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Lucknow: विकासनगर स्थित Apex Acupuncture Centre & Pain Clinic में राष्ट्रीय एक्यूपंक्चर दिवस पर नि:शुल्क चिकित्सा शिविर 1 मार्च को, लिंक में क्लिक करें और जानें इस पद्धति में किन-किन बीमारियों का होता है सफल इलाज

  • राष्ट्रीय एक्यूपंक्चर दिवस पर 1 मार्च 2026 को एपेक्स एक्यूपंक्चर सेंटर एंड पेन क्लीनिक, विकास नगर में नि:शुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित होगा।
  • शिविर सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगा, जिसमें एक्यूपंक्चर, फिजियोथेरेपी और पेन मैनेजमेंट की सेवाएं मिलेंगी।
  • सर्वाइकल, स्लिप डिस्क, साइटिका, गठिया, लकवा और तनाव जैसी बीमारियों का विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध रहेगा।
  • शिविर में नि:शुल्क परामर्श के साथ पंजीकरण कराने वालों को आगे के इलाज पर 50% तक की छूट दी जाएगी।
  • डॉ. जी. पार्थ प्रोतिम के नेतृत्व में विशेषज्ञ टीम मरीजों को आधुनिक और निवारक चिकित्सा की जानकारी देगी।

लखनऊ, 28 फरवरी 2026। राष्ट्रीय एक्यूपंक्चर दिवस के अवसर पर 1 मार्च 2026 को राजधानी लखनऊ स्थित एपेक्स एक्यूपंक्चर सेंटर एंड पेन क्लीनिक, विकास नगर (सेक्टर-8) में एक विशाल नि:शुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिविर का समय प्रातः 10 बजे से सायं 4 बजे तक निर्धारित किया गया है।

विभिन्न बीमारियों का होगा उपचार

शिविर में एक्यूपंक्चर चिकित्सा, फिजियोथेरेपी, कपिंग (हिजामा), पेन मैनेजमेंट और नर्व संबंधित समस्याओं का उपचार किया जाएगा।
क्लीनिक द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस, स्लिप डिस्क, साइटिका, घुटनों का दर्द, गठिया, माइग्रेन, तनाव, अनिद्रा, लकवा (पैरालिसिस) समेत कई जटिल रोगों के लिए विशेषज्ञ परामर्श उपलब्ध रहेगा।

विशेषज्ञ डॉक्टर देंगे सेवाएं

शिविर का नेतृत्व क्लीनिक के निदेशक करेंगे। उनके साथ फिजियोथेरेपी एवं पेन मैनेजमेंट के अनुभवी चिकित्सक भी मौजूद रहेंगे। मुख्य वक्ता के रूप में डॉक्टरों की टीम “निवारक चिकित्सा और आधुनिक एक्यूपंक्चर तकनीक” विषय पर भी जानकारी देगी, जिससे मरीजों को उपचार के साथ-साथ जागरूकता भी मिले।

पंजीकरण पर विशेष छूट

आयोजकों ने बताया कि शिविर में आने वाले मरीजों को नि:शुल्क परामर्श एवं जांच की सुविधा दी जाएगी। साथ ही, शिविर के दिन पंजीकरण कराने वाले मरीजों को आगामी उपचार पर 50 प्रतिशत तक की विशेष छूट प्रदान की जाएगी, जो 1 अप्रैल 2026 तक वैध रहेगी।

स्वास्थ्य जागरूकता की दिशा में पहल

क्लीनिक प्रबंधन के अनुसार इस शिविर का उद्देश्य लोगों को दवाओं पर निर्भरता कम करते हुए प्राकृतिक और सुरक्षित चिकित्सा पद्धतियों के प्रति जागरूक करना है। राष्ट्रीय एक्यूपंक्चर दिवस के अवसर पर आयोजित यह शिविर वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने और आमजन तक सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

उत्तरप्रदेश राज्य संग्रहालय में 10 दिवसीय ‘कला अभिरुचि पाठ्यक्रम’ का भव्य समापन

लखनऊ : राजधानी लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश राज्य संग्रहालय में आयोजित 10 दिवसीय ‘कला अभिरुचि पाठ्यक्रम’ का समापन समारोह एवं प्रमाण-पत्र वितरण कार्यक्रम भव्य रूप से संपन्न हुआ। संग्रहालय के सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में देशभर से आए प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

देशभर से आए प्रतिभागियों ने दिखाई प्रतिभा

इस विशेष पाठ्यक्रम में सौ से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कला, संस्कृति और विरासत से जुड़े विभिन्न विषयों पर व्याख्यान, कार्यशालाएं और प्रायोगिक सत्र आयोजित किए गए। समापन अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया—

