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Sports News:सेमीफाइनल के आखिरी ओवर को लेकर बड़ा खुलासा, Shivam Dube ने बताया किसे मिलनी थी जिम्मेदारी

आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में India national cricket team ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 253 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। हालांकि इतने बड़े लक्ष्य के बावजूद मुकाबला आखिरी ओवर तक रोमांचक बना रहा, क्योंकि England national cricket team के बल्लेबाज भी शानदार खेल दिखा रहे थे।

इंग्लैंड के बल्लेबाज Jacob Bethell ने 105 रन की शानदार पारी खेलकर भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बना दिया था। वहीं भारतीय टीम की ओर से Jasprit Bumrah ने अहम मौकों पर दो ओवर डालकर मैच का रुख भारत की तरफ मोड़ दिया।

आखिरी ओवर में था 30 रन का लक्ष्य

मैच के अंतिम ओवर में इंग्लैंड को जीत के लिए 30 रन की जरूरत थी। उस समय जैकब बैथेल क्रीज पर मौजूद थे और 45 गेंदों में शतक जड़ चुके थे, इसलिए एक ओवर में 30 रन बनना पूरी तरह नामुमकिन नहीं माना जा रहा था।

ऐसे दबाव भरे मौके पर आखिरी ओवर की जिम्मेदारी शिवम दुबे को सौंपी गई। दुबे ने शानदार शुरुआत करते हुए पहली ही गेंद पर जैकब बैथेल को आउट कर दिया, जिससे भारत की जीत लगभग तय हो गई। हालांकि उसी ओवर में Jofra Archer ने तीन छक्के जरूर लगाए।

दुबे ने खोला आखिरी ओवर का राज

मैच के बाद Board of Control for Cricket in India द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में शिवम दुबे ने बताया कि आखिरी ओवर को लेकर टीम की योजना पहले से तय थी।

दुबे ने कहा,
“मुझे पता था कि ओवर की पहली दो गेंदें सबसे अहम होंगी। अगर शुरुआती दो गेंदें सही रहीं तो मैच हमारे पक्ष में आ जाएगा। यह पहले ही तय हो गया था कि आखिरी ओवर मुझे ही फेंकना है। सच कहूं तो मैं थोड़ा नर्वस था, क्योंकि वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में आखिरी ओवर डालना हमेशा चुनौतीपूर्ण होता है।”

उन्होंने आगे बताया कि बैथेल शतक बना चुके थे, इसलिए उन्हें अंदाजा था कि आखिरी ओवर आसान नहीं रहने वाला। लेकिन उन्होंने खुद पर भरोसा रखा और अपनी योजना पर टिके रहे।

बल्ले से भी किया योगदान

गेंदबाजी के अलावा शिवम दुबे ने इस सेमीफाइनल मुकाबले में बल्ले से भी अहम भूमिका निभाई। उन्होंने 25 गेंदों में 43 रन की तेज पारी खेलकर टीम इंडिया के बड़े स्कोर में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

ईरान युद्ध का असर: पाकिस्तान में गहराया पेट्रोल-डीजल संकट, कई इलाकों में सूने पड़े पेट्रोल पंप

ईरान में चल रहे युद्ध का असर अब पड़ोसी देश Pakistan में भी साफ दिखाई देने लगा है। देश के कई हिस्सों में पेट्रोल और डीजल की भारी किल्लत हो गई है, जिसके कारण कई पेट्रोल पंप खाली पड़े हैं और लोगों को ईंधन के लिए लंबी कतारों में लगना पड़ रहा है।

मौजूदा हालात में Balochistan, Khyber Pakhtunkhwa, Punjab और Sindh जैसे प्रांतों से पेट्रोल पंपों पर ईंधन खत्म होने की लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं।

पाकिस्तान की तेल जरूरत में ईरानी तेल की बड़ी भूमिका

दरअसल पाकिस्तान की कुल तेल जरूरत का लगभग 35 प्रतिशत हिस्सा ईरान से अवैध रूप से आने वाले तेल से पूरा होता है। अलग-अलग प्रांतों में इसकी निर्भरता और भी ज्यादा है।

  • बलूचिस्तान में करीब 80% ईंधन की जरूरत ईरानी तेल से पूरी होती है।
  • सिंध में लगभग 20% तेल ईरान से आता है।
  • खैबर पख्तूनख्वाह में करीब 18% और
  • पंजाब में लगभग 13% ईंधन की जरूरत ईरानी तेल से पूरी होती है।

अवैध तरीके से पाकिस्तान पहुंचता है ईरानी तेल

ईरानी पेट्रोल पाकिस्तान में मिलने वाले पेट्रोल से काफी सस्ता होता है। उदाहरण के तौर पर पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत करीब 266 रुपये प्रति लीटर बताई जा रही है, जबकि ईरानी पेट्रोल करीब 172 रुपये प्रति लीटर में मिल जाता है।

