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एक ही गाना, तीन आवाजें—फिर भी सबसे ज्यादा दिलों में बसा मोहम्मद रफी का वर्जन

भारतीय संगीत जगत के महान पार्श्व गायक मोहम्मद रफी को उनकी मधुर और दिल को छू लेने वाली आवाज के लिए आज भी याद किया जाता है। उनके गाए कई गाने सदाबहार बन चुके हैं और आज भी श्रोताओं के दिलों में खास जगह रखते हैं। उन्हीं में से एक लोकप्रिय गीत है “तू इस तरह से मेरी जिंदगी में शामिल है”, जो 1980 में आई फिल्म आप तो ऐसे ना थे का हिस्सा है।

इस गाने की खासियत यह है कि इसे तीन अलग-अलग गायकों ने अपनी-अपनी आवाज में प्रस्तुत किया। सबसे पहले इस गाने को हेमलता ने गाया, जिसकी आवाज फिल्म में रंजीता पर फिल्माई गई थी। इसके बाद मनोहर दास की आवाज में इस गाने का दूसरा संस्करण सामने आया, जो राज बब्बर पर फिल्माया गया। तीसरा और सबसे चर्चित वर्जन खुद मोहम्मद रफी ने गाया, जिसे दीपक पराशर पर फिल्माया गया था।

तीनों ही गायकों ने अपने-अपने अंदाज में इस गाने को जीवंत बना दिया, लेकिन श्रोताओं के बीच सबसे ज्यादा लोकप्रियता रफी साहब के संस्करण को मिली। उनकी आवाज में इस गीत का भाव और गहराई और भी उभरकर सामने आई, जिसकी वजह से यह वर्जन आज भी सबसे ज्यादा सुना और पसंद किया जाता है।

मीडिया और दर्शकों के अनुसार, रफी साहब के इस गाने को यूट्यूब पर भी करोड़ों व्यूज मिल चुके हैं, जो इसकी स्थायी लोकप्रियता को दर्शाता है। उनकी गायकी की यही विशेषता उन्हें संगीत की दुनिया का एक अमर कलाकार बनाती है।

Health Update:प्लास्टिक के काले डिब्बों में खाना, कितना सुरक्षित है?

आजकल ढाबों, होटलों और ऑनलाइन डिलीवरी में इस्तेमाल होने वाले काले प्लास्टिक डिब्बों को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। हाल ही में इस मुद्दे पर राज्यसभा में भी चर्चा हुई, जहां सांसद घनश्याम तिवाड़ी ने सवाल उठाया कि क्या ऐसे कंटेनर सेहत के लिए खतरा बन सकते हैं।

काले प्लास्टिक में क्या समस्या है?
रिपोर्ट्स के अनुसार, इन डिब्बों में अक्सर रिसाइकल्ड प्लास्टिक, यहां तक कि इलेक्ट्रॉनिक कचरे से निकला प्लास्टिक भी इस्तेमाल हो सकता है। इन्हें मजबूत बनाने या आग से बचाने के लिए कुछ केमिकल (जैसे फ्लेम रिटार्डेंट) मिलाए जाते हैं। समस्या यह है कि ये केमिकल प्लास्टिक में पूरी तरह बंधे नहीं रहते और गर्म होने पर खाने में मिल सकते हैं।

इसके अलावा, ऐसे प्लास्टिक में BPA (Bisphenol A) और फ्थेलेट्स जैसे हानिकारक केमिकल भी हो सकते हैं, जो शरीर के हार्मोन सिस्टम को प्रभावित कर सकते हैं।

सेहत पर क्या असर पड़ सकता है?

  • लंबे समय तक ऐसे प्लास्टिक के संपर्क में रहने से हार्मोनल गड़बड़ी हो सकती है
  • कुछ रिसर्च के अनुसार कैंसर का खतरा बढ़ने की आशंका जताई गई है
  • दिल की बीमारी, डायबिटीज और प्रजनन संबंधी समस्याओं का जोखिम भी बढ़ सकता है
  • माइक्रोप्लास्टिक शरीर में जाकर टॉक्सिक असर बढ़ा सकते हैं

एक स्टडी में पाया गया कि 80% से ज्यादा काले प्लास्टिक उत्पादों में हानिकारक केमिकल मौजूद हो सकते हैं।

कौन ज्यादा प्रभावित हो सकता है?
बच्चे, गर्भवती महिलाएं और पहले से बीमार लोग इसके असर के प्रति ज्यादा संवेदनशील हो सकते हैं।

क्या करें? (सुरक्षित विकल्प)

  • स्टील, कांच या कागज के कंटेनर में खाना रखना बेहतर है
  • प्लास्टिक में खाना गरम करने से बचें
  • बार-बार प्लास्टिक डिब्बों का उपयोग न करें
  • माइक्रोवेव में प्लास्टिक का इस्तेमाल बिल्कुल न करें

निष्कर्ष:
हर काला प्लास्टिक खतरनाक हो, यह जरूरी नहीं, लेकिन उसमें मौजूद केमिकल्स और गर्मी के साथ उनकी प्रतिक्रिया को देखते हुए सावधानी रखना समझदारी है। खासकर गरम खाना रखने या गर्म करने के लिए प्लास्टिक से बचना सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है।

मिडिल ईस्ट संकट के बीच सरकार एक्शन में, इंटर मिनिस्ट्रियल ग्रुप बना; राजनाथ सिंह करेंगे अगुवाई

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और उसके भारत पर संभावित प्रभाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। शुक्रवार, 27 मार्च 2026 को सरकार ने एक इंटर मिनिस्ट्रियल ग्रुप (अंतर-मंत्रालयी समूह) का गठन किया है, जिसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे।