  • अतिका वर्मा – प्रथम स्थान
  • कशिश चौधरी – द्वितीय स्थान
  • कुलदीप सिंह – तृतीय स्थान
  • प्रिया तिवारी एवं ऋचा मेहरोत्रा – प्रोत्साहन पुरस्कार

सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित कर उनके कला क्षेत्र में योगदान और रुचि की सराहना की गई।

युवाओं में सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाने की दिशा में पहल

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि इस पाठ्यक्रम में देशभर से आए प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी इसकी लोकप्रियता और महत्व को दर्शाती है।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों का उद्देश्य केवल प्रतियोगिता कराना नहीं, बल्कि युवाओं और कला प्रेमियों में सांस्कृतिक चेतना को सशक्त बनाना है। प्रदेश की समृद्ध विरासत, परंपराओं और कलात्मक धरोहर से नई पीढ़ी को जोड़कर उनमें अपनी जड़ों के प्रति गर्व और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना इस पहल का प्रमुख लक्ष्य है।

ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण पर विस्तृत चर्चा

कार्यक्रम में “संग्रहालय की वस्तुओं का निवारक संरक्षण” विषय पर मुख्य वक्ता धर्मेंद्र मिश्रा ने विस्तार से अपने विचार रखे। उन्होंने चम्बा रूमाल, लेड ऑब्जेक्ट, टेराकोटा, ग्लास वर्क और वॉल पेंटिंग जैसी ऐतिहासिक वस्तुओं के संरक्षण की तकनीकों की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि तापमान, आर्द्रता, प्रकाश और रासायनिक प्रभावों से बचाव के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग आवश्यक है। साथ ही संग्रहालयों में संरक्षित वस्तुओं की नियमित निगरानी और वैज्ञानिक देखभाल पर भी बल दिया।

सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने की पहल

संस्कृति विभाग की इस पहल का उद्देश्य युवाओं में सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाना और उन्हें प्रदेश की समृद्ध कला एवं विरासत से जोड़ना है। यह कार्यक्रम नई पीढ़ी में अपनी परंपराओं के प्रति समझ, सम्मान और गर्व की भावना विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

‘कला अभिरुचि पाठ्यक्रम’ का यह सफल आयोजन लखनऊ को सांस्कृतिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में और सशक्त बनाता है।

Health Tips: सुबह उठते ही चक्कर आना – किस बीमारी का संकेत हो सकता है ?

अगर सुबह नींद से उठते ही सिर घूमने लगे, आंखों के आगे अंधेरा छा जाए या कुछ सेकेंड के लिए शरीर हल्का महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। बार-बार ऐसा होना किसी स्वास्थ्य समस्या की ओर इशारा कर सकता है।

डॉक्टरों के अनुसार, अधिकतर मामलों में यह समस्या Orthostatic hypotension से जुड़ी होती है।

🩺क्या है ऑर्थोस्टैटिक हाइपोटेंशन?

जब हम लेटे हुए से अचानक खड़े हो जाते हैं, तो कुछ क्षणों के लिए ब्लड प्रेशर गिर सकता है। इससे दिमाग तक खून की सप्लाई कम हो जाती है और चक्कर आने लगते हैं।
यह समस्या खासतौर पर:

  • बुजुर्गों
  • कम पानी पीने वालों
  • ब्लड प्रेशर या दिल की दवाइयां लेने वालों
    में ज्यादा देखी जाती है।

⚠️ सुबह चक्कर आने के आम कारण

💧 1. पानी की कमी (डिहाइड्रेशन)

रातभर सोने के दौरान शरीर में पानी की मात्रा कम हो जाती है। अगर दिनभर भी पर्याप्त पानी न पिया जाए, तो सुबह ब्लड प्रेशर गिर सकता है।
शराब और ज्यादा कैफीन लेने से यह समस्या बढ़ सकती है।

🍬 2. लो ब्लड शुगर (हाइपोग्लाइसीमिया)

खाली पेट रहने से कुछ लोगों में ब्लड शुगर कम हो सकता है।
डायबिटीज मरीजों में Hypoglycemia की वजह से चक्कर, कमजोरी और घबराहट हो सकती है।

💊 3. दवाइयों का साइड इफेक्ट

ब्लड प्रेशर, डिप्रेशन, दिल की बीमारी या नींद की दवाइयां ब्लड प्रेशर को प्रभावित कर सकती हैं, जिससे सुबह चक्कर आ सकते हैं।

