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शेख हसीना ने मौत की सजा रद्द करने की लगाई गुहार, बांग्लादेश ट्रिब्यूनल से अपील

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने देश के ट्रिब्यूनल से अपील की है कि उन्हें सुनाई गई मौत की सजा को कानूनी रूप से निरस्त किया जाए। साथ ही उन्होंने यह भी मांग की है कि उनके खिलाफ चल रहा मुकदमा अंतरराष्ट्रीय मानकों के तहत निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संचालित किया जाए।

क्या है हसीना की मांग?

30 मार्च को लिखे गए पत्र में शेख हसीना ने पांच प्रमुख मांगें रखीं, जिनमें सबसे अहम यह है कि:

  • उनके खिलाफ दिए गए फैसले और मृत्युदंड को तुरंत अमान्य घोषित किया जाए
  • सजा के क्रियान्वयन पर रोक लगाई जाए
  • आगे की सुनवाई पूरी तरह निष्पक्ष और अंतरराष्ट्रीय कानूनी मानकों के अनुरूप हो

उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें सभी आरोपों और सबूतों की पूरी जानकारी दी जाए और अपनी पसंद के वकील के साथ बचाव का पूरा अवसर मिले।

क्या है मामला?

बांग्लादेश के अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) ने 17 नवंबर को शेख हसीना को दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई थी। यह फैसला 2024 में छात्र-नेतृत्व वाले प्रदर्शनों के दौरान हुई कार्रवाई को “मानवता के खिलाफ अपराध” मानते हुए दिया गया था।

ट्रिब्यूनल ने यह भी कहा था कि हसीना कानून प्रवर्तन एजेंसियों और अपनी पार्टी अवामी लीग के कार्यकर्ताओं द्वारा नागरिकों के खिलाफ हुए कथित अपराधों को रोकने में विफल रहीं। इसके अलावा उन्हें एक अन्य मामले में आजीवन कारावास की सजा भी दी गई थी।

बदलते राजनीतिक हालात

यह अपील ऐसे समय में आई है जब बांग्लादेश में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के नेता तारिक रहमान के नेतृत्व में नई सरकार बनी है। वहीं, अवामी लीग के कई नेता फिलहाल भारत और यूरोप में शरण लिए हुए हैं और पार्टी को फिर से सक्रिय करने की कोशिश कर रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय ध्यान

शेख हसीना के इस कदम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान खींचा है। उनके समर्थकों का कहना है कि यह न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में जरूरी पहल है, जबकि आलोचक इसे राजनीतिक विवाद से जोड़कर देख रहे हैं।

फिलहाल, इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और ट्रिब्यूनल का रुख क्या होगा, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

Sports Update:बुरी किस्मत का शिकार बने ऋषभ पंत, ओपनिंग करते हुए रन आउट; लखनऊ 141 पर सिमटी

आईपीएल 2026 के मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स के कप्तान ऋषभ पंत ने अपने पहले मैच में ओपनिंग करने का फैसला लिया, लेकिन यह प्रयोग सफल नहीं हो सका। दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ वह महज 7 रन बनाकर रन आउट हो गए।

अजीब तरीके से आउट हुए पंत

यह घटना तीसरे ओवर की आखिरी गेंद पर हुई, जब मुकेश कुमार गेंदबाजी कर रहे थे और स्ट्राइक पर मिचेल मार्श थे।
मार्श ने सामने की ओर शॉट खेला, गेंद हवा में गई और मुकेश कुमार के पास कैच का मौका बना, लेकिन गेंद उनके हाथ से छूट गई।

गेंद सीधे स्टंप्स पर जा लगी और नॉन-स्ट्राइकर एंड पर खड़े पंत क्रीज से बाहर थे, जिससे वह दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से रन आउट हो गए। यह विकेट लखनऊ के लिए बड़ा झटका साबित हुआ।

निराश दिखे कप्तान

पवेलियन लौटते समय पंत के चेहरे पर निराशा और गुस्सा साफ नजर आया। खास बात यह भी रही कि उन्होंने एडन मार्क्रम से पहले ओपनिंग करने का फैसला लिया था, जो सभी के लिए थोड़ा चौंकाने वाला था।

