाइल चर्चा

रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन, ईरान को CM-302 सुपरसोनिक एंटी-शिप मिसाइल बेचने के करीब है, जिसकी मारक क्षमता लगभग 290 किमी बताई जाती है। इससे खाड़ी क्षेत्र में सामरिक संतुलन पर असर पड़ सकता है।

आगे क्या?

संकेत साफ हैं—दोनों पक्ष वार्ता का रास्ता खुला रखना चाहते हैं, लेकिन सैन्य विकल्प भी मेज पर है। जिनेवा वार्ता का नतीजा तय करेगा कि हालात टकराव की ओर बढ़ेंगे या किसी समझौते की दिशा में।

रणवीर सिंह की ‘प्रलय’ में भाग्यश्री बोरसे की एंट्री, बिग बजट जॉम्बी फिल्म से मिला बड़ा ब्रेक

बॉलीवुड स्टार रणवीर सिंह इन दिनों अपनी फिल्मों को लेकर लगातार चर्चा में हैं। जहां उनकी फिल्म धुरंधर: द रिवेंज 19 मार्च को रिलीज होने जा रही है, वहीं अब उनकी नई फिल्म प्रलय को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है।

भाग्यश्री बोरसे की हुई एंट्री

फिल्म में पहले ही कल्याणी प्रियदर्शन को फीमेल लीड के तौर पर साइन किया जा चुका है। अब खबर है कि दूसरी अहम भूमिका के लिए भाग्यश्री बोरसे को फाइनल कर लिया गया है। हालांकि मेकर्स की ओर से आधिकारिक ऐलान अभी बाकी है, लेकिन इंडस्ट्री में इस खबर की चर्चा तेज है।

भाग्यश्री बोरसे अब तक साउथ इंडस्ट्री में सक्रिय रही हैं और ‘प्रलय’ को उनके करियर का सबसे बड़ा हिंदी प्रोजेक्ट माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि मेकर्स इस फिल्म में नए चेहरों को मौका देकर ताजगी लाना चाहते हैं।

जॉम्बी हमले के बीच इंसानी जंग

‘प्रलय’ एक जॉम्बी सर्वाइवल एक्शन फिल्म होगी, जिसमें सिर्फ डर और थ्रिल ही नहीं, बल्कि इंसानी जज्बे और संघर्ष की कहानी भी दिखाई जाएगी। बड़े पैमाने पर वीएफएक्स का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे दर्शकों को एक अलग सिनेमाई अनुभव मिलेगा।

रणवीर पहली बार प्रोड्यूसर

इस फिल्म का निर्देशन जय मेहता कर रहे हैं, जो इससे पहले स्कैम 1992: द हर्षद मेहता स्टोरी में को-डायरेक्टर रह चुके हैं।

खास बात यह है कि रणवीर सिंह इस फिल्म से बतौर प्रोड्यूसर भी जुड़े हैं। वह अपने प्रोडक्शन हाउस मां कसम फिल्म्स के जरिए इस बिग बजट प्रोजेक्ट में निवेश कर रहे हैं।

कुल मिलाकर ‘प्रलय’ को लेकर एक्साइटमेंट बढ़ती जा रही है और भाग्यश्री बोरसे की एंट्री से फिल्म की स्टारकास्ट और मजबूत हो गई है।

प्राइवेट डिनर से संसद संबोधन तक: पीएम मोदी के इजरायल दौरे में क्या रहेगा खास?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25–26 फरवरी को दो दिवसीय दौरे पर इजरायल जाएंगे। एयरपोर्ट पर उनका स्वागत खुद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू करेंगे।

दौरे की प्रमुख बातें

  • इजरायली संसद को संबोधन: 25 फरवरी को पीएम मोदी क्नेस्सेट (इजरायली संसद) को संबोधित करेंगे।
  • प्राइवेट डिनर: पीएम मोदी के सम्मान में नेतन्याहू विशेष निजी रात्रिभोज का आयोजन करेंगे।
  • द्विपक्षीय वार्ता: रक्षा, तकनीक, व्यापार और क्षेत्रीय हालात पर उच्चस्तरीय बातचीत होगी।

यह पीएम मोदी की पिछले 9 वर्षों में इजरायल की दूसरी यात्रा होगी। 4–6 जुलाई 2017 के ऐतिहासिक दौरे में भारत–इजरायल संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक अपग्रेड किया गया था।


किन क्षेत्रों में होगा फोकस?

1) विज्ञान, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन

  • स्टार्टअप्स, संयुक्त R&D परियोजनाएं
  • India–Israel Industrial R&D and Technological Innovation Fund (I4F)
  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर सुरक्षा

2) रक्षा और सुरक्षा

नवंबर 2025 में रक्षा सहयोग पर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए थे। रक्षा तकनीक, संयुक्त उत्पादन और इंटेलिजेंस सहयोग प्रमुख एजेंडा रहेंगे।

3) व्यापार और निवेश

  • नवंबर 2025 में वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल की यात्रा के दौरान FTA वार्ता शुरू करने के लिए ToR पर हस्ताक्षर।
  • सितंबर 2025 में इजरायल के वित्त मंत्री बेजाले स्मोट्रिच की भारत यात्रा के दौरान BIA पर हस्ताक्षर।

4) कृषि और जल प्रौद्योगिकी

भारत के विभिन्न राज्यों में 43 में से 35 उत्कृष्टता केंद्र (CoE) संचालित हैं, जो आधुनिक खेती और माइक्रो-इरिगेशन को बढ़ावा दे रहे हैं।

5) पिपुल-टू-पिपुल कनेक्ट

इजरायल में 41,000 से अधिक भारतीय प्रवासी रहते हैं। 2023 के द्विपक्षीय श्रम समझौते के बाद 20,000 से अधिक भारतीय श्रमिक इजरायल पहुंचे हैं।


क्षेत्रीय और बहुपक्षीय सहयोग

  • भारत ने 13 अक्टूबर 2025 को घोषित गाज़ा शांति पहल का स्वागत किया था।
  • भारत और इजरायल I2U2 समूह (भारत–इजरायल–यूएई–अमेरिका) के सदस्य हैं, जो खाद्य सुरक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर केंद्रित है।

कुल मिलाकर क्या संदेश?

यह दौरा केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि रणनीतिक साझेदारी को अगले स्तर पर ले जाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। संसद संबोधन से लेकर प्राइवेट डिनर तक—हर कार्यक्रम दोनों देशों के गहरे होते रिश्तों का संकेत देता है।