😴 4. स्लीप एपनिया

अगर रात में सांस रुक-रुक कर चलती है, तो शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो सकती है।
इसे Sleep apnea कहा जाता है, जिससे सुबह भारीपन और चक्कर महसूस हो सकते हैं।

👂 5. कान से जुड़ी समस्या (वर्टिगो)

कान का अंदरूनी हिस्सा शरीर का संतुलन बनाए रखता है।
अगर इसमें संक्रमण या गड़बड़ी हो जाए, तो Vertigo जैसी समस्या हो सकती है, जिससे तेज चक्कर आते हैं।

🧠 अन्य संभावित कारण

  • खून की कमी (एनीमिया)
  • माइग्रेन
  • न्यूरोलॉजिकल समस्याएं

✅ सुबह चक्कर से बचने के आसान उपाय

  • बिस्तर से अचानक न उठें, पहले 1–2 मिनट बैठें फिर धीरे-धीरे खड़े हों।
  • दिनभर पर्याप्त पानी पिएं, सुबह उठते ही 1 गिलास पानी जरूर लें।
  • रात में शराब और ज्यादा कैफीन से बचें।
  • नाश्ता जरूर करें ताकि ब्लड शुगर स्थिर रहे।
  • अगर दवा लेने के बाद चक्कर बढ़ रहे हों, तो डॉक्टर से सलाह लें।

⚕️ कब डॉक्टर से मिलें?

अगर:

  • चक्कर बार-बार आएं
  • बेहोशी हो जाए
  • सीने में दर्द या धुंधली नजर हो
  • बोलने या चलने में दिक्कत हो

तो तुरंत मेडिकल जांच कराएं।

Disclaimer: यह जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है। इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।

Health Tips:हफ्ते में एक बार शराब पीना सुरक्षित है या सिर्फ एक भ्रम? जानिए एक्सपर्ट्स की राय

कई लोग मानते हैं कि सप्ताह में एक बार शराब पीना पूरी तरह सुरक्षित है। लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार, “कम” मात्रा का मतलब “बिना जोखिम” नहीं होता। असर व्यक्ति की उम्र, वजन, मेटाबॉलिज्म, मौजूदा बीमारियों और पीने की मात्रा पर निर्भर करता है।

एक्सपर्ट क्या कहते हैं?

डॉक्टरों का कहना है कि यदि कोई स्वस्थ वयस्क सीमित मात्रा (उदाहरण: लगभग 60 ml हार्ड ड्रिंक या 1 ड्रिंक) तक ही रहे, तो जोखिम अपेक्षाकृत कम हो सकता है।
लेकिन:

  • एक दिन में जरूरत से ज्यादा पीना (भले हफ्ते में एक बार हो) शरीर पर अचानक दबाव डाल सकता है।
  • शराब से मिलने वाली अतिरिक्त कैलोरी (जैसे 2 बीयर + स्नैक्स ≈ 1000-1200 कैलोरी) वजन नियंत्रण के प्रयासों को बिगाड़ सकती है।

बिंज ड्रिंकिंग सबसे ज्यादा खतरनाक

कम समय में ज्यादा मात्रा में पीना-यानी बिंज ड्रिंकिंग-सबसे नुकसानदेह माना जाता है। इससे:

  • लिवर पर तीव्र दबाव
  • हार्ट रिद्म में गड़बड़ी
  • अचानक ब्लड प्रेशर बढ़ना
  • गंभीर मामलों में जान का खतरा

हो सकता है, भले यह आदत सिर्फ सप्ताह में एक दिन तक सीमित क्यों न हो।

शरीर पर संभावित असर

🧠 1. लिवर और किडनी

लिवर शराब को तोड़ने का काम करता है। नियमित- even सप्ताह में एक बार-पीना भी लंबे समय में फैटी लिवर जैसी समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकता है।
शराब डिहाइड्रेशन करती है, जिससे किडनी पर भी असर पड़ता है।

❤️ 2. हार्ट और ब्लड प्रेशर

  • ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है
  • धड़कन अनियमित हो सकती है
  • धूम्रपान के साथ जोखिम कई गुना बढ़ जाता है

😴 3. नींद

शराब से नींद जल्दी आ सकती है, लेकिन गहरी नींद बाधित होती है। अगले दिन थकान और चिड़चिड़ापन महसूस हो सकता है।

🍽 4. पाचन तंत्र

  • एसिडिटी
  • सीने में जलन
  • गैस्ट्रिक समस्याएं
  • गंभीर मामलों में सूजन या ब्लीडिंग

किन लोगों को बिल्कुल नहीं पीनी चाहिए?