बल्लेबाजी पूरी तरह फ्लॉप

पंत के आउट होने के बाद टीम की स्थिति और बिगड़ गई।

  • एडन मार्क्रम: 11 रन
  • आयुष बदोनी: 0 रन
  • निकोलस पूरन: 8 रन

हालांकि मिचेल मार्श (35) और अब्दुल समद (36) ने कुछ संघर्ष जरूर दिखाया, लेकिन टीम बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर सकी।

दिल्ली के गेंदबाजों का दबदबा

दिल्ली की ओर से लुंगी एंगिडी और टी नटराजन ने 3-3 विकेट लेकर लखनऊ की बल्लेबाजी को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।

आखिरकार लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम 141 रन पर सिमट गई, जिससे दिल्ली कैपिटल्स को मुकाबले में बढ़त मिल गई।

Health Update:बिना शराब के भी हो सकता है फैटी लिवर, जानें क्यों इसे कहा जाता है ‘साइलेंट किलर’

आज के समय में लिवर से जुड़ी बीमारियां सिर्फ शराब पीने वालों तक सीमित नहीं रह गई हैं। अब ऐसे लोगों में भी नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) तेजी से बढ़ रही है, जो शराब का सेवन नहीं करते। यही वजह है कि इसे “साइलेंट किलर” कहा जाता है।

क्या है फैटी लिवर?

फैटी लिवर तब होता है जब लिवर में जरूरत से ज्यादा फैट जमा होने लगता है। आमतौर पर यह समस्या शराब से जुड़ी मानी जाती थी, लेकिन अब लाइफस्टाइल के कारण बिना शराब के भी यह बीमारी तेजी से फैल रही है।

क्यों हो रहा है यह खतरा?

विशेषज्ञों और World Health Organization के अनुसार, इसके पीछे हमारी रोजमर्रा की आदतें जिम्मेदार हैं:

  • प्रोसेस्ड और जंक फूड: रिफाइंड आटा, छिपी शुगर और पैकेज्ड स्नैक्स
  • शारीरिक गतिविधि की कमी: लंबे समय तक बैठे रहना
  • नींद की कमी: मेटाबॉलिज्म पर असर
  • अनियमित खानपान: देर से खाना या भोजन छोड़ना
  • क्रैश डाइटिंग और अचानक वजन घटाना
  • लंबे समय तक दवाइयों का सेवन

ये सभी चीजें मिलकर लिवर पर अतिरिक्त दबाव डालती हैं, जिससे उसमें फैट जमा होने लगता है।

क्यों खतरनाक है?

इस बीमारी की सबसे बड़ी समस्या यह है कि शुरुआती चरण में इसके लक्षण दिखाई नहीं देते।

  • हल्की थकान
  • पेट में भारीपन या सूजन
  • सामान्य असहजता

इन संकेतों को लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे समय के साथ समस्या गंभीर हो सकती है।

कैसे करें बचाव?

अच्छी बात यह है कि इसे लाइफस्टाइल में छोटे बदलाव करके काफी हद तक रोका जा सकता है:

  • रोजाना कम से कम 30 मिनट वॉक करें
  • संतुलित और घर का बना भोजन लें
  • मीठे पेय और प्रोसेस्ड फूड से दूरी रखें
  • पर्याप्त नींद लें
  • बिना जरूरत सप्लीमेंट्स लेने से बचें

कब डॉक्टर से मिलें?

अगर लगातार थकान, पेट में सूजन या बार-बार असहजता महसूस हो, तो जांच कराना जरूरी है। समय रहते पता चलने पर इस बीमारी को कंट्रोल किया जा सकता है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

भारत के खिलाफ ‘फाल्स फ्लैग’ नैरेटिव सक्रिय, पाक मीडिया और सोशल प्लेटफॉर्म्स पर प्रोपेगेंडा तेज

पिछले कुछ दिनों में पाकिस्तान की ओर से भारत के खिलाफ एक नया ‘फाल्स फ्लैग’ नैरेटिव तेजी से फैलाया जा रहा है। खुफिया सूत्रों के मुताबिक, ISI और पाकिस्तानी सेना की X कोर मिलकर यह दावा कर रही हैं कि भारत में आतंकी हमला हो सकता है—और इसे खुद भारत द्वारा करवाया जाएगा।

मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए फैलाया जा रहा नैरेटिव

बताया जा रहा है कि यह कथित प्रोपेगेंडा पाकिस्तान के प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे Dawn और Geo News के जरिए प्रसारित किया गया। इसके बाद सोशल मीडिया पर भी इसे बड़े स्तर पर फैलाया गया, जहां कथित तौर पर फर्जी अकाउंट्स और नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया।

खुफिया इनपुट में क्या सामने आया?