इस समूह में गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी समेत कई अन्य वरिष्ठ मंत्री शामिल हैं। इस कमेटी का उद्देश्य पश्चिम एशिया में चल रहे संकट से उत्पन्न होने वाले असर—खासकर ऊर्जा आपूर्ति, आर्थिक स्थिति और सुरक्षा—पर नजर रखना और आवश्यक कदम सुझाना है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव के चलते वैश्विक स्तर पर तेल की आपूर्ति और कीमतों पर असर पड़ा है। हालांकि भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। सरकार के अनुसार, एक्साइज ड्यूटी में कटौती से करीब 10 रुपये प्रति लीटर तक के नुकसान की भरपाई हो जाती है, जिससे तेल कंपनियां बिना रुकावट के आपूर्ति जारी रख सकती हैं।

दुनिया के कई हिस्सों—जैसे दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया, यूरोप और उत्तरी अमेरिका—में ईंधन की कीमतों में वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि भारत ने कीमतों को स्थिर बनाए रखा है। सरकार का कहना है कि यह स्थिरता एक वित्तीय लागत के साथ आती है, जिसे वह वहन कर रही है ताकि आम जनता पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।

इससे पहले, सरकार ने मिडिल ईस्ट संकट को लेकर संसद भवन में सर्वदलीय बैठक भी बुलाई थी, जिसकी अध्यक्षता भी राजनाथ सिंह ने की थी। इस बैठक में सरकार ने विपक्ष के सवालों का जवाब दिया और ऊर्जा आपूर्ति तथा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़े मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट की। बताया गया कि भारत के जहाज वहां से सुरक्षित गुजर रहे हैं और सप्लाई को लेकर कोई बड़ी बाधा नहीं है।

IPL 2026 से पहले RCB को बड़ा झटका, जोश हेजलवुड पहले मैच से बाहर

आईपीएल 2026 की शुरुआत से पहले रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) को बड़ा झटका लगा है। टीम के प्रमुख तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड पहले मैच से बाहर हो गए हैं। RCB का मुकाबला 28 मार्च को बेंगलुरु में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के खिलाफ खेला जाएगा।

टीम के हेड कोच एंडी फ्लावर ने प्री-मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में हेजलवुड की उपलब्धता को लेकर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हेजलवुड अभी पूरी तरह फिट नहीं हैं और टीम उनकी फिटनेस पर लगातार नजर रख रही है। हालांकि, कोच ने उम्मीद जताई कि वह जल्द ही टूर्नामेंट में वापसी कर सकते हैं।

हेजलवुड के बाहर होने से RCB का गेंदबाजी आक्रमण कमजोर नजर आ सकता है, क्योंकि वह टीम के सबसे अहम तेज गेंदबाजों में से एक हैं। पिछले सीजन में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए 12 मैचों में 22 विकेट लिए थे और टीम की सफलता में अहम भूमिका निभाई थी। उनकी अनुपस्थिति से टीम की रणनीति पर असर पड़ सकता है।

वहीं कोच एंडी फ्लावर ने टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि कोहली की प्रैक्टिस देखना उन्हें बेहद पसंद है और वह अपने खेल के प्रति पूरी तरह समर्पित नजर आते हैं। कोच के मुताबिक, कोहली इस समय अपने सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में दिख रहे हैं और नेट्स में उनकी तैयारी शानदार है।

RCB के लिए यह मैच चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन टीम अपने मजबूत बल्लेबाजी लाइनअप के दम पर जीत की कोशिश करेगी।

Health Update:अमेरिका में कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी, भारत पर कितना असर? जानिए एक्सपर्ट की राय

अमेरिका में एक बार फिर कोरोना मामलों में अचानक बढ़ोतरी ने चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, एक नया वेरिएंट BA.3.2 सामने आया है, जो अब तक कई देशों में फैल चुका है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह वेरिएंट आंशिक रूप से इम्यून सिस्टम को चकमा देने में सक्षम हो सकता है, जिससे दोबारा संक्रमण (reinfection) का खतरा बढ़ सकता है।

हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि स्थिति पहले जैसी गंभीर नहीं है। बड़ी संख्या में लोग पहले ही वैक्सीन लगवा चुके हैं या संक्रमण से गुजर चुके हैं, जिससे उनमें हाइब्रिड इम्यूनिटी विकसित हो चुकी है। इसी वजह से संक्रमण के मामले बढ़ने के बावजूद गंभीर स्थिति और अस्पताल में भर्ती होने की संभावना अपेक्षाकृत कम मानी जा रही है।

भारत पर असर को लेकर विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना अब पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, बल्कि यह एक एंडेमिक बीमारी बन चुका है। इसका मतलब है कि समय-समय पर इसके मामले बढ़ते और घटते रहेंगे, लेकिन हर बार महामारी जैसी स्थिति बनने की संभावना कम है।

डॉक्टरों के अनुसार, नए वेरिएंट के कारण हल्के से मध्यम लक्षण जैसे बुखार, खांसी और थकान देखने को मिल सकते हैं, जिन्हें आमतौर पर घर पर ही संभाला जा सकता है। हालांकि, बुजुर्ग, पहले से बीमार लोग, गर्भवती महिलाएं और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है।

विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्क रहना बेहद जरूरी है। स्वास्थ्य तंत्र अब पहले से अधिक मजबूत है और टेस्टिंग, इलाज तथा वैक्सीनेशन की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके बावजूद, निगरानी बनाए रखना आवश्यक है ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।

भारत में फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन लापरवाही से हालात बदल सकते हैं। इसलिए लोगों को वैक्सीनेशन, समय पर जांच और सामान्य सावधानियों का पालन करते रहना चाहिए, ताकि किसी भी नए जोखिम से बचा जा सके।