ईरान से सटी सीमा के कारण बलूचिस्तान के कई इलाकों में हर दिन करीब 1 करोड़ लीटर पेट्रोल और डीजल अवैध तरीके से पाकिस्तान लाया जाता है और स्थानीय बाजारों में बेचा जाता है।

हार्मुज़ जलडमरूमध्य बंद होने से बढ़ी परेशानी

मौजूदा युद्ध के कारण Strait of Hormuz के आसपास हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। इस वजह से पाकिस्तान को दूसरे रास्तों से भी तेल की सप्लाई प्रभावित हो रही है।

पाकिस्तान सरकार का दावा है कि उसके पास लगभग 24 दिनों का पेट्रोल और डीजल स्टॉक मौजूद है, लेकिन सप्लाई बाधित होने से जमीनी स्तर पर स्थिति खराब होती जा रही है।

बलूचिस्तान में सबसे ज्यादा संकट

सबसे गंभीर हालात बलूचिस्तान में देखने को मिल रहे हैं, जहां 70 प्रतिशत से ज्यादा पेट्रोल पंपों पर ईंधन खत्म हो चुका है।

वहीं पंजाब, सिंध और खैबर पख्तूनख्वाह के कई इलाकों में भी पेट्रोल और डीजल की कमी की खबरें सामने आ रही हैं। कई जगहों पर डीलरों द्वारा जमाखोरी की भी शिकायतें मिल रही हैं।

हालात इतने खराब हैं कि पंजाब के कुछ इलाकों में लोगों की गाड़ियों में 300 रुपये से ज्यादा का पेट्रोल भरने की अनुमति नहीं दी जा रही है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सीमित मात्रा में ईंधन मिल सके।

IRIS डेना डूबने से पहले ईरान ने भारत से मांगी मदद, कोच्चि में दूसरे युद्धपोत को मिली पनाह

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। जानकारी के अनुसार, श्रीलंका के नजदीक ईरानी युद्धपोत IRIS Dena पर हमले से कुछ दिन पहले ही ईरान ने भारत से अपने एक अन्य नौसैनिक जहाज को भारतीय बंदरगाह पर ठहराने की अनुमति मांगी थी। तकनीकी खराबी के कारण यह जहाज सुरक्षित ठिकाने की तलाश में था।

28 फरवरी को भारत से मांगी गई अनुमति

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, ईरान ने 28 फरवरी 2026 को भारत से संपर्क कर अपने नौसैनिक जहाज IRIS Lavan को कोच्चि में डॉक करने की इजाजत मांगी थी। ईरानी पक्ष ने बताया था कि जहाज में तकनीकी समस्या आ गई है और उसे तत्काल मरम्मत तथा ठहरने के लिए बंदरगाह की जरूरत है।

भारतीय अधिकारियों ने इस अनुरोध पर विचार किया और 1 मार्च को जहाज को बंदरगाह पर रुकने की अनुमति दे दी।

4 मार्च को कोच्चि पहुंचा जहाज

अनुमति मिलने के बाद ईरानी जहाज 4 मार्च को Kochi पहुंचा और वहां डॉक किया। यह जहाज उस समय क्षेत्र में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक कार्यक्रम में भाग लेने आया था।

सूत्रों के अनुसार जहाज पर मौजूद 183 क्रू मेंबर्स को फिलहाल भारतीय नौसेना की सुविधाओं में ठहराया गया है और जहाज की तकनीकी जांच की जा रही है।

इसी दौरान हुआ बड़ा हमला

इसी घटनाक्रम के बीच 4 मार्च को श्रीलंका के दक्षिणी समुद्री क्षेत्र के पास ईरानी युद्धपोत IRIS Dena पर हमला हो गया। रिपोर्टों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में एक अमेरिकी पनडुब्बी ने टॉरपीडो से जहाज को निशाना बनाया, जिसके बाद वह डूब गया।

बताया जा रहा है कि यह जहाज एक बहुराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास से लौट रहा था, जब उस पर हमला हुआ। इस हमले में कई ईरानी नौसैनिकों की मौत हो गई।

ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया

घटना के बाद ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने अमेरिका की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में बिना चेतावनी के हमला करना बेहद गंभीर और खतरनाक कदम है।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इस कार्रवाई के परिणाम अमेरिका को भविष्य में भुगतने पड़ सकते हैं।

श्रीलंका ने चलाया बचाव अभियान

हमले के बाद Sri Lanka की नौसेना ने समुद्र में बड़े पैमाने पर खोज और बचाव अभियान चलाया। कई नाविकों को समुद्र से सुरक्षित निकाला गया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।

श्रीलंका के राष्ट्रपति Anura Dissanayake ने कहा कि युद्ध की स्थिति में भी निर्दोष लोगों की जान नहीं जानी चाहिए। इसी वजह से श्रीलंका ने तुरंत राहत और बचाव अभियान शुरू किया ताकि जहाज पर मौजूद लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके।

भारत-इंग्लैंड सेमीफाइनल: 499 रन बने और 5 रिकॉर्ड टूटा, जैकब बैथेल ने दर्ज किया वर्ल्ड रिकॉर्ड