सूत्रों के अनुसार, इस नैरेटिव को तैयार कर मीडिया में प्लांट किया गया और फिर संगठित तरीके से ऑनलाइन फैलाया गया। यह पूरा घटनाक्रम उस समय सामने आया है, जब पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी नजदीक है।

पहले भी अपनाई जा चुकी है ऐसी रणनीति

खुफिया एजेंसियों का मानना है कि यह पहली बार नहीं है जब इस तरह का नैरेटिव सामने आया हो। पिछले साल भी इसी तरह की रणनीति अपनाई गई थी। हालांकि बाद में मारे गए आतंकियों के पास से पाकिस्तानी पहचान पत्र मिलने के बाद ऐसे दावों की विश्वसनीयता पर सवाल उठे थे।

सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

सूत्रों के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर में अभी भी कई आतंकी सक्रिय हो सकते हैं, जिनमें लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े सदस्य शामिल हैं। ऐसे में भारतीय सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं।

बढ़ती बयानबाजी के बीच चिंता

इस तरह के दावे और काउंटर दावे क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा सकते हैं। फिलहाल, आधिकारिक स्तर पर स्थिति पर नजर रखी जा रही है और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है।

‘घर मोरे परदेसिया’ से ‘दीवानी मस्तानी’ तक: रेमो डिसूजा के बेहतरीन डांस हिट्स

मशहूर कोरियोग्राफर रेमो डिसूजा बॉलीवुड में अपने शानदार डांस स्टाइल और ग्रैंड विज़न के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने कई बड़े सितारों को ऐसे गानों पर नचाया है, जो आज भी दर्शकों के दिलों में बसे हुए हैं। उनके जन्मदिन के मौके पर आइए नजर डालते हैं उनके कुछ बेहतरीन कोरियोग्राफ किए गए गानों पर।

🎵 ‘घर मोरे परदेसिया’ – कलंक

इस खूबसूरत क्लासिकल गाने में आलिया भट्ट का डांस लोगों को खूब पसंद आया। रेमो ने इसमें पारंपरिक डांस को बेहद शानदार तरीके से पेश किया, जिसे श्रेया घोषाल और वैशाली म्हाडे ने अपनी आवाज दी।

🎵 ‘दीवानी मस्तानी’ – बाजीराव मस्तानी

इस भव्य गाने में दीपिका पादुकोण का शाही अंदाज और रेमो की कोरियोग्राफी का मेल देखने लायक था। यह गाना आज भी बॉलीवुड के सबसे यादगार डांस नंबरों में गिना जाता है।

🎵 ‘पिंगा’ – बाजीराव मस्तानी

इस गाने में दीपिका पादुकोण और प्रियंका चोपड़ा की शानदार जुगलबंदी देखने को मिली। पारंपरिक मराठी स्टाइल में तैयार इस गाने की कोरियोग्राफी ने दर्शकों का दिल जीत लिया।

🎵 ‘बलम पिचकारी’ – ये जवानी है दीवानी

होली के इस एनर्जेटिक गाने में रणबीर कपूर और दीपिका पादुकोण की मस्ती भरी केमिस्ट्री देखने को मिली। रेमो की कोरियोग्राफी ने इसे हर पार्टी का फेवरेट बना दिया।

🎵 ‘सुन साथिया’ – ABCD 2

इस गाने को खास बनाता है इसकी भावनात्मक कोरियोग्राफी। वरुण धवन और श्रद्धा कपूर की केमिस्ट्री और रेमो का डांस विज़न इसमें साफ झलकता है। खास बात यह है कि इस फिल्म का निर्देशन भी रेमो ने ही किया था।

🎬 क्यों खास हैं रेमो?

रेमो डिसूजा की खासियत यह है कि वह हर गाने में एक अलग स्टाइल और फील लेकर आते हैं—चाहे वह क्लासिकल हो, मॉडर्न या फ्यूजन। यही वजह है कि उनके कोरियोग्राफ किए गए गाने सालों बाद भी ट्रेंड में बने रहते हैं।