  • गर्भवती महिलाएं
  • लिवर या हार्ट रोगी
  • मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोग
  • कुछ दवाएं लेने वाले मरीज
  • वाहन चलाने वाले
  • एसिड रिफ्लक्स या गंभीर डाइजेशन समस्या वाले लोग

तो क्या निष्कर्ष है?

हफ्ते में एक बार शराब पीना “पूरी तरह सुरक्षित” कहना सही नहीं है।
कम मात्रा में जोखिम कम हो सकता है, लेकिन शून्य नहीं।
सबसे अहम है:

  • मात्रा पर नियंत्रण
  • बिंज ड्रिंकिंग से बचाव
  • हेल्दी लाइफस्टाइल (डाइट, एक्सरसाइज, पर्याप्त पानी)

Disclaimer: यह जानकारी शोध अध्ययनों और विशेषज्ञों की सामान्य राय पर आधारित है। इसे व्यक्तिगत मेडिकल सलाह न मानें। अपनी सेहत के अनुसार निर्णय लेने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

होली शॉपिंग के लिए बेस्ट हैं Delhi के ये बजट-फ्रेंडली बाजार, सस्ते में मिलेगा रंग-पिचकारी सब कुछ

होली आने वाली है और अगर आपने अभी तक पिचकारी, रंग, कपड़े या मिठाई की शॉपिंग नहीं की है, तो अब देरी न करें। आखिरी समय में भीड़ बढ़ जाती है और दाम भी ऊपर चले जाते हैं। दिल्ली के कुछ मशहूर बाजार ऐसे हैं जहां आपको होली का सारा सामान सस्ते और अच्छे विकल्पों के साथ मिल जाएगा।

🛍 1. Sadar Bazaar – थोक रेट में होली का सामान

अगर आप सस्ते दाम में ज्यादा खरीदारी करना चाहते हैं, तो सदर बाजार सबसे बढ़िया ऑप्शन है।
यहां आपको मिलेंगे:

  • कार्टून थीम पिचकारी
  • बैकपैक वॉटर गन
  • कलर स्प्रे
  • गुलाल और पानी वाले रंग
  • पार्टी एक्सेसरीज

सुबह जल्दी पहुंचें तो पटरी बाजार में और भी सस्ते दाम मिल सकते हैं।

🎨 2. Chandni Chowk – रंगों से लेकर मिठाई तक सब कुछ

अगर आप होली के रंगों के साथ मिठाई, ड्राई फ्रूट्स और सजावटी सामान खरीदना चाहते हैं, तो चांदनी चौक परफेक्ट है।

  • होममेड मिठाइयों का सामान
  • ड्राई फ्रूट्स थोक रेट पर
  • पूजा सामग्री
  • सजावट का सामान

यहां की पुरानी और भरोसेमंद दुकानों से क्वालिटी भी अच्छी मिलती है।

👗 3. Sarojini Nagar और Lajpat Nagar – होली आउटफिट्स के लिए

अगर आप होली के लिए व्हाइट या कलरफुल कपड़े लेना चाहते हैं, तो ये मार्केट्स बेस्ट हैं।

  • ट्रेंडी टी-शर्ट्स
  • कुर्ते और दुपट्टे
  • सस्ते फैशन एक्सेसरीज
  • होली थीम कपड़े

यहां बजट में अच्छे ऑप्शन आसानी से मिल जाते हैं।

👜 4. Janpath और Karol Bagh

इन बाजारों में भी आप:

  • ट्रेंडी ज्वेलरी
  • फुटवियर
  • गिफ्ट आइटम
  • होली पार्टी के लिए स्टाइलिश कपड़े

सस्ते दाम में खरीद सकते हैं।

📝 शॉपिंग टिप्स

  • सुबह या वीकडे में जाएं, भीड़ कम मिलेगी
  • मोलभाव जरूर करें
  • रंग खरीदते समय स्किन-फ्रेंडली या ऑर्गेनिक गुलाल चुनें
  • नकद और UPI दोनों ऑप्शन रखें

अगर आप समय रहते इन बाजारों में शॉपिंग कर लेते हैं, तो बजट में बढ़िया और क्वालिटी सामान मिल जाएगा। देर करने पर रेट बढ़ सकते हैं और विकल्प भी कम मिलेंगे।

इस होली, स्मार्ट शॉपिंग करें और त्योहार का मजा दोगुना करें! 🎉