2026 टी20 वर्ल्ड कप के दूसरे सेमीफाइनल में भारत ने इंग्लैंड को 7 रनों से हराकर फाइनल में जगह बनाई। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 254 रन का लक्ष्य सेट किया। जवाब में इंग्लैंड ने 246 रन बनाए और जीत से सिर्फ 7 रन पीछे रह गई। इस रोमांचक मुकाबले में जैकब बैथेल ने 105 रन की शतकीय पारी खेली, वहीं संजू सैमसन ने 89 रन बनाए। कुल मिलाकर इस मैच में 499 रन बने, और पांच बड़े रिकॉर्ड टूट गए।

टूर्नामेंट के 5 बड़े रिकॉर्ड

1. किसी टी20 वर्ल्ड कप मैच में सबसे ज्यादा रन:
भारत और इंग्लैंड के इस सेमीफाइनल में कुल 499 रन बने, जो किसी टी20 वर्ल्ड कप मैच में अब तक का सबसे बड़ा स्कोर है। इससे पहले यह रिकॉर्ड 2016 में इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के बीच बने 459 रन का था।

2. जैकब बैथेल का वर्ल्ड रिकॉर्ड:
बैथेल ने केवल 45 गेंदों में शतक पूरा किया, जो इंग्लैंड के लिए टी20 वर्ल्ड कप का सबसे तेज शतक है। इसी मैच में उन्होंने 19 गेंदों में फिफ्टी भी पूरी की, जो इंग्लैंड के लिए सबसे तेज फिफ्टी है।

3. किसी टी20 वर्ल्ड कप मैच में सबसे ज्यादा छक्के:
इस मुकाबले में कुल 34 छक्के लगे—भारतीय टीम ने 19 और इंग्लैंड ने 15 छक्के मारे। इससे पहले का रिकॉर्ड 31 छक्के था, जो वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे के बीच मैच में बना था।

4. किसी टी20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा छक्के (टीम):
इस टूर्नामेंट में अब तक भारत ने कुल 88 छक्के लगाए, वेस्टइंडीज को पीछे छोड़ते हुए। वेस्टइंडीज ने इसी वर्ल्ड कप में 76 छक्के लगाए थे।

5. पुरुष टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा बार 250+ रन:
पुरुष टी20 क्रिकेट में यह छठी बार है जब भारत ने 250 से अधिक रन बनाए। वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे तीन-तीन बार ऐसा कर पाए हैं।

ईरान का नया सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई, ट्रंप बोले- ‘मैं इसे मंजूर नहीं करता’

अयातुल्ला खामेनेई के निधन के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को ईरान का सुप्रीम लीडर बनाया गया है। इस नियुक्ति पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रतिक्रिया दी और कहा कि मोजतबा खामेनेई उनके लिए स्वीकार्य नहीं हैं।

ट्रंप ने कहा, ‘खामेनेई का बेटा नासमझ’

ट्रंप ने ईरान में ऐसी नेतृत्व व्यवस्था की बात कही जो देश में शांति और सद्भाव लाए। उन्होंने मोजतबा खामेनेई को नासमझ बताते हुए कहा कि इस नियुक्ति से अमेरिका का समय बर्बाद हो रहा है।

खामेनेई के निधन के बाद की स्थिति

ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के बीच अयातुल्ला खामेनेई 28 फरवरी को मृत पाए गए। उनके परिवार के कई सदस्य भी इस घटना में मारे गए। ईरान के कानून के अनुसार सुप्रीम लीडर की अनुपस्थिति में एक अंतरिम व्यवस्था लागू होती है। इस दौरान मसूद पेजेश्कियान, चीफ जस्टिस गुलाम-होसैन मोहसेनी-एजेई और गार्डियन काउंसिल के एक सदस्य मिलकर प्रशासन चला रहे थे। अब मोजतबा खामेनेई को सर्वोच्च नेता बनाया गया है।

वेनेजुएला जैसी कार्रवाई की चेतावनी

ट्रंप ने ईरान में भी वेनेजुएला जैसा सत्ता परिवर्तन करने की बात कही। उन्होंने कहा कि उन्हें ईरान में सर्वोच्च नेता की नियुक्ति में शामिल होना चाहिए, जैसे वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य ऑपरेशन के दौरान किया गया था। उस ऑपरेशन में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर अमेरिका ले जाया गया था, और उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज को देश की राष्ट्रपति के रूप में कार्यभार सौंपा गया।

नेतन्याहू पर ट्रंप का बयान

ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि नेतन्याहू को भ्रष्टाचार के आरोपों से क्षमादान मिलना चाहिए और इजरायली राष्ट्रपति इसहाक हर्ज़ोग को उन्हें माफ कर देना चाहिए। ट्रंप ने आगे कहा कि वह नहीं चाहते कि नेतन्याहू का ध्यान युद्ध के अलावा किसी और चीज़ पर